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LPG बाजार में बड़ा बदलाव, अमेरिका बना भारत का बड़ा सप्लायर; खाड़ी देशों की बढ़ी टेंशन

  नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने भारत की ऊर्जा खरीद व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है. इसी बदलाव का असर है कि मध्य-पूर्वी देशों से भारी मात्रा में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) आयात करने वाला भारत अमेरिका से यह पेट्रोलियम उत्पाद खरीद रहा है. अब अमेरिका पारंपरिक खाड़ी देशों को पीछे छोड़ते हुए भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया है. वहीं, रूस भू-राजनीतिक तनाव और प्रतिबंधों के बावजूद, भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है।  डेटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में भारत के कुल LPG आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी 55% रही, जबकि फरवरी में यह केवल 14% थी. इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह अमेरिका इजरायल का ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करना है।  28 फरवरी को दोनों देशों ने ईरान पर हमला कर दिया था जिसके बाद शुरू हुए युद्ध ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में भारी तबाही मचाई. इस युद्ध ने एनर्जी सप्लाई चेन पर बहुत बुरा असर डाला क्योंकि ईरान ने तेल-गैस की सप्लाई के लिए अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बेहद नाजुक युद्धविराम कायम है और युद्ध खत्म करने के लिए कोई भी बातचीत अपने आखिरी मुकाम तक नहीं पहुंच पा रही है।  LPG के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर भारत अब अमेरिका की तरफ मुड़ा  भारत पारंपरिक रूप से अपनी अधिकांश LPG जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर रहा है. लेकिन युद्ध के कारण संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे देशों से आयात बहुत कम हुआ है. भारत के LPG आयात में इन देशों की संयुक्त हिस्सेदारी फरवरी में 81% से घटकर मई में केवल 16% रह गई।  मई में अमेरिका से भारत को LPG निर्यात 73% बढ़कर लगभग 6.66 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया. इससे खाड़ी क्षेत्र से आने वाले कार्गो में आई भारी गिरावट की भरपाई करने में मदद मिली।    सप्लाई में आई रुकावट के चलते भारत को घरेलू स्तर पर भी सख्त कदम उठाने पड़े. सरकार ने हाल ही में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए LPG सिलेंडर खरीदने पर रोक लगा दी और कुछ उद्योगों को LPG की सप्लाई कम कर दी ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।  घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी ने भी स्थिति को कुछ हद तक संभालने में मदद की है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का LPG उत्पादन संघर्ष से पहले लगभग 35,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन था जो बढ़कर 50,000-52,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच गया है. इससे आयात पर निर्भरता कुछ कम हुई है लेकिन देश की कुल मांग का लगभग 60% हिस्सा अब भी आयात से पूरा होता है।  तेल आयात पर भी ईरान संघर्ष का असर भारत के तेल आयात में भी संघर्ष का असर देखने को मिला है. मई में रूस से कच्चे तेल का आयात 24% बढ़कर 19.5 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया, जो भारत के कुल लगभग 49 लाख बैरल प्रतिदिन के कच्चे तेल आयात का बड़ा हिस्सा है।  केप्लर के विश्लेषकों का कहना है कि रूस से मिलने वाला तेल भारतीय रिफाइनरियों को सही कीमत पर मिल रहा है. भारत को यह तेल ऐसे वक्त में मिल रहा है जब खाड़ी देशों से सप्लाई लगभग रुकी हुई है।  इसके साथ ही भारत ने वेनेजुएला और ओमान से भी खरीद बढ़ाई है. मई में ओमान से कच्चे तेल का आयात 179% बढ़ा, जो यह दिखाता है कि भारतीय रिफाइनरियां ऐसे सप्लायरों की ओर रुख कर रही हैं जिन्हें समंदर के जरिए देश में लाना आसान हो। 

गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट, LPG को लेकर बदले नियम; 30 दिन का मिला समय

