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उपभोक्ताओं के लिए राहत: शादी समारोह में फटाफट मिलेगा सिलेंडर

भोपाल  बीते दो महीनों से चल रही गैस सिलेंडर की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत मिलने वाली है। अगर आपके घर में शादी-समारोह या कोई फंक्शन है और कमर्शियल गैस सिलेंडर चाहिए तो अब नई व्यवस्था शुरु कर दी गई है। अगर आपको फंक्शन के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर चाहिए तो अब सीधे गैस एजेंसी पर कैटरर्स के माध्यम से आवेदन कराना होगा। खाद्य एवं आपूर्ति प्रशासन की ओर से कमर्शियल सिलेंडर्स देने की व्यवस्था में बदलाव किया है। डॉयरेक्ट करना होगा आवेदन अब कलेक्टर या एसडीएम को आवेदन करने की बजाय सीधे गैस एजेंसी को आवेदन देना होगा। कैटरर्स शादी के आमंत्रण कार्ड के साथ आवेदन देकर जरूरत बताएगा। संचालक उपलब्ध सिलेंडर के अनुसार, कितने देने हैं तय करेगा। कम से कम दो सिलेंडर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ सरकारी संस्थानों की जरूरत के लिए देना तय किया था, लेकिन अब मांग के अनुरूप भी देना शुरू किया जा रहा है। जिला खाद्य आपूर्ति संचालक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, लोगों की सुविधा और स्थिति के अनुसार प्रक्रिया तय की जा रही है। गैस सिलेंडर के रेट बढ़े अपभोक्ताओं को जानकारी के लिए बता दें कि पूरे मध्यप्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 993 रुपए महंगा हो गया है। भोपाल में 3074 रुपए, इंदौर में 3179 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, ग्वालियर में 3296 रुपए और उज्जैन में 3241 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। दो महीने में रेट 1248 रुपए बढ़ चुके हैं। अब इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। कमर्शियल सिलेंडर के रेट ऐसे समय बढ़े हैं, जब होटल, रेस्टोरेंट-ढाबों को जरूरत की 50 प्रतिशत गैस ही मिल रही है। जुलाई तक प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा शादियां होनी हैं, ऐसे में लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पडे़ंगे। बता दें कि कमर्शियल गैस सिलेंडर 2 महीने में साढ़े 12 सौ रुपए तक महंगा हुआ है। यानी पहले की तुलना में 60% रेट बढ़े हैं। फरवरी तक सिलेंडर 1800 रुपए में मिल जाता था, लेकिन अब 50 प्रतिशत आपूर्ति ही हो रही है। कमर्शियल गैस नहीं मिलने से डीजल भट्‌टी और इंडक्शन का उपयोग हो रहा है। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ा हुआ है। अब खाने के रेट बढ़ाने पड़ेंगे। जीतू पटवारी ने साधा निशाना गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए थे और नारा दिया गया था बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार, लेकिन आज वही सरकार महंगाई को चरम पर पहुंचाने का काम कर रही है। अब चुनाव के बाद राहत की जगह महंगाई मिल रही। फरवरी माह से अब तक व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दामों में 1,380 तक की बढ़ोतरी हुई है, जो केवल तीन महीनों में लगभग 81 प्रतिशत की वृद्धि है।

