samacharsecretary.com

22 अप्रैल का राशिफल: कुछ राशियों के लिए भाग्य favorable, कुछ को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है

मेष 22 अप्रैल के दिन मेष राशि वालों को सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों में पैसे खर्च हो सकते हैं। इससे आज का बजट गड़बड़ा सकता है। व्यापारियों को मनचाहा लाभ होगा। काम का दवाब रहेगा। इस दौरान आपको सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। वृषभ 22 अप्रैल के दिन सुख-सुविधा से जुड़ी किसी चीज में पैसे खर्च हो सकते हैं। वृषभ राशि वालों के लिए समय उतार-चढ़ाव भरा साबित हो सकता है। नौकरी करने वाले जातकों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। मिथुन 22 अप्रैल के दिन की शुरुआत में आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। आज दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा लोगों की जिंदगी में खुशियां रहेंगी। कर्क 22 अप्रैल के दिन कर्क राशि वालों को शुरुआत में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान छात्रों का मन पढ़ाई से हट सकता है। परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद हो सकते हैं। सिंह 22 अप्रैल के दिन कुछ लोगों को कार्यस्थल पर प्रमोशन मिल सकता है। हालांकि दिन के मध्य में गुप्त शत्रुओं से बचकर रहने की जरूरत है। इस दौरान आपको कुछ बड़े खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। कन्या 22 अप्रैल के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। कन्या राशि वालों के लिए समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। आपको किसी काम में सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। तुला 22 अप्रैल के दिन गुस्से और वाणी पर काबू रखें। हालांकि, दिन खत्म होते-होते आपको मनचाहा लाभ मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। वृश्चिक 22 अप्रैल के दिन शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। वृश्चिक राशि वालों की किस्मत चमक सकती है। आज के दिन कुछ लोगों को मनचाही सफलता हासिल होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। धनु 22 अप्रैल का दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। काम के सिलसिले में ट्रैवल करना पड़ सकता है। दिन की शुरुआत में कुछ चुनौतियों आएंगी, जिनका सामना करना पड़ सकता है। मकर 22 अप्रैल के दिन नौकरी करने वाले जातकों को गॉसिप से बचना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए शाम का टाइम शुभ साबित हो सकता है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। कुंभ 22 अप्रैल के दिन किसी विशेष व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। विवाहित जातकों की लव लाइफ अच्छी रहेगी। कुंभ राशि वालों को किसी भी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। आज का सुबह का टाइम मिला-जुला रहने वाला है। मीन 22 अप्रैल का दिन मीन राशि के जातकों के लिए कुछ बड़े खर्चे लेकर आ सकता है। इससे आपका आर्थिक बजट हिल सकता है। आपको समय और धन दोनों को सोच-समझकर मैनेज करना चाहिए।

रिपोर्ट का दावा: US से भारत को 12 अरब डॉलर तक टैरिफ रिफंड, व्यापार को मिलेगी रफ्तार

नई दिल्ली अमेरिका में भारत से जुड़े टैरिफ रिफंड की राशि 10 से 12 अरब डॉलर के बीच होने की उम्मीद है। यह रिफंड अमेरिकी अधिकारियों द्वारा डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ के लिए 166 अरब डॉलर की क्लेम विंडो खोलने के बाद दिया जा रहा है, जिसे अमेरिकी अदालतों ने रद्द कर दिया था। यह जानकारी ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की ओर से जारी रिपोर्ट में दी गई। रिफंड की प्रक्रिया 20 अप्रैल को शुरू हुई और क्लेम केवल अमेरिका स्थित आयातकों द्वारा ही दायर किए जा सकते हैं, जिसका अर्थ है कि भारतीय निर्यातकों के पास रिफंड प्राप्त करने का कोई सीधा कानूनी रास्ता नहीं है। भारतीय कंपनियों को रिफंड का कोई हिस्सा पाने के लिए अब अमेरिकी खरीदारों के साथ बातचीत पर निर्भर रहना होगा। निर्यातकों को छूट साझा करने के लिए डील, कीमतों में बदलाव या भविष्य के अनुबंधों में बेहतर शर्तों की मांग करनी पड़ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ा रिफंड एक बड़े अवसर की ओर इशारा करता है, लेकिन चेतावनी दी गई है कि भारतीय निर्यातकों के लिए कोई भी वास्तविक लाभ उनकी बातचीत की ताकत और अमेरिकी भागीदारों के साथ वाणिज्यिक शर्तों को फिर से शुरू करने की उनकी क्षमता पर निर्भर करेगा। भारत से जुड़े रिफंड में सबसे अधिक हिस्सेदारी कपड़ा और परिधान, इंजीनियरिंग सामान और रसायन क्षेत्रों की होने की संभावना है, क्योंकि टैरिफ में अचानक बढ़ोतरी होने पर ये क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। टैरिफ के पहले चरण में उन व्यवसायों को शामिल किया गया है जिनकी प्रविष्टियों को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है, या आयात संबंधी आवेदन अभी भी सीमा शुल्क समीक्षा के अधीन हैं, और वे प्रविष्टियां, जिन्हें पिछले 80 दिनों के भीतर अंतिम रूप दिया गया है। इससे पहले अंतिम रूप दी गई प्रविष्टियों वाले व्यवसायों को क्लेम दाखिल करने से पहले बाद के चरणों का इंतजार करना होगा।

