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आज का राशिफल 2 मई: कई राशियों को मिलेगा लाभ, कुछ को रहेंगी चुनौतियाँ

मेष राशि- आज आपका दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा। किसी पुराने काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव आएंगे। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं, बस जल्दबाजी से बचें। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और सेहत अच्छी रहेगी। वृषभ राशि- आज का दिन आपके लिए संतुलित रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और सीनियर्स से सराहना मिल सकती है। पैसों के मामले में लाभ होगा, लेकिन फिजूल खर्च से बचें। अपनों के साथ वक्त बिताने का मौका मिलेगा। ओवरथिंकिंग से बचें। मिथुन राशि- आज आपको अपने फैसलों में सोच-समझकर आगे बढ़ना होगा। काम में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है लेकिन परिवार और पार्टनर का साथ आपको संभाल लेगा। खानपान को ठीक करें। कर्क राशि- आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। ऑफिस में काम का प्रेशर बढ़ेगा लेकिन आप अपनी समझदारी से सब संभाल लेंगे। रिश्तों में सुधार आएगा। सेहत को लेकर लापरवाही ना करें और आराम के लिए समय निकालें। खुद को समय दें और हर चीज के बारे में इतना ना सोचें। सिंह राशि- आज आपके लिए ग्रोथ के संकेत हैं। कोई नई प्लानिंग सफल हो सकती है। आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। दोस्तों का सहयोग मिलेगा। लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव आएंगे और मन प्रसन्न रहेगा। कन्या राशि- आज आपका ध्यान काम पर ही फोकस्ड रहेगा। मेहनत का अच्छा रिजल्ट मिल सकता है। रिश्तों में छोटी-मोटी गलतफहमियां हो सकती हैं जिन्हें बातचीत से सुलझाया जा सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। पार्टनर को आज कहीं घुमाने ले जाएं। खानपान संबंधी आदतें अब सुधार लें। तुला राशि- आज का दिन सावधानी से बिताने का है। किसी भी बड़े फैसले को फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। काम में थोड़ा तनाव हो सकता है लेकिन धैर्य बनाए रखें। रिश्तों में समझदारी से काम लें। आज तला-भुना खाने से बचें। वृश्चिक राशि- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार में थोड़ा तनाव हो सकता है लेकिन समझदारी से स्थिति संभल जाएगी। कोई नया अवसर सामने आ सकता है। मौके को समय रहते भांप लें। आज लिया गया फैसला आपके आने वाले दिनों को नई दिशा दे सकता है। धनु राशि- आज का दिन सामान्य रहेगा। काम में थोड़ी धीमी गति रह सकती है लेकिन धीरे-धीरे चीजें सुधरेंगी। पैसों से जुड़े मामलों में संतुलन बनाए रखें। रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखना जरूरी होगा। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में सही बैलेंस आप बना लेंगे और इससे कई चीजें आसान होंगी। मकर राशि- आज आपके लिए दिन सकारात्मक रहेगा। नए काम की शुरुआत के संकेत मिल सकते हैं। पार्टनर का सहयोग मिलेगा। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। अपनों के साथ वक्त बीतेगा। लोगों की बातें सुनकर अपने फैसलों में बदलाव ना करें। कुंभ राशि- आज आपको थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। पैसों को लेकर सोच-समझकर फैसले लें। काम में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। मीन राशि- आज का दिन आपके लिए शुभ संकेत लेकर आएगा। लव लाइफ में नजदीकियां बढ़ेगी और काम में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार का सहयोग मिलेगा। कुल मिलाकर आज का दिन आपके लिए लकी है।

