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अखिलेश के वाराणसी दौरे पर ओम प्रकाश राजभर का तंज भरा सोशल मीडिया पोस्ट

अखिलेश जी काशी, अयोध्या और मथुरा के मंदिरों में जाने से आपकी कंपकपी क्यों छूटने लगती है : ओम प्रकाश राजभर  अखिलेश के वाराणसी दौरे पर ओम प्रकाश राजभर का तंज भरा सोशल मीडिया पोस्ट यदुवंशी समाज सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करता है: राजभर ‘अखिलेश यादव का मन मन केवल मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है’ हिन्दू समाज आपको धिक्कारने लगेगा: राजभर तुष्टिकरण वाली राजनीति मत कीजिए अखिलेश जी: राजभर लखनऊ  सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए राजभर ने लिखा कि अखिलेश यादव आज बनारस पधार रहे हैं, मगर अफसोस की बात है कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाने की भी उनकी हिम्मत नहीं हो रही है। उन्होंने सपा प्रमुख को चेतावनी देते हुए कहा कि वे इतनी भी तुष्टिकरण वाली राजनीति न करें कि हिंदू समाज उन्हें धिक्कारने लगे। अयोध्या और मथुरा में दर्शन करने में छूटती है अखिलेश की कंपकपी कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव के पिछले दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले जब वे अयोध्या गए थे, तब वहां भी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पास से मुंह घुमाकर निकल गए थे। इसी तरह जब वे मथुरा जाते हैं, तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की तरफ देखने से भी उनकी कंपकंपी छूटने लगती है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि न जाने क्यों अखिलेश यादव का मन केवल मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है। सावन में यदुवंशी समाज के निमंत्रण पर भी बनाया था बहाना  ओम प्रकाश राजभर ने काशी की परंपरा की याद दिलाते हुए कहा कि सावन के पवित्र महीने में काशी का यदुवंशी समाज सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करता है। पिछले वर्ष यदुवंशी समाज की ओर से अखिलेश यादव को भी इस पावन अनुष्ठान के लिए निमंत्रित किया गया था, लेकिन तब भी वे न जाने कौन सा बहाना बनाकर बैठ गए थे और जलाभिषेक करने नहीं आए। आत्ममंथन करें अखिलेश यादव  सपा प्रमुख को आत्ममंथन करने की नसीहत देते हुए राजभर ने कहा कि यह बिल्कुल सही कहा गया है कि जब भगवान की आज्ञा होती है, तभी इंसान को उनके पावन स्वरूप के दर्शन मिलते हैं। इस लिहाज से अखिलेश यादव को यह आत्ममंथन जरूर करना चाहिए कि आखिर क्यों न तो प्रभु श्रीराम, न भगवान श्रीकृष्ण और न ही समूचे विश्व के नाथ कहे जाने वाले बाबा विश्वेश्वर उन्हें अपने दरबार में फटकने देना चाहते हैं।

‘आज ही के दिन भड़के थे सिख विरोधी दंगे, आप दिल्ली में ‘बड़के भइया’ की सेवा में पहुंच गए’, ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश पर निशाना

