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UP का ग्रीन मिशन: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से दुनिया लेगी सीख

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी गूंज अब ब्रिक्स देशों तक पहुंच गई है। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान ने प्रदेश को पौधरोपण के मामले में नई ऊंचाई दी है। गत 9 जुलाई 2025 को एक ही दिन में 37 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर यूपी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि को दुनिया के अन्य देशों ने सराहा है और इस तरह के अभियान चलाकर अपने देश के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ना चाहते हैं। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से आयोजित वर्चुअल समिट में 9 देशों के युवा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और यूपी के इस अभियान की खुलकर सराहना की। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथोपिया, ईरान और इंडोनेशिया के युवाओं ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती पर विचार व्यक्त किए। विश्व के अन्य देशों के युवाओं का कहना था कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसा विचार लोगों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ता है।  प्रतिभागी युवाओं का मानना है कि पर्यावरण बचाने के लिए केवल नारे नहीं, बल्कि ऐसे अभियान चाहिए जो समाज की भावनाओं को छू सकें। इसे यूपी ने कर दिखाया है। विभिन्न देशों के युवाओं ने इसे अपने-अपने देशों में लागू करने की बात भी कही। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि वर्चुअल समिट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले बागपत के अमन कुमार ने भारत की आवाज बुलंद की है। उन्होंने पर्यावरण के लिए स्वयंसेवा का संदेश देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से जूझती दुनिया में हर नागरिक को प्रकृति संरक्षण का हिस्सा बनना होगा। उत्तर प्रदेश के इस व्यापक अभियान की खूबियां अन्य देशों के युवाओं ने गंभीरता से सुनीं और इसे प्रेरणादायक बताया। उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक पेड़ मां के नाम अभियान केवल सामान्य कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसे संस्कृति, संवेदना और सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ा गया है। यही कारण है कि यह पहल अब वैश्विक चर्चा का विषय बन रही है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बागपत के युवा अमन कुमार को स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से सम्मानित कर चुके हैं। अमन का कहना है कि सीएम योगी के नेतृत्व में पर्यावरण को लेकर जितने कार्य किए जा रहे हैं, उतना पहले कभी नहीं किए गये। दुनिया के लिए प्रेरणा बन रहा यूपी : अस्मिता लाल  बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि जब किसी अभियान में भावनात्मक जुड़ाव होता है, तभी वह लंबे समय तक असर छोड़ता है। यूपी ने इसे कर दिखाया है। जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच उत्तर प्रदेश का यह मॉडल दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। ब्रिक्स देशों के युवाओं की सराहना ने इस अभियान को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दी है। उत्तर प्रदेश की यह पहल अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

स्केटिंग ग्राउंड बना युवाओं के सपनों का रनवे, खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री को कहा- धन्यवाद

