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माझा में AAP को बढ़त? पूर्व विधायक रविंदर ब्रह्मपुरा ने थामा पार्टी का दामन

चंडीगढ़  पंजाब के माझा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (आप) को आज बड़ी मजबूती मिली है। पूर्व सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा के पुत्र और पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा पार्टी में शामिल हो गए। उनके साथ कई अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी 'आप' परिवार का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नए सदस्यों का सम्मान किया। उन्होंने औपचारिक रूप से उन्हें पार्टी में शामिल करवाया। रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के पार्टी में आने से माझा क्षेत्र में 'आप' की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है।    रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के साथ कंवरदीप सिंह ब्रह्मपुरा, अमरीक सिंह सरपंच, हरजिंदर सिंह बादशाह और बलबीर सिंह बल्ली निदेशक भी पार्टी में शामिल हुए। जतिंदर सिंह कैरों, फतेह और ब्लॉक समिति सदस्य परमिंदर सिंह कैरों ने भी सदस्यता ली। गुरभेज सिंह कैरों, लवप्रीत सिंह कैरों, बलजिंदर सिंह गोहलवड़, गौरवदीप सिंह खैरा, जगमीत हुंदल और गुरप्रीत सिंह भी 'आप' परिवार का हिस्सा बने।  

लुधियाना में AAP का बड़ा चुनावी अभियान, 20 सितंबर से घर-घर पहुंचेंगे कार्यकर्ता; 2.68 लाख वर्कर मैदान में

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी पंजाब में 20 सितंबर से एक बड़ा डोर-टू-डोर अभियान शुरू करेगी। यह घोषणा मनीष सिसोदिया ने की है। इस अभियान में पार्टी के 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर भगवंत मान सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं धुरी में इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। सिसोदिया ने बताया कि यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार की उपलब्धियों और जनहितैषी नीतियों से लोगों को अवगत कराना है। अभियान के दौरान आप का सदस्यता अभियान भी शुरू होगा। इससे पार्टी अपने जनाधार को और मजबूत करने का प्रयास करेगी।   सिसोदिया ने बताया कि अभियान की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान 19 सितंबर को लुधियाना में चुनावी अभियान का पैंफलेट जारी करेंगे। यह पैंफलेट अभियान की रूपरेखा और संदेशों को स्पष्ट करेगा। पार्टी का लक्ष्य हर घर तक पहुंचकर सरकार के सकारात्मक कार्यों को बताना है। इस मेगा कैंपेन के दौरान AAP के 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर मान सरकार के कामों और उपलब्धियों की जानकारी लोगों को देंगे। AAP के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि इसी दौरान पार्टी के मेंबरशिप अभियान की भी शुरूआत करेगी। AAP प्रभारी मनीष सिसोदिया की अहम बातें     एक महीने तक चलेगा अभियान: मनीष सिसोदिया ने कहा- हमने पंजाब में इतने काम किए, जो 75 साल में नहीं हुए। इन्हीं कामों के आधार पर पार्टी चुनाव में उतरेगी। परसों से शुरू हो रहे डोर टू डोर कैंपेन के जरिए सरकार के कामकाज घर-घर पहुंचाएंगे। पंजाब में 25,332 बूथ हैं। करीब 2.68 लाख कार्यकर्ता और बूथ लीडर इस अभियान में शामिल होंगे। यह अभियान एक महीने तक चलेगा।     हर परिवार को 1.82 लाख का फायदा हो रहा: सिसोदिया ने कहा कि AAP ने अपनी एक-एक गारंटी पूरी की है। इससे हर परिवार को सालाना करीब 1.82 लाख रुपए का फायदा हुआ है, जबकि हर महीने करीब 15 हजार रुपए का लाभ मिल रहा है। पार्टी के कार्यकर्ता अब इन कामों और योजनाओं की जानकारी देने के लिए घर-घर जाएंगे।     बीजेपी अकाली दल व कांग्रेस को घेरेंगे: सिसोदिया कहा कि कार्यकर्ता लोगों को यह भी याद दिलाएंगे कि 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के दौरान पंजाब किस तरह नशे की समस्या से जूझता रहा। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। सिसोदिया ने कहा कि सरकार बनने के बाद वह कई वादों से पीछे हट गए और नशा भी खत्म नहीं कर पाए।     BJP ने चलाई नशे की सप्लाई चेन: सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ा गया। तस्करों के घर तोड़े गए, उन्हें जेल भेजा गया और सप्लाई चेन तोड़ी गई। इसके बावजूद पंजाब में नशा कहां से आ रहा, इसका जवाब ये है कि पंजाब में बिकने वाला 80 फीसदी नशा भाजपा शासित राज्यों से आ रहा है। अरोड़ा ने कहा- भाजपा अपने राज्यों में नशा खत्म करे AAP के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर भाजपा वास्तव में पंजाब से नशा खत्म करना चाहती है तो पहले अपने-अपने राज्यों में नशे के कारोबार को खत्म करे। हरियाणा और गुजरात से नशा आ रहा है। अरोड़ा के मुताबिक, पंजाब की लोकल सप्लाई चेन तोड़ी जा चुकी है, अब बाहर से नशा पंजाब में आ रहा है। यात्रा निकालने वाले पंजाब का अपमान कर रहे है। अरोड़ा ने पिछली अकाली दल+भाजपा और कांग्रेस सरकारों पर पंजाब को कंगाली की ओर ले जाने का आरोप लगाया।