LPG कनेक्शन बचाने के लिए जरूरी, सरकार का नया नियम लागू; जानें क्या करना होगा

नई दिल्ली अगर आपके घर में भी रसोई गैस सिलेंडर (LPG) और पाइप वाली गैस (PNG) दोनों का इस्तेमाल हो रहा है, तो आपके लिए बड़ी खबर है। भारत सरकार अब एक घर, एक कनेक्शन (One Household, One Connection) के नियम को बेहद सख्ती से लागू कर रही है। नए नियमों के मुताबिक, किसी भी एक परिवार के लिए सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी कनेक्शन दोनों को एक साथ रखना अब पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है। पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते सरकार ने गैस के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि गैस सिलेंडर केवल उन जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, जहां अभी तक पीएनजी की पाइपलाइन नहीं बिछी है। दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में गैस कंपनियां अब ऐसे घरों की पहचान कर रही हैं, जो दोनों कनेक्शन का एक साथ फायदा उठा रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश के तहत ऑयल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को साफ निर्देश दिए गए हैं कि पीएनजी वाले घरों को नया एलपीजी सिलेंडर जारी या रीफिल न किया जाए।     एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करें- अगर आपके घर में पीएनजी (पाइपलाइन गैस) चालू हो चुकी है, तो आपको तुरंत अपना पुराना एलपीजी गैस कनेक्शन सरेंडर (वापस) करना होगा।     स्वेच्छा से छोड़ रहे हैं लोग- अब तक देश भर में 43,000 से अधिक उपभोक्ता स्वेच्छा से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं, लेकिन सरकार के पास मौजूद डेटा के अनुसार ऐसे घरों की संख्या काफी अधिक है।     कार्रवाई की चेतावनी- अगर कोई परिवार इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और बिना किसी पूर्व सूचना के उसका कनेक्शन भी रद्द किया जा सकता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और लगभग 60% एलपीजी विदेशों (मुख्य रूप से सऊदी अरब और यूएई) से आयात करता है। ईरान-इजराइल तनाव और वैश्विक संकट के कारण गैस सप्लाई काफी सीमित हो गई है। इसका असर न केवल घरों पर, बल्कि होटलों, रेस्तरां और कॉमर्शियल यूनिट्स पर भी पड़ रहा है, जहां एलपीजी की कम आपूर्ति के चलते वैकल्पिक ईंधन अपनाने को कहा जा रहा है। इसलिए, अगर आपके पास भी डबल कनेक्शन है, तो परेशानी से बचने के लिए जल्द से जल्द एक कनेक्शन सरेंडर कर दें। सबसे अधिक घरों में 14.2 किलो वाला सिलेंडर इस्तेमाल होता है। आज दिल्ली में यह एलपीजी सिलेंडर ₹913 में मिल रहा है। वहीं, छोटे परिवार या अस्थायी उपयोग के लिए 5 किलोग्राम का सिलेंडर ₹339 में उपलब्ध है।

सरकार का नया नियम: LPG कनेक्शन बंद होने से बचने के लिए फटाफट करें ये जरूरी काम

 नई दिल्‍ली वेस्‍ट एशिया में जंग के कारण मिडिल ईस्‍ट से गैस और तेल का आयाता पूरे फ्लो के साथ नहीं आ पा रहा है, जिस कारण भारत में गैस के दाम में उछाल और पैनिंग बाइंग जैसी समस्‍याएं देखने को मिली है. ऐसे में सरकार ने एलपीजी बुकिंग और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन को लेकर कुछ नियमों को सख्‍त किया है, जो एक मई से देशभर में लागू हो रहे हैं।  इसी में से एक नियम डबल गैस कनेक्‍शन को लेकर है. सरकार का कहना है कि अगर आपके पास एलपीजी गैस सिलेंडर का कनेक्‍शन है और आपके घर पर या घर के आसपास पीएनजी पाइपलाइन का भी कनेक्‍शन है, तो आपको अपने LPG सिलेंडर को सरेंडर करना पड़ेगा. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो भी आपको तेल कंपनियों की ओर से गैस की सप्‍लाई नहीं की जाएगी. साथ ही आपको केवाईसी गाइडलाइन का भी पालन करना होगा, बिना केवाईसी के भी सिलेंडर रिफील करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।  इस कारण कई परिवारों के लिए, 1 मई से सब्सिडी वाले खाना पकाने के गैस सिलेंडरों तक पहुंच खत्‍म हो जाएगाी. तेल कंपनियों द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों का उद्देश्य डुप्लिकेट कनेक्शन, सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दुरुपयोग और निष्क्रिय खातों पर अंकुश लगाना है।  ई-केवाईसी वेरिफिकेशन अगर आपके पास भी एलपीजी का कनेक्‍शन है तो आपको आधार बेस्‍ड ई-केवाईसी वेरिफिकेशन फटाफट करवा लेना चाहिए. जिन उपभोक्ताओं का आधार कार्ड वेरिफिकेशन अधूरा है, उन्हें वेरिफिकेशन पूरा होने तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल सकती है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन कस्‍टमर्स ने पहले ही अथेंटिफिकेशन पूरा कर लिया है, उन्हें यह प्रक्रिया दोहराने की आवश्यकता नहीं होगी।  इसके अलावा, कई क्षेत्रों में ओटीपी आधारित डिलीवरी अनिवार्य होता जा रहा है. ग्राहकों को उनके रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर पर एक डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड प्राप्त होगा, और ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद ही सिलेंडर दिया जाएगा. खबरों के मुताबिक, तेल कंपनियां घरेलू सिलेंडरों की जमाखोरी और व्यावसायिक हेराफेरी को कम करने के प्रयास में बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतर को भी बढ़ा रही हैं।   जून 2025 से पहले एलपीजी रिफिल करवाने वालों को भी करना होगा वेरिफाई  सबसे बड़ा जोखिम उन उपभोक्ताओं के लिए है जिनके केवाईसी रिकॉर्ड अधूरे या पुराने हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन परिवारों ने जून 2025 से पहले एलपीजी सिलेंडर रिफिल करवाया था, उन्हें संभावित निष्क्रिय उपयोगकर्ता के रूप में माना जाएगा. ऐसे उपभोक्ता ई-केवाईसी वेरिफिकेशन पूरा होने तक नए सिलेंडर ऑर्डर नहीं कर पाएंगे।  अब दो कनेक्‍शन नहीं  जांच के दायरे में आने वाली एक अन्य कैटेगरी में वे घर शामिल हैं, जिनके पास पहले से ही PNG का पाइपलाइन कनेक्शन है. अधिकारी दोहरे ईंधन का उपयोग करने वाले घरों की पहचान करने के लिए एलपीजी और पीएनजी डेटाबेस को रजिस्‍टर्ड कर रहे हैं. कई मामलों में, एक्टिव पीएनजी कनेक्शन वाले यूजर्स सब्सिडी वाले एलपीजी रिफिल या यहां तक ​​कि नए एलपीजी कनेक्शन के लिए भी योग्‍यता खो सकते हैं।  यूजर्स को क्‍या करना चाहिए?      अपने एलपीजी डिस्‍ट्रीब्‍यूटर के साथ आधार बेस्‍ड ई-केवाईसी प्रॉसेस पूरा करें.      तय करें कि ओटीपी डिलीवरी के लिए उनका मोबाइल नंबर अपडेट किया गया हो.      सब्सिडी ट्रांसफर के लिए यह जांच लें कि आधार बैंक खातों से ठीक से जुड़ा हुआ है या नहीं.      यह देखें कि इनएक्टिव या डुप्लिकेट कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं.      क्‍या आपका एरिया पीएनजी कनेक्‍शन के तहत आता है या नहीं.   

