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कातिलाना इश्क: राजनांदगांव में प्रेमिका ने पूर्व प्रेमी संग मिलकर युवक की हत्या, दोनों को उम्रकैद

राजनांदगांव फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चर्चित हत्या मामले में प्रेमिका और उसके पूर्व प्रेमी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है। मामला 13 जुलाई 2022 का है, जब लिटिया गांव निवासी हिरावन मंडले की हत्या कर दी गई थी। लंबी सुनवाई के बाद 30 अप्रैल को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार साहू ने फैसला सुनाया। मृतक हिरावन मंडले (31) और गांव की ही महिला मोम‍िन वर्मा उर्फ मोना (28) के बीच प्रेम-प्रसंग था, लेकिन महिला का उसके मायके कोलिहापुरी के पूर्व प्रेमी डिकेश्‍वर वर्मा (37) भी संपर्क में था। 

राशिफल 1 मई: मेष से मीन तक, जानें आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा

मेष राशि आपका दिन अच्छा रहेगा। पुराने विवाद सुलझने से राहत मिलेगी और लव लाइफ में भी चीजें बेहतर होंगी। करियर में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे और नए काम की शुरुआत का मौका मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार में सामंजस्य बना रहेगा और सेहत सामान्य रहेगी। वृषभ राशि आपका दिन सकारात्मक रहेगा। ऑफिस में प्रदर्शन शानदार रहेगा और कोई रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन खर्च सोच-समझकर करें। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। रिश्तों में खुशी बनी रहेगी। मिथुन राशि आपका दिन मिलाजुला रहेगा। ऑफिस में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा, लेकिन आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। निवेश से पहले सलाह लेना बेहतर रहेगा। मन में थोड़ी चिंता रह सकती है, लेकिन लव लाइफ अच्छी रहेगी और स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कर्क राशि आपका दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण लेकिन संतुलित रहेगा। रिश्तों में हल्की नोकझोंक हो सकती है, लेकिन समझदारी से सब ठीक हो जाएगा। काम में मेहनत करनी होगी और कुछ रुकावटें आ सकती हैं। सेहत का ध्यान रखें और परिवार के साथ समय बिताएं। सिंह राशि आपका दिन अच्छा और अवसरों से भरा रहेगा। नया काम शुरू करने का विचार सफल हो सकता है और धन लाभ के योग हैं। किसी मित्र की मदद मिलेगी। प्यार के मामलों में जल्दबाजी से बचें और खुद को समय दें। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। कन्या राशि आपका दिन सावधानी से चलने वाला रहेगा। काम में जल्दबाजी या बड़े फैसले लेने से बचें। कुछ बहस या तनाव हो सकता है, लेकिन अंत में स्थिति संभल जाएगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं और रिश्तों में शांति बनाए रखें। तुला राशि आपका दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। धन वृद्धि के योग हैं, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं। काम में एनर्जी कम महसूस होगी। नए काम की शुरुआत टालना बेहतर रहेगा। रिलेशनशिप में थोड़ा ब्रेक लेकर खुद को समझने की जरूरत हो सकती है। वृश्चिक राशि आपका दिन प्रगति की ओर रहेगा। काम के सिलसिले में यात्रा का मौका मिल सकता है और नए काम की शुरुआत भी हो सकती है। पार्टनर का सहयोग मिलेगा। प्यार में ज्यादा उम्मीदें न रखें और धैर्य बनाए रखें। परिवार में किसी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। धनु राशि आपका दिन संभलकर चलने वाला रहेगा। पैसों को लेकर तनाव हो सकता है, इसलिए सोच-समझकर फैसले लें। रिश्तों में बहस से बचें और समझदारी से बात करें। यात्रा के दौरान सावधानी रखें। काम में बड़ा निवेश टालना बेहतर रहेगा। मकर राशि आपका दिन काम पर फोकस रखने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में कुछ रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन मेहनत से आप संभाल लेंगे। रिश्तों में छोटी बातों पर मनमुटाव हो सकता है, इसलिए बातचीत बनाए रखें। यात्रा और वाहन चलाते समय सावधानी रखें। कुंभ राशि आपका दिन मिला-जुला रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें और वाणी पर संयम रखें। परिवार में उतार-चढ़ाव रह सकते हैं, लेकिन रिश्ते संभल जाएंगे। कोई नया व्यक्ति आपकी जिंदगी में आ सकता है, जिससे खुशी मिलेगी। सेहत का ध्यान रखें। मीन राशि आपका दिन खुशियां लेकर आएगा। लव लाइफ में अच्छे मौके मिलेंगे और किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। काम में भी लाभ और नई डील के योग हैं। परिवार में सामंजस्य रहेगा और आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में करोड़ों की संगठित धोखाधड़ी का पर्दाफाश सीआईडी ने दर्ज की दो एफआईआर

