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मध्यप्रदेश: ओबीसी आरक्षण मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई तेज, अगली तारीख 28 अप्रैल तय

जबलपुर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष सोमवार को ओबीसी आरक्षण मामला सुनवाई के लिए लगा। इस संबंध में एक साथ 86 याचिकाओं की सुनवाई होनी है। कोर्ट ने पहले दिन सायं चार बजकर 35 मिनट से पांच बजकर 10 मिनिट तक सुनवाई की। इस दौरान सभी पक्षों से अंडरटेकिंग ली कि कौन कितने समय तक बहस करेगा। इसके बाद कोर्ट ने निर्धारित किया कि सर्वप्रथम ओबीसी आरक्षण के विरुद्ध याचिकाकर्ताओं के वकीलों को सुना जाएगा। इसके बाद राज्य शासन और फिर ओबीसी आरक्षण के पक्ष में याचिकाकर्ताओं के वकीलों को सुना जाएगा। मंगलवार को सुबह 11 बजे से आगे की सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में अशिता दुबे व अन्य की ओर से दायर याचिका में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने को चुनौती दी गई थी। इसके बाद से लगातार ओबीसी आरक्षण बढ़ाने के पक्ष और विपक्ष में सैकड़ों याचिकाएं दायर हुईं।  

दुकान में चोरी का अनोखा तरीका: अंडरवियर में छिपाए ब्रांडेड कपड़े, पकड़े जाने पर दी धमकी

रीवा  शहर में चोरी का एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रकाश चौराहे में संचालित एक कपड़ा दुकान में काम करने वाला कर्मचारी ही चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। आरोपी बेहद शातिर तरीके से कपड़ों को अपने अंडरवियर और पैंट में छिपाकर दुकान से बाहर ले जाता था। फिलहाल लगातार हो रही चोरी से परेशान दुकान संचालक ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो पूरा मामला उजागर हो गया। सीसीटीवी फुटेज से खुला चोरी का राज जानकारी के अनुसार शहर के प्रकाश चौराहे स्थित जेडी फैमिली शॉप के संचालक जितेंद्र खुबानी की कपड़ों की दुकान में करीब 6 से 7 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन्हीं में से एक कर्मचारी आशीष सिंह पर दुकान के माल में कमी को लेकर संदेह हुआ। शुरुआत में तो यह कमी सामान्य समझी गई, लेकिन जब लगातार स्टॉक कम होने लगा तो संचालक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालना शुरू किया।  