प्रदेश में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, 28 अप्रैल तक 6.10 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में रबी विपणन सत्र के दौरान गेहूं खरीद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। योगी सरकार की सक्रिय रणनीति और जमीनी स्तर पर मजबूत व्यवस्थाओं के चलते 28 अप्रैल तक 6.10 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की जा चुकी है, जो अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती है। सरकार ने इस अभियान में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अब तक 1,15,854 किसानों को 1318 करोड़ रुपये का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जा चुका है। इससे किसानों को समय पर पैसा मिल रहा है। प्रदेश भर के खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। तौल, भंडारण और भुगतान की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया गया है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि हर केंद्र पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें और किसी भी किसान को लौटना न पड़े। पूर्वांचल बना खरीद अभियान का इंजन गेहूं खरीद में पूर्वांचल के जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया है। देवरिया ने 55.82% खरीद के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रशासनिक सक्रियता और किसानों की भागीदारी का मजबूत उदाहरण पेश किया है। इसके अलावा बस्ती, प्रतापगढ़, बलरामपुर और संतकबीरनगर जैसे जिले भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है। बेमौसम बारिश के बाद किसानों के हित में बड़ा फैसला  इस बार बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई, दाने सिकुड़े और चमक कम हो गई। ऐसे में किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार ने राहत दी है। अब 70% तक चमकविहीन और 20% तक सिकुड़ा/टूटा गेहूं बिना कटौती के खरीदने की अनुमति दी गई है, जिससे किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। डिजिटल व्यवस्था से आसान हुई प्रक्रिया पंजीकरण से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। किसान आसानी से पंजीकरण कर रहे हैं और उन्हें सीधे खातों में भुगतान मिल रहा है। साथ ही निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिल सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने काशी विश्वनाथ में किया था ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अवलोकन

भोपाल  काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी के पावन परिसर में स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ ने अपनी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक आभा से डिजिटल दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अनूठी पहल ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर 78 लाख 42 हजार 167 से अधिक लोगों तक अपनी डिजिटल रीच दर्ज कराई है। प्रधानमंत्री के अवलोकन से मिला वैश्विक विस्तार प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के इस संगम का अवलोकन बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद किया था। प्रधानमंत्री  मोदी ने इस वैदिक घड़ी को प्राचीन ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टि का अद्भुत मेल बताया। उनके अवलोकन के बाद सोशल मीडिया पर वैदिक घड़ी को लेकर नया उत्साह देखा गया, जिससे यह देश-विदेश में चर्चा का केंद्र बन गई। प्रधानमंत्री  मोदी के अवलोकन से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर चर्चाओं का ऐसा वातावरण तैयार हुआ कि केवल सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म से ही लाखों उपयोगकर्ताओं तक इसकी गूँज पहुँची। प्रधानमंत्री  मोदी और अन्य आधिकारिक यूट्यूब चैनलों पर आयोजित लाइव स्ट्रीम को 5,933 दर्शकों ने सीधे देखा। साथ ही राष्ट्रीय समाचार चैनलों पर हुए सीधे प्रसारण ने करोड़ों दर्शकों तक इसकी जानकारी पहुँचाई  सोशल मीडिया के माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर हैशटैग #विक्रमोत्सव_वाराणसी भारत के 'ट्रेंडिंग सेक्शन' में नंबर 1 स्थान पर काबिज रहा, जो सनातन संस्कृति और भारतीय कालगणना से जुड़े आयोजनों के लिए एक डिजिटल मील का पत्थर है। 16 से अधिक प्रमुख हैशटैग्स को ट्रैक किया गया, जिनमें #Varanasi, #विक्रमादित्य_वैदिक_घड़ी और #Vedic Ghadi जैसे हैशटैग ने लाखों लोगों को आकर्षित किया। इस व्यापक कवरेज ने इस गौरवशाली वैज्ञानिक विरासत को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सांस्कृतिक चेतना का नया संवाहक मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा निर्मित इस घड़ी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सादर भेंट किया गया था। 04 अप्रैल 2026 को स्थापित यह घड़ी भारतीय कालगणना, पंचांग, और ग्रहों की स्थिति जैसी जटिल गणनाओं को सरलता से प्रस्तुत करती है। भविष्य की योजनाएँ इस सफल डिजिटल आउटरीच ने सिद्ध कर दिया है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति के वैज्ञानिक आधारों को जानने के लिए उत्सुक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, वाराणसी की सफलता के बाद अब अयोध्या के  राम मंदिर सहित देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंग परिसरों में ऐसी वैदिक घड़ियाँ स्थापित करने की योजना है, ताकि भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रकाश जन-जन तक पहुँच सके。 यह न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय काल-चिन्तन को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप (Vikramaditya Vedic Clock) जिन लोगों को वैदिक घड़ी अपने मोबाइल फोन पर चाहिए तो विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐपवैदिक घड़ी का डिजिटल संस्करण है, जो भारतीय काल गणना (तिथि, नक्षत्र, योग, करण) और 7000 वर्षों का पंचांग दिखाता है। यह ऐप 189+ भाषाओं में उपलब्ध है, जो सूर्योदय-सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और 30 घंटे के समय प्रारूप को Android/iOS पर दिखाता है। वैदिक घड़ी ऐप की मुख्य विशेषताएं भारतीय काल गणना: यह ऐप समय को 30 मुहूर्तों में बांटकर दिखाता है, जो सूर्योदय पर आधारित है। पंचांग विवरण: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, और मास की सटीक जानकारी। 189+ भाषाएँ: यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी सहित 189+ भाषाओं में उपलब्ध है। शुभ/अशुभ समय: यह दैनिक 'राहुकाल', 'शुभ मुहूर्त' और 'चौघड़िया' की जानकारी देता है इतिहास: इसमें महाभारत काल से लेकर अब तक के 7000 वर्षों का पंचांग समाहित है। अलार्म: आप वैदिक समय के अनुसार अलार्म भी सेट कर सकते हैं। ऐप कैसे डाउनलोड करें? यह ऐप Google Play Store (Android) पर "Vikramaditya Vedic Clock" नाम से उपलब्ध है। App Store (iOS/iPhone) से भी इसे डाउनलोड किया जा सकता है।  

