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AAP की हवाला मुश्किलें बढ़ी, गुजरात में किसने भेजा था दिल्ली से कैश?

सूरत गुजरात में सूरत क्राइम ब्रांच ने स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े एक कथित बड़े “राजनीतिक हवाला घोटाले” का खुलासा किया है। जांच में एक अवैध वित्तीय नेटवर्क का पता चला है, जिसके जरिए पिछले चार महीनों में दिल्ली से सूरत तक अंगड़िया चैनलों के माध्यम से 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचाई गई। पुलिस ने दिल्ली और गुजरात के बीच संचालित एक सुव्यवस्थित अंतरराज्यीय गिरोह की पहचान की है। प्रमुख व्यक्तियों में शामिल हैं: हिमांशु पाहुजा: दिल्ली के जनकपुरी निवासी पाहुजा को इस गिरोह का मुख्य वित्तपोषक और संचालक बताया जा रहा है। वह आम आदमी पार्टी के नेता सुरेंद्र भारद्वाज का करीबी सहयोगी माना जाता है। आकाश मिश्रा: सूरत के पिपलोद क्षेत्र से संचालित मिश्रा, दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के पूर्व निजी सहायक (PA) रह चुके हैं। उन पर सूरत में मुख्य रूप से धन प्राप्त करने का आरोप है। अजय तिवारी: मिश्रा के सहयोगी, जिन्होंने शहर में अवैध धन के वितरण और प्रबंधन में सहायता की। CCTV फुटेज और कार्यप्रणाली इस मामले में बड़ी सफलता तब मिली जब क्राइम ब्रांच को स्थानीय अंगड़िया फर्मों से CCTV फुटेज मिले। फुटेज में कथित रूप से लोगों को बड़ी मात्रा में कैश गिनते और अवैध लेन-देन संभालते हुए देखा गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह धन उच्च स्तरीय पार्टी अधिकारियों के निर्देश पर दिल्ली से भेजा गया था, ताकि स्थानीय गतिविधियों को समर्थन दिया जा सके। यह भी सामने आया है कि हिमांशु पाहुजा इस मामले का प्रमुख संचालक है। वह पहले कांग्रेस में सक्रिय था, लेकिन वर्तमान में आम आदमी पार्टी से जुड़ा हुआ माना जाता है और सुरेंद्र भारद्वाज का करीबी है। क्राइम ब्रांच ने उससे कई घंटों तक पूछताछ की। जांच से संकेत मिलता है कि दिल्ली से धन भेजने में उसकी केंद्रीय भूमिका थी। फिलहाल उसे छोड़ दिया गया है, लेकिन उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय नेटवर्क और भूमिका जांच में यह भी सामने आया है कि मिश्रा और तिवारी केवल धन प्राप्त करने वाले ही नहीं थे, बल्कि सूरत में स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में भी गहराई से शामिल थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने पाहुजा की ओर से धन एकत्र करने और वितरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चुनाव प्रचार में धन का दुरुपयोग अधिकारियों को संदेह है कि इस बेहिसाब धन का उपयोग चुनाव संबंधी गतिविधियों में किया गया, जिसमें रैलियों का आयोजन, स्थानीय कार्यकर्ताओं को वित्तीय सहायता देना और “गुप्त राजनीतिक अभियान” चलाना शामिल है। यह आचार संहिता (Model Code of Conduct) और आयकर नियमों का सीधा उल्लंघन है। आयकर विभाग भी जांच में शामिल सूरत क्राइम ब्रांच ने इस कथित “काले धन” के स्रोत का पता लगाने के लिए आयकर विभाग को औपचारिक रूप से सूचित किया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सूरत के कई बड़े राजनीतिक नेताओं को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। संभावित अंतरराज्यीय कड़ियां फिलहाल जांच का केंद्र दिल्ली-सूरत नेटवर्क ही है, पर पुलिस को संदेह है कि इसी तरह के हवाला नेटवर्क गुजरात के अन्य बड़े शहरों- अहमदाबाद, राजकोट और वडोदरा, में भी सक्रिय हो सकते हैं। पूरे वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक अंतरराज्यीय जांच टीम गठित की जा सकती है।