मेहनत रंग लाई पर मुनाफा गायब: फरीदाबाद में गेंदा किसानों को नहीं मिल रहा सही दाम

फरीदाबाद  हरियाणा में फरीदाबाद के खेतों में इन दिनों गेंदे के पीले-नारंगी फूल दूर-दूर तक चमक रहे हैं. खेतों को देखकर कोई भी यही कहेगा कि इस बार किसान की मेहनत रंग लाई है. लेकिन इन खूबसूरत फूलों के पीछे एक किसान की चिंता छिपी है. जिस फसल से हर साल घर चलता था बच्चों की पढ़ाई होती थी और परिवार की जरूरतें पूरी होती थीं. वही फसल इस बार किसानों के लिए परेशानी बन गई है. खेतों में फूलों की भरमार है लेकिन मंडियों में इनके दाम इतने कम मिल रहे हैं कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है. किसान दिन-रात मेहनत कर रहा है लेकिन बाजार में उसकी मेहनत की कीमत नहीं मिल रही. फरीदाबाद के साहुपुरा गांव में गेंदे की खेती करने वाले किसान लक्ष्मण सिंह सैनी ने  अपनी परेशानी साझा की. लक्ष्मण ने बताया मैं पीछे से बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव का रहने वाला हूं और पिछले 30 सालों से गेंदे की खेती कर रह रहा हूं. इस बार मैंने एक एकड़ जमीन में कोलकाता की खास वैरायटी का गेंदा लगाया. बेहतर उत्पादन और अच्छे मुनाफे की उम्मीद में मैंने कोलकाता से पौधे मंगवाए. एक पौधा 70 पैसे का पड़ा और एक एकड़ में करीब 25 हजार पौधे लगाए गए. डबल लाइन में रोपाई की गई ताकि उत्पादन ज्यादा हो सके. लक्ष्मण ने बताया गेंदे की खेती आसान नहीं है. पौधे लगाने से पहले खेत की छह बार जुताई करनी पड़ी. इसके बाद डोलियां तैयार की गईं. पौध रोपाई के लिए 7 से 8 मजदूर लगाए गए जिनकी मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन रही. दिसंबर में पौधे लगाए गए थे और अब खेत फूलों से भर चुके हैं. फसल को रोज पानी देना पड़ता है. हर चौथे दिन सिंचाई करनी होती है. इतनी मेहनत और खर्च के बाद मुझे उम्मीद थी कि इस बार अच्छी कमाई होगी. लेकिन जब फूल मंडी पहुंचे तो दाम सुनकर मेरे होश उड़ गए. फरीदाबाद से लेकर दिल्ली तक गेंदे का भाव केवल 5 से 6 रुपये प्रति किलो मिल रहा है. लक्ष्मण ने बताया इतने कम दाम में तो ढुलाई का खर्च भी नहीं निकलता. बाजार में यही फूलों की मालाएं 20 से 30 रुपये में बिकती हैं लेकिन खेत में पसीना बहाने वाले किसान को उसकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिलता. इस बार गेंदे की बुवाई ज्यादा होने के कारण बाजार में आवक बढ़ गई है. मांग तो सालभर रहती है लेकिन आपूर्ति अधिक होने से दाम गिर गए हैं. कई बार यही गेंदा 200 रुपये किलो तक बिक चुका है लेकिन इस बार हालात बिल्कुल उलट हैं. उत्तर प्रदेश में तो कई किसानों ने फूल खेतों में ही छोड़ दिए हैं क्योंकि मंडी तक ले जाने का किराया भी नहीं निकल रहा. लक्ष्मण ने बताया मेरे मामा ने भी उत्तर प्रदेश में गेंदा लगाया था. वहां हालात और भी खराब हैं. लेकिन मैंने अपनी फसल खेत में नहीं छोड़ी. मैं रोज फूल तोड़कर मंडी ले जा रहा हूं. कुछ न कुछ तो मिल ही जाएगा. आखिर परिवार इसी खेती पर निर्भर है. सात लोगों का परिवार है और सभी की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर है. लक्ष्मण ने बताया इस मुश्किल समय में एक और हादसे ने मेरी परेशानी बढ़ा दी. मैं सुबह चार बजे ओल्ड फरीदाबाद मंडी फूल लेकर जा रहा था तभी रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया. पूरे शरीर में चोट आई. इसके बावजूद मैंने हिम्मत नहीं हारी. आज भी मैं अपनी फसल मंडी पहुंचा रहा हूं. लक्ष्मण ने बताया जब उत्पादन ज्यादा होता है तो मैं दिल्ली की गाजीपुर मंडी भी लेकर जाता हूं. खेती ही मेरा जीवन है और इसी से मेरा परिवार चलता है. 30 साल के खेती के अनुभव में मैने ऐसा नुकसान पहली बार देखा है. खेतों में फूल जरूर खिले हैं लेकिन किसान के चेहरे पर मुस्कान गायब है. यही आज के किसान की सबसे बड़ी विडंबना है.

ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए मुजफ्फरपुर के 76 गांवों में जमीन खरीद-बिक्री बंद

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है. राज्य सरकार ने टाउनशिप के मास्टर प्लान तैयार होने तक जमीन की खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर 30 जून 2027 तक रोक लगा दी है. इस फैसले का असर जिले के 76 राजस्व गांवों पर पड़ेगा, जहां अब निर्धारित अवधि तक जमीन का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा. पहले तैयार होगा मास्टर प्लान यह कदम बिहार सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य के 11 प्रमुख शहरों में आधुनिक सुविधाओं से लैस नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जाने हैं. सरकार का मानना है कि बिना योजना के जमीन की खरीद-बिक्री से भविष्य में विकास कार्यों में बाधा आ सकती है, इसलिए पहले मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा और उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी. ये गांव होंगे प्रभावित मुजफ्फरपुर में जिन इलाकों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें मुख्य रूप से कांटी, कुढ़नी, मरवन और मुसहरी प्रखंड के कई गांव शामिल हैं. कांटी क्षेत्र के रोशनपुर, बंगरा, मधोपुर मछिया, पानापुर करियात, रसूलपुर करियात, काबिलपुर और शंभूपुर भोज जैसे गांव इस सूची में हैं. वहीं कुढ़नी प्रखंड के मोथौर, गौरेया, खड़ौना डीह, तारसन किशुनी, मधौल, लदौरा, सुमेरा और डुबाही सहित कई अन्य गांव भी प्रभावित होंगे. मरवन प्रखंड के बड़ी संख्या में गांव जैसे भटौना, मंसूरपुर, खलीलपुर, रायपुरा, गोपालपुर, मधुबन और कोदरिया निजामुद्दीन को भी इस रोक के दायरे में रखा गया है. इसके अलावा मुसहरी प्रखंड के परमानंदपुर, धरमपुर, चौसीवान, पताही और खबड़ा क्षेत्र के कुछ गांव भी शामिल हैं. कोई खुश, कोई दुखी इस निर्णय के बाद जमीन कारोबार से जुड़े लोगों और स्थानीय निवासियों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. जहां कुछ लोग इसे भविष्य के सुनियोजित विकास के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, वहीं कई जमीन मालिक और बिचौलिये इससे परेशान हैं, क्योंकि इससे फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री पूरी तरह ठप हो गई है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनने से मुजफ्फरपुर का शहरी विस्तार बेहतर तरीके से होगा, ट्रैफिक दबाव कम होगा और लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. मास्टर प्लान तैयार होने के बाद ही आगे की जमीन अधिग्रहण और विकास प्रक्रिया शुरू की जाएगी.  

पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे हेतु द्विदिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सम्पन्न

रायपुर आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय द्वारा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) के अंतर्गत संचालित पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दो दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित सम्पन्न हुआ। संचालनालय के अधिकारियों ने सर्वेक्षण की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस प्रशिक्षण से प्रतिभागियों की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो (PLFS) सर्वे के प्रभावी संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह प्रशिक्षण विगत दिनों संचालनालय के प्रशिक्षण कक्ष में आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न जिलों से सर्वे कार्य से जुड़े अधिकारी एवं प्रशिक्षुओं ने भागीदारी की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सर्वेक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया, प्रश्नावली की विस्तृत समझ, डेटा संग्रहण की विधियां तथा फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही, हैंड्स-ऑन अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में सर्वेक्षण करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया गया।

टायर फटने से वीडियोकोच बस में लगी आग, पुलिस ने कांच तोड़ 21 यात्रियों को बचाया

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नागरिक सुरक्षा एवं जनसेवा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण ग्वालियर में सामने आया है, जहां थाना झांसी रोड पुलिस की त्वरित, साहसिक एवं संगठित कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। पुलिस बल ने आग की चपेट में आई यात्री बस में से 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर बड़ी जनहानि होने से बचा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 अप्रैल को प्रातः लगभग 5:40 बजे जयपुर से छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम जा रही यात्री बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी। बस में 18 यात्री, 02 चालक,01कंडक्टर सहित 21 लोग सवार थे।अधिकतर यात्री सो रहे थे जिन्हें जगाकर बाहर निकाला गया। बस जैसे ही झांसी रोड थाना परिसर के सामने पहुंची, अचानक तेज धमाके के साथ बस का पिछला टायर फट गया। टायर फटने से उत्पन्न चिंगारी बस के पिछले हिस्से तक पहुंची, जिससे वहां आग लग गई। कुछ ही क्षणों में बस से धुआं उठने लगा और आग फैलने लगी। थाना परिसर में उपस्थित पुलिसकर्मियों ने तेज धमाके की आवाज सुनते ही तत्काल बाहर आकर देखा तो बस से धुआं एवं आग की लपटें उठ रही थीं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया।पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बस की खिड़कियों के कांच तोड़े और एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संयम, त्वरित निर्णय क्षमता एवं उच्च स्तर की संवेदनशीलता का परिचय दिया। पुलिस की त्‍वरितप्रतिक्रिया से बस में सवार सभी 21 लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद पुलिस टीम ने आग बुझाने हेतु तत्काल स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया। थाना परिसर में स्थापित बोरवेल से पानी लाकर आग पर काबू पाने का प्रयास प्रारंभ किया। सूचना प्राप्त होते ही दमकल दल भी मौके पर पहुंचा और संयुक्त प्रयासों से आग पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया गया। उक्त सराहनीय एवं साहसिक कार्यवाही में थाना प्रभारीशक्ति यादव, प्रधान आरक्षक शिव सिंह गुर्जर, प्रधान आरक्षक रामभरण लोधी, प्रधान आरक्षक सुशांत चौहान, आरक्षक हरिओम जाट, आरक्षक सलमान, आरक्षक रवि भदौरिया तथा आरक्षक आकाश छारी की विशेष एवं उल्लेखनीय भूमिका रही। 

कर्नाटक में कुकर बम मामले में आतंकी शारिक को 10 साल की सजा, मंदिर में रखने से पहले हुआ था धमाका