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने एक नवंबर 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव को घेरा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी को अखिलेश का ‘बड़का भइया’ बताते हुए सवाल किया कि क्या अखिलेश अपने पिता और सपा के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की परंपरा और विचारों को भूल गए हैं। राजभर ने कहा कि आज ही के दिन 1984 में राहुल गांधी  के पिता यानी राजीव गांधी के इशारे पर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर सिख-विरोधी हिंसा और दंगे भड़के थे। इसमें हजारों सिखों की हत्या हुई थी। उन्होंने इस दुखद दिन पर सिख समाज के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव भी इस दिन को शोक के रूप में मनाते थे। लेकिन अखिलेश यादव सारी संवेदनाएं भूल गए और दिल्ली में ‘बड़के भइया’ की सेवा करने पहुंच गए। राहुल के लिए झंडा उठाने और दरी बिछाने पहुंचे अखिलेश राजभर ने दिल्ली में इंडी गठबंधन की आयोजित रैली को अराजकता फैलाने के लिए बुलाई गई रैली बताते हुए कहा कि अखिलेश वहां कांग्रेस के लिए झंडा उठाने और दरी बिछाने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने अखिलेश की एक पुरानी तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी वह राहुल गांधी का झंडा ढोते नजर आए थे। अगर इतनी मेहनत उन्होंने अपनी पार्टी के लिए की होती तो आज समाजवादी पार्टी की स्थिति कुछ और होती। राजभर ने अखिलेश यादव के कृष्णवंशी होने के दावे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश को अपने पिता मुलायम सिंह यादव की कुछ तो लाज रखनी चाहिए और चाचा शिवपाल सिंह यादव की भी इज्जत का ख्याल करना चाहिए। उन्होंने अखिलेश से सवाल किया कि इतने दबाव में रहकर कोई राजनीति कैसे कर सकता है।

‘आजम खान साइकिल छोड़कर पतंग उड़ाने की तैयारी में हैं’, राजभर का अखिलेश पर तंज

अखिलेश की 'चचा' से नहीं बनी बात, ओवैसी पड़े भारी: मंत्री ओमप्रकाश राजभर 'आजम खान साइकिल छोड़कर पतंग उड़ाने की तैयारी में हैं', राजभर का अखिलेश पर तंज 'खयाली गृह मंत्री ने अखिलेश से कहा, सीएम की कुर्सी चाहिए': आजम-अखिलेश की मुलाकात पर ओपी राजभर  लखनऊ,  उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने रामपुर जेल में बंद आजम खान से अखिलेश की मुलाकात पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश की उनसे सहमति नहीं बन सकी है और अब उनकी राजनीतिक राह में असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री भारी पड़ गई है। ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि 'चचा' (आजम खान) से मुलाकात कैसी रही? राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि आजम खान साइकिल छोड़कर पतंग उड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि पतंग, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का चुनावी चिन्ह है। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव के 'खयाली गृह मंत्री' ने उनसे सीधे कह दिया है कि अगर पार्टी में रोकना है तो उन्हें गृह मंत्री नहीं, मुख्यमंत्री की कुर्सी चाहिए। सपा की सरकार बनने पर मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने की सलाह राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सरकार आने वाली नहीं है। उन्होंने अखिलेश को सलाह दी कि उन्हें दिल पर पत्थर रखकर घोषणा करनी चाहिए कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसी मुस्लिम को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

‘घोटालों के लिए अकेले आजम नहीं, अखिलेश भी जिम्मेदार, रामपुर दौरा सिर्फ चुनावी जुमला’: ओपी राजभर

‘सपा का शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, योगी सरकार में स्कूलों का बदलाव देखें अखिलेश’: मंत्री ओम प्रकाश राजभर लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रामपुर जेल में बंद आजम खान से सपा प्रमुख की मुलाकात और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सपा की सोच पर भी सवाल खड़े किए। ’सपा का शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं’ राजभर ने कहा कि सपा का शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दोपहर 12 बजे सोकर उठते हैं और प्रेस कांफ्रेंस करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव को शिक्षा में हुए बदलाव को देखना है तो सपा शासन के प्राथमिक स्कूलों और योगी सरकार के स्कूलों की तुलना करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश के 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय खोलकर मजदूरों के बच्चों को पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाने की व्यवस्था की है। ‘अखिलेश ने आजम खान के साथ किया अन्याय’ ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आजम खान के साथ सबसे ज्यादा अन्याय तो खुद अखिलेश यादव ने किया है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान के कई मामलों की जांच हो रही है और मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। राजभर ने सवाल उठाया कि आगरा एक्सप्रेस-वे, गोमती रिवर फ्रंट जैसे प्रोजेक्ट्स में जो गड़बड़ियां हुईं, क्या उनके लिए केवल आजम खान जिम्मेदार हैं या फिर अखिलेश यादव भी? ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो ऐलान करें कि वह किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री बनाएंगे।