AAP सांसद ने लोकसभा में उठाई आवाज, शादी के लिए लड़के का डोप टेस्ट होना चाहिए जरूरी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मालविंदर सिंह कंग नेकेंद्र सरकार से आग्रह किया कि शादी के समय लड़कों के डोप टेस्ट और चिकित्सा जांच को अनिवार्य बनाने के लिए कानून बनाया जाए। उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह मांग उठाई। कंग ने कहा, ‘आज हमारे समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जब नया रिश्ता जुड़ता है तो लड़की के बारे में बहुत जांच-पड़ताल की जाती है, लेकिन लड़कों को लेकर उतनी जांच-पड़ताल नहीं होती।’ उनका कहना था कि शादी के समय लोग इस तरह की चीजें छिपाते हैं। उन्होंने कहा, 'सरकार से मांग है कि एक कानून बनाया जाए कि शादी के समय डोप टेस्ट और चिकित्सा जांच अनिवार्य हो।' उन्होंने कहा कि शादी के बाद कई बार सामने आता है कि लड़का गंभीर रूप से बीमार है या फिर वह आपराधिक प्रवृत्ति का है। इससे महिलाओं के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कंग ने कहा कि दूल्हे के लिए अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए कि वह मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और डोप टेस्ट का सर्टिफिकेट लड़की वालों के सामने पेश करे और तभी शादी हो। कांग्रेस सांसद ने की ऑनलाइन कारोबारियों पर लगाम की मांग कांग्रेस के उज्जवल रमण सिंह ने सरकार से ऑनलाइन कारोबार पर अंकुश लगाने तथा छोटे एवं मझौले व्यापारियों के हितों के संरक्षण की मांग की। सिंह ने शून्य काल में इस बारे में नियम बनाने और छोटे दुकानदारों और मझौले व्यापारियों का व्यवसाय को बचाने के उपाय करने की सरकार से मांग की। सपा के वीरेन्द्र सिंह ने किसानों के घरों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने पर बिल बढ़कर आने तथा प्रीपेड मीटर लगाने से उन्हें हो रही कठिनाइयों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनकी समस्यायें दूर करने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशिकांत दुबे ने मुस्लिमों और ईसाइयों से विवाह करने वाली आदिवासी युवतियों का अनुसूचित जनजाति का दर्जा समाप्त करने की मांग की। भाजपा के ही चन्दूभाई छगनभाई शिहोरा ने गुजरात के सुरेन्द्र नगर इलाके के नमक किसानों को बारिश से हुए नुकसान की भरपाई करने और उन्हें भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। सपा के आनंद भदौरिया ने उत्तर प्रदेश में शहीदों और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किये जाने का मुद्दा उठाया और इसके दोषियों को सजा देने की मांग की। कांग्रेस के डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले ने 2027 की जनगणना के लिए निर्धारित प्रारूप के कॉलम में अन्य पिछड़ा वर्ग को भी जोड़ने की मांग की।

AAP विधायक शिवपुरी से गिरफ्तार, रेप मामले में फरार थे; पंजाब पुलिस ने बिना सूचना की छापेमारी, 3 सहयोगी भी पकड़े गए

शिवपुरी  पंजाब के पटियाला की पुलिस ने दो साल पुराने रेप केस में 6 महीने से फरार चल रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत पठानमाजरा को मध्य प्रदेश के ग्वालियर-शिवपुरी बायपास से गिरफ्तार किया है। वे पंजाब की सनौर सीट से पहली बार विधायक बने थे। भगोड़ा घोषित किए जा चुके और ऑस्ट्रेलिया भाग गए विधायक को पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए भारत लौटने के 5 दिन बाद दो दिन के लगातार ऑपरेशन के बाद पकड़ा है। इस कार्रवाई के दौरान उनके 3 साथियों को भी हिरासत में लिया गया है और पटियाला पुलिस की टीम आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सभी को अपने साथ पंजाब ले गई है।शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि इस संबंध में शिवपुरी पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। 6 महीने से चल रहे थे फरार, लुक आउट सर्कुलर था जारी हरमीत पठानमाजरा दो साल पुराने रेप केस में वांछित थे और पिछले छह महीने से फरार चल रहे थे। उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया था। जानकारी के अनुसार, पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह ऑस्ट्रेलिया भाग गए थे और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए पांच दिन पहले ही भारत लौटे थे। 2 दिन के ऑपरेशन के बाद बायपास पर दबोचा पटियाला पुलिस ने शिवपुरी जिले में दो दिन के सुनियोजित ऑपरेशन के बाद उन्हें पकड़ा। विधायक को उस समय दबोचा गया, जब वह ग्वालियर से शिवपुरी की ओर आने वाले बायपास हाईवे से गुजर रहे थे। पुलिस ने विधायक के साथ मौजूद उनके तीन साथियों को भी हिरासत में लिया है। एसएसपी बोले- भगोड़ा घोषित थे, इसलिए स्थानीय पुलिस को नहीं बताया पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि आरोपी विधायक को कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। इसी कारण इस गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय पुलिस को सूचना देना आवश्यक नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विधायक भगोड़ा घोषित नहीं होते, तो स्थानीय पुलिस को सूचित करना अनिवार्य होता। शिवपुरी से गिरफ्तार कर सीधे पंजाब ले गई पुलिस एसएसपी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई एक सुनियोजित ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसमें दो दिन की लगातार ट्रैकिंग के बाद पुलिस टीम को सफलता मिली। टीम ने सीधे कार्रवाई करते हुए विधायक को शिवपुरी से गिरफ्तार किया और उन्हें पंजाब ले गई है, जहां अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।

