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एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे, खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से बढ़ा देश का गौरव

एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे विश्‍वास कैलाश सारंग भोपाल  जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा की चमक को पूरी दुनिया ने देखा है। भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और जज्बे का शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरी दुनिया को भारत की बढ़ती खेल शक्ति का परिचय कराया। तिरंगे की आन, बान और शान के लिए मैदान में उतरे हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में भारत को गौरवपूर्ण चौथा स्थान दिलाया। यह उपलब्धि केवल पदकों की संख्या नहीं बल्कि भारत की युवा खेल प्रतिभा के निरंतर निखरते सामर्थ्य और वैश्विक खेल मंच पर बढ़ते प्रभाव की स्वर्णिम चमक है। वहीं इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 10 मेडल जिनमें 5 स्वर्ण, 4 रजत 1 कांस्य पदक अर्जित कर अपनी सर्वोच्च प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विशेष योगदान दिया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज खेल भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में एक महत्वपूर्ण स्थान बना चुका है। मोदी जी के मार्गदर्शन में एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया जी के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसी योजना के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने, प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। छोटे शहरों, गांवों और सामान्य परिवारों से आने वाले युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पास अब केवल प्रतिभा नहीं बल्कि उसे निखारने के लिए अवसर, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी वातावरण भी उपलब्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह विजन कि भारत का युवा केवल खेलों में भाग लेने वाला नहीं बल्कि दुनिया में भारत का नेतृत्व करने वाला बने, आज मैदानों में दिखाई दे रहा है। मिट्टी के मैदानों से लेकर आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक, स्कूलों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक, भारत की नई पीढ़ी खेलों को अपना भविष्य बनाने के लिए निरंतर आगे बढ़ रही है। वहीं मध्यप्रदेश में भी हम प्रधानमंत्री जी के विजन को दृष्टिगत रखते हुए एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान के उन्नयन व विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमी संचालित हैं। इन अकादमियों में विश्व स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। नवीन सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत प्रदेश की सभी 230 विधानसभा में खेल परिसर का निर्माण किया जा रहा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान, टैलेंट सर्च, समर कैंप सहित अन्य आयोजनों के माध्यम से नई प्रतिभाओं की तलाश और उन्हें नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस प्रतियोगिता में भारत के खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर विश्व पटल पर राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। भारत के कुल पदकों में एथलेटिक्स का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिसमें कुल 24 पदक जीते गए। इसके बाद शूटिंग का नंबर रहा, जिसमें 15 पदक मिले। इनमें तीन बार खिलाड़ी टॉप पोडियम पर रहे। बॉक्सिंग में भी तीन स्वर्ण पदक मिले, जिनमें लवलीना बोरगोहेन भी शामिल थीं। आर्चरी में सबसे ज्यादा पांच बार खिलाड़ी शीर्ष पोडियम पर रहे। अमन सहरावत और सुजीत कलकल ने रेसलिंग में एशियन गेम्स चैंपियन का खिताब जीता। भारत की महिला और पुरुष क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल हासिल किए। नीरू ढांडा, कुमकुम मोहोद, गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज जापान में भारत के प्रमुख प्रदर्शन करने वाले एथलीट में शामिल रहे, जिन्होंने कई पदक जीतने में योगदान दिया। सुचिका तरियाल ने महिला ट्रेडिशनल -60 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक हासिल किया। सेमी-फाइनल में पहुंचने के बाद जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में भी वही कारनामा दोहराया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फ़ाइनल में श्रीलंका को हराकर अपना ख़िताब बरकरार रखा और इस टूर्नामेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। बाद में पुरुष टीम ने भी पाकिस्तान को फ़ाइनल में करारी शिकस्त देकर अपना ख़िताब सफलतापूर्वक बचाया। वहीं, शूटर नीरू ढांडा ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में जीत हासिल करके एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 1998 के बैंकॉक गेम्स के बाद वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए पहला एशियाई गेम्स मेडल हासिल किया। रोशिबिना देवी ने भी वुशू में लगातार अपना तीसरा कॉन्टिनेंटल मेडल जीता। सीमा कुमारी ने भी एशियाई गेम्स में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में मेडल जीतकर भारत के 16 साल बाद पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीतने के दौरान एशियन रिकॉर्ड की बराबरी की। बरानिका इलांगोवन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता और एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय पोल वॉल्टर बन गईं। सावन बरवाल ने नया नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए 1982 के बाद मैराथन में भारत का पहला मेडल जीता। स्क्वैश में, अनाहत सिंह एशियन गेम्स में वूमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। विथ्या रामराज ने वूमेंस 400 मीटर हर्डल रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। जैवलिन थ्रो इवेंट में यश वीर सिंह और रोहित यादव ने भारत के लिए दो मेडल पक्के किए। उन्होंने क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते। चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर एलए 2028 ओलंपिक कोटा हासिल किया। अंकिता भकत, कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर एशियन गेम्स में भारत के लिए वूमेंस टीम रिकर्व इंवेट का पहला गोल्ड मेडल जीता। महान मुक्केबाज मैरी कॉम (इंचियोन 2014) के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का खिताब भी जीता। 17 साल की कुमकुम मोहोद इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी उर्स गोल्फ में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। वहीं मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी इस गौरवमयी उपलब्धि में अहम योगदान दिया। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी … Read more