लखनऊ.  राजधानी के जनेश्वर मिश्र पार्क में तैयार हुए अत्याधुनिक स्केटिंग ग्राउंड ने अब सिर्फ एक खेल सुविधा नहीं, बल्कि हजारों बच्चों और युवाओं के सपनों को नई दिशा दे दी है। इस पहल के लिए खिलाड़ियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति गहरा आभार जताया है। खिलाड़ियों द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में इस परियोजना को “दूरदर्शी और युवा-केंद्रित नेतृत्व का परिणाम” बताया गया है। पत्र में कहा गया कि जहां पहले बच्चे सड़कों पर जोखिम उठाकर अभ्यास करते थे, वहीं अब उन्हें सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायक वातावरण मिल रहा है। बच्चों के शब्दों में भावनाओं की झलक साफ दिखी। उन्होंने कहा कि आपने हमें सड़कों से निकालकर स्टेडियम तक पहुंचाया है, अब हमारा लक्ष्य स्टेडियम से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना है। यह कथन न केवल खुशी का इजहार है, बल्कि प्रदेश में उभरती खेल प्रतिभाओं की नई उड़ान का संकेत भी है। खिलाड़ियों ने 16 जुलाई 2022 की उस मुलाकात को भी याद किया, जब उन्होंने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखी थीं। उनका कहना है कि उस दिन मिला आश्वासन आज जमीन पर उतरा दिखाई दे रहा है। एक ऐसा स्केटिंग ग्राउंड, जो वचनबद्धता और संवेदनशील शासन का प्रतीक बन गया है। इस पहल को खेल अवसंरचना के विस्तार से कहीं आगे देखा जा रहा है। यह युवाओं के आत्मविश्वास, ऊर्जा और भविष्य निर्माण का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। “युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति” के संकल्प को साकार करते हुए यह कदम उत्तर प्रदेश को खेल प्रतिभाओं का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। कोच अंजनी कुशवाहा के साथ-साथ आद्विका चौरसिया, श्रुति श्रीवास्तव, नफीसा नवाज, वृद्धि कश्यप, सुजैन नवाज, प्रीत मिश्रा, अव्याना सिंह, सिद्धि ऋषिता चतुर्वेदी, सांविका, अजान खान, समायरा, आयमान के. काकोर, शिवाय पाठक, शाहजैब नवाज, हैदर नवाज, गोत्रा देशपांडे, आश्चर्य खरे, राघवन श्रीवास्तव, निखिल यादव, एशन राज सिंह और निर्मल तंवर भाटी समेत कई खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

योगी सरकार का बड़ा कदम: ‘संध्या संवाद’ से और धार पाएगा विकास का विजन

लखनऊ.  योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से देवीपाटन मंडल में ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” की अभिनव पहल की जा रही है। इसकी शुरुआत 8 मई को श्रावस्ती की एक ग्राम पंचायत से की जाएगी। इस दौरान ग्राम पंचायत में “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत देवीपाटन मंडलायुक्त द्वारा ग्रामीणों के साथ खुली चौपाल में उनकी समस्याओं को सुना जाएगा और मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा। इसके अलावा योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित लोगों को लाभ देने के लिए मंडलायुक्त के निर्देश पर ग्राम पंचायत में शिविर भी लगाया जाएगा, जहां तत्काल योजनाओं को लाभ दिया जाएगा।  “संध्या संवाद कार्यक्रम” में ग्रामीणों से स्थापित किया जाएगा सीधा संवाद  देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हमेशा प्रयास रहा है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए प्रदेश में समय-समय पर विभिन्न जनसंपर्क और जनसुनवाई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप देवीपाटन मंडल के चार जिलों गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत 8 मई को श्रावस्ती में चयनित ग्राम पंचायत स्तर पर मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अगुवाई में “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत खुली चौपाल आयोजित की जाएगी। संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। ग्रामीण अपनी समस्याएं, सुझाव और अनुभव सीधे प्रशासन के सामने रख सकेंगे। इससे न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की भी पहचान की जा सकेगी। एक दिवसीय विशेष शिविर में सरकारी योजनाओं का मौके पर ही दिया जाएगा लाभ मंडलायुक्त ने बताया कि चयनित ग्राम में एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन भी किया जाएगा, जहां पात्र व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया जाएगा। लाभार्थियों को उसी दिन प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में योजनाओं का पारदर्शी तरीके से वितरण किया जाए। इसके अलावा श्रावस्ती में 8 मई को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जनसुनवाई की जाएगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और पेंशनरों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की विभागीय और पेंशन संबंधी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। वहीं दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक जिले में निर्मित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस दौरान मंडलायुक्त द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गये हैं ताकि कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। वहीं, शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच श्रावस्ती की चयनित ग्राम पंचायत में “संध्या संवाद” का आयोजन किया जाएगा।  