 नई दिल्ली देश में जून महीने की शुरुआत कई बड़े बदलावों (Rule Change From 1st June) के साथ हुई है और इसमें एलपीजी सिलेंडर से जुड़े नियम में चेंज सबसे अहम है. वेस्ट एशिया संघर्ष के चलते देश में पैदा हुए गैस संकट से निपटने के लिए मोदी सरकार ने पहले ही कई बड़े कदम उठाए हैं. वहीं अब 1 जून 2026 के एलपीजी को लेकर नया नियम लागू किया जा रहा है, जो घरेलू उपभोग के लिए सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति जारी रखने के उद्देश्य से लाया गया है।  दरअसल, देश में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शन बढ़ाए जा रही है, लेकिन इसके बाद भी एलपीजी का इस्तेमाल कम नहीं हो रहा है. इसे देखते हुए अब सरकार ने दोहरे गैस कनेक्शन को खत्म करने के लिए कमर कसी है. पहली तारीख से पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए 30 दिन की डेडलाइन तय की गई है, अगर इस समयसीमा में एलपीजी सिलेंडर सरेंडर नहीं किया जाता है, तो फिर उसे कैंसिल किया जा सकता है।  PNG कनेक्शन के साथ LPG  अमेरिका-ईरान में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से गहराई एलपीजी किल्लत के बीच सरकार ने पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर दिया और इसका आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. मार्च तक 6.5 लाख नए पीएनजी कनेक्‍शन दिए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी LPG सिलेंडर का उपयोग कम नहीं हो रहा है. इससे साफ है कि कई परिवारों ने स्विच किए बिना ही नया पीएनजी कनेक्‍शन ले लिया है, जबकि सरकार ने साफ कहा था कि अगर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्‍शन हैं, तो एलपीजी को सरेंडर करना होगा. इसके बावजूद भी लोग इसे सरेंडर नहीं कर रहे हैं।  30 दिन की डेडलाइन, फिर सिलेंडर कैंसिल  इस समस्या को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय एक बड़ा बदलाव कर रहा है. इसका उद्देश्य उन इलाकों में दोहरे-ईंधन (dual-fuel) कनेक्शन को धीरे-धीरे खत्म करना है, जहाँ गैस ग्रिड चालू हैं यानी पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं. LPG रेगुलेशन ऑर्डर में हाल ही में हुए संशोधनों के बाद, जिन उपभोक्ताओं को PNG का कनेक्शन मिलता है, उनके लिए अब 30 दिनों की अनिवार्य टाइमलाइन तय कर दी गई है. 1 जून 2026 से, परिवारों को PNG कनेक्शन चालू होने के 30 दिनों के अंदर अपने मौजूदा LPG Cylinder ks कनेक्शन को आधिकारिक तौर पर खत्म करके सरेंडर  करना होगा. ऐसा न किए जाने की स्थिति में इस कनेक्शन को कैंसिल किया जा सकता है।  नई प्रणाली के तहत होगा सरेंडर 'एक घर एक कनेक्शन' के टारगेट के साथ किए जाने वाले इस बदलाव को आसान बनाने में मदद के लिए, Indane, Bharat Gas और HP Gas जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों यानी OMCs एक कनेक्शन ट्रांसफर वाउचर सिस्टम शुरू कर रही हैं. यह पॉलिसी शहरी निवासियों को अपने एलपीजी सिलेंडर सुरक्षित रूप से अभी वापस करने की अनुमति देती है, साथ ही उन्हें बाद में अपना LPG कनेक्शन फिर से शुरू करने का कानूनी अधिकार भी इसके तहत दिया जाता है. इसका मतलब है कि अगरे वे आगे किसी ऐसे इलाके में चले जाते हैं जहां पर PNG की सुविधा नहीं है, तो वे अपने इस एलपीजी कनेक्शन को वापस पा सकते हैं।  जून के पहले दिन LPG सिलेंडर महंगा यहां बता दें कि जून महीने की शुरुआत होते ही पहले दिन एलपीजी सिलेंडर पर महंगाई का बम फूटा है. हालांकि, LPG Cylinder Price Hike कमर्शियल यूज वाले 19 किलोग्राम के सिलेंडर पर किया गया है, जबकि 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को यथावत रखा गया है. दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (Delhi LPG Cylinder Price) 42 रुपये महंगा होकर 3113.50 रुपये का हो गया है. जबकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर 7 मार्च के दाम 913 रुपये पर मिल रहा है। 

LPG Price Shock: फिर महंगा हुआ गैस सिलेंडर, 5 महीनों में 7 बार बढ़ी कीमतें, चेक करें ताजा रेट

नई दिल्ली आज एक जून को आम जनता को फिर से महंगाई का तगड़ा झटका लगा है. गैस कंपनियों ने एक बार फिर एलपीजी के कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं. दिल्ली-एनसीआर में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में 42 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर अब 3113.50 रुपए हो गई है।  वहीं कोलकाता में कीमतों में 53.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कीमत 3255.50 रुपए हो गई है. 5 किलोग्राम वाले FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडरों की कीमतों में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और दिल्ली में इनकी कीमत 821.50 रुपए होगी. नई कीमतें आज यानी एक जून से लागू हो गई हैं।  ठीक एक महीने बाद फिर बढ़े दाम बता दें कि गैस कंपनियों ने ठीक एक महीने बाद दोबारा कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला किया है. इससे पहले एक मई को कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई थी. तब कीमतों में सीधे 993 रुपए का इजाफा किया गया था. कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों की ओर से किया जाता है. यानी अब बाहर खाना खाना आपके लिए और महंगा हो जाएगा।  महानगरों में बढ़ा वित्तीय बोझ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में अलग-अलग बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में व्यापारिक उपभोक्ताओं को अब प्रति सिलेंडर 42 रुपये अधिक चुकाने होंगे, जबकि कोलकाता में यह बढ़ोतरी 53.50 रुपये की है। इसके साथ ही दोनों शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऐसे समय में यह फैसला आया है, जब कारोबारी पहले से ही ईंधन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी का सामना कर रहे हैं। 5 किलो एफटीएल सिलेंडर भी हुआ महंगा तेल कंपनियों ने सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और नागरिकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस संशोधन के बाद दिल्ली में 5 किलो का एफटीएल सिलेंडर अब 821.50 रुपये में मिलेगा। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। 6 महीने में दोगुनी के करीब पहुंची कीमत साल 2026 की शुरुआत से ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जनवरी में दिल्ली में 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 1,691.50 रुपये थी। इसके बाद फरवरी में 49 रुपये, मार्च में 115 रुपये, अप्रैल में 195.50 रुपये और मई में रिकॉर्ड 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई। अब जून में 42 रुपये की नई वृद्धि के बाद इसकी कीमत 3,113.50 रुपये तक पहुंच गई है। लगातार हो रही मूल्य वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्तरां, कैटरिंग कारोबार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। पिछले 6 महीनों में बार-बार हुए संशोधनों ने कमर्शियल एलपीजी को कारोबारियों के लिए एक बड़ी लागत में बदल दिया है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल कीमतों में स्थिरता से राहत मिली हुई है।   महंगाई का डबल अटैक: पेट्रोल-डीजल और गैस के बाद अब दालों की कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट हालांकि राहत की बात यह है कि एलपीजी घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. राजदानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अभी भी 913 रुपए ही है. इससे उन लाखों परिवारों को राहत मिली है, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।   वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते बढ़ाए गए दाम गौरतलब है कि एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते की गई है, क्योंकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. इससे पता चलता है कि भारत इन दिनों सप्लाई में आई रुकावट और आयात पर बढ़े हुए खर्च का भारी दबाव झेल रहा है। 

