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रिडेवलपमेंट को मिली रफ्तार, शंकर नगर BTI ग्राउंड समेत 5 बड़ी परियोजनाओं के टेंडर जारी

शासन द्वारा रिडेवलपमेंट योजना अंतर्गत शंकर नगर बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने तथा अन्य कुल पाँच परियोजनाओं का टेंडर जारी हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी की गई निविदाएं रायपुर,  छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है। राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है। आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने टी.एल. बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

पत्थर जैसी बन रही बच्ची का होगा इलाज, बाल आयोग ने मामले में दिखाई सक्रियता

पत्थर शरीर वाली बच्ची के उपचार को लेकर बाल आयोग सक्रिय डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर बच्ची के बेहतर उपचार की दिशा में बड़ा कदम आयोग की पहल पर बच्ची को मिली उसके नाम पर जुटाई गई सहायता राशि रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा सोशल मीडिया में प्रसारित समाचार एवं आयोग को प्राप्त आवेदन पत्र का संज्ञान लेते हुए बीजापुर जिले के नेलसनार क्षेत्र अंतर्गत बेंगोफर पारा, कौरगांव निवासी गंभीर रूप से बीमार नाबालिग बच्ची के उपचार हेतु प्राप्त दान एवं सहायता राशि के संबंध में जांच की कार्यवाही कराई जा रही है। प्राप्त आवेदन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रजराज रजक एवं दीपक ध्रुवे द्वारा बच्ची के उपचार के लिए सार्वजनिक सहयोग राशि एकत्रित किए जाने तथा भुगतान संबंधी विवरणों पर प्रश्न उठाए गए थे, जिस पर डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दीपक ध्रुवे द्वारा जांच प्रारंभ होने से पूर्व बच्ची के परिवार को ₹39,000 की राशि प्रदान की गई थी तथा जांच के दौरान अतिरिक्त ₹22,400 की राशि बच्ची की माता एवं उसके भाई की उपस्थिति में तथा पुलिस के समक्ष प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त ₹5,000 की राशि संबंधित बैंक खाता होल्ड होने के कारण बच्ची के चाचा के खाते में जमा कराई गई थी, जिसे बाद में उनके चाचा द्वारा बच्ची की माता को प्रदान किया गया। जांच में यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रजराज रजक द्वारा बच्ची के उपचार हेतु वीडियो प्रसारित कर स्वयं का क्यूआर कोड साझा किया गया था। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि ब्रजराज रजक द्वारा जांच से पूर्व भी कुछ राशि बच्ची के उपचार हेतु परिवार को प्रदान की जा चुकी थी। वहीं पूछताछ के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि ₹18,000 की शेष राशि उनके पास उपलब्ध थी, जिसे जांच उपरांत बच्ची के परिवार को प्रदान कर दिया गया। इस प्रकार अब तक कुल ₹84,400 की राशि बच्ची के उपचार हेतु उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है। डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा निर्देशित किया गया है कि प्रकरण से संबंधित सभी वित्तीय लेन-देन, प्राप्त दान राशि, बैंक खातों एवं भुगतान विवरणों की तथ्यात्मक एवं कंडिकावार जांच सुनिश्चित करते हुए संपूर्ण प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा दोष पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

सड़क हादसे रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाएं: मुख्य सचिव का सख्त निर्देश