‘मुसलमानों के नेता अखिलेश नहीं, ओवैसी हैं’, ओमप्रकाश राजभर का सपा पर तीखा हमला

'ओवैसी की भीड़ देखकर गोपनीय सर्वे करा रहे अखिलेश', राजभर बोले- मुस्लिम वोटों पर सपा की पकड़ हो रही कमजोर 'यूपी में ओवैसी की सक्रियता ने अखिलेश यादव के उड़ाए होश', राजभर बोले- इस बार सपा को मुस्लिम सिखाएगा सबक 'सपा ने मुसलमानों को सिर्फ दरी बिछाने तक सीमित रखा', राजभर का अखिलेश पर हमला; बोले- अब हिस्सेदारी मांगेगा मुस्लिम समाज 'आजमगढ़ में भी अखिलेश को झटका देंगे ओवैसी', राजभर का दावा- इस बार सपा का बुरा हाल होगा लखनऊ योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने दावा किया कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की रैलियों में उमड़ रही भीड़ को देखकर अखिलेश यादव डरे हुए हैं और AIMIM के साथ गठबंधन के फायदे-नुकसान को लेकर सपा गोपनीय सर्वे करा रही है। राजभर ने कहा कि यूपी में ओवैसी की बढ़ती सक्रियता ने सपा को चिंता में डाल दिया है। सपा से अब मुस्लिम समाज अपनी हिस्सेदारी मांग रहा है क्योंकि उसे यह एहसास हो गया है कि अखिलेश यादव ने मुस्लिमों को केवल धोखा दिया है। 'मुसलमानों के नेता अब ओवैसी हैं, अखिलेश नहीं' ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि ओवैसी ने पहले ही अखिलेश यादव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था। लेकिन तब सपा ने इसपर ध्यान नहीं दिया। लेकिन अब ओवैसी की रैलियों में आ रही भारी भीड़ को देखते हुए सपा गोपनीय सर्वे कराने में जुट गई है। राजभर ने कहा कि ओवैसी जिन राज्यों में सक्रियता से चुनाव लड़ते हैं, वहां मुस्लिम वोटों का एक हिस्सा उनकी पार्टी की ओर जाता है। राजभर ने बिहार और पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया, जहां RJD नेता तेजस्वी यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने ओवैसी को हल्के में लेने की गलती की थी। राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी ओवैसी की सक्रियता सपा के पारंपरिक मुस्लिम समर्थन को प्रभावित कर सकती है। 'सपा ने मुसलमानों को दरी बिछाने तक सीमित रखा' राजभर ने सपा पर मुस्लिम समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी में मुस्लिम विधायक, सांसद और नेता होने के बावजूद कोई अखिलेश यादव से यह मांग करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता कि मुस्लिम समाज के समर्थन के बदले उसे सत्ता में नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। राजभर ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज को सपा में बराबर की राजनीतिक हिस्सेदारी देने के बजाय उसे पार्टी के लिए काम करने तक सीमित रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुस्लिम समाज सपा को लगातार समर्थन देता रहा है, तो मुख्यमंत्री पद के लिए किसी मुस्लिम नेता का नाम घोषित करने की मांग क्यों नहीं उठती? राजभर ने कहा कि ओवैसी इसी सवाल को उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, मुस्लिम समाज को अब केवल किसी दूसरे नेता को मुख्यमंत्री बनाने की राजनीति करने के बजाय अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नौकरी और सत्ता में भागीदारी पर भी ध्यान देना चाहिए। '20 प्रतिशत वाला हिस्सेदारी की बात करेगा' राजभर ने कहा कि ओवैसी मुस्लिम मतदाताओं को स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प के तौर पर आगे बढ़ने का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज अपनी राजनीतिक ताकत के आधार पर विधानसभा में प्रभावी भूमिका निभाने की स्थिति में है और उसे किसी दूसरे दल पर निर्भर रहने के बजाय अपने प्रतिनिधित्व की मांग करनी चाहिए। राजभर ने कहा कि पहले मुस्लिम मतदाताओं का बड़ा हिस्सा सपा के साथ रहता था, लेकिन अब वैसी स्थिति नहीं रहेगी। राजभर के मुताबिक, ओवैसी और पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉ. अय्यूब की सक्रियता से मुस्लिम मतदाताओं के सामने दूसरे राजनीतिक विकल्प भी मौजूद हैं। आजमगढ़ में अखिलेश को झटका देंगे ओवैसी राजभर ने आजमगढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले चुनाव में प्रचार के बिना ओवैसी को आजमगढ़ में करीब तीन प्रतिशत वोट मिले थे। लेकिन इस बार ओवैसी अभी से सक्रिय हैं। इस बार आजमगढ़ में भी सपा का बुरा हाल होगा। '2017 में जो इज्जत बची थी, वह भी चली जाएगी' राजभर ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिमों का एकमुश्त वोट सपा को नहीं मिलेगा। अखिलेश यादव और सपा को लेकर मुस्लिमों में भयानक नाराजगी है। राजभर ने कहा कि इस बार के चुनाव में सपा का पूरा सफाया हो जाएगा। जो इज्जत 2017 में बच गई थी वो भी 2027 में चली जाएगी।

