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श्रीलंकाई क्रिकेट में शर्मनाक मामला: बाथरूम में कैमरा लगाकर महिला डॉक्टरों का वीडियो बनाने पर 2 गिरफ्तार

कोलंबो श्रीलंकाई क्रिकेट एक बार फिर शर्मनाक विवाद में घिर गया है. ताजा मामला बेहद गंभीर और चौंकाने वाला है, जिसमें देश की अंडर-19 टीम के दो क्रिकेटरों को महिला डॉक्टरों की बाथरूम में गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्डिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह घटना खेल जगत में अनुशासन और नैतिकता पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।  स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना राजधानी कोलंबो के नाराहेनपिटा इलाके के एक निजी होटल में हुई, जहां कई महिला डॉक्टर एक प्रोफेशनल कॉन्फ्रेंस के सिलसिले में ठहरी हुई थीं. आरोप है कि इन क्रिकेटरों ने बाथरूम में मौजूद छोटे-छोटे छेद या खुली जगहों का फायदा उठाकर अपने मोबाइल फोन से महिलाओं की नहाते वक्त वीडियो रिकॉर्डिंग की।  पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों खिलाड़ियों को गिरफ्तार कर लिया. नाराहेनपिटा पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने होटल परिसर में मौजूद कुछ पुरुषों की भी वीडियो रिकॉर्डिंग की थी. अब जांच इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि क्या इन वीडियो को कहीं ऑनलाइन अपलोड किया गया या सोशल मीडिया पर साझा किया गया है।  दोनों आरोपियों को हुल्फ्ट्सडॉर्प मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें व्यक्तिगत मुचलके (करीब 1,564 अमेरिकी डॉलर) पर जमानत दे दी गई. अदालत ने उन्हें 25 मई को दोबारा पेश होने का आदेश दिया है. पुलिस फिलहाल डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए मोबाइल डेटा खंगाल रही है।  क्रिकेट जगत में चिंता और सवाल यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि श्रीलंका क्रिकेट की छवि पर बड़ा धब्बा मानी जा रही है. खासतौर पर इसलिए क्योंकि इसमें युवा स्तर के खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्हें भविष्य का चेहरा माना जाता है. सवाल उठ रहे हैं कि खिलाड़ियों की ग्रूमिंग और अनुशासन पर आखिर कितना ध्यान दिया जा रहा है।  पहले भी लग चुके हैं आरोप श्रीलंकाई क्रिकेट इससे पहले भी ऐसे विवादों से अछूता नहीं रहा है. – 2022 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान दनुष्का गुणाथिलका को ऑस्ट्रेलिया में रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें अदालत से राहत मिल गई. – पूर्व खिलाड़ी दुलीप समरवीरा को ऑस्ट्रेलिया में एक महिला खिलाड़ी के साथ अनुचित व्यवहार के चलते 20 साल के लिए बैन कर दिया गया. – 2010 में जिम्बाब्वे दौरे के दौरान तिलकरत्ने दिलशान पर भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे, जिसमें अन्य खिलाड़ियों के नाम भी सामने आए थे. बड़ी चिंता का विषय हालांकि इन मामलों में कुछ आरोप साबित हुए और कुछ में खिलाड़ियों को राहत मिली, लेकिन बार-बार ऐसे मामलों का सामने आना सिस्टम पर सवाल जरूर खड़े करता है. क्रिकेट बोर्ड की जिम्मेदारी सिर्फ खिलाड़ियों को खेल सिखाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना भी उतना ही जरूरी है।  यह पूरा मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था, बल्कि खेल संस्कृति के लिए भी एक चेतावनी है. अब देखना होगा कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड इस पर क्या सख्त कदम उठाता है और क्या इससे भविष्य में ऐसे मामलों पर लगाम लगाई जा सकेगी। 

