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बिहार चुनाव में वोटिंग बढ़ी, AAP ने भाजपा पर टिकट बांटकर वोटिंग प्रभावित करने का लगाया आरोप

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग को राजनीतिक दल अलग-अलग चश्मे से देख रहे हैं। कोई इसे सरकार के पक्ष में जनता का समर्थन बता रहा है तो किसी को बदलाव की बयार दिख रही है। इस बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने इसमें एक नया एंगल जोड़ दिया है। पार्टी ने इसे 'वोट चोरी' का दूसरा हिस्सा बताते हुए कहा है कि भाजपा ने अपने वोटर्स को टिकट देकर दूसरे शहरों से बिहार भेजा, इसी वजह से 75 साल में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक यूट्यूब वीडियो के सहारे दावा किया कि लाखों वोटर्स को भाजपा ने अलग-अलग शहरों से बिहार भेजा था। उन्होंने जिस वीडियो को शेयर किया है उसमें कुछ लोग गले में भाजपा का पटका लटकाए दिख रहे हैं। वह कहते हैं कि वोट देने के लिए बिहार जा रहे हैं और टिकट की व्यवस्था भाजपा की ओर से की गई है। बताया गया कि हरियाणा के करनाल से भाजपा ने वोटर्स को बिहार भेजा था। भारद्वाज ने वीडियो के साथ लिखा, 'भाजपा के करनाल के जिला अध्यक्ष स्टेशन पर मौजूद हैं। भाजपा ने संगठित तरीके से वोटरों को चिन्हित किया। SIR में भाजपा के द्वारा चिन्हित वोटरों की वोट नहीं काटी गई। फिर लाखों तादाद में वोटरों को अलग अलग शहरों से चुनाव से पहले बिहार भेजा गया। ट्रेन की टिकट आदि सारे इंतजाम भाजपा ने किए। इस तरीके से बिहार की वोटिंग 75 साल के सबसे ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची।' बिहार में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान बिहार विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान में गुरुवार को 3.75 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 64.66 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो राज्य में 'अब तक का सबसे ज्यादा' मतदान प्रतिशत है। इसमें अभी और इजाफे की संभावना है। पहले चरण में 18 जिलों के कुल 121 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ, जहां मतदाताओं की कुल संख्या 3.75 करोड़ से अधिक थी। बिहार में इससे पहले सबसे ज्यादा 62.57 प्रतिशत मतदान 2000 में दर्ज किया गया था। कोविड-19 महामारी के साये में हुए 2020 के विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 57.29 रहा था।

कमजोर होती विपक्षी दीवार: AAP के बाहर जाने से INDIA ब्लॉक को कितना झटका?

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) ने इंडिया गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है, जिससे विपक्षी गठबंधन को एक बड़ा झटका लगा है। यह घोषणा ठीक उस वक्त हुई जब गठबंधन के घटक दल 21 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र के लिए अपनी संयुक्त रणनीति तय करने के लिए वर्चुअल बैठक करने वाले थे। क्या AAP का यह 'बाय-बाय' विपक्ष की एकता को झटका देगा। आइए समझते हैं। 'गठबंधन एकजुट, लेकिन AAP की राह अलग' कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने पुष्टि की है कि इंडिया गठबंधन की वर्चुअल बैठक में AAP को छोड़कर सभी दल शामिल होंगे। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'शनिवार को कई कार्यक्रमों के कारण लोग दिल्ली नहीं आ पाएंगे, इसलिए हम संसद सत्र से पहले ऑनलाइन बैठक करेंगे। इसके बाद दिल्ली में मुलाकात होगी।' उन्होंने दावा किया कि गठबंधन एकजुट है, लेकिन AAP के इस कदम ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। TMC का साथ, बिहार और पहलगाम पर फोकस तृणमूल कांग्रेस (TMC), जिसके कांग्रेस के साथ पहले कुछ तनातनी रही है, ने कहा कि उनके राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी इस बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक में बिहार में मतदाता सूची के विशेष संशोधन, पहलगाम हमले पर चर्चा की मांग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान शांति समझौते के दावों जैसे मुद्दों पर मंथन होगा। 'AAP और कांग्रेस के बीच पहले से तनाव' CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने कहा, 'दिल्ली चुनावों के दौरान कांग्रेस और AAP के बीच तनाव शुरू हो गया था। CPI(M) का मानना है कि इंडिया गठबंधन को मजबूत और विस्तारित करना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि दोनों दल अपने मतभेद सुलझा लेंगे।' लेकिन AAP का यह कदम 2024 में नीतीश कुमार के गठबंधन छोड़ने के बाद सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। बिहार में AAP का दांव AAP ने ऐलान किया है कि वह बिहार विधानसभा चुनावों में अकेले उतरेगी। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, 'AAP का बाहर निकलना गठबंधन के लिए दो तरह से नुकसानदायक है। पहला, संसद, खासकर राज्यसभा में गठबंधन कमजोर होगा। दूसरा, AAP आगामी चुनावों में गैर-बीजेपी दलों की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए उम्मीदवार उतार सकती है।' 2026 के चुनावों पर नजर केरल, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में 2026 में चुनाव होने हैं। हालांकि दक्षिण भारत में AAP का प्रभाव कम है, लेकिन एक अन्य कांग्रेस नेता ने कहा कि असम और उन राज्यों में जहां कांग्रेस का बीजेपी से सीधा मुकाबला है, AAP उम्मीदवार उतार सकती है। 'AAP का जाना गठबंधन के लिए फायदेमंद' पंजाब के विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इसे सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, "AAP का बाहर जाना इंडिया गठबंधन को मजबूत करेगा, क्योंकि इससे अस्पष्टता खत्म होगी।" क्या AAP का यह फैसला गठबंधन की एकता को और कमजोर करेगा, या यह गैर-बीजेपी दलों के लिए नई रणनीति बनाने का मौका देगा? यह देखना दिलचस्प होगा।  

