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मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी में जेजे एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट पर दो दिवसीय सेमीनार संपन्न

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में जेजे एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय सेमीनार का आयोजन 28 एवं 29 अप्रैल को किया गया। सेमीनार का आयोजन निदेशक/अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  मो. शाहिद अबसार के निर्देशन एवं उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "जेजे एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट के विशेष पाठ्यक्रम, एसजेपीयू, जेजेसी एवं सीडब्ल्यूसी की भूमिका" रहा, जिसके अंतर्गत बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न कानूनी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान उप पुलिस अधीक्षक  नीरज नामदेव, नेशनल ज्यूडिशियल अकादमी भोपाल की प्रोफेसर सु पैकर नासिर, जेजे बोर्ड के सदस्य डॉ. कृपा शंकर चौबे, नगरीय पुलिस भोपाल की एडीपीओ डॉ. मनीषा पटेल तथा म.प्र. पुलिस अकादमी की एडीपीओ मती सुचित्रा वर्मा ने व्याख्यानों के माध्यम से अपने अनुभव साझा करते हुए जेजे एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल अधिकारों की सुरक्षा तथा संस्थागत समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। सेमीनार में मध्यप्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाइयों से आए अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित व्यावहारिक एवं विधिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। सेमीनार का समापन 29 अप्रैल 2026 को उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सहायक निदेशक प्रशिक्षण मती रश्मि पाण्डेय, उप पुलिस अधीक्षक  नीरज नामदेव, सूबेदार  विजय गौर सहित अकादमी का स्टाफ उपस्थित रहा।  

मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड प्रारंभ, पैक्स समितियों में सदस्यता वृद्धि महाअभियान का भी हुआ शुभारंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के दौरान सोलह विभाग समन्वित रूप से किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं। यह एक समग्र पहल है, जिसमें कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित अन्य विभागों को जोड़कर किसानों के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला से प्रदेश में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी किसानों के समर्पण भाव के साथ नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाते हुए कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवींद्र भवन, भोपाल में कृषक कल्याण वर्ष में किसानों के सशक्तिकरण और उनकी आय वृद्धि के उद्देश्य से कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों की शुरूआत की गई, जिनमें मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड, पैक्स समितियों में सदस्यता वृद्धि महाअभियान और सीएम किसान हेल्पलाइन शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेल्पलाइन से जुड़कर कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त की और इसकी उपयोगिता का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की सेवा के लिए सीएम किसान हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है। किसान भाई टोल फ्री नम्बर 155253 के माध्यम से इस नवाचारी पहल का लाभ ले सकेंगे। इस हेल्पलाइन से किसानों को त्वरित मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपस्थित सभी कृषि कर्मयोगियों से किसान हितैषी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए पवित्र और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए कार्य करते हुए नए प्रयोगों के साथ अपने मन के नए अंकुरण और कोमलता को जीवंत रखने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बल पर अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। राज्य सरकार ने कई असंभव कार्यों को लक्ष्य तक पहुंचाया है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति हो रही है। वर्तमान में किसानों को प्रति लीटर दूध पर पहले की तुलना में 7 से 8 रुपए तक अधिक मूल्य मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अब व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहे है। पहले रबी फसल वर्षा पर निर्भर रहती थी, लेकिन अब समय बदल रहा है। नहरों और विद्युत सुविधाओं के विस्तार से खेत-खेत तक सिंचाई पहुंच गई है। इसके परिणामस्वरूप किसान अब वर्ष में 2 के स्थान पर 3 फसलें लेने लगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के लिये प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इस वर्ष राज्य सरकार किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं उपार्जित कर रही है। राज्य सरकार ने उड़द की फसल पर समर्थन मूल्य के साथ देने की शुरुआत की है। किसानों की अतिरिक्त आय का साधन बना एग्री वेस्ट मैनेजमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान अब एग्री वेस्ट मैनेजमेंट अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। मक्के के डंठल, गेहूं और धान की नरवाई से भूसा बनाकर किसान लाभ कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करने पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। इजरायल में सीमित संसाधनों के बावजूद वहां खेती को अत्यंत आधुनिक और लाभकारी बनाया गया है। इजरायल में कम बारिश के बाद भी खेती में तकनीक का उपयोग प्रेरणास्पद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार के लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर हैं। कृषक परिवारों से आने वाले युवा डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहते हैं, लेकिन खेती को भी लाभ का जरिया बनाया जा सकता है। इसके लिए युवाओं को प्रेरित करने की आवश्यकता है। पीकेसी परियोजना के लिए हमारी सरकार के आभारी है राजस्थानवासी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश को तीन-तीन नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात मिली है। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना से मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई जिले लाभान्वित होने वाले हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार ने लागत की 90 प्रतिशत राशि दी है। पीकेसी परियोजना पर सहमति के लिए राजस्थान के 15 जिलों के लोग मध्यप्रदेश सरकार को कोटि-कोटि धन्यवाद दे रहे हैं। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और यहां जलराशी का पर्याप्त भंडार है। प्रधानमंत्री  मोदी ने मां नर्मदा के आशीर्वाद से अपने गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में गुजरात को विकसित और अग्रणी राज्य बनाया। अब हमारी सरकार भी नर्मदा के जल से प्रदेश को समृद्ध बना रही है। आज पानी की बूंद-बूंद को बचाकर खेती-किसानी को आगे बढ़ाने का प्रयास करने की आवश्यकता है। कृषि मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि हर जिले में कृषि मेले आयोजित किये जा रहे हैं। इस कार्यशाला के माध्यम से कृषि कर्मयोगियों के साथ मंथन हो रहा है। राज्य में किसान हितैषी सरकार है, मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों की परेशानियों के लिए चिंतित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए शुरू की गई योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारा है। इस कार्य में सभी कृषि कर्मयोगियों को सहयोग प्राप्त हो रहा है। सचिव कृषि  निशांत वरवड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने लोकसेवकों को कर्मयोगी की संज्ञा दी है। कृषक कल्याण वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन से आज सभी 55 जिले, विकासखंड, क्लस्टर लेवल और ग्राम पंचायतों से कृषि से जुड़े 16 विभागों के 1627 चुनिंदा अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में आमंत्रित किया है। इसमें कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मत्स्य पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, मार्केटिंग फेडरेशन, बीज निगम, कृषि अभियांत्रिकी विभाग एवं अन्य विभाग शामिल हैं। कार्यशाला में किसानों की समस्याओं … Read more