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने साझा किए खेती के अनुभव

कानपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच ‘उत्तर प्रदेश 2.0: कृषि से समृद्धि’ यूपी संवाद आयोजित किया गया। इसमें खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने, कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। कृषि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों ने बताया कि तकनीक, फसल विविधीकरण, बाजार तक पहुंच और खेती के साथ दूसरे व्यवसाय अपनाकर किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सुनाए खेती के अनुभव प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ‘किसान भाई-बंपर कमाई’ सत्र में अपने खेती-किसानी के दिनों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके खेत में एक-एक किलो वजनी आलू पैदा हुए थे। उन्होंने लहसुन की फसल में मेड़ों पर शलगम उगाने और पांच-पांच किलो तक के शलगम उपजने का भी जिक्र किया। मटर की पैदावार के बारे में उन्होंने बताया कि मंडी में उनकी उपज देखकर कारोबारियों को पहले विश्वास नहीं हुआ, लेकिन खेत देखने के बाद वे हैरान रह गए। उन्होंने मनहर धान का उल्लेख करते हुए इसे करीब 60 दिनों में तैयार होने वाली फसल बताया। अपने राजनीतिक सफर के बारे में राजभर ने कहा कि कांशीराम के विचारों और उनसे जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी ने राजनीति के प्रति उनकी रुचि बढ़ाई। इसके बाद वह धीरे-धीरे राजनीति में बढ़े। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की प्रगति पर रखी बात प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने ‘पशु नहीं, प्रॉफिट पालन’ सत्र में निषाद समाज की सामाजिक और आर्थिक प्रगति पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा, सरकारी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों की भूमिका पर जोर दिया। मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों की आजीविका मजबूत करने और मछली पालन को आय के साधन के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी इस चर्चा का हिस्सा रहीं। सत्र में समाज के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुख रहा। किसानों को बाजार से जोड़ने पर जोर ‘सरकार और बाजार मेरे द्वार’ सत्र में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने किसानों की उपज के उचित मूल्य और बाजार तक उनकी पहुंच से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खेती में उत्पादन बढ़ाने के साथ उपज की बिक्री की बेहतर व्यवस्था होना भी जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सके। सरकारी योजनाओं की जानकारी, कृषि उत्पादों की खरीद और बाजार से जुड़ाव के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। आधुनिक तकनीक से खेती को लाभकारी बनाने पर चर्चा ‘खेती हाईटेक, लाइफ सेट’ सत्र में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता, आईआईटी कानपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. जयंत कुमार सिंह और पद्मश्री सम्मानित प्रगतिशील किसान राम शरण वर्मा ने आधुनिक खेती की संभावनाओं पर चर्चा की। इसमें सेंसर आधारित तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल से मिट्टी की स्थिति समझने तथा फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों का आकलन करने पर जोर रहा। चर्चा के मुताबिक, सेंसर आधारित तकनीक से मिट्टी की जांच लगभग एक मिनट में की जा सकती है। इससे जरूरत के अनुसार खाद और अन्य कृषि संसाधनों का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है। ऐसी तकनीकों का उद्देश्य खेती की लागत घटाने और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में किसानों की मदद करना है। सरकारी योजनाओं से लाभार्थियों के अनुभवों पर चर्चा ‘लाभार्थी लाइव’ सत्र में विधायक महेश त्रिवेदी और कल्याणपुर की विधायक नीलिमा कटियार ने किसानों तथा लाभार्थियों से बातचीत की। चर्चा में किसान सम्मान निधि, किसान दुर्घटना बीमा योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के लाभ का उल्लेख हुआ। नीलिमा कटियार ने महिला स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों की भूमिका पर चर्चा करते हुए ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। महिला किसान नीतू देवी ने बताया कि मछली पालन, कृषि मशीनों और दूसरी सुविधाओं से उन्हें आजीविका के नए अवसर मिले। किसान सुनील कुमार ने बीज, खाद और कृषि उपकरणों से जुड़े अनुभव साझा किए तथा प्राकृतिक खेती के बारे में बताया। उन्होंने किसानों के समूहों के माध्यम से खेती की तकनीकी जानकारी साझा करने का भी उल्लेख किया। नए प्रयोगों से खेती में आय के अवसर बढ़ा रहे किसान ‘यूपी का स्मार्ट अन्नदाता’ सत्र में कानपुर में कश्मीर के सेब उगाने वाले किसान मंजीत, उन्नाव में नीदरलैंड के फूल उगाने वाले किसान शांतनु शुक्ला और बेंगलुरु में आईटी नौकरी छोड़कर कानपुर में जैविक खेती करने वाले किसान दंपती रश्मि और अंकुर सचान ने अपने अनुभव साझा किए। विधान परिषद सदस्य सलिल बिश्नोई भी चर्चा में शामिल हुए। इन किसानों के प्रयोगों से यह सामने आया कि पारंपरिक फसलों के अलावा सेब, फूलों और जैविक उत्पादों की खेती भी आय के नए अवसर खोल सकती है। हालांकि, ऐसी खेती में स्थानीय जलवायु के अनुकूल किस्मों का चयन, उत्पादन की गुणवत्ता और बाजार में बिक्री की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। किसानों के अनुभवों के जरिए खेती में नवाचार और वैकल्पिक आजीविका की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