AAP का बरनाला में दबदबा कायम: ब्लॉक समिति की कमान नए नेतृत्व के हाथ

चंडीगढ़ बरनाला ब्लॉक समिति में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की जीत के साथ जगदेव सिंह मान चेयरमैन और हरमेल सिंह उप चेयरमैन बने। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों और सांसद गुरमीत मीत हेयर के नेतृत्व में विकास को गति देने की तैयारी। बरनाला की राजनीति में नई हलचल पंजाब के बरनाला जिले की राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों और गुरमीत सिंह मीत हेयर की अगुवाई में ब्लॉक समिति बरनाला के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए नेतृत्व अपने हाथ में लिया, जिससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों में नई ऊर्जा आई है। जगदेव मान और हरमेल सिंह को बड़ी जिम्मेदारी ब्लॉक समिति के इस चुनाव में जगदेव सिंह मान को चेयरमैन और हरमेल सिंह को उप चेयरमैन चुना गया। दोनों नेताओं की नियुक्ति को क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे संगठन की मजबूती का संकेत बताया। सम्मान समारोह में दिखी एकजुटता चुनाव के बाद पंंचायत समिति कार्यालय में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां हलका इंचार्ज हरिंदर सिंह धालीवाल ने सभी निर्वाचित सदस्यों और पदाधिकारियों को सिरोपाओ देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला के चेयरमैन राम तीरथ मन्ना भी मौजूद रहे और उन्होंने सभी उम्मीदवारों, सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों को जीत की बधाई दी। विकास को मिलेगी नई रफ्तार नए नेतृत्व ने भरोसा जताया कि वे बिना किसी भेदभाव के गांवों के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के सहयोग से बरनाला जिले में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने और जनहित योजनाओं को तेजी से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संगठन और नेतृत्व पर जताया विश्वास इस मौके पर नेताओं ने पार्टी हाईकमान और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में विकास की नई मिसाल कायम की जाएगी। स्थानीय स्तर पर यह बदलाव न केवल प्रशासनिक कार्यों को गति देगा, बल्कि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भी प्रयास करेगा।

मावां-धीयां सत्कार योजना: महिला वोट बैंक को साधने की आप की रणनीति, 97% वयस्क महिलाएं शामिल

