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वास्तु शास्त्र: घर का फर्श भी तय करता है भाग्य, गलत रंग से बढ़ सकता है वास्तु दोष

रसोई, किचन, बेडरूम, ड्रॉइंग रूम और यहां तक कि मकान का फर्श भी वास्तु दोष के लिए बहुत रिस्पॉन्सिबल होता है. (Photo: ITG) वास्तु के शुभ और अशुभ परिणामों का असर उसमें रहने वाले लोगों पर ही पड़ता है. फिर चाहे मकान अपना हो या फिर किराए का. घर की हर दिशा में वास्तु मौजूद है. रसोई, किचन, बेडरूम, ड्रॉइंग रूम और यहां तक कि मकान का फर्श भी वास्तु दोष के लिए बहुत रिस्पॉन्सिबल होता है. आचार्य कमल नंदलाल कहते हैं कि घर का फर्श इंसान की तरक्की और बर्बादी दोनों के लिए जिम्मेदार हो सकता है. इसलिए घर के फर्श को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए. ज्योतिषविद ने बताया कि आजकल लोग घरों में फ्लोर बनाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं. लोग फ्लोर बनाने के लिए सेरेमिक टाइल्स या ग्रेनाइट मार्बल का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि फ्लोर पर मार्बल का इस्तेमाल आदमी को नुकसान दे सकता है. दरअसल, मार्बल को फर्श पर लगाने से चंद्रमा छठे भाव में प्रभाव छोड़ने लगता है जो अपने आप में वास्तु दोष क्रिएट करता है. इस तरह का वास्तु दोष आपके जीवन में न्यूरो से जुड़ी समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है. डार्क कलर के फर्श का जादू ज्योतिषविद ने बताया कि घर के फर्श पर कभी भी सफेद रंग का फ्लोर न बिछाएं. इस तरह का फर्श इंसान को आसमान से जमीन पर ला सकता है. वास्तु के दृष्टिकोण से गहरे हरे रंग का फर्श सबसे उत्तम होता है. यह बुध ग्रह का प्रतीक होता है. काल पुरुष सिद्धांत के अनुसार छठे भाव का कारक ही बुध है. इसके अलावा आप काले, नीले या भूरे रंग का फर्श भी बनवा सकते हैं. किस दिशा में बनवाएं कौन सा फर्श? वास्तु के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा में भूरे रंग का फर्श बनवाना चाहिए. यहां बृहस्पति स्थिति को बैलेंस रखते हैं. घर की पूर्व दिशा में हमेशा काले रंग का फर्श बनवाना चाहिए. क्योंकि यह शनि को छठे या सातवें भाव में रखकर सूर्य को बलवान बनाता है. दक्षिण-पूर्व दिशा की बात करें तो यहां गहरे नीले रंग का फर्श बनवाना चाहिए. दक्षिण दिशा में काले रंग का फर्श बनवाना चाहिए. इससे शनि और मंगल की स्थिति ठीक रहती है. दक्षिण-पश्चिम दिशा में नीले या भूरे रंग का फर्श बनवाना चाहिए. पश्चिम दिशा में ग्रे या हल्के ब्राउन कलर का फर्श बनवाना चाहिए. जबकि उत्तर दिशा में डार्क ग्रीन कलर का फर्श बनवाना चाहिए. इससे इंसान के लाइफस्टाइल में सुधार बना रहता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है. छत पर हमेशा ग्रे और तह खानों में डार्क ब्राउन या नीले रंग का फ्लोर बनवाना चाहिए.