नशे के खिलाफ भगवंत मान सरकार का अभियान तेज, AAP ने गैंगस्टरों को दी चेतावनी

चंडीगढ़  पंजाब की भगवंत मान सरकार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है. आम आदमी पार्टी (AAP) के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य में तेजी से नशे और गैंगस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. बलतेज पन्नू के मुताबिक पंजाब पुलिस दुनिया भर से एक दर्जन से ज्यादा गैंगस्टर्स को वापस ला चुकी है. उनका कहना है कि इसमें लॉरेंस बिश्नोई का करीबी करमवीर देव भी शामिल हैं. इन्हें हाल ही में कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था।  बलतेज पन्नू का कहना है कि अमेरिका, दुबई, मलेशिया से लेकर मोल्दोवा तक, भगवंत मान सरकार ने पंजाब पुलिस को हाई टेक बनाया है. उनके मुताबिक,  अपराध रोकने और गैंगस्टरों का पीछा करने के लिए पंजाब पुलिस को बेहतर इक्विपमेंट से लैस किया गया है. यह साफ संदेश दिया गया है कि पंजाब में अपराध में शामिल कोई भी गैंगस्टर दुनिया के किसी भी कोने को सुरक्षित जगह नहीं मान सकता।  एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, AAP पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “सत्ता में आने के बाद, भगवंत मान सरकार ने नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ तेजी से अभियान चलाया है. हमने पंजाब में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की हैं और विदेश भागे गैंगस्टरों  का भी पीछा किया है।  पंजाब AAP मीडिया इंचार्ज का विपक्ष पर निशाना AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास पंजाब के लोगों को देने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह बार-बार मुद्दे उठाकर पंजाब सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. उनका कहना है कि विपक्ष संगठित अपराध के खिलाफ हो रही कार्रवाई को नज़रअंदाज़ कर रहा है।  AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब का इतिहास बताता है कि 2007-2017 के समय में गैंगस्टरवाद में बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी हुई थी. उन्होंने कहा, "अगर हम पंजाब में गैंगस्टरवाद के इतिहास को देखें, तो 2007-2017 के समय में गैंगस्टरवाद की घटनाएं काफ़ी बढ़ी थी. यह वह समय था जब 'गैंगस्टर' शब्द पंजाब की पहचान और पब्लिक डिस्कोर्स का हिस्सा बना था।  बलतेज पन्नू का कांग्रेस पर निशाना उन्होंने कांग्रेस के सरकार पर भी निशाना साधा है. उनका कहना है कि 2017-2022 के बीच कांग्रेस की सरकार के समय पंजाब का यही हाल था. उनका आरोप है कि कांग्रेस ने इस नेटवर्क को खत्म करने की बजाय उत्तर प्रदेश से एक गैंगस्टर को पंजाब में जेल में लाकर उसे VIP सुविधाएं दी. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार को उसकी वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा।  बलतेज पन्नू ने कांग्रेस और भगवंत मान सरकार के कार्यकाल की तुलना की है. उनका कहना है कि भगवंत मान सरकार ने इस तरीके को बदला है. उन्होंने बताया कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू की और उनके विदेश भागने के बाद भी उनका पीछा करती रही. उन्होंने कहा, "पंजाब पुलिस की लगातार कोशिशों की वजह से अब तक 10 से ज़्यादा गैंगस्टर विदेश से वापस लाए जा चुके हैं।  उन्होंने बताया कि वापस लाए गए गैंगस्टरों में सचिन बिश्नोई, मनप्रीत सिंह उर्फ पीता, रमनजीत सिंह उर्फ रोमी, परमिंदर सिंह उर्फ पिंडी, अनमोल बिश्नोई, अमृतपाल उर्फ मेहरो, गुरविंदर सिंह और जोबनदीप सिंह उर्फ जोबन बिल्ला शामिल हैं।  लॉरेस बिश्नोई के साथी को वापस लाया गया: बलतेज पन्नू बलतेज पन्नू ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई के साथी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से वापस लाया गया. उन्होंने कहा, "अमृतपाल उर्फ मेहरो, जिस पर विदेश भागने से पहले एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर की हत्या का आरोप है, उसे दुबई से लाया गया. गुरविंदर सिंह को मलेशिया से लाया गया था." पन्नू ने बताया कि दो दिन पहले, एजीटीएफ टीम गैंगस्टर अमृतपाल उर्फ अमृत ढल्लम को मोल्डोवा से वापस लाई है।  पन्नू ने बताया कि एक और बड़े गैंगस्टर करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव (देव) को भी पंजाब वापस लाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है. उन्होंने कहा, "करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव, जिसे देव के नाम से भी जाना जाता है, लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी है. उसे कनाडा से डिपोर्ट किया गया है और दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद एजीटीएफ टीम उसे पंजाब ला रही है।  AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज के मुताबिक, पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस को बहुत मजबूत और मॉडर्न बनाया है. उनका कहना है कि पंजाब सरकार ने अपने जवानों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट से लैस किया है. लुधियाना में हाल ही में हुए एनकाउंटर का ज़िक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, "पुलिस को ब्लड डोनेशन कैंप पर हमले की पहले से जानकारी थी. इस जानकारी की वजह से पुलिस अपराधियों के अपने प्लान को अंजाम देने से पहले ही एक्शन ले पाई। 

विधायक की गाड़ी को साइड न मिलने पर ट्रक ड्राइवर की पिटाई, AAP MLA पर थप्पड़ मारने का आरोप