योगी सरकार में महिला सुरक्षा: दावों से आगे, ज़मीन पर दिख रहा बड़ा बदलाव

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहा। इससे पहले महिला अपराध के चलते यूपी का नाम देश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाया रहता था। वहीं बीते 9 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए बड़े कम उठाए हैं। इससे प्रदेशभर की बहन-बेटियों में सुरक्षा का भाव देखने को मिल रहा है। योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में महिला अपराधों पर अंकुश लगना शुरू हुआ। इसके साथ ही अपराधियों में भय देखने को मिल रहा है। योगी सरकार में महिला अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई भी तेजी से की जा रही है, ताकि कोई अपराधी बच न पाए। इस सरकार में महिला सुरक्षा केवल दावा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखने वाला बदलाव भी है। इसके उदाहरण के तौर पर बीट पुलिसिंग, मिशन शक्ति, पिंक बूथ, एंटी रोमियो स्क्वाड, फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कई अहम प्रयास को देखा जा सकता है। 9 साल में 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए सपा सरकार के 5 वर्षों के शासन में एक भी फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट नहीं बना, जबकि पॉक्सो एक्ट 2012 में ही लागू हो गया था। योगी सरकार में फास्ट ट्रैक कोर्ट और पॉक्सो विशेष न्यायालयों ने महिलाओं और बच्चियों को तेजी से न्याय दिलाया। योगी सरकार के 9 वर्षों में 218 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (एफटीएसटी) बनाए गए, जिनके जरिए बलात्कार और पॉक्सो मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वहीं 75 जिलों में स्थापित पॉक्सो विशेष न्यायालय के जरिए 6 महीने में निर्णय का लक्ष्य रखा गया है। योगी सरकार में 2017 से ऑपरेशन शक्ति के जरिए छेड़छाड़ रोकने के लिए विशेष पुलिस अभियान जारी है। वहीं वर्ष 2020 से मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़ा एकीकृत अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 40 हजार पुलिसकर्मियों को अपराध रोकने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया। 5 करोड़ शिकायतों का निवारण किया महिला हेल्पलाइन 1090 के जरिए 5 करोड़ से ज्यादा बहन-बेटियों की शिकायतों का निवारण किया गया है। साथ ही यही से एफआईआर दर्ज कराने की भी सुविधा दी गई। योगी सरकार में पहली बार महिला पुलिस थानों की स्थापना की गई। हर जिले में कम से कम एक महिला पुलिस थाना संचालित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में जिम्मेदारी संभालते ही छेड़खानी रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया। आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2026 तक इन टीमों ने करोड़ों लोगों की चेकिंग की और हजारों की संख्या में मनचलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसी सरकार में पिंक बूथ और आउटपोस्ट की शुरूआत की गई। इसके तहत 2500 से ज्यादा पिंक बूथ बनाए गए। साथ ही पिंक पेट्रोलिंग (दोपहिया और चौपहिया वाहनों से) की शुरुआत की गई। दूसरी तरफ सेफ सिटी प्रोजेक्ट के जरिए लखनऊ समेत कई जिलों को हजारों सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से जोड़ा गया, ताकि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन निगरानी भी सुनिश्चित की जा सके। अभियोजन में आया सुधार योगी सरकार की मंशा है कि महिलाओं से जुड़े अपराध की सिर्फ रिपोर्ट ही न हो बल्कि उन पर कार्रवाई और सजा भी सुनिश्चित हो। जहां वर्ष 2012 में चार्जशीट दर 58.3 प्रतिशत थी, वो 2022 में बढ़कर 76.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसमें लगातार सुधार किया जा रहा है। दोषसिद्धि दर 17.2 प्रतिशत से बढ़कर 27.8 प्रतिशत हो गई।  सपा शासन में न्यायालयों में महिलाओं के प्रति अपराधों के औसतन 78 प्रतिशत मामले लंबित रहते थे। योगी सरकार फास्ट ट्रैक और पॉक्सो कोर्ट के माध्यम से इसे 65 प्रतिशत तक ला चुकी है। योगी सरकार में महिलाओं के लिए कई अहम कदम उठाए गए। इससे पीड़िता खुद को दोषी नहीं समझती, बल्कि बिना डरे अपराध के खिलाफ आवाज उठा रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार का साथ और भरोसा मिल रहा है।