सावधान! नए LPG नियम लागू होते ही कैंसिल हो सकता है आपका सिलेंडर कनेक्शन

 नई दिल्‍ली एशिया संकट को देखते हुए कस्‍टमर्स को कोई दिक्‍कत नहीं आए, इसलिए कुछ खास बदलाव किए गए हैं. इसी में से एक बदलाव 1 जून से लागू होने जा रहा है, जिसके तहत आपका सिलेंडर कनेक्‍शन कैंसिल हो सकता है।  दरअसल, देश में PNG का कनेक्‍शन बढ़ रहा है और सरकार द्वारा निर्देश देने के बावजूद LPG सिलेंडर का उपयोग कम नहीं हो रहा है. पीएनजी कनेक्‍शन मार्च तक 6.5 लाख नए कनेक्शन लगे हैं, लेकिन वास्‍तवकि आपूर्ति 18 फीसदी कम थी।  इससे पता चलता है कि कई परिवारों ने वास्‍तव में स्विच किए बिना ही कनेक्‍शन ले लिया है, जबकि सरकार ने कहा है कि अगर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्‍शन हैं, तो एलपीजी को सरेंडर करना होगा. हालांकि, इसके बावजूद ही लोग पीएनजी का कनेक्‍शन ले रहे हैं, लेकिन एलपीजी को सरेंडर नहीं कर रहे हैं।  पिछले एक दशक में एलपीजी यूजर्स की संख्या लगभग दोगुनी होकर 33.5 करोड़ हो गई है, जबकि पीएनजी यूजर्स की संख्या केवल 1.64 करोड़ ही बनी हुई है. इस स्थिति में सरकार जल्‍द से जल्‍द बदलाव चाहती है और जून शुरू होने से पहले ही कड़े नियम लागू होने जा रहे हैं।  एक फैमिली, एक कनेक्‍शन नियम संशोधित नियम के तहत जिन परिवारों के पास पहले से ही PNG कनेक्‍शन हैं, उन्‍हें अपने एलपीजी कनेक्‍शन सरेंडर करने पड़ सकते हैं. तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपनियों (OMCs) ने घरेलू सिलेंडरों के दुरुप्रयोग, जमाखोरी और कलाबाजारी को रोकने के लिए पीएनजी और एलपीजी दोनों का एक साथ उपयोग करने वाले घरों की पहचान करना शुरू कर दिया है।  एक ही एड्रेस पर दोनों कनेक्‍शन रखना संशोधित एलपीजी नियमों के तहत प्रतिबंधित माना जा रहा है, जिन लोगों के इलाके में पीएनजी का इंफ्रा है, उन्‍हें तय समय के भीतर पीएनजी पर स्विच न करने पर एलपीजी आपूर्ति बंद या खुद रद्द होने का सामना करना पड़ सकता है।    LPG कनेक्‍शन ट्रांसफर पीएनजी कनेक्‍शन प्राप्‍त करने के 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्‍शन बंद करने के लिए कहा है, जिस कारण सरकार ने इन कस्‍टमर्स को अपना एलपीजी कनेक्‍शन बहाल करने की अनुमति दी है. इससे यूजर्स को बाद में उन सेक्‍टर्स में जाने पर भी एलपीजी कनेक्‍शन फिर एक्टिव करने की सुविधा मिलती है, जहां पीएनजी कनेक्‍शन उपलब्‍ध नहीं है।  जून से ही नहीं भरा जाएगा एलपीजी सिलेंडर इस महीने से, पीएनजी पाइपलाइनों वाले क्षेत्रों में स्थित घरों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुक करने या रिफिल करने से रोका जा रहा है. सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों और ओएमसी ने अब अपने डिजिटल डेटाबेस को पूरी तरह से यूनिफाइड कर दिया है. वहीं पीएनजी कनेक्‍शन विस्‍तार के लिए 30 जून तक समय बढ़ा दिया गया है।  गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए डेडलाइन  आपूर्ति की कमी और दुरुपयोग को कंट्रोल करने के लिए शहरी यूजर्स के लिए एलपीजी रिफिल की लॉक-इन पीरियड 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण यूजर्स के लिए 45 दिनों तक कर दी गई है।  कनेक्शन, सब्सिडी नियम परिवारों को हर साल केवल 12 रियायती घरेलू सिलेंडर ही मिलते रहेंगे. अतिरिक्त सिलेंडरों का शुल्क मार्केट वैल्‍यू के अनुसार लिया जाएगा. नया एलपीजी कनेक्शन लेने पर अब संशोधित जमा राशि और सेटअप शुल्क लागू होंगे, जिनमें रेगुलेटर, पाइप और इंस्टॉलेशन शुल्क शामिल हैं। 

