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वैश्विक पहचान बना रहा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क : मंत्री टेटवाल

भोपाल. 
संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में मध्यप्रदेश के कौशल विकास मॉडल की व्यापक और प्रभावी प्रस्तुति उस समय देखने को मिली, जब फिलीपींस की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के 24 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान का विस्तृत भ्रमण कर इसकी कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था और उद्योग-आधारित दृष्टिकोण को गहराई से समझा। यह दौरा प्रदेश में विकसित हो रहे कौशल तंत्र की वैश्विक स्वीकार्यता और बढ़ती विश्वसनीयता का स्पष्ट संकेत बना।

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को ऐसी आधुनिक और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना है, जिससे वे सीधे रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क देश का पहला पूर्णतः संचालित बहु-कौशल प्रशिक्षण केंद्र है, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। मंत्री टेटवाल एवं प्रतिनिधि मण्डल के बीच स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान हुआ।

मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि यह संस्थान आज एशिया स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि यहाँ आकर इसकी कार्यप्रणाली को समझ रहे हैं तथा अपने देशों में इस प्रकार के संस्थान स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ प्रशिक्षित युवा देश और विदेश में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 1200 क्षमता वाले छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है तथा बढ़ती मांग को देखते हुए समान क्षमता के नए छात्रावास का विस्तार किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने से हुई, जिसके बाद प्रतिनिधिमण्डल एवं संस्थान के कोर्स हेड एवं प्रिंसिपल हेड द्वारा एक-दूसरे को पद और भूमिका का परिचय दिया गया। सीईओ गिरीश शर्मा द्वारा संस्थान की उपलब्धियों और संरचना के संबंध में जानकारी दी गयी। प्रतिनिधि मण्डल को ऑडियो-विजुअल के माध्यम से संस्थान की विकास यात्रा और उपलब्धियों से अवगत कराया गया। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्य परिसर एवं सिटी परिसर की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, ऑडिटोरियम, मीडिया कक्ष, पुस्तकालय और जीवन कौशल क्लब का भ्रमण किया गया। प्रतिनिधियों ने लाइव प्रदर्शन देखे और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए प्रशिक्षण की व्यावहारिकता एवं गुणवत्ता की सराहना की।

इस दौरान करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ का शुभारंभ किया गया। साथ ही लीडरशिप मास्टर क्लास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं प्रोत्साहन वाउचर प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में अंकित प्रजापति को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सिटी परिसर में प्रिसिजन इंजीनियरिंग से संबंधित सीएनसी एवं पारंपरिक प्रयोगशालाओं का गहन अवलोकन किया। हब एवं स्पोक मॉडल के अंतर्गत विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रस्तुति दी गई, जिसमें विकेन्द्रीकृत प्रशिक्षण प्रणाली को स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित किए जाने की जानकारी साझा की गई।

संवाद सत्र में प्रशिक्षण प्रक्रियाओं, पाठ्यक्रम संरचना, उद्योग सहभागिता और प्लेसमेंट व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने आगामी वैकल्पिक पाठ्यक्रमों की जानकारी साझा की, वहीं प्रतिनिधिमंडल ने भी अपने क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क को प्रस्तुत किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच ज्ञान और श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान हुआ। इस अवसर पर उन्नत नेटवर्किंग एवं प्रणाली प्रशासन पाठ्यक्रम के अंतर्गत सिस्को नेटवर्किंग अकादमी का शुभारंभ किया गया, जो वैश्विक स्तर की प्रशिक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागृह में आयोजित दोपहर भोज के दौरान प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के बीच सार्थक संवाद हुआ। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा और विशेष रुचि दिखाई।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल द्वारा वृक्षारोपण किया गया, जो सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास प्राधिकरण के निदेशक गिल्बर्ट एम. कास्त्रो, स्टीफन आई. सीज़र, एशियन विकास बैंक की शिक्षा क्षेत्र की प्रधान परियोजना अधिकारी श्रीमती पूनम शर्मा भाम्बरी तथा आईपीई ग्लोबल के सदस्य सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।

 

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