एशियाई खेलों में पंजाब की धूम, परिनाज और सतनाम ने दिलाया ब्रॉन्ज

अमृतसर  जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे 20वें एशियाई खेलों के मंच पर पंजाब के जांबाज खिलाड़ियों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, अदम्य साहस और बेजोड़ खेल कौशल का ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में गौरव और उत्साह की एक नई लहर पैदा कर दी है। एथलेटिक्स के रेस ट्रैक से लेकर निशानेबाजी की शूटिंग रेंज तक, और रोइंग के वाटर कोर्स से लेकर हॉकी के मैदान तक, पंजाब की मिट्टी से निकले इन होनहार एथलीटों ने हर जगह अपनी धाक जमाई है। जालंधर, पटियाला, मानसा और संगरूर जैसे जिलों से आए खिलाड़ियों ने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर नए मुकाम हासिल किए, बल्कि महत्वपूर्ण मुकाबलों में पदक जीतकर और निर्णायक जीत दर्ज कराकर यह साबित कर दिया कि भारतीय खेल जगत में पंजाब का दबदबा आज भी अटूट है। 100 मीटर की दौड़ में सेमीफाइनल का टिकट पक्का करने से लेकर रोइंग और निशानेबाजी में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने और हॉकी में गोलों की बरसात करने तक, गुरुवार का पूरा दिन पंजाब के गबरूओं के शानदार नाम रहा, जिससे पूरे राज्य में जश्न का माहौल बना हुआ है। 100 मीटर में गुरिंदरवीर सिंह चमके एथलेटिक्स के मैदान में पुरुष वर्ग की सबसे रोमांचक मानी जाने वाली 100 मीटर रेस में पंजाब के जालंधर के रहने वाले राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी एथलीट गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी रफ्तार से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। चौथी हीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरिंदरवीर सिंह ने 10.38 सेकंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया। उनके इस प्रदर्शन से भारतीय खेमे के साथ-साथ पूरे पंजाब के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पटियाला की परिनाज ने साधा निशाना  स्कीट निशानेबाजी की मिश्रित स्पर्धा में पंजाब के शाही शहर पटियाला की परिनाज धालीवाल ने इतिहास रच दिया है। शुरुआती दौर के भारी दबाव के बावजूद परिनाज ने अपने जोड़ीदार अनंतजीत सिंह नरूका के साथ मिलकर गजब का धैर्य और तालमेल दिखाया। इस जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत का इस स्पर्धा में यह पहला पदक है, जिसे दिलाकर परिनाज ने पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। रोइंग में मानसा के सतनाम सिंह चमके पानी की लहरों पर अपनी नाव को रफ्तार देते हुए मानसा जिले के गांव फता मालोका के रहने वाले सतनाम सिंह ने देश और पंजाब को एक और गौरवशाली पल दिया। रोइंग के पुरुष डबल स्कल्स इवेंट में सतनाम सिंह ने अपने साथी सलमान खान के साथ मिलकर 6:13.25 मिनट का समय निकाला और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। पूर्व हैंडबॉल खिलाड़ी रहे सतनाम की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि पंजाब के एथलीट हर खेल में देश का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम हैं। हॉकी में दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक पुरुष हॉकी स्पर्धा में भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को 8-2 के बड़े अंतर से मात देकर अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली। इस बड़ी जीत के नायक रहे पंजाब के स्टार फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल (10वें, 26वें और 32वें मिनट में) दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की। इसके अलावा टीम के अन्य अनुभवी खिलाड़ियों सुखजीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह और राजिंदर सिंह ने भी एक-एक गोल करके विरोधी टीम को पस्त करने में अहम भूमिका निभाई। पंजाब के खिलाड़ियों के इस सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के चलते राज्य भर में जश्न का माहौल है।

खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितंबर को, खिलाड़ी लें हिस्सा

गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश नवीनीकरण के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितम्बर को तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य रायपुर राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश के नवीनीकरण के लिए 23 सितम्बर और 24 सितम्बर को चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। इसमें भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी 23 सितम्बर को रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गैर-आवासीय बालक-बालिका तीरंदाजी और बालिकाओं के फुटबॉल (बालिका) के लिए चयन ट्रायल 23 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा तीरंदाजी एरिना (बालिका खेल छात्रावास के सामने) में होंगे। वहीं गैर-आवासीय बालक-बालिका हॉकी एवं बालक-बालिका एथलेटिक्स के लिए चयन ट्रायल 24 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं हॉकी स्टेडियम पिच-02 में सुबह 7 बजे से आयोजित किए गए हैं। चयन ट्रायल में राज्य के बालक-बालिका खिलाड़ी तथा अन्य राज्यों के 13 से 17 आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। फुटबॉल एवं तीरंदाजी खिलाड़ियों का 23 सितम्बर को पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं तीरंदाजी एरिना रायपुर में किया जाएगा। वहीं 24 सितम्बर को हॉकी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पिच-02 में होगा। चयन ट्रायल में खिलाड़ियों का चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा किया जाएगा। खेल अकादमी संचालन नियम,2014 के तहत अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, खेल परिधान, प्लेइंग किट, बीमा एवं छात्रवृत्ति आदि सुविधाएं शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।

नए यूपी का स्पोर्ट्स मॉडल होगा खास, ट्रेड शो में दिखेगी खेल प्रतिभा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की झलक