LPG यूजर्स के लिए अपडेट: डबल गैस बंद, OTP आधारित डिलीवरी समेत 3 नए नियम लागू

नई दिल्‍ली मिडिल ईस्‍ट से तेल-गैस की सप्‍लाई रुकने के बाद से सरकार और तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी में कई बदलाव किया है, ताकि लोग पैन‍िक ना हों और व्‍यवस्‍था सही तरीके से चलती रहे. एक बार फिर LPG सिलेंडर को लेकर नियमों में बदलाव हुआ है, जो आज यानी 1 मई से प्रभावी है।  गैस की डबल सर्विस होगी बंद  सरकार ने दुरुपयोग को रोकने और सब्सिडी का बेहतर उपयोग तय करने के लिए एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखने वाले परिवारों की पहचान शुरू कर दी है. 14 मार्च को हुए संशोधन के अनुसार, पाइपलाइन से PNG सप्‍लाई लेने वाले परिवारों को अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने होंगे और वे अब एलपीजी रिफिल या नए कनेक्शन के लिए पात्र नहीं होंगे।  तेल कंपनियों और डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स को ऐसे कंज्‍यूमर्स को एलपीजी आपूर्ति नहीं करने का आदेश दिया गया है. अब तक दोहरी आपूर्ति वाले 43,000 से अधिक यूजर्स ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।  सख्त बुकिंग नियम और ओटीपी डिलीवरी इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के तहत आने वाले देश भर के यूजर्स को अब बुकिंग अंतराल, ओटीपी बेस्‍ड डिलीवरी और अनिवार्य केवाईसी अपडेट से संबंधित नए नियमों का सामना करना पड़ेगा. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों तक कर दिया है।  कमर्शियल गैस के दाम बढ़े  मार्च 2026 से, तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में तीन बार बढ़ोतरी की है. पहली बढ़ोतरी 1 मार्च को 28 रुपये से 31 रुपये के बीच हुई, इसके बाद 7 मार्च को प्रति सिलेंडर 114.5 रुपये की एक और ब्‍बढ़ोतरी हुई और अप्रैल में प्रमुख महानगरों में 196 रुपये से 218 रुपये की एक और बढ़ोतरी हुई. अब 1 मई को एक और संशोधन किया गया है, सूत्रों के अनुसार 993 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।  क्‍यों बढ़े गैस के दाम?  पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह बढ़ोतरी की गई है. इस तनाव के कारण स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. यह एक ऐसा रास्‍ता है, जहां से भारत बड़े स्‍तर पर तेल-गैस का आयात करता था. सरकार ने सभी को आश्वस्त किया है कि कठिन वैश्विक स्थिति के बावजूद, वह घरेलू एलपीजी, पाइपलाइन से आने वाली प्राकृतिक गैस और परिवहन के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है. साथ ही कीमतों को भी स्थिर रखा है। 

अंबिकापुर सेक्शन में ट्रेन सेवा प्रभावित, 3 और 10 मई को पांच ट्रेनें रहेंगी निरस्त