जालंधर  पंजाब सरकार की प्रस्तावित मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को राज्य की राजनीति में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने 2026-27 के बजट में इसकी घोषणा कर लगभग एक करोड़ महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता देने की तैयारी की है।   सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का कदम बता रही है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह आगामी चुनावों से पहले महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति भी हो सकती है। योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे। भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार का दावा है कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इसके दायरे में आएंगी। बैसाखी से शुरू हो सकता है पंजीकरण, कैंपों में होंगे आवेदन मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के लिए पंजीकरण 13 अप्रैल 2026 (बैसाखी) से शुरू किए जाने की संभावना है। सरकार की योजना है कि अधिक से अधिक महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए गांवों और शहरों में विशेष पंजीकरण कैंप लगाए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से पात्र महिलाएं सीधे आवेदन कर सकेंगी। इसके अलावा नजदीकी सेवा केंद्रों और सुविधा केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन की व्यवस्था की जाएगी। सरकार भविष्य में इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप शुरू करने की भी तैयारी कर रही है, ताकि महिलाएं घर बैठे भी पंजीकरण कर सकें। आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण या पासबुक, पंजाब का निवास प्रमाण पत्र और आधार से लिंक मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे, जिससे लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजा जा सके। योजना के लागू करने में वित्तीय व प्रशासनिक चुनौतियां मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को लेकर आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों पर भी चर्चा हो रही है। पहले से कर्ज के दबाव से जूझ रहे पंजाब के लिए इतनी बड़ी नकद सहायता योजना को लंबे समय तक जारी रखना आसान नहीं माना जा रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वित्तीय प्रबंधन संतुलित नहीं रहा तो भविष्य में इसके लिए संसाधन जुटाना सरकार के लिए चुनौती बन सकता है। इसके अलावा लाभार्थियों की सही पहचान, फर्जी आवेदनों पर रोक और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कसौटी होगा। हालांकि समर्थकों का मानना है कि यदि योजना प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू होती है तो इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और वे छोटे-मोटे खर्चों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। करदाता महिलाएं नहीं होंगी शामिल सरकार के अनुसार आयकरदाता महिलाएं, वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी, तथा वर्तमान या पूर्व सांसद और विधायक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। हालांकि जो महिलाएं पहले से वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें यह राशि अतिरिक्त सहायता के रूप में दी जाएगी। यानी उनकी मौजूदा पेंशन के साथ योजना की निर्धारित राशि भी मिलेगी, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से और अधिक सहारा मिल सकेगा। महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला केवल सामाजिक कल्याण योजना भर नहीं, बल्कि एक सोची-समझी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। पंजाब में महिला मतदाताओं की संख्या काफी अधिक और प्रभावशाली मानी जाती है, जो कई विधानसभा सीटों के नतीजों को प्रभावित करती हैं। ऐसी योजनाएं सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि पहुंचाकर सरकार और मतदाताओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करती हैं। इससे महिलाओं के बीच सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश जाने की संभावना रहती है। विश्लेषकों के अनुसार, आगामी चुनावों को देखते हुए यह कदम राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। क्रियान्वयन में प्रशासनिक कसौटी भी कम नहीं मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को लागू करने में प्रशासनिक स्तर पर कई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। सबसे बड़ी चुनौती पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना होगा। सरकार को यह तय करना होगा कि योजना का लाभ केवल योग्य महिलाओं तक ही पहुंचे और अपात्र लोग इससे बाहर रहें। इसके लिए आधार आधारित सत्यापन, बैंक खातों की जांच और स्व-घोषणा पत्र जैसी व्यवस्थाएं अपनाई जा सकती हैं। साथ ही फर्जी आवेदनों और दोहरे लाभ को रोकने के लिए डिजिटल डाटा मिलान भी जरूरी होगा। योजना के क्रियान्वयन में पंचायतों, नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन की अहम भूमिका रहेगी। गांव और वार्ड स्तर पर पात्र महिलाओं की सूची तैयार करना, दस्तावेजों का सत्यापन और पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारु बनाना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी। सामाजिक बदलाव की संभावना भी मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का असर केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इससे सामाजिक बदलाव की भी संभावना जताई जा रही है। नियमित राशि सीधे बैंक खातों में आने से महिलाओं की बैंकिंग प्रणाली और डिजिटल भुगतान से जुड़ाव बढ़ सकता है। इससे वित्तीय साक्षरता और बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित आय से परिवार के आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ सकती है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं और छोटे स्तर के घरेलू कारोबार को भी इससे सहारा मिल सकता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। महिला मतदाता और चुनावी गणित पंजाब की राजनीति में महिला मतदाताओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या करीब ढाई करोड़ के आसपास है, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 48 प्रतिशत मानी जाती है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी महिला मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रहा और कई सीटों पर महिलाओं की भागीदारी ने नतीजों को प्रभावित किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मालवा क्षेत्र में महिला मतदाता बड़ी संख्या में हैं और यहां उनका रुझान चुनाव परिणामों को निर्णायक बना सकता है। इसके अलावा दोआबा और माझा में भी महिला मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखी जाती है। ऐसे में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं को राजनीतिक रूप से अहम रणनीति माना जा रहा है। अन्य राज्यों में भी महिलाओं को नकद सहायता योजनाएं देश के कई राज्यों में महिलाओं को सीधे नकद सहायता देने वाली योजनाएं पहले से लागू हैं। पश्चिम बंगाल की लक्ष्मी भंडार योजना के तहत सामान्य वर्ग की … Read more

कल आएगा पंजाब बजट: महिलाओं को ₹1000 महीना, 22,000 नौकरियां और टैक्स में राहत की उम्मीद