एयर विजिट में बड़ा संदेश: भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर जोर

वाशिंगटन सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने होनोलूलू में यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक के कमांडिंग जनरल, जनरल रोनाल्ड पी. क्लार्क और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए एक साझा दृष्टिकोण आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। जब जनरल द्विवेदी हवाई स्थित यूएस मिलिट्री बेस पर पहुंचे, तो फोर्ट शैफ्टर में उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया और उन्होंने ओहू द्वीप का हवाई दौरा भी किया। भारतीय सेना के अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने एक्स पोस्ट में इसकी जानकारी दी। बताया, "जनरल उपेंद्र द्विवेदी, सीओएएस, को यूएस आर्मी पैसिफिक की अपनी मौजूदा यात्रा के दौरान, हवाई के फोर्ट शैफ्टर में 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। उन्होंने अमेरिकी आर्मी पैसिफिक के कमांडिंग जनरल, जनरल रोनाल्ड पी. क्लार्क और अन्य वरिष्ठों के साथ बातचीत की। इस दौरान भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग मजबूत करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए एक साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर जोर रहा। सीओएएस ने ओहू द्वीप का हवाई दौरा भी किया, जिससे उन्हें ट्रेनिंग इकोसिस्टम और बहु-क्षेत्रीय परिचालन तत्परता की जानकारी मिली।" इस महीने की शुरुआत में, भारत और अमेरिका ने अपनी वायु सेनाओं के प्रमुखों के बीच हुई उच्च-स्तरीय बातचीत के दौरान अपनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी की फिर से पुष्टि की; इस बातचीत का मुख्य एजेंडा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आपसी तालमेल, प्रशिक्षण और क्षेत्रीय प्रतिरोधक क्षमता पर जोर देना था। यूएस वायु सेना के चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल केनेथ विल्सबैक ने 8 अप्रैल को भारतीय वायु सेना के प्रमुख, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की आधिकारिक यात्रा की मेजबानी की थी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सिंह का जॉइंट बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग में पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया गया और बाद में उन्होंने पेंटागन में वायु सेना के सचिव, ट्रॉय मिंक और विल्सबैक के साथ बैठक भी की। बातचीत के दौरान, यूएस वायु सेना के वरिष्ठ अफसरों ने बताया कि भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को वाशिंगटन बहुत महत्व देता है; उन्होंने इसे "एक स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र" सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। विल्सबैक ने समान विचारधारा वाले साझेदारों के साथ बहुपक्षीय अभ्यासों में भारत के नेतृत्व और भागीदारी की सराहना की, और इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के सहयोग का विस्तार करना क्षेत्रीय प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की कुंजी होगी। विल्सबैक ने कहा, "एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह की इस महत्वपूर्ण समकक्ष यात्रा की मेजबानी करना हमारे लिए सम्मान की बात थी। पेंटागन में हमने आधुनिकीकरण के प्रयासों, भविष्य के प्रशिक्षण अवसरों और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध इंडो-पैसिफिक की साझा प्रतिबद्धता पर मंथन किया।" वार्ताओं में भारत द्वारा एमक्यू-9बी स्काई गार्डियन विमान की खरीद पर भी चर्चा हुई, जिसमें अमेरिकी वायुसेना ने यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई कि भारतीय सशस्त्र बल इस प्लेटफॉर्म का डिलीवरी के बाद "सुगमता और प्रभावी ढंग से उपयोग" कर सकें। विल्सबैक ने भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण प्रयासों का समर्थन करने के लिए अमेरिकी वायुसेना की तत्परता को रेखांकित किया और रक्षा औद्योगिक सहयोग के पारस्परिक लाभों की ओर इशारा किया था। पेंटागन की बैठकों के बाद स्टाफ-स्तरीय वार्ताएं हुईं, जिनमें कई परिचालन क्षेत्रों पर चर्चा की गई, जैसे नेशनल गार्ड ब्यूरो का स्टेट पार्टनरशिप प्रोग्राम, एयर नेशनल गार्ड का एडवांस्ड एयरलिफ्ट टैक्टिक्स ट्रेनिंग सेंटर और एमक्यू-9 के पूर्ण-स्पेक्ट्रम संचालन। एयरचीफ मार्शल सिंह ने कहा कि इस तरह की सहभागिताएं दोनों वायुसेनाओं के बीच संयुक्त क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, "ऐसे अवसर हमारी संयुक्त इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने और हमारी वायुसेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।" एयरचीफ मार्शल सिंह ने कोलोराडो के पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का दौरा किया, जहां उन्हें नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड के मिशन के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें उत्तरी अमेरिका के लिए एयरोस्पेस और समुद्री चेतावनी शामिल है।

अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान—तमिलनाडु में M. K. Stalin का कोई विकल्प नहीं

चेन्नई आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चेन्नई में मीडिया से बातचीत करते हुए तमिलनाडु की राजनीति और मौजूदा हालात पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने डीएमके और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की जमकर तारीफ की। केजरीवाल ने कहा कि स्टालिन और उनकी पार्टी हमेशा उनके साथ खड़ी रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पांच सालों में तमिलनाडु में काफी विकास हुआ है और जब भी देश में कोई बड़ा मुद्दा सामने आता है, स्टालिन की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठती है। उन्होंने तमिलनाडु की जनता से अपील की कि वे डीएमके गठबंधन का समर्थन करें। उन्होंने बताया कि सोमवार को उन्होंने और स्टालिन ने एक साथ रोड शो किया था, जिसे लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला। उनके मुताबिक, स्टालिन एक बेहद लोकप्रिय नेता हैं और जनता उन्हें काफी पसंद करती है। स्टालिन और उनके रिश्ते भाई जैसे हैं और उनका समर्थन आगे भी जारी रहेगा। भाजपा पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि तमिलनाडु के लोग भाजपा की राजनीति को पसंद नहीं करते, इसलिए पार्टी राज्य में अपनी जगह नहीं बना पाई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एआईएडीएमके पूरी तरह भाजपा के प्रभाव में है। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि लोग एनडीए को वोट नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा को एक भी सीट मिलती है, तो वह यहां सरकार बनाने की कोशिश करेगी और इससे राज्य में हो रहे अच्छे कामों पर असर पड़ सकता है। केजरीवाल ने भाजपा को सबसे भ्रष्ट पार्टी बताते हुए कहा कि दिल्ली में भी लोग भाजपा से जल्दी ही परेशान हो गए हैं। गुजरात का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां लंबे समय से भाजपा की सरकार है, लेकिन हालात अच्छे नहीं हैं। वहीं, उन्होंने साफ किया कि अब वे इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। चेन्नई बहुत सुंदर शहर है और यहां के लोग स्टालिन के कामों की सराहना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता खुश है, तो किसी विकल्प की जरूरत नहीं होती, हालांकि लोकतंत्र में हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है, इसलिए विजय का चुनाव लड़ना भी स्वाभाविक है। केजरीवाल ने तमिलनाडु की ब्रेकफास्ट योजना की भी सराहना की और इसे एक अच्छी पहल बताया। उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर कहा कि यह असल में परिसीमन से जुड़ा मामला है, जो लोकतंत्र को प्रभावित कर सकता है, इसलिए उन्होंने इसका विरोध किया।

दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सम्राट चौधरी, बिहार के विकास रोडमैप पर अहम चर्चा