रायपुर : सड़क दुर्घटनाएं नहीं हों, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाएं : मुख्य सचिव ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश, प्रदेश में 150 स्थानों पर लगे ईव्ही चार्जिंग स्टेशन रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सभी समुचित और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय में सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।   ब्लैक स्पॉट सुधारने पर विशेष जोर मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और वहां आवश्यक सुधार कार्य तत्काल किए जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए ताकि हादसों की आशंका खत्म हो सके।    सुप्रीम कोर्ट और केंद्र की योजनाओं की समीक्षा बैठक में राज्य सड़क सुरक्षा कोष, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा फलोदी एवं रंगा रेड्डी सड़क दुर्घटना मामलों में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही पीएम राहत योजना और पीएम ई-ड्राईव योजना की प्रगति की जानकारी ली गई।  मुख्य सचिव ने सर्वाेच्च न्यायालय की कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी सड़क दुर्घटना रेस्क्यू से संबंधित एसओपी के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।   ईव्ही चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने के निर्देश मुख्य सचिव ने पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना में तेजी लाने को कहा। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्धारित स्थलों पर तत्काल ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 150 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इन स्टेशनों पर पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सब्सिडी भी दी जाती है।  घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाज मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित उपचार मिलना सबसे जरूरी है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायलों का अस्पताल में कैशलेस उपचार किया जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, गृह-पुलिस, परिवहन तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत अब तक 282 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए पंजीकरण किया गया है। मुख्य सचिव ने इस योजना के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की और इसे और प्रभावी बनाने को कहा।   बैठक में परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त एस. प्रकाश, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुआर. शंगीता सहित पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राजधानी में विकास को रफ्तार, जाम से निजात दिलाने की बड़ी तैयारी

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण कर इसे आम जनता को समर्पित किया। साथ ही 22.79 करोड़ रुपये की लागत से बने शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और यह ओवरब्रिज उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कचना रेलवे फाटक में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ओवरब्रिज के शुरू होने से अब लोगों को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुविधा मिलेगी। इससे विशेष रूप से कचना, खम्हारडीह एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की केंद्रीय सड़क निधि योजना के अंतर्गत इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कचना, खम्हारडीह और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए खुशी का दिन है। जनता की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई है। अब यहां ट्रैफिक जाम और वाहनों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे कार्यालय, स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोगों के साथ-साथ व्यापारी एवं व्यवसायियों को भी बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त निधि के माध्यम से इस ओवरब्रिज का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि इस ब्रिज की लंबाई 787 मीटर एवं चौड़ाई 13 मीटर है तथा 48.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस ओवरब्रिज के बनने से रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा समय की बचत भी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क, पुल और अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने निर्माण कार्य में जुड़े अधिकारियों एवं एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने के साथ ही सीधे लोगों के बीच जाकर योजनाओं और विकास कार्यों का फीडबैक भी ले रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है। वे स्वयं अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि लोग शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर क्षेत्र विकास से वंचित रहा, लेकिन अब नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। नियद नेल्लानार 2.0 के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। अब तक 20 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है तथा 55 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है और उसी के अनुरूप सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव ने कहा कि कचना क्षेत्र में लगभग 25 बड़ी कॉलोनियां स्थित हैं और यह रेलवे ओवरब्रिज इन सभी कॉलोनियों को रायपुर शहर से बेहतर तरीके से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी साबित होगा। उन्होंने कहा कि कचना का यह ओवरब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि रायपुर और कचना को जोड़ने वाली जीवनरेखा है। इससे न केवल कचना और आसपास के रहवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि बिलासपुर और बलौदाबाजार की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी यातायात में बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।  साव ने कहा कि प्रदेश में अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। पहली बार लोक निर्माण विभाग को 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिली है। राज्य सरकार के गठन के बाद रिकॉर्ड संख्या में पुलों का निर्माण किया गया है। यातायात को सुगम बनाने और प्रदेशभर में सड़कों का जाल बिछाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार द्रुतगामी सड़कों का निर्माण कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे गांवों तक भी सड़क पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है, जहां आज तक सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा, विधायक  पुरंदर मिश्रा, महापौर मती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, पार्षद मती पुष्पा साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश बंसल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त  संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