चंडीगढ़  पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार कल अपने 5 साल के कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करेगी। वित्तमंत्री हरपाल चीमा 2.50 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश करेंगे। पंजाब में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।  वित्तमंत्री हरपाल चीमा के जरिए सरकार चुनाव से पहले महिलाओं से 2022 में किया चुनावी वादा 2026 में पूरा करेगी। जिसमें हर महिला को 1,000 रुपए प्रति महीने देने के लिए बजट रखा जाएगा। 8 मार्च को संडे है। लेकिन उसी दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी है। इसी वजह से AAP सरकार खास तौर पर महिलाओं को फोकस करते हुए छुट्‌टी के दिन बजट पेश कर रही है। पंजाब में करीब 2.13 करोड़ वोटर हैं, जिनमें से 1.01 करोड़ महिला वोटर हैं, ऐसे में AAP सरकार इन्हें टारगेट करेगी। वहीं बजट में पंजाबियों को खुश करने में AAP सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। इसके संकेत सरकार ने बजट से पहले ही बिजली सस्ती करके दे दिया है। युवाओं को खुश करने के लिए नई 22 हजार सरकारी नौकरियों का ऐलान होना तय है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर 2022 में सरकार बनाई थी, ऐसे में इनका बजट भी बढ़ेगा। पिछले साल AAP सरकार ने 2.36 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। महिलाओं को कैसे मिलेंगे 1000 रुपए  AAP सरकार प्रदेश की 18 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं को 1 हजार रुपए महीने की स्कीम के लिए बजट का प्रावधान करेगी। अभी इस स्कीम का कोई नाम नहीं रखा गया है। 18 मार्च से रुपए देने की शुरुआत की जाएगी। सरकार ने औपचारिक तौर पर शर्तें नहीं बताईं हैं। लेकिन सरकारी सोर्सेज से जो खबरें बाहर आई हैं, उसके मुताबिक लाभार्थी महिला के पास पंजाब का आधार कार्ड और वोटर कार्ड होना अनिवार्य है। सरकार नौकरीपेशा, कारोबारी, पेंशनधारक के साथ टैक्सपेयर महिलाओं को फिलहाल स्कीम का लाभ नहीं देगी। पंजाब में महिला वोटरों की गिनती करीब 1 करोड़ है। लेकिन अगर शर्तें सच हुईं तो फिर 40 लाख महिलाएं ही इसके दायरे में आएंगी। हालांकि सरकारी स्तर पर इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। लाभार्थी महिलाओं के रजिस्ट्रेशन कैसे होंगे, इसको लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। विरोधी सवाल उठा रहे थे कि 4 साल से यानी सरकार बनते ही रुपए क्यों नहीं दिए तो इस पर AAP का जवाब है कि जनता ने उन्हें 5 साल का टाइम दिया था। इसलिए इसी टर्म में वह इस गारंटी को पूरा कर रहे हैं। कोई नया टैक्स नहीं लगेगा  सरकार का बजट पूरी तरह से चुनावी मूड पर होगा। ऐसे में नए टैक्स के बारे में AAP सरकार सोच भी नहीं रही। 2 हफ्ते पहले गुजरात दौरे पर गए CM भगवंत मान साफ कहा कि पंजाब सरकार इस बार कोई भी नया टैक्स नहीं लाएगी और न ही टैक्स की दरें बढ़ाएगी। आम लोग पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हैं, इसलिए यह बजट आम आदमी के हित में होगा और विकास कार्यों को गति देगा। AAP सरकार ने पिछले 4 सालों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया। लेकिन पहले से चल रहे पेट्रोल-डीजल वैट, शराब एक्साइज ड्यूटी, स्टांप ड्यूटी, GST, मोटर व्हीकल टैक्स और प्रोफेशनल टैक्स की वसूली जरूर बढ़ाई है। युवाओं के लिए 22 हजार सरकारी नौकरियां  बजट में सरकार युवाओं के लिए 22 हजार सरकारी नौकरियों की घोषणा कर सकती है। 3 दिन पहले ही सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा था कि सरकार 17 हजार पदों पर भर्ती करने जा रही है। इसमें दिव्यांग कोटे के पद भी शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब पुलिस में 3,298 कॉन्स्टेबल के पदों पर भर्ती शुरू हो चुकी है। पंजाब सरकार पिछले 4 सालों में 63 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियों का दावा कर रही है। इसके अलावा इन नियुक्तियों को भ्रष्टाचार और सिफारिश मुक्त भी बता रही है। पुलिस के लिए बजट  बजट में पंजाब पुलिस पर भी सरकार का पूरा फोकस रहेगा। एक तो बार्डर पार से हथियारों और हेरोइन की तस्करी बढ़ रही है। इससे निपटने के लिए सरकार द्वारा नए एंटी ड्रोन सिस्टम खरीदे जाने हैं। करीब ड्रोन सिस्टम आने हैं। इसके लिए बजट रखा जाएगा। दूसरा बार्डर एरिया के लिए स्पेशल व्हीकल व उपकरण खरीदे जाएंगे। गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई चल रही है। नई टेक्नोलॉजी के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। मोहाली में नया साइबर क्राइम सेंटर बनना है। इसके लिए उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके अलावा जेलों, सरकारी मकानों, पुलिस वालों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप के लिए बजट तय किया जाएगा।