धमतरी का डंका: पंचायत विकास सूचकांक में मंदरौद ग्राम पंचायत प्रदेश में अव्वल

रायपुर       ​ छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण के क्षेत्र में धमतरी जिले ने एक नया इतिहास रचा है। राज्य सरकार द्वारा जारी पंचायत विकास सूचकांक (PDI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, धमतरी जिले की ग्राम पंचायतों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि कुरूद विकासखंड की मंदरौद ग्राम पंचायत के नाम रही है, जिसने 'गरीबी मुक्त एवं आजीविका संवर्धन' (थीम-1) में 94.4 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ​सतत विकास के मॉडर्न मॉडल के रूप में उभरा धमतरी ​PDI रैंकिंग में केवल मंदरौद ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य पंचायतों ने भी अपनी छाप छोड़ी है। 'स्वस्थ पंचायत', 'जल संपन्न पंचायत' और 'स्वच्छ एवं हरित पंचायत' जैसी श्रेणियों में जिले की कई पंचायतों ने A+ और A ग्रेड प्राप्त कर यह साबित किया है कि यहाँ शासन की योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं। ​"पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा"     ​ इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य के नेतृत्व और स्थानीय प्रशासन ने हर्ष व्यक्त किया है।उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री ​ विजय शर्मा  मंत्री ने मंदरौद पंचायत को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है। मंदरौद की सफलता प्रदेश की अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणास्रोत और नवाचार का मॉडल बनेगी।विधायक ​ अजय चंद्राकर ने इस जीत का श्रेय सामूहिक प्रयासों को देते हुए कहा कि बयह स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और जागरूक ग्रामीणों की मेहनत का फल है। धमतरी विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। कलेक्टर ने इस उपलब्धि को पारदर्शी प्रशासन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, और यह रैंकिंग उसी दिशा में एक मील का पत्थर है। ​सफलता के पीछे के मुख्य कारक ​मंदरौद और धमतरी की अन्य पंचायतों की इस सफलता के पीछे तीन मुख्य स्तंभ रहे हैं। सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाना। विकास कार्यों में ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी सुनिश्चित करना और ​आजीविका पर फोकस करते हुए गरीबी उन्मूलन के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के साधनों का संवर्धन करना रहा।​धमतरी जिले की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण सशक्तिकरण और समग्र विकास की एक नई इबारत लिख रही है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जन-जन तक पहुंच रहा सुशासन

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में आज एक मई से सुशासन तिहार 2026 का प्रदेशव्यापी शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में 01 मई से 10 जून तक संचालित होने वाला यह अभियान शासन और आमजन के बीच की दूरी को समाप्त कर पारदर्शी, त्वरित एवं संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के प्रथम दिवस प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया गया, जहां मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनते नजर आए। यह पहल वास्तव में राज्य के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने की छत्तीसगढ़ सरकार की  प्रतिबद्धता को पूरा करने का प्रभावी माध्यम है।  बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रिसदा में आयोजित शिविर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां प्राप्त 573 आवेदनों में से लगभग 47 प्रतिशत का मौके पर ही निराकरण किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा में निराकरण किया गया और आवेदकों से संतुष्टि फीडबैक भी लिया जाए। कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में 332 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 का तत्काल समाधान किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि यह अभियान शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। इसी क्रम में रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम कठिया में आयोजित शिविर में मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब की उपस्थिति में कई हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। महिलाओं को मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किए गए। दिव्यांग हितग्राही  योगेश यादव को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। शिविर में हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा वन-स्टॉप समाधान केंद्र के रूप में स्टॉल लगाए गए, जहां आमजन को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, केसीसी ऋण, उज्ज्वला योजना, कृषि उपकरण, मत्स्य पालन सामग्री सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाओं की उपलब्धता ने ग्रामीणों को त्वरित राहत दी। सुशासन तिहार के माध्यम से न केवल शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है, बल्कि आम नागरिकों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय स्वयं इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।