स्व-गणना का विकल्प आज रात 12 बजे तक, 2 मई से प्रगणक घर-घर जाएंगे

पटना बिहार में जनगणना 2027 के तहत चल रहे स्व-गणना अभियान का आखिरी दिन है। 17 अप्रैल से शुरू हुई जनगणना की प्रक्रिया में अब तक 42 लाख 47 हजार 621 लोगों ने मोबाइल या कंप्यूटर से अपनी गणना की है। है। इसमें मधुबनी जिला सबसे आगे है, जबकि वैशाली और दरभंगा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। भारतीय जनगणना निदेशालय की ओर से टॉप 10 जिलों की सूची भी जारी कर दी है। इसके अनुसार, पहले स्थान पर मधुबनी है, जहां 5,71,113 लोगों ने स्व-गणना पूरी की है। दूसरे स्थान पर वैशाली (5,38,966) और तीसरे पर दरभंगा (3,65,466) हैं। चौथे स्थान पर गोपालगंज (2,88,201), पांचवें पर पटना (2,12,501) और छठे स्थान पर भोजपुर (1,95,999) है। इसके बाद सातवें नंबर पर खगड़िया (1,54,050), आठवें पर औरंगाबाद (1,48,794), नौवें पर पश्चिम चंपारण (1,21,862) और दसवें स्थान पर कटिहार (98,554) जिला शामिल है। आज रात 12 बजे के बाद स्व-गणना नहीं कर पाएंगे जनगणना 2027 के तहत नागरिकों को खुद से ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प दिया गया है। इसके जरिए लोग घर बैठे अपनी जनसंख्या संबंधी जानकारी सुरक्षित और आसान तरीके से दर्ज कर सकते हैं। जनगणना निदेशालय के डिप्टी डायेक्टर संजीव कुमार ने कहा कि स्व-गणना का विकल्प एक मई यानी आज रात 12 बजे तक ही उपलब्ध है। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, वे जल्द से जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करा सकते हैं। यह प्रक्रिया सुरक्षित, सरल और समय की बचत करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग मोबाइल से अपनी गणना नहीं कर सकते हैं, वह घबराएं नहीं। दो मई यानी शनिवार से प्रगणक आपके घर आएंगे, वह गणना का काम कर कसते हैं। साथ ही जो लोग बिहार से बाहर रहते हैं वह भी नहीं घबराएं। आपके जिस राज्य में रह रहे हैं वहां जब जनगणना की प्रकिया शुरू होगी तब आप इसमें शामिल हो सकते हैं। आपकी गणना मान्य वैद्य मानी जाएगी। आपके डाटा को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और डिजिटल माध्यम में एन्क्रिप्टेड सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। Bihar Weather: बिहार के कई जिलों आज भी बारिश का यलो अलर्ट, पटना में बूंदाबांदी; जानिए कहां-कैसा रहेगा मौसम? हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग की जा रही जनगणना 2027 के लिए कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने साल 2027 की जनगणना को देश की पहली डिजिटल जनगणना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। मोबाइल एप के जरिए डेटा इकट्ठा किया जाए रहा है। इसके अलावा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) नाम का एक केंद्रीय पोर्टल बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी कर रही है। स्वगणना में भी हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग की जा रही है। वहीं दो मई से जब प्रगणक लोगों के घर जाएंगे तब भी वह यही प्रक्रिया करेंगे।  

मुंबई में बड़ी कार्रवाई: 1745 करोड़ रुपये की कोकीन बरामद, अमित शाह ने NCB की सराहना की