LPG यूजर्स के लिए अपडेट: डबल गैस बंद, OTP आधारित डिलीवरी समेत 3 नए नियम लागू

नई दिल्‍ली मिडिल ईस्‍ट से तेल-गैस की सप्‍लाई रुकने के बाद से सरकार और तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी में कई बदलाव किया है, ताकि लोग पैन‍िक ना हों और व्‍यवस्‍था सही तरीके से चलती रहे. एक बार फिर LPG सिलेंडर को लेकर नियमों में बदलाव हुआ है, जो आज यानी 1 मई से प्रभावी है।  गैस की डबल सर्विस होगी बंद  सरकार ने दुरुपयोग को रोकने और सब्सिडी का बेहतर उपयोग तय करने के लिए एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखने वाले परिवारों की पहचान शुरू कर दी है. 14 मार्च को हुए संशोधन के अनुसार, पाइपलाइन से PNG सप्‍लाई लेने वाले परिवारों को अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने होंगे और वे अब एलपीजी रिफिल या नए कनेक्शन के लिए पात्र नहीं होंगे।  तेल कंपनियों और डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स को ऐसे कंज्‍यूमर्स को एलपीजी आपूर्ति नहीं करने का आदेश दिया गया है. अब तक दोहरी आपूर्ति वाले 43,000 से अधिक यूजर्स ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।  सख्त बुकिंग नियम और ओटीपी डिलीवरी इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के तहत आने वाले देश भर के यूजर्स को अब बुकिंग अंतराल, ओटीपी बेस्‍ड डिलीवरी और अनिवार्य केवाईसी अपडेट से संबंधित नए नियमों का सामना करना पड़ेगा. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों तक कर दिया है।  कमर्शियल गैस के दाम बढ़े  मार्च 2026 से, तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में तीन बार बढ़ोतरी की है. पहली बढ़ोतरी 1 मार्च को 28 रुपये से 31 रुपये के बीच हुई, इसके बाद 7 मार्च को प्रति सिलेंडर 114.5 रुपये की एक और ब्‍बढ़ोतरी हुई और अप्रैल में प्रमुख महानगरों में 196 रुपये से 218 रुपये की एक और बढ़ोतरी हुई. अब 1 मई को एक और संशोधन किया गया है, सूत्रों के अनुसार 993 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।  क्‍यों बढ़े गैस के दाम?  पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह बढ़ोतरी की गई है. इस तनाव के कारण स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. यह एक ऐसा रास्‍ता है, जहां से भारत बड़े स्‍तर पर तेल-गैस का आयात करता था. सरकार ने सभी को आश्वस्त किया है कि कठिन वैश्विक स्थिति के बावजूद, वह घरेलू एलपीजी, पाइपलाइन से आने वाली प्राकृतिक गैस और परिवहन के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है. साथ ही कीमतों को भी स्थिर रखा है। 

पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर महंगा, इंडेन ने बढ़ाए दाम; ढाबों पर दाल-रोटी के दाम होंगे ऊंचे

लुधियाना  पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर का रेट बढ़ गया है। 19 किलो के सिलेंडर का रेट 1 हजार रुपए तक बढ़ाया गया है। अलग-अलग कंपनियों के रेट में 7 से लेकर 10 रुपए तक का अंतर है। इसी तरह इंडियन ऑयल की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि इंडेन का 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर पर 993 रुपए महंगा मिलेगा। बता दें कि, तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 3071.50 का हो गया है, जो पहले 2078.50 में मिलता था। इसका सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग बिजनेस पर पड़ेगा। बढ़ती लागत के कारण खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। चाय, नाश्ता, थाली और शादी-विवाह के खाने का खर्च बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। आज सुबह कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब एक हजार रुपये के उछाल की खबर आई ही थी कि अब 'छोटू' यानी 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर ने भी बजट बिगाड़ दिया है। सूत्रों के मुताबिक, 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में ₹261 प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी की गई है। महंगाई का यह दोहरा वार सीधे तौर पर उन लोगों की जेब पर पड़ा है, जो रोज कमाते और रोज खाते हैं। कीमतों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि के बाद 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम अब आसमान छूने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जो सिलेंडर कल तक ₹549 में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर ₹810 हो गई है। एक साथ ₹261 का इजाफा छोटे उपभोक्ताओं के लिए बहुत बड़ा झटका है। इससे पहले सुबह ही 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹993 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹2,078.50 की बजाय अब ₹3,071.50 का मिलेगा। छात्रों और मजदूरों पर बढ़ेगा सबसे ज्यादा बोझ 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा वो लोग करते हैं जिनके पास स्थाई ठिकाना नहीं होता या जो अकेले रहते हैं। अपना गांव-घर छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले लोग इसी सिलेंडर पर निर्भर हैं। वहीं, पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले छात्रों के मासिक खर्च में अब बड़ी बढ़ोत्तरी होगी। डेली वेज वर्कर्स और छोटे दुकानदार: रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे ढाबा चलाने वालों के लिए अब चूल्हा जलाना महंगा हो जाएगा। ईरान संकट का दिख रहा है असर गैस की कीमतों में इस आग के पीछे वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार बताई जा रही हैं। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी (LPG) का संकट गहरा गया है। भारत में इसका असर पहले से ही दिख रहा था, जिसकी वजह से दिल्ली, मुंबई और सूरत जैसे बड़े शहरों से प्रवासी मजदूरों का पलायन भी शुरू हो चुका है। अब कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी ने स्थिति को और भी दयनीय बना दिया है।