नई दिल्ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ दिनों बाद सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। सीएम बनने के बाद पहली बार सम्राट चौधरी राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। इस दौरान 'समृद्ध बिहार' पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी गई। पीएमओ की तरफ से पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच हुई मुलाकात की तस्वीरों को भी साझा किया गया है। वहीं, सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार मुलाकात की। 'विकसित भारत और समृद्ध बिहार' के विजन पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री का स्नेह एवं सहयोग बिहार की प्रगति को नई गति प्रदान कर रहा है।'' सूत्रों के मुताबिक, बिहार सीएम के इस दिल्ली दौरे के दौरान राज्य में होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हो सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसमें भाजपा कोटे से मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। वर्तमान में बिहार सरकार का मंत्रिमंडल अधूरा है और इसे जल्द से जल्द विस्तार देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। राज्य में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री ने ही शपथ ली थी। जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया गया, जबकि भाजपा कोटे से अभी तक किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया। बिहार में कुल 33 मंत्रियों का प्रावधान है, लेकिन अभी तक एक भी पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है। ऐसे में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती जल्द से जल्द कैबिनेट का विस्तार कर राज्य के विकास को गति देना है। बता दें कि 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे और अपनी सरकार के बहुमत को साबित करने की कोशिश करेंगे।

Ashwagandha पर नया नियम: पत्तियों के इस्तेमाल पर बैन, क्या जड़ है सुरक्षित? पूरी जानकारी

नई दिल्ली फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने खाने-पीने की चीजों में अपनी निगरानी बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से कई मिलावटी चीजों को पकड़ने के बाद अब FSSAI ने अश्वगंधा की पत्तियों के इस्तेमाल पर सीधी रोक लगाई है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए है कि अश्वगंधा का इस्तेमाल सिर्फ उसकी जड़ और एक्सट्रैक्ट तक ही सीमित रखा जाए, पत्तियों के इस्तेमाल पर कंपनियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने साफ कर दिया है कि अश्वगंधा का इस्तेमाल फिर चाहे कच्चा हो या उसका एक्सट्रैक्ट उसकी अनुमति नहीं है। FSSAI के साथ आयुष मंत्रालय ने भी दवा और प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को यही निर्देश जारी किए हैं। एडवाइजरी जारी करते हुए सरकार ने सभी हेल्थ सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने खाद्य उत्पादों पर साफ-साफ लेबल के साथ लिखेंगे कि उनमें अश्वगंधा का कितने प्रतिशत इस्तेमाल किया गया है। क्या है अश्वगंधा अश्वगंधा (Ashwagandha) आयुर्वेद की सबसे शक्तिशाली और प्रसिद्ध जड़ी-बूटियों में से एक है। इसे पुराने समय से लोग दवाइयों के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। 'अश्वगंधा' शब्द दो संस्कृत शब्दों से बना है, अश्व (घोड़ा) और गंध (महक)। ऐसा कहा जाता है कि इससे घोड़े के पसीने जैसी महक आती है और इसे खाने से उसके जैसी ताकत। इसका पौधा छोटा और झाड़ीदार होता है, जिसमें पीले फूल और लाल फल निकलते हैं। आयुर्वेद में सालों से इसकी जड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे फायदेमंद माना जाता है। पत्तियों पर क्यों लगाई रोक? अश्वगंधा की पत्तियों में रिएक्टिव विथानोलाइड्स की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर के लिए टॉक्सिक माने जाता है। इसका सेवन करने से लिवर, पेट और नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। सेहत को मद्देनजर यूरोपीय कंट्री पोलैंड और हंगरी ने पहले से ही इन पत्तियों के इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है। दवा बनाने वाली कंपनियां सस्ते होने की वजह से इसकी पत्तियों का इस्तेमाल कर रही थी क्योंकि जड़ काफी महंगी मिलती है। अश्वगंधा की जड़ खाने के फायदे अश्वगंधा की जड़ खाने से सेहत को कई तरह के फायदे मिलते हैं लेकिन इसके सेवन का तरीका भी सही होना चाहिए। ज्यादा खाने से ये खतरनाक भी हो सकता है। चलिए आपको इसके फायदे और नुकसान बताते हैं। फायदे-     तनाव कम करना- रिसर्च के मुताबिक, अश्वगंधा शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) के स्तर को कम करता है, जो कि एक स्ट्रेस हार्मोन है। इससे दिमाग शांत रहता है और स्ट्रेस लेवल कंट्रोल में रहता है।     मांसपेशियां होंगी मजबूत- एथलीट और जिम जाने वाले लोग ताकत बढ़ाने के लिए इसे खाते हैं। इसे खाने से मसल्स मजबूत हो जाती है।     नींद की कमी- अश्वगंधा की जड़ का सेवन करने से अनिद्रा की समस्या नहीं रहती। अगर आपको कम नींद आती है, तो ये ठीक कर देगा।     स्पर्म क्वालिटी- अश्वंगधा पुरुषों के लिए काफी फायदेमंद होती है। यह टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ाकर प्रजनन क्षमता को बेहतर करती है। साथ ही स्पर्म क्वालिटी को सुधारती है। नुकसान-     हड्डियों में दर्द- ज्यादा अश्वगंधा खाने से हड्डियों में दर्द या थायरॉइड की समस्या हो सकती है।     ब्लड प्रेशर के मरीज- अश्वगंधा बीपी वाले मरीजों को बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। इसे खाने से ब्लड प्रेशर घट या बढ़ सकता है, जो जानलेवा हो सकता है।     लिवर पर असर- ज्यादा अश्वगंधा का सेवन आपके लिवर पर असर डाल सकता है। साथ ही पेट संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

