samacharsecretary.com

अब बोलकर बुक होगा ट्रेन टिकट? AI ने IRCTC पर खुद की टिकट बुकिंग, जानें पूरा मामला

अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपको जरूर पता होगा कि टिकट बुक करते समय कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. बार-बार डिटेल्स और कैप्चा भरना पड़ता है, जिसकी वजह से कई बार पक्का टिकट बुक करते समय देरी हो जाती है और आपका टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता है. सोचिए, आपको ट्रेन से मुंबई से राजकोट जाना है. आमतौर पर आप IRCTC की वेबसाइट खोलेंगे, स्टेशन चुनेंगे, तारीख डालेंगे, ट्रेन खोजेंगे, सीट देखेंगे और फिर पैसेंजर की जानकारी भरेंगे. अब अगर यही काम आप सिर्फ एक लाइन बोलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से करवा सकें तो कैसा लगेगा? आज के एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में AI ऐसे काम कर पा रहा है, जो पहले सिर्फ सोचे जा सकते थे. अब कमांड से पूरा एक्शन और ऑटोमेशन की तरफ बढ़ चुका है. आइए जानते हैं कि सिर्फ बोलकर आप टिकट बुकिंग जैसा काम कैसे करवा सकते हैं. ChatGPT Astra ने खुद शुरू किया टिकट बुकिंग का काम कुछ ऐसा ही एक दिलचस्प एक्सपेरिमेंट इन दिनों चर्चा में है. एक सोशल मीडिया क्रिएटर ने ChatGPT Astra को IRCTC पर ट्रेन टिकट बुक करने का काम दिया. AI को बताया गया कि 20 सितंबर को रात 9 से 11 बजे के बीच मुंबई से राजकोट जाना है और दो लोगों के लिए AC क्लास की ट्रेन चाहिए. इसके बाद AI ने ब्राउजर के जरिए IRCTC की वेबसाइट पर आगे का प्रोसेस शुरू किया. उसने स्टेशन, तारीख और समय जैसी जानकारी डालकर ट्रेनें सर्च करने की कोशिश की. ट्रेन और सीट की जानकारी भी खोजी इस पैसेंजर  की सबसे खास बात यह रही कि AI सिर्फ ट्रेन का नाम बताकर नहीं रुका. दावे के मुताबिक, उसने अवेलेबल ट्रेनों को देखा और सीट की सिचुएशन चेक की. कुछ ऑप्शंस में सीट वेटिंग में मिलीं. इसके बाद AI ने पूछा कि आगे क्या करना है. जब उसे अगले दिन की ट्रेनें देखने के लिए कहा गया, तो उसने दोबारा सर्च करके दूसरे ऑप्शंस सामने रख दिए. पेमेंट का काम बाकी यानी जिस काम के लिए अभी हमें खुद कई बार क्लिक करना पड़ता है, AI ने उसका बड़ा हिस्सा खुद करने की कोशिश की. हालांकि, इस एक्सपेरिमेंट में आखिर में पेमेंट का स्टेप बाकी रह गया था. यहां एक बात समझना जरूरी है कि यह सोशल मीडिया पर दिखाया गया एक एक्सपेरिमेंट है. इसे IRCTC की तरफ से शुरू की गई कोई ऑफिशियल AI टिकट बुकिंग सुविधा नहीं माना जाना चाहिए. क्या फ्यूचर में AI खुद बुक करेगा टिकट? अब सवाल है कि क्या आने वाले समय में AI सिर्फ हमारे सवालों के जवाब देगा या फिर हमारे लिए वेबसाइट खोलकर पूरा काम भी करेगा? ट्रेन टिकट वाला यह पैसेंजर  आने वाले समय की एक झलक जरूर देता है. असली चुनौती तब होगी जब AI को Tatkal बुकिंग, पेमेंट और दूसरी तकनीकी परेशानियों के बीच पूरा काम करना पड़ेगा. फिलहाल इतना साफ है कि AI अब सिर्फ बातचीत करने वाला टूल नहीं रह गया है. वह हमारे लिए काम करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.  

बिहार चुनाव में वोटिंग बढ़ी, AAP ने भाजपा पर टिकट बांटकर वोटिंग प्रभावित करने का लगाया आरोप

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग को राजनीतिक दल अलग-अलग चश्मे से देख रहे हैं। कोई इसे सरकार के पक्ष में जनता का समर्थन बता रहा है तो किसी को बदलाव की बयार दिख रही है। इस बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने इसमें एक नया एंगल जोड़ दिया है। पार्टी ने इसे 'वोट चोरी' का दूसरा हिस्सा बताते हुए कहा है कि भाजपा ने अपने वोटर्स को टिकट देकर दूसरे शहरों से बिहार भेजा, इसी वजह से 75 साल में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक यूट्यूब वीडियो के सहारे दावा किया कि लाखों वोटर्स को भाजपा ने अलग-अलग शहरों से बिहार भेजा था। उन्होंने जिस वीडियो को शेयर किया है उसमें कुछ लोग गले में भाजपा का पटका लटकाए दिख रहे हैं। वह कहते हैं कि वोट देने के लिए बिहार जा रहे हैं और टिकट की व्यवस्था भाजपा की ओर से की गई है। बताया गया कि हरियाणा के करनाल से भाजपा ने वोटर्स को बिहार भेजा था। भारद्वाज ने वीडियो के साथ लिखा, 'भाजपा के करनाल के जिला अध्यक्ष स्टेशन पर मौजूद हैं। भाजपा ने संगठित तरीके से वोटरों को चिन्हित किया। SIR में भाजपा के द्वारा चिन्हित वोटरों की वोट नहीं काटी गई। फिर लाखों तादाद में वोटरों को अलग अलग शहरों से चुनाव से पहले बिहार भेजा गया। ट्रेन की टिकट आदि सारे इंतजाम भाजपा ने किए। इस तरीके से बिहार की वोटिंग 75 साल के सबसे ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची।' बिहार में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान बिहार विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान में गुरुवार को 3.75 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 64.66 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो राज्य में 'अब तक का सबसे ज्यादा' मतदान प्रतिशत है। इसमें अभी और इजाफे की संभावना है। पहले चरण में 18 जिलों के कुल 121 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ, जहां मतदाताओं की कुल संख्या 3.75 करोड़ से अधिक थी। बिहार में इससे पहले सबसे ज्यादा 62.57 प्रतिशत मतदान 2000 में दर्ज किया गया था। कोविड-19 महामारी के साये में हुए 2020 के विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 57.29 रहा था।