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पॉलिटेक्निक छात्रों का कमाल, वेस्ट मटेरियल से तैयार की पेट्रोल से चलने वाली ऑफ-रोड बग्गी

अंबाला अक्सर कहा जाता है कि यदि इंसान ठान ले तो सीमित संसाधनों से भी बड़े काम किए जा सकते हैं. दरअसल जुगाड़, हुनर और जज़्बा, जब ये तीनों एक साथ मिलते हैं, तो साधारण संसाधन भी असाधारण नतीजे दे जाते हैं. बता दें कि, इस कहावत को सच कर दिखाया है राजकीय पॉलिटेक्निक, अंबाला के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के छात्रों ने, जिन्होंने कबाड़ यानी वेस्ट मटेरियल से एक अनोखी छोटी गाड़ी (बग्गी) तैयार कर सबको चौंका दिया है. वहीं छात्रों ने अपनी इस अनूठी रचना का नाम “यमदूद” रखा है, जो इन दिनों काफी ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है. वही इस बग्गी को तैयार करने में लोहे के पाइप और पुराने वाहनों के अनुपयोगी पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया है. हैरानी की बात तो यह है कि इस पूरी गाड़ी को बनाने में छात्रों का केवल लगभग 80 हजार रुपये का खर्चा आया हैं. हालांकि, इस बग्गी में उपयुक्त अधिकांश सामग्री पहले से उपलब्ध कबाड़ से ली गई, जिससे लागत बेहद कम रही है ओर छोटी गाड़ी का एक अच्छा मॉडल तैयार हुआ हैं. इस बग्गी की खासियत सिर्फ इसकी कम लागत ही नहीं हैं, बल्कि इसमें दिए गए आधुनिक सेफ्टी फीचर्स ओर मनोरंजन के स्पीकर लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं. गाड़ी को तैयार करने में 80 हजार रुपए का आया खर्चा वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए छात्र नैतिक ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई, यह गाड़ी टूटी सड़कों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि यह ऑफ रोड पर काफी आराम से चलती हैं. उन्होंने कहा कि इसका डिजाइन भी इस तरह से तैयार हुआ है कि इसका वेट काफी कम है और दूसरी गाड़ियों के मुकाबले इसका इंजन गाड़ी के आखरी में रखा गया है. ताकि यह सही ढंग से चल सके और खेतों में दूसरी गाड़ियों के मुकाबले बिल्कुल कंफर्टेबल तरीके से कार्य करें. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी को तैयार करने में उनका लगभग 80 हजार रुपए का खर्चा आया है, ओर सभी साथियों ने मिलकर यह अपने खर्चे पर गाड़ी (बग्गी) तैयार की हैं. उन्होंने कहा कि इस बग्गी को बनाने में पांच लोगों को दो महीने का समय लगा है ओर इसके इंजन के ऊपर एक बड़ा फेन, पंखा लगाया है ताकि वह ठंडा रह सके. उन्होंने बताया कि यह गाड़ी पेट्रोल से चलती है और लगभग 1 लीटर पेट्रोल में 20 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है, जो इसे किफायती भी बनाता है. उन्होंने बताया वेस्ट पाइप और प्लास्टिक के साथ-साथ गाड़ी के पार्ट्स की मदद से यह बग्गी तैयार हुई है, और इसमें सेफ्टी के लिए लाइटिंग व मनोरंजन के लिए म्यूजिक सिस्टम लगाया हैं. वहीं छात्र तुषार ने बताया कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग फील्ड में उन्हें गाड़ी के इंजन के बारे में पढ़ाया गया था, जिसके बाद उनके मन में विचार आया कि क्यूं न वह वेस्ट मटेरियल से एक गाड़ी तैयार करें. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी में फिर 624 सीसी का इंजन फिट किया गया था और अब वह इस गाड़ी को काफी आसानी से चला पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस गाड़ी में आगे दो लोग बैठ सकते हैं और पीछे तीन लोगों के खड़े होने की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी में फीचर दूसरे गाड़ियों के मुकाबले काफी ज्यादा बदले गए हैं और इसमें टेक्निकल चेंज करके बग्गी के मॉडल को तैयार किया हैं. उन्होंने कहा कि जल्द वह इस गाड़ी को मार्केट में उतारेंगे और फिर यह ग्रामीण क्षेत्र में काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होगी.