सरकार की नई योजना: डीजल में अल्कोहल और कमर्शियल LPG में DME मिलाने की तैयारी

नई दिल्ली पश्चिम एशिया तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने ब्लेंडेड डीजल और कमर्शियल LPG की शुरुआत की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) इन ईंधनों के लिए गुणवत्ता मानकों को अंतिम रूप देने में जुटा है। डीजल में 10% मिलेगा आइसोब्यूटाइल अल्कोहल BIS उन मानकों को अंतिम रूप दे रहा है, जिनके तहत डीजल में 10% आइसोब्यूटाइल अल्कोहल (IBA) मिलाया जाएगा। IBA एक ज्वलनशील लिक्विड है, जो आमतौर पर अनाजों से बनता है। रिफाइनरियों और ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज से मिले सुझावों के आधार पर ये मानक तैयार किए जा रहे हैं। 15 जून 2026 तक यह मानक जारी होने की उम्मीद है। BIS की टीम स्अेक होल्डर्स के साथ लगातार बैठकें कर रही है। आयातित क्रूड पर निर्भरता घटेगी और किसानों व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बाजार मिल सकता है। कमर्शियल LPG में मिलाया जाएगा DME सरकार ने कमर्शियल उपयोग के लिए DME (डाइमिथाइल ईथर) मिले LPG के मानकों को भी अंतिम रूप दे दिया है। DME प्राकृतिक गैस, कोयला और बायोमास से बनाया जा सकता है। इसके नोटिफिकेशन की संभावित तिथि 15 मई 2026 है। इस दिन संशोधित मानक जारी करने की संभावना है। घरेलू LPG सिलेंडरों में अभी मिश्रण नहीं किया जाएगा। यह केवल होटल, रेस्टोरेंट, उद्योगों जैसे कमर्शियल यूजर के लिए होगा। अधिकारियों के अनुसार, DME मिश्रण घरेलू खाना पकाने के लिए फिलहाल उपयुक्त नहीं है। ब्लेंडेड डीजल के लिए जल्द आएगा ड्राफ्ट ब्लेंडेड डीजल के मसौदा मानक (Draft Standard) को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) के डॉ. भारत नेवलकर की अगुवाई वाले वर्किंग ग्रुप ने तैयार किया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने फ्यूल कैरेक्टराइजेशन स्टडी किए, जिसके बाद और सैंपल टेस्ट किए गए। अंतिम अधिसूचना से पहले मानकों का ड्राफ्ट सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया जाएगा। बता दें ऑटोमोटिव को छोड़कर घरेलू, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए भारत के पास पहले से LPG मिश्रण के लिए एक मानक मौजूद है, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया था। अब सरकार ने इसे केवल कमर्शियल इस्तेमाल के लिए प्राथमिकता देते हुए संशोधन का फैसला किया है। पश्चिम एशिया संकट का एशियाई देशों पर असर 28 अप्रैल 2026 तक होर्मुज स्ट्रेट पर कोई बड़ी बातचीत नहीं हुई है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से एशियाई देशों का तेल-गैस आयात ठप है। भारत, चीन, जापान रूस-वेनेजुएला-अफ्रीका से नए सौदे कर रहे हैं। एशियाई देश अपने भंडार पर तीन-चार महीने चल सकते हैं, उसके बाद स्थिति गंभीर हो जाएगी। ऐसे में सरकारें ऊर्जा संकट से निपटने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहीं हैं। भारत की यह तैयारी भी इसी संकट से निपटने के लिए हो रही है।

15 देशों से गैस की सप्लाई, सरकार ने उठाया LPG संकट का समाधान

  नई दिल्ली होर्मुज टेंशन (Hormuz Tension) जारी है, इसे लेकर अमेरिका और ईरान में ठनी हुई है. भले ही मिडिल ईस्ट युद्ध में अभी दोनों देशों के बीच सीजफायर चल रहा है, लेकिन तेल-गैस की सप्लाई पर संकट बरकरार है. भारत में खासतौर पर एलपीजी क्राइसिस (LPG Crisis India) से निपटने के लिए सरकार ने तमाम कदम उठाए हैं और उनका फायदा भी मिल रहा है।  सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों में घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन में इजाफे के साथ ही सिर्फ खाड़ी देशों पर निर्भरता न रखकर अन्य देशों से गैस का आयात शामिल है. अब सरकारी तेल कंपनियों ने स्पॉट मार्केट से खरीदारी भी शुरू कर दी है, ताकि किसी भी स्थिति में देश के लोगों को सप्लाई में कमी की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।   स्पॉट मार्केट में खरीदारी शुरू! वेस्ट एशिया में तनाव के कारण गैस सप्लाई अभी भी बाधित चल रही है. टीओआई की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इसे घरों और कमर्शियल जगहों पर एलपीजी गैस सिलेंडर की डिमांड को पूरा करने के लिए स्पॉट मार्केट से खरीदारी शुरू की गई है. यहां से लगातार LPG कार्गो हासिल किए जा रहे हैं।  इससे जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने देश में एलपीजी सप्लाई सुचारू रखने के लिए अमेरिका से टाइअप भी किया है. स्पॉप मार्केट से एलपीजी कार्गो जून और जुलाई में भारत पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।  'जहां से मिलेगी, हम खरीदेंगे LPG' रिपोर्ट में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान में लड़ाई शुरू होने से पहले भारत अपनी LPG ज़रूरत का लगभग 60% इम्पोर्ट करता था. लेकिन एलपीजी संकट के बीच सरकार द्वारा घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने के दिए गए आदेश के चलते उत्पादन में बड़ा इजाफा हुआ है और भारत की इंपोर्ट डिपेंडेंसी कम हुई है।  उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता घरेलू सप्लाई को पूरा करना है और इसके लिए जहां से भी मुमकिन होगा, वहीं से कार्गो मंगाया जाएगा. मंत्रालय की ओर से शेयर किए गए आंकड़ों को देखें, तो भारत में रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत है।  वहीं देश में घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन करीब 20 फीसदी बढ़कर अब 46,000 टन किया जा चुका है. इसके अलावा बाकी की जरूरत की गैस अब कई देशों से आ रही है. पहले जहां 10 देशों से एलपीजी आयात किया जाता था, तो अब ऐसे देशों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।  अब इन देशों से ज्यादा आयात युद्ध से पहले भारत की जरूरत की 90% एलपीजी तमाम खाड़ी देशों से होती थी. इनमें UAE, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और ओमान शामिल थे. वहीं LPG Crisis के बीच इंपोर्ट डेस्टिनेशंस में विविधिकरण के सरकार के प्लान बी (Modi Govt Plab-B ) के चलते अब लेकिन अब ज्यादातर खरीदारी अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से हो रही है. बीते दिनों सरकार की ओर से साफ किया गया था कि करीब 8 लाख टन एलपीजी का कार्गो पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है और रास्ते में है। 