12.26 लाख निर्माण श्रमिकों को दी आयुष्मान कार्ड सुविधा, शेष 15.83 लाख श्रमिकों को भी शीघ्र मिलेगा लाभ: मुख्यमंत्री

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में श्रमिकों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश का विकास तभी सार्थक है, जब श्रमिक वर्ग सशक्त और सुरक्षित हो। इसी दृष्टि से राज्य सरकार श्रमिक परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से जोड़ने का अभियान तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब तक 12 लाख 26 हजार निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड सुविधा दी जा चुकी है, जिससे उनके परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध हो रहा है। शेष 15 लाख 83 हजार श्रमिकों को भी शीघ्र इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है। औसतन एक परिवार में 5 सदस्यों के आधार पर, यह पहल 75 से 80 लाख लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देगी। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में कम से कम 1 करोड़ श्रमिक परिवारों, यानी लगभग 5 करोड़ लोगों तक इस योजना का सीधा लाभ पहुंचाना है, जो प्रदेश के इतिहास में श्रमिक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। श्रमिकों के पसीने से ही नए भारत का निर्माण हो रहा अटल आवासीय विद्यालय के पहले बैच के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना एक नई मिसाल बनी। इन बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता के अथक श्रम व पसीने की लाज रखी है। नए भारत के निर्माण में आप सभी श्रमिक भाई-बहन प्रधानमंत्री जी के विजन के वास्तविक शिल्पकार हैं। सर्दी-गर्मी, आंधी-तूफान की परवाह किए बिना आप जो पसीना बहाते हैं, उसकी एक-एक बूंद धरती माता को सोना उगलने की शक्ति देती है। पहले विडंबना यह थी कि जो श्रमिक दूसरों को छत, अन्न और अस्पताल देते थे, स्वयं उनके पास आवास नहीं होता था, उनके बच्चे भूख से तड़पते थे और उन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिलती थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘श्रममेव जयते’ मंत्र के साथ श्रमिकों को सम्मान और गौरव मिल रहा है। श्रमिक अब सम्मान और सुविधाओं का हकदार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने महाकुंभ के दौरान श्रमिकों के पैर धोकर और अयोध्या-काशी में पुष्पवर्षा कर उनके श्रम और समर्पण का अनुपम सम्मान किया। इसी संवेदनशीलता के कारण आज श्रमिक किसी सरकार के एजेंडे का हिस्सा बन सका है। कभी कोई सोच भी नहीं सकता था कि श्रमिक के पास भी अपना पक्का घर होगा। लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश में 4 करोड़ से अधिक लोगों को आवास मिला है, जिनमें उत्तर प्रदेश में 65 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही देश में 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 61 लाख परिवार शामिल हैं। अब गरीब भी उस अस्पताल में इलाज करा सकता है, जिसके निर्माण में श्रमिक का पसीना लगा है, क्योंकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध है। साथ ही श्रमिकों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं और आज जेवर में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला रखी गई है। अब श्रमिक परिवारों को गैस, राशन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उज्ज्वला योजना, निःशुल्क राशन और अन्य योजनाओं से गरीब के हक की रक्षा हो रही है और उनकी मेहनत को सच्चा सम्मान मिल रहा है। डबल इंजन सरकार श्रमिकों की हर विपदा में साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आपदा आने पर बटाईदार और खेतिहर श्रमिक कर्ज के बोझ तले दब जाते थे, लेकिन अब हमारी सरकार ने व्यवस्था की है कि आपदा में मुआवजा केवल भूमि स्वामी को नहीं, बल्कि बटाईदार और खेत पर काम करने वाले श्रमिक को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत उन्हें 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया गया है और हर वर्ष 700 से 1000 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रभावित श्रमिक परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि संकट के समय जो आपके साथ खड़ा होता है, वही सच्चा हितैषी है। कोरोना काल की सबसे बड़ी त्रासदी के दौरान जब विपक्षी नेता अपने घरों में छिप गए थे, तब डबल इंजन सरकार पूरी ताकत से श्रमिकों के साथ खड़ी थी। हम 14,000 बसों से लाखों श्रमिकों को वापस लाए, एक करोड़ श्रमिकों के रहने-खाने की व्यवस्था की और निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया। डबल इंजन की सरकार किसी भी संकट में खेतिहर मजदूर से लेकर औद्योगिक श्रमिक तक,  हर वर्ग के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। श्रमिक का बच्चा भी अब अधिकारी बनेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम के बाद श्रम मंत्री अनिल राजभर जी गोरखपुर जा रहे हैं, जहां 200 श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह में स्वयं मंत्री जी मेहमानों का सम्मान और आवभगत करेंगे। श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। इसका एक उदाहरण है- पूरे प्रदेश में 18 मंडलों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालय, जहां श्रमिकों के बच्चों को आवासीय सुविधा के साथ बेहतरीन शिक्षा दी जा रही है। इन विद्यालयों में अनुभवी शिक्षकों की तैनाती की गई है, ताकि श्रमिक का बच्चा भविष्य में अधिकारी बने। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 18,000 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। पहले बीमारू राज्य कहलाने वाला उत्तर प्रदेश आज भारत का ग्रोथ इंजन और उद्यम प्रदेश बनकर उभरा है। यह श्रमिकों की अथक मेहनत, सुरक्षा के बेहतर माहौल और सरकार के संकल्प का परिणाम है। अगर कोई मजदूरी नहीं देगा, तो सरकार उसका काम तमाम करेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को ‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ की सुविधा दी है। यानी, किसी भी राज्य/जिले में रहने वाला श्रमिक देश में कहीं भी अपना राशन ले सकता है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में 7 लाख से अधिक श्रमिकों को पेंशन कवर दिया गया है। अटल पेंशन योजना में प्रदेश के 93 लाख लाभार्थी जुड़े हैं। ई-श्रम पोर्टल पर सबसे अधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश के हैं। निर्माण कार्य के … Read more