लुधियाना लुधियाना में आम आदमी पार्टी की हलका दक्षिणी से विधायक रजिंदरपाल कौर छीना ने ट्रक ड्राइवर को थप्पड़ मार दिया। ट्रक ड्राइवर का दोष इतना था कि उसने एमएलए की गाड़ी को साइड नहीं दी। एमएलए इसी बात से गुस्से में आई और उन्होंने ट्रक रूकवाकर ड्राइवर को थप्पड़ जड़ा।  ड्राइवर को थप्पड़ मारने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि एमएलए आई और उन्होंने ट्रक का दरवाजा खोला और ड्राइवर को नीचे बुलाया। ड्राइवर जैसे ही नीचे उतरा तो एमएलए ने उसे थप्पड़ मार दिया। ड्राइवर व उसके साथियों ने देर शाम विधायक के खिलाफ धरना लगाया। ड्राइवर का कहना है कि उसे पता ही नहीं चला कि पीछे से विधायक आ रही हैं। विधायक ने आते ही उसे धमकाना शुरू कर दिया है। ड्राइवर ने इस मामले की शिकायत थाना डाबा में दे दी है। घटना सोमवार दोपहर बाद की है जब एक ट्रक डाबा रोड से निकल रहा था और उसके पीछे से एमएलए की कार आ रही थी। ट्रक सड़क पर खड़ा हो गया। विधायक का ड्राइवर पीछे से हूटर मारता रहा लेकिन ट्रक आगे नहीं निकला। इसी बीच विधायक कार के साथ उतरी और गनमैन के साथ आगे आ गई। हूटर बजाने पर भी नहीं मिली जगह तो खुद उतरीं विधायक यह पूरा मामला सोमवार दोपहर बाद डाबा रोड इलाके का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संकरे रास्ते से एक ट्रक गुजर रहा था और उसके ठीक पीछे महिला विधायक की गाड़ी चल रही थी। ट्रैफिक और संकरी सड़क के चलते ट्रक बीच रास्ते में रुक गया। विधायक की गाड़ी का चालक लगातार हूटर और हॉर्न बजाकर साइड मांगता रहा, लेकिन ट्रक आगे नहीं बढ़ सका। इससे नाराज होकर विधायक रजिंदरपाल कौर छीना अपनी गाड़ी से नीचे उतर आईं और गनमैन के साथ सीधे ट्रक की ओर बढ़ गईं। गेट खोलकर ड्राइवर को नीचे उतारा और मार दिया जोरदार तमाचा वायरल हो रही सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि महिला विधायक भारी गुस्से में ट्रक के पास पहुंचती हैं। उन्होंने खुद ट्रक का दरवाजा खोला। ड्राइवर अपनी सीट पर बैठकर ही स्थिति समझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन विधायक ने उसे नीचे उतरने का फरमान सुना दिया। पीड़ित चालक जैसे ही केबिन से नीचे उतरा, विधायक ने बिना कुछ सोचे-समझे उसके मुंह पर एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। उस दौरान विधायक का सुरक्षाकर्मी भी पीछे खड़ा नजर आ रहा था। पीड़ित ड्राइवर का कहना है कि थप्पड़ पड़ते ही वह बुरी तरह सहम गया और हाथ जोड़कर अपनी गलती पूछता रहा। ड्राइवर ने डाबा थाने में दी शिकायत, देर शाम साथियों संग दिया धरना पीड़ित ट्रक चालक ने बताया कि संकरे रास्ते और शोर के कारण उसे यह अहसास ही नहीं हुआ कि पीछे वीआईपी गाड़ी आ रही है और उसमें विधायक मौजूद हैं। उसने आरोप लगाया कि विधायक ने गाड़ी से उतरते ही बदसलूकी और धमकियां देनी शुरू कर दी थीं। इस घटना के विरोध में देर शाम ड्राइवर और उसके साथी चालकों ने एकजुट होकर विधायक के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पीड़ित ने थाना डाबा में लिखित शिकायत देकर इंसाफ और विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। सीसीटीवी में गुससे में दिखी एमएलए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सीसीटीवी फुटेज है। महिला विधायक कार से उतरकर गुस्से में अपने गनमैन के साथ आई और गुस्से में ट्रक का दरवाजा खोला। ड्राइवर अपनी सीट पर बैठकर ही बात कर रहा था तो विधायक ने उसे नीचे उतार दिया। जैसे वह नीचे उतरा विधायक ने उसे जोर से एक थप्पड़ मार दिया। उस समय उसके पीछे गनमैन भी खड़ा था। ड्राइवर का कहना है कि जैसे ही विधायक ने उसे थप्पड़ मारा वो सहम गया और अपनी गलती पूछने लगा।  

अमन अरोड़ा-धालीवाल केस पर AAP का भाजपा को जवाब, ‘सबूत स्पष्ट नहीं तो FIR का आधार क्या?’

