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28 अप्रैल का राशिफल: मेष से मीन तक, आज का दिन कैसा रहेगा—पढ़ें पूरी भविष्यवाणी

मेष राशि- दिन ठीक रहेगा, लेकिन शुरुआत थोड़ी सुस्त। काम खुद पकड़ना पड़ेगा, कोई आपकी मदद नहीं करेगा। दोपहर के बाद चीजें अपने आप सेट होंगी। पैसा आता दिखेगा लेकिन हाथ में रुकने में टाइम लगेगा। घर में किसी बात पर हल्की तकरार हो सकती है, ज्यादा खींचना ठीक नहीं। सेहत में गर्मी या थकान महसूस हो सकती है। वृषभ राशि- आज दिमाग ज्यादा भागेगा, काम कम होगा। एक साथ कई चीजों में उलझ सकते हैं। ऑफिस में छोटी गलती भी बड़ी बन सकती है, इसलिए ध्यान रखना जरूरी है। खर्च कंट्रोल से बाहर जा सकता है। घर में माहौल ठीक है, लेकिन मूड आपका ही गड़बड़ रहेगा। खाना-पीना टाइम पर रखें। मिथुन राशि- काम के लिहाज से अच्छा दिन। कोई नई जानकारी या संपर्क काम आ सकता है। जो बात पिछले कुछ दिनों से अटकी थी, उसमें हल निकल सकता है। दोस्त या सहकर्मी मदद करेंगे। रिलेशन में बात साफ रखें, वरना गलतफहमी जल्दी बनती है। सेहत सामान्य। कर्क राशि- जिम्मेदारियां आज ज्यादा लगेंगी। घर और काम दोनों जगह आपकी जरूरत पड़ेगी। फैसला लेते समय थोड़ा रुककर सोचें। पैसा ठीक है, लेकिन खर्च भी साथ-साथ बढ़ेगा। परिवार साथ देगा। मन थोड़ा भारी रह सकता है, लेकिन दिन निकल जाएगा। सिंह राशि- आज आप थोड़ा आगे रहेंगे। काम में आपकी बात सुनी जाएगी। कोई पुराना काम पूरा हो सकता है। यात्रा का प्लान बन सकता है। पैसा ठीक आएगा। रिश्तों में माहौल अच्छा रहेगा। बस ज्यादा ओवर मत हो जाना, नहीं तो बात बिगड़ती देर नहीं लगेगी। कन्या राशि- छोटी चीजें आज बड़ी बन सकती हैं। डिटेल मिस मत करना। काम में सुधार करने का मौका मिलेगा। पैसा सोच-समझकर खर्च करें। घर में शांति रहेगी। रिलेशन में ज्यादा उम्मीद न रखें। सेहत ठीक, लेकिन कमजोरी लग सकती है। तुला राशि- आज बैलेंस बनाना पड़ेगा। काम और घर दोनों में ध्यान देना होगा। ऑफिस में नया काम मिल सकता है। पैसा ठीक रहेगा। किसी बात को लेकर मन में उलझन रह सकती है। रिश्तों में साफ बात करना बेहतर रहेगा। वृश्चिक राशि- फोकस अच्छा रहेगा। जो काम अटका था, उसमें आज मूवमेंट आएगा। पैसा मिलने के संकेत हैं। परिवार का साथ रहेगा। रिलेशन में बात गहरी होगी। बस गुस्से पर कंट्रोल रखना जरूरी है। धनु राशि- धैर्य रखना पड़ेगा। काम में देरी होगी लेकिन रिजल्ट खराब नहीं आएगा। पैसा आता-जाता रहेगा। दोस्तों से बात या मुलाकात हो सकती है। रिलेशन में सीधी बात करें। शरीर थोड़ा थका हुआ लग सकता है। मकर राशि- मेहनत दिखेगी और उसका असर भी दिखेगा। ऑफिस में इमेज मजबूत होगी। नया मौका मिल सकता है। पैसा स्थिर रहेगा। घर में माहौल ठीक। रिलेशन में भरोसा बना रहेगा। सेहत अच्छी। कुंभ राशि- नए आइडिया आएंगे लेकिन उन्हें जमीन पर लाने में मेहनत लगेगी। काम में क्रिएटिव सोच काम आएगी। पैसा संभालकर खर्च करें। रिश्तों में थोड़ा स्पेस देना बेहतर रहेगा। सेहत ठीक है। मीन राशि- मन आज जल्दी बदलता रहेगा। एक बात पर टिकना मुश्किल होगा। काम में ध्यान लगाना पड़ेगा वरना गड़बड़ हो सकती है। पैसा संभालकर रखें। परिवार साथ देगा। रिलेशन में नरमी रखनी पड़ेगी। सेहत में हल्का सुधार रहेगा।