रायपुर में IPL का रोमांच, आज से मिलेंगी मैच की टिकटें

रायपुर क्रिकेटर लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. रायपुर के शहीद वीर नारायण अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इस साल दो आईपीएल मैच होने वाले हैं. पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाला है. इस मैच के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री आज से https://shop.royalchallengers.com/ticket पर शुरू होने वाली है. आरबीसी ऑफिशियल्स की ओर से बताया गया कि टिकट केवल आधिकारिक आरसीबी वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध हैं. अनौपचारिक प्लेटफॉर्म या वेबसाइटों को टिकट बेचने का दावा करने वाले लोगों से बचने, आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर निर्भर रहने की सलाह दी गई है. एम-टिकट विवरण एम-टिकट में महत्वपूर्ण विवरण जैसे प्रवेश द्वार, आंतरिक द्वार, स्टैंड, पंक्ति और सीट नंबर शामिल होंगे. स्टेडियम के प्रवेश द्वार को खोजने के लिए, स्टेडियम मैप और स्टैंड इंडेक को देख सकते हैं. वहीं बाहर आने के लिए उन्हें इंतजार नहीं करना चाहिए. मैप में स्टैंड नाम, पार्किंग जोन, रैंप, द्वार, मेडिकल कमांड सेंटर और एम्बुलेंस स्थान शामिल हैं, जो आपको आसानी से नेविगेट करने में मदद करेंगे. स्टेडियम पहुंचने से पहले अपने स्टैंड और संबंधित प्रवेश द्वार के डिटेल्स की जांच कर लें.   बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा. दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे. अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी. टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी. मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है. 2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे।

10 साल बाद रायपुर को मिल सकता है IPL का तोहफा: RCB के मैचों के साथ स्टेडियम में होंगे बड़े बदलाव

रायपुर करीब एक दशक बाद राजधानी रायपुर में एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का रोमांच देखने को मिलेगा। नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इस बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो मुकाबले आयोजित करने की तैयारी चल रही है। फ्रेंचाइजी ने इस स्टेडियम को अपना होम ग्राउंड बनाया है, जिससे रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों को लंबे समय बाद आईपीएल का लाइव रोमांच देखने का मौका मिल सकता है। चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस से हो सकते हैं मुकाबले जानकारी के अनुसार, इन मुकाबलों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने मैच चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ आयोजित कराने की तैयारी में है। यदि ऐसा होता है तो दर्शकों को एक ही मैदान पर विराट कोहली, एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिल सकता है। वीआईपी गैलरी और स्क्रीन में होंगे बदलाव इन संभावित मुकाबलों को देखते हुए स्टेडियम में सुविधाओं को बेहतर बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि वीआईपी गैलरी को पहले से अधिक आधुनिक बनाया जाएगा। वहीं दर्शकों के अनुभव को बेहतर करने के लिए स्टेडियम में लगी बड़ी स्क्रीन में भी बदलाव किए जाने की योजना है। गोल्ड और सिल्वर सीटों को बनाया जाएगा लग्जरी इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर श्रेणी की सीटों को भी अधिक लग्जरी बनाने का प्रस्ताव है, ताकि दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। स्टेडियम की अपर गैलरी में लगी दोनों स्क्रीन को हटाने की भी योजना है। इन स्क्रीन के हटने से करीब 1500 अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था हो सकेगी। नई जगह पर बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनसे दर्शकों को मैच के रोमांचक पलों को स्लो मोशन में देखने की सुविधा मिलेगी। प्लेटिनम बॉक्स में भी किया जाएगा बदलाव रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के विशेषज्ञों ने स्टेडियम के प्लेटिनम बॉक्स में लगे ग्लास बदलने की भी सिफारिश की है। लगभग 700 दर्शक क्षमता वाले इस बॉक्स को आमतौर पर वीवीआईपी मेहमानों के लिए आरक्षित रखा जाता है, इसलिए इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। टीमों की प्रैक्टिस के लिए बनेगी अलग पिच छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, टीमों की प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम के बाहर अलग से एक पिच भी तैयार की जाएगी। साथ ही फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रायपुर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले सकता है। करीब 50 हजार से अधिक दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम में मैचों के आयोजन को लेकर फ्रेंचाइजी ने यहां की सुविधाओं और रायपुर के स्टार होटल्स का भी सर्वे किया है। यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी हो जाती हैं तो रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों को लंबे इंतजार के बाद आईपीएल के हाई वोल्टेज मुकाबले देखने का मौका मिल सकता है।