‘अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अखिलेश की जमानत जब्त हो जाएगी’, ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला

लखनऊ सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। जेपीएनआईसी के मुद्दे पर भी उन्होंने सपा प्रमुख को घेरते हुए कहा  कि अखिलेश यादव को लीज और बिक्री का अंतर नहीं पता है। 'अयोध्या से डर लग रहा तो जहूराबाद से चुनाव लड़ें अखिलेश' राजभर ने कहा कि अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए अखिलेश यादव ने खुद चुनौती दी थी और अब  मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार कर लिया है। अब अखिलेश को अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि वहां चुनाव लड़ने पर अखिलेश यादव की जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश अयोध्या से चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो जहूराबाद आकर उनसे मुकाबला कर सकते हैं। '200 करोड़ का प्रोजेक्ट 865 करोड़ तक पहुंचा, फिर भी अधूरा' जेपीएनआईसी को बेचने के आरोप पर राजभर ने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि परियोजना की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, जो सपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 865 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, लेकिन परियोजना पूरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएनआईसी के आठ सदस्यों में सात अखिलेश यादव के करीबी थे और अखिलेश यादव खुद भी उसमें शामिल थे। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के होटल, क्लब और आय के अन्य स्रोतों पर अखिलेश यादव और उनके परिवार के लोगों का प्रभाव था। राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जेपीएनआईसी को 30 साल की लीज पर दिया है। उन्होंने अखिलेश यादव के इसे बेचे जाने के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि लीज पर देने और संपत्ति बेचने में अंतर होता है। 'अखिलेश अपने पांच साल के कार्यकाल को देखें' दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और इस मामले में उत्तर प्रदेश के लोगों को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख को अपने पांच साल के शासनकाल को भी देखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई पुलिस के साथ बदसलूकी करेगा तो क्या पुलिस उस पर फूल बरसाएगी? राजभर ने कहा कि पुलिस को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी होती है।

