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तमिलनाडु की इस विधायक की संपत्ति ने सबको चौंकाया, थलापति विजय से भी कई गुना ज्यादा दौलत

तमिलनाडु   तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। वजह चुनावी जीत नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपये की दौलत है। AIADMK की विधायक लीमा रोज मार्टिन को राज्य का सबसे अमीर विधायक बताया गया है। उनकी घोषित कुल संपत्ति इतनी ज्यादा है कि बड़े-बड़े उद्योगपति भी पीछे छूट जाएं। ADR यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लीमा रोज मार्टिन ने चुनावी हलफनामे में करीब 5,863 करोड़ रुपये की नेटवर्थ घोषित की है। वह तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले की ललगुड़ी सीट से AIADMK के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनी हैं। लीमा रोज ने इस चुनाव में करीब 60 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी को 2739 वोटों से हराया। दिलचस्प बात यह है कि यह उनका पहला चुनाव था और पहली ही बार में वह राज्य की सबसे चर्चित नेताओं में शामिल हो गईं। कौन हैं लीमा रोज मार्टिन? लीमा रोज तमिलनाडु के कोयंबटूर की रहने वाली हैं। उनके पति सैंटियागो मार्टिन देशभर में “लॉटरी किंग” के नाम से मशहूर हैं। परिवार की संपत्ति का बड़ा हिस्सा उनके कारोबारी साम्राज्य से जुड़ा हुआ बताया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, लीमा रोज की घोषित संपत्ति अभिनेता विजय से भी करीब 9 गुना ज्यादा है। विजय की पार्टी TVK ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन संपत्ति के मामले में लीमा रोज उनसे काफी आगे निकल गईं। विजय ने अपनी कुल संपत्ति करीब 648 करोड़ रुपये बताई है।   परिवार के पास कितनी संपत्ति? हलफनामे के मुताबिक, लीमा रोज के नाम पर करीब 139 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और लगभग 910 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। वहीं, उनके पति सैंटियागो मार्टिन ने 3262 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 887 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है। उनके बेटे जोस डेसन मार्टिन के पास भी सैकड़ों करोड़ की संपत्ति है। बेटे ने करीब 225 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 439 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है। सोना, चांदी और हीरे का बड़ा कलेक्शन लीमा रोज के पास भारी मात्रा में सोना, चांदी और हीरे भी हैं। हलफनामे के अनुसार, उनके पास 19 हजार ग्राम से ज्यादा सोना, 1.31 लाख ग्राम से ज्यादा चांदी और 1217 कैरेट हीरे हैं। इसके अलावा प्लैटिनम भी घोषित किया गया है। परिवार के पास लग्जरी गाड़ियों का भी बड़ा बेड़ा है। लीमा रोज ने अपने नाम पर 10 गाड़ियां बताई हैं, जबकि उनके पति के पास BMW, Lexus जैसी महंगी गाड़ियों समेत कई वाहन हैं। सिर्फ छठी पास हैं लीमा रोज सबसे दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों-अरबों की मालकिन लीमा रोज की शैक्षणिक योग्यता सिर्फ छठी पास बताई गई है। चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी शिक्षा Class 6 तक बताई है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने इस बार राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। अभिनेता विजय की पार्टी TVK पहली बार चुनाव लड़कर सबसे बड़ी पार्टी बन गई, लेकिन बहुमत से अभी दूर है। ऐसे माहौल में लीमा रोज मार्टिन की संपत्ति ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है।

विधायक शैरी कलसी का बयान, पंजाब सरकार गांवों के विकास के लिए करती है लगातार काम

बटाला  पंजाब के एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट और MLA शैरी कलसी की तरफ से बटाला शहर में जहां डेवलपमेंट के काम किए जा रहे हैं, वहीं विधानसभा के गांवों में भी कई डेवलपमेंट के काम चल रहे हैं। इसके बाद, उन्होंने गांववालों की मौजूदगी में A.P.K. रोड से अठवाल तक लिंक रोड के स्पेशल रिपेयर के काम का नींव पत्थर रखा। गांववालों से बात करते हुए MLA शैरी कलसी ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान की लीडरशिप वाली पंजाब सरकार गांवों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए लगातार कोशिशें कर रही है। गांवों के डेवलपमेंट के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। MLA ने कहा कि गांववालों की मांग पूरी करके डेवलपमेंट के काम शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के आने-जाने की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गांवों की सड़कों को ठीक किया जा रहा है ताकि आने-जाने वालों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गांवों के हर तरह के डेवलपमेंट के लिए लगातार कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में बेसिक सुविधाएं देने के लिए खास कोशिशें की गई हैं। MLA शैरी कलसी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री का मानना ​​है कि गांवों और शहरों में ज़्यादा से ज़्यादा डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएं, ताकि गांव और शहर डेवलपमेंट की लाइनों से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़कें, गलियां, नालियां वगैरह सभी सुविधाओं से लैस की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह दिन-रात पब्लिक वेलफेयर के कामों में लगे हुए हैं, ताकि लोगों को सरकारी स्कीमों और प्रोजेक्ट्स का फ़ायदा मिल सके।  