शोर पर लगाम: अब रात 10 बजे के बाद नहीं बजेगा DJ-धुमाल

रायपुर विवाह सीजन के दौरान डीजे और धुमाल को लेकर होने वाली शिकायतों और विवादों को देखते हुए प्रदेश में पहली बार पुलिस अधिकारियों और डीजे-धुमाल संचालकों की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डीजे और धुमाल संचालकों ने स्वयं पहल करते हुए पुलिस अधिकारियों से चर्चा की और नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया। बैठक में डीजे-धुमाल संचालकों ने स्पष्ट कहा कि वे प्रशासन द्वारा तय सभी नियमों का पालन करेंगे, ताकि विवाह और अन्य कार्यक्रमों के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या विवाद की स्थिति न बने। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रात 10 बजे के बाद किसी भी कार्यक्रम में डीजे या धुमाल नहीं बजाया जाएगा। संचालकों ने कहा कि वे समय सीमा और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करेंगे। अपने साथ जुड़े अन्य संचालकों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि विवाह सीजन में लोगों की सुविधा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। यदि कोई संचालक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि कार्यक्रमों के दौरान पुलिस और डीजे संचालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाएगा, ताकि अनावश्यक विवाद और शिकायतों से बचा जा सके। इस पहल को विवाह सीजन में व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। कोर्ट की सख्त गाइडलान का पालन करने के निर्देश होली पर्व समाप्त होने के बाद नवरात्रि, रामनवमी के बाद 27 मार्च से शादी सीजन शुरू हो जाएगा। शादी का सीजन शुरू होने के साथ ही रामनवमी में डीजे, धुमाल की डिमांड बढ़ जाती है। डीजे, धुमाल को लेकर हाईकोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट की सख्त गाइड लाइन है। ऐसी स्थिति में नियमों की अनदेखी करने पर डीजे, धुमाल वालों के साथ पुलिस कार्रवाई करती है। इस स्थिति से बचाव के लिए शुक्रवार को डीजे संचालकों का रायपुर में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। डीजे संचालकों की सम्मेलन में विशेष रूप से रायपुर सेंट्रल के एडीसीपी तारकेश्वर पटेल, एसीपी सेंट्रल रमाकांत साहू के साथ एसीपी ट्रैफिक सतीश ठाकुर उपस्थित रहे। पुलिस अफसरों ने नियम कानून की दी जानकारी डीजे संचालकों के सम्मेलन में पुलिस अफसरों ने रायपुर के साथ दूसरे जिलों से आए डीजे संचालकों को परेशानी से बचने नियमों का कैसे पालन करना है, इस संबंध में विस्तार से नियम कानूनों के बारे में जानकारी दी। डीजे संचालकों ने अपने सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि उन लोगों द्वारा आगामी वैवाहिक सीजन व अन्य समारोह में तय मानक के आधार पर निर्धारीत डेसिबल में डीजे, धुमाल बजाएंगे। रात 10 बजे के बाद डीजे, धुमाल बंद कर दिया जाएगा। रायपुर के डीजे संचालकों ने कहा कि जो डीजे संचालक नियमों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ वे स्वयं जुर्माने की कार्रवाई करेंगे।

रायपुर में पार्किंग की समस्या होगी खत्म: पहली मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग बनकर तैयार, जल्द शुरू होगी सेवा

रायपुर राजधानी रायपुर में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने महानगरों की तर्ज पर पहला मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार कर लिया है। यह पार्किंग निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई है। इस अत्याधुनिक पार्किंग सिस्टम को एक सप्ताह के भीतर शुरू भी कर दिया जाएगा। फिलहाल इसमें नगर निगम की गाड़ियां ही खड़ी की जाएंगी। बता दें कि निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई यह पार्किंग करीब 20 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई है, जहां एक समय में 12 कारों को पार्क करने की सुविधा होगी। पूरी तरह से तैयार हो चुके इस पार्किंग सिस्टम में हाइड्रोलिक सिस्टम लगाया गया है, जिससे कम जगह में अधिक वाहनों को सुरक्षित तरीके से खड़ा किया जा सकेगा। नगर निगम के अधीक्षक अभियंता इमरान खान ने बताया कि मैकेनाइज्ड पार्किंग पूरी तरह बनकर तैयार है और एक सप्ताह के भीतर इसे निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यहां केवल निगम की गाड़ियां ही पार्क की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से परिसर में जगह की बचत होगी और वाहन सुरक्षित भी रहेंगे। पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास बन रही दूसरी पार्किंग गौरतलब है कि निगम मुख्यालय परिसर के अलावा पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास भी मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार की जा रही है, जिसकी क्षमता 16 कारों की होगी। शहर में स्मार्ट और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर निगम का मानना है कि भविष्य में ऐसे और भी मैकेनाइज्ड पार्किंग सिस्टम विकसित किए जा सकते हैं, जिससे शहर में पार्किंग की समस्या को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।