गौतम बुद्ध के संन्यास के बाद यशोधरा का जीवन, सादगी और धैर्य की मिसाल

 बुद्ध पूर्णिमा का पर्व आज मनाया जा रहा है. इस दिन भगवान गौतम बुद्ध की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है. कहते हैं कि गौतम बुद्ध ने गृहस्थ जीवन छोड़कर संन्यास ले लिया था. तो आइए जानते हैं कि गौतम बुद्ध के गृहस्थ जीवन छोड़ने के बाद उनकी पत्नी यशोधरा का जीवन कैसा हो गया था. जानते हैं पूरी कथा. कथा के मुताबिक, कोलिय वंश के राजा सुप्पाबुद्ध और रानी पामिता की पुत्री यशोधरा अपनी सुंदरता और दयालु स्वभाव के लिए जानी जाती थीं. उसी समय दूसरी ओर, शाक्य वंश के राजा शुद्धोधन और महारानी मायादेवी के घर लुंबिनी वन में एक पुत्र का जन्म हुआ था, जिसका नाम सिद्धार्थ रखा गया. यही सिद्धार्थ आगे चलकर ज्ञान प्राप्त कर महात्मा बुद्ध के रूप में प्रसिद्ध हुए. कैसे हुआ था यशोधरा-सिद्धार्थ का विवाह? कहते हैं कि जब महारानी मायादेवी सिद्धार्थ को गर्भ में धारण किए हुए थीं, तब उन्होंने एक अद्भुत सपना देखा था- एक सफेद हाथी, जिसके छह दांत थे, उनके गर्भ में प्रवेश करता हुआ दिखाई दिया था. उस समय शाक्य और कोलिय वंश के समान स्तर का कोई अन्य राजघराना नहीं था, इसलिए इन दोनों वंशों के बीच ही रिश्ते तय होते थे. इसी परंपरा के चलते आगे चलकर यशोधरा का विवाह सिद्धार्थ से हुआ, जो उनके रिश्ते में भी थे. उस समय दोनों की उम्र लगभग 16 वर्ष बताई जाती है. विवाह के बाद यशोधरा ने एक आदर्श पत्नी की तरह सिद्धार्थ का पूरा साथ निभाया. वह उनके काम और मन की स्थिति को अच्छे से समझती थीं. जब भी सिद्धार्थ जीवन के सच और लोगों के दुख-दर्द को जानने के लिए बाहर जाते, तो यशोधरा उनका सहयोग करती थीं. दोनों अक्सर समाज और लोगों की परेशानियों को लेकर बातचीत भी करते थे, जिससे उनके बीच गहरा समझ और जुड़ाव बना रहता था. सिद्धार्थ का संन्यास और यशोधरा की समझ धीरे धीरे समय के साथ यशोधरा को यह एहसास होने लगा था कि सिद्धार्थ का मन सांसारिक जीवन में पूरी तरह नहीं लग रहा है. उन्हें कई बार संकेत मिल चुके थे कि सिद्धार्थ एक दिन राजसी सुखों को छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग चुन सकते हैं. यहां तक कि उनके पिता ने भी इस बात को लेकर पहले ही आगाह कर दिया था. सिद्धार्थ के मन में जीवन के दुख, बीमारी, बुढ़ापा और मृत्यु- को लेकर गहरी चिंता थी, जो उन्हें भीतर से बेचैन करती रहती थी. राहुल का जन्म और बड़ा फैसला विवाह के करीब 13 साल बाद यशोधरा ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम राहुल रखा गया. लेकिन इस समय तक सिद्धार्थ अपने जीवन का सबसे बड़ा निर्णय ले चुके थे. उन्हें लगा कि परिवार का यह बंधन उनकी आत्मज्ञान की खोज में रुकावट बन सकता है. इसलिए उन्होंने एक दिन सब कुछ छोड़कर सत्य की तलाश में निकलने का रास्ता चुन लिया. यशोधरा का धैर्य और त्याग जब यशोधरा को यह पता चला कि सिद्धार्थ घर छोड़ चुके हैं, तो वह स्वाभाविक रूप से दुखी हुईं. लेकिन उन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया था. उन्होंने खुद को मजबूत बनाया और दूसरों की सहानुभूति के बजाय अपने आत्मबल पर भरोसा किया. उनका मानना था कि जीवन में बड़े लक्ष्य पाने के लिए कुछ त्याग करना जरूरी होता है. पति के जाने के बाद यशोधरा ने भी शाही जीवन से दूरी बना ली थी. उन्होंने महंगे कपड़े और आभूषण छोड़ दिए और बेहद साधारण जीवन जीना शुरू कर दिया था. वह महल की बजाय एक साधारण स्थान पर रहने लगीं, जमीन पर सोतीं और दिन में सिर्फ एक बार भोजन करती थीं. अपने बेटे राहुल को भी वह सादगी, संयम और उनके पिता के आदर्शों के बारे में सिखाती रहती थीं. गौतम बुद्ध की वापसी कई सालों बाद जब सिद्धार्थ ज्ञान प्राप्त कर गौतम बुद्ध बन चुके थे, तब वे अपने पिता के कहने पर वापस लौटे. उनके साथ कई साधु भी आए थे. उनके साधारण रूप और भिक्षा पात्र को देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए. जब बुद्ध लौटे, तो यशोधरा उनसे मिलने के लिए महल के द्वार पर नहीं गईं, बल्कि अपने स्थान पर ही उनका इंतजार किया. वह जानती थीं कि अब सिद्धार्थ सब कुछ समझ चुके होंगे. जब बुद्ध स्वयं उनके पास पहुंचे, तो यह देखकर सभी चकित रह गए. यशोधरा ने उनका सम्मान किया और शांति के साथ उनसे मुलाकात की. इसके बाद यशोधरा अपने पुत्र राहुल को लेकर बुद्ध के पास गईं. धीरे-धीरे उन्होंने भी उसी मार्ग को अपनाने का निर्णय लिया, जिस पर सिद्धार्थ चले थे. अंततः यशोधरा ने भी भिक्षुणी का जीवन अपनाया और आत्मज्ञान की दिशा में आगे बढ़ गई थीं.