चुनाव से पहले बंगाल में बैन: बाइक रैली और डबल राइडिंग पर रोक, जानें वजह

कोलकाता पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने मोटरसाइकिल के उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लगाये हैं। आयोग द्वारा 20 अप्रैल को जारी अधिसूचना के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी प्रकार की बाइक रैली की अनुमति नहीं होगी। आयोग के सूत्रों के अनुसार, यह देखा गया है कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद भी राजनीतिक दल बाइक रैलियां निकालते हैं, जिनके जरिए कई मामलों में मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। जिला चुनाव अधिकारियों (DEOs), पुलिस कमिश्नरों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित एक आदेश में CEO ने कहा कि मोटरसाइकिल रैलियों पर पूरी तरह से बैन है, इसमें कोई छूट नहीं है। एक चुनाव अधिकारी ने कहा, "आयोग मतदाताओं को डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा, इसलिए बाइक रैलियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।" इसके अलावा, इस अवधि में शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक मोटरसाइकिलों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी, सिवाय आपात स्थितियों जैसे चिकित्सा या जरूरी पारिवारिक कारणों के। बाइक पर पीछे बैठने पर भी रोक इस आदेश में कहा गया है कि सुबह छह बजे से शाम छह बजे के बीच भी पिलियन राइडिंग (पीछे बैठकर सफर) पर रोक रहेगी, हालांकि चिकित्सा आपात स्थिति या आवश्यक कार्य जैसे स्कूल बच्चों को ले जाने की स्थिति में छूट दी जा सकती है। चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक, हालांकि, मतदान के दिन सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक सीमित छूट दी जाएगी, जिसमें परिवार के सदस्यों को मतदान और आवश्यक कार्यों के लिए दोपहिया वाहन पर यात्रा की अनुमति होगी। संकरी गलियों से कैश या शराब ले जाने पर लगेगी रोक CEO के दफ़्तर के एक अधिकारी ने बताया कि राजनीतिक पार्टियां कभी-कभी संकरी गलियों और उप-गलियों से कैश या शराब ले जाने के लिए मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करती हैं, जहाँ आमतौर पर मुख्य सड़कों पर चार-पहिया वाहनों पर नजर रखने वाली चौकियाँ नहीं होतीं। उनके अनुसार, "इन पाबंदियों का मकसद मतदाताओं को प्रलोभन देने के इस तरीके को खत्म करना और बिना किसी हिंसा के चुनाव का माहौल सुनिश्चित करना है।" अधिकारियों को इन निर्देशों का व्यापक प्रचार करने और जिला पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय कर सख्ती से लागू करने के निर्देश दिये गये हैं। यह कदम मतदान से पहले के 48 घंटे के मौन अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की डराने-धमकाने की गतिविधियों, अवैध जुटान और चुनाव प्रक्रिया में बाधा को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। ऐप-आधारित डिलीवरी करने वालों के लिए मुश्किल चुनाव आयोग के इस आदेश से ऐप-आधारित डिलीवरी करने वालों पर इसके लागू होने को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। इनमें से कई लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए मोटरसाइकिलों पर निर्भर हैं और पूरी रात काम करते हैं। इस निर्देश में बाइक चलाने वालों की इस श्रेणी का कोई खास ज़िक्र नहीं है। आदेश में DEOs और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के साथ-साथ ज़िला और ब्लॉक-स्तर के प्रचार तंत्र के ज़रिए इन पाबंदियों का व्यापक प्रचार करें, और इनके सख़्त पालन और निगरानी के लिए आपस में तालमेल बिठाएँ। आदेश में कहा गया है, "किसी भी ऐसे उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में कोई रुकावट या बाधा पैदा हो।"