राज्यसभा चुनाव में आज चुने जाएंगे सीएम नीतीश कुमार, पहले भी बना चुके हैं अनोखा राजनीतिक रिकॉर्ड

नई दिल्ली बिहार की राजनीति में फिर एक बड़ा दिन। राज्यसभा चुनाव तो भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी लड़ रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर है। नितिन विधायक रहते सांसदी का यह चुनाव लड़ रहे तो नीतीश विधान परिषद् सदस्य रहते। नीतीश कुमार की चर्चा इसलिए सबसे ज्यादा हो रही है, क्योंकि दिल्ली जाने के लिए उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा और पहली बार भारतीय जनता पार्टी इस कुर्सी पर अपना आदमी बैठाएगी। ऐसे में रोचक है कि नीतीश कुमार आज के बाद फैसला क्या लेते हैं? बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार को समझना असंभव जब 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री के रूप में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम प्रचारित होना शुरू होता, इससे पहले नीतीश कुमार ही ऐसे बड़े नेता थे जिन्होंने पुराने रिश्ते छोड़ दिए थे। नीतीश कुमार अटल-आडवाणी के समय से भाजपा से जुड़े थे, लेकिन नमो युग की शुरुआत से पहले एनडीए से निकल गए थे। तब भी अंदाजा नहीं लग रहा था। फिर 2017 में लौटे तो 2022 में छोड़ गए। फिर 2024 में वापस साथ आए। इस साल होली के एक दिन पहले जिस तरह से वह बिहार चुनाव 2025 के तीन महीने बाद ही राज्यसभा जाने के लिए तैयार हुए, वह भी अचरज में डालने वाला था। और, अब खरमास शुरू होने से पहले उनका इस्तीफा नहीं आना भी भाजपा के लिए सिरदर्द बना हुआ है। खरमास में वह फैसला लेते भी हैं तो यही माना जा रहा है कि 15 अप्रैल तक भाजपा नए सीएम की कुर्सी पर अपना आदमी बैठाने का 'जतरा' नहीं बनाएगी। केंद्रीय मंत्री रहे नीतीश एक बार सांसद रहते विधायक भी बने थे नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं। वह केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। वह पटना जिले की बाढ़ सीट से लोकसभा सदस्य हुआ करते थे। नालंदा जिले की हरनौत विधानसभा सीट से विधायक हुआ करते थे। इस सदी में वह कभी विधानसभा चुनाव में नहीं उतरे। विधान पार्षद ही चुने जाते रहे। अब राज्य सभा के चुनाव में हैं। नीतीश कुमार के बारे में यह जानना बेहद रोचक है कि वह 1991 में तत्कालीन जनता दल के टिकट पर बाढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर सांसद बने थे। इसके बावजूद उन्होंने 1995 में तत्कालीन समता पार्टी के चुनाव चिह्न पर हरनौत से विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीते भी। विधायक चुने जाने के बाद जब लोग सांसद के रूप में उनके इस्तीफे का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने विधायक की शपथ नहीं ली। नतीजतन हरनौत सीट के लिए 1996 में उप चुनाव हुआ, जिसमें फिर समता पार्टी के अरुा कुमार सिंह विधायक बने। कब केंद्र में मंत्री बने और कब-कब बिहार की राजनीति का रुख किया? नीतीश कुमार 1985 में हरनौत विधायक चुने गए थे। इसके बाद दिल्ली की राजनीतिक यात्रा के लिए पहली बार 28 नवंबर 1989 को पटना जिले के बाढ़ संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। तब, सांसद के रूप में उनका कार्यकाल 2 दिसंबर 1989 से 13 मार्च 1991 तक रहा था। अप्रैल 1990 में तत्कालीन विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में उन्हें केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री बनाया गया था। बाद में वीपी सिंह सरकार सदन में बहुमत साबित नहीं कर सकी तो केंद्रीय राज्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार का कार्यकाल भी 10 नवंबर 1990 को खत्म हो गया। 13 मार्च 1991 को लोकसभा भंग हुआ तो फिर अगले चुनाव में नीतीश कुमार फिर बाढ़ से ही सांसद चुने गए। इसके बाद, बिहार की राजनीति में वापस वह सक्रिय होते दिखे। 1995 के बिहार विधानसभा चुनाव में वह हरनौत से फिर उतरे और विधायक चुने गए, हालांकि उन्होंने लोकसभा सदस्य रहना ही उचित समझा। इसके बाद, 1996 में फिर बाढ़ से ही नीतीश कुमार सांसद बने। तब अटल बिहारी वाजपेयी 7 दिन के लिए पीएम बने और फिर मौजूदा विपक्ष सत्ता में आ गया। 15 मार्च 1998 को अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने तो नीतीश कुमार की समता पार्टी उनके साथ थी। नीतीश कुमार को केंद्रीय रेल एवं भूतल परिवहन मंत्री बनाया गया। अगस्त 1999 में गैसाल में रेल दुर्घटना के बाद उन्होंने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया। फिर करगिल युद्ध के बाद 1999 के लोकसभा चुनाव कराना पड़ा तो भाजपा बड़े दल के उभरी। पहली बार पांच साल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार रही। नीतीश केंद्रीय मंत्री रहे। नई सदी में पहली बार जब वह चुनाव में उतरे तो 2004 के बाढ़ ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद परिस्थितियां देख वह बिहार को सुधारने के लिए यहां उतर गए। फिर तो 2005 से बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री अब तक कुर्सी पर हैं। बीच में एक बार जीतन राम मांझी को उन्होंने ही सीएम बनाया था, वह भी लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए।  