पटना समेत 20 जिलों में तेज बारिश, कई जगह 70 मिमी तक वर्षा दर्ज

 पटना बिहार के अलग-अलग भागों में पांच दिनों तक मेघ गर्जन, वज्रपात संग आंधी-बारिश होगी। 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट से मौसम सामान्य रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पटना सहित राज्य के ज्यादातर भागों में तेज हवा के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। आज सूर्योदय का वक्त 05:15 AM बजे है, जबकि सूर्यास्त शाम 06:26 PM बजे होगा। वातावरण में नमी का स्तर 47 % है, वहीं वायुमंडलीय दबाव 1008 के स्तर पर है। आंधी-बारिश के बाद गुरुवार को पटना सहित बिहार के 20 जिलों के अधिकतम तापमान में भारी कमी आई है। पटना में अधिकतम पारा 29.7 डिग्री और न्यूनतम 19.7 डिग्री रहा। पटना में कुल 25.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई। सुपौल के परपतगंज में 72.6 मिमी, पूर्णिया में 60.2 मिमी, मधुबनी के लखनपुर में 58 मिमी , बक्सर में 54.4 मिमी, पूर्णिया के श्रीनगर में 52.8 मिमी, अररिया के सिकटी में 52.2 मिमी, मधुबनी के झंझारपुर में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बीच, कृषि विभाग ने जिलों से राज्य भर में हुई आंधी-बारिश से फसल, फल-सब्जी के नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। आंधी-बारिश से सब्जियों की फसल को क्षति पटना जिले में बुधवार की रात आई आंधी और बारिश से आम और सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी से लौकी, तरोई, करेला, परवल जैसी सब्जियों के लत्तर टूट गए हैं। कुछ जगहों पर लत्तर चढ़ाने वाली रस्सियां और चार्ली टूटने-बिखरने से तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रवीण कुमार द्विवेदी बताते हैं कि तेज बारिश से खेत में पानी लगने से भी नुकसान हुआ है। खीरा, ककड़ी, नेनुआ, झिंगुनी में पानी लगने से पीलापन की शिकायत हो सकती है। खीरा और तरबूज की फसल को भी नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ रबी की फसल कटने के बाद खेतों में जमा भूसा 50 किलोमीटर की आई तेज आंधी में उड़ गई। इससे मवेशियों के भोजन जमा करने वाले किसानों को क्षति हुई। आम की डालियां टूटीं, लीची को भी नुकसान कृषि वैज्ञानिक पीके द्विवेदी बताते हैं कि तेज आंधी और बारिश के कारण आम और लीची को भी हानि पहुंची है। आम की डालियां टूट गई हैं। डालियों पर लटके अधपके आम भी काफी मात्रा में टूट कर गिर गये हैं। लीची का पौधा आम की तुलना में सख्त होने के बावजूद टूटे हैं। आंशिक रूप से मकई की बाहरी दीवार के पौधे गिर गए है। जानवरों की शेड, छपरी उड़ गई है। पटना जिला कृषक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार बताते हैं कि पटना जिला में टमाटर की 90 प्रतिशत फसल खेत से निकल चुकी है। बची हुई 10 प्रतिशत फसल को बीते बुधवार की रात हुई बारिश और आंधी से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी।

