samacharsecretary.com

अमेरिका की दिग्गज कंपनी का भारत में बड़ा कदम, 1.10 लाख करोड़ में फर्म खरीदी, शेयर बने रॉकेट

मुंबई 
भारत की बड़ी फार्मा कंपनी ने अमेरिका की एक बड़ी कंपनी को खरीदने का ऐलान किया है. यह कंपनी अमेरिका के स्‍टॉक एक्‍सचेंज में लिस्‍ट भी है. इस डील के बाद भारत की कंपनी सन फार्मा की ग्‍लोबल स्‍तर पर पकड़ और भी मजबूत हो जाएगी. इस ऐलान के बाद जैसे ही शेयर बाजार खुला, सन फर्मा के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। 

सन फार्मा ने जिस अमेरिकी कंपनी को खरीदने का फैसला किया है, उसका नाम ऑर्गेनॉन है. यह कोई छोटी डील नहीं है, बल्कि  11.75 अरब डॉलर या करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये की डील है. यह भारतीय फार्मा सेक्‍टर के इतिहा की सबसे बड़ी विदेशी खरीद में से एक मानी जा रही है। 

सन फार्मा इस कंपनी की 100 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीदेगी, जिसके तहत अमेरिकी कंपनी के शेयर होल्‍डर्स को 14 डॉलर प्रति इक्विटी कैश मिलेगा. यह कीमत ऑर्गेनॉन के शुक्रवार के बंद भाव से करीब 24% प्रीमियम पर है. यानी सन फार्मा कंपनी को बाजार भाव से ज्यादा कीमत देकर खरीद कर रही है। 

शेयर में आई धांसू तेजी
सन फार्मा के शेयर सोमवार को शानदार तेजी पर कारोबार करते हुए दिखाई दिए. कंपनी के शेयर 4.85% चढ़कर 1,699 रुपये पर पहुंच गए. हालांकि, एक साल, छह महीने और एक महीने के दौरान शेयर ने मामूली निगेटिव रिटर्न दिया है. लेकिन पांच सालों के दौरान इस शेयर में 160 फीसदी की तेजी आई है। 

क्‍यों खास मानी जा रही ये डील? 
सन फार्मा की ये डील कई स्‍तरों पर खास मानी जा रही है. अभी तक यह जेनेरिक दवाओं के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन इस डील के बाद इसे एक नई ताकत मिलेगी. यह कई और स्‍तर पर अपनी पहचान बना सकता है और कारोबार का विस्‍तार कर सकता है. ग्‍लोबल स्‍तर पर भी इसकी पकड़ मजबूत होने वाली है। 

महिला स्‍वास्‍थ्‍य: ऑर्गेनॉन दुनिया की टॉप 3 महिला स्वास्थ्य कंपनियों में गिनी जाती है. इसका एक बड़ा नेटवर्क अब सनफार्मा को मिलेगा। 

बायोसिमिलर में एंट्री: सन फार्मा की बायोसिमिलर में मौजूदगी सीमित थी. अब यह डील कंपनी को दुनिया का सातवां सबसे बड़ा बायोसिमिलर प्‍लेयर बन सकता है। 

ग्लोबल स्केल बढ़ेगा: दोनों कंपनियों की कुल आमदानी 12.4 अरब डॉलर या करीब 1.16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here