आर्थिक संकट के अंधेरे से उबरकर रोशन हुआ कुसुम बाई का घर

​रायपुर     जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का पैमाना वह मुस्कान है, जो किसी गरीब के चेहरे पर तब आती है, जब उसे उम्मीद की नई किरण दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ शासन की ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026’ आज प्रदेश के हजारों परिवारों के लिए ऐसी ही एक उम्मीद बनकर उभरी है। धमतरी जिले की कुसुम बाई सतनामी की कहानी इस योजना की संवेदनशीलता और प्रभावशीलता का जीवंत उदाहरण है। बढ़ता कर्ज और मानसिक तनाव        ​धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम चरमुडिया की निवासी  कुसुम बाई सतनामी का परिवार पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। सीमित आय और परिवार की अन्य अनिवार्य जरूरतों के बीच बिजली बिल का भुगतान पीछे छूटता गया। देखते ही देखते बकाया राशि का पहाड़ खड़ा हो गया और कुल राशि 37 हज़ार 70 रुपए तक जा पहुँची। भारी भरकम बिल और ऊपर से बढ़ता अधिभार (सरचार्ज) कुसुम बाई के लिए मानसिक और आर्थिक बोझ बन चुका था। ​ योजना बनी मददगार     ​जब कुसुम बाई को शासन की नई समाधान योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने बिना देर किए आवेदन किया। विद्युत विभाग के सहयोग से प्रक्रिया इतनी सरल रही कि उन्हें शीघ्र ही योजना का लाभ मिल गया।​कुसुम बाई को ​कुल बकाया राशि: 37 हज़ार 70 रुपए में से 28 हज़ार 640 रुपए की छूट प्रदान की गई।इसमें ​विशेष लाभ के रूप में अधिभार (सरचार्ज) में 100% की माफी दी गई। इस प्रकार शेष राशि के भुगतान हेतु आसान किस्तों का विकल्प मिलने से बिल पटाने की चिंता से मुक्ति मिली। इस पर  कुसुम बाई ने कहा कि बकाया बिल को लेकर मैं हमेशा चिंता में रहती थी। समझ नहीं आ रहा था कि इतनी बड़ी राशि कहाँ से लाऊंगी। लेकिन इस योजना ने मेरा 28 हज़ार रुपए से ज्यादा का बोझ कम कर दिया। अब मैं नियमित रूप से बिल जमा कर पा रही हूँ। मुख्यमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद। ​धमतरी जिले में योजना की शानदार प्रगति      ​ कुसुम बाई केवल एक उदाहरण हैं, धमतरी के कुरूद विकासखंड और पूरे जिले में यह योजना एक जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। अब तक जिले में 4,652 हितग्राहियों की पहचान की गई है, जिनमें से 4,115 उपभोक्ता आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण कर चुके हैं। कुल 537 उपभोक्ताओं को अब तक प्रत्यक्ष लाभ मिल चुका है। ​यह योजना विशेष रूप से राज्य के उन वर्गों को लक्षित कर बनाई गई है जो किन्हीं कारणों से विकास की मुख्यधारा से पीछे छूट गए थे। ​बी.पी.एल. एवं घरेलू उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ कम करने हेतु विशेष प्रावधान किया गया है। इसी तरह  अन्नदाताओं कृषकों को बकाया से मुक्ति दी गई है। इस योजना के तहत मूल बकाया राशि पर 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट और सरचार्ज की पूरी माफी दी गई है। संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण        ​मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 केवल एक वित्तीय राहत की योजना नहीं है, बल्कि यह शासन की पारदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह योजना लोगों को डिफॉल्टर की श्रेणी से बाहर निकालकर उन्हें एक 'नियमित और सम्मानित उपभोक्ता' के रूप में नई शुरुआत करने का अवसर दे रही है। धमतरी की कुसुम बाई जैसी हजारों माताओं-बहनों के घरों में आज जो बिजली की रोशनी है, उसके पीछे शासन की इसी कल्याणकारी सोच का हाथ है।

