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कपास का अच्छा भाव भी नहीं लुभा पा रहा किसान, 60% तक घट सकता रकबा

 ढिगावा मंडी  हरियाणा में कपास की खेती करने में किसान रूचि नहीं दिखा रहे हैं। मार्केट में अच्छा भाव मिलने के बावजूद भी किसानों का कपास से मोह भंग हो चुका है। मार्केट में नरमा कपास इस समय आठ से 10 हजार रुपये क्विंटल बिक रही है। इसके बावजूद किसान कपास की फसल की बिजाई करने में ज्यादा रुचि नहीं ले रहे। जिसके कारण पिछले साल से 60 से 65 प्रतिशत तक कपास का रकबा घट सकता है। कपास की फसल से किसानों का मोह भंग होने का कारण गुलाबी सुंडी है। गुलाबी सुंडी ने पिछले साल कपास की फसल में कहर ढाया था। जिसके कारण किसानों ने समय से पहले कपास की फसल काटकर अगली फसल की बिजाई कर दी थी। सरकार और कृषि विभाग को भी पहले से ही इस बार कपास का रकबा घटने का अंदेशा था। जिसके चलते गुलाबी सुंडी पर नियंत्रण पाने के लिए खरीफ सीजन से पहले ही प्रयास शुरू कर दिए गए थे। अधिकारियों ने किया था किसानों से संपर्क कृषि विभाग के अधिकारियों ने काटन मिल में जाकर निरीक्षण किया और वहां रखे बिनौले को ढक कर रखने के आदेश दिए थे, ताकि बिनौले से निकल कर गुलाबी सुंडी का फैलाव ना हो। वहीं खेतों में रखे कपास के फसल अवशेष (लकड़ी) भी उठाने या नष्ट करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से संपर्क किया। ताकि फसल अवशेष में अगर गुलाबी सुंडी है, तो वो भी नष्ट हो जाए और कपास की अगली फसल में जाए। लेकिन कृषि विभाग के प्रयासों के बावजूद कपास की फसल की बिजाई करने में किसान कम रुचि ले रहे हैं। पिछले साल एक लाख 52 हजार एकड़ में कपास की फसल थी भिवानी जिले का लोहारू, बहल क्षेत्र कपास उत्पादन के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यहां के किसान बाजरा, ग्वार, मूंग की फसलों का रुख कर रहे हैं। दैनिक जागरण टीम ने किसानों से इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि भूजल स्तर तेजी से गिरना, समर्थन मूल्य पर अनिश्चितता, गुलाबी सुंडी व सफेद मक्खी का प्रकोप किसानों ने कपास की खेती छोड़ने का प्रमुख कारण बताया। बता दें की भिवानी जिले में पिछले साल एक लाख 52 हजार एकड़ में कपास की फसल थी। 15 मई तक कपास की बिजाई के लिए अनुकूल समय माना जाता है, लेकिन अभी तक नाममात्र एकड़ पर ही कपास की बिजाई हो पाई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आठ से 10 हजार एकड़ में और कपास की बिजाई हो सकती है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले पांच दिन मौसम कपास फसल बिजाई के लिए अनुकूल है। क्योंकि वर्षा से तेजी से बढ़ रहे तापमान में गिरावट आई है।