मुंबई  नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि हम नशीले पदार्थों के कार्टेल को पूरी तरह से कुचलने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। गृह मंत्री ने लिखा कि एनसीबी ने नशीले पदार्थों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर शिकंजा कसते हुए मुंबई में 1745 करोड़ रुपये मूल्य की 349 किलोग्राम उच्च-गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की है। यह 'बॉटम-टू-टॉप' (नीचे से ऊपर) दृष्टिकोण का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें एजेंसी ने एक छोटी खेप का पता लगाते हुए एक विशाल नेटवर्क को बेनकाब किया।  इस शानदार सफलता के लिए टीम एनसीबी को बधाई। बता दें कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मुंबई में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं की तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 1745 करोड़ रुपये मूल्य की 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की है। यह जब्ती एक छोटे कंसाइनमेंट को ट्रैक करते हुए, बड़े नेटवर्क तक पहुंचने वाली 'नीचे से ऊपर' रणनीति का हिस्सा है। यह मामला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़ा है। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने 28 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा था कि नार्को सिंडिकेट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस। उन्होंने लिखा था कि एनसीबी ने तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि मोदी सरकार के ड्रग कार्टेल को पूरी तरह से खत्म करने के मिशन के तहत, हमारी नार्कोटिक्स विरोधी एजेंसियों ने वैश्विक एजेंसियों के एक मजबूत नेटवर्क के ज़रिए सीमाओं के पार भी अपनी पकड़ बना ली है। अब वे कहीं भी छिप जाएं, ड्रग सरगनाओं के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है। बीते महीने 28 अप्रैल को एनसीबी की ओर से एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया था कि नई दिल्ली में 1 एनसीबी जोनल डायरेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2026 का समापन हुआ, जिसमें एनसीबी की सभी फील्ड इकाइयों ने अगले तीन वर्षों में पूरे देश में नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग से प्रभावी ढंग से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। एनसीबी की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया था कि एनसीबी के डीजी ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे गृह मंत्री अमित शाह के विजन के अनुरूप, नेटवर्क-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाकर रोडमैप के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मासिक लक्ष्य हासिल करें।

झारखंड की लोक संस्कृति और हस्तशिल्प का संगम, बच्चों की पेंटिंग प्रदर्शनी भी

रांची झारखंड की राजधानी रांची के आड्रे हाउस में एक से तीन मई तक तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला का आयोजन किया जाएगा. महोत्सव में सुबह नौ से रात 10 बजे तक आम लोगों के लिए निशुल्क प्रवेश रहेगा. केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि आयोजन में कला, संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों का संगम देखने को मिलेगा. तीन दिनों तक यहां झारखंड की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और मोटे अनाज से बने उत्पाद आकर्षण का केंद्र होंगे. 125 स्टॉलधारकों को निशुल्क स्टॉल स्वदेशी मेले में 125 स्टॉलधारकों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जा रहे हैं. मेले में हस्तशिल्प, सोहराय पेंटिंग, हाथ से बने खिलौने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही मोटे अनाज से बने चॉकलेट, केक और बिस्किट जैसे उत्पाद भी लोगों को आकर्षित करेंगे. बच्चों की पेंटिंग प्रदर्शनी भी आकर्षण संजय सेठ ने कहा कि महोत्सव में ऑपरेशन सिंदूर विषय पर रांची के बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. इसमें बच्चों ने सैन्य बलों की शौर्यगाथा को कैनवास पर उकेरा है. महोत्सव के दौरान स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं होंगी. शाम छह बजे से तक देशभर के कलाकार तीन अलग-अलग मंचों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे. उद्घाटन में गणमान्य होंगे शामिल एक मई की सुबह 11 बजे स्वदेशी मेले का शुभारंभ होगा. शाम पांच बजे महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा. उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यसभा सांसद आदित्य साहू और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे. दो मई को केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और तीन मई को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की उपस्थिति प्रस्तावित है. तीनों दिन विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम एक मई: गरबा, डालखाई, झूमर और पद्मश्री मुकुंद नायक की प्रस्तुति. दो मई: छऊ, पाईका, शास्त्रीय संगीत और वंदे मातरम पर विशेष कार्यक्रम. तीन मई: उलगुलान नाटिका, बिहू नृत्य, जनजातीय लोक नृत्य और अन्य प्रस्तुतियां.

सीएम योगी के हाथों सम्मान पाकर अभिलाषा बोलीं- ‘डॉक्टर बनना है सपना’