कैबिनेट विस्तार से पहले बीजेपी की रणनीति, अरविंद शर्मा को बनाया MLC उम्मीदवार

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दो डिप्टी सीएम वाली नई सरकार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को कैबिनेट विस्तार तक के लिए इंतजार कराने से भूमिहार समाज में उपजी नाराजगी को भाजपा मैनेज करने में जुट गई है। विधायक बन चुके पार्टी के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय के इस्तीफे से खाली हुई विधान परिषद की एक सीट के लिए हो रहे उप-चुनाव में भाजपा ने 46 साल पुराने कार्यकर्ता अरविंद शर्मा को टिकट दिया है। विधानसभा कोटे की इस सीट पर 202 विधायकों के समर्थन वाले एनडीए के कैंडिडेट अरविंद शर्मा की जीत तय है, जो भूमिहार जाति से हैं। अरविंद शर्मा को टिकट मिलने को पार्टी से शुरुआत से जुड़े कार्यकर्ताओं के समर्पण का इनाम बताया जा रहा है। अरविंद शर्मा ने गुरुवार को नामांकन के आखिरी दिन पर्चा भरा है। उनके साथ दौरान सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय चौधरी, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार और लोजपा-आर के विधायक दल के नेता राजू तिवारी समेत एनडीए गठबंधन के अन्य नेता मौजूद रहे। विपक्ष के पास इतने विधायक नहीं हैं कि वो चुनाव लड़ने की भी सोच सके। इसलिए अरविंद शर्मा इस चुनाव में इकलौते कैंडिडेट होने के आधार पर निर्विरोध जीत जाएंगे। कोई कैंडिडेट आ जाता है तो 12 मई को मतदान और फिर उसी शाम को नतीजे आएंगे। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की सरकार के दौर में नक्सलियों और रणवीर सेना के संघर्ष का केंद्र रहे जहानाबाद से काटकर बनाए गए अरवल जिले के बंभई गांव के रहने वाले अरविंद शर्मा पटना में रहते हैं। भाजपा में पहले जिलाध्यक्ष और जिलों में प्रभारी रह चुके अरविंद शर्मा को सम्राट चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल में बिहार कार्यालय का प्रभारी बनाया गया था। भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन के दिवंगत पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और अरविंद शर्मा एक दौर के नेता हैं और गहरे मित्र रहे हैं। अरविंद शर्मा एक बार विधानसभा चुनाव लड़ने की रेस में थे, लेकिन टिकट का समीकरण नहीं बन पाया था। अब उनको पक्की जीत वाली सीट से एमएलसी का टिकट मिलने से पुराने कार्यकर्ताओं में उत्साह है कि पार्टी नेतृत्व कब किसे धैर्य का धमाकेदार तोहफा दे, कोई नहीं जानता। विधान परिषद में जून में 9 और सीटें खाली हो रही है, जिसका चुनाव मजेदार होगा। विपक्ष के पास जितने विधायक हैं, उसमें एकजुटता दिखाने पर एक सीट निकल सकती है। बाकी 8 सीटों पर एनडीए के कैंडिडेट बाजी मारेंगे, ऐसा माहौल दिख रहा है। अगले चुनाव में रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा को मौका मिलने को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है।

पेंड्रा के मेधावी विद्यार्थियों से वीडियो कॉल

रायपुर छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कैबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अपने प्रभार क्षेत्र पेंड्रा के मेधावी विद्यार्थियों ताहिरा खान, भूमिका और ओंकार केंवट से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।        मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों के परिश्रम, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी लगन और मेहनत के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।        इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं की मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके अभिभावकों और गुरुजनों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मंत्री  अग्रवाल ने सभी सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे की पढ़ाई और जीवन में निरंतर सफलता प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

शहर में पीएम आवास योजना के आवेदन को लेकर निगम ने लगाया कैंप, पात्र लोगों को मिलेगा लाभ