खेल प्रतिभा से वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तक, ट्रेड शो में दिखेगा नए यूपी का स्पोर्ट्स मॉडल इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार खेल विभाग का भव्य पवेलियन 200 वर्ग मीटर के पवेलियन में खेल निदेशालय, युवा कल्याण, स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल यूनिवर्सिटी की होगी संयुक्त भागीदारी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां, वीडियो बाइट्स और तस्वीरों के जरिए दिखेगी यूपी की खेल प्रतिभा आधुनिक खेल परियोजनाओं के 3डी मॉडल होंगे आकर्षण का केंद्र जेन-जी को खेलों से जोड़ने के साथ एआई के इस्तेमाल और खेल प्रतिभाओं के डिजिटल डेटा प्रबंधन की भी दिखाई जाएगी झलक लखनऊ,  योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में खेलों और खेल सुविधाओं के तेजी से विस्तार को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदर्शित किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय यूपी इंटरनेशन ट्रेड शो-4.0 में पहली बार प्रदेश का खेल विभाग अपनी व्यापक भागीदारी दर्ज कराने जा रहा है। खेल विभाग की ओर से करीब 200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विशेष पवेलियन तैयार किया जा रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के खेल क्षेत्र की उपलब्धियों, खिलाड़ियों की सफलता, आधुनिक खेल सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। इस पवेलियन में उत्तर प्रदेश सरकार के खेल विभाग के चार प्रमुख अंग संयुक्त रूप से प्रतिभाग करेंगे। इसमें खेल निदेशालय, प्रादेशिक विकास दल एवं युवा कल्याण विभाग, स्पोर्ट्स कॉलेज और मेरठ में विकसित हो रही खेल यूनिवर्सिटी शामिल हैं। शासन स्तर पर इस आयोजन के नोडल अधिकारी विशेष सचिव कुमार विनीत होंगे, जबकि खेल विभाग की ओर से भी इसकी तैयारियों के लिए नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। उपलब्धियों से लेकर खिलाड़ियों तक की होगी झलक ट्रेड शो में खेल विभाग की उपलब्धियों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। पवेलियन में प्रदेश से निकले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। खिलाड़ियों के वीडियो बाइट्स, उनकी तस्वीरों और उपलब्धियों से जुड़ी सामग्री के माध्यम से आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभाओं से परिचित कराया जाएगा। इसके लिए टीवी पैनल और डिजिटल डिस्प्ले का भी इस्तेमाल होगा। योगी सरकार के दौर में तैयार किए जा रहे वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर सहित प्रदेश में विकसित हो रही प्रमुख खेल सुविधाओं के साथ मेरठ में बन रही खेल यूनिवर्सिटी को भी पवेलियन में जगह मिलेगी। इन परियोजनाओं के 3डी मॉडल तैयार कर प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही प्रदेश के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर तैयार की जा रही डॉक्यूमेंट्री भी ट्रेड शो के दौरान दिखाई जाएगी। युवा कल्याण विभाग की उपलब्धियां भी होंगी प्रदर्शित पवेलियन में युवा कल्याण विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों को भी प्रमुखता दी जाएगी। युवक मंगल दल और महिला मंगल दल से जुड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किए गए प्रमाणपत्रों, पुरस्कारों और मेडल्स को भी गैलरी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।  गेमिंग जोन बनेगा आकर्षण का केंद्र पवेलियन को केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पूरी तरह इंटरएक्टिव बनाने की तैयारी है। इसके लिए एक विशेष गेमिंग जोन बनाया जा रहा है, जिसमें फुटबॉल, हॉकी और टेबल टेनिस समेत चार खेलों से जुड़े गेम शामिल किए जाएंगे। ट्रेड शो में आने वाले दर्शक इन खेलों का छोटा सा इंटरएक्टिव अनुभव ले सकेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को छोटे उपहार और चॉकलेट आदि देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। जेन-जी को खेलों से जोड़ने पर जोर आज की युवा पीढ़ी और खासकर जेन-जी को सकारात्मक ऊर्जा के साथ खेलों से जोड़ने पर भी पवेलियन में विशेष प्रस्तुति होगी। इसका उद्देश्य युवाओं को खेल, फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक सोच की दिशा में प्रेरित करना है। खेल विभाग की कोशिश होगी कि युवा पीढ़ी खेलों को केवल प्रतियोगिता के तौर पर नहीं, बल्कि बेहतर और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम के रूप में भी देखे। खेलों में एआई के इस्तेमाल की भी झलक पवेलियन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के खेल क्षेत्र में इस्तेमाल की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। खिलाड़ियों के लिए एआई का उपयोग, खेल प्रतिभाओं के डेटा बेस के बेहतर प्रबंधन और भविष्य में तकनीक के माध्यम से खेल गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रस्तुति होगी। उच्च उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना से खिलाड़ियों को मिल रहा बेहतर प्रशिक्षण खेल विभाग के विशेष सचिव विनीत कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के स्पोर्ट्स कॉलेजों ने खेल नर्सरी के रूप में दशकों से देश और विश्व पटल पर प्रदेश की प्रतिभाओं को पहचान दिलाई है। इन संस्थानों से निकले खिलाड़ी विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर आसीन होने के साथ राष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अब खेल प्रतिभाओं को और बेहतर संबल देने के लिए प्रतियोगिताओं की तैयारी से लेकर शासकीय सेवा तक सहायता दी जा रही है। खेल विद्यालय, खेल विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स हॉस्टल और उच्च उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। साई के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सुविधाएं, ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा स्टेडियमों में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपकरण व सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ से युवाओं को मिल रहा खेलों में आगे बढ़ने का अवसर: सांसद हिमाद्री सिंह

खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिल रहा अवसर- सांसद  हिमाद्री सिंह खेल से खिलाड़ियों का होता है शारीरिक एवं मानसिक विकास- विधायक मनीषा सिंह  खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मिलता है अवसर- विधायक  जयसिंह मरावी गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल शहडोल में राज्य स्तरीय बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन शहडोल   गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल, शहडोल में 70वीं राज्य स्तरीय अंडर-17 बालक एवं बालिका बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता में प्रदेश के 09 संभागों की टीमें सहभागिता कर रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं खेल ध्वज का ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया।  शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है। खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से प्रदेश एवं देश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है और विभिन्न खेल विधाओं में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को उच्च स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपनी खेल प्रतिभा को और बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खिलाड़ी पूरी खेल भावना, अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ प्रतियोगिता में भाग लें और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना और निरंतर प्रयास है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से सीख लेकर भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करना चाहिए। विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित रूप से खेल गतिविधियों में सहभागिता करने से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना का विकास होता है। खेल खिलाड़ियों को चुनौतियों का सामना करने और विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय बास्केटबाल जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन शहडोल जिले के लिए गौरव का विषय है। इससे जिले के खिलाड़ियों को प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करते हैं तथा खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए प्रेरित करते हैं। विधायक श्री जयसिंह मरावी ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के विभिन्न संभागों से खिलाड़ियों के शामिल होने से उन्हें एक-दूसरे की खेल प्रतिभा को देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ आपसी भाईचारा एवं खेल भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के साथ नियमित अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में जीत और हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के खिलाड़ी ही भविष्य में जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। कार्यक्रम को श्रीमती अमिता चपरा एवं श्री संतोष लोहानी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्री घनश्याम जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर श्रीमती हीरावती कोल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, श्री संतोष लोहानी, श्री सौरभ गोले, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री उमेश धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अतुल चौधरी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनन्द राय सिन्हा, डीपीसी श्री अमरनाथ सिंह, कार्यक्रम में गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्य श्रीमती लीना रोज मैरी, पूर्व बास्केटबाल खिलाड़ी श्री जसबीर सिंह, भूतपूर्व सैनिक श्री जगदीश प्रसाद गुप्ता एवं श्री विष्णुप्रसाद विश्वकर्मा सहित पत्रकार, सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सपोर्ट विंग्स की ‘न्यू माइंड, न्यू इंडिया’ पहल, भोपाल में 45 से अधिक बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

 सपोर्ट विंग्स की 'न्यू माइंड, न्यू इंडिया' पहल, भोपाल में 45 से अधिक बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक भोपाल  युवाओं के नेतृत्व में सामाजिक बदलाव की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए सपोर्ट विंग्स ने 6 सितंबर 2026 को भोपाल के न्यू अंबेडकर नगर, कोलार रोड में 'न्यू माइंड, न्यू इंडिया' पहल का सफल आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता, शिक्षा और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में सपोर्ट विंग्स के 15 वालंटियर्स ने 45 से अधिक बच्चों के साथ समय बिताया। बच्चों के साथ इंटरैक्टिव गतिविधियों, शैक्षिक संवाद और जागरूकता सत्रों के माध्यम से उन्हें कई महत्वपूर्ण विषयों के बारे में सरल और बाल-सुलभ तरीके से जानकारी दी गई। बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा, गुड टच और बैड टच, व्यक्तिगत सीमाओं और आत्म-जागरूकता जैसे अहम विषयों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर भी जोर दिया गया। वालंटियर्स द्वारा बच्चों को पढ़ाई से जुड़ी सामग्री वितरित की गई और उनके लिए नींबू पानी, व्हाइट सॉस पास्ता, समोसे और बिस्किट सहित भोजन और जलपान की व्यवस्था भी की गई। खेल, बातचीत और मित्रवत संवाद के माध्यम से वालंटियर्स ने एक खुशनुमा और स्वागत भरा माहौल बनाया, जहां बच्चे खुलकर भाग ले सके, सीख सके और अपनी बात कह सके। इस पहल ने बच्चों को अधिक आत्मविश्वासी, जागरूक और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के बारे में खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस पहल के बारे में सपोर्ट विंग्स की डायरेक्टर राजलक्ष्मी बानिक ने कहा, “हर बच्चे को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए जहां वह सीख सके, आगे बढ़ सके और आत्मविश्वास महसूस कर सके। 'न्यू माइंड, न्यू इंडिया' के माध्यम से हमारा लक्ष्य सीखने और जागरूकता को बच्चों के लिए रोचक बनाना है, साथ ही उन्हें अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा और आत्म-मूल्य को समझने के लिए प्रेरित करना है। हमें विश्वास है कि आज के छोटे और सकारात्मक प्रयास कल एक उज्जवल और आत्मविश्वासी भविष्य का निर्माण करेंगे।” यह कार्यक्रम शिक्षा, जागरूकता, देखभाल और सामुदायिक जुड़ाव को एक साथ लाने वाला एक सार्थक अनुभव रहा, जो बच्चों और वालंटियर्स दोनों के लिए यादगार बना। सपोर्ट विंग्स के बारे में: सपोर्ट विंग्स एक युवा-नेतृत्व वाला संगठन है जो भारत के 80 से अधिक शहरों में सक्रिय है। यह संगठन लीडरशिप प्रोग्राम, इंटर्नशिप, वालंटियरिंग के अवसरों और समुदाय-आधारित पहलों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बना रहा है, ताकि वे जिम्मेदार चेंजमेकर बन सकें।