झारखंड: सरायकेला में 43°C तापमान, स्वास्थ्य सेवाएं हुईं प्रभावित

 सरायकेला सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ते तापमान और लू की मार ने स्वास्थ्य सेवाओं को हांफने पर मजबूर कर दिया है। सरायकेला के सदर अस्पताल व प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में डायरिया, उल्टी, लूज मोशन और हीटस्ट्रोक से ग्रस्त मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सदर अस्पातल में प्रत्येक दिन डायरिया, बुखार व हीटस्ट्रोक से पीड़ित पांच से छह मरीजों को प्रतिदिन सदर अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है सरायकेला सदर अस्पताल के ओपीडी में रोजाना 230 से 260 के करीब मरीज पहुंचते हैं लेकिन गर्मी के कारण रोजाना 300 से अधिक मरीज यहां पहुंच रहे हैं। यहां 50 से 60 मरीज कमजोरी, चक्कर और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। यही हाल पूरे जिले के अस्पतालों का है। जहां मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। गर्मी के कारण पानी की कमी से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो रहा है। यह मौसमी बीमारी का प्रकोप है, जो गंदे पानी, प्रदूषित भोजन और अत्यधिक गर्मी से जुड़ा है। जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्थिति गंभीर है। लू लगने के प्रमुख लक्षण     तेज बुखार: शरीर का तापमान अचानक 103-104°F या उससे ऊपर होना।     त्वचा में बदलाव: त्वचा का बहुत गर्म, लाल और शुष्क (रूखा) हो जाना, पसीना आना बंद हो जाना।     सिरदर्द और चक्कर: तेज सिरदर्द और कमजोरी के साथ चक्कर आना।     उल्टी और जी मिचलाना: लगातार जी मिचलाना या उल्टी होना।     तेज धड़कन और सांस: दिल की धड़कन तेज होना और सांस लेने में तकलीफ।     मांसपेशियों में ऐंठन: शरीर में अकड़न या जकड़न महसूस होना।     गर्मी के कारण हीटस्ट्रोक के मरीजों में इजाफा हुआ है। इस मौसम में ताजे फल जैसे तरबूज, खीरा, नींबू-पानी और छाछ को आहार में शामिल करें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप से पूरी तरह परहेज करें। हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, सिर पर टोपी या छाता इस्तेमाल करें। –

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से 13 हजार 868 हितग्राहियों को 11.75 करोड़ की मिली छूट

रायपुर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना कबीरधाम जिले के आम नागरिकों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस योजना के तहत कबीरधाम जिले के कुल 13 हजार 868 उपभोक्ताओं को लाभ मिला है, जिन्हें अब तक 11 करोड़ 75 लाख 38 हजार 570 रुपये की छूट प्रदान की जा चुकी है। यह योजना बीपीएल, निम्नदाब घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है, ताकि वे अपने पुराने बकाया बिजली बिलों के बोझ से मुक्त हो सकें। योजना के अंतर्गत सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि जिले में योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विशेष ’समाधान शिविरों’ का भी लगाई गई। विभाग की टीमें न केवल इन शिविरों में उपस्थित रहकर सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर भी लोगों को योजना की जानकारी दे रही हैं। उपभोक्ताओं को पात्रता, छूट की प्रक्रिया और आवेदन संबंधी जानकारी सरल भाषा में समझाई जा रही है। उन्होंने बताया कि 31 मई तक इस योजना का लाभ उठा सकते है। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया हैं, वे इस योजना का लाभ लेकर अपने बकाया का निपटारा कर सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। बकाया बिजली बिलों का समय पर निपटारा कर उपभोक्ता न केवल आर्थिक बोझ से राहत पा सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही, यह कदम बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में भी सहायक होगा। उन्होंने बताया कि कवर्धा सर्कल के 5 हजार 63 उपभोक्ताओं के 3 करोड़ 75 लाख 97 हजार 706 रुपये की छूट प्रदान की गई है। इसके तहत कृषि के 566 उपभोक्ताओं के 22 लाख 67 हजार 926, एपीएल के 538 उपभोक्ताओं के 48 लाख 62 हजार 408 रूपए और बीपीएल के 3 हजार 959 उपभोक्ताओं के 3 करोड़ 4 लाख 67 हजार 371 रुपये की छूट प्रदान की गई है। इसी तरह पंडरिया सर्कल के 8 हजार 805 उपभोक्ताओं के 7 करोड़ 99 लाख 40 हजार 864 रुपये की छूट प्रदान की गई है। इसके तहत कृषि के 340 उपभोक्ताओं के 27 लाख 35 हजार 629, एपीएल के 1881 उपभोक्ताओं के 1 करोड़ 9 लाख 97 हजार 435 रूपए और बीपीएल के 7 हजार 284 उपभोक्ताओं के 6 करोड़ 62 लाख 7 हजार 801 रुपये की छूट प्रदान की गई है।