LPG सिलेंडर वितरण में बदलाव, ग्राहकों को मिलेगा नया तरीका, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंचने लगा है। एलपीजी (रसोई गैस) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बीच भारत ने अब स्पॉट मार्केट से LPG खरीदना शुरू कर दिया है, ताकि घरों और कारोबार में गैस की कमी न हो। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) दुनिया का बड़ा ऊर्जा सप्लायर है। लेकिन, हाल के संघर्ष के कारण वहां से सप्लाई प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, अब तुरंत जरूरत पूरी करने के लिए स्पॉट खरीदारी कर रहा है। सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अब अमेरिका जैसे देशों से अतिरिक्त LPG कार्गो खरीद रही हैं, जो जून-जुलाई तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। भारत में रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत होती है। अच्छी बात यह है कि देश ने अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाई है। पहले घरेलू उत्पादन कम था, जो अब बढ़कर करीब 46,000 टन प्रति दिन हो गया है, यानि अब भी एक बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है। पहले भारत की लगभग 90% LPG सप्लाई खाड़ी देशों (UAE, कतर, सऊदी अरब आदि) से आती थी। लेकिन, अब सरकार ने रणनीति बदलते हुए आयात के स्रोत बढ़ा दिए हैं। अब इस लिस्ट में अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों को जोड़ा गया है। पहले 10 देशों से आयात होता था, अब इसे बढ़ाकर 15 देशों तक कर दिया गया है। सरकार के मुताबिक करीब 8 लाख टन LPG का आयात पहले ही सुनिश्चित किया जा चुका है। हाल ही में 10 जहाज भारत पहुंचे, जिनमें से 9 में कुकिंग गैस थी। यह दिखाता है कि सरकार सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय है। आसान भाषा में समझें तो लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट पहले से तय कीमत और सप्लाई पर होती है। इस स्पॉट खरीदारी में तुरंत जरूरत के हिसाब से बाजार से खरीद की जाती है। अभी भारत स्पॉट खरीद इसलिए कर रहा है, क्योंकि अचानक सप्लाई में कमी आई है। फिलहाल सरकार का फोकस साफ है कि घरेलू गैस सप्लाई बाधित न हो। इसलिए सिलेंडर की उपलब्धता बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें ज्यादा समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में कीमतों पर असर पड़ सकता है। पश्चिम एशिया के संकट के कारण भारत ने LPG सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए ये नई रणनीति अपनाई है। इसका मकसद साफ है कि देश में गैस की कमी न हो और हर घर तक सिलेंडर समय पर पहुंचे। बिना DAC नहीं मिलेगा LPG अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए Delivery Authentication Code यानी DAC बताना अनिवार्य होगा। यह कदम गैस की कालाबाजारी और फर्जी डिलीवरी की शिकायतों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से सही उपभोक्ता तक ही सिलेंडर की पहुंच सुनिश्चित होगी। क्या है DAC और क्यों हुआ अनिवार्य DAC यानी Delivery Authentication Code एक प्रकार का OTP होता है, जो उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। जब डिलीवरी कर्मी सिलेंडर लेकर घर पहुंचता है, तो उपभोक्ता को यह कोड बताना होता है। बिना DAC बताए डिलीवरी को वैध नहीं माना जाएगा। यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और गलत वितरण को रोकने के लिए लागू की गई है। कैसे काम करता है यह नया सिस्टम जब कोई उपभोक्ता LPG सिलेंडर बुक करता है, तो डिलीवरी से पहले उसके मोबाइल नंबर पर 4 से 6 अंकों का DAC स्वतः भेज दिया जाता है। उपभोक्ता को इस कोड को सुरक्षित रखना होता है और केवल अधिकृत डिलीवरी कर्मी को ही बताना होता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सिलेंडर सही व्यक्ति को ही सौंपा गया है। अलग से आवेदन की जरूरत नहीं इस नई व्यवस्था के लिए उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का अतिरिक्त आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। DAC सिस्टम पूरी तरह स्वचालित है और सिलेंडर बुकिंग के साथ ही सक्रिय हो जाता है। इससे उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी। अंतरराष्ट्रीय हालात का भी असर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होरमुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। इन वैश्विक परिस्थितियों के बीच सरकार घरेलू स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए ऐसे कदम उठा रही है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को रोका जा सके। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सावधानिया उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखें और DAC को किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा न करें। डिलीवरी के समय ही इस कोड को बताएं और सुनिश्चित करें कि सिलेंडर सही तरीके से प्राप्त हुआ है। इससे न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पूरी व्यवस्था भी अधिक विश्वसनीय बनेगी। पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम DAC प्रणाली LPG वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा, बल्कि गैस वितरण प्रणाली में सुधार भी देखने को मिलेगा।