चंडीगढ़/अमृतसर. पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के माध्यम से आम आदमी पार्टी की लीडरशिप को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। अरोड़ा ने कहा कि ईडी की ओर से पंजाब के पुलिस महानिदेशक को तीसरा पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा गया है, जबकि पंजाब पुलिस पहले ही ईडी से उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और सामग्री को लेकर सवाल उठा चुकी है। अमन अरोड़ा के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने ईडी को बताया है कि एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं है और उसकी प्रमाणिकता भी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने दोबारा साक्ष्य और तथ्य उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि उनकी जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके। इसके बावजूद तीसरा पत्र भेजे जाने पर उन्होंने सवाल उठाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुराने बयान का हवाला देते हुए अरोड़ा ने कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह केंद्रीय एजेंसियों को केंद्र का तोता कहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही केंद्रीय एजेंसियां केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। एल्टिस प्रोजेक्ट पर भी दी सफाई एल्टिस प्रोजेक्ट में अपना नाम शामिल किए जाने पर अरोड़ा ने कहा कि उनके मंत्री रहते अथवा आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में इस प्रोजेक्ट के लिए कोई सीएलयू नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि 230 एकड़ के लेआउट की मंजूरी 17 नवंबर 2011 को ली गई थी। उस समय राज्य में अकाली-भाजपा सरकार थी। उन्होंने बताया कि लेआउट से संबंधित अलग-अलग मंजूरियां 14 मई 2011, 25 जून 2013, 28 मार्च 2013 और आठ मई 2014 को भी ली गई थीं। बाद में उनके मंत्री रहते 11 जून 2024 और पांच जून 2025 को लेआउट में बदलाव किए गए। अरोड़ा ने कहा कि उनके कार्यकाल में विभाग में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी सरकार के कार्यकाल में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम और अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में लिए गए फैसलों के आधार पर होनी चाहिए। धालीवाल ने भी साधा भाजपा पर निशाना पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी पत्रकार वार्ता कर ईडी पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं को ईडी के मामलों में फंसाकर बदनाम करने की कोशिश की गई और बाद में सच सामने आया। धालीवाल ने आरोप लगाया कि अब पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने ईडी से अपना अधिकारी भेजकर साक्ष्य पेश करने को कहा था, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। धालीवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों के दबाव से आम आदमी पार्टी न डरेगी और न झुकेगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भी अंततः सच सामने आएगा।

4 जुलाई की सुनवाई से पहले पंजाब की राजनीति गरमाई, AAP ने विपक्ष के आरोपों पर दिया जवाब

 चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवाद और अकाल तख्त की ओर से सुनाए गए फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले पर अपना पक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं और वह इससे आगे कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करना चाहते। अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो कह चुके हैं, वही उनका स्पष्ट रुख है। उन्होंने कहा कि विवाद से जुड़े तथ्यों की पुष्टि केवल फोरेंसिक जांच के जरिए ही हो सकती है और सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी जांच का इंतजार किया जाना चाहिए। अमन अरोड़ा ने कहा कि उनके अनुसार मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद फिलहाल इससे आगे कुछ कहना उचित नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि मामले की सत्यता फोरेंसिक जांच से ही स्थापित हो सकती है। उधर, अकाल तख्त की ओर से इस मामले में सुनाए गए फैसले के तहत आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों और नेताओं को भी श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के लिए तलब किया गया है। अकाल तख्त की ओर से जारी आदेश के अनुसार आप विधायकों को 4 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद विभिन्न सिख संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। इस मामले में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद फैसला सुनाया गया। अकाल तख्त ने संबंधित व्यक्तियों को पेश होकर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही कह चुके हैं कि विवादित वीडियो उनकी नहीं है और उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह श्री अकाल तख्त साहिब और सिख धार्मिक संस्थाओं का पूरा सम्मान करते हैं। अब इस पूरे मामले पर राजनीतिक और धार्मिक हलकों की नजरें 4 जुलाई को होने वाली पेशी और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