री-डेवलपमेंट कार्य में देरी पर सांसद नाराज़, दपूमरे जीएम तरुण प्रकाश के साथ अहम बैठक

रायपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के साथ आज रायपुर रेल मंडल में संसदीय क्षेत्रों के सांसदों की बैठक हुई. सांसदों ने रायपुर और दुर्ग स्टेशन के री-डेवलपमेंट कार्य की धीमी प्रगति को लेकर नाराजगी जाहिर की. डीआरएम दयानंद के इसके पीछे तकनीकी बताए जाने पर सांसदों ने रोष व्यक्त किया. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के साथ बैठक में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महेश कश्यप, भोजराज नाग और रूपकुमारी चौधरी मौजूद रहे. बैठक में रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और रावघाट रेल लाइन सहित विभिन्न लंबित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई. विशेष रूप से रायपुर और दुर्ग के अमृत रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य को दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया. बैठक के दौरान रायपुर और दुर्ग स्टेशन के री-डेवलपमेंट कार्य की धीमी प्रगति को लेकर सांसदों ने नाराजगी जाहिर की. सांसदों ने स्पष्ट कहा कि प्रारंभिक चरण में कार्य की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिससे आम जनता में भी असंतोष है. इस पर डीआरएम दयानंद ने स्पष्ट किया कि परियोजना के शुरुआती चरण में ड्रॉइंग और डिजाइन से जुड़े कई तकनीकी मुद्दे सामने आए थे. जिस पर सांसदों ने रोष व्यक्त किया. इन तकनीकी कारणों से कार्य की गति प्रभावित हुई. उन्होंने बताया कि संशोधित ड्रॉइंग और डिजाइन की प्रक्रिया अब पूरी कर ली गई है और आगे कार्य तेजी से किया जाएगा. समय-समय पर कार्य की समीक्षा भी की जाएगी ताकि तय समयसीमा में परियोजना पूरी हो सके. यह वर्ष की पहली बैठक थी, जिसमें स्टेशन डेवलपमेंट, यात्री सुविधाएं, साफ-सफाई, ट्रेनों के संचालन और यात्री अनुभव को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. कुछ लंबित परियोजनाओं के प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को पुनः भेजने पर सहमति बनी है. रायपुर-दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर की मांग सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि रायपुर से दिल्ली के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने, रायपुर-जगन्नाथपुरी तथा दुर्ग-अंबिकापुर के लिए वंदे भारत सेवा प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा गया है. राजधानी एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन के बजाय प्रतिदिन चलाने और जोधपुर – जयपुर रूट की ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की भी मांग की गई. इसके अलावा भाटापारा और अन्य छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, मंडी गेट, जोरा व पिरदा में अंडरपास निर्माण तथा कचना और जोरा में अंडरब्रिज निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई. रायपुर – धमतरी रेल लाइन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया गया.

मौसम ने बदली चाल: छत्तीसगढ़ में स्थिरता, रायपुर में बढ़ी धूप की तपिश

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है. पश्चिमी हवाएं तेज होने की वजह से रात में तापमान में हल्के उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है. शहर में ढाई डिग्री तक चढ़ चुका न्यूनतम तापमान थोड़ा कम होगा. रायपुर में पिछले दो दिन से प्रदेश में सबसे ज्यादा दिन का पारा दर्ज किया गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा. अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इस दौरान कहीं भी बारिश की गतिविधि नहीं हुई. अगले दो दिनों मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने मौसम को लेकर फ्रेश अपडेट दिया है. उन्होंने बताया कि सब ट्रॉपिकल पश्चिमी जेटस्ट्रीम के प्रबल हो जाने के कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की (गिरावट) उतार-चढ़ाव के साथ कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. प्रदेश में 15 फरवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में 15 फरवरी को सुबह के वक्त धुंध छाए रहने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतन तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है.