रांची रांची नगर निगम की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में विशेष कैंप लगेगा। गुरुवार से इसकी शुरुआत होगी। पहले दिन कुल आठ वार्डों में शिविर लगेंगे। इस पहल का उद्देश्य ऐसे पात्र व वंचित लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाना है, जिनके पास देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं है और जो अब तक किसी कारणवश इस योजना से वंचित रह गए हैं। शिविर में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार आवेदन लिए जाएंगे। निगम के मुताबिक, आवेदन परिवार के महिला या पुरुष मुखिया के नाम से होगा, जिसमें पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल होंगे। आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। साथ ही, जो लोग पहले से किसी सरकारी आवास योजना का लाभ ले चुके हैं, वे इसके लिए पात्र नहीं होंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के ऐसे परिवार, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है, आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज आवेदन के लिए भूमि से संबंधित अद्यतन कागजात, परिवार की फोटो, पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र, आवास होल्डिंग रसीद, स्व-प्रमाण पत्र एवं पक्का मकान नहीं होने का शपथ पत्र समेत अन्य दस्तावेज आवश्यक हैं। इस दौरान लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन देने की सुविधा मिलेगी। इन वार्डों में यहां लगेंगे शिविर वार्ड संख्या स्थान 1,2 और 3 जोगो पहाड़, एदलहातू 4 और 5 पहान टोली, अटल क्लिनिक 7,11 और 12 दुर्गा सोरेन चौक, हाई टेंशन मैदान कल इन आठ वार्डों में यहां शिविर लगेंगे और लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे और इस बारे में जानकारी भी मिल जाएगी। वार्ड संख्या स्थान 13,14 और 46 वार्ड कार्यालय, बहु बाजार चुटिया 6 और 8 सामुदायिक भवन, क्लिनिक 15,16 और 17 कर्बला चौक, निगम कार्यालय इसी प्रकार चार मई को वार्ड संख्या 25 व 26 में कार्तिक उरांव चौक, 27, 28 व 29 को सेल्टर हाउस मधुकम, 24 व 43 को कडरू दुर्गा मंदिर, 30, 32, 33 और 34 को सामुदायिक भवन टंगराटोली में शिविर लगेगा। पांच मई को वार्ड संख्या 37, 38, 39, 40, 41, 42, 49 व 35 में शिविर लगेगा। छह मई को वार्ड संख्या 44, 45, 48, 18, 19, 9 व 10 में शिविर लगेगा। सात मई को कुल ग्यारह वार्डों में शिविर लगेगा। इसमें वार्ड संख्या 20, 21, 22, 23, 47, 36, 31, 50, 51, 52 व 53 शामिल हैं।

बड़ी राहत: Bihar में CO अधिकारियों की हड़ताल टली, 4 मई से सेवाएं बहाल

पटना. बिहार में 9 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर गए अंचलाधिकारियों ने हड़ताल स्थगित (Bihar CO Strike News) करने का फैसला लिया है। संयुक्त मोर्चा, बिहार राजस्व सेवा महासंघ ने हड़ताल को स्थगित करने को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन में भरोसा रखते हुए और व्यापक जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश (हड़ताल) को स्थगित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया है। आगे कहा गया कि यह निर्णय आम जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए तथा प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। 4 मई को दफ्तर जाएंगे सीओ बयान में यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया कि संयुक्त मोर्चा के सभी सदस्य (अंचलाधिकारी) 04.05.2026 तिथि को अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान करेंगे। सरकार से मोर्चा को उम्मीद संयुक्त मोर्चा ने कहा है कि उनको उम्मीद है कि बिहार सरकार सकारात्मक एवं ठोस कदम उठाएगी तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित पूर्व में प्रस्तुत 11 सूत्री मांग-पत्र पर गंभीरता पूर्वक विचार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। सरकार को अब 2 महीने का अल्टीमेटम हालांकि, मोर्चा की ओर यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर निर्धारित समयावधि (2 महीने) के भीतर मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संयुक्त मोर्चा फिर से सामूहिक अवकाश (हड़ताल) पर जा सकता है।

अमेरिका ने भारत को दी 657 प्राचीन मूर्तियां, इनकी कुल कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक

 नई दिल्ली अमेरिका ने करीब 120 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कीमत की 657 दुर्लभ और प्राचीन कलाकृतियां भारत को लौटाई है. ये सभी आर्टफेक्ट इंटरनेशल तस्कर गिरोह कई सालों तक स्मगल कर अमेरिका ले गए थे. अमेरिका के मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय ने तस्करी की जांच के बाद इन कलाकृतियों को भारत को वापस करने की घोषणा की थी।   लगभग 14 मिलियन डॉलर मूल्य की 657 चोरी की कलाकृतियां भारत को लौटा दी गई हैं. इन मूर्तियों की वापसी इंटरनेशनल स्मगलिंग नेटवर्क से जुड़ी एक बड़ी सांस्कृतिक चोरी का खुलासा करती है. मैनहट्टन के जिला अटॉर्नी एल्विन एल ब्रैग जूनियर ने न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की काउंसल राजलक्ष्मी कदम की मौजूदगी में आयोजित एक समारोह में इस वापसी की घोषणा की।  अमेरिकी अधिकारियों ने  तस्कर सुभाष कपूर और नैन्सी वीनर से जुड़े आपराधिक गिरोहों की चल रही जांच के दौरान इन कलाकृतियों को बरामद किया था. अधिकारियों ने भारत को निशाना बनाकर की जा रही सांस्कृतिक चोरी की भयावहता का खुलासा करते हुए बताया कि इस एक ही अभियान में 600 से अधिक प्राचीन और दुर्लभ आर्टफैक्ट वापस की गईं।  एक बड़े इंटरनेशनल स्मगलिंग नेटवर्क का खुलासा जिला अटॉर्नी ब्रैग ने कहा कि भारत में सांस्कृतिक धरोहरों को निशाना बनाने वाले तस्करी नेटवर्क बहुत बड़ा है. आज 600 से अधिक कलाकृतियों की वापसी से यह साफ हो गया है. वहीं काउंसल जनरल  बिनय प्रधान ने कहा कि मैं मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निरंतर सहयोग की प्रशंसा करता हूं।  लौटाई गई कलाकृतियों में अवलोकितेश्वर की एक कांस्य प्रतिमा भी शामिल है, जिसकी कीमत 20 लाख डॉलर है.यह प्रतिमा मूल रूप से रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में रखी थी. इसे 1982 में चोरी करके अमेरिका ले जाया गया था. इसे 2025 में न्यूयॉर्क के एक निजी संग्रह से जब्त किया गया था।  भारत में इन मूर्तियों की हुई थी चोरी एक अन्य महत्वपूर्ण बरामदगी में 75 लाख डॉलर मूल्य की लाल बलुआ पत्थर की बुद्ध प्रतिमा शामिल है. तस्कर सुभाष कपूर के नेटवर्क के माध्यम से क्षतिग्रस्त प्रतिमा को न्यूयॉर्क ले गए थे, जहां अधिकारियों ने बाद में इसे एक स्टोर से जब्त कर लिया।  अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के एक मंदिर से 2000 में लूटी गई नृत्य करते गणेश की बलुआ पत्थर की प्रतिमा भी लौटा दी. तस्करों ने फर्जी प्रमाण पत्रों के माध्यम से इस प्रतिमा को बेच दिया था और 2012 में क्रिस्टीज न्यूयॉर्क में इसकी नीलामी की गई थी. बाद में इस साल की शुरुआत में एक निजी संग्राहक ने इस कलाकृति को वापस कर दिया था।  एक दशक से अधिक समय से, पुरातत्व तस्करी इकाई (एटीयू), गृह सुरक्षा जांच विभाग के साथ मिलकर, कपूर और उसके सहयोगियों पर दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया में कलाकृतियों की कथित लूट और तस्करी के आरोप में कार्रवाई कर रही है. अधिकारियों ने 2012 में कपूर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और 2019 में उस पर और सात सहयोगियों पर आरोप लगाया गया था।  महावाणिज्यदूत ने कहा कि चोरी की गई कलाकृतियों को भारत वापस लाने के लिए अभी और काम करना बाकी है. अमेरिका की ओर से भारत को वापस की गई इन कलाकृतियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया है। 

केले के पत्तों से किया गया विशेष देखभाल

रायपुर जिला अस्पताल बीजापुर के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु का सफलतापूर्वक उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया गया है। ग्राम कोरसागुड़ा कोरसागुड़ा, बासागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल 2026 को गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया था। जांच में शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है। यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की। उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं। शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया। इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे। साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. आर. पुजारी एवं सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में उपचार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस उपलब्धि में कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत प्रशासनिक सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में मदद मिली। शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया। उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। यह सफलता दर्शाती है कि अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और जिला अस्पताल बीजापुर का SNCU क्षेत्रवासियों के लिए आशा का केंद्र बनकर उभर रहा है।

मुरैना से उज्जैन जा रही बारात हादसे का शिकार, दूल्हे की दादी समेत तीन की मौत

 राजगढ़ हंसी-खुशी, ढोल-नगाड़ों और शादी के गीतों के बीच निकली एक बारात कुछ ही देर में चीख-पुकार और मातम में बदल गई। मुरैना से उज्जैन जा रही तोमर परिवार की बारात गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। राजगढ़ जिले के ब्यावरा स्थित काचरी जोड़ के पास बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे में दूल्हे की दादी समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। 12 मीटर तक सड़क पर उछलती रही बारातियों से भरी बस जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र ट्रेवल्स (मुरैना) की बस क्रमांक एमपी 70 जेडडी 6654 में करीब 60- 70 बाराती सवार थे, जो रछेड़ गांव से उज्जैन शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। सुबह करीब 6 बजे काचरी जोड़ के पास अचानक चालक को झपकी आ गई। बस बेकाबू होकर सड़क किनारे खाई में उतर गई और दूसरी लेन पहुंच गई और पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस करीब 12 मीटर तक पलटती उछलती रही। हादसा इतना भयावह था कि बस के अंदर बैठे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग सीटों के नीचे दब गए तो कुछ खिड़कियों से बाहर जा गिरे।  