पंजाब में संगठन विस्तार पर जोर, 2027 की तैयारी में आम आदमी पार्टी का बड़ा प्लान

 चंडीगढ़ पंजाब राज्य में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने संगठन और सरकार के कामकाज को सीधे जनता तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू करने की रणनीति बनाई है। पार्टी ने अपने मौजूदा विधायकों और हलका इंचार्जों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले दो महीनों तक अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार लोक मिलनियां आयोजित कर लोगों के बीच रहें और सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे है। पार्टी ने संभावित चुनावी उम्मीदवारों को हर दिन तीन लोक मिलनियां आयोजित करने का लक्ष्य दिया है। इन बैठकों के जरिए न केवल सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी जा रही है, बल्कि क्षेत्र के लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को भी जाना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य है कि 15 अगस्त तक हर विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों और प्रमुख शहरी वार्डों तक पहुंच बनाई जाए। 2027 की शुरुआती चुनावी तैयारी पार्टी के अंदर इसे 2027 के लिए शुरुआती चुनावी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले से ही विभिन्न इलाकों में लोक मिलनियां कर रहे हैं, जबकि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल समेत कई मंत्री भी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसभाएं और संवाद कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं। जिन विधायकों और हलका इंचार्जों को पार्टी संभावित उम्मीदवार मान रही है, उन्हें अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए रंगला पंजाब फंड से राशि भी उपलब्ध कराई जा सकती है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की योजना बनाई गई है, ताकि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर काम दिखाई दे सके। जनाप्रतिनिधियों को बाहर न जाने की सलाह पार्टी नेतृत्व ने जनप्रतिनिधियों को अगले दो महीनों तक अपने विधानसभा क्षेत्रों में अधिकतम समय देने और अनावश्यक रूप से क्षेत्र से बाहर न जाने की सलाह भी दी है। वहीं, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी आने वाले समय में व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े वर्गों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं, जिससे पार्टी का समर्थन आधार और व्यापक बनाया जा सके। मानना है कि लगातार जनसंपर्क, विकास कार्यों की प्रस्तुति और लाभार्थी वर्गों से सीधा संवाद, आप की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बनने जा रहा है। पार्टी इस अभियान के जरिए सरकार की योजनाओं को राजनीतिक समर्थन में बदलने की कोशिश में जुटी है।

वोट प्रतिशत के विश्लेषण ने बदली तस्वीर! AAP की सीटें घटने के संकेत, कांग्रेस और BJP को बढ़त की उम्मीद