गांव की महिलाओं ने हाथ करघे को बनाया आत्मनिर्भरता का जरिया, जानें सफलता का राज

रायपुर ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ने अपने सामूहिक प्रयास, मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर ऐसी सफलता की कहानी रची है, जो न केवल आर्थिक उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएँ यदि अवसर और सहयोग प्राप्त करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर सकती हैं। धमतरी जिले के छोटे से ग्राम नारी में आज आत्मनिर्भरता, परंपरा और नवाचार का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कभी सीमित संसाधनों और अवसरों वाला यह गाँव अब ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।  परंपरा से जुड़ी नई शुरुआत  नारी गाँव में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी, लेकिन पड़ोसी राज्य ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस क्षेत्र में कदम रखा। संबलपुरी साड़ियाँ अपनी विशेष इकत डिज़ाइन और आकर्षक रंगों के लिए जानी जाती हैं, जिन्हें बनाने के लिए उच्च कौशल और धैर्य की आवश्यकता होती है।  सरकार का मजबूत सहयोग   छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समिति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत नियमित रूप से धागा प्रदाय किया जा रहा है, जिससे बुनकरों को नियमित रोजगार तथा समितियों को सुचारु संचालन हेतु सेवा प्रभार के रूप मे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही नवीन बुनाई प्रशिक्षण तथा बुनकरों को नवीन करघे वितरण से उत्पादन क्षमता बढ़ी है। इस सहयोग से समिति आर्थिक रूप से सशक्त हुई है तथा बाजार मांग के अनुरूप वस्त्र तैयार करने मे सक्षम हुई है।  बढ़ता बाजार और आय  आज ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्राम नारी द्वारा तैयार की गई साड़ियों की बिक्री मुख्य रूप से ओडिशा के बाजारों में होती है। वर्तमान मे समिति द्वारा माह मे 300-400 साड़ियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे समिति का मासिक कारोबार लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुँच चुका है, जो ग्रामीण स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है।  महिलाओं का सशक्तिकरण   इस पहल ने न केवल आय के स्रोत को बढ़ाया है बल्कि, महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दी है तथा सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित की है। जो महिलाएँ पहले इस कार्य से अनभिज्ञ थीं, वे आज कुशल बुनकर बन चुकी हैं और आत्मविश्वास के साथ उत्पादन में योगदान दे रही हैं। पूर्व मे शासकीय वस्त्र उत्पादन से जो महिलाएं प्रतिदिन 300-350 रुपये कमाती थी, वे आज 550-600 रुपये काम रही है। भविष्य मे अतिरिक्त कौशल उन्नयन प्रशिक्षण तथा दक्षता से वे 1000-1200 रुपये प्रतिदिन कमाने मे सक्षम हो सकेंगी।    भविष्य की दिशा   ग्राम नारी की यह सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से बढ़ रही है। यदि इसे आगे ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुँच का समर्थन मिले, तो यह और भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है। यह कहानी दर्शाती है कि जब सरकारी सहयोग और समुदाय की मेहनत साथ आती है, तो छोटे गाँव भी सफलता की बड़ी मिसाल बन सकते हैं।

एंबुलेंस देरी पर सवाल: हाईकोर्ट में जनहित याचिका, ओला-उबर से हुई तुलना

जबलपुर  हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने प्रदेश से गुजरने वाले राजमार्गों में अवैध कट-प्वाइंट्स को चुनौती के मामले में जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग के एसीएस सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। जनहित याचिकाकर्ता डिंडौरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी महावीर सिंह ने अपना पक्ष स्वयं रखा। उन्होंने दलील दी कि जब ओला-उबर जैसी गाड़ियां दो मिनट के भीतर पहुंच जाती हैं, तो एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंचती है। उन्होंने बताया कि भोपाल-जबलपुर हाईवे में डिवाइडर तोड़कर 300 कट बना लिए हैं, इससे स्पीड कम होती है और दुर्घटनाएं भी बढ़ती हैं। प्रदेश से गुजरने वाले राजमार्गों में अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती हैं, यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। लिहाजा, जनहित याचिका को बेहद गंभीरता से लिया जाए। कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है। जवाब आने के बाद आगे दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

