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एचएसवीपी की 1.67 लाख एकड़ जमीन योजना, गुरुग्राम-फरीदाबाद समेत कई जिलों में सेक्टर विकसित होंगे

गुरुग्राम

हरियाणा में नए सेक्टर विकसित करने का पहला चरण शुरू कर दिया है। हरियाणा के 69 शहरों में रिहायशी, व्यावसायिक और संस्थागत सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार की इस पहल को आम लोगों के हित से जोड़ कर देखा जा रहा है, क्योंकि इससे ना सिर्फ आवासीय विकल्प बढ़ेंगे वरन रोजगार, व्यापार और बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने इसके लिए 1 लाख 67 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई है।

ई-भूमि पोर्टल खोला गया
जमीन खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल भी खोल दिया गया है, जहां किसान और भूमि मालिकों से आवेदन मांगे गए हैं। हरियाणा के शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नए सेक्टरों का विकास प्लान्ड अर्बन एक्सपेंशन के तहत किया जाएगा। इससे अवैध कालोनियों पर रोक लगेगी, लोगों को रैगुलेटेड और बेसिक सुविधाओं वाले प्लॉट/सेक्टर मिलेंगे। सरकार बड़ी जमीन चिन्हित करके फेज वाइज सैक्टर डिवैल्प करेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर, सडक़, सीवर, बिजली के साथ सेक्टर बसाए जाएंगे।

गुरुग्राम में खरीदी जाएगी जमीन, फरीदाबाद पर भी प्लान
गुरुग्राम में 36 गांवों से 17,358 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी, फरीदाबाद के 19 गांवों से 4500 एकड़ और होडल क्षेत्र के 3 गांवों से 1729 एकड़ जमीन ली जाएगी। पंचकूला-अंबाला क्षेत्र में कोट-कैहला के 8 गांवों से 2804 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी।

इन जिलों में भी खरीदी जाएगी जमीन
कुरुक्षेत्र के लाडवा में 3 गांवों से 459 एकड़, करनाल के घरौंडा में 329 एकड़, अंबाला के 24 गांवों में 3668 एकड़, नारायणगढ़ में 7 गांवों से 512 एकड़, फतेहाबाद के पिहोवा में 3 गांवों से 687 एकड़, पानीपत के समालखा में 3 गांवों से 499 एकड़, हांसी (नया जिला) में 5 गांवों से 1495 एकड़, जींद के नरवाना में 2172 एकड़, पिंजौर-कालका के चंडी मंदिर क्षेत्र में 3914 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी।

पहले चरण में 13 शहरों में कटेंगे सेक्टर
पहले चरण में 13 शहरों में करीब 40 हजार एकड़ जमीन खरीदी जाएगी, जिसके लिए 104 गांवों के किसान शामिल होंगे। इनमें पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर जैसे शहरों में सेक्टर विकसित किए जाएंगे। हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर समेत कई जिलों में जमीन की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस नीलामी में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

एक ही जगह मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
नए सेक्टरों के विकास से अनियोजित कालोनियों पर अंकुश लगेगा। साथ ही, नए व्यावसायिक क्षेत्रों में एक ही स्थान पर खुदरा बाजार, कार्यालय, सेवाएं, स्कूल, अस्पताल और सरकारी इमारतें जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे लोगों को बेहतर शहरी जीवन मिलेगा और शहरों का संतुलित विकास होगा। इन सेक्टरों में बिल्डिंग कोड में बदलाव के तहत, नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट अनिवार्य होंगे।

बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाएं होंगी
इसके अलावा बिजली, सीवरेज, पानी की आधुनिक व्यवस्था और स्मार्ट सड़कों का प्रावधान होगा। सैक्टरों में रहने के लिए आधुनिक आवासीय प्लॉट के साथ-साथ व्यावसायिक (कमर्शियल) और औद्योगिक इकाइयां भी विकसित की जाएंगी। औद्योगिक मॉडल टाऊनशिप (आईएमटी) को बढ़ावा देने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाएं होंगी। सेक्टरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

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