चंडीगढ़  पंजाब में हाल ही में हुए 8 नगर निगमों और 75 नगर कौंसिलों के चुनाव के पार्टीवाइज वोटिंग के आंकड़े सामने आ गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा वोट % सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को मिला है। मगर, यह 2022 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले कम है।  वोटिंग से ये भी स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस अभी भी AAP के मुकाबले वोटरों के बीच मजबूत विकल्प है। जिन क्षेत्रों में निगम और कौंसिल के चुनाव हुए, उनमें 68 विधानसभा सीटें आती हैं। अगर कांग्रेस को इन निकाय चुनावों में मिले वोट % को देखें तो उन्हें फायदा हो सकता है। इसी तरह भाजपा को भी शहरों में बढ़त मिलती नजर आ रही है। वहीं अकाली दल फिर फिसड्‌डी साबित हुआ है। इसके बीच चौंकाने वाली बात ये है कि अगर अकाली दल और भाजपा आपस में गठजोड़ कर लें तो 2027 के चुनाव में कांग्रेस की जगह वह AAP को टक्कर दे सकती है। निकाय चुनाव में मिले वोट % से 2027 के लिए क्या संकेत:- एंटी-इन्कम्बेंसी भी बिगाड़ेगी आप का गणित 2022 में AAP ने 42% से ज्यादा वोट शेयर के साथ एकतरफा चुनाव जीता था। 117 में से 92 सीटें AAP को मिलीं थीं। वहीं इन चुनाव वाले क्षेत्रों में आप ने 68 में से 54 सीटें जीती थीं। अब 2026 के स्थानीय चुनावों में AAP का वोट शेयर बड़े शहरों में 36.80% और छोटे शहरों में 35.24% पर आ गया है। वोट शेयर का यह 6% से 7% का नुकसान करीब 20 से 25 सीटों का नुकसान कर सकता है। 2022 में कांग्रेस सत्ता में थी और कांग्रेस के खिलाफ जो एंटी-इन्कम्बेंसी थी, उसका फायदा AAP को मिला था, वह अब 2027 में AAP के खिलाफ जा सकता है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप का कहना है कि शहरी और अर्ध-शहरी सीटों पर जहां त्रिकोणीय मुकाबला है, वहां विपक्ष का वोट बढ़ना AAP के जीत के मार्जिन को खत्म कर सकता है। निकाय चुनाव में सत्ता पक्ष को हमेशा ज्यादा वोट मिलते हैं जबकि विधानसभा चुनाव में एंटी इन्कम्बेंसी भी आप को झेलनी पड़ेगी। ऐसे में आप की सीटें इससे भी कम हो सकती है। आप का वोट शेयर खिसकने से कांग्रेस का फायदा पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि नगर कौंसिल के चुनावों में कांग्रेस का 21.89% वोट शेयर यह दिखाता है कि उसका कैडर और पारंपरिक वोटर अभी भी जमीन पर मौजूद है। अकाली दल के कमजोर होने का सीधा फायदा ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में