भोपाल पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा एक बड़े संगठित बीमा धोखाधड़ी गिरोह का खुलासा किया गया है। इस मामले में अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय भोपाल में दो अलग-अलग प्रकरण पंजीबद्ध कर व्यापक जांच प्रारंभ कर दी गई है। विशेष पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी)  पंकज वास्‍तव ने बताया कि “प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)” के अंतर्गत संगठित अपराधियों के एक गिरोह द्वारा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर बीमा कंपनियों से लगभग ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। यह संगठित अपराध ग्वालियर, मुरैना, रतलाम सहित प्रदेश के अन्य जिलों में सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों द्वारा विभिन्न बैंकों में फर्जी नामों से सैकड़ों संदिग्ध बैंक खाते खोले गए तथा इन्हीं खातों के माध्यम से बड़ी संख्या में बीमा पॉलिसियां ली गईं। एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम पर बीमा कराया गया, साथ ही एक ही नाम-पते वाले व्यक्तियों के अलग-अलग बीमा कंपनियों में बीमा कराए गए। कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी का उपयोग विभिन्न खातों और बीमा पॉलिसियों में किया गया, जिससे संदेह और अधिक गहरा हुआ। विशेष रूप से यह तथ्यभी सामने आया है कि अनेक व्यक्तियों की जानकारी के बिना ही उनके नाम से बीमा पॉलिसियां जारी कराई गईं, जबकि संबंधित हितग्राही को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। बीमा कराने के एक माह से एक वर्ष के भीतर ही इन व्यक्तियों को मृत बताकर नगरीय निकायों से कथित रूप से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए और उनके आधार पर बीमा क्लेम प्राप्त कर लिया गया। कई मामलों में संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए, फिर भी उन्हें मृत दिखाकर धोखाधड़ी की गई। गिरोह द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को छिपाने के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क का उपयोग किया गया। ग्वालियर एवं मुरैना में खोले गए खातों में राशि जमा होते ही उसे रतलाम, राजस्थान के सवाई माधोपुर, गंगानगर एवं अन्य स्थानों के एटीएम से तत्काल निकाल लिया जाता थाया म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इसी प्रकार रतलाम में खोले गए खातों से राशि की निकासीग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के एटीएम से की गई। संदेहास्पद खातों को चिन्हित कर फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि कई मामलों में बीमित व्यक्ति का निवास स्थान एक स्थान पर दर्ज किया गया, जबकि उसकी मृत्यु किसी अन्य दूरस्थ स्थान पर दर्शाई गई और वहीं से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए। अलग-अलग नामित व्यक्तियों द्वारा कॉमन मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का उपयोग कर क्लेम राशि प्राप्त की गई। उल्लेखनीय है कि “प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” एक केंद्रीय सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को जीवन बीमा कवर प्रदान करना है। 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के हितग्राहियों को 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी राशि मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। इस मामले में कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां एक ही परिवार के दो या तीन सदस्यों की मृत्यु एक ही सप्ताह या एक माह के भीतर दर्शाकर बीमा दावा प्राप्त किया गया, जबकि लगभग सभी मामलों में मृत्यु का कारण “प्राकृतिक” बताया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस संगठित अपराध के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। गिरोह में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी, बैंकिंग एवं बीमा नेटवर्क की विस्तृत जांच तथा अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। आगामी समय में इस प्रकरण में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।  