अब PNG और LPG दोनों रख सकेंगे उपभोक्ता, गैस सिलेंडर पर नया अपडेट

नई दिल्ली शहर बदलते हैं, तो सामान तो पैक हो जाता है, लेकिन रसोई की गैस वाली मुसीबत कई लोगों के लिए 'गले की हड्डी' बन जाती थी. अक्सर लोग पीएनजी यानी पाइप वाली गैस लेने से कतराते थे, क्योंकि डर यही रहता था कि अगर कल को कहीं और शिफ्ट होना पड़ा, तो फिर से नए कनेक्शन के चक्कर में कौन धक्के खाएगा. अब दिल्ली सरकार और केंद्र के नए आदेश के बाद इस मामले में भी राहत मिल रही है. दरअसल, सरकार ने एलपीजी नियमों में गजब के बदलाव किए हैं, जिसके बाद अब आपका पुराना कनेक्शन 'डेड' नहीं होगा, बल्कि उसे 'पॉज' माना जाएगा। अगर आपके घर में भी नया पीएनजी कनेक्शन लगा है, तो यह जानकारी आपके बहुत काम की है. HPCL ने ग्राहकों को बताया है कि जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन एक्टिव हो चुका है, उनके पास अब 2 रास्ते हैं. या तो वे पीएनजी लगने के 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर करके हमेशा के लिए खत्म कर दें, या फिर एक खास ट्रांसफर वाउचर ले लें. इस ट्रांसफर वाउचर का फायदा यह है कि अगर आप भविष्य में किसी ऐसे इलाके या शहर में शिफ्ट होते हैं जहां पीएनजी की पाइपलाइन मौजूद नहीं है, तो आप इसी वाउचर की मदद से अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन फिर से चालू करवा सकते हैं। गैस डिस्ट्रीब्यूशन को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए सरकार इस दिशा में काफी तेजी से कदम उठा रही है. HPCL ने कहा है कि ये नई गाइडलाइंस 25 मई 2026 से पूरी तरह प्रभावी हो चुकी हैं. नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस बदले हुए नियम के बारे में खुद को अपडेट रखें और बिना किसी गड़बड़ी के सुचारू रूप से गैस सप्लाई का लाभ उठाने के लिए इन नए नियमों का पालन करें. यह पूरा फैसला असल में सरकार के लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस अमेंडमेंट ऑर्डर 2026 के तहत लिया गया है, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने नोटिफाई किया है। इस समय इस तरह के कड़े और सूझबूझ वाले नियमों की जरूरत इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर गैस और ऊर्जा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. मध्य पूर्व में स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रहे भारी तनाव और संकट की वजह से दुनिया भर में गैस की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. इस रास्ते में पैदा हुई रुकावटों के कारण वैश्विक बाजार में गैस की किल्लत की स्थिति बन गई है, जिससे कच्चे माल और गैस के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. भारत अपनी जरूरत की एलपीजी का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इस अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा असर हमारे देश की घरेलू गैस सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। कैसे मिलेगी गैस की सुविधा नियम ये है कि पीएनजी लगवाने के 30 दिनों के भीतर आपको अपना पुराना एलपीजी सिलेंडर वाला कनेक्शन बंद करने की अर्जी देनी होगी, लेकिन इसका फायदा 'ट्रांसफर वाउचर' में है. अगर आप कल किसी ऐसे शहर या इलाके में शिफ्ट होते हैं, जहां पाइप वाली गैस नहीं है, तो बस ये वाउचर दिखाइए और अपना सिलेंडर वाला कनेक्शन फिर से चालू करवा लीजिए. यानी कि, सिक्योरिटी डिपॉजिट और पेपरवर्क की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। किसके लिए है ये काम की खबर? खासकर उन लोगों के लिए जो काम के सिलसिले में शहर-दर-शहर भटकते हैं, या फिर वो छात्र जो रेंट पर रहते हैं. अब आप बेफिक्र होकर पीएनजी अपनाएं, क्योंकि सुरक्षा और सुविधा के बीच अब आपको किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है. सरकार का यह कदम वाकई में आम आदमी की 'किचन लाइफ' को बहुत सहूलियत देने वाला है। कुल मिलाकर, यह नियम उन लोगों के लिए किसी 'वरदान' से कम नहीं है जो बार-बार घर बदलते हैं. अब 'ट्रांसफर वाउचर' के जरिए आपकी गैस की गाड़ी कभी नहीं रुकेगी. बस अपने पेपर संभाल कर रखिए और बेफिक्र होकर अपनी रसोई को स्मार्ट बनाइए।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होर्मुज संकट के कारण पैदा हुई गैस की किल्लत को देखते हुए भारत सरकार के लिए अपने घरेलू संसाधनों का सही और सटीक इस्तेमाल करना बेहद जरूरी हो गया है. यही वजह है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, यह नया संशोधन उन लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आया है जिनकी नौकरियां ट्रांसफरेबल हैं या जो अक्सर घर बदलते रहते हैं. सरकार ने इस बात का खास ख्याल रखा है कि ट्रांसफर होने वाले कर्मचारियों, प्रवासी परिवारों, किरायेदारों और पढ़ाई के सिलसिले में बाहर रहने वाले छात्रों को भविष्य में कोई दिक्कत न हो. मान लीजिए आज आप किसी ऐसे फ्लैट में रह रहे हैं जहां पीएनजी लगी है, लेकिन कल को किसी कारण से आपको किसी ऐसी जगह जाना पड़े जहां अभी पाइपलाइन नहीं बिछी है, तो आपके पास मौजूद ट्रांसफर वाउचर सिस्टम ही आपके काम आएगा। यह नया नियम असल में केंद्र सरकार के 'एक घर, एक गैस कनेक्शन' वाले बड़े अभियान का एक अहम हिस्सा है. सरकार का मुख्य उद्देश्य डुप्लिकेट एलपीजी कनेक्शनों के इस्तेमाल पर लगाम लगाना, सब्सिडी का फायदा सीधे सही और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना और होर्मुज संकट जैसी वैश्विक दिक्कतों के बीच एलपीजी की पूरी सप्लाई चेन पर पड़ रहे भारी दबाव को कम करना है. भारत दुनिया के सबसे बड़े एलपीजी बाजारों में से एक है, जहां एचपीसीएल, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियां करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले और मार्केट रेट वाले सिलेंडरों की डिलीवरी करती हैं, इसलिए इस पूरी व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित करना बेहद जरूरी हो गया था।

गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत, Bharat Gas ने फिर शुरू की खास सुविधा

नई दिल्ली  वैश्विक स्तर पर जारी उथल-पुथल के बीच भारत गैस ने अपने ग्राहकों को अच्छी खबर दी है। एक बार फिर से कई इलाकों में एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी शुरू हो गई है। भारत गैस ने युद्ध के शुरू होने के बाद गैस की किल्लत के बीच यह सुविधा कई स्थानों पर बंद कर दी थी। खासगावं ग्रामीण इलाकों में। बता दें, इससे पहले एचपी ने भी एलपीजी सिलेंडर की बंद पड़ी होम डिलीवरी की सुविधा को फिर से शुरू कर दिया था। क्यों बंद हो गई थी सुविधा? युद्ध शुरू होने के बाद एक समय पर अचानक गैस की डिमांड में इजाफा हो गया था। लोग पैनिक बुकिंग करने लगे थे। जिसके बाद डीलर्स ने होम डिलीवर की सुविधा को कई इलाकों में बंद कर दिया था। लेकिन अब नियमों में हुई सख्ती के बाद एक बार फिर से LPG सिलेंडर की उन इलाकों में होम डिलीवरी शुरू हो गई है। एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियम  सरकार ने कालाबाजारी को रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों को काफी सख्त कर दिया है। अब बिना ओटीपी के एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेगा। नए नियमों के अनुसार आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पहले LPG सिलेंडर की बुकिंग करनी होगी। उसके बाद आपके मोबाइल नंबर ओटीपी आएगा। इसके बाद आप उस डीलर्स के पास जाकर या फिर सिलेंडर वाली गाड़ी को ओटीपी दिखाएंगे। वो ओटीपी को वेरीफाई करेगा। उसके बाद ही नया LPG सिलेंडर मिल पाएगा। ध्यान रहे कि आपका गैस पासबुक आपके पास होना चाहिए। नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो गांव में रहता है वो 45 दिनों के बाद ही नए सिलेंडर की बुकिंग कर पाएंगे। वहीं, शहरों में रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने 25 दिन का कैप लगाया है। LPG सिलेंडर के दाम स्थिर पिछले कुछ हफ्तों से गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 60 रुपये बढ़ाया गया था। वहीं, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 900 से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी। जिसके बाद दाम 3000 रुपये के पार पहुंच गया है। गैस की समस्या विकट?  भारत जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा एलपीजी विदेशों से आयात करता था उसके लिए मौजूदा परिस्थितियां काफी कठिन है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने की वजह से एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हुई है। देश के सामने एलपीजी संकट खड़ा हो गया है। बता दें, भारत सरकार ने एलपीजी उत्पादन को घरेलू स्तर पर बढ़ाने का निर्देश दिया है।

LPG उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट! ग्वालियर में 95 हजार लोगों की गैस बुकिंग हो सकती है बंद