कांग्रेस को मिल रहा है। जो लोग AAP सरकार से नाराज होंगे, उनके लिए कांग्रेस अभी भी सबसे बड़ा मुख्य विकल्प बनकर उभर रही है। इसके अलावा सरकार की एंटी इन्कम्बेंसी का फायदा भी कहीं न कहीं कांग्रेस को मिलेगा। ऐसे में कांग्रेस की सीटें 20 से ज्यादा हो सकती हैं। भाजपा शहरी क्षेत्रों में लगातार कर रही ग्रोथ पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि नगर निगमों यानि बड़े शहरों में भाजपा का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। जिन आठ नगर निगमों में चुनाव हुआ है, वहां पर 2021 के मुकाबले भाजपा का वोट शेयर लगभग दो गुना हो गया। नगर निगमों में वोट शेयर 9 फीसदी से बढ़कर 17.58 फीसदी हो गया। इन 8 नगर निगम सीटों में से भाजपा 5-6 सीटें सीधे जीत सकती है, और नगर कौंसिल के दायरे में आने वाली 60 सीटों में से भी 3-5 सीटों पर चौंकाने वाले नतीजे दे सकती है। कुल मिलकार कर 68 सीटों में से 8 से 11 सीटें जीत सकती है। वहीं सरकार की एंटी इन्कंबेंसी का फायदा भी भाजपा को मिल सकता है। इसके अलावा भाजपा ने छोटे शहरों में बड़े नेताओं को पार्टी में शामिल करना शुरू कर दिया है। इन चुनावों में भी बड़े चेहरों का फायदा भाजपा को मिला है। भाजपा ने पहली बार अबोहर नगर निगम जीता है। शहरी क्षेत्रों में शिरोमणि अकाली दल ग्राफ डाउन अकाली दल का वोट शेयर शहरों में 9% और कस्बों में 11% पर आ गया है। इस वोट शेयर के साथ विधानसभा सीट जीतना बेहद मुश्किल होता है। शिअद केवल उन 1 या 2 पारंपरिक सीटों पर ही सिमट कर रह जाएगी। शिअद का कोर वोटर पंथक वोट माना जाता रहा है अब वो भी पार्टी से कटता नजर आ रहा है। ऐसे में शहरी क्षेत्रों में अकाली दल का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है। SAD-BJP से गठबंधन हुआ तो मिलेगी मजबूती शिअद और भाजपा गठबंधन होता है तो आंकड़े कुछ और हो जाएंगे। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि इन निकाय चुनावों में भाजपा और अकाली दल का वोट प्रतिशत जोड़ दिया जाए तो इनकी स्थिति और बेहतर हो जाती है। उनका कहना है कि शिअद को नगर निगम में 8.98 प्रतिशत वोट मिले और भाजपा को 17.58 प्रतिशत वोट मिले। दोनों का वोट प्रतिशत जोड़ा जाए तो यह 26.5 प्रतिशत से ज्यादा हो जाता है। जो कि कांग्रेस के वोट प्रतिशत से ज्यादा है। इसी तरह नगर काैंसिल में भी है। शिअद को 11.80% और भाजपा को 9.46% वोट मिले हैं जो कि मिलाकर 21.5 प्रतिशत के आसपास हो जाता है जो कि कांग्रेस के लगभग बराबर है।