बिलासपुर  बोरीडांड-अंबिकापुरी रेलखंड में अधोसंरचना विकास के चलते यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रोड ओवरब्रिज (आरओबी) के डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-कम-पावर ब्लाक लिया जा रहा है। इसके चलते तीन और 10 मई को इस रूट की पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को रद करने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में बोरीडांड–अंबिकापुर सेक्शन पर चल रहे दोहरीकरण कार्य के तहत महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किया जा रहा है। कटोरा–बैकुंठपुर रोड के बीच स्थित रोड ओवरब्रिज-172 और शिवप्रसाद नगर–कटोरा के बीच स्थित आरओबी-195 पर डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-सह-पावर ब्लाक लिया जाएगा। यह कार्य बोरीडांड–सूरजपुर रोड डबल लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रेल यातायात को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाना है। हालांकि इस दौरान परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व सूचना जारी कर दी है। ब्लाक के चलते तीन और 10 मई को इस रूट पर संचालित पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है। इनमें शहडोल–अंबिकापुर, अंबिकापुर–अनूपपुर, अनूपपुर–मनेन्द्रगढ़, मनेन्द्रगढ़–अंबिकापुर और अंबिकापुर–शहडोल के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर ही यात्रा करें। रद्द ट्रेनों की सूची (तीन व 10 मई को निरस्‍त) गाड़ी संख्या रूट 68749 शहडोल – अंबिकापुर 68758 अंबिकापुर – अनूपपुर 68759 अनूपपुर – मनेन्द्रगढ़ 68757 मनेन्द्रगढ़ – अंबिकापुर 68750 अंबिकापुर – शहडोल

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा: प्रशासनिक और विधिक समन्वय से भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करें

प्रशासनिक, अंतर्विभागीय समन्वय एवं विधिक विषयों में विभागीय पक्ष तत्काल प्रस्तुत कर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करते हुए भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्वीकृत पदों की मांग संबंधित चयन एजेंसी को समय पर भेजी जाए। प्रशासनिक, अंतर्विभागीय समन्वय एवं विधिक विषयों में विभागीय पक्ष तत्काल प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव को सक्षम स्तर से स्वीकृति के लिए प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता हैं। गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक अधोसंरचना, उन्नत उपकरणों के साथ-साथ पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण होने से चिकित्सकीय मैनपावर की भर्ती में तेजी आएगी, अतः इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि जिन पदों के लिए परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं, उनके परिणाम शीघ्र घोषित कर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा जिन पदों की परीक्षाएं शेष हैं, उन्हें जल्द आयोजित किया जाए। चयन एजेंसी के साथ सतत समन्वय बनाए रखते हुए पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। बैठक में बताया गया कि बायोमेडिकल इंजीनियर, ऑक्यूपेशनल थेरापिस्ट सहित अन्य 31 पद, मेडिकल सोशल वर्कर, क्लिनिकल साइकियाट्रिस्ट एवं सहायक अस्पताल प्रबंधक के 200 पद, स्टाफ नर्स, कंपाउंडर एवं पैरामेडिकल स्टाफ के 373 पद, नर्सिंग ऑफिसर के 2099 पद, सिस्टर ट्यूटर के 218 पद तथा अस्पताल सहायक के 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन सभी प्रक्रियाओं को आगामी 2 माह के भीतर पूर्ण कर शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन एवं अध्यक्ष कर्मचारी चयन मंडल संजय कुमार शुक्ल, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस सहित विभाग एवं कर्मचारी चयन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

अमेरिका को ईरान युद्ध में 24 हजार करोड़ रुपये का नुकसान, ट्रंप सरकार ने किया इसे गुप्त