ग्वालियर   शहर के हजारों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद जिन उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है, वे 31 मई 2026 के बाद एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएंगे। ग्वालियर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 95 हजार 143 तक पहुंच गई है। आपूर्ति विभाग के अनुसार, ई केवाईसी का उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों पर रोक लगाना है। इसके जरिए यह सत्यापित किया जा रहा है कि उपभोक्ता जीवित है या नहीं और कहीं एक ही परिवार में नियमों के विरुद्ध एक से अधिक कनेक्शन तो संचालित नहीं हो रहे। रिफिलिंग की सुविधा जारी रहेगी सत्यापन पूरा होने के बाद ही उपभोक्ताओं को सब्सिडी और रिफिलिंग की सुविधा जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को कई बार मौका देने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। अब ऐसे कनेक्शनों पर तकनीकी दिक्कतें शुरू हो गई हैं और समयसीमा निकलने के बाद पोर्टल से कनेक्शन ब्लॉक कर दिए जाएंगे। उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट के जरिए ई-केवाईसी करा सकते हैं। मोबाइल ऐप के माध्यम से भी यह सुविधा उपलब्ध है। 3 लाख 73 हजार 162 हैं गैस कनेक्शन शहर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के कुल 3 लाख 73 हजार 162 गैस कनेक्शन हैं, जिनमें से 95 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी लंबित है। इधर, शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क का विस्तार होने के बावजूद लोग एलपीजी पर ही अधिक निर्भर बने हुए हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ पाए हैं। अब सिर्फ अंतिम मौका 31 मई तक ई केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिन उपभोक्ताओं की ई केवाईसी नहीं हुई है, उनकी बुकिंग बंद हो जाएगी। ये अंतिम मौका दिया गया है। – अरविंद भदौरिया, जिला आपूर्ति नियंत्रक 35 दिन’ बाद मिलेगा LPG गैस सिलेंडर ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब शहर की रसोई तक पहुंचने लगा है। गैस संकट की आशंका के बीच घरेलू उपभोक्ताओं ने सिलेंडर की एडवांस बुकिंग बढ़ा दी है। लोग घर में एक भी खाली सिलेंडर नहीं रखना चाहते, जिसके चलते गैस एजेंसियों पर दबाव अचानक बढ़ गया है। स्थिति यह है कि जहां पहले घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी 28 दिन में हो जाती थी, वहीं अब उपभोक्ताओं को 33 से 35 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। शहर में इस समय 15 हजार से अधिक उपभोक्ता सिलेंडर की वेटिंग में बताए जा रहे है। शादियों में भी घटा कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार पहले शादी समारोहों के लिए कमर्शियल सिलेंडर की मांग अधिक रहती थी और लोग कार्ड के साथ आवेदन करते थे। अब महंगे दामों के कारण ऐसे आवेदन कम हो गए हैं।

गैस संकट से निपटने की तैयारी: भारत का ₹40 हजार करोड़ का मास्टर प्लान, LPG सप्लाई रहेगी जारी