कटघोरा एवं पाली क्षेत्र के उपभोक्ताओं को होगी निर्बाध बिजली की आपूर्ति

रायपुर 132 केव्ही उपकेन्द्र छुरीखुर्द में 40 एमव्हीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उर्जीकृत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधाओं में उत्तरोत्तर वृद्धि करते हुये ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विद्यमान उपकेन्द्रों में स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। इसी क्रम में 132 केव्ही उपकेन्द्र कोरबा जिले के छूरीखुर्द में 4 करोड़ 31 लाख रूपये की लागत से 40 एम.व्ही.ए. क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। विद्युत कंपनी के विशेष प्रयासों से विद्युत विकास के लिए स्वीकृत इस कार्य से उपकेन्द्र के परिधि में आने वाले उपभोक्ताओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा अब उन्हे उच्च गुणवत्तापूर्ण तथा निर्बाध विद्युत की आपूर्ति होगी।  ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक  आर.के.शुक्ला ने स्वीच का बटन ऑन कर नये ट्रांसफार्मर के माध्यम से विद्युत सप्लाई प्रारंभ की तथा उन्होने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सुविधाओं में निरंतर वृद्धि करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कडी में आज इस उपकेन्द्र में अतिरिक्त 40 एमव्हीए क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर को उर्जीकृत किया गया है, जिसका लाभ इस क्षेत्र के 50 गांवों के उपभोक्ताओं को मिलेगा। 

छत्तीसगढ़ में तबादलों की लिस्ट जारी: परिवहन विभाग के 20 RTO अधिकारी इधर से उधर

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के परिवहन विभाग ने राज्य में सुचारू परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से 20 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। महानदी भवन से जारी इस आदेश में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों से लेकर तकनीकी अधिकारियों के नाम शामिल हैं। आदेश के अनुसार, कई जिलों के जिला परिवहन अधिकारियों को बदला गया है। कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं…     विवेक सिन्हा: जिला परिवहन अधिकारी (कोरबा/पेंड्रा) से अब जांजगीर-चांपा भेजे गए हैं।     अतुल असैया: जिला परिवहन अधिकारी (कोण्डागांव) से अब कोरबा की जिम्मेदारी संभालेंगे।     गौरव साहू: जांजगीर-चांपा से स्थानांतरित कर रायगढ़ का जिला परिवहन अधिकारी बनाया गया है।     अब्दुल मुजाहिद: जिला परिवहन अधिकारी (धमतरी) से परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर स्थानांतरित किए गए हैं।     अनिल भगत: कोरिया से राजनांदगांव (अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी) भेजे गए हैं। तकनीकी और मुख्यालय स्तर पर बदलाव सूची में एआरटीओ योगेश भण्डारी (बालोद), किशनलाल माहौर (बेमेतरा) और शिवभगत रावटे (धमतरी) जैसे नाम भी शामिल हैं जिन्हें नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसके अलावा, तकनीकी विभाग से चुन्नीलाल देवांगन को भी मुख्यालय, नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है।  

