खन्ना/चंडीगढ़.
खन्ना में आइपीएल सट्टेबाजी रैकेट के मामले में पुलिस जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां करोड़ों की अवैध कमाई के संकेत मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री तय मानी जा रही है, जिसकी जानकारी ईडी को भेज दी गई है।
एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देशों पर पुलिस ने आरोपितों के बैंक खातों में जमा करीब 42 लाख रुपये फ्रीज करवा दिए हैं।
प्राथमिक जांच में यह रकम सट्टेबाजी से जुड़ी होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस रिमांड के दौरान सामने आया कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि खन्ना से बैठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। करोड़ों रुपये की अवैध कमाई के संकेत भी मिले हैं।
मुख्य आरोपित पहले ही गिरफ्तार
पुलिस इस मामले में सट्टा किंग दिनेश छाबड़ा, उसके भाई करण छाबड़ा और दो साथियों महेंद्र सिंह राजा व नरेश कुमार बंटी को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। 12 अप्रैल को साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 44 हजार रुपये नकद, 11 मोबाइल और एक लैपटाप बरामद किया था। आरोपित लोगों को लालच देकर आनलाइन सट्टेबाजी के जाल में फंसाते थे। ईडी अब आरोपितों की संपत्तियों, बैंक लेन-देन और संभावित विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर सकती है। ठोस सबूत मिलने पर मनी लान्ड्रिंग के तहत भी कार्रवाई संभव है।