जापान एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश का जलवा, 19 खिलाड़ी टीम में शामिल; 30 रिजर्व में चयनित

भोपाल  जापान में होने वाले आगामी एशियन गेम्स को लेकर मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक 19 स्थान पक्के कर लिए हैं. इस बार एथलेटिक्स, शूटिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेलों में राज्य की दावेदारी सबसे मजबूत दिख रही है. प्रदेश के 50 संभावित खिलाड़ियों में से 19 ने मुख्य सूची में जगह बना ली है, जबकि 30 खिलाड़ियों को अभी भी रिजर्व रखा गया है।  वाटर स्पोर्ट्स में दबदबा, कैनो स्लैलम में रिकॉर्ड 9 चयन मध्य प्रदेश की वाटर स्पोर्ट्स टीम ने इस बार इतिहास रच दिया है. सबसे ज्यादा सफलता कैनो स्लैलम स्पर्धा में मिली है, जहां एक साथ 9 खिलाड़ियों ने क्वालिफाई किया है. इनमें विशाल केवट, पल्लवी जगताप, भरत केवट, हितेश केवट, शिखा चौहान, विशाल वर्मा, प्रद्युमन सिंह राठौड़, भूमि बघेल और रीना सेन शामिल हैं. इसके अतिरिक्त कयाक एंड कैनो में प्रोहित बारोई ने भी अपनी जगह सुरक्षित की है।  शूटिंग और एथलेटिक्स में भी चमके सितारे शूटिंग में प्रदेश के स्टार शूटरों से एक बार फिर पदक की उम्मीदें हैं. रायफल कैटेगरी से ऐश्वर्य प्रताप सिंह और आशी चौकसे ने क्वालिफाई किया है, जबकि शॉटगन कैटेगरी से नीरु ठंडा और मनीषा कीर ने अपना स्थान पक्का किया है. वहीं एथलेटिक्स की बात करें तो शाटपुट (गोला फेंक) में समरदीप सिंह ने दमदार प्रदर्शन किया है. पोल वाल्ट स्पर्धा में देव मीणा और निकिता आकरे ने देश का प्रतिनिधित्व करने की पात्रता हासिल की है।  समान अवसर की मिसाल, ब्लाइंड जूडो में कपिल परमार चयन प्रक्रिया की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि इसमें समाज के हर वर्ग को समान अवसर दिए गए. इसी कड़ी में दिव्यांग वर्ग से आने वाले कपिल परमार ने ब्लाइंड जूडो में क्वालिफाई कर प्रदेश का मान बढ़ाया है. वहीं एशियन गेम्स के पिछले संस्करणों की बात करें तो मध्य प्रदेश के इन खिलाड़ियों का ट्रैक रिकार्ड शानदार रहा है. ग्वांगझू एशियन गेम्स में ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था. वहीं महिला शूटर आशी चौकसे ने भी दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया था।  दो महीने की स्पेशल ट्रेनिंग और फिटनेस का दिखा असर कोच जेपी सिंह के अनुसार "इस बड़ी सफलता के पीछे खेल विभाग की दो महीने की कड़ी मेहनत है. विभाग ने विभिन्न अकादमियों से शार्टलिस्ट किए गए खिलाड़ियों की फिटनेस, फार्म और तकनीक को सुधारने के लिए विशेष रणनीति बनाई थी. हर खिलाड़ी की व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग शेड्यूल डिजाइन किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सबके सामने है। 

विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को मिल रहा राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से तैराकी का गुर

