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सीएस कार्यालय पर घूसखोरी का गंभीर मामला, स्वास्थ्य विभाग ने जांच के दिए आदेश

पटना

 बिहार के सरकारी स्वास्थ्य महकमे पर निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों से अवैध वसूली का आरोप लगा है। मुजफ्फरपुर सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मियों द्वारा जिले के अल्ट्रासाउंड संचालकों से लाइसेंस रिन्यूअल के नाम पर प्रत्येक माह हर केंद्र से दो हजार रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। शहर के अल्ट्रासाउंड संचालकों ने इसकी लिखित शिकायत स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से की है। इसके बाद विभाग ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। अनुमान के अनुसार सिर्फ मुजफ्फरपुर में ही मंथली वसूली का आंकड़ा 60 लाख से अधिक है। राज्य के अन्य जिलों में ऐसी वसूली की संभावना पर विभाग विचार कर रहा है। जांच कर कार्रवाई का आदेश आने के बाद मुजफ्फरपुर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है

अल्ट्रासाउंड संचालकों ने शिकायत में कहा है कि प्रावधानो के अनुसार अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाने के लाइसेंस का रिन्यूअल ऑनलाइन किया जाना है। इसके बावजूद सीएस कार्यालय के संबंधित कर्मचारी संचालकों को ऑफलाइन फॉर्म भरने और उसे विशेष दूत के माध्यम से जमा करने को बाध्य करते हैं। ऑफलाइन आवेदन जमा करने गए व्यक्ति से दो हजार रुपये की वसूली के बाद ही आवेदन जमा किया जाता है।

समाजसेवी संस्थाओं से भी शिकायत मिली
संचालकों की शिकायत के बाद इस मामले में स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख डॉ. रेखा झा ने सिविल सर्जन को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। निदेशक प्रमुख ने कहा है कि संचालकों के अलवा समाजसेवी संस्थाओं से भी शिकायत मिली है। इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाए और दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी तरह के आवेदन पोर्टल पर ऑनलाइन हों।

तीन हजार से अधिक सेंटर से लिए ऑफलाइन आवेदन
स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख ने निर्देश के साथ जिले के लाइसेंस रिन्यूअल का आंकड़ा भी भेजा है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2025 में विभाग को अकेले मुजफ्फरपुर से अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस रिन्यूअल के 3401 आवेदन ऑफलाइन प्राप्त हुए। शिकायत में संचालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि वसूली करने वाले कर्मियों की शह पर ही अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाए जा रहे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी?
इस मामले में मुजफ्फरपुर के प्रभारी सीएस डॉ सीके दास ने कहा है कि सिविल सर्जन अवकाश पर हैं। उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं हैं। विभाग से जो आदेश आया है उनका पूरी तरह से अनुपालन कराया जाएगा। शिकायतकर्ताओं से भी जानकारी ली जाएगी। सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन पर विभाग की नजर है।

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