OnePlus Pad 4 लॉन्च: 13.2 इंच डिस्प्ले और 13380mAh बैटरी वाला दमदार प्रीमियम टैबलेट

वनप्‍लस ने OnePlus Pad 4 को भारत में लॉन्‍च कर दिया है। यह कंपनी का प्रीमियम फ्लैगश‍िप टैबलेट है, जिसे ‘स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 चिपसेट’ से पैक किया गया है। टैबलेट में 13.2 इंच का 3.4K रेजॉलूशन डिस्प्ले है और 13380 एमएएच की बड़ी बैटरी दी गई है। इतनी बड़ी बैटरी के बावजूद यह काफी पतला है और कंपनी दावा करती है कि इस टैबलेट के साथ यूजर्स को PC लेवल की परफॉर्मेंस मिलेगी। OnePlus Pad 4 के प्राइस और उपलब्‍धता     8GB+256GB मॉडल की कीमत 54,999 रुपये है।     12GB+512GB मॉडल के दाम 59,999 रुपये हैं।     इस टैबलेट की सेल 5 मई 2026 से Amazon, Flipkart, OnePlus.in और ऑफलाइन स्टोर्स पर शुरू होगी। कुछ बैंक कार्ड्स पर 5000 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है साथ ही 5,499 रुपये प्राइस वाला OnePlus Stylo Pro फ्री दिया जाएगा। OnePlus Pad 4 के स्‍पेस‍िफ‍िकेशंस और फीचर्स     OnePlus Pad 4 एक बड़े डिस्‍प्‍ले वाला पतला और प्रीमियम टैबलेट है।     इसमें 13.2 इंच का 3.4K डिस्प्ले, 144 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट और 1 हजार निट्स की ब्राइटनैस दी गई है।     टैब में 7:5 'ReadFit' आस्पेक्ट रेश्यो दिया गया है, जिससे डॉक्‍युमेंट्स पढ़ने और मल्‍टीटास्‍क‍िंग में आसानी होती है।     OnePlus Pad 4 में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट, 12GB RAM और 512GB स्टोरेज है।     यह वनप्‍लस का सबसे पावरफुल टैबलेट है और 13,380mAh बैटरी के साथ सबसे बड़े टैब्‍स में शामिल है।     इसे चार्ज करने के लिए बॉक्‍स में 80वॉट की सुपरवूक चार्जिंग मिलती है। दावा है कि फुल चार्ज के बाद यह 54 दिनों     का स्‍टैंडबाय और 20 घंटे का वीड‍ियो प्‍लेबैक दे सकता है।     हैवी परफॉर्मेंस के दौरान टैब में कोई रुकावट ना आए, इसके लिए टैब में 'Cryo-velocity Cooling System' दिया गया है, जो टैब को ठंडा रखता है।     ‘वनप्‍लस पैड 4’ रन करता है OxygenOS 16 पर। कंपनी ने इसमें माउस-कीबोर्ड शेयरिंग फीचर दिया है, जिससे यह लैपटॉप जैसा एक्‍सपीरियंस देता है। OnePlus Pad 4 के अन्‍य फीचर्स     मेटल यूनिबॉडी के साथ आने वाला OnePlus Pad 4 सिर्फ 5.94mm स्‍लीक है। इसका वेट 672 ग्राम है। इसमें 8 स्‍पीकर्स (4 वूफर्स और 4 ट्वीटर) का सेटअप है।     टैब में एआई फीचर्स दिए गए हैं। इनमें एआई राइटर, एआई समरी, एआई पेंटर, एआई क्‍लीयर कॉल आदि शामिल हैं। 50 हजार से अधिक प्राइस, क्‍या OnePlus Pad 4 खरीदना चाहिए? वनप्‍लस का प्रीमियम और फ्लैगश‍िप टैबलेट हर मोर्चे पर अडवांस, फास्‍ट और बेहतरीन नजर आता है। NBT टेक के पास यह डिवाइस मौजूद है। हम इसे र‍िव्‍यू कर रहे हैं। अब तक के एक्‍सपीरियंस में वनप्‍लस पैड 4 एक सॉलिड खिलाड़ी बनकर उभरा है। परफॉर्मेंस से लेकर डिस्‍प्‍ले और बैटरी क्षमता में यह दमदार है। वनप्‍लस का सबसे बड़ी बैटरी वाला टैब है। अगर बजट इजाजत देता है तो आप ब‍िना हिचक इसे खरीद सकते हैं।