योगी सरकार का बड़ा फैसला, आयुष कॉलेजों में नई चिकित्सा पद्धतियों को मिलेगा स्थान

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक और प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। आयुष प्रणालियों को नई ऊंचाई देने के लिए योगी सरकार ने प्रदेश के आयुष कॉलेजों में 2500 वर्ष पुरानी तिब्बती चिकित्सा प्रणाली ‘सोवा रिग्पा’ (अमची चिकित्सा) और दक्षिण भारत की प्रसिद्ध 'सिद्ध' पद्धति की पढ़ाई शुरू करने की ऐतिहासिक तैयारी की है। इस कदम का उद्देश्य न केवल सदियों पुरानी चिकित्सा विधाओं को पुनर्जीवित करना है, बल्कि जटिल और दीर्घकालिक बीमारियों के लिए मरीजों को किफायती और प्रभावी वैकल्पिक उपचार प्रदान करना भी है। योगी सरकार की हरी झंडी: डिग्री के साथ मिलेगा रजिस्ट्रेशन का अधिकार प्रमुख सचिव आयुष, रंजन कुमार के अनुसार, योगी सरकार ने इन दोनों पद्धतियों के डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। अब चयनित आयुष कॉलेजों में जरूरी बुनियादी ढांचे और पाठ्यक्रम का विकास किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कोर्सों को पूरा करने वाले चिकित्सकों का विधिवत पंजीकरण (Registration) किया जाएगा। इससे डिग्री धारक डॉक्टर अधिकृत रूप से अपने क्लीनिक और उपचार केंद्र खोल सकेंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। वाराणसी बनेगा रिसर्च और ट्रेनिंग का ग्लोबल हब सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य केंद्र भगवान शिव की नगरी वाराणसी होगी। वाराणसी को सोवा रिग्पा के प्रमुख शोध, प्रशिक्षण और उपचार केंद्र (Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा। चूंकि काशी पहले से ही आयुर्वेद और आध्यात्मिक चिकित्सा की जननी रही है, इसलिए यहाँ सोवा रिग्पा और सिद्ध पद्धति का एकीकरण जटिल रोगों पर वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देगा। यह केंद्र विशेष रूप से उन बीमारियों के उपचार पर केंद्रित होगा जहां आधुनिक चिकित्सा के साथ पूरक उपचार (Complementary Therapy) की आवश्यकता होती है। असाध्य रोगों का रामबाण इलाज: क्या है सोवा रिग्पा और सिद्ध पद्धति? तिब्बत से निकली 'सोवा रिग्पा' पद्धति हिमालयी क्षेत्रों में अपनी प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है, जो शरीर, मन और पर्यावरण के संतुलन पर काम करती है। यह गठिया, पाचन विकार, मानसिक तनाव और कैंसर जैसे रोगों के उपचार में सहायक मानी जाती है। वहीं, दक्षिण भारत की 'सिद्ध' पद्धति वात, पित्त और कफ के दोषों को संतुलित कर जीवनशैली और प्राकृतिक औषधियों के जरिए स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। योगी सरकार का लक्ष्य आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी के साथ इन पद्धतियों को मुख्यधारा में लाकर उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं का 'वन स्टॉप डेस्टिनेशन' बनाना है।  