वाशिंगटन ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. अमेरिका स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के अनुसार, ईरान के मिसाइलों, ड्रोनों और एक दुर्भाग्यपूर्ण 'फ्रेंडली फायर' की वजह से अमेरिकी सैन्य उपकरणों को 2.3 अरब से 2.8 अरब डॉलर (लगभग 19,400 करोड़ से 23,700 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है. यह अनुमान मुख्य रूप से हवाई उपकरणों का है. इसमें अमेरिकी ठिकानों पर हुए नुकसान या नौसेना के जहाजों का नुकसान शामिल नहीं है।  रक्षा मंत्री का दावा और अगले दिन ईरान का हमला 26 मार्च को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कैबिनेट बैठक में बड़े दावे किए. उन्होंने कहा कि इतिहास में कभी भी किसी देश की सेना को इतनी तेजी और प्रभावी ढंग से कमजोर नहीं किया गया. लेकिन ठीक अगले दिन, 27 मार्च को ईरान ने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी एयरबेस 'प्रिंस सुल्तान' पर मिसाइल और ड्रोन हमला कर दिया।  इस हमले में एक बेहद महंगा E-3 AWACS रडार डिटेक्शन विमान नष्ट हो गया, जिसकी कीमत लगभग 5,920 करोड़ रुपये थी. यह विमान आकाश में उड़ने वाला कमांड सेंटर था, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर से दुश्मन के विमान और मिसाइलों का पता लगाता था।  कितना हुआ कुल नुकसान? CSIS के सीनियर एडवाइजर मार्क कैनशियन ने विस्तृत गणना की है. उनके अनुसार…     THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम का एक या दो पावरफुल रडार नष्ट हुए, जिनकी कीमत लगभग 4,100 करोड़ से 8,200 करोड़ रुपये के बीच है.     ईरान के हमलों और एक फ्रेंडली फायर घटना में लगभग 19,400 करोड़ से 23,700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.     फ्रेंडली फायर में कुवैत में तीन F-15 फाइटर जेट भी नष्ट हो गए. युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. ईरान ने न सिर्फ अमेरिकी ठिकानों पर, बल्कि अमेरिका के सैनिकों वाले खाड़ी देशों के ठिकानों पर भी हमले किए. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी प्रभावित किया, जिससे तेल परिवहन प्रभावित हुआ. CSIS विशेषज्ञ का कहना है कि ईरान का खाड़ी देशों पर हमला करना रणनीतिक गलती साबित हुआ, क्योंकि इससे खाड़ी देश अमेरिका के और करीब आ गए।  अमेरिका की मुश्किलें अमेरिका ने इस युद्ध में पूर्ण पारदर्शिता नहीं दिखाई है. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन चुनावी कारणों से नुकसान की पूरी जानकारी छिपा रहा है. ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका ने ऑपरेशनल सफलताएं हासिल कीं, लेकिन रणनीतिक लक्ष्य अभी दूर दिख रहे हैं. 2003 के इराक युद्ध और अफगानिस्तान की तरह यहां भी ऑपरेशनल जीत रणनीतिक हार में बदल सकती है।  अभी अमेरिका ने क्षेत्र में 2003 के इराक युद्ध जितनी बड़ी सेना नहीं तैनात की है. ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता ने अमेरिकी हवाई उपकरणों को काफी नुकसान पहुंचाया है. CSIS रिपोर्ट अमेरिका के नुकसान का पहला विस्तृत अनुमान है. इसमें ठिकानों के इमारतों को हुए नुकसान और अन्य विशेष उपकरण शामिल नहीं हैं, इसलिए असली नुकसान इससे भी ज्यादा हो सकता है।  ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को अब तक 19,400 से 23,700 करोड़ रुपये से ज्यादा का सैन्य नुकसान हो चुका है. यह घटना दिखाती है कि आधुनिक युद्ध में मिसाइल और ड्रोन कितने प्रभावी साबित हो सकते हैं. अमेरिका के लिए यह न सिर्फ आर्थिक, बल्कि राजनीतिक और रणनीतिक चुनौती भी बन गया है. युद्ध अभी जारी है और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं। 

अभिषेक अग्रवाल की ठगी का पर्दाफाश: नकदी और मोबाइल बरामद, भोजपुर DM को बनाया शिकार

नालंदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को नालंदा जिले के परनावा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने शरण निवास बाबा महतो साहब की जन्मस्थली पर आयोजित राजकीय मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए  करीब 14 मिनट के अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के भविष्य के विजन को साझा किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हर ब्लॉक में वर्ल्ड क्लास शिक्षा का प्लान शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव का संकल्प दोहराते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार हर ब्लॉक में उच्च गुणवत्ता वाले मॉडल स्कूल और कॉलेज विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में शिक्षा का स्तर इतना बेहतर होगा कि बड़े अधिकारी और राजनेता भी अपने बच्चों का वहां दाखिला कराने के लिए उत्सुक होंगे। उन्होंने कहा कि जिस दिन इन स्कूलों में एडमिशन के लिए पैरवी आने लगेगी, उसी दिन वे मानेंगे कि सरकार का सपना पूरा हो गया है। बेटियों की सुरक्षा पर सख्त निर्देश मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक बेटियां स्कूल-कॉलेज से सुरक्षित घर नहीं लौट आतीं, तब तक पुलिस चैन की नींद नहीं सोएगी। पंचायत स्तर पर शिकायतों का समाधान आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उन्होंने घोषणा की कि आगामी 19 मई से हर पंचायत में अधिकारी बैठेंगे, जो ब्लॉक, अंचल और थाने से जुड़ी जन शिकायतों का मौके पर ही निपटारा करेंगे। बाबा महतो धाम के विकास की घोषणा बाबा महतो धाम के विकास को लेकर उन्होंने मंदिर समिति को आश्वस्त किया कि मेले के आयोजन में जमीन की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सरकार भूमि अधिग्रहण करेगी और मुख्य मार्ग से मंदिर तक सीधी कनेक्टिविटी के लिए नई सड़क का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, उन्होंने स्थानीय आईटीआई और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम बाबा महतो साहब के नाम पर रखने की भी घोषणा की। विपक्ष पर चुप्पी विकास पर रहा फोकस प्रदेश की आर्थिक समृद्धि पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने निवेश के मोर्चे पर जानकारी देते हुए कहा कि आगामी 20 नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि बिजली और सड़क के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ उद्योगों के जरिए राज्य को समृद्ध बनाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विपक्ष पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की और पूरी तरह से विकास और सुशासन के एजेंडे पर अपनी बात केंद्रित रखी।

बोकारो फाइनेंशियल फ्रॉड: SIT ने करोड़ों की संपत्ति और फिक्स्ड डिपॉजिट जब्त की

बोकारो  झारखंड सरकार के निर्देश पर बोकारो कोषागार से हुई करोड़ों की अवैध निकासी मामले की जांच कर रही साआईडी (CID) को बड़ी कामयाबी मिली है. अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच दल (SIT) ने इस घोटाले में संलिप्त बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लेखा शाखा में तैनात आरक्षी काजल मंडल को गिरफ्तार किया है. लेखापाल का सहयोगी था आरक्षी काजल मंडल सीआईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, काजल मंडल पूर्व में गिरफ्तार मुख्य आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का करीबी सहयोगी था. उनके बयान के आधार पर बोकारो स्थित उसके आवास से 8.75 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं. यह राशि कौशल कुमार पांडेय के खाते से ट्रैवलिंग अलाउंस (TA) के नाम पर अवैध रूप से भेजी गई थी. इस मामले में अब तक कौशल कुमार पांडेय, सतीश कुमार (होमगार्ड) और सहायक अवर निरीक्षक अशोक कुमार भंडारी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है. करोड़ों की संपत्ति और फिक्स्ड डिपॉजिट जब्त अनुसंधान के दौरान सीआईडी ने आरोपियों द्वारा अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों का भी खुलासा किया है. अब तक की कार्रवाई में तेलीडीह, बोकारो स्थित 4.08 डिसमिल भूमि पर निर्मित तीन मंजिला आलीशान मकान और अन्य 4.98 डिसमिल भूमि के दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इसके अलावा, विभिन्न बैंकों में हस्तांतरित 1 करोड़ 93 लाख रुपये और 18 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को सीज (Freeze) कर दिया गया है. सख्त धाराओं के तहत अनुसंधान जारी सीआईडी ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) सहित आईटी एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कांड संख्या 06/26 दर्ज किया है. एसआईटी द्वारा मामले का प्रभावी और गहन अनुसंधान जारी है, जिसमें आने वाले दिनों में कुछ और सफेदपोशों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है.