राजभर ने अखिलेश से पूछा- कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन आपने दी या चच्चू आत्मनिर्भर हो गए?

लखनऊ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बढ़ती तकरार को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा-कांग्रेस के रिश्तों पर सवाल उठाते हुए संभावित गठबंधन को ‘ठगबंधन’ करार दिया। 'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?' राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव रायबरेली गए तो कांग्रेस के लोग उन्हें इटावा जाने को कह रहे हैं। उन्होंने शिवपाल यादव को लेकर भी तंज कसा और कहा कि ‘चच्चू’ कांग्रेस वालों को जसवंतनगर बुलाकर औकात दिखाना चाह रहे हैं। राजभर ने आगे लिखा कि इमरान मसूद अखिलेश को आंखें दिखा रहे हैं और इकरा हसन कांग्रेस वालों को उनकी जगह दिखा रही हैं। वहीं, अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम ने सपा को छोटा भाई बना दिया है और सपा के प्रवक्ता कांग्रेसियों को लिमिट में रहने की सीख दे रहे हैं। इसी को लेकर राजभर ने सवाल किया, 'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?' 'असल में इसको ठगबंधन कहा जाता है' ओमप्रकाश राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज कसते हुए इसे ‘ठगबंधन’ बताया। उन्होंने लिखा कि ठगी के लिए प्लानिंग भी हो रही है और ‘लूट के माल’ की बंदरबांट को लेकर भी लड़ाई हो रही है। राजभर ने आगे तंज करते हुए लिखा कि लड़ाई इस बात की है कि ‘कौन बड़ा ठग?’ अखिलेश से पूछा- नेताओं को परमिशन आपने दी है? राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए लिखा कि क्या अपने नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन उन्होंने ही दी है या फिर शिवपाल यादव और बाकी नेता इस मामले में ‘आत्मनिर्भर’ हो गए हैं। अमेठी जाने की दी नसीहत राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को अमेठी जाने की नसीहत भी दी। उन्होंने लिखा कि अगर अखिलेश रथ निकाल रहे हैं तो लखनऊ के बगल में अमेठी है और उन्हें वहां एक चक्कर लगा लेना चाहिए। राजभर ने अमेठी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा कि यही अमेठी है, जिसने ‘आपके मित्र राहुल बाबा को सिर्फ हराया ही नहीं, बल्कि भगा दिया।’ पोस्ट के अंत में राजभर ने लिखा 'उसी अमेठी घूम आइये महाराज, कांग्रेसियों को जलने दीजिए।'

“सपा राज में पूरे प्रदेश की तिजोरी लूटकर सिर्फ सैफई को चमकाया, जनता को दिए सिर्फ डर और दंगे”: ओम प्रकाश राजभर