होली पर हुड़दंगियों का वीडियो भेजने पर विधायक देंगे 21 हजार का इनाम

दुर्ग. होली का त्यौहार नजदीक है। ऐसे में हुडदंगियों पर लगाम लगाने पुलिस प्रशासन लगातार नशे के कारोबारियों और शांति व्यवस्था भंग करने वाले बदमाशों पर कार्रवाई कर रही है। वहीं शांति पूर्ण और सौहार्द्र पूर्ण ढंग से होली का त्योहार सम्पन्न हो सके, इसके लिए दुर्ग जिले के वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने एक नई पहल की है। विधायक रिकेश सेन ने होली के दिन हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने पर 21 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। ऐसा करने वाले वे छत्तीसगढ़ के पहले विधायक हैं। बता दें कि रिकेश सेन इसी तरह अपने अलग-अलग तरह के योजनाओं के लिए चर्चा में बने रहते हैं। वहीं शांति से होली का पर्व मनाने नई पहल की है। उन्होंने हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने की अपील लोगों से की है। वीडियो भेजने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। उन्हें विधायक 21 हजार देकर सम्मानित करेंगे। विधायक सेन ने साफ कहा है कि हुड़दंग मचाने वालों की खैर नहीं होगी। महिलाओं, बहनों को छेड़ने पर भी तुरंत पुलिस या विधायक कार्यालय में सूचना दें। आरोपियों को पुलिस सबक सिखाएगी। हुड़दंग मचाने वालों को साल दो साल जमानत मिलना मुश्किल होगा।

सीएम से शिकायत करेंगे, तब भी गाड़ी नहीं छोड़ूंगा — अवैध गिट्टी कार्रवाई पर खनिज अधिकारी का सख्त रुख

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से अवैध जीरा गिट्टी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान भाजपा पार्षद और खनिज विभाग के अधिकारी के बीच विवाद सामने आया है. मानपुर इलाके में बिना वैध दस्तावेज के जीरा गिट्टी का परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर को खनिज विभाग की टीम ने जब्त किया. इस दौरान भाजपा पार्षद ने कार्रवाई न करते हुए जब्ती कार्रवाई न करने की मांग की. लेकिन अधिकारी के न मानने पर पार्षद ने विधायक और जिला अध्यक्ष से फोन पर बात कराई जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में भाजपा पार्षद को खनिज अधिकारी की विधायक से फोन पर बात कराते हुए देखा जा सकता है. वहीं खनिज अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, “मैं गाड़ी छोड़ नहीं सकता, केवल इतना कर सकता हूं कि जो गाड़ी एक महीने में छूटती है, उसे 15 दिन में छोड़ दिया जाए.” इसके साथ ही अधिकारी ने यह भी कहा कि “सीएम से भी शिकायत कर लीजिए, लेकिन गाड़ी नहीं छोड़ूंगा.