पुलिस विभाग में 2070 महिला आरक्षकों को दिये जायेंगे नियुक्ति पत्र

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के पालन में पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी रिक्त पदों पर बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश पुलिस में वर्ष 2025 में आरक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से कराई गई है। पुलिस विभाग में जिला बल में 6800 पुलिस आरक्षकों की चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इसमें पुलिस आरक्षकों के 2070 पदों पर महिलाओं का चयन किया गया है। चयनित पुलिस आरक्षकों को जिलें आवंटित कर पुलिस अधिक्षकों को पत्र जारी कर दिये गये हैं। वे नियुक्ति पत्र जारी कर नियुक्ति की कार्यवाई समय सीमा में पूर्ण करायेंगे। भर्ती प्रक्रिया में जिला बल के लिए विज्ञप्ति आरक्षक के 6800 पदों में से महिलाओं के लिए 35% आरक्षण के मान से 2380 पद आरक्षित किए गए । इनमें से माननीय न्यायालय के आदेश के पालन में 13% पदों को रोकते हुए 87% पदों का परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। इस तरह महिलाओं के लिए आरक्षित 2070 पदों पर महिला उम्मीदवारों का चयन किया गया है। पुलिस मुख्यालय की चयन भर्ती शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार म.प्र. पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम म.प्र. कर्मचारी चयन भोपाल व्दारा अपनी वेबसाईट पर गत 9 अप्रैल को जारी किया जा चुका है। चयनित उम्मीदवारों को पदस्थापना हेतु इकाई का आवंटन चयन/भर्ती शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल व्दारा किया गया है। इकाई आवंटन का परिणाम आज 30 अप्रैल को म.प्र. कर्मचारी चयन मण्डल भोपाल की वेबसाईट पर जारी किया गया है। साथ ही चयनित उम्मीदवारों को अपनी आवंटित इकाई में उपस्थित होने के संबंध में निर्देश भी डाउनलोड किये जा सकते है। इकाइयों को नियुक्ति संबंधी कार्यवाही एक माह में पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है।  

श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी: श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने राज्य के श्रमिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी मेहनतकश श्रमिकों के सुखमय और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि 1 मई का दिन श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है।                     मंत्री  देवांगन ने कहा कि श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक खुशहाली के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंद वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ तेजी से उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित तीनों मंडलों- भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार मंडल और राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।                 मंत्री  देवांगन ने कहा कि बीते सवा दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 800 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे न केवल श्रमिकों बल्कि उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में भी सुधार आया है।