JDU में बदलाव: नीतीश कुमार ने श्रवण को विधायक दल का नेता बनाया, तीन दिन पहले बढ़ी थी सुरक्षा

पटना. बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत श्रवण कुमार को बिहार विधानसभा में जदयू विधायक दल का नेता चुना गया है। उनके नाम को औपचारिक रूप से विधानसभा भेजे जाने के बाद अधिसूचना भी जारी कर दी गई। यह निर्णय नीतीश कुमार द्वारा लिया गया, जिन्हें हाल ही में जदयू विधायक दल का नेता चुनने के लिए अधिकृत किया गया था। श्रवण कुमार पूर्व मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाते हैं और पूर्व सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ श्रवण कुमार नालंदा विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1995 से लगातार विधायक चुने जाते रहे हैं। उनका यह अनुभव पार्टी के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है। कयासों पर लगा विराम 20 अप्रैल को हुई जदयू विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चयन के लिए अधिकृत किया गया था। इसके बाद कई नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन नीतीश कुमार ने सभी कयासों पर विराम लगाते हुए श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगा दी। बढ़ाई गई सुरक्षा, बढ़ी जिम्मेदारी गौरतलब है कि हाल ही में श्रवण कुमार की सुरक्षा बढ़ाकर उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह निर्णय उनके बढ़ते राजनीतिक महत्व को दर्शाता है। संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश इससे पहले जदयू के वरिष्ठ नेता व‍िजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया जा चुका है। ऐसे में श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता बनाकर पार्टी ने संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है।

रॉबर्ट पेप ने समझाई ईरान की मजबूती, ‘चौथी सबसे बड़ी ताकत’ बनने की वजह

तेहरान  क्या दुनिया अब तक ईरान को समझने में बहुत बड़ी भूल कर रही थी? क्या पश्चिमी देश जिस ईरान को एक ‘कमजोर’ देश मान रहे थे, वह असल में दुनिया का एक नया पावर सेंटर बन चुका है? मशहूर अमेरिकी रणनीतिकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ रॉबर्ट पेप ने कहा, दुनिया का नजरिया अब ईरान को लेकर पूरी तरह से बदल रहा है. उन्‍होंने एक्‍स पर ल‍िखा, ईरान अब वो नहीं, जो हम उसे समझ रहे थे।  ज‍िस वक्‍त ईरान अमेर‍िका के सामने सीना ठोककर खड़ा है, ठीक उसी वक्‍त रॉबर्ट पेप ने यह बातें कहीं. अमेरिकी टीवी शो ‘मॉर्निंग जो’ की एक चर्चा का हवाला देते हुए उन्‍होंने कहा कि अब तक पश्चिमी मीडिया में इस बात पर बहस होती थी कि ईरान कितना कमजोर हो चुका है. लेकिन अब अचानक पूरी बहस का रुख बदल गया है. अब वहां चर्चा इस बात पर हो रही है कि ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) का क्या होगा और ईरान के साथ नेगोशिएशन कैसे किया जाए. पेप के मुताबिक, अब दुनिया समझ गई है कि ईरान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।  बहुत बड़ा चेंज आ गया     पेप का कहना है कि यह वैश्विक नजरिए में एक बहुत बड़ा और गहरा बदलाव है. दुनिया अब ईरान को ‘सुलझाई जाने वाली एक समस्या’ के रूप में नहीं देख रही है. बल्कि अब उसे एक ऐसी ‘बड़ी ताकत’ के रूप में देखा जा रहा है, जिसका लोहा मानना ही पड़ेगा. पेप के मुताबिक, दुनिया में नए ‘पावर सेंटर’ यानी शक्ति के केंद्र इसी तरह से उभरते हैं. उन्होंने बताया कि दो हफ्ते पहले ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अपने लेख में उन्होंने ठीक यही बात कही थी।      तब पेप ने लिखा था कि ईरान बिखर नहीं रहा है, बल्कि ‘होर्मुज’ का इस्तेमाल करके वह एक टिकाऊ ताकत बन रहा है. तब लोगों को उनकी बात अजीब लगी थी, लेकिन आज वही बात एक सच्चाई बन चुकी है. रॉबर्ट पेप ने समझाया कि आखिर ईरान के हाथ में ऐसी कौन सी चाबी है. इसका जवाब है ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’. यह दुनिया का वो संकरा समुद्री रास्ता है, जहां से हर दिन लगभग 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता है. यह पूरी दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का करीब 25 फीसदी है।      एशिया से लेकर खाड़ी देशों की पूरी अर्थव्यवस्था इसी एक समुद्री रास्ते पर टिकी हुई है. पेप कहते हैं कि जो भी देश इस ‘चोकपॉइंट’ को कंट्रोल करेगा, वह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की ताकत रखेगा. ईरान की इस नई ताकत के पीछे उसकी एक बेहद स्मार्ट रणनीति है. पेप इसे ‘दबदबा’ नहीं, बल्कि ‘डिनायल’ की नीति कहते हैं।      ईरान को इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह से बंद करने की कोई जरूरत नहीं है. वह सिर्फ अपनी मिसाइलों, ड्रोन्स, समुद्री सुरंगों और अपनी शानदार भौगोलिक स्थिति का इस्तेमाल करके वहां एक लगातार बना रहने वाला ‘खतरा’ पैदा कर रहा है. इस रास्ते पर सिर्फ ‘अनिश्चितता’ का खौफ पैदा करना ही दुनिया का व्यवहार बदलने के लिए काफी है. ईरान बिना रास्ता ब्लॉक किए ही अपना काम निकाल रहा है।  वेस्‍ट के ल‍िए यह कड़वी सच्‍चाई रॉबर्ट पेप ने पश्चिमी देशों और अमेरिका के सामने एक बहुत बड़ी सच्चाई रखी है. उनका कहना है कि इस स्थिति ने दुनिया के सामने एक गहरी चुनौती पेश कर दी है. अब दो ही विकल्प बचे हैं. या तो पूरी दुनिया ईरान को ग्लोबल पावर के ‘चौथे केंद्र’ के रूप में स्वीकार कर ले, या फिर ईरान के इस दबदबे को तोड़ने के लिए एक ऐसी जंग छेड़े, जिसकी भयंकर कीमत पूरी दुनिया को चुकानी पड़ेगी. पेप इसे ‘द एस्केलेशन ट्रैप’ यानी बढ़ते तनाव का जाल कहते हैं। 