इंदौर जैसी घटना न दोहराई जाए: रायपुर में एक्टिव हुए जनप्रतिनिधि, खारून सफाई का तैयार हुआ मास्टर प्लान

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को स्वच्छता और सुनियोजित विकास के मामले में इंदौर की तर्ज पर विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। रायपुर पश्चिम विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त विश्वदीप ने रविवार सुबह लगातार 5 घंटे फील्ड पर रहकर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया। विधायक मूणत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी ठोस कार्ययोजना बनाई जाए जिससे शहर के नालों का एक बूंद गंदा पानी भी खारून नदी में न मिले। निरीक्षण दल सबसे पहले सरोना डंपिंग यार्ड पहुंचा। यहां पोकलेन मशीनों के जरिए कचरा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र साफ किया जा चुका है। विधायक और महापौर ने अधिकारियों को शेष कार्य जल्द पूरा करने और सरोना क्षेत्र की रिक्त शासकीय भूमियों का तत्काल सीमांकन करने के निर्देश दिए। इन भूमियों पर जनहित की नई परियोजनाएं शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। नालों का गंदा पानी बनेगा निगम की कमाई का जरिया चिंगरी और पीहर नाला के निरीक्षण के दौरान विधायक राजेश मूणत ने एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि इन नालों की ऐसी सुव्यवस्थित सफाई हो कि पानी ओवरफ्लो न हो और सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पहुंचे। •      ट्रीटमेंट के बाद सप्लाई: एसटीपी में उपचारित होने वाले पानी (Raw Water) को औद्योगिक समूहों को बेचा जाएगा। •        होगी आय: इससे नगर निगम के लिए राजस्व का एक नया और स्थायी स्रोत विकसित होगा। ‘इंदौर जैसी घटना न हो’- महापौर की हिदायत महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि रायपुर में इंदौर जैसी (स्वच्छता या अव्यवस्था संबंधी) कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चंदनीडीह स्थित 75 एमएलडी एसटीपी और स्काडा सिस्टम कंट्रोल रूम का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खारून नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित करें कि नालों का गंदा पानी नदी में मिलने के बजाय सीधे प्लांट तक पहुँचे। निरीक्षण दल में ये रहे शामिल इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान जोन 8 के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ठाकुर, पार्षद महेंद्र औसर, अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता पी. राजेश नायडू, इमरान खान, जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल सहित स्वच्छ भारत मिशन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।

सीवान में हड़कंप: जनप्रतिनिधियों से 10 लाख की रंगदारी, धमकी भरे कॉल से खलबली

सीवान सीवान जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जेडीयू की सांसद विजय लक्ष्मी देवी और बड़हरिया के विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल को अज्ञात बदमाशों ने 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। सांसद विजय लक्ष्मी देवी को फोन कर मांगी रंगदारी सूत्रों के अनुसार, जेडीयू सांसद के प्रतिनिधि मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव ने मैरवा थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 3 दिसंबर की रात 10:38 बजे और 10:40 बजे सांसद के निजी मोबाइल नंबर पर अज्ञात युवक की कॉल आई, जिसमें उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई। रंगदारी नहीं देने पर बदमाश ने उन्हें हत्या की धमकी भी दी। सांसद प्रतिनिधि ने पुलिस से सांसद की सुरक्षा बढ़ाने और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल को भी धमकी इसी दौरान, बड़हरिया के जेडीयू विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल को भी बदमाशों ने कॉल कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। विधायक ने तुरंत मामले की जानकारी जिला एसपी को दी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शुरू की जांच, मोबाइल नंबर भेजा गया ट्रेसिंग के लिए थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि बदमाशों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर को जांच के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए छानबीन में जुट गई है और दर्ज की गई प्राथमिकी को न्यायालय में भेज दिया गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री की बेटी श्रेयसी सिंह को मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी

जमुई बिहार विधानसभा चुनाव में जमुई जिले की चार में से तीन सीटें एनडीए के खाते में गईं। चकाई से पिछली बार निर्दलीय जीतकर मंत्री बने सुमित सिंह इस बार चुनाव हार गए। ऐसे में एनडीए ने जमुई से मंत्री पद बरकरार रखते हुए भाजपा की ओर से श्रेयसी सिंह पर भरोसा जताया। राजपूत नेता होने के साथ-साथ महिला और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग चैंपियन होना उनके चयन का बड़ा कारण माना जा रहा है। जदयू की ओर से लेशी सिंह को शामिल किया गया है, जबकि भाजपा ने श्रेयसी सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दी है। जमुई विधानसभा क्षेत्र-241 से प्रचंड बहुमत की जीत दर्ज करने वाली गोल्ड मेडलिस्ट और अर्जुन अवॉर्ड विजेता श्रेयसी सिंह ने एनडीए सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। उनकी मौजूदगी ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में खास आकर्षण बना दिया। खेल जगत में देश का नाम रोशन कर चुकीं श्रेयसी सिंह राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी ऐतिहासिक जीत को जमुई के लोगों ने गर्व का क्षण बताया है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद श्रेयसी ने कहा कि वह जमुई सहित पूरे बिहार के विकास को प्राथमिकता देंगी और क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगी। श्रेयसी के मंत्रिमंडल में शामिल होने से समर्थकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जमुई मुख्यालय स्थित कचहरी चौक पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जताई। लोगों को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में शिक्षा, खेल और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े क्षेत्रों में नई शुरुआत देखने को मिलेगी।

कांग्रेस में मचा घमासान: जीतू पटवारी पर विधायक का तीखा वार, बोले—सनातनी कांग्रेस को कब्रिस्तान छोड़ देंगे

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के महाकाल दर्शन और राज्योत्सव पर की गई टिप्पणी पर राजनीति गरमा गई है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने उन पर पलटवार करते हुए कहा कि जीतू पटवारी को महाकाल के दर्शन पर आपत्ति है। यही हेलीकॉप्टर हज पर जाता तो उस पर फूल बरसाते। विधायक रामेश्वर शर्मा ने जीतू पटवारी पर जुबानी प्रहार करते हुए कहा, ‘जीतू पटवारी को यह सताने लगा है कि मध्यप्रदेश उत्सव क्यों मना रहा है? प्रदेश के हर जिले में उत्सव क्यों मन रहें है ड्रोन क्यों उड़ रहे है लाखो लोग उत्सव में क्यों शामिल हो रहे है। यही हेलीकॉप्टर हज जाते तो जीतू पटवारी पुष्प वर्षा कर रहे होते। मरती हुई कांग्रेस अभी भी महाकाल की महिमा नहीं समझ पा रही। महाकाल की यात्रा पर तुम्हें खर्च दिखता है हज यात्रा जाने में आनंद दिखता है। कांग्रेस की यही दृष्टि गलत है। उनकी इसी कुदृष्टि की वजह से सनातनी और हिंदुस्तानी कांग्रेस को कब्रिस्तान छोड़कर आएंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘राहुल, सोनिया या प्रियंका समेत चाहे कोई भी हों, उनसे कहना चाहूंगा कि संघ का विरोध करने वाले इनके पूर्वज जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा, राजीव गांधी से पूछ लो, तुम्हारे पुरखों ने 3-3 प्रतिबंध लगाया। तो भी संघ का बाल भी बांका नहीं कर पाए। आज संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। हिन्दुस्तान का जयघोष कर रहा है, कह रहा है कि हिन्दुस्तान दुनिया का विश्वगुरु बनने जा रहा है। खड़गे फालतू के सपने देखना बंद करें। आरएसएस की भावना का सम्मान करना सीखो। अपने नेताओं से आतंकवादियों की जय बोलने की प्रेरणा मत लो। संघ जैसे राष्ट्रवादियों पर प्रतिबंध लगाने की बात करो।’

RJD के दो विधायकों ने दिया इस्तीफा, बिहार चुनाव से पहले BJP को मजबूत बढ़त

पटना अगले माह होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के दो विधायकों– संगीता कुमारी और चेतन आनंद ने शुक्रवार को विधानमंडल से इस्तीफा दे दिया। दोनों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी की गयी अधिसूचना में कहा गया है कि संगीता कुमारी (मोहनिया) और चेतन आनंद (शिवहर) के इस्तीफे के बाद दोनों सीट रिक्त हो गई हैं। दोनों विधायक तत्काल प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। इस वर्ष की शुरुआत में जब जनता दल यूनाइटेड (जदयू) दोबारा भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुआ था, तब से संगीता कुमारी और चेतन आनंद विधानसभा की कार्यवाही के दौरान लगातार सत्तापक्ष की बेंचों पर बैठते नजर आ रहे थे। इसके बाद राजद ने दोनों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी, जो फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव के समक्ष लंबित है। बता दें कि राज्य में दो चरणों में चुनाव होंगे, पहला चरण छह नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इससे पहले कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम और भभुआ से राजद विधायक भारत बिंद ने भी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था।