पंजाब के तरनतारन में AAP सरपंच की गोली मारकर हत्या

तरनतारन. नेशनल हाईवे पर स्थित सिद्धू फार्म मैरिज पैलेस में विवाह समागम के दौरान तीन शूटर मात्र डेढ़ मिनट में गांव ठट्ठियां महंता के आप समर्थित सरपंच हरबरिंदर सिंह संधू की गोलियां मारकर हत्या कर फरार हो गए। हमलावरों ने चचेरे भाई को बचाने के लिए आगे बढ़े जर्मनजीत सिंह को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल दिया। बाइक पर सवार होकर पैलेस पहुंचे तीनों आरोपितों में से दो के पास पिस्टल और एक के पास एक-47 थी। हमलावरों में से एक पगड़ीधारी था। इसी बीच डीजीपी गौरव यादव ने सब डिवीजन पट्टी के डीएसपी जगबीर सिंह और थाना सरहाली के प्रभारी सब इंस्पेक्टर गुरिंदर सिंह को क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने पर निलंबित कर दिया है। इसी बीच गैंगस्टर सत्ता नौशहरिया ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर इस घटना की जिम्मेदारी ली है। थाना सरहाली के अधीन गांव ठट्ठियां महंतां निवासी किसान सेवा सिंह के बेटे गुरसेवक सिंह की अमृतसर जिले के गांव रईया निवासी मेजर सिंह की बेटी गगनदीप कौर की शादी के लिए कार्यक्रम गांव शेरों स्थित मैरिज पैलेस में रखा गया था। दोपहर डेढ़ बजे आनंद कारज की रस्म के बाद दूल्हा-दुल्हन पैलेस में पहुंचे। दूल्हा-दुल्हन मंच पर चढ़ रहे थे जबकि गांव ढट्ठिायां महंतां के सरपंच हरबरिंदर सिंह संधू अपने साथियों सहित खाना खा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर तीन हमलावर पैलेस में दाखिल हुए। दो हमलावरों ने पिस्टल से सरपंच हरबरिंदर सिंह पर पीछे से गोलियां मारीं, इससे सरपंच वहीं गिर गए। चचेरा भाई हुआ घायल बचाव में चचेरा भाई जर्मनजीत सिंह आगे आया तो एक हमलावर ने उसे भी गोली मारकर घायल कर दिया। करीब पांच से सात राउंड गोलियों की आवाज सुनकर पूरे पैलेस में अफरा-तफरी मच गई जबकि तीसरे हमलावर ने एके-47 राइफल तानते हुए मेहमानों को एक तरफ भागने को कहा। करीब डेढ़ मिनट के दौरान गोलीकांड को अंजाम देकर हमलावर मौके से भाग गए। एसएसपी लांबा ने बताया कि सरपंच संधू को किसी भी प्रकार की कोई धमकी आदि नहीं मिली थी। फिर भी पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। काम न आया लाइसेंसी पिस्टल आम आदमी पार्टी से संबंधित हरबरिंदर सिंह संधू गांव के नंबरदार भी थे। वे पट्टी के विधायक और कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के करीबियों में माने जाते थे। जब वारदात हुई, उस समय सरपंच संधू के पास अपना लाइसेंसी पिस्टल भी था, लेकिन हमलावरों की ओर से पीछे से गोलियां चलाने के कारण उनको अपना बचाव करने का मौका ही नहीं मिल पाया। कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर मौके पर पहुंचे और घटना पर दुख जताते हुए कहा कि हमलावरों का जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने डीजीपी से ली घटना की जानकारी इस घटना का पता चलते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डीजीपी से इस मामले की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा में चूक के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए। डीआइजी-एसएसपी करेंगे जांच डीजीपी गौरव यादव ने फिरोजपुर रेंज के डीआइजी स्नेहदीप शर्मा और तरनतारन के एसएसपी सुरिंदर लांबा को इस मामले की जांच सौंपी है। एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तार और पहचान के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। फारेंसिक टीम ने भी घटना स्थल का दौरा किया है। उन्होंने दावा किया कि आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मैरिज पैलेस के कैमरे खराब, चार संदिग्ध लिए हिरासत में बता दें कि मैरिज पैलेस में लगे सीसीटीवी खराब होने के बाद मालिक ने नए सीसीटीवी तो खरीद रखे थे लेकिन अभी इन्हें इंस्टाल नहीं किया गया था। पुलिस आरोपितों का पता लगाने के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। चार जनवरी को अमृतसर में भी ऐसे ही हुई थी सरपंच की हत्या उल्लेखनीय है कि बुधवार को जिस ढंग से सरपंच हरबरिंदर सिंह संधू की हत्या की गई, इसी तरह की एक घटना चार जनवरी को अमृतसर के एक मैरिज पैलेस में भी हुई थी। दो हमलावरों ने गांव वल्टोहा संधुआं के आम आदमी पार्टी समर्थक सरपंच जरमल सिंह की विवाह समारोह के दौरान पीछे से उनके सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने शूटरों को पनाह देने वाले को तरनतारन में एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था जबकि दो शूटरों सहित तीन आरोपितों को अमृतसर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