लोक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नवाचार जरूरी : मंत्री काश्यप

भोपाल.  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा है कि लोकहित कार्यों के बेहतर परिणामों के लिए लोक सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होते रहना चाहिए। जिन्होने लोक सेवा का संकल्प लिया है उन्हें गहन चिंतन और निरंतर आत्मविश्लेषण की आवश्यकता होती है। मंत्री काश्यप मंगलवार को आसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री काश्यप ने कहा कि लोक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नवाचार की आवश्यकता होती है। लोक महत्व की सेवाओं तक सभी हितग्राही लोगों की पहुंच आसान होना चाहिए। उन्होने भारतीय सिविल सेवा की स्थापना में सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में सिविल सेवा की स्थापना एक अभूतपूर्व कार्य था। उन्होने कहा कि भारत की सिविल सेवा हर प्रकार से मजबूत है। वास्तविक अर्थ में इसका स्टील फ्रेम है। उन्होने कहा कि कोरोना संकट में कई देशों में प्रशासनिक सेवाओं के तंत्र चरमरा गये थे लेकिन भारत में पूरी दक्षता और क्षमता से सिविल सेवा तंत्र ने काम किया और सेवाएं दी। उन्होने कहा कि योग्यता, संस्कार और समर्पण के संगम से यह संभव हो पाया। मंत्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश निरंतर अपना योगदान देने के लिए तैयार है। आज मध्यप्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आकर विकासशील प्रदेश बन चुका है और तेजी से विकास कर रहा है। उन्होने कहा कि जन सुनवाई जैसी प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावी सिद्ध हुई हैं। मंत्री काश्यप ने वर्ष 2024-25 के लिए नागरिक सेवा, शिक्षा एवं मानव संसाधन, सामाजिक समावेश और स्वास्थ्य एवं पोषण सेवा श्रेणियों में नवाचार और उत्कृष्ट सेवाओं के लिये नौ विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और मार्गदर्शी लोकसेवकों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने लोक सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि लोक सेवा दिवस आत्मपरीक्षण कर नये संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का अवसर है। उन्होने कहा कि साढे नौ लाख अधिकारी-कर्मचारी "आई गाट पोर्टल" पर रजिस्टर हुए यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होने कहा कि भूमिका आधारित प्रशासन प्रभावी होगा। मध्यप्रदेश 490 कोर्स के साथ अन्य प्रदेशों से आगे है। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारी को बधाई दी। लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी जैसी मध्यप्रदेश की पहल को अन्य प्रदेशों ने लागू किया। प्रदेश में नीति निर्माण प्रक्रिया में प्रशासन तंत्र की भूमिका सहयोगकर्ता की है। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि प्रशासनिक नियमों और नीतियों के क्रियान्वयन में नवाचारी पहल से प्रभावी परिणाम मिलते हैं। समस्याओं के प्रभावी समाधान मिलते हैं जो लंबे समय तक प्रभावी रहते हैं। उन्होने लोक सेवकों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यव्यवहार में लोकहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मप्र बना मॉडल क्षमता विकास आयोग के पूर्व अध्यक्ष आदिल जैनुलभाई ने 'कर्मचारी से कर्मयोगी' विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि अधिकारियों-कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने और क्षमता निर्माण में मध्यप्रदेश ने देश में प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होने कहा कि 50 से ज्यादा विभागों की क्षमता निर्माण कार्ययोजनाएं बन चुकी हैं और 