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 1 मई को आयोजित 'श्रमवीर गौरव समारोह-2026' प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य के लिए 5 श्रमिकों और अटल आवासीय विद्यालय के कक्षा 10 के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इन छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र के साथ-साथ टैबलेट भी दिया गया। मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर भावुक हुए मुन्नालाल ने कहा कि हम चाहते हैं कि 2027 में फिर से योगी सरकार बने, क्योंकि इससे अच्छी सरकार अभी तक हमें नहीं मिली है। कई जनकल्याणकारी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में 5 चयनित श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूलकिट प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर श्रमिकों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। सीतापुर के मुन्नालाल ने बताया कि पहले दिक्कत ही दिक्कत थी, अंधेरे में रहते थे, मिट्टी के तेल वाली डिबरी जलाकर काम चलाते थे। योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से हमारे घर में लाइट आ गई है। आवास और गैस सिलेंडर का कनेक्शन भी मिला। साथ ही होली और दिवाली पर फ्री में गैस सिलेंडर मिलता है।  समय से मिल रही मजदूरी तो हालात हुए बेहतर  बरेली के रहने वाले आकाश को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है। आकाश ओमैक्स मेट्रो सिटी कल्ली पश्चिम रायबरेली रोड लख़नऊ में मिस्त्री के साथ हेल्पर के रूप में काम करते हैं। आकाश ने बताया कि अब उन्हें समय से मजदूरी मिलती है, जिससे परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से हो पा रहा है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।  महिला श्रमिकों ने सुविधाएं देने के लिए जताया आभार लखनऊ की महिला श्रमिक प्यारी और सरस्वती ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें काम के साथ-साथ सभी आवश्यक सुविधाएं और समय पर भुगतान मिल रहा है, जिससे जीवन पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है। छात्र-छात्राओं ने सम्मान पाकर गर्व व्यक्त किया समारोह में अटल आवासीय स्कूल के कक्षा 10 के 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया है। छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान पाकर गर्व व्यक्त किया है। छात्रा अभिलाषा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी से सम्मान पाकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई का स्तर बहुत अच्छा है और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आज हमें जो सम्मान मिला है, वह हमारे लिए गर्व की बात है। मैं आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। मुख्यमंत्री जी का मैं दिल से धन्यवाद करती हूं। अटल आवासीय विद्यालय आगरा के छात्र गणेश कुमार ने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि मुख्यमंत्री जी के हाथों सम्मानित होने का मौका मिलेगा। आज यह सम्मान पाकर मुझे बेहद गर्व हो रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई, खेल और स्मार्ट क्लासेज जैसी सभी नेशनल लेवल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मैं आगे चलकर आईपीएस बनना चाहता हूं।  प्रिंसिपल बोले- सम्मान से बढ़ा उत्साह अटल आवासीय विद्यालय प्रयागराज के प्रिंसिपल डॉ. गोपाल कांत मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान न केवल शिक्षकों का उत्साह बढ़ाता है, बल्कि छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के बच्चों में मेहनत करने की अद्भुत क्षमता होती है और यही इन विद्यालयों की सबसे बड़ी ताकत है।

परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर पर लगे पाबंदी, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई

  गढ़वा आगामी 3 मई (रविवार) को आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) को लेकर गढ़वा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. परीक्षा को निष्पक्ष, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने जिले के तीनों परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है. गढ़वा सदर अनुमंडल के अंतर्गत कुल तीन केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी प्लस टू गोविंद उच्च विद्यालय, नामधारी कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय. सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक लागू रहेगा आदेश मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी यह आदेश रविवार सुबह 6 बजे से प्रभावी होगा और शाम 7 बजे तक लागू रहेगा. परीक्षा केंद्रों की चहारदीवारी से 200 मीटर की परिधि को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है. अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि परीक्षा की शुचिता भंग करने या किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी है. किसी भी तरह की अव्यवस्था या कदाचार की स्थिति से निपटने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड भी सक्रिय रहेगा. इन गतिविधियों पर पाबंदी प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के आसपास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी अनाधिकृत प्रवेश:- परीक्षा से संबंधित व्यक्तियों के अलावा अन्य बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित होगा. हथियार और गैजेट:- किसी भी तरह के घातक हथियार, विस्फोटक या एनटीए  द्वारा प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर रोक. भीड़ और नारेबाजी:- निर्धारित परिधि में अनावश्यक आवागमन, मजमा लगाने, प्रदर्शन करने या नारेबाजी करने पर पाबंदी. लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के शोर मचाने वाले यंत्रों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी.