 मंगलुरु मंगलूरु के कुकर बम धमाके के मामले में विशेष NIA अदालत ने आतंकी मोहम्मद शारिक को 10 साल की सजा सुनाई है. शारिक ने अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया था, जिसके बाद यह फैसला आया।  यह घटना 19 नवंबर 2022 को कर्नाटक के मंगलूरु के कंकनाडी इलाके में हुई थी. जांच में सामने आया कि शारिक कदरी मंजुनाथ मंदिर में बम रखने जा रहा था. लेकिन रास्ते में ही कुकर बम फट गया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।  धमाके में शारिक खुद घायल हो गया था. साथ ही ऑटो चालक पुरुषोत्तम पुजारी भी जख्मी हुए थे. दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।  करीब तीन महीने इलाज के बाद शारिक को एनआईए की हिरासत में लिया गया. पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।  अब अदालत ने उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इस फैसले को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, क्योंकि समय रहते धमाका होने से एक संभावित बड़ा हमला टल गया। 

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट, राजभर ने कहा,कोर्ट के आदेश होंगे लागू

लखनऊ यूपी के पंचायती राज मंत्री और सुल्तानपुर जिले के प्रभारी ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिले में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। समय पर चुनाव नहीं हो पाने के आसार पर उन्होंने साफ किया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार ही प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे या फिर पंचायत का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा। नारी शक्ति वंदन बिल गिरने के बाद जिले में पहुंचे पंचायती राज मंत्री सोमवार को जिला पंचायत सभागार में मीडिया से बात कर रहे थे। इसके बाद वह भाजपा महिला मोर्चा की ओर से नारी शक्ति वंदन बिल के समर्थन व कांग्रेस और सपा के खिलाफ आयोजित रैली में हिस्सा लेंगे। विपक्ष ने महिलाओं को आरक्षण देने में लगाया अड़ंगा राजभर ने पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना परिसीमन करके महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की थी पर विपक्ष ने इसमें अड़ंगा लगा दिया। सपा-कांग्रेस की मंशा ही नहीं है कि देश की महिलाओं को अधिकार मिले। देश की आबादी जब 68 करोड़ थी तो उसके अनुसार लोकसभा में 545 सीटों का निर्धारण किया गया। 2011 को हुई जनगणना के अनुसार, सीटों की संख्या 815 होनी चाहिए पर विपक्ष ने सरकार का साथ नहीं दिया जिससे बिल लोकसभा में गिर गया। विपक्ष नहीं चाहता कि राजनीति में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले। कांग्रेस ने 30 साल से इस बिल को लटका कर रखा है अब जब मोदी सरकार इस पर कार्रवाई कर रही है तो विपक्ष अड़ंगा डाल रहा है। राजभर ने कहा कि विपक्ष राजनीति में महिलाओं के आरक्षण का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को नहीं देना चाहता इसलिए विरोध कर रहा था।  

घर में पस्त हुई दिल्ली, बेंगलुरु के गेंदबाजों ने 75 रन पर समेटी पारी

नई दिल्ली अपने घरेलू मैदान पर खेले गए मुकाबले में दिल्ली की टीम बेंगलुरु के गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। शुरुआती ओवरों से ही नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी टीम महज 75 रनों पर सिमट गई। बेंगलुरु के गेंदबाजों ने शानदार लाइन-लेंथ के साथ दबाव बनाए रखा, जिसका दिल्ली के बल्लेबाज कोई जवाब नहीं दे सके। टॉप ऑर्डर से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं बन पाई। दिल्ली की पारी में लगातार गिरते विकेटों ने टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। वहीं बेंगलुरु के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि क्या बेंगलुरु की टीम इस छोटे लक्ष्य को आसानी से हासिल कर मुकाबले में बड़ी जीत दर्ज कर पाएगी।

सेजेस कन्नेवाड़ा की हिमांशी को उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

रायपुर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में चयनित होकर राज्य का मान बढ़ाने वाली स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा की छात्रा हिमांशी साहू को बालोद कलेक्टर मती दिव्या उमेश मिश्रा ने सम्मानित किया। कलेक्टर मती मिश्रा ने आज बालोद के संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान कुमारी हिमांशी साहू की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना करते हुए उनके इस उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गौरव बताया। इस अवसर पर कलेक्टर ने हिमांशी साहू को प्रशस्ति पत्र के अलावा शाॅल, फल भेंटकर उनका आत्मीय सम्मान किया।           इस अवसर पर कलेक्टर मती मिश्रा ने हिमांशी की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर मती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी साहू को कड़ी मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने की सीख भी दी। उल्लेखनीय है कि हिमांशी साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत है। कुमारी हिमांशी ने 96 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 8वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है।          छात्रा हिमांशी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में पूरे राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त कर अपने विद्यालय तथा संपूर्ण बालोद जिला का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर कलेक्टर मती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी के पिता  अभय कुमार और माता मती सहिता साहू को भी सम्मानित कर उनकी सुपुत्री की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर  चंद्रकांत कौशिक,  अजय किशोर लकरा एवं  नूतन कंवर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।