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई

भोपाल पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं से माह अप्रैल में सेवानिवृत्त 11 कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने गुरूवार को भावभीनी विदाई दी। पुलिस महानिदेशक ने सभी को पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके विभिन्न स्वत्वों (क्लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये। नवीन पुलिस मुख्यालय भवन कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक  अनिल कुमार,  पंकज वास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  योगेश चौधरी,  विवेक शर्मा एवं अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्त, कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। पुलिस मुख्यालय से सेवानिवृत्तव मानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा  अजय कुमार तुरकई, मानसेवी उप पुलिस अधीक्षक योजना शाखा मती लता खट्टर, निरीक्षक अ.अ.वि. शाखा  कैलाश नारायण भारद्वाज, कार्यवाहक निरीक्षक विशेष शाखा  रामसनेही यादव, कार्यवाहक निरीक्षक विशेष शाखा  केदारनाथ शर्मा, कार्यवाहक सूबेदार (एम) रिकार्ड शाखा  नईमउद्दीन, उप निरीक्षक (तकनीकी) पुलिस आईटीआई  शशिवीर सिंह सिसोदिया, उप निरीक्षक (तकनीकी) पुलिस आईटीआई  रणजीत सिंह उप्पल, सहायक उप निरीक्षक (एम) शिकायत शाखा  राजकुमार साहू, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक अ.अ.वि.  चैनसिंह तथा कार्यवाहक प्रधान आरक्षक पीटीआरआई  हाकिम सिंह को पुलिस मुख्यालय परिवार ने गुरूवार को भावभीनी विदाई दी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक मती इरमीन शाह ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कार्यकाल पर प्रकाश डाला। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।  

मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री  धर्मेंद्र सिंह लोधी को तत्काल प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस हादसे में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों को हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। लाइफ सेविंग जैकेट की व्यवस्था से बची जानें स्थानीय प्रशासन की सहायता से रेस्क्यू फोर्स सक्रिय है। त्वरित बचाव कार्य से 15 नागरिकों को सकुशल बचा लिया गया है। जो नागरिक लापता हैं, उन्हें जल्द से जल्द ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पर्यटन विभाग और क्रूज संचालन का प्रबंधन और पर्यटकों के भ्रमण का दायित्व संभालने वाले व्यक्तियों द्वारा लाइफ सेविंग जैकेट की व्यवस्था से जानें बचाने में सफलता मिली। निरंतर चल रहा बचाव और राहत कार्य उल्लेखनीय है कि जबलपुर में तेज आंधी तूफान के कारण हुए क्रूज हादसे के पश्चात 15 व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हादसे में चार व्यक्तियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। शेष व्यक्ति की तलाश और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। जबलपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित एसडीआरएफ एवंअन्य बचाव दल घटना स्थल पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्य में सक्रिय हैं।  

कांकेर एकलव्य की छात्रा कृतिका टेकाम ने देशभर के एकलव्य विद्यालयों में की टॉप

रायपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी कृतिका टेकाम ने सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। होनहार छात्रा कृतिका ने संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कृतिका को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कांकेर की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की सफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी। आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कांकेर की छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मंत्री  नेताम ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।   गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा हाल ही में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की छात्रा कु. कृतिका टेकाम देशभर के एकलव्य विज्ञालयों में प्रथम स्थान हासिल की है।  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश के साथ-साथ आदिम जाति विभाग को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही अन्य विद्यार्थियों द्वारा भी अच्छा परीक्षा परिणाम प्राप्त किया गया है। प्रदेश में संचालित 75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। इनमें 11 एकलव्य विद्यालयों द्वारा शत्-प्रतिशत परीक्षा परिणाम अर्जित किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि शिक्षण सत्र 2025-26 में चौथी एकलव्य विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के दल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया।  आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि इसी प्रकार भारत सरकार, पंचायती राज, मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा जिला-गरियाबंद को देश में संचालित 800 विद्यालयों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। गरियाबंद के चयनित इन विद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, साथ ही इस विद्यालय को एक करोड़ रूपए की उपहार राशि प्रदान की गई है।

