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स्व-गणना का विकल्प आज रात 12 बजे तक, 2 मई से प्रगणक घर-घर जाएंगे

पटना बिहार में जनगणना 2027 के तहत चल रहे स्व-गणना अभियान का आखिरी दिन है। 17 अप्रैल से शुरू हुई जनगणना की प्रक्रिया में अब तक 42 लाख 47 हजार 621 लोगों ने मोबाइल या कंप्यूटर से अपनी गणना की है। है। इसमें मधुबनी जिला सबसे आगे है, जबकि वैशाली और दरभंगा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। भारतीय जनगणना निदेशालय की ओर से टॉप 10 जिलों की सूची भी जारी कर दी है। इसके अनुसार, पहले स्थान पर मधुबनी है, जहां 5,71,113 लोगों ने स्व-गणना पूरी की है। दूसरे स्थान पर वैशाली (5,38,966) और तीसरे पर दरभंगा (3,65,466) हैं। चौथे स्थान पर गोपालगंज (2,88,201), पांचवें पर पटना (2,12,501) और छठे स्थान पर भोजपुर (1,95,999) है। इसके बाद सातवें नंबर पर खगड़िया (1,54,050), आठवें पर औरंगाबाद (1,48,794), नौवें पर पश्चिम चंपारण (1,21,862) और दसवें स्थान पर कटिहार (98,554) जिला शामिल है। आज रात 12 बजे के बाद स्व-गणना नहीं कर पाएंगे जनगणना 2027 के तहत नागरिकों को खुद से ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प दिया गया है। इसके जरिए लोग घर बैठे अपनी जनसंख्या संबंधी जानकारी सुरक्षित और आसान तरीके से दर्ज कर सकते हैं। जनगणना निदेशालय के डिप्टी डायेक्टर संजीव कुमार ने कहा कि स्व-गणना का विकल्प एक मई यानी आज रात 12 बजे तक ही उपलब्ध है। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, वे जल्द से जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करा सकते हैं। यह प्रक्रिया सुरक्षित, सरल और समय की बचत करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग मोबाइल से अपनी गणना नहीं कर सकते हैं, वह घबराएं नहीं। दो मई यानी शनिवार से प्रगणक आपके घर आएंगे, वह गणना का काम कर कसते हैं। साथ ही जो लोग बिहार से बाहर रहते हैं वह भी नहीं घबराएं। आपके जिस राज्य में रह रहे हैं वहां जब जनगणना की प्रकिया शुरू होगी तब आप इसमें शामिल हो सकते हैं। आपकी गणना मान्य वैद्य मानी जाएगी। आपके डाटा को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और डिजिटल माध्यम में एन्क्रिप्टेड सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। Bihar Weather: बिहार के कई जिलों आज भी बारिश का यलो अलर्ट, पटना में बूंदाबांदी; जानिए कहां-कैसा रहेगा मौसम? हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग की जा रही जनगणना 2027 के लिए कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने साल 2027 की जनगणना को देश की पहली डिजिटल जनगणना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। मोबाइल एप के जरिए डेटा इकट्ठा किया जाए रहा है। इसके अलावा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) नाम का एक केंद्रीय पोर्टल बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी कर रही है। स्वगणना में भी हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग की जा रही है। वहीं दो मई से जब प्रगणक लोगों के घर जाएंगे तब भी वह यही प्रक्रिया करेंगे।  

वैशाली टॉप पर, मधुबनी दूसरे स्थान पर; टॉप-10 जिलों की सूची जारी

पटना बिहार में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। 17 अप्रैल से शुरू हुई जनगणना की प्रक्रिया में अब तक 24 लाख 35 हजार 105 लोगों ने स्व-गणना किया है। भारतीय जनगणना निदेशालय की ओर से टॉप 10 जिलों की सूची भी जारी कर दी है। इसके अनुसार, वैशाली जिला 4,12,716 स्व-गणना के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि मधुबनी 3,97,059 के साथ दूसरे स्थान पर है। सूची में तीसरे स्थान पर खगड़िया (1,28,813), चौथे पर गोपालगंज (1,26,194), पांचवें पर भोजपुर (1,26,113) और छठे स्थान पर पटना (1,25,944) शामिल हैं। औरंगाबाद में 97383, पश्चिम चंपारण में 79722, दरभंगा में 77223 और रोहतास में लोगों ने 66311 स्व-गणना करवाया। सभी 38 जिलों को मिलाकर कुल 24,35,105 लोगों ने स्व-गणना पूरी की है। नगणना निदेशालय की ओर से कहा गया कि 17 अप्रैल से एक मई तक स्व-गणना का काम चलेगा। बिहारवासी आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP सत्यापन करके खुद अपने परिवार और घर से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। बिहारवासी घर बैठे ही स्व-गणना कर सकते हैं। स्व-गणना करने की अंतिम तिथि एक मई रात 12 बजे तक है। यह प्रक्रिया आसान और पूरी तरह से सुरक्षित है। परिवार के मुखिया के नाम से पंजीकरण करना होगा जनगणना निदेशालय की डायरेक्टर रंजिता ने कहा कि स्व-गणना के लिए परिवार के मुखिया के नाम और किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से पंजीकरण करना होगा। स्व-गणना पूरी होने के बाद नागरिकों को एक स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा और गणनाकर्मी के घर आने पर उसे दिखाना होगा। यह प्रक्रिया सुरक्षित, सरल और समय की बचत करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग मोबाइल से अपनी गणना नहीं कर सकते हैं, वह घबराएं नहीं। दो मई से प्रगणक आपके घर आएंगे, वह गणना का काम कर कसते हैं। साथ ही जो लोग बिहार से बाहर रहते हैं वह भी नहीं घबराएं। आपके जिस राज्य में रह रहे हैं वहां जब जनगणना की प्रकिया शुरू होगी तब आप इसमें शामिल हो सकते हैं। आपकी गणना मान्य वैद्य मानी जाएगी। आपके डाटा को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और डिजिटल माध्यम में एन्क्रिप्टेड सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस बार पूरी तरह अलग है जनगणना 2027 जनगणना 2027 के लिए कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने साल 2027 की जनगणना को देश की पहली डिजिटल जनगणना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। मोबाइल एप के जरिए डेटा इकट्ठा किया जाएगा। ऐप हिंदी, अंग्रेजी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। इसके अलावा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) नाम का एक केंद्रीय पोर्टल बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी करेगा। हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग भी किया जाएगा