मेड इन इंडिया’ को मिल रही वैश्विक मांग, इंदौर बना ई-कॉमर्स निर्यात का नया केंद्र

भोपाल वैश्विक बाजारों में ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच मध्यप्रदेश के एमएसएमई और डी2सी ब्रांड्स अब सीधे अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। इसी दिशा में इंदौर में अमेज़न के ई-कॉमर्स निर्यात कार्यक्रम अमेज़न ग्लोबल सेलिंग द्वारा "एक्सपोर्ट हाट" का आयोजन किया गया, जिसने उभरते उद्यमियों और निर्यातकों को वैश्विक व्यापार से जोड़ने का सशक्त मंच प्रदान किया। अमेज़न ग्लोबल सेलिंग द्वारा वर्ष 2015 से अब तक 2 लाख से अधिक भारतीय निर्यातकों को 20 बिलियन डॉलर से अधिक के संचयी ई-कॉमर्स निर्यात तक पहुंचने में सहयोग दिया गया है। इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम में 150 से अधिक निर्यातकों ने भागीदारी की, जिनमें भोपाल सहित आसपास के क्षेत्र के निर्यातक शामिल रहे। कार्यक्रम के माध्यम से एमएसएमई, डी2सी ब्रांड्स और टियर-2 शहरों के उद्यमियों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसमें निर्यात व्यवसाय की स्थापना, विस्तार, बाजार अवसरों की पहचान, लॉजिस्टिक्स, अंतर्राष्ट्रीय भुगतान और ई-कॉमर्स निर्यात से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं को शामिल किया गया। इस वर्ष अमेज़न ग्लोबल सेलिंग द्वारा तिरुपुर, करूर और ठाणे जैसे प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में भी इसी प्रकार की पहलें आयोजित की जा रही हैं। इंदौर में आयोजित यह कार्यक्रम फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (एफआईईओ) के सहयोग से सम्पन्न हुआ, जिसने क्षेत्र की बढ़ती निर्यात क्षमता को रेखांकित किया। वस्त्र, हस्तशिल्प, होम डेकोर और खाद्य उत्पादों के मजबूत विनिर्माण आधार के कारण मध्यप्रदेश वैश्विक विस्तार के इच्छुक छोटे व्यवसायों के लिए तेजी से आकर्षण का केंद्र बन रहा है। वर्तमान में राज्य के 8 हजार से अधिक निर्यातक अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में सक्रिय हैं। एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक एवं निर्यात आयुक्त  चंद्रमौली शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश मजबूत एमएसएमई आधार और विविध उत्पाद श्रेणियों के चलते भारत के निर्यात परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक खरीददारों की बदलती प्राथमिकताओं के बीच ई-कॉमर्स निर्यात स्थानीय व्यवसायों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने और अपने ब्रांड स्थापित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। ऐसे कार्यक्रम विक्रेताओं को डिजिटल टूल्स के उपयोग और निर्यात प्रक्रिया को समझने में सक्षम बना रहे हैं, जिससे इंदौर के व्यवसाय वैश्विक स्तर पर विस्तार कर सकें। एमपीआईडीसी इंदौर के कार्यकारी निदेशक  हिमांशु प्रजापति ने बताया कि इंदौर निर्यात और उद्यमिता का सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। एक्सपोर्ट हाट डिजिटल निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जो एमएसएमई, स्टार्टअप और डी2सी ब्रांड्स को वैश्विक ई-कॉमर्स और क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड की समझ प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर राज्य अपने विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर सकता है। अमेज़न ग्लोबल सेलिंग इंडिया की प्रमुख निधि कल्पवुड़ी ने बताया कि इंदौर जैसे उभरते केंद्र वैश्विक बाजारों की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। मध्यप्रदेश की वस्त्र और कपास उत्पादन क्षमता अब वैश्विक मांग में परिवर्तित हो रही है, जिससे ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की पहुंच दुनिया भर में बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि निर्यात प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए आवश्यक टूल्स, जानकारी और एंड-टू-एंड सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे एमएसएमई और डी2सी ब्रांड्स वैश्विक ग्राहकों तक पहुंच सकें और वर्ष 2030 तक 80 बिलियन डॉलर के संचयी ई-कॉमर्स निर्यात के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। डिटवी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं निदेशक  सचिन सुले ने बताया कि एसजीआई बेडिंग के माध्यम से भारतीय वस्त्र विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग से बाजार रुझानों की समझ, पर्यावरण के प्रति जागरूक ग्राहकों तक पहुंच और फुलफिलमेंट बाय अमेज़न के माध्यम से लॉजिस्टिक्स प्रबंधन में सुविधा मिली है। प्रतिस्पर्धी कीमतों पर टिकाऊ उत्पाद उपलब्ध कराते हुए भारतीय कारीगरी को वैश्विक ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे भारत की वस्त्र क्षेत्र में वैश्विक पहचान और मजबूत हो रही है।  

डबल इंजन की रफ्तार, योजनाओं की बौछार- किसान, आदिवासी, महिला और युवा बने केंद्र में