मई मासिक राशिफल: मेष से मीन तक कई राशियों के लिए रहेगा शुभ समय

 साल 2026 का पांचवां यानी मई का महीना आज से शुरू हो गया है. ज्योतिषियों के मुताबिक, मई का महीना कई अहम व्रत, त्योहार और ग्रह गोचर लेकर आ रहा है. इस महीने की शुरुआत पूर्णिमा व्रत से होगी और अंत भी पूर्णिमा के साथ ही होगा. मई के इस महीने में बुद्ध पूर्णिमा, अपरा एकादशी, अमावस्या, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, गंगा दशहरा और पद्मिनी एकादशी जैसे व्रत त्योहार आएंगे. वहीं, इस महीने में कई बड़े ग्रह गोचर व चाल में बदलाव करने जा रहे हैं, जिसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं कि मई का महीना किन राशियों के लिए शुभ रहने वाला है. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए मई 2026 का महीना सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. इस दौरान आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और आप अपने काम को बेहतर तरीके से पूरा कर पाएंगे. कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति होगी और सीनियर्स का सहयोग भी मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और पुराने अटके काम पूरे हो सकते हैं. ध्यान रखें: सेहत को लेकर लापरवाही न करें, खासकर दवाइयों का समय पर सेवन करें. गुस्से पर नियंत्रण रखें, नहीं तो रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है. उपाय: जरूरतमंद लोगों को ठंडा पानी पिलाएं या प्याऊ की व्यवस्था करें. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह महीना आय और करियर के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकता है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. व्यापार करने वालों के लिए भी समय अच्छा है, खासकर ऑनलाइन काम में सफलता मिल सकती है. ध्यान रखें: खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखें, नहीं तो बजट बिगड़ सकता है. परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद न होने दें. उपाय: हर शुक्रवार को मौसमी फल गरीबों को दान करें. मिथुन राशि मिथुन राशि के लोगों के लिए मई का महीना नई संभावनाएं लेकर आएगा. इस समय आप अपनी स्किल और नॉलेज को बढ़ाने पर ध्यान दें, जिससे भविष्य में आपको बड़ा लाभ मिल सकता है. करियर में स्थिरता बनी रहेगी और नए मौके भी मिल सकते हैं. ध्यान रखें: खान-पान का विशेष ध्यान रखें और अनावश्यक दोस्तों के साथ समय बर्बाद करने से बचें. उपाय: बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं और सेवा करें. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए यह महीना करियर में उन्नति दिलाने वाला रहेगा. आपकी मेहनत रंग लाएगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. परिवार और दोस्तों का सहयोग भी मिलेगा, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. ध्यान रखें: नकारात्मक सोच से दूर रहें और खर्चों पर नियंत्रण रखें. स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी बरतें. उपाय: ठंडे पानी का दान करें या सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था कराएं. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए मई का महीना धन लाभ और सफलता लेकर आएगा. नौकरी में प्रमोशन के योग हैं और व्यापार में भी अच्छा मुनाफा हो सकता है. रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है. ध्यान रखें: आलस्य से बचें और गुस्से में कोई बड़ा निर्णय न लें. उपाय: रविवार के दिन गरीबों को फल दान करें. कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ मिलने वाला रहेगा. करियर में स्थिरता आएगी और आपके प्रयास सफल होंगे. निवेश करने या प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले लेने के लिए समय अनुकूल है. ध्यान रखें: जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और कटु वाणी से बचें. उपाय: बुधवार को हरे फल या हरी सब्जियां दान करें. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए यह महीना मान-सम्मान बढ़ाने वाला रहेगा. परिवार में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा. छात्रों के लिए यह समय प्लानिंग करने का है, जिससे आगे सफलता मिल सके. ध्यान रखें: पेट से जुड़ी समस्याओं से बचाव करें और लंबी यात्रा से बचें. उपाय: शुक्रवार के दिन गरीबों को फल दान करें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह महीना सफलता और उपलब्धियों से भरा रहेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी और शत्रुओं पर विजय मिलेगी. प्रॉपर्टी से जुड़े काम भी बन सकते हैं. ध्यान रखें: गुस्से और विवाद से बचें और परिवार को समय दें. उपाय: मंगलवार को ठंडा पानी दान करें. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए मई का महीना शुभ संकेत दे रहा है. आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी. ध्यान रखें: स्वास्थ्य का ध्यान रखें और लंबी दूरी की यात्रा से बचें. उपाय: गुरुवार के दिन पीली खिचड़ी का दान करें. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए यह महीना सावधानी से काम लेने का है. मेहनत का फल जरूर मिलेगा, लेकिन जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है. करियर पर फोकस बनाए रखें. ध्यान रखें: सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखें और बड़े फैसले सोच-समझकर लें. उपाय: शनिवार के दिन गरीबों को फल दान करें. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए यह समय आय बढ़ाने और स्किल सुधारने का है. आपके प्रयास सफल होंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा. ध्यान रखें: खर्चों को कंट्रोल में रखें और सेहत के मामले में लापरवाही न करें. उपाय: शनिवार के दिन शीतल जल का दान करें. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए मई 2026 का महीना करियर में प्रगति और नए अवसर लेकर आएगा. परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव कम होगा. ध्यान रखें: खान-पान का ध्यान रखें और नकारात्मक सोच से दूर रहें. उपाय: गुरुवार के दिन पीले फल दान करें.