गंगा एक्सप्रेसवे पर खुशखबरी: योगी सरकार ने 15 दिन का टोल माफ किया

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित में बड़ा निर्णय लेते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को कमर्शियल ऑपरेशन डेट (सीओडी) से 15 दिनों तक टोल-फ्री रखने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत प्रदेश की जनता बिना किसी शुल्क के यूपी के सबसे लंबे व अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव कर सकेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परियोजना के कन्सेशनैयर्स आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर को 15 दिनों तक टोल कलेक्शन स्थगित रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यूपीडा द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अवधि में यात्रियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सीओडी के साथ लागू हुआ फैसला यह निर्णय उस समय लिया गया है, जब इंडिपेंडेंट इंजीनियर द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के अनुच्छेद 14.3.1 के तहत प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी किया गया, जिससे एक्सप्रेसवे की कमर्शियल ऑपरेशन डेट निर्धारित हो गई। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे आम जनता के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार माना गया। जनता को मिलेगा ‘फ्री राइड एक्सपीरियंस’ योगी सरकार का उद्देश्य है कि शुरुआती चरण में अधिक से अधिक लोग इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव कर सकें। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर बिना टोल के यात्रा करने का अवसर लोगों को इसकी गुणवत्ता, गति और जन-सुविधाओं से सीधे रूबरू कराएगा। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक्सप्रेसवे के प्रति जनविश्वास को भी मजबूत करेगी। पीपीपी मॉडल पर विकसित, 27 साल का कंसेशन पीरियड गंगा एक्सप्रेसवे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत डीबीएफओटी (टोल) मॉडल पर विकसित किया गया है। इसके तहत कन्सेशनैयर्स को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है। हालांकि, 15 दिन की इस टोल छूट से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार अथवा यूपीडा द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। मेंटेनेंस पर सख्त निर्देश यूपीडा ने स्पष्ट किया है कि टोल-फ्री अवधि के दौरान भी ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। अनुच्छेद 17 सहित कंसेशन एग्रीमेंट के अन्य प्रावधानों के तहत सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। विकास, कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। 15 दिन की यह टोल छूट न केवल आमजन को राहत देगी, बल्कि इस मेगा प्रोजेक्ट के प्रति सकारात्मक माहौल भी तैयार करेगी। इस फैसले को प्रदेश सरकार की ‘जनहित प्रथम’ नीति के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ नागरिकों को ‘फील गुड’ कराने को भी प्राथमिकता देती है।

ललिताराम जन विकास कल्याण समिति ने 300 मेधावी छात्रों का किया भव्य सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा आयोजन

भोपाल. ललिताराम जन विकास कल्याण समिति के द्वारा 10 बी 12 बी कक्षा में प्रवीण सूची  के छात्र-छात्रा का सम्मान समारोह आज नार्मदीय मंदिर सेकंड स्टॉप तुलसी नगर में आयोजित किया गया  एव बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया मध्य प्रदेश में 12वीं कक्षा में प्रथम मेरिट लिस्ट में आने वाली चांदनी विश्वकर्मा जी आदित्य तिवारी दसवीं कक्षा में प्रवीण सूची में आए उनको  सम्मानित किया गया  कार्यक्रम के आयोजक कर्ता वीरेंद्र मिश्रा ने बताया है  300 बच्चों का सम्मान लजस संस्था  के माध्यम से किया गया  समर कैंप में विजेता बच्चों का भी सम्मान किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पीसी शर्मा अमित शर्मा  ममतेश शर्मा जी अवनीश भार्गव  आशुतोष चौकसे  प्रियक सकबार सुमित गुर्जर  राजू सावडे उपस्थित थे।