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शेयर बाजार में बड़ा बदलाव, आज 71 हजार करोड़ का स्वाहा, आगे क्या होने वाला है?

मुंबई 

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता से पहले शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. अब खबर है कि अमेरिका ने ईरानी जहाज पर कब्‍जा जमाया है. इस बीच, होर्मुज को लेकर टेंशन बनी हुई है. अमेरिका का कहना है कि अभी नाकबंदी जारी है, जबकि ईरान का कहना है कि होर्मुज उसके कंट्रोल में है। 

वहीं शुक्रवार रात में खबर आई थी कि होर्मुज को खोल दिया गया है, जिसके बाद अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी. भारतीय बाजार में भी तेजी का संकेत दिख रहा था. गिफ्ट निफ्टी सोमवार को 400 अंक ऊपर खुलने का संकेत दे रहा था, लेकिन फिर शनिवार को फिर से होर्मुज के बंद होने की खबर के बाद शेयर बाजार का गेम पूरी तरह पलट गया। 

इन्‍हीं सभी चीजों को लेकर भारतीय शेयर बाजार में काफी उठा-पटक रही, लेकिन अंत तक यह ग्रीन जोन में क्‍लोज हुआ.सेक्‍टर वाइज बात करें तो आईटी और रियल्‍टी सेक्‍टर में काफी दाव देखने को मिला, दूसरी ओर ऑटो और पीएसयू बैंक ने मार्केट को ऊपर लाने की काफी कोशिश की, लेकिन मिड और स्‍माल कैप के शेयरों में भारी बिकवाली रही। 

इन सभी चीजों के बीच ओवरऑल BSE पर लिस्‍टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज 71 हजार करोड़ रुपये कम हो गया यानी निवेशकों की रकम 71 हजार करोड़ रुपये कम हो गई. कारोबार बंद होने तक सेंसेक्‍स 26.7 अंक या 0.03 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 78,520.30 और निफ्टी 11.30 अंक या 0.05 फीसदी की तेजी के साथ 24,364.85 पर बंद हुआ। 

बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 18 शेयरों में गिरावट रही. 12 शेयर मामूली तेजी पर बंद हुए. टाटा ट्रेंट जैसे शेयर 3 फीसदी से ज्‍यादा तेजी पर रहे. वहीं एल एंड टी के शेयर में 1 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट रही। 

क्‍यों आई शेयर बाजार में गिरावट? 

    होर्मुज रुकावट के बाद तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई संबंधी समस्‍याएं बढ़ गईं, जिस कारण मार्केट का सेंटिमेंट बदल गया. ब्रेंट क्रूड 95-98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा. 

    भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच वैश्विक संकेत सतर्क रहे. ग्‍लोबल मार्केट भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर जाने के बाद अब गिरावट का संकेत दे रहा है. 

    सत्र के दौरान भारतीय VIX में 10 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जो भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों की प्रतिक्रिया से उत्पन्न उच्च अस्थिरता का संकेत है. 

    मिड और स्‍मॉल कैप सेक्‍टर में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसने मार्केट को और नीचे की ओर खींच दिया.

शेयर बाजार में अब आगे क्‍या? 
भारतीय शेयर बाजार अब पूरी तरह से होर्मुज और तेल कीमतों पर निर्भर दिखाई दे रहा है. अगर होर्मुज खुलता है तो शेयर बाजार में तेजी आ सकती है, लेकिन अगर ईरान अमेरिका के बीच फिर से तनाव बढ़ता है तो गिरावट देखने को मिल सकती है. फिलहाल, निफ्टी का इंडिकेटर गिफ्ट निफ्टी 350 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट का संकेत दे रहा है। 

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