संगठन में शक्ति है, कलेक्टर का संदेश: पंचायतों की प्रगति के लिए समग्र प्रयास जरूरी

संगठन में शक्ति है, पंचायतों को आगे बढ़ने के लिए समग्र प्रयास करने होंगे: कलेक्टर   बड़वानी -पाटी विकासखंड के ग्राम डोंगरगाँव के बालिका आश्रम में 'रात्रि चौपाल' आयोजित  –  छात्राओं के साथ बैठकर किया भोजन, संवाद कर बेहतर भविष्य के लिए किया प्रेरित   बड़वानी "संगठन में शक्ति है, पंचायतों को आगे बढ़ने के लिए समग्र प्रयास करने होंगे।" उक्त विचार कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने पाटी विकासखण्ड के ग्राम डोंगरगाँव में आयोजित 'रात्रि चौपाल' के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि विकास का केंद्र है। ग्राम विकास के लिए सभी ग्रामीणजन एकजुट होकर कार्य करे।  ग्रामीणों से सीधा संवाद और फीडबैक  रात्रि चौपाल के माध्यम से कलेक्टर ने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर सीधा संवाद किया। उन्होंने कृषि,स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा संबंधी कार्यो एवं योजनाओं ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन संबंधी फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता के द्वार पर इसीलिए है ताकि संवाद और समाधान के बीच की दूरी कम हो सके।  रात्रि चौपाल में ग्राम के प्रगतिशील कृषकों ने जैविक खेती और मुर्गीपालन से प्राप्त सकारात्मक परिणामों को साझा किया।इस दौरान कलेक्टर ने बच्चों से सीधे संवाद कर  परीक्षा परिणाम, स्कूल उपस्थिति, पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और छात्रवृत्ति की स्थिति संबंधी जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जननी सुरक्षा योजना, प्रसव पूर्व एएनसी पंजीयन, संस्थागत प्रसव और सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूक किया गया।कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर और सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।  छात्राओं से भेंट कर वितरित की पुस्तकें  चौपाल के उपरांत कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने ग्राम की नन्ही छात्राओं से भेंट कर उन्हें पुस्तकें वितरित की और पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जिला प्रशासन की इस पहल एवं सहजता की न केवल आश्रम की छात्राओं बल्कि ग्रामीणों में भी सराहना की।  कलेक्टर ने छात्राओं के साथ बैठकर किया भोजन, डोंगरगाँव आश्रम में किया रात्रि विश्राम  कलेक्टर श्रीमती सिंह ने पाटी विकासखण्ड के ग्राम डोंगरगाँव स्थित जनजातीय बालिका आश्रम में रात्रि विश्राम के दौरान आश्रम का निरीक्षण कर छात्राओं के साथ आत्मीय चर्चा की। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई,आश्रम में दी जा रही सुविधाओ एवं भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जाना।इस दौरान उन्होंने छात्राओं के बैठकर भोजन किया।

रामनगरी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, वाल्मीकि आश्रम सहित प्रमुख स्थलों का विकास

अयोध्या  रामनगरी अयोध्या और आसपास के जिलों में धार्मिक पर्यटन को एक नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। रामायणकालीन विरासत को संरक्षित करते हुए सरकार अब ऐसे व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट पर काम कर रही है, जिसमें 41 पौराणिक तीर्थ स्थलों को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस योजना का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक और अनुभवात्मक बनाना है, बल्कि लंबे समय से उपेक्षित प्राचीन स्थलों को पुनर्जीवित कर उन्हें पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना भी है। यह सर्किट अयोध्या के साथ गोंडा, बस्ती और अंबेडकरनगर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ते हुए एक संगठित आध्यात्मिक मार्ग तैयार करेगा। रामायणकालीन विरासत को मिलेगा नया स्वरूप 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित इन 41 पौराणिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में काम शुरू हो गया है। सरकार की मंशा है कि श्रद्धालु केवल राम मंदिर तक सीमित न रहकर पूरे रामायणकालीन भूगोल का अनुभव करें और उन स्थलों से भी जुड़ें जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित विकास से वंचित रहे हैं। 41 तीर्थ स्थलों का होगा व्यापक विकास और सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत इन सभी स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कुंडों और पवित्र स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, साथ ही श्रद्धालुओं के लिए शेड, पेयजल व्यवस्था, चेंजिंग रूम, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सड़क संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य तीर्थ यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुव्यवस्थित बनाना है। रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों को किया गया शामिल इस धार्मिक पर्यटन सर्किट में वाल्मीकि आश्रम, अंगी ऋषि आश्रम, विभीषण कुंड, सुग्रीव कुंड, राम कुंड, सीता कुंड, भरत कुंड, नंदीग्राम, तमसा नदी, श्रवण क्षेत्र और पाराशर आश्रम जैसे प्रमुख स्थल शामिल किए गए हैं। ये सभी स्थान रामायण काल की कथाओं और परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं और इनका ऐतिहासिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार यह परियोजना केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे व्यापारों को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। होटल, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं के लिए समग्र आध्यात्मिक अनुभव की तैयारी सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में संपूर्ण रामायणकालीन विरासत का अनुभव मिल सके। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान मिलेगी।  