नई दिल्ली  भारत में एक कहावत काफी प्रचलित है कि संकट में भविष्‍य का समाधान छिपा रहता है. जरूरत है तो बस उसे तलाशने की. ईरान जंग की वजह से एनर्जी कॉरिडोर के तौर पर विख्‍यात होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल और गैस की सप्‍लाई बाधित होने के बाद भारत अब एक महाप्रोजेक्‍ट पर काम कर रहा है. तकरीबन 40000 करोड़ की इस परियोजना के सफल रहने पर आने वाले कई दशकों तक भारत में गैस की कमी नहीं होगी. बता दें कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते एशिया से लेकर यूरोप तक में एनर्जी सप्‍लाई चेन में गंभीर खलल पैदा हो गया है. इससे भारत भी प्रभावित हुआ है. नई दिल्‍ली एक एनर्जी डिपेंडेंट कंट्री है. तेल और गैस का अधिकांश हिस्‍सा खाड़ी के देशों से आयात किया जाता है. ऐसे में ईरान युद्ध की वजह से वेस्‍ट एशिया में मचे उथल-पुथल का असर भारत पर भी पड़ रहा है. इसके साथ ही ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के साथ ही होर्मुज स्‍ट्रेट का भी विकल्‍प गंभीरता से ढूंढा जाने लगा है।  दरअसल, भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र से निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ओमान से सीधे गहरे समुद्र के रास्ते गैस पाइपलाइन बिछाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है. होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बाद ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर गंभीरता से काम कर रही है. अनुमानित 40 हजार करोड़ रुपये (करीब 4.7-4.8 अरब डॉलर) की लागत वाली इस परियोजना को मंजूरी मिलने पर इसे पूरा होने में पांच से सात वर्ष लग सकते हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सरकार जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL), इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) को डिटेल्‍ड रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दे सकती है. यह पहल नई दिल्ली स्थित निजी क्षेत्र के कंसोर्टियम ‘साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज’ (SAGE) द्वारा प्रस्तुत प्री-फिजिबिलिटी अध्ययन के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।  भारत की प्‍लानिंग रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि भारत अब LNG के स्पॉट बाजारों पर अत्यधिक निर्भरता से बाहर निकलना चाहता है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पश्चिम एशिया से सीधी पाइपलाइन भारत को स्थिर और अपेक्षाकृत सस्ती गैस उपलब्ध करा सकती है. साथ ही किसी ट्रांजिट देश या समुद्री मार्ग पर निर्भरता भी कम होगी. भारत में प्राकृतिक गैस की मांग लगातार बढ़ रही है. ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और एनर्जी-मिक्‍स में गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयासों के बीच वर्तमान खपत लगभग 190-195 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) है, जो 2030 तक बढ़कर करीब 290-300 mmscmd तक पहुंचने का अनुमान है. इसी अवधि तक LNG आयात 180-200 mmscmd तक पहुंच सकता है।  ओमान से सीधे गुजरात प्रस्तावित ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीप-वॉटर पाइपलाइन’ (MEIDP) करीब 2,000 किलोमीटर लंबी होगी और अरब सागर के नीचे से गुजरते हुए ओमान को सीधे गुजरात तट से जोड़ेगी. पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन लगभग 31 mmscmd प्राकृतिक गैस की आपूर्ति संभव होगी. प्रोजेक्‍ट रूट इस तरह तैयार किया जाएगा कि यह ओमान और UAE के रास्ते अरब सागर से होकर गुजरे तथा भू-राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों से बचा जा सके. इस पाइपलाइन के माध्यम से भारत को ओमान, यूएई, सऊदी अरब, ईरान, तुर्कमेनिस्तान और कतर जैसे देशों के विशाल गैस भंडार तक पहुंच मिल सकेगी. इन देशों के पास संयुक्त रूप से लगभग 2,500 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस भंडार मौजूद है।  3450 मीटर की गहराई में पाइप बिछाने की योजना बताया जा रहा है कि पाइपलाइन समुद्र की सतह से करीब 3,450 मीटर की गहराई तक बिछाई जा सकती है, जिससे यह दुनिया की सबसे गहरी समुद्री पाइपलाइन परियोजनाओं में शामिल हो सकती है. हालिया तकनीकी अध्ययनों में गहरे समुद्र में पाइप बिछाने और मरम्मत तकनीकों में प्रगति के कारण परियोजना को व्यवहारिक बताया गया है. SAGE ने सरकार को दी जानकारी में दावा किया है कि समुद्र तल की स्थिति का अध्ययन करने के लिए प्रस्तावित मार्ग पर लगभग 3,000 मीटर की परीक्षण पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है।  होर्मुज स्‍ट्रेट का विकल्‍प दरअसल, इस परियोजना को आगे बढ़ाने के पीछे हालिया होर्मुज संकट एक बड़ा कारण माना जा रहा है. वर्ष 2025 में भारत के लगभग दो तिहाई एलएनजी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आए थे. फरवरी में ईरान द्वारा अमेरिका और इज़राइल के साथ तनाव के दौरान इस मार्ग को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद वैश्विक एलएनजी आपूर्ति में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला. एशियाई स्पॉट एलएनजी कीमतों का प्रमुख इंडेक्‍स प्लैट्स जेकेएम सामान्य परिस्थितियों में जहां 10-12 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के आसपास था, वहीं भू-राजनीतिक संकट के दौरान यह बढ़कर 24-25 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुंच गया. इस घटनाक्रम ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति और मूल्य स्थिरता से जुड़ी कमजोरियों को उजागर कर दिया है। 

LPG पर सरकार सख्त: समय पर जवाब नहीं देने वालों की सब्सिडी हो सकती है बंद

LPG सब्सिडी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अगर आप भी LPG सब्सिडी ले रहे हैं और आपकी आय ज्यादा है, तो अपने फोन के इनबॉक्स पर नजर रखें। जी हां, क्योंकि गैस एजेंसियां कभी भी आपकी सब्सिडी खत्म कर सकती हैं। आइए इसको विस्तार से समझते हैं। नईदिल्ली बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों और सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ के बीच केंद्र सरकार ने रसोई गैस (LPG) सब्सिडी को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अब सरकारी तेल कंपनियां (Oil Marketing Companies) जैसे इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) इनकम टैक्स विभाग के डेटा का इस्तेमाल करके उन लोगों की पहचान कर रही हैं, जो सब्सिडी पाने के हकदार नहीं हैं। इन लोगों की पहचान करने के बाद कंपनियां जल्द से जल्द इनकी सब्सिडी बंद करेंगी। अगर ग्राहक को लगता है कि वो सब्सिडी के पात्र हैं, तो उन्हें 7 दिनों का मौका मिलेगा। आइए इसको विस्तार से समझते हैं। क्या है नया नियम और कार्रवाई? 'मिंट' की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार उन उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद करने की तैयारी में है, जिनकी सालाना आय ₹10 लाख या उससे ज्यादा है। सरकार का मानना है कि संपन्न परिवारों को सब्सिडी देने के बजाय इस पैसे का इस्तेमाल गरीबों की मदद और देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए। इस दिशा में तेल कंपनियों ने नीचे दिए गए कुछ कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। SMS के जरिए चेतावनी कंपनियों ने उन ग्राहकों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया है जिनके टैक्स रिकॉर्ड बताते हैं कि उनकी या उनके परिवार के किसी सदस्य की ग्रॉस टैक्सेबल इनकम (Gross Taxable Income) निर्धारित सीमा से अधिक है। 7 दिन का अल्टीमेटम मैसेज में साफ कहा गया है कि अगर ग्राहक को लगता है कि डेटा गलत है, तो वह 7 दिनों के अंदर आपत्ति दर्ज करा सकता है। ऐसा न करने पर उनकी गैस सब्सिडी स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। शिकायत का मौका उपभोक्ता कंपनियों की टोल-फ्री हेल्पलाइन या उनकी आधिकारिक वेबसाइट (पोर्टल) पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। क्यों सख्त हो रही है सरकार? यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार के सामने दोहरी चुनौती है। जहां एक तरफ सब्सिडी का बढ़ता खर्च है, तो वहीं दूसरी तरफ राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) है। इससे पहले भी तेल कंपनियों ने सब्सिडी बचाने के लिए कई कदम उठाए थे, जो नीचे दिए गए हैं।     नए कनेक्शन पर अस्थायी रोक:- फिलहाल नए गैस कनेक्शन देने की रफ्तार धीमी कर दी गई है।     रिफिल बुकिंग की अवधि बढ़ाना:- गैस सिलेंडर दोबारा बुक करने के बीच के समय को बढ़ाया गया है ताकि खपत पर नियंत्रण रहे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए 'इमरजेंसी' तैयारी खबरों की मानें तो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), वित्त मंत्रालय और RBI के अधिकारियों के बीच हाल ही में कई बैठकें हुई हैं। सरकार न केवल ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है, बल्कि सोना और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे 'गैर-जरूरी' सामानों के आयात पर भी प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है ताकि डॉलर को बचाया जा सके।