490 से ज्यादा हिन्दी में कोर्स आईगाट पोर्टल पर उपलब्ध है। अब अन्य राज्य भी मध्यप्रदेश में ऑनलइन ट्रेनिंग मॉडल अपना रहे हैं। उन्होने कहा कि लोक सेवकों को निरंतर सीखते रहने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि टेक्नॉलाजी के आने और निरंतर परिवर्तनशील होने से कार्य की गति भी बढ़ गई है। इसके लिये एआई टूल्स का उपयोग अब जरूरी हो गया है। मंत्री काश्यप ने कहा कि कि अब कार्य की आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण पाठयक्रम तैयार किए जा सकते हैं। इस प्रकार सीखने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। विकसित भारत के लिए सीखना जरूरी हो गया है। उन्होने कहा कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी को रोजाना 15 मिनट आईगाट पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। नवाचारों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार नवाचारों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में प्रत्येक को एक लाख रूपये की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। नागरिक सेवा प्रदाय सूचना प्रौदयोगिकी एवं सुशासन श्रेणी में गैर वन भूमि एवं जंगल से दूरी के प्रमाण पत्र ऑनलाईन जारी करने हेतु सॉफ्टवेयर का विकास, नवीनीकृत राजस्व अभिलेखागार एवं डिजिटल रिकॉर्ड लोकेशन प्रणाली, सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने हेतु "पुलिस चौपाल अभियान, बजट साहित्य के साथ नवाचार के रूप में वित्त विभाग द्वारा "मेरा बजट पुस्तिका" का प्रकाशन को पुरस्कृत किया गया। शिक्षा एवं मानव संसाधन विकास श्रेणी में रोचक सहायक अधिगम सामग्री के माध्यम से शिक्षण कार्य, सामाजिक समावेश एवं सशक्तीकरण श्रेणी में शक्ति दीदी योजना अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को रोजगार दिलाने का कार्य, श्रम संबंधी अर्धन्यायिक प्रकरणों के निराकरण के लिये लेबर केसेस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल, सुपर-100 योजना में विदयार्थियों का वृहद स्तर पर जेईई और नीट में चयन, स्वास्थ्य एवं पोषण श्रेणी में मातृ-मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर करने में परिणाममूलक कार्य के लिये पुरस्कार दिये गये । साधना सप्ताह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों को सम्मान कार्यक्रम में साधना सप्ताह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों को पुरस्कृत किया गया। दस हजार से अधिक लोकसेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन में प्रथम स्थान पर जनजातीय कार्य विभाग, द्वितीय स्थान पर उच्च शिक्षा विभाग और तृतीय स्थान पर स्कूल शिक्षा विभाग को पुरस्कृत किया गया। एक हजार से 10000 लोकसेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये प्रथम स्थान पर आयुष विभाग, द्वितीय स्थान पर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग और तृतीय स्थान पर जेल विभाग को पुरस्कृत किया गया। एक हजार से कम लोकसेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन में प्रथम स्थान पर पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, द्वितीय स्थान पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग और तृतीय स्थान पर जनसंपर्क विभाग को पुरस्कृत किया गया। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे ने सिविल सेवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा और बड़ी संख्या में लोक सेवक उपस्थित थे। उप सचिव, मुख्यमंत्री सुधीर कोचर ने कार्यक्रम का संचालन किया। संचालक प्रशासन अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने आभार व्यक्त किया।