टाइगर सफारी फर्जीवाड़ा: रणथंभौर में गाइडों पर सख्ती, वनकर्मी पर नरमी से विवाद

 सवाई माधोपुर  विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) में फर्जी टिकट के जरिए टाइगर सफारी कराने के गंभीर मामले में वन प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. डीएफओ मानस सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए गए दो नेचर गाइडों के पार्क में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि, इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग के ही एक कर्मचारी को मिली 'राहत' ने विभाग की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. 30 मार्च को हुआ था फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ यह पूरा मामला 30 मार्च 2026 की सुबह की पारी का है. जोन नंबर 1 में गश्ती दल ने जब कैंटर नंबर RJ-25-TA-1862 की जांच की, तो उसमें दो पर्यटक बिना किसी वैध टिकट के सफारी करते पाए गए. डीएफओ मानस सिंह के निर्देश पर एसीएफ महेश शर्मा ने जब मौके पर जांच की, तो पर्यटकों ने खुलासा किया कि उन्होंने एक एजेंट को 8000 रुपये देकर सफारी बुक की थी और उसकी रसीद भी पेश की. जांच में सामने आया कि इन पर्यटकों को फर्जी तरीके से पार्क में प्रवेश कराया गया था. गाइडों पर एक्शन, गार्ड पर मेहरबानी? सहायक वन संरक्षक (ACF) निखिल शर्मा की जांच रिपोर्ट में नेचर गाइड हरविंदर सिंह और जगदीश को वाइल्डलाइफ नियमों की अनदेखी और फर्जीवाड़े का दोषी माना गया. इसके आधार पर डीएफओ ने दोनों पर पार्क में प्रवेश का प्रतिबंध लगा दिया. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसी जांच में दोषी पाए गए फॉरेस्ट गार्ड भीम सिंह चौधरी को महज 17 सीसी (17CC) की चार्जशीट देकर छोड़ दिया गया. इतना ही नहीं, दोषी गार्ड को रणथंभौर के महत्वपूर्ण 'जोगी महल' प्रवेश द्वार पर तैनात कर अतिरिक्त चार्ज भी सौंप दिया गया है. विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल फर्जी टिकट जैसे गंभीर भ्रष्टाचार के मामले में नेचर गाइडों पर तो सख्त गाज गिरी है, लेकिन विभाग के अपने कर्मचारी पर दिखाई गई इस 'मेहरबानी' से अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल यह है कि जब जांच में गार्ड द्वारा 'सिंह द्वार' से पर्यटकों को अवैध रूप से बैठाने की बात साबित हो चुकी है, तो उसे दंडित करने के बजाय इनाम के तौर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई?