स्मार्टफोन खरीदते समय 89% लोग AI फीचर्स को दे रहे हैं सबसे ज्यादा अहमियत

स्मार्टफोन खरीदते समय आप किन बातों या कहें कि किन फीचर्स का ध्यान रखते हैं. एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया है कि 89 परसेंट लोग स्मार्टफोन खरीदते समय आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) फीचर्स पर ध्यान दे रहे हैं. पहले भले ही कैमरे, बैटरी, प्रोसेसर और डिस्प्ले पर ध्यान दिया जाता हो, लेकिन अब लोगों का फोकस AI पर है. काउंटरप्वाइंट रिसर्च ने फ्लिपकार्ट के साथ मिलकर एक रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट का नाम स्मार्टफोन इनसाइट रिपोर्ट 2026 है. भारतीय मार्केट में कंज्यूमर की बदलती आदत को दिखाया गया है. साथ ही बताया है कि अब यूजर्स स्पेसिपिकेशन्स से आगे बढ़कर AI पर ध्यान दे रहे हैं, जिसमे Gen-z भी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक स्मार्टफोन चुनने में अब सबसे अहम भूमिका AI निभा रहा है. रिपोर्ट में बताया है कि 89 परसेंट यूजर्स ने बताया है कि AI फीचर्स उनके हैंडसेट खरीदने के फैसले को प्रभावित करता है. AI की मदद से यूजर्स अपने डेली के टास्क को आसान बना रहे हैं. सर्चिंग से लेकर वॉयस असिस्टेंट तक को AI बेहतर बना रहा है. कई मोबाइल कंपनियां खुद का AI मॉडल दे रहे हैं. सैमसंग से गूगल तक मार्केट में कई AI मॉडल मार्केट में गूगल के AI फीचर्स के अलावा भी कई मॉडल मौजूद हैं. जहां सैमसंग का Galaxy AI है. वहीं वीवो और शाओमी के भी AI मॉडल हैं. मोटोरोला का Moto AI नाम है. सैमसंग ने गूगल जेमिनी के कई फीचर्स को ऑप्टीमाइज करके अपने हैंडसेट को दिया है, जिससे उनकी उपयोगिता और बेहतर हो गई है. ये स्पीड 15-20 हजार रुपये के सेगमेंट में भी फैल रही है, जहां आमतौर पर प्रीमियम फीचर्स बहुत ही कम देखने को मिलते हैं. 33 परसेंट लोग EMI पर स्मार्टफोन खरीद रहे- रिपोर्ट रिपोर्ट में एक अन्य खुलासा ये भी किया है कि 33 परसेंट लोग ऐसे हैं, जो आसान किस्तों (EMI) का ऑप्शन लेकर प्रीमियम हैंडसेट को खरीद रहे हैं.

पलक तिवारी ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका, सिर ढककर गुरबाणी सुनी, अनुभव किया साझा