AAP नेता हत्याकांड के नामजद दलबीरा ने किए कई बड़े खुलासे

जालंधर. आम आदमी पार्टी नेता लक्की ओबेरॉय हत्याकांड से जुड़ी नई अपडेट सामने आई है। इस मामले में नामजद दलबीर सिंह उर्फ दलबीरा पहली बार मीडिया के सामने आया और कई बड़े खुलासे किए हैं। दलबीरा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उसने दावा किया कि उसका लक्की ओबरॉय की हत्या से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें राजनीतिक रंजिश के चलते केस में घसीटा गया है। दलबीरा ने सच बताते हुए कहा कि उसकी आज तक कभी लक्की ओबेरॉय से न तो फोन पर बातचीत हुई और न ही किसी तरह का संपर्क था। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्की के भाई ने उन पर धमकी देने के झूठे आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उनकी पुरानी रंजिश शशि शर्मा उर्फ बुद्धी के साथ है, जो लक्की का दोस्त बताया जाता है। दलबीरा ने कहा कि, बुद्धी के साथ पहले मारपीट की घटना हुई थी और उसी दुश्मनी के चलते उनका नाम इस मामले में शामिल करवाया गया। दलबीरा का आरोप है कि शशि शर्मा ने ही लक्की के भाई को कहकर उनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया। पुलिस और परिवार वाले उस पर लक्की को धमकियां देने की बात कह रहे हैं  जोकि गलत है। दलबीरा ने आगे कहा कि, उसका किसी तथाकथित ‘प्रधानगी’ विवाद से कोई संबंध नहीं रहा। उन्होंने दावा किया कि छात्र राजनीति या प्रधानगी की वजह से कई युवाओं की जिंदगी बर्बाद हुई है और आज कई आपराधिक गिरोहों की जड़ में यही संस्कृति है। आज के समय में जो भी गैंगस्टर बनता है, उसका बेस ही प्रधानगी है। इसी प्रधानगी के वजह से लक्की हत्या हुई है वह खुद ही इसका शिकार हो गया। लक्की, जोगा और शशि शर्मा शुरू से एक साथ थे। और मेरे विरुद्ध। कालेज में प्रधानगी को लेकर इनके बीच ही विवाद हुआ। लक्की भी इसी माहौल का शिकार हुआ। उन्होंने दोहराया कि न तो उनकी लक्की से बातचीत हुई और न ही जोगा नामक किसी व्यक्ति से कोई संपर्क था। दलबीरा ने कहा कि यह पूरा मामला आपसी विवाद का है और उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। दलबीरा ने आगे कहा कि, वह 2 साल से आपराधिक गतिविधियों से दूर होकर विदेश में बैठ अपनी जिन्दगी शान्ति से जी रहा है। बिना किसी सबूत के उसे गैंगस्टर कहा जा रहा है। उसने कहा कि जब किसी का नाम हत्या मामले में दर्ज किया जाता है उसमें कई तरह की एनक्वायरी होती है। लेकिन मुझे पहले ही गैंगस्टर घोषित कर दिया है, इसमें कोई क्या एनक्वायरी करेगा। इसमें पुलिस को भी पता है कि मेरा नाम जानबूझकर इस केस में शामिल किया जा रहा है। मेरे पर गलत FIR लिखी गई है।  दलबीरा ने आगे कहा कि हत्या जैसी गंभीर धारा 302 के तहत किसी व्यक्ति को बिना ठोस जांच के नामजद करना गलत है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से निर्दोष लोगों की प्रतिष्ठा और जीवन पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहर बैठकर धमकियां देते हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर माहौल भड़काते हैं, जिसके चलते बेगुनाह लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