जयपुर: ई-चालान व्यवस्था सख्त, नकद भुगतान पूरी तरह खत्म

जयपुर  राजस्थान की सड़कों पर गाड़ी चलाने वालों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने ट्रैफिक चालान के भुगतान को लेकर एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। 27 अप्रैल को जारी एक गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब राजस्थान में ट्रैफिक चालान का नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब अगर आपका चालान कटता है, तो आपको अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही जुर्माना भरना होगा। भ्रष्टाचार पर लगाम और पारदर्शिता पर जोर सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और मैनुअल हैंडलिंग को खत्म करना है। अक्सर सड़कों पर पुलिसकर्मी और वाहन चालकों के बीच लेन-देन को लेकर होने वाले विवाद और भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब हर ट्रांजेक्शन का एक डिजिटल रिकॉर्ड होगा, जिससे विभाग के पास सटीक डेटा रहेगा कि कितना जुर्माना वसूला गया और किस उल्लंघन के लिए वसूला गया। ITMS पोर्टल पर होगा भुगतान परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'वाहन मालिकों और चालकों को अब अपने ई-चालान का भुगतान सीधे ITMS (Intelligent Traffic Management System) पोर्टल के माध्यम से करना होगा।' इस ऑनलाइन सिस्टम से न केवल जुर्माना जमा करना आसान होगा, बल्कि अधिकारियों के लिए भी इसकी निगरानी करना सरल हो जाएगा। किसे मिला चालान काटने का अधिकार? नए नियमों के तहत अधिकारियों की शक्तियों में भी फेरबदल किया गया है। अब पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल और उससे ऊपर के रैंक के पुलिसकर्मी ही ट्रैफिक उल्लंघन पर चालान काटने के लिए अधिकृत होंगे। उनके साथ परिवहन विभाग के अधिकृत अधिकारी भी यह कार्रवाई कर सकेंगे। शिकायत निवारण के लिए नए प्रावधान अक्सर लोग गलत चालान कटने की शिकायत करते हैं, लेकिन उन्हें समाधान नहीं मिलता था। नई व्यवस्था में इसका भी ध्यान रखा गया है। अधिकारी ने बताया कि यदि किसी को अपने चालान को लेकर कोई आपत्ति या शिकायत है, तो इसके लिए नामित अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी शिकायतों की सुनवाई करेंगे, जिससे जनता के लिए विवाद सुलझाना आसान हो जाएगा। क्या अब राजस्व की चोरी रुकेगी? यह आदेश केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167 के तहत लागू किया गया है। विभाग का मानना है कि इस डिजिटल शिफ्ट से न केवल राजस्व की चोरी रुकेगी, बल्कि जनता को भी रसीद कटवाने और दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। तो अब अगली बार जब आप घर से बाहर निकलें, तो सुनिश्चित करें कि आपके मोबाइल में डिजिटल पेमेंट की सुविधा चालू हो, क्योंकि अब राजस्थान की सड़कों पर 'नकद' की रसीद नहीं कटेगी।  

ऑनलाइन सट्टे की लत ने बनाया चोर: बिलासपुर में एसी मिस्त्री ने गहने गिरवी रख उड़ाए पैसे, पुलिस ने पकड़ा