रायपुर छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'सुशासन' को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीमित समयावधि करीब 2 वर्ष 4 माह 17 दिन में ही सरकार ने विकास का जो खाका तैयार किया है, उसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश की पहचान ‘धान का कटोरा’ के रूप में रही है, लेकिन इस पहचान को सम्मान देने का काम हालिया नीतिगत निर्णयों में स्पष्ट दिखता है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की पहल भी है। इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्राहकों जिन्हें ‘हरा सोना’ से जुड़ा श्रमिक वर्ग कहा जाता है, के लिए पारिश्रमिक दर को 5500 रुपये करना और चरण पादुका वितरण जैसे निर्णयों ने आदिवासी क्षेत्रों में राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लगभग 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। बेघर और जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराना सुशासन की पहली सीढ़ी के रूप में देखा गया।राज्य सरकार ने 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने की पहल की। यह राशि भले सीमित लगे, लेकिन ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह आर्थिक संबल का काम कर रही है। यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों ने असर दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति और संकल्प के साथ 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्ति का लक्ष्य एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। इससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।   विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग' से जुड़े मामलों में जांच कराना सरकार के जवाबदेही वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही, खेल गतिविधियों विशेषकर बस्तर व सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया है। विगत वर्ष आयोजित ‘सुशासन तिहार’ को इस वर्ष भी 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है। श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय को 'डबल इंजन सरकार' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इस समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है और इसका लाभ प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है। ‘बगिया के विष्णु’ के रूप में पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों ईब से इंद्रावती तक विकास का जो रोडमैप तैयार किया है, वह समावेशी विकास की अवधारणा को दर्शाता है। लक्ष्य स्पष्ट है, अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना। छत्तीसगढ़ में सुशासन की यह यात्रा अभी 'प्रारंभिक चरण' में है, लेकिन दिशा स्पष्ट दिखाई देती है। सरकार की प्राथमिकताओं में किसान, महिला, आदिवासी, युवा और ग्रामीण समाज केंद्र में हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतियां किस तरह स्थायी बदलाव का रूप लेती हैं, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि विकास की यह कहानी गति पकड़ चुकी है।

MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की कटौती राशि एरियर्स सहित देने के निर्देश

जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने 2019 से 2023 के बीच सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के मानदेय में की गई कटौती को गलत माना है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जून 2019 से जून 2023 तक का जो बकाया यानी एरियर्स है, उसे सरकार को छह प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाना होगा। कोर्ट ने इसके लिए 120 दिनों की समय सीमा तय की। इस अवधि के अंदर प्रशासन को 48 महीनों की एरियर्स राशि का भुगतान करना होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को ग्रेच्युटी एक्ट के दायरे में रखने का भी आदेश दिया है। सीधी निवासी आंगनबाड़ी सहायिका कार्यकर्ता संघ की सचिव विभा पांडे की और से 2019 में याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। 2018 में केंद्र की भाजपा सरकार ने इसमें 1500 की वृद्धि की। लेकिन 2019 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो कार्यकर्ताओं का मानदेय 1500 कम कर दिया गया। इसी तरह सहायिकाओं का मानदेय भी 7000 से घटकर से 5500 कर दिया गया। अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि इसके बाद भाजपा सरकार ने इस कटौती को वापस कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं के मानदेय 2023 में बहाल कर दिए। लेकिन 2019 से 2023 तक का इन्हें एरियर्स नहीं मिला। इन्हें ग्रेच्युटी भी नहीं मिल रही है।