जालंधर: AAP नेता लक्की ओबोराय की हत्या, गुरुद्वारे के बाहर 5 गोलियों से मारी जान

 चंडीगढ़ पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. यह सनसनीखेज वारदात मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुई. बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने लक्की ओबोराय पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें उनके शरीर में पांच गोलियां लगीं.  गंभीर हालत में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद से जालंधर शहर में डर और दहशत का माहौल है. वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी.  पत्नी ने AAP के टिकट पर लड़ा था नगर निगम चुनाव   पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. जानकारी के अनुसार, लक्की ओबोराय की पत्नी ने आम आदमी पार्टी की ओर से नगर निगम चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.  लक्की ओबोराय को कैंट हल्का की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाडा का करीबी बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी है और पूरे मामले की जांच जारी है.

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस के समर्थन को आप ने ठुकराया

चंडीगढ़. मेयर चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा किए कांग्रेस को 24 घंटे भी नहीं गुजरे हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच इंटरनेट मीडिया पर वार शुरू हो गई है। आप ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसकी भाजपा के साथ साठगांठ बता दी है। एक तरह से कांग्रेस के समर्थन को भी आप ने ठोकर मार दी है। शहर पहुंचे आप चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने एक्स पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे की हाथ मिलाते फोटो साझा कर हमला बोला। जरनैल सिंह ने लिखा कि एक तरफ कट्टर विरोधी बनने का दिखावा, दूसरी ओर सत्ता में साझेदारी। चंडीगढ़ में भाजपा का मेयर होना और कांग्रेस के पास सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद होना दोनों की अंदरूनी मिलीभगत का साफ और मजबूत सुबूत है। सरदार जरनैल सिंह ने लिखा कि दोनों की यह नूरा कुश्ती सब देख रहे हैं। देश अब इस फर्जी लड़ाई और नाटक को समझ चुका है। यह खेल अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाला। कांग्रेस का पलटवार आप प्रभारी के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने पलटवार करते हुए लिखा कि जब 2024 में मेयर आप का और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर भाजपा के बने थे तब कौन सी कुश्ती खेली जा रही थी। कांग्रेस नहीं आप भाजपा की बी टीम है। उनके पार्षदों ने ही भाजपा मेयर बनवाए। आप का जवाब आप ने एक्स पर कांग्रेस अध्यक्ष से पूछा उनका 2022 और 2023 में मेयर चुनाव का बायकाट करने का क्या कारण था जिससे भाजपा के मेयर दोनों साल लगातार बने। क्या दोनों के बीच कोई गोपनीय डील हुई थी। चंडीगढ़ की जनता यह जानना चाहती है। मेयर नहीं आप ने शुरू की निगम चुनाव की लड़ाई कांग्रेस के बिना शर्त समर्थन के अगले ही दिन आप प्रभारी का इस तरह से एक्स पर हमला करना सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। उनकी नजर मेयर की कुर्सी पर इस बार नहीं है। नंबर भी पर्याप्त नहीं हैं उन्हें पता है कि भाजपा मेयर तो बना ही लेगी फिर चाहे कांग्रेस का साथ क्यों न हो। इसलिए उन्होंने मेयर कुर्सी दांव पर लगाकर साल के आखिर में होने वाले निगम चुनाव के लिए ग्राउंड तैयार करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने मेयर चुनाव में भले समर्थन किया साथ ही निगम चुनाव में अलग मैदान में उतरने की घोषणा की थी। इस वजह से अगर कांग्रेस के समर्थन से आप मेयर बनाती है तो भाजपा दोनों को एक ही बताएगी। आप कमजोर होगी। अब मेयर पद नहीं भी मिलता है तो आप कांग्रेस पर निशाना साधती रहेगी। बिना मांगे दिया जा रहा समर्थन – राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस आप के आगे घुटने टेक चुकी है। बिना मांगे ही समर्थन दिया जा रहा है। पंजाब में दोनों एक दूसरे को गाली दे रहे हैं। भाजपा को नीचा दिखाने के चक्कर में चंडीगढ़ के नेताओं ने कांग्रेस को बहुत नीचे गिरा दिया है। वह यह भूल गए के कांग्रेस बड़ा दल है। भाजपा मेयर ने एक वर्ष में इतने विकास कार्य कराए कि अब यह बौखला गए हैं। दोनों मिलकर भी भाजपा को नहीं हरा सकते तो अब निगम चुनाव के लिए नौटंकी शुरू कर दी है। जनता जानती है यह दोनों एक ही हैं। -देवेंद्र सिंह बबला, उपाध्यक्ष, भाजपा।