अमृतसर  अभिनेत्री पलक तिवारी इन दिनों आगामी वेब सीरीज 'लुक्खे' को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं। पलक तिवारी ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इसकी कुछ तस्वीरें उन्होंने  इंस्टाग्राम पर पोस्ट की। पोस्ट की गई तस्वीरों में वे बेहद सादगी में नजर आ रही हैं। उन्होंने नीला और गुलाबी रंग का एक सुंदर पारंपरिक सूट पहना हुआ है। उन्होंने अपने सिर पर दुपट्टा रखा हुआ है। तस्वीरों में उन्हें स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर के किनारे हाथ जोड़कर खड़े और परिसर की सुंदरता को निहारते हुए देखा जा सकता है। अपनी पोस्ट के जरिए पलक ने बताया कि यह स्वर्ण मंदिर में उनका पहला आगमन है। अभिनेत्री ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए लिखा, "स्वर्ण मंदिर में यह मेरा पहली बार जाना था। यह अनुभव सच में वैसा ही था, जैसा मैंने सोचा था। अत्यंत शांतिपूर्ण और जादुई।" फिल्मों के बाद अब अभिनेत्री पलक तिवारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धमाल मचाने के लिए तैयार हैं। उनकी आगामी वेब सीरीज 'लुक्खे' को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। इस फिल्म के जरिए जहां, पलक ओटीटी डेब्यू कर रही हैं, तो मशहूर रैपर किंग अभिनय की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। सीरीज में पलक 'सनोबर' नामक किरदार निभा रही हैं, जो इमोशनल, प्यार और आंतरिक संघर्ष से भरा हुआ है। यह सीरीज पंजाब की पृष्ठभूमि में रैप संगीत, क्राइम और प्रतिशोध की कहानी है। सीरीज की कहानी लकी (लक्ष्यवीर) नाम के एक एथलीट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए पंजाब की अंडरग्राउंड रैप दुनिया में प्रवेश करता है। यह सीरीज रैपर्स के बीच के टकराव, प्यार, भाईचारे और बदले की कहानी है। सीरीज में रैपर किंग के खास गानों और संगीत का अहम रोल है, जो मुंबई में एक लाइव कॉन्सर्ट में रिलीज किया गया था। सीरीज में किंग (एमसी बदनाम), राशि खन्ना, पलक तिवारी (सनोबर), लक्ष्यवीर सिंह सरन (लकी), और शिवंकित परिहार अहम भूमिका में नजर आएंगे। परिक्रमा में बैठकर गुरबाणी कीर्तन सुना जानकारी के अनुसार, पलक तिवारी ने गोल्डन टेंपल पहुंचकर करीब आधे घंटे तक परिक्रमा में बैठकर गुरबाणी कीर्तन सुना और आध्यात्मिक वातावरण को महसूस किया। अपनी पोस्ट के कैप्शन में पलक ने लिखा कि यह उनका गोल्डन टेंपल का पहला दौरा था, लेकिन जैसा उन्होंने सोचा था, वैसा ही अनुभव उन्हें जहां आकर महसूस हुआ। सलमान खान की फिल्म से किया था डेब्यू पलक तिवारी ने साल 2023 में सलमान खान स्टारर 'किसी का भाई किसी की जान' सेडेब्यू किया था। फिल्म में पूजा हेगड़े, वेंकटेश, भूमिका चावला, जगपति बाबू, विजेंदर सिंह, राघव जुयाल, जस्सी गिल, सिद्धार्थ निगम, शहनाज गिल, पलक तिवारी, विनाली भटनागर और सतीश कौशिक भी नजर आए थे।

गर्मी में राहत देने वाला एसी कब बन सकता है सेहत के लिए खतरा

 ऑफिस हो या घर, बिना एसी के गर्मी में समय काटना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में गर्मी और उमस से बचने के लिए लोग अपना अधिकतर समय एयर कंडीशनर (AC) में बिताते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एसी धीरे-धीरे आपको बीमार कर सकती है. डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, AC का गलत इस्तेमाल शरीर के मेटाबॉलिज्म से लेकर फेफड़ों तक समस्या पैदा कर सकता है. एयर कंडीशनिंग खुद बीमारी नहीं बनाती, लेकिन बहुत तेज़ ठंड, ड्राय हवा और गंदे फिल्टर शरीर पर असर डाल सकते हैं. तो आइए वो कौन सी बीमारियां हैं जो लंबे समय तक एसी में रहने से होती हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है, इस बारे में जान लीजिए. AC से कैसे बढ़ती हैं परेशानियां? एसी की ठंडी हवा न केवल नमी सोख लेती है बल्कि यह हमारे गले और नाक की म्यूकस मेम्ब्रेन को भी सुखा देती है. इससे सर्दी-खांसी और साइनस जैसी समस्याएं होने लगती हैं. मीडिया  के पल्मोनरी एक्सपर्ट के हवाले से कहा गया है कि अधिक सूखी हवा सांस की नली में जलन पैदा कर सकती है और खांसी, गले में खराश, नाक बंद होने जैसी दिक्कतें बढ़ा सकती है. वहीं डॉक्टरों का भी कहना है कि AC कमरे की नमी कम कर देता है, जिससे सांस की नली और गला सूखने लगते हैं. हेल्थलाइन के मुताबिक, गंदे एसी से निकलने वाली हवा सिक बिल्डिंग सिंड्रोम का कारण बनती है, जिससे सिरदर्द और थकान महसूस होती है. इसलिए अगर एसी की सर्विस समय पर न हो तो उसके फिल्टर में बैक्टीरिया और मोल्ड पनपने लगते हैं.  यदि किसी रूप में खराब वेंटिलेशन है तो उस रूम में सिक बिल्डिंग सिंड्रोम (Sick building syndrome) का जोखिम बढ़ सकता है जिससे सिरदर्द, चक्कर, थकान, नाक और सांस की तकलीफ हो सकती हैं. CDC भी साफ कहता है कि कम वेंटिलेशन और कमजोर एयर सर्कुलेशन इनडोर एयर क्वालिटी को बिगाड़ सकते हैं. जोड़ों का दर्द और ड्राई स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक कम तापमान में बैठने से मसल्स में खिंचाव और जोड़ों में अकड़न की समस्या देखी जाती है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से ही अर्थराइटिस है. इसके अलावा एसी हवा की नमी पूरी तरह खत्म कर देता है जिससे स्किन और आंखों में सूखापन आ जाता है. मेडिकल न्यूज टुडे की रिपोर्ट बताती है कि एयर कंडीशनिंग से त्वचा की प्राकृतिक नमी छिन जाती है जिससे खुजली और डर्मेटाइटिस की समस्या बढ़ सकती है. थर्मल शॉक और थकान जब हम तपती धूप से सीधे बेहद ठंडे कमरे में आते हैं तो शरीर के तापमान में अचानक बदलाव आता है. इसे थर्मल शॉक कहा जा सकता है. तापमान में यह अचानक उतार-चढ़ाव शरीर में थकान पैदा कर देता है और कमजोरी महसूस कराता है. एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि एसी का तापमान हमेशा 24 से 26 डिग्री के बीच रखना चाहिए ताकि बैलेंस बना रहे. गंदा AC भी बनता है वजह  पुराने या ठीक से साफ न किए गए एसी, मोल्ड और एलर्जी को हवा में फैला सकते हैं जिससे एलर्जी और सांस की समस्या बढ़ सकती है. एक्सपर्ट चेतावनी देते हैं कि गंदे फिल्टर, कॉइल और डक्ट्स में धूल, फफूंद और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं. साफ AC एलर्जी कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन खराब रखरखाव वाला HVAC सिस्टम माइक्रोबियल एलर्जन का घर बन सकता है इसलिए फिल्टर समय पर बदलना और साल में एक बार सर्विस कराना जरूरी माना गया है.