JPSC की विश्वसनीयता पर सवाल, राज्यपाल ने अध्यक्ष को दिए जवाबदेही तय करने के निर्देश

 रांची  झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की कार्यशैली और परीक्षाओं में लगातार मिल रही त्रुटियों पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गहरी चिंता जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं. राज्यपाल ने इस संबंध में जेपीएससी के अध्यक्ष एल खिंग्यांते को एक पत्र भेजकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. प्रश्नों और उत्तर कुंजी में गड़बड़ी पर कड़ा रुख झारखंड के राज्यपाल ने अपने पत्र में हाल ही में संपन्न हुई सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) और सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा का जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से यह तथ्य सामने आए हैं कि इन परीक्षाओं के प्रश्न-पत्रों में गंभीर त्रुटियां थीं और जारी की गई मॉडल उत्तर कुंजी में भी कई उत्तर गलत थे. आयोग की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न झारखंड के राज्यपाल ने अध्यक्ष का ध्यान आकृष्ट कराते हुए लिखा कि इस प्रकार की लापरवाहियां अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं. इससे परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे मामले आयोग की साख को धूमिल करते हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है. जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश राज्यपाल ने जेपीएससी अध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उक्त प्रकरणों की पूरी पारदर्शिता के साथ समुचित जांच की जाए. साथ ही लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो. राज्यपाल बोले- गलतियों से बचने के लिए उठाएं सतर्कतापूर्ण उपाय राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा है कि भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारात्मक और सतर्कतापूर्ण उपाय अपनाए जाएं. उन्होंने यह भी अपेक्षा व्यक्त की है कि आयोग पारदर्शिता और उच्च मानकों को बनाए रखते हुए परीक्षाओं का संचालन करे, ताकि प्रदेश के युवाओं और अभ्यर्थियों का विश्वास आयोग पर बना रहे.

सीएम योगी का श्रमिकों के लिए मेगा प्लान: ग्रेटर नोएडा में अस्पताल, स्कूल और सुविधा केंद्र का शिलान्यास

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ के दौरान श्रमिक कल्याण एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में श्रमिक सुविधा केंद्रों के निर्माण का बटन दबाकर शिलान्यास किया। इन केंद्रों के निर्माण से श्रमिकों को एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके साथ ही ईएसआईसी अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के लिए भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया गया। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने क्षेत्रीय निदेशक ईएसआईसी कालीचरण झा को यह आवंटन पत्र सौंपा। 7.2 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने सीएम कंपोजिट विद्यालय, जेवर के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इस विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान श्रमवीर गौरव समारोह 2026 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं, प्रधानाचार्यों और श्रमिकों को सम्मानित किया गया। सीबीएसई 10वीं के पहले ही बैच में 100% परीक्षा परिणाम हासिल करने वाले प्रयागराज और वाराणसी के अटल आवासीय विद्यालयों ने इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि पर प्रयागराज के प्रधानाचार्य डॉ. गोपालकांत मिश्रा और वाराणसी के प्रधानाचार्य श्री सत्येंद्र प्रसाद सिंह को सम्मानित किया गया। वहीं, कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए टैबलेट वितरित किए गए। सम्मानित छात्राओं में वाराणसी की श्वेता, आजमगढ़ की अंशिका यादव, बस्ती की सृष्टि गुप्ता, लखनऊ की रीत मौर्या और अयोध्या की अभिलाषा शामिल रहीं। वहीं छात्र वर्ग में आजमगढ़ के संगम यादव, वाराणसी के हर्ष कुशवाहा, प्रयागराज के हर्षित, आगरा के गणेश कुमार और मुरादाबाद के उदय प्रताप को प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर सम्मानित किया गया। समारोह में श्रमिकों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। मुन्नालाल, पंचम, आकाश, प्यारी और सरस्वती को प्रमाण पत्र और टूलकिट प्रदान कर सम्मानित किया गया।