जशपुर को मिलेगा आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का राष्ट्रीय मॉडल बनने का अवसर

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के गृह ग्राम बगिया में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के अंतर्गत बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई प्रणाली के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना केवल एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि “हर बूंद से अधिक उत्पादन” की सोच का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर जिला देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल बनेगा और किसानों को समृद्धि की नई दिशा मिलेगी।  उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। भूमिगत पाइपलाइन व्यवस्था से जल का अपव्यय रुकेगा, जल उपयोग दक्षता बढ़ेगी और भूमि अधिग्रहण की समस्या भी नहीं आएगी। अब तक वर्षा पर निर्भर रहने वाले किसानों को इस योजना से वर्षभर सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि कृषि को तकनीक आधारित, टिकाऊ और लाभकारी दिशा में आगे बढ़ाएगी। यह परियोजना जशपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल एग्री-इरीगेशन डिस्ट्रिक्ट के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारे अन्नदाताओं को समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।  उल्लेखनीय है कि यह परियोजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से लागू की जा रही है। इसके तहत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 गांवों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के 23 राज्यों में स्वीकृत 34 एम-कैड परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर एकमात्र चयनित परियोजना है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जबकि परियोजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपये है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि यह योजना क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और किसानों को स्थायी आय का आधार प्रदान करेगी। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने इसे किसानों के लिए “आने वाले समय का वरदान” बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर  आलोक अग्रवाल ने बताया कि एम-कैड कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2025 में किया गया था। उन्होंने बताया कि यह परियोजना अगले 6 माह में पूर्ण की जाएगी और इसके संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी प्रारंभिक 5 वर्षों तक ठेकेदार द्वारा तथा उसके बाद जल उपभोक्ता समिति द्वारा संभाली जाएगी। इस समिति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। परियोजना में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति, SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) और IoT (Internet of Things) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल का नियंत्रित और वैज्ञानिक उपयोग संभव होगा। डेटा आधारित प्रबंधन के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किस क्षेत्र में कब और कितनी मात्रा में पानी देना है। इस योजना का उद्देश्य जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना, प्रत्येक बूंद का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना, कृषि उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है। साथ ही उन्नत कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों को जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाया जाएगा।