पहाड़ों और जंगलों से तरणताल तक- बैगा बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रहा ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को मिल रहा राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से तैराकी का गुर छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय हितैषी नीतियों से निखर रही वनांचल की खेल प्रतिभाएं रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय हितैषी नीतियों और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में आयोजित जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। जंगलों और पहाड़ों के बीच जीवन व्यतीत करने वाले बैगा बालक-बालिकाएं आज तरणताल (स्वीमिंग पूल) में तैराकी के आधुनिक खेल कौशल सीखकर अपने सपनों को नई दिशा दे रहे हैं।             नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के तरणताल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें आकांक्षी विकासखंड गौरेला के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बैगा समुदाय के बच्चों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने स्वयं गांवों तक पहुंचकर बैगा परिवारों को प्रेरित किया और बच्चों को इस शिविर से जोड़ा। अवसर मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास           प्राकृतिक जलस्रोतों, नदी-नालों और जंगलों के बीच जीवन बिताने वाले इन बच्चों के लिए तरणताल का यह अनुभव बिल्कुल नया है। यहाँ वे केवल तैरना ही नहीं सीख रहे, बल्कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धी खेल संस्कृति को भी आत्मसात कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतने बड़े स्वीमिंग पूल में अभ्यास नहीं किया था। वे तैराकी के तकनीकी पहलुओं को सीखकर बेहद उत्साहित हैं और भविष्य में बड़े खिलाड़ी बनने का सपना देख रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से मिल रहा मार्गदर्शन          इस ग्रीष्मकालीन शिविर में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को तैराकी की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को फ्री-स्टाइल, बैक-स्ट्रोक, बटरफ्लाई-स्ट्रोक, ब्रेस्ट-स्ट्रोक तथा मेडले जैसी प्रतिस्पर्धी विधाओं का कड़ा अभ्यास कराया जा रहा है। सुबह और शाम, दो पालियों में संचालित इन सत्रों के माध्यम से बच्चों की शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और खेल कौशल को लगातार विकसित किया जा रहा है। प्रशिक्षकों का मानना है कि बैगा बच्चों में स्वाभाविक शारीरिक क्षमता, साहस और सीखने की तीव्र इच्छा है, जो उन्हें भविष्य का उत्कृष्ट खिलाड़ी बना सकती है। जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम          विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में पलने के कारण अद्भुत सहनशक्ति और बेजोड़ शारीरिक क्षमता के धनी होते हैं। यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा इन बच्चों को खेल की मुख्यधारा से जोड़ने का यह प्रयास न केवल खेल विकास की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि सामाजिक समावेशन और जनजातीय सशक्तिकरण का भी एक जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल जनजातीय युवा          मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और कौशल विकास के अवसरों का विस्तार कर रही है। सरकार का संकल्प है कि दूरस्थ अंचलों का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा संसाधनों के अभाव में पीछे न छूटे। बैगा समुदाय के बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ना सरकार की समावेशी विकास नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिससे न केवल बच्चों के व्यक्तित्व का विकास हो रहा है, बल्कि उनमें बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास भी जागृत हो रहा है। सपनों की नई लहर           कभी जंगलों और पहाड़ियों तक सीमित रहने वाले बैगा बच्चे आज तरणताल में पूरे आत्मविश्वास के साथ लहरों से मुकाबला कर रहे हैं। यह सकारात्मक परिवर्तन केवल एक खेल प्रशिक्षण का परिणाम नहीं है, बल्कि सरकार की संवेदनशील सोच, जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता और बच्चों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है।           यह ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर बैगा बच्चों के लिए एक ऐसे सुनहरे अवसर के रूप में उभरा है, जो उनके जीवन की दिशा बदल सकता है। आने वाले वर्षों में यही बच्चे राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ और पूरे भारत का गौरव बढ़ाएंगे, यही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।

MLA दिनेश चड्ढा का वादा, गतका खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतरीन सुविधाएं

रूपनगर रूपनगर जिले के खिलाड़ियों ने 12वीं पंजाब स्टेट गतका चैंपियनशिप 2026 के दौरान अलग-अलग एज ग्रुप के मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करके ओवरऑल चैंपियनशिप जीती। पास के गांव लौदीमाजरा में खत्म हुए सालाना टूर्नामेंट में गुरदासपुर की टीम दूसरे और फतेहगढ़ साहिब तीसरे स्थान पर रही। इस टूर्नामेंट के दौरान सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया, जिसमें बलजोत सिंह रूपनगर ने सब-जूनियर कैटेगरी में बेस्ट गतका खिलाड़ी की ट्रॉफी जीती, दिलराज सिंह अमृतसर ने जूनियर कैटेगरी में बेस्ट खिलाड़ी की ट्रॉफी जीती और अमनप्रीत सिंह फतेहगढ़ साहिब ने सीनियर कैटेगरी में बेस्ट खिलाड़ी की ट्रॉफी जीती। रूपनगर MLA दिनेश चड्ढा ने समापन समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होकर गतका एसोसिएशन डिस्ट्रिक्ट रूपनगर की कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिला रूपनगर खालसा की जन्मभूमि है, इसलिए इस जिले के लोगों की खास जिम्मेदारी है कि वे विरासती खेल गतका को बढ़ावा दें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे गतका खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं देने के लिए राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों से भी बात करेंगे और इस खेल को बढ़ावा देने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जाएगी। इस बीच, नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट हरजीत सिंह ग्रेवाल ने टीमों के खिलाड़ियों, रेफरी और कोच का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी मिली-जुली कोशिशों से गतका खेल लगातार तरक्की की राह पर है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड गतका फेडरेशन का लक्ष्य गतका को ओलंपिक खेलों में शामिल कराना है, जिसके लिए वे पूरी तरह समर्पित हैं। इस कार्यक्रम में इलाके की धार्मिक और राजनीतिक हस्तियां भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। इस मौके पर बरिंदर सिंह ढिल्लों, इंदरपाल राजू सत्याल, नेशनल गतका एसोसिएशन के फाइनेंस सेक्रेटरी बलजीत सिंह सैनी, हरप्रीत सिंह लखेवाल, अमनिंदर सिंह रेहल, सुरिंदर सिंह हरिपुर, जगदीप सिंह थली, बीबी मनजीत कौर, गुरप्रीत सिंह भाऊवाल, गुरविंदर सिंह रूपनगर, चीफ रेफरी नरिंदर सिंह पारस, जसप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह घनौली और दूसरे लोग मौजूद थे।