 बिलासपुर सूने मकानों में सिलसिलेवार चोरी करने वाले शातिर एसी मिस्त्री को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसीसीयू और सिविल लाइन पुलिस तीन सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उस तक पहुंची है। आरोपित सट्टे की लत के कारण अपराध की राह पर चला था। एसएसपी रजनेश सिंह ने सिलसिलेवार चोरी का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपित सूरज काछी मंगला क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर एसी रिपेयरिंग के बहाने घरों की रेकी करता था। वह सुने मकानों को चिन्हित कर टोपी और मास्क पहनकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपित ने शहर में कुल आठ चोरियां करना स्वीकार किया है। चोरी को अंजाम देने बाद आरोपित गहनों को गोल्ड लोन कम्पनी में गिरवी रख रुपये ले लिया करता था। खाते में रकम आने पर वह परी मैच ऐप पर करीब 30 लाख रुपये की बड़ी रकम हार चुका था। पुलिस ने आरोपित से 252 ग्राम सोना, चांदी और चोरी की रकम से खरीदे गए घरेलू सामान सहित 45.84 लाख का माल बरामद किया है। एसी रिपेयरिंग के दौरान करता था सूने मकान की रेकी आरोपित पेशे से एसी मिस्त्री था, जिसका फायदा उठाकर वह पाश कॉलोनियों में सर्विसिंग के बहाने घुसता था। इस दौरान वह उन मकानों की सूची तैयार करता था जहां ताला लगा होता था। वह वारदात से पहले भागने के रास्तों और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का पूरा अवलोकन कर लेता था, ताकि पकड़ा न जा सके। इन आठ बड़ी चोरियों का हुआ पर्दाफाश (सामान राशि के साथ)     कुदुदंड 15 अक्टूबर 2025- सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात लगभग तीन लाख पार किए।     यमुना नगर 3 नवम्बर 2025- ताला तोड़कर चांदी के जेवरात और नकदी 50 हजार की चोरी की।     नंद विहार 23 नवम्बर 2025- सोने की चेन, बाली व 65 हजार नगद सहित करीब 4.65 लाख का सामान     गीतांजलि पार्क 5 दिसम्बर 2025- मंगलसूत्र, लाकेट व नगद सहित करीब 1.85 लाख की चोरी।     इन्द्रसेन कॉलोनी 9 दिसम्बर 2025- आलमारी तोड़कर चांदी के जेवर व पांच हजार नकद सहित कुल 25 हजार का सामान।     गुलमोहर पार्क 11 दिसम्बर 2026- सोने का हार, टाप्स व चांदी के जेवर सहित करीब 1.90 लाख की चोरी।     27 खोली में फरवरी 2026- कंगन, तीन चेन व छह अंगूठी सहित कुल 15.50 लाख के जेवर पार।     नेहरू नगर 20 अप्रैल 2026- अस्पताल के पास से सोने का नेकलेस, चेन व नकदी सहित करीब 3.10 लाख की चोरी। ऑनलाइन सट्टा ऐप में बेटिंग करने के लालच में बना चोर सूरज काछी को परी मैच एप में ऑनलाइन सट्टा ऐप की लत लग गई थी। ऐप पर बेटिंग के दौरान वह करीब 30 लाख रुपये हार गया, जिसकी भरपाई के लिए उसने चोरी का रास्ता चुना। वह चोरी के सामान से मिलने वाली रकम को वापस सट्टे में लगाकर हार को जीत में बदलने का प्रयास करता था। पुरानी क्राइम ब्रांच निष्क्रिय, नई टीम को सफलता एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पुरानी क्राइम ब्रांच निष्क्रिय हो चुकी थी। नई एसीसीयू का गठन किया गया है। इस नई टीम की तकनीकी दक्षता और सक्रियता के कारण ही शहर में हो रही सिलसिलेवार चोरियों पर अंकुश लगा है और आरोपित पकड़ा गया है। पुलिस को चकमा देने कपड़ो का उपयोग आरोपित सूरज कांछी काफी शातिर चोर है। वह पुलिस व लोगों को धोखा देने के लिए बैग में दो से तीन कपड़े साथ लेकर चलता था। चोरी की वारदात को अंजाम देने बाद वह अपने कपड़े वही बदल लिया करता था, ताकि पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की जांच के दौरान एक कपड़े में दिखाई न देने पर शंका न हो। वहीं फोन पर बात करने का दिखावा करता था लेकिन काल नहीं करता, जिससे डम्प लोकेशन से उसे ट्रैस न किया जा सके।     आरोपित सट्टे की लत को पूरा करने के लिए चोरी करता था। एसी रिपेयरिंग के लिए जाने के दौरान वह सूने मकानों की रेकी किया करता और फिर रात में जाकर उन मकानों का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया करता था।     रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर  

इंदौर के डायल 112 हीरोज सतर्कता और संवेदनशीलता से भटकी बालिका को सुरक्षित घर पहुँचाया

भोपाल  इंदौर के थाना मल्हारगंज क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलतासे घर का रास्ता भटकी10 वर्षीय बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से बालिका को सुरक्षित संरक्षण मिल सका और परिजनों की चिंता भी दूर हुई। 30 अप्रैल 2026 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना मल्हारगंज क्षेत्र अंतर्गतबड़ा गणपतिके पास एक 10 वर्षीय बालिका अकेली मिली है, जो घर का रास्ता भटक गई है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही मल्हारगंज थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकरआरक्षक  मनीष सलोने, आरक्षक  डोंगरे सिंह एवं पायलट  नेमीचंद पटेलने बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर बालिका से पूछताछ की। पूछताछ करने पर बालिका ने बताया कि वहकृष्ण पार्क कॉलोनीकी निवासी है। डायल-112 टीम ने तत्परता दिखाते हुए बालिका कोएफआरव्ही वाहनसे लेकर कृष्ण पार्क कॉलोनी पहुँचकर आसपास पूछताछ की, जहाँ बालिका के परिजन उसे ढूंढते हुए मिले। डायल 112 ने पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालिका को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया।अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों ने राहत महसूस की और डायल-112 सेवा एवं पुलिस स्टाफ का आभार व्यक्त किया। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा बच्चों की सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है और हर परिस्थिति में तत्परता से सहायता पहुँचाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।  