कांकेर एकलव्य की छात्रा कृतिका टेकाम ने देशभर के एकलव्य विद्यालयों में की टॉप

रायपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी कृतिका टेकामने सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल कीहै। होनहार छात्रा कृतिका ने संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कृतिका को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कांकेर की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य विद्यालयों मेंप्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षाऔर जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों कीसफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यमसे राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वेराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।          मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियोंको शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कांकेर की छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीयअंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शनकर रहे हैं। मंत्री  नेताम ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा हाल ही में शैक्षणिक सत्र2025-26 हेतु 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की छात्रा कु. कृतिका टेकाम देशभर के एकलव्य विद्यालयों में प्रथम स्थान हासिल की है।  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा नेबताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मेंरहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेशके साथ-साथ आदिम जाति विभाग को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही अन्यविद्यार्थियों द्वारा भी अच्छा परीक्षा परिणाम प्राप्त किया गया है। प्रदेश में संचालित75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। इनमें 11 एकलव्य विद्यालयों द्वारा शत्-प्रतिशत परीक्षा परिणाम अर्जित किया गया।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीयविद्यालयों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षाके साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाताहै। इसी का परिणाम है कि शिक्षण सत्र 2025-26 में चौथी एकलव्य विद्यालयों कीराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के दल द्वाराउत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया। आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि इसी प्रकार भारत सरकार,पंचायती राज, मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता मेंएकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा जिला-गरियाबंद को देश में संचालित800 विद्यालयों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। गरियाबंद के चयनित इनविद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तरपर सम्मानित किया गया, साथ ही इस विद्यालय को एक करोड़ रूपए की उपहार राशि प्रदान कीगई है।

कृषि मंत्री ने राज्य के 3556 बीज उत्पादक किसानों को 8.2 करोड़ रूपए प्रोत्साहन राशि का किया अंतरण

रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  राम विचार नेताम ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 3556 बीज उत्पादक किसानों को वित्तीय वर्ष 2024-25 का 8 करोड़ 01 लाख 97 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में ऑनलाईन अंतरित किया। यह राशि मंडी निधि के तहत हितग्राहियों को प्रदाय किया गया। इस मौके पर प्रदेश के सैकड़ों किसान प्रक्रिया केंद्रों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। मंत्री  नेताम ने बीज उत्पादक किसानों से चर्चा कर गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए उनका हौसला बढ़ाया साथ ही निगम के एक वर्ष के उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त मती शहला निगार विशेष रूप से उपस्थित थीं।   कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों ने अथक मेहनत एवं परिश्रम से बीज उत्पादन किया है। उनके इस मेहनत का फल उन्हें मिले इस उद्देश्य से प्रोत्साहन की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित किया गया। उन्होंने किसानों को धान के अलावा दलहन-तिलहन एवं मिलेट्स और सब्जी-भाजी व अन्य आय मूलक फसलें लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरमी के दिनों में धान की खेती से बचना चाहिए। क्योंकि इसमें पानी अधिक लगता है। हमें पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के प्रति भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धान की जगह किसानों को दलहन-तिलहन की खेती करनी चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। वहीं पानी की खपत भी कम होती है।   मंत्री  नेताम ने कहा कि बीज की गुणवत्ता पर सरकार की साख जुड़ी होती है। उन्होंने बीज उत्पादक किसानों को ईमानदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन बीज उत्पादन करने की अपील की। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रदेश किसानों के लगन और मेहनत से बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। सरकार की प्रतिबद्धता किसानों के लिए प्राथमिकता पर है। उन्होंने मिल-जुलकर छत्तीसगढ़ को कृषि उत्पादक राज्यों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।   बीज निगम के अध्यक्ष  चन्द्रहास चंद्राकर ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और मंत्री  नेताम के मार्गदर्शन में निगम द्वारा समय पर बीज उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जा रहा है। आगे भी प्रयास रहेगा कि समय पर किसानों के मेहनत का सम्मान हो। उन्होंनें कहा कि हमारी सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीद कर देश में किसानों का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस मौके पर किसानों की ओर से कुछ मांगे भी रखी, जिसका मंत्री  नेताम ने गंभीरता के साथ विचार करने का आश्वासन दिया। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक  अजय अग्रवाल ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। मंत्री  नेताम ने इस अवसर पर कवर्धा, अंबिकापुर और रायपुर जिले के किसानों से चर्चा कर हालचाल जाना। किसानों ने वर्ष 2024-25 प्रोत्साहन राशि प्रदान करने पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, मंत्री  रामविचार नेताम और निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता “सबका साथ, सबका विकास” की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है। ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया। ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।