सीपत चौक में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण उजागर, 54 सिलेंडर जब्त

सीपत चौक में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण उजागर, 54 सिलेंडर जब्त कलेक्टर के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई   गैस रिफिलिंग का गोरखधंधा पकड़ा गया बिलासपुर  कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर शुक्रवार की सुबह सीपत चौक में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण और रिफिलिंग के खिलाफ बड़ी छापामार कार्रवाई की गई। खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर के मार्गदर्शन में एएफओ अजय मौर्य एवं विनीता दास के नेतृत्व में टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश किया।        खाद्य नियंत्रक श्री कुजूर ने बताया कि कार्रवाई के दौरान महामाया गैस चूल्हा सुधारक एवं विक्रेता तथा गर्ल्स हॉस्टल संचालक लव निमेष जायसवाल के कब्जे से 19 नग 14.2 किलोग्राम के भरे एवं आंशिक भरे घरेलू गैस सिलेंडर तथा 35 नग 5 किलोग्राम के घरेलू एवं व्यावसायिक सिलेंडर, इस प्रकार कुल 54 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। मौके से 7 नग रिफिलिंग बंशी (नोजल), एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन सहित अन्य उपकरण भी बरामद हुए। जांच में सामने आया कि बिना वैध अनुमति के गैस सिलेंडरों का भंडारण एवं रिफिलिंग कर अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने के साथ ही आमजन की जान-माल को खतरा बना हुआ था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी जब्त सामग्री को सुरक्षित किया और मौके से गुजर रही कोनी इंडेन की डिलीवरी वैन को रुकवाकर संबंधित एजेंसी के सुपुर्द किया। इसी क्रम में विजय स्टील नामक प्रतिष्ठान जिसके मालिक सनटी अग्रवाल है से भी 2 घरेलू गैस सिलेंडर, 3 रिफिलिंग बंशी एवं एक तौल मशीन जब्त की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल में गैस एजेंसी पर कार्रवाई की तैयारी, खाद्य विभाग ने एडीएम को सौंपा रिपोर्ट, एक एजेंसी रिटायर्ड अफसर की