विज्ञान के प्रति नई दृष्टि हुई विकसित

भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित 18वीं विज्ञान मंथन यात्रा का समापन सोमवार को नेहरू नगर स्थित विज्ञान भवन भोपाल में उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में हुआ। 21 से 27 अप्रैल तक आयोजित इस ज्ञानयात्रा में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं वैज्ञानिकों ने सहभागिता करते हुए विज्ञान के प्रति नई दृष्टि विकसित की।यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कक्षा शिक्षा से आगे बढ़ाकर विज्ञान के व्यावहारिक एवं अनुप्रयुक्त स्वरूप से परिचित कराना था। इस दौरान प्रतिभागियों ने देश के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण किया, जिसमें श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, बेंगलुरु स्थित इसरो के उन्नत अनुसंधान प्रतिष्ठान, इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क और चेन्नई के वैज्ञानिक संग्रहालयों एवं प्लेनेटेरियम का अवलोकन शामिल रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा ने ‘विज्ञान’ एवं ‘मंथन’ की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि विज्ञान सत्य की खोज की सतत प्रक्रिया है, जबकि मंथन निरंतर चिंतन एवं आत्मविश्लेषण का प्रतीक है। दोनों के समन्वय से नवाचार एवं सृजन की संभावनाएँ विकसित होती हैं। इस अवसर पर मैपकास्ट के निदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि विज्ञान केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से जीवन में उतरने वाली प्रक्रिया है। कार्यक्रम में डॉ. वी.के. कटारे, मिशन एक्सीलेंस प्रभारी डॉ. सुनील गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न समूहों के चयनित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने बताया कि रॉकेट प्रक्षेपण स्थल, उपग्रह नियंत्रण प्रणाली तथा अंतरिक्ष अनुसंधान की जटिल प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष देखने से उनके ज्ञान, जिज्ञासा एवं आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।ग्रुप हेड डॉ. रामानुज पाठक, डॉ. राजकुमार शर्मा एवं सीमा अग्निहोत्री सहित शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस यात्रा से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुशासन, टीमवर्क एवं जिज्ञासा का विकास हुआ है तथा कक्षा-कक्ष से बाहर सीखने की यह पद्धति अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई है।कार्यक्रम के अंत में मिशन एक्सीलेंस प्रभारी डॉ. सुनील गर्ग ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी प्रतिभागियों, आयोजकों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। समापन अवसर पर यह स्पष्ट हुआ कि विज्ञान मंथन यात्रा केवल एक शैक्षणिक भ्रमण नहीं, बल्कि एक प्रभावी ज्ञानयात्रा है, जो विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर उन्हें भविष्य में नवाचार एवं अनुसंधान के लिए प्रेरित करती है। 

4 लाख 20 हजार किसानों से 17 लाख 82 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थिति के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिकटन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही गेहूं का उपार्जन भी किया जा रहा है। दो दिन में बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 36 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.23 लाख किसानों द्वारा 52.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके है। प्रदेश में 4 लाख 20 हजार 277 किसानों से 17 लाख 82 हजार 984 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को 2546.92 करोड़ रुपये के भुगतान के लिये ईपीओ जनरेट किए गए। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थाल, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्थाए की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के पीसी सेप पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यसवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूं की भर्ती जूट बारदाने के साथ-साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यावस्था की गई है, जिससे उपार्जित गेहूं का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।  

बीते चार वर्ष में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आया सकारात्मक बदलाव