बेंगलुरु 155 पर सिमटी, अरशद और होल्डर ने मचाया कहर

अहमदाबाद   रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस के खिलाफ 19.2 ओवर में सभी विकेट खोकर 155 रन ही बना सकी। बेंगलुरु के लिए देवदत्त पडिकल ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। गुजरात की ओर से अरशद खान ने तीन, जेसन होल्डर और राशिद खान ने 2-2 विकेट लिए। विराट कोहली और जैकब बेथल ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम को दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 34 रन की साझेदारी हुई। बेथल 5 रन ही बना सके। कोहली ने 13 गेंद में 28 रन बनाए। उन्होंने रबाडा के एक ही ओवर में लगातार 5 गेंदों पर चौके लगाए। कप्तान रजत पाटीदार ने 15 गेंद में 19 रन का योगदान दिया। उनके कैच आउट पर काफी बवाल हुआ। कोहली और कोच फ्लावर मैदान के बाहर मैच आधिकारी से बहस करते दिखे। जितेश ने एक और टिम डेविड ने नौ रन बनाए। क्रुणाल ने चार और देवदत्त पडिकल 24 गेंद में 40 रन बनाकर आउट हुए। गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल 2026 का 42वां मुकाबला हो रहा है। गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम जारी सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। टीम ने आठ मुकाबले खेले हैं और 6 में जीत हासिल की है। दो मैचों में रजत पाटीदार के नेतृत्व वाली टीम को हार मिली है। वहीं दूसरी तरफ गुजरात टाइटंस ने 8 मैच खेलते हुए चार गंवाए हैं और 4 में उसे जीत मिली है। ये दोनों टीमें लीग स्टेज में दूसरी बार भिड़ने वाली हैं, इससे पहले वाले मुकाबले में बेंगलुरु ने गुजरात को 5 विकेट से हराया था। गुजरात-बेंगलुरु की प्लेइंग इलेवन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (प्लेइंग XI): विराट कोहली, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेट कीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन): शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेट कीपर), जेसन होल्डर, शाहरुख खान, वाशिंगटन सुंदर, अरशद खान, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथार

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में सोराइटिक-आर्थराइटिस रोग के लिए उपचार उपलब्ध

भोपाल शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भोपाल, एम्स भोपाल एवं केन्द्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में वर्ष 2021 से संचालित सोरायसिस विशेषज्ञ इकाई में नवीन शोध एवं उपचार व्यवस्था की गई है। उक्त इकाई में अब सोराइटिक आर्थराइटिस नामक रोग के उपचार की व्यवस्था भी की गई है। यह इकाई रोग के कारण, पहचान एवं होम्योपैथी से प्रभावी उपचार एवं प्रबंधन पर कार्य करेगी और मरीजों को जागरूक करेगी। सोराइटिक आर्थराइटिस जोड़ों से जुडी एक गंभीर बीमारी है, जो त्वचा रोग सोरियासिस से जुडी होती है और धीरे-धीरे जोड़ों को प्रभावित करती है। इस रोग में त्वचा का लाल, मोटी एवं पपड़ीदार दिखाई देना शामिल है, जिनमें खुजली एवं जलन हो सकती है एवं मरीजों को जोड़ों में दर्द, सूजन, जकड़न और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पडता है। यह रोग मुख्यतः 30 से 50 वर्ष आयु में अधिक देखा जाता है। हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकता है, पुरुष और महिलाएँ दोनो समान रूप से प्रभावित हो सकते हैं। इसकी गंभीरता हल्की से लेकर अत्यंत गंभीर तक हो सकती है, जहाँ समय पर उपचार न मिलने पर स्थायी रूप से जोड़ों की क्षति हो सकती है। सोरियासिस और आर्थराइटिस के बीच के संबंध का कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी को माना जाता है। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति शरीर की आंतरिक प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित करती है, जिसमें रोग की पुनरावृत्ति को नियंत्रित करने एवं समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाने पर सहायता मिलती है। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव  शोभित जैन के निर्देश अनुरूप इस प्रोजेक्ट से प्रदेश के अधिक से अधिक सोराइटिक आर्थराइटिस के रोगियों को लाभान्वित करना है। इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए भोपाल के शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के अनुसंधान विभाग द्वारा एक विशेष शोध इकाई की स्थापना की गई है, जिसमें पंजीयन के लिए मोबाइल नंबर 8853203416 पर कार्यालयीन समय (प्रातः10:00 से सायं 5:00) बजे तक संपर्क किया जा सकता है।  