प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में जोड़ें नए आयाम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश का रोल मॉडल बनाने के प्रयास किए जाएं। प्रदेश के दूरस्थ इलाकों के साथ ही पड़ौसी राज्यों के यात्रियों को भी विमानन सेवाएं लाभान्वित करती हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र का महत्व बढ़ाने की दृष्टि से भी ये सेवाएं महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई बैठक में विमानन विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विकसित होने वाले मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के परिसर में हैलीपेड निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। हैली सेवाओं के विस्तार के लिए हैलीपेड निर्माण में निजी क्षेत्र का सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन एयरपोर्ट के विकास के लिए संचालित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि उज्जैन एयरपोर्ट में एयरफील्ड का कुल क्षेत्रफल 95 एकड़ है। राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार उज्जैन एयरपोर्ट 2700 मीटर लंबाई के रनवे के साथ कुल 4 हजार 100 मीटर लंबाई में विकसित होगा। इसके लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के लिए 590 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सिंहस्थ:2028 के दृष्टिगत श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए एयरपोर्ट उपयोगी होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि एयरपोर्ट के विकास के सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में पीएम हेली पर्यटन सेवा के संचालन के संबंध में भी चर्चा हुई। रोजगारपरक एविएशन पाठ्यक्रम का लाभ युवाओं को दिलवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विमानन सेवाओं के विस्तार के साथ दक्ष पायलट और अन्य प्रशिक्षित अमले की आवश्यकता होगी। नई शिक्षा नीति में एविएशन पाठ्यक्रम को रोजगारपरक शिक्षा की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा एविएशन कोर्स का लाभ युवाओं को दिलवाने के लिये प्रयास करने के ‍निर्देश दिये। सफल है प्रदेश की विमानन नीति, रीवा से 24 हजार यात्रियों ने उठाया हवाई सेवा का लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 गत फरवरी 2025 में जारी की गई थी। नीति में विमानन क्षेत्र की समग्र वैल्यू चैन के लिए कई तरह के प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश से बनारस और पटना जैसे बड़े नगरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ करने का प्रयास किया जाए ताकि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिले। प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में नए आयाम जोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन नीति की सफलता के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के एयरपोर्ट से नए गंतव्यों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता भी शिड्यूल्ड ऑपरेटर्स को दी जा रही है। मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 की सफलता का ही यह प्रमाण है कि गत छह माह में रीवा से 24 हजार यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया है। रीवा से दिल्ली, रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन और रीवा से इंदौर प्रतिदिन फ्लाइट उपलब्ध है। गत चार माह में रीवा से इंदौर की ऑक्यूपेंसी 85 प्रतिशत और गत डेढ़ माह में रीवा से रायपुर की ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से अधिक है। रीवा- नई दिल्ली फ्लाइट की ऑक्यूपेंसी भी 70 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में अपर मुख्य सचिव विमानन विभाग  संजय कुमार शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव  आलोक कुमार सिंह, सचिव वित्त  लोकेश जाटव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

राजस्थान वन विभाग का बड़ा फैसला: लेपर्ड को मारने से पहले DNA जांच जरूरी

जयपुर  राजस्थान में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के बीच राज्य वन विभाग ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी लेपर्ड को 'आदमखोर' घोषित कर उसे मारने की अनुमति देना आसान नहीं होगा। चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के.सी.ए. अरुणप्रसाद द्वारा जारी की गई नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर में स्पष्ट किया गया है कि लेपर्ड को 'आदमखोर' श्रेणी में डालने के लिए अब पुख्ता वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों की आवश्यकता होगी। बिना फॉरेंसिक जांच नहीं होगा फैसला नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि किसी लेपर्ड पर इंसानों पर हमला करने या उन्हें खाने का संदेह है, तो केवल अनुमान के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। विभाग को अब निम्नलिखित प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी-     डीएनए विश्लेषण: घटनास्थल पर मिले बालों, लार या अन्य नमूनों का मिलान संदिग्ध जानवर से करना होगा।     फॉरेंसिक साक्ष्य: हमले के निशान और अन्य फॉरेंसिक एविडेंस की जांच अनिवार्य कर दी गई है।     वैज्ञानिक निगरानी: हमले वाले क्षेत्र में ट्रैप कैमरे और ड्रोन के जरिए लेपर्ड के व्यवहार की निगरानी की जाएगी। मारना नहीं, पकड़ना होगी पहली प्राथमिकता SOP में यह भी साफ किया गया है कि अगर किसी लेपर्ड को 'आदमखोर' मान भी लिया जाता है, तब भी पहली प्राथमिकता उसे जीवित पकड़ने की होगी। उसे मारने का आदेश केवल अंतिम विकल्प के रूप में और चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन की लिखित अनुमति के बाद ही दिया जा सकेगा। भीड़ पर लगेगी लगाम अक्सर रेस्क्यू के दौरान उमड़ने वाली भीड़ लेपर्ड को हिंसक बना देती है। अब ऐसे संवेदनशील ऑपरेशन्स के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में 144) लागू की जाएगी। पुलिस को भीड़ हटाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि वैज्ञानिक तरीके से जांच पूरी की जा सके। हर जिले में रैपिड रिस्पांस टीमें होगी तैनात वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि हैबिटेट के विखंडन के कारण लेपर्ड आबादी के करीब आ रहे हैं। इस नई नियमावली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी बेगुनाह जानवर को महज लोगों के गुस्से या डर के कारण अपनी जान न गंवानी पड़े। अब हर जिले में रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात रहेंगी, जो आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक डेटा के आधार पर ऐसे संकटों का समाधान करेंगी।