samacharsecretary.com

दिलजीत दोसांझ के वैंकूवर कॉन्सर्ट में हंगामा, खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने की नारेबाजी

दिलजीत दोसांझ अब ग्लोबल स्टार बन चुके हैं. इंडिया में कॉन्सर्ट के बाद, वो अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया जैसे महाद्वीपों में शोज करते हैं. वहां भी दिलजीत का जादू सभी के सिर चढ़कर बोलता है. 23 अप्रैल को दिलजीत ने कनाडा के वैंकूवर में अपने औरा टूर की शुरुआत की थी. वहां करीब 50,000 से ज्यादा इंडियन्स आए थे. ये पल सिंगर के लिए बेहद खास था, जिसका जिक्र उन्होंने बीते दिनों जिम्मी फॉलन के लेट नाइट शो पर भी किया था. मगर इस कॉन्सर्ट में एक और बवाल खड़ा हुआ, जिसकी जानकारी अब सामने आ रही है.

दिलजीत के वैंकूवर कॉन्सर्ट में कुछ खालिस्तानी समर्थक घुस गए थे, जो वहां सिंगर के खिलाफ नारे लगा रहे थे. जानकारी के मुताबिक, मामला काफी गंभीर हो गया था. मगर सिक्योरिटी ने कुछ ही देर में उन्हें शो से बाहर किया और माहौल को शांत किया. कहा जा रहा है कि दिलजीत खालिस्तानियों का अगला निशाना हैं.

दिलजीत के शो में हुआ हंगामा
दरअसल, शो के दौरान अचानक कुछ लोग खालिस्तान के झंडे लेकर अंदर घुस आए और नारेबाजी शुरू कर दी. इन लोगों ने भारत के खिलाफ भी नारे लगाए और दिलजीत पर बीजेपी और आरएसएस का एजेंट होने के आरोप लगाए. मौके पर मौजूद सिक्योरिटी टीम ने जब हालात संभालने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारी उनसे भिड़ गए. कुछ देर के लिए कॉन्सर्ट का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया, हालांकि बाद में स्थिति को काबू में कर लिया गया.

सूत्रों के मुताबिक हंगामा करने वालों में पवनदीप सिंह बस्सी और मनदीप सिंह रवि नाम के दो लोग शामिल बताए जा रहे हैं. इन पर आरोप है कि ये सिख्स फोर जस्टिस (SFJ) से जुड़े हुए हैं, जो भारत में बैन संगठन है और इसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू हैं. सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने आगे भी दिलजीत दोसांझ के शो में विरोध करने की चेतावनी दी है.

हालांकि दिलजीत ने अभी तक खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई किसी भी नारेबाजी पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है. सिंगर पिछले कुछ वक्त से ही गुरपतवंत सिंह पन्नू के निशाने पर नजर आए हैं. उन्होंने दिलजीत को कई बार धमकी दी, मगर सिंगर ने उसका असर अपने ऊपर नहीं पड़ने दिया. उन्होंने हमेशा प्यार फैलाने की बात कही.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here