भोपाल  मध्यप्रदेश में संचालित सांदीपनि विद्यालय शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की अनूठी नजीर पेश कर रहे हैं। एमपी बोर्ड के हाल ही जारी 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय मेरिट में स्थान पाने में सफलता हासिल की है। इतना ही नहीं, एमपी बोर्ड की इन परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम साल दर साल बेहतर हो रहा है। विगत चार वर्षों में सांदीपनि विद्यालयों ने 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों में 20 से 28 प्रतिशत तक का सुधार दर्ज कराया है। वर्ष 2026 में कक्षा 10 की राज्य स्तरीय मेरिट सूची में जहां 41 विद्यार्थी सांदीपनि विद्यालयों से हैं, वहीं कक्षा 12 में विज्ञान, वाणिज्य, कला और कृषि संकायों की मेरिट सूची में 17 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। 10वीं में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या 20 प्रतिशत बढ़ी वर्ष 2023 से संचालित इन सांदीपनि विद्यालयों के वर्ष 2026 तक के परीक्षा परिणामों में वर्ष दर वर्ष प्रगति हो रही है। वर्ष 2023 में एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 68 था, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 88 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं 10वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत भी 46 से बढ़कर 75 प्रतिशत से अधिक हो गया है। 12वीं का परीक्षा परिणाम 28 प्रतिशत तक सुधरा कक्षा 12वीं में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत वर्ष 2023 के 59 प्रतिशत की तुलना में वर्ष 2026 में बढ़कर 87 प्रतिशत से अधिक हो गया। वहीं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 42 से बढ़कर 75 प्रतिशत तक हो गया। सांदीपनि विद्यालयों के प्रयास उत्कृष्ट परिणाम देने पर केंद्रित इन उपलब्धियों के पीछे सांदीपनि विद्यालयों में सुदृढ़ शैक्षणिक वातावरण, नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग, शिक्षक-छात्रों के बीच बेहतर संवाद तथा परिणाम आधारित रणनीतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रथम श्रेणी में विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने के प्रतिशत में निरंतर वृद्धि इस बात का संकेत है कि अब प्रयास केवल परीक्षा पास करने तक सीमित न रहकर उत्कृष्ट परिणाम देने पर केंद्रित हो रहे हैं। इन प्रयासों ने शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा की भावना तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रेरणा भी विकसित की है। परिणामोन्मुख और छात्र-केंद्रित शिक्षा का प्रेरणादायक मॉडल सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश के लिए किसी प्रकार की मेरिट या चयन परीक्षा की अनिवार्यता नहीं होती है। इन विद्यालयों में स्थानीय या आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। इन विद्यालयों के कारण सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े तबके के विद्यार्थियों को भी शिक्षा के आदर्श और आधुनिक वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलता है। ऐसे में सांदीपनि विद्यालय आज गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख और छात्र-केंद्रित शिक्षा का एक सशक्त और प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रहे हैं।  

‘‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ को वैज्ञानिक दिशा प्रदान करेगी विशेषज्ञ समिति

भोपाल देश में वन्य जीव संरक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने ‘‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। समिति का गठन देशभर के चिड़ियाघरों में संचालित ‘‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ गतिविधियों की समीक्षा, मार्गदर्शन और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। समिति में पहली बार मध्यप्रदेश कैडर के आईएफएस अधिकारी डॉ. ए. अंसारी को शामिल किया गया है। डॉ. अंसारी प्रदेश के सिवनी में वर्किंग प्लान अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। समिति में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनमें- डॉ. ए. अंसारी (वर्किंग प्लान ऑफिसर, सिवनी, मध्यप्रदेश), डॉ. मनोज वी. नायर (अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, ओडिशा), डॉ. कार्तिकेयन वासुदेवन (वैज्ञानिक, हैदराबाद) और डॉ. अभिजीत पावडे (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली) शामिल हैं। समिति का कार्यकाल आदेश जारी होने की तिथि से 6 माह निर्धारित किया गया है। गैर-सरकारी सदस्यों को बैठक शुल्क एवं यात्रा भत्ता केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा प्रदान किया जाएगा। प्राधिकरण समिति को आवश्यक प्रशासनिक एवं सचिवीय सहयोग भी उपलब्ध कराएगा। ‘‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ समिति का गठन देश में वन्यजीव संरक्षण और लुप्तप्राय प्रजातियों के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से संरक्षण प्रजनन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी, संगठित और परिणामोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी। इस समिति के गठन से देशभर के चिड़ियाघरों में संचालित संरक्षण प्रयासों को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है। समिति चिड़ियाघरों में संरक्षण प्रजनन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी। इनमें—संरक्षण प्रजनन प्रस्तावों की समीक्षा एवं सिफारिशें, वित्तीय सहायता के प्रस्तावों का परीक्षण, प्राथमिकता वाली प्रजातियों की पहचान और सूची का पुनरीक्षण, समन्वयक और सहभागी चिड़ियाघरों की भूमिका निर्धारित करना,कार्यक्रम के मूल्यांकन और मॉनिटरिंग के लिए मानकीकृत प्रक्रियाओं का विकास, प्रगति रिपोर्ट के लिए प्रारूप तैयार करना और चिड़ियाघरों के मूल्यांकन हेतु प्रश्नावली विकसित करना शामिल हैं। समिति मास्टर प्लान प्रस्तुत करने के लिए प्रारूप भी तैयार करेगी और आवश्यकतानुसार अन्य कार्य भी संपादित करेगी।  

छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि – मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित राम मिलेंगे आश्रम, तेंदुवा धाम कुरियारी में आयोजित 9 दिवसीय राम कथा में शामिल हुए। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय के साथ आश्रम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि सदैव भगवान राम के चरणों से धन्य रही है। उन्होंने वनवास काल में भगवान राम के आगमन और माता शबरी की अद्भुत भक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस धरती ने आस्था, समर्पण और विश्वास की अनूठी परंपरा को सहेज कर रखा है। उन्होंने कहा कि तेंदुवाधाम आज धार्मिक और सांस्कृतिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ राम कथा का श्रवण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को अत्यंत सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि एक ही मंच से अनेक संतों का सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त होना विशेष अनुभव है। उन्होंने आश्रम परिसर में हरिवंश औषधालय एवं पंचकर्म केंद्र,  राम-जानकी मंडपम, हरिवंश वैदिक पाठशाला, मां दुर्गा गौ मंदिर और हनुमत प्रवेश द्वार सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के लोकार्पण पर आश्रम प्रबंधन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि भी है। उन्होंने अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण के दौरान छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक चावल और चिकित्सकों की टीम के वहां पहुंचने का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेशवासियों की गहरी श्रद्धा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान राम भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, जो देश की सांस्कृतिक एकता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और जवानों के अदम्य साहस से आज प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है तथा राज्य में शांति, विकास और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” यहां की संस्कृति और जीवन मूल्यों की सच्ची पहचान है। इस अवसर पर परमपूज्य वासुदेवनंद सरस्वती महाराज, किन्नर अखाड़ा प्रमुख मां टीना सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति में विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। राघव सेवा समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने बताया कि यह स्थल माता शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण में स्थित है, जहां ‘कलिंग शैली’ में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। आश्रम में औषधालय, वैदिक विद्यालय, गौ मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गीता वाटिका, शबरी रसोई और निर्धन कन्या विवाह जैसी अनेक सामाजिक-धार्मिक पहल संचालित हो रही हैं। कार्यक्रम के तहत विभिन्न वर्गों – दिव्यांगजन, रक्तदाता, कुष्ठ रोगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों – को समर्पित विशेष दिवस भी आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में सांसद मती कमलेश जांगड़े, महंत  रामसुंदर दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

शादी में लूट का तांडव: पहले चाचा से बैग, फिर दूल्हे के पिता से 95 हजार लेकर फरार हुए बदमाश

ग्वालियर  शहर में आधी रात लूट की दो वारदातों ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। महज 17 मिनट के भीतर बहोड़ापुर और किलागेट के बीच महज तीन किलोमीटर के दायरे में बारातों में ही बाइक सवार बदमाशों ने लूट को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। पहली वारदात रात 12.02 बजे राजवाड़ा पैलेस के बाहर हुई। यहां दूल्हे के चाचा से बारात से थोड़े ही आगे बैग लूट लिया। इसमें रुपये और बेंदा था। इसके बाद बहोड़ापुर में पटेल बारात घर के बाहर दूसरी बारात में दूल्हे के पिता को निशाना बना डाला। दूल्हे के पिता से 95 हजार रुपये की लूट की है। सीसीटीवी में कैद हुई लुटेरों की करतूत दोनों ही वारदातों में एक ही गैंग के बदमाश हैं। काले रंग की पल्सर पर सवार बदमाशों ने ही लूट की है। दोनों ही घटनाएं सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं, लेकिन पुलिस आरोपितों तक पहुंचने में अभी सफल नहीं हो सकी है। लुटेरों की पहचान के प्रयास चल रहे हैं। बहोड़ापुर, ग्वालियर और क्राइम ब्रांच थाने की टीमें आरोपितों की तलाश में लगी हैं। रात 12.02 बजे राजवाड़ा पैलेस के पास पहली वारदात हुई। हनुमान नगर निवासी कामता प्रसाद श्रीवास के भतीजे की शादी राजवाड़ा पैलेस से थी। कामता प्रसाद बारात से थोड़े आगे चल रहे थे। उन्होंने बताया कि पहले सामने से बाइक सवार बदमाश आए और पीछे की तरफ गए। यही बदमाश लौटकर आए और पीछे से बैग पर झपट्टा मारकर लूट लिया। बैग छीनने के झटके से कामता प्रसाद सड़क पर गिर पड़े और जब तक शोर मचाया, लुटेरे भाग चुके थे।