ED एक्शन पर गरमाई सियासत, AAP नेताओं ने भाजपा महासचिव के निवास के बाहर किया विरोध

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध में रविवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग के निवास स्थान के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में पंजाब सरकार के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, विधायक जसबीर सिंह, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रभबीर सिंह बराड़, विधायक डाॅ. इंदर बीर सिंह निज्जर, विधायक डाॅ. अजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि बीते दिनों पंजाब मंत्रिमंडल के मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी लगातार जनहित के मुद्दे उठा रही है और इसी कारण पार्टी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। लोकतंत्र के लिए बताया खतरा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि आम आदमी पार्टी डरने वाली नहीं है और पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता की आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार यह सोचती है कि गिरफ्तारियों और दबाव की राजनीति से विपक्ष को चुप कराया जा सकता है तो यह उसकी गलतफहमी है। विधायक डाॅ. इंदर बीर सिंह निज्जर ने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। वहीं विधायक डाॅ. अजय गुप्ता ने कहा कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है। चुग के घर के बाहर बनाया सुरक्षा घेरा प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात रहा। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाई हुई थी। प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी वापस लेने की मांग की। आम आदमी पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इसी तरह विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई जारी रही तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

पंजाब में सियासी हलचल तेज, AAP विधायकों को लेकर पार्टी अलर्ट मोड में

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों द्वारा बीजेपी में जाने के बाद पार्टी में हलचल तेज है। इन सात में से 6 सांसद पंजाब से थे, जबकि एक दिल्ली से थी। पार्टी से सातों सांसद के बागी होने पर पंजाब में पार्टी की टूट रोकने के लिए प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया एक्टिव हो गए है। उन्होंने बुधवार को सभी विधायकों को जालंधर बुलाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान सीएम भगवंत मान और मनीष सिसोदिया सभी विधायकों के साथ बातचीत करेंगे। एजेंडा नहीं हुआ सार्वजनिक हालांकि आम आदमी पार्टी द्वारा यह बैठक क्यों बुलाई गई है, इसका एजेंडा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों द्वारा बीजेपी में विलय होने के बाद विधायकों का मन टटोला जाएगा। 65 AAP विधायक मारेंगे पलटी- कांग्रेस राघव चड्ढा समेत 4 सांसदों द्वारा बीजेपी में जाने के बाद कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई थी। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा था कि प्रदेश में आम आदमी पार्टी के करीब 65 विधायक पलटी मारने की तैयारी में है। उन्होंने यह भी कहा था कि भगवंत मान भी एकनाथ शिंदे की तरह हो सकते है। पंजाब में AAP को लगा झटका पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। इससे पहले पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों का दूसरी पार्टी में जाना अरविंद केजरीवाल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इन सात में से 6 सांसद उच्च सदन में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे। वहीं राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने 2022 में प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इतने बड़े स्तर पर सांसदों का पार्टी छोड़ना किसी भी दल के लिए गंभीर चुनौती होती है। इससे यह संदेश जाता है कि पार्टी के अंदर समन्वय और संवाद की कमी है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर AAP पर तीखा हमला बोला और इसे पार्टी के टूटने की शुरुआत बताया। AAP ने बताई साजिश दूसरी ओर, AAP नेतृत्व ने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि उनके नेताओं पर दबाव बनाया गया। पार्टी ने अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।