असंगठित मजदूरों के लिए नई योजना, स्वास्थ्य से आवास तक मिलेगा लाभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों के लिए ठोस और दीर्घकालिक राहत की दिशा में काम कर रही है। अब तक अस्थायी कैंपों में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के बजाय श्रमिकों को स्थायी और कैशलेस इलाज से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही उनके लिए किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हॉस्टल सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। 8.42 करोड़ असंगठित श्रमिकों का डेटा दर्ज आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में कारखानों में 2.77 लाख पुरुष और 23,941 महिला श्रमिक पंजीकृत थे। वहीं, ई-श्रम पोर्टल पर प्रदेश के 8.42 करोड़ असंगठित श्रमिकों का डेटा दर्ज है, जिनमें से 7.06 करोड़ से अधिक को राशन कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज करीब 35 लाख श्रमिक, जो पहले खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित थे, उन्हें भी अब इसमें शामिल किया गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रमिक अभी भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर हैं। श्रम विभाग नई स्वास्थ्य योजनाएं तैयार कर रहा प्रदेश में कई श्रमिक ईएसआई और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं और उन्हें समय-समय पर अस्थायी स्वास्थ्य कैंपों पर निर्भर रहना पड़ता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग नई स्वास्थ्य योजनाएं तैयार कर रहा है। प्रस्ताव है कि ऐसे श्रमिकों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें अस्पताल में भर्ती, सर्जरी, जांच और दवाओं की कैशलेस सुविधा मिल सके। श्रमिकों के लिए हॉस्टल सुविधा शुरू करने पर भी काम सरकार श्रमिकों के लिए हॉस्टल सुविधा शुरू करने पर भी काम कर रही है, जिससे उन्हें सुरक्षित और सस्ती आवासीय व्यवस्था मिल सके। साथ ही, श्रमिकों के बच्चों के लिए चल रही छात्रवृत्ति योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना है। वर्तमान में, जिन श्रमिकों की मासिक आय 24 हजार रुपये से कम है, उनके लिए श्रम कल्याण परिषद आठ योजनाएं संचालित कर रही है। जागरूकता की कमी के कारण इन योजनाओं में आवेदन कम इन योजनाओं के तहत बच्चों की शिक्षा, खेल, कन्यादान और धार्मिक पर्यटन के लिए 2,500 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। हालांकि, जागरूकता की कमी के कारण इन योजनाओं में आवेदन अपेक्षाकृत कम हैं। केंद्र सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों और उद्योग दोनों के हितों की रक्षा करना है। प्रदेश में नियमावली तैयार की जा रही है इनमें वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां (OSH) संहिता और सामाजिक सुरक्षा संहिता शामिल हैं। इन संहिताओं के आधार पर प्रदेश में नियमावली तैयार की जा रही है, जिसके लागू होने से श्रमिकों के हित में कई योजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद है।  

वर्ष 2025-26 में 204 सूचनाकर्ताओं को मिला 5.05 लाख का रिवॉर्ड

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही 'पारितोषिक योजना' को अब और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया  गया है। योजना के संशोधित प्रावधानों के अनुसार, बिजली के अवैध उपयोग की सटीक सूचना देने वाले सूचनाकर्ताओं को अब प्रोत्साहन राशि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। कंपनी ने निर्णय लिया है कि सूचना सही पाए जाने और अंतिम निर्धारण आदेश (Final Assessment Order) जारी होने के तुरंत बाद सूचनाकर्ता को कुल 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि में से 5 प्रतिशत राशि का भुगतान तत्काल कर दिया जाएगा। शेष 5 प्रतिशत राशि की अदायगी आरोपी से राशि की पूर्ण वसूली होने के उपरांत की जाएगी। सफल क्रियान्वयन: सीधे बैंक खाते में पहुंची राशि मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा चलाई जा रही 'पारितोषिक योजना' की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 204 प्रकरणों में सफल सूचनाकर्ताओं को 5.05 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके अलावा, जांच और वसूली की कार्यवाही करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी उनके मासिक वेतन के साथ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इस योजना के दायरे को बढ़ाते हुए नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी सूचनाकर्ता के रूप में शामिल किया गया है। सूचना सही पाए जाने और पूर्ण वसूली होने पर इन कर्मचारियों को एक प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही, जांच एवं वसूली कार्य में शामिल विभागीय अधिकारियों सहित बाह्य स्रोत (Outsource) कर्मचारियों के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें भी 2.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि समान रूप से वितरित की जा रही है। पूर्ण गोपनीयता और ऑनलाइन प्रक्रिया मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सूचनाकर्ता की पहचान और भुगतान से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पूर्णतः गोपनीय और ऑनलाइन रखी गई है। योजना का लाभ लेने के लिए सूचनाकर्ता को कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in पर informer scheme लिंक पर जाकर अथवा उपाय के माध्‍यम से बिजली चोरी की सूचना देनी होगी और दिए गए प्रारूप में अपना बैंक खाता विवरण और पहचान पत्र (जैसे पैन कार्ड या अन्य अधिकृत आईडी) देना अनिवार्य होगा।  कंपनी ने बताया है कि योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि सीधे कंपनी मुख्यालय से सूचनाकर्ता के खाते में भेजी जा रही है। क्षेत्रीय वृत्त स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय स्तर से इसकी सतत निगरानी भी की जा रही है, ताकि बिजली चोरी रोकने के अभियान को और गति मिल सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समस्त नागरिकों के साथ साथ आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाकर कंपनी को सहयोग प्रदान अवश्य करें।