दिव्यांग क्रिकेट महोत्सव: 22 से 26 फरवरी तक 100 घंटे क्रिकेट, नॉट आउट@100 का आयोजन

भोपाल  राजधानी में पहली बार देशभर के दिव्यांगजन लगातार 100 घंटे क्रिकेट खेलकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस अनूठा आयोजन का उद्घाटन 22 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सुबह 10 बजे नेहरू नगर भौंंरी स्थित पुलिस स्टेडियम में करेंगे। 26 फरवरी तक होने वाले इस आयोजन में मध्य प्रदेश समेत देश के 8 राज्यों के दिव्यांग शामिल हो रहे हैं। इस खेल महोत्सव का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल समेत अन्य संस्थाएं कर रही है। इस गिनीज, लिमका तथा एशिया बुक ऑफ रिकार्ड के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रदर्शन होगा। यह जानकारी राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव के कार्यक्रम संयोजक डॉ राघवेंद्र शर्मा ने पत्रकार वार्ता में दी। इस अवसर पर दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया भी मौजूद रहे। डॉ शर्मा ने बताया कि दिव्यांगजन दया के नहीं, अवसर के पात्र है। इस आयोजन के माध्यम से दिव्यांगों को आत्म सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश देने का प्रयास है। बता दें, श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष मनाई जा रही है। इसलिए हम इस महोत्सव के जरिए 100 घंटे निरंतर क्रिकेट खेलने का ऐतिहासिक आयोजन कर रहे हैं। इस बेहद विलक्षण और प्रेरणादायी कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ता तथा प्रेरक कार्यक्रम संयोजक, डॉ. राघवेंद्र शर्मा पिछले लगभग 20 वर्षों से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह महोत्सव खेल के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन और नई सामाजिक चेतना का संदेश देगा।  इस महोत्सव का ये रहेगा आकर्षण – खेल महोत्सव में 8 राज्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, दिल्ली आदि के अलावा मध्य प्रदेश के साथ ही स्थानीय दिव्यांगजन भी क्रिकेट खेलेंगे।  – प्रत्येक मैच आईपीएल तर्ज पर 4-4 घंटे का होगा। इसमें दो तरह के बॉल होंगे, जिसमें एक अंधे दिव्यांगों के लिए आवाज वाली गेंद तथा अन्य दिव्यांगों के लिए क्वार्क बॉल होगा।  – पहली बार जमीन पर बैठकर चलने वाले दिव्यांग भी क्रिकेट खेलेंगे। इसके अलावा दिव्यांगों की क्षमतानुसार खेल होंगे। इसमें व्हीलचेयर, अंधे, मानसिक रूप वाले बच्चे, युवा और महिला- पुरुष खिलाड़ी अपना प्रदर्शन करेंगे। – खेल का कवरेज करने गिनीज, लिम्का और एशिया बुक ऑफ रिकार्डस के प्रतिनिधि आ रहे हैं।  – सुबह 10 बजे सीएम डॉ. यादव के उद्घाटन के बाद दोपहर 2 बजे तक बिना रुके बिना थके दिन-रात लगातार 100 घंटे तक 26 फरवरी तक खेल चलेगा।