आम आदमी पार्टी की नई राह, INDIA गठबंधन से किया किनारा, AAP ने छोड़ा गठबंधन

 नई दिल्ली विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक की होने जा रही अगली महत्वपूर्ण बैठक से आम आदमी पार्टी (AAP) ने खुद को अलग कर लिया है. पार्टी की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि वह इस बैठक में हिस्सा नहीं लेगी. पार्टी ने खुद को इंडिया गठबंधन से अलग कर दिया है. आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी इंडिया ब्लॉक से बाहर हो चुकी है. क्या बोले संजय सिंह? आज तक से बातचीत में उन्होंने कहा, "इंडिया ब्लॉक लोकसभा चुनाव के लिए था. लोकसभा चुनाव के बाद हमने हरियाणा और दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़े. इसके अलावा पंजाब और गुजरात में उपचुनाव भी हमने अकेले लड़े. आप अब इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं है. हमारे पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम इंडिया ब्लॉक से बाहर हैं." संसद में रणनीति के बारे में उन्होंने कहा, "संसदीय मुद्दों पर हम टीएमसी, डीएमके जैसी विपक्षी पार्टियों का समर्थन लेते हैं और वे भी हमारा समर्थन लेते हैं." बीजेपी पर कसा तंज आप नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पर संजय सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, "बीजेपी कायरों की पार्टी है. वे केवल एजेंसियों का इस्तेमाल हमारे खिलाफ कर सकते हैं. हम झुकने वाले नहीं हैं." वहीं. रॉबर्ट वाड्रा के मुद्दे पर संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा, "पिछले 10 सालों से बीजेपी 'जीजाजी' चिल्ला रही है. अगर इतने सालों में वे कोई नतीजे पर नहीं पहुंचे, तो यह उनकी नाकामी है."

AAP बिहार में लड़ेगी चुनाव, केजरीवाल बोले -India ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था, अब हमारा किसी से कोई गठबंधन नहीं

पटना  आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने  अहमदाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और गुजरात में पार्टी के विस्तार और कांग्रेस-बीजेपी दोनों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने साफ किया कि हमारा कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं है और आगामी विधानसभा चुनावों में 'AAP' अकेले दम पर मैदान में उतरेगी. केजरीवाल ने ऐलान किया कि बिहार में आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा, India ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था. अब हमारा किसी से कोई गठबंधन नहीं है. विसावदर उपचुनाव में हमने कांग्रेस से अलग लड़कर तीन गुना ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है. यह जनता का सीधा संदेश है कि अब विकल्प आम आदमी पार्टी है. केजरीवाल का कहना था कि हमारा कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं है, इसलिए विसावदर में हम अलग लड़े. गुजरात में चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे. दिल्ली में हार पर कहा, ऊपर-नीचे होता रहेगा. पंजाब में हमारी सरकार दोबारा बनेगी. केजरीवाल ने कहा, पिछले 30 साल से गुजरात में भाजपा की सरकार है. इस राज्य को बर्बाद करने में बीजेपी ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. सूरत में जो बाढ़ आई, वो मानव सृजित बाढ़ है, बीजेपी के भ्रष्टाचार का फल है. युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. किसानों को यूरिया नहीं मिलता है. सभी वर्ग भाजपा से नाराज हैं. फिर भी भाजपा लगातार जीत रही है क्योंकि लोगों के पास विकल्प नहीं था. सब लोग जानते हैं कि कांग्रेस उनकी जेब में है. कांग्रेस पर लोगों का भरोसा नहीं है. केजरीवाल ने आगे कहा, पहले तो कांग्रेस का उम्मीदवार जीतेगा नहीं और जीता तो जीतने के बाद भाजपा में चला जाएगा. लोगों ने मन बना लिया है कि भाजपा के जाने का टाइम आ गया है. आम आदमी पार्टी आज से गुजरात जोड़ो अभियान शुरू कर रही है. चुनाव में 2.5 साल बाकी हैं. हम लोगों के बीच जा रहे हैं. गुजरात के हर घर तक 5-5 बार पहुंचना है. जो युवा भ्रष्टाचार मुक्त विकास देखना चाहते हैं, वो AAP के साथ जुड़ें. गुजरात को तरक्की के लिए अपनी अपनी पार्टी छोड़कर युवा AAP में आएं. हमारा कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं है, इसलिए विसावदर में हम अलग लड़े. India गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए ही था. गुजरात उपचुनाव का दिया उदाहरण उन्होंने अपने बयान में गुजरात उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन का अनुभव अच्छा नहीं रहा। “गुजरात उपचुनाव के समय तय हुआ था कि कांग्रेस और AAP आपसी सहमति से सीटों का बंटवारा करेंगे, लेकिन आखिरी समय में कांग्रेस ने उस सीट पर भी उम्मीदवार खड़ा कर दिया, जहां से AAP पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी थी। यह राजनीतिक विश्वासघात था। उन्होंने बताया कि इसी कड़वे अनुभव के बाद पार्टी ने यह फैसला लिया कि भविष्य में वह किसी भी राज्य में गठबंधन की राजनीति से दूर रहेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। बिहार में भी आम आदमी पार्टी अब पूरी तैयारी के साथ अकेले मैदान में उतरेगी। सौरभ भारद्वाज ने कहा- बिहार की जनता हमें स्वीकार करेगी सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी की नीति साफ है- जनता से जुड़े मुद्दे, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी और रोजगार जैसे बुनियादी सवालों को चुनावी एजेंडे में शामिल करना। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार की जनता आम आदमी पार्टी को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्वीकार करेगी।