भोपाल  राजधानी भोपाल में गैस एजेंसियों से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां खाद्य विभाग की जांच में भारी अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद की बीएस एचपी गैस एजेंसी में सिलेंडर स्टॉक, सप्लाई और बिलिंग में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंप दी गई है, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक हजारों गैस सिलेंडर गायब पाए गए हैं और उपभोक्ताओं को बिना डिलीवरी के ही ‘डिलीवर्ड’ दिखाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह मामला बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता और उपभोक्ता ठगी से जुड़ा हो सकता है। भोपाल के जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद स्थित बीएस एचपी गैस एजेंसियों की जांच पूरी हो गई है। इसके बाद खाद्य विभाग ने जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंपी है। दो में से एक एजेंसी खाद्य विभाग के ही रिटायर्ड अफसर और उनके रिश्तेदार की है। बता दें कि एजेंसियों में गैस सिलेंडर की सप्लाई की शिकायत मिली थी। इसके बाद फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने टीम से जांच करवाई थी। जांच में सामने आया कि करीब 36 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दोनों एजेंसियों के साझा गोदाम बने हैं। दोनों एजेंसियां का रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी से कनेक्शन जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि जांच रिपोर्ट  को कलेक्टर को सौंपी। आगे की कार्रवाई कलेक्टर द्वारा की जाएगी। स्टॉक जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी फीनिक्स एजेंसी में मिली। यहां 350 घरेलू, 350 कमर्शियल, और 2 हजार 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर गायब थे। बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर गायब मिले। यहां कमर्शियल सिलेंडरों के स्टॉक में भी गड़बड़ी सामने आई। जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। मुख्य विवरण जांच में सामने आया कि फीनिक्स एजेंसी से 350 घरेलू, 350 कमर्शियल और करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब हैं। वहीं बीएस एजेंसी के गोदाम से भी 254 भरे सिलेंडर कम पाए गए।रिपोर्ट्स के अनुसार कई उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन गैस बुकिंग की, लेकिन उन्हें सिलेंडर कभी नहीं मिला। इसके बावजूद सिस्टम में डिलीवरी पूरी दिखा दी गई। जांच में यह भी पाया गया कि ऐसे सिलेंडर ज्यादा कीमत लेकर अन्य ग्राहकों को बेच दिए गए। मिड हेडिंग: फर्जी बिलिंग का खेल जांच में फर्जी बिलिंग और अतिरिक्त वसूली का मामला भी सामने आया है।एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी चार्ज लेने के बावजूद उन्हें खुद आकर सिलेंडर लेने पर मजबूर किया गया।बताया गया कि ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर हर महीने लाखों रुपए की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके अलावा 238 रुपए का फर्जी ‘सुरक्षा निरीक्षण शुल्क’ लेकर करीब 10 लाख रुपए तक की वसूली का मामला भी उजागर हुआ है। खाद्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गैस सिलेंडर की सप्लाई में गड़बड़ी हो रही है। इसके बाद फूड कंट्रोलर ने टीम गठित कर जांच शुरू कराई।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों एजेंसियों का साझा गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बना है और संचालन में पारदर्शिता की कमी है। एक एजेंसी रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी बताई जा रही है। मिड हेडिंग: सप्लाई में हेरफेर ट्रांसपोर्ट और सप्लाई सिस्टम में भी गड़बड़ी मिली है।रिपोर्ट के अनुसार गैस सिलेंडर लेकर आने वाले ट्रक तय समय से कई घंटे देरी से पहुंचे, जिससे बीच में हेरफेर की आशंका जताई गई है।इसके अलावा एजेंसी द्वारा बताए गए 9 डिलीवरी वाहनों में से केवल 5 ही सक्रिय पाए गए, जिससे वितरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। आधिकारिक बयान अधिकारियों के अनुसार यह मामला गंभीर है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।सूत्रों के मुताबिक 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई है और जल्द ही FIR दर्ज हो सकती है।जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। प्रभाव / विश्लेषण इस मामले ने शहर के हजारों गैस उपभोक्ताओं को प्रभावित किया है।बिना डिलीवरी के भुगतान, फर्जी बिलिंग और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों से लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला गैस वितरण प्रणाली में निगरानी की कमी को उजागर करता है और इससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े होते हैं। प्रशासन अब इस मामले में सख्त कार्रवाई के मूड में है।FIR दर्ज होने के बाद संबंधित एजेंसियों के संचालकों पर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और लाइसेंस रद्द होने की संभावना है। आने वाले दिनों में अन्य गैस एजेंसियों की भी जांच तेज हो सकती है, ताकि इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।  सिलेंडर बुक हुए, लेकिन ग्राहकों तक पहुंचे ही नहीं जांच में सामने आया कि गैस एजेंसियों के संचालकों ने बड़ी संख्या में सिलेंडरों का हेरफेर किया है। जिन्होंने ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक कराए थे, एजेंसियों की ओर से उन उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं पहुंचाए। जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो पता चला कि उनको सिलेंडर की डिलीवरी हो गई है, जबकि उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचे ही नहीं थे। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिलेंडर अधिक पैसे लेकर किसी और को दिए गए। एजेंसियों के गोदाउन में स्टॉक के अनुसार भी सिलेंडर नहीं पाए गए। इतना नहीं शहर इन एजेंसियों की अलावा अन्य एजेंसियों व अवैध परिवहन, अवैध रिफिलिंग करने वालों की भी जांच रिपोर्ट एडीएम को दी गई है। 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट सौंपी गई है। ऐसे में इन एजेंसियों के संचालकों व अवैध गैस सिलेंडरों का परिवहन व रिफिलिंग करने वालों पर जुर्माना व एफआईआर तक कार्रवाई हो सकती है। एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुमोदन पर एडीएम संबंधित गैस कंपनियों को एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव जल्द भेजा सकता है। 238 रुपए का फर्जी सुरक्षा चार्ज, 10 लाख की वसूली उजागर जेके रोड स्थित मीनाल रेसिडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी में 10 तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। जानिए क्या हैं वो 10 प्रकार की गड़बड़ियां, इनके जरिए कैसे … Read more