उत्तम नगर दिल्ली में बुलडोजर एक्शन फिर से शुरू, ट्राइब्यूनल ने राहत की अर्जी खारिज की

नई दिल्ली  उत्तम नगर की उसी पुनर्वासित कालोनी में  सुबह एक बार फिर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जहां कुछ दिन पहले तरुण नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस बार निगम पूरी कानूनी तैयारी के साथ पहुंचा था। जैसे ही निगम के लिए गठित अपीलीय ट्रिब्यूनल ने डिमालिशन पर रोक हटाई, वैसे ही निगम ने उन विवादित इमारतों को गिराना शुरू कर दिया जो कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर बनाई गई थीं। के अनुसार तरुण की हत्या के कुछ दिन बाद ही जब निगम ने इस मामले में आरोपितों में से एक के घर के अवैध हिस्से पर हथौड़ा चलाया था, तब इस मामले में 13 पक्षकारों ने निगम की कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने उन्हें 15 दिन की राहत देते हुए ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था। 28 अप्रैल को याचिकाकर्ता ट्रिब्यूनल पहुंचे। 29 अप्रैल हुई सुनवाई में निगम ने दलील दी कि ये निर्माण न केवल अवैध हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें खारिज करते हुए स्टे हटा दिया। इसके अगले ही दिन निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी। निगम पश्चिमी जोन के अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पूरे दिन चली कार्रवाई के दौरान दो संपत्तियों पर निगम ने हथौड़ा चलाया। इनमें एक संपत्ति वह थी जिसपर तीन प्लाटों को जोड़कर इमारत खड़ी की गई थी। वहीं दूसरी संपत्ति ऐसी थी, जिसपर दो प्लाट को जोड़कर घर बनाया गया था। सुबह जब निगम की टीमें कार्रवाई करने पहुंचीं, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी। इस इलाके में कई आवासीय इकाइयों को आपस में जोड़कर बड़ी इमारतें बना ली गई थीं. एक मामले में तीन घरों को मिलाकर एक ढांचा बनाया गया, जबकि दूसरे मामले में दो इकाइयों को जोड़ा गया था. इस मामले में आरोपी के परिवार ने पहले 13 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. अदालत ने उन्हें 15 दिनों की अंतरिम राहत दी थी।  कोर्ट ने परिवार को एमसीडी ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था. याचिकाकर्ताओं ने 28 अप्रैल को ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया. 29 अप्रैल को सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने ठोस आधार की कमी की बात कही. इसके बाद स्टे ऑर्डर हटा लिया गया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून, 2026 को होगी।  क्या था पूरा मामला? बता दें कि 4 मार्च को दिल्ली के उत्तम नगर स्थित जेजे कॉलोनी, हस्तसाल में होली के दौरान तरुण के परिवार की एक बच्ची ने पानी का गुब्बारा फेंका था. गुब्बारे का पानी पड़ोसी महिला पर गिर गया. इसी बात पर दो पड़ोसियों के बीच खूनी संघर्ष हो गया, जिसमें 26 साल के तरुण की मौत हो गई थी. अब उसी मामले के आरोपियों के अवैध निर्माण पर प्रशासन का डंडा चला है।