शुभेंदु अधिकारी की उम्मीदवारी को लेकर हाई कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला, याचिका पर क्या हुआ निर्णय

कोलकाता पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की उम्मीदवारी के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर बड़ा फैसला आया है। कोलकाता हाई कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणियों का आरोप लगाया था। मुख्य न्यायाधीश की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट रूप से कहाकि संविधान की किसी विशेष धारा का उल्लेख न होने के कारण यह याचिका मान्य नहीं है। जवाब नहीं दे सके वकील प्रधान न्यायाधीश सुजॉय पाल और न्यायाधीश पार्थ सारथी सेन ने मामले के वादी से पूछा कि वह संविधान की किस धाराओं के तहत प्रत्याशी की उम्मीदवारी रद्द करने के लिए आवेदन कर रहे हैं? इसके जवाब में वादी के पक्ष के वकील कोई उत्तर नहीं दे सके। इसके चलते प्रधान न्यायाधीश की बेंच ने मामला खारिज कर दिया। गौरतलब है शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। दोनों के बीच यह मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का माना जा रहा है। भाजपा का दावा है कि ममता बनर्जी के मुकाबले शुभेंदु को मनौवैज्ञानिक बढ़त हासिल है। नंदीग्राम में दे चुके हैं ममता को मात ममता बनर्जी के करीबी समझे जाने वाले शुभेंदु ने 2021 में तृणमूल छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के रूप में नंदीग्राम सीट पर बनर्जी को हराया था। पांच साल बाद, अब यह चुनावी मुकाबला बनर्जी के गढ़ में हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस के लिए, भवानीपुर सीट बरकरार रखना मुख्यमंत्री के अपने ही क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सत्ता को बरकरार रखने जैसा है। भाजपा के लिए, इसे भेदना बंगाल की सबसे शक्तिशाली नेता के इर्द-गिर्द बनी ‘अजेय’ की छवि को तोड़ने जैसा होगा। भवानीपुर कहलाता है ‘मिनी इंडिया’ कोलकाता नगर निगम के आठ वार्ड में फैला भवानीपुर अक्सर ‘मिनी इंडिया’ कहलाता है, एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र जहां बंगाली, गुजराती व्यापारी, पंजाबी और सिख परिवार, मारवाड़ी और जैन परिवार, साथ ही बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता रहते हैं। बिहार, ओडिशा और झारखंड से आए प्रवासी इस सामाजिक विविधता में एक और आयाम जोड़ते हैं। भवानीपुर में लगभग 42 प्रतिशत मतदाता बंगाली हिंदू हैं, 34 प्रतिशत गैर-बंगाली हिंदू और लगभग 24 प्रतिशत मुस्लिम हैं, जो इस निर्वाचन क्षेत्र को सामाजिक रूप से विविध और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनाते हैं। ऐसा लगता है कि इसी समीकरण ने अधिकारी को बनर्जी को उनके गृह क्षेत्र में चुनौती देने के लिए प्रोत्साहित किया है। बूथ-दर-बूथ आंकड़ा भाजपा ने महीनों से भवानीपुर में बूथ-दर-बूथ का आंकड़ा तैयार किया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि मतदाताओं में कायस्थ 26.2 प्रतिशत, मुस्लिम 24.5 प्रतिशत, पूर्वी भारत का प्रवासी समुदाय 14.9 प्रतिशत, मारवाड़ी 10.4 प्रतिशत और ब्राह्मण 7.6 प्रतिशत हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इस कवायद से यह पता लगाने में मदद मिली कि बंगाली हिंदू बहुसंख्यक क्षेत्र कौन से हैं, हिंदी भाषी व्यापारी समुदाय कहां केंद्रित हैं और किन बूथ पर मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव रहने की संभावना है।