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 'सैफई मॉडल' के विकास के उदाहरण पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश की सरकार थी तब 24 घंटे बिजली केवल सैफई में मिलती थी। सैफई महोत्सव होता था और सैफई महोत्सव में मुंबई से हीरो-हीरोइन आकर डांस करते थे। आसपास के गांवों में दुष्टता का आतंक हो जाता था और लोग भय ग्रस्त होकर घरों में कैद रहते थे। अखिलेश राज में सिर्फ सैफई का हुआ विकास राजभर ने कहा कि अखिलेश ने केवल सैफई का ही विकास किया। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा पैसे ले जा कर वहां लगा दिया। सैफई में मेडिकल कॉलेज बनवाने से लेकर वहां की सड़कें तक चौड़ी करवा दी। दूसरी जगहों की उपेक्षा हुई।  SIR पर अखिलेश के आरोप गलत राजभर ने कहा कि अखिलेश SIR पर जो आरोप लगा रहे हैं, वो सरासर गलत हैं। मैं जिस विधान सभा से विधायक हूं वहां 16 हजार वोटर मृतक थे, उनको निकाला गया। इसके अलावा 23 हजार स्थानांतरित मतदाता थे, जिन्हें चुनाव आयोग ने एक जगह करने के लिए स्वीकृत किया। SIR कोई नया नहीं है. यह 1952 से लेकर 2003 के बीच में कई बार हुआ है।  अखिलेश की सरकार में गुंडागर्दी चरम पर थी  राजभर ने कहा कि अखिलेश के राज में गुंडागर्दी, लूट, हत्या, बलात्कार और छिनैती चरम पर थे।  मुजफ्फरनगर जब दंगों में जल रहा था तो यह मुख्यमंत्री होते हुए डांस देख रहे थे। सरकारी नौकरियां पैसे पर देते थे। राजभर ने कहा अखिलेश को कोई वोट नहीं देगा। अखिलेश वोट पाने के लिए आरोप लगा रहे हैं। उन्हें तो अपनी गलतियों के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए।

आपने युवाओं को शूटर बनाया, पैसे लेकर नौकरी दी’, अखिलेश यादव पर ओमप्रकाश राजभर का सीधा हमला

लखनऊ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बेहद तीखे अंदाज में हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव को संबोधित कर पूछा- 'का भइया अखिलेश जी, हाल-चाल ठीक है न?' इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता नहीं है कि हाल ठीक होगा, क्योंकि चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है। राजभर ने अपनी पोस्ट में कहा कि ये नौकरियां बिना लेन-देन, बिना भेदभाव, बिना जात-पात और बिना क्षेत्रवाद के दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और कुछ ही हफ्तों में दस लाख का आंकड़ा भी पूरा हो जाएगा। राजभर ने इसी मुद्दे पर अखिलेश यादव पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'बस गिनती करते जाइए।' उन्होंने अखिलेश से भी गिनती शुरू करने को कहा। साथ ही तंज कसा कि अगर वह ठीक से गिनती न कर पाएं तो 'चच्चू को लगा दीजिएगा।' राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार के समय लूट का पूरा हिसाब-किताब चच्चू (शिवपाल यादव) ही करते थे। ‘चुनाव आ रहा है, दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए’ राजभर ने अपने पोस्ट में आगामी चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने लिखा- 'सुनिए महाराज, चुनाव आ रहा है। दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए।' इसके बाद उन्होंने सपा के पिछले विधानसभा चुनावों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लिखा कि 2017 में 47 और 2022 में 111 सीट मिली थी। राजभर ने तंज किया कि इस बार 47 सीट भी आ जाए तो कहिएगा। ‘आपने युवाओं को शूटर बनाया’ राजभर ने अपने पोस्ट में सपा सरकार के कार्यकाल पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने लिखा कि जब अखिलेश यादव का समय था, तब उन्होंने 'युवाओं को शूटर बनाया' और भेदभाव करके, पैसे लेकर नौकरी दी। राजभर ने आगे लिखा कि शूटरों के भरोसे चुनाव जीतने के चक्कर में थे, लेकिन 'शूटर तो ढेर हो गए।' इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि अब कुछ अपराधी सपा के कार्यकर्ता बनकर घूम रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार आने पर वे फिर लूट और अपराध करेंगे। अपने पोस्ट के अगले हिस्से में राजभर ने लिखा कि 'यकीन मानिए, सरकार तो आयेगी नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि जो अपराधी बचे हैं, वे भी जल्दी ही निपट जाएंगे। पोस्ट के अंत में राजभर ने अखिलेश यादव पर फिर तंज कसते हुए लिखा- 'ख़ैर, ठीक से चुनाव लड़िए महाराज। एकतरफा चुनाव में मज़ा नहीं आता है।