किसानों को राहत: मध्य प्रदेश में अब फीके गेहूं की भी होगी खरीदी

भोपाल अब प्रदेश में 50 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं भी समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। इतना ही नहीं 10 प्रतिशत की सीमा तक सिकुड़े दाने वाला गेहूं भी मान्य किया जाएगा। क्षतिग्रस्त दानों की सीमा छह प्रतिशत तक मान्य की गई है। प्रदेश में अतिवर्षा और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की चमक प्रभावित हुई थी। इस तरह के गेहूं को समर्थन मूल्य पर खरीदने का कोई प्रविधान नहीं था। इससे किसान परेशान हो रहे थे। उनकी परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया। भारतीय खाद्य निगम ने टीम भेजकर गुणवत्ता की जांच कराई और इसके बाद उक्त निर्णय लिए गए। जिले में कहीं भी उपज बेच सकेंगे किसान इसके साथ ही अब पंजीकृत किसान जिले में कहीं भी अपनी उपज बेचने के लिए पात्र हैं। अभी तक वह अपनी तहसील के उपार्जन केंद्र में ही उपज बेच सकते थे। प्रदेश को एक करोड़ टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य केंद्र सरकार से मिला है। इस बार 19 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया है। अभी तक 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख टन गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। इनमें से 5,08,657 किसान 22 लाख 70 हजार टन गेहूं बेच भी चुके हैं और 3,575.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। स्लॉट बुकिंग की अवधि नौ मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। सरकार को उम्मीद है कि मापदंडों में छूट मिलने से सभी पात्र किसानों से उपार्जन हो जाएगा। सर्वर डाउन होने से स्लॉट बुकिंग और भुगतान प्रभावित सर्वर डाउन, स्लॉट बुकिंग की गति धीमी: सरकार ने भले ही छोटे-बड़े सभी किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग खोल दी हो लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है। वहीं, भुगतान भी प्रभावित हो रहा है। दरअसल, जब गेहूं तुलकर गोदामों में पहुंच जाता है तब बिल जनरेट होते हैं और फिर भुगतान किया जाता है। सर्वर डाउन होने के कारण यह काम प्रभावित हो रहा है। किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस का हल्लाबोल सात मई को चक्का जाम करेगी कांग्रेस: उधर, बारदाने की कमी, स्लॉट की बुकिंग न होना, खाद की किल्लत सहित किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर कांग्रेस सात मई को चक्काजाम करने की तैयारी में है। यह आंदोलन सेंधवा, बड़वानी, खरगोन, धार, देवास, शाजापुर, गुना, राजगढ़, शिवपुरी, मुरैना और ग्वालियर सहित सभी प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि गेहूं खरीदी में अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान हैं। पहले मंडियों में पर्ची कटते ही तुलाई हो जाती थी, लेकिन अब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक गया है।