इंडेन, HPCL और भारत गैस का एलपीजी डिलीवरी पर ताजा अपडेट, जानें क्या बदला

नई दिल्ली एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब 100 पर्सेंट DAC कोड के जरिए होने लगी है। इससे एक भी सिलेंडर का दाएं-बाएं होना अब मुश्किल है। LPG सिलेंडर के डिस्ट्रीब्यूशन और सही उपभोक्ता तक उसकी पहुंच के लिए यह सिस्टम बेहद सुरक्षित है। हालांकि, फेक DAC कोड के जरिए लोगों को लूटने के लिए साइबर फ्रॉड भी सक्रिय हो गए हैं। LPG सिलेंडर सप्लाई करने वाली कंपनियों ने DAC को लेकर अपडेट जारी की हैं। आइए देखें किसने क्या कहा और आगे खबर में यह भी जानेंगे कि असली और फेक DAC की पहचान कैसे करें? असली और फेक DAC कोड की कैसे करें पहचान LPG डिलीवरी मैसेज की पहचान को लेकर एचपीसीएल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि स्कैमर्स LPG डिलीवरी के नाम पर फर्जी मैसेज भेज सकते हैं, लेकिन असली HP Gas मैसेज की पहचान जानकर आप सुरक्षित रह सकते हैं। Delivery Authentication Code साझा करने से पहले हमेशा जांच करें। इस पोस्ट में कंपनी ने आगे लिखा है, "मैसेज आधिकारिक sender name “VM-HPGASc-S” से आया हो। उसमें 4 अंकों का OTP हो और OTP केवल सिलेंडर डिलीवरी के समय ही इस्तेमाल किया जाए। ध्यान रखें, HP Gas के कर्मचारी कभी भी फोन कॉल, WhatsApp या किसी संदिग्ध लिंक के जरिए OTP नहीं मांगते। अगर मैसेज जल्दबाजी में कार्रवाई करने को कहे, अजीब लगे या अलग फॉर्मेट में हो, तो उस पर भरोसा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। HP Gas के साथ साइबर फ्रॉड से बचें।" इसी तरह की अपील भारत गैस ने भी की है। इंडेन के उपभोक्ताओं के लिए क्या है जरूरी साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह बताते हैं कि इंडेन के मैसेज को उदाहरण के साथ बताते हैं कि सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपने सिलेंडर बुक कराया था या नहीं। अगर बिना बुक कराए कोई डिलीवरी मैसेज है तो उसपर ध्यान न दें। अगर बुक कराया तो यह देखें कि मैसेज किसी आधिकारिक सेंडर ID (जैसे VK-INDANE, VM-INDANE आदि) से आया हैं कि नहीं। इसके बाद यह देखें कि मैसेज में बुकिंग या इनवायस नंबर दिया गया है या नहीं और 6 अंकों का DAC Code है और इसे केवल डिलीवरी बॉय को शेयर करने की बात कही गई है या नहीं। अंत में Indane का नाम है या नहीं। DAC/OTP केवल तब शेयर करें जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर पहुंच जाए। उससे पहले कभी साझा न करें। एलपीजी सिलेंडर के क्या हैं आज के रेट इंडेन के मुताबिक बेंगलुरु में घरेलू ₹915.50 और कमर्शियल ₹3152 में बिक रहा है। हैदराबाद में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट ₹965 और कमर्शियल ₹3315 है। इंदौर में घरेलू सिलेंडर 941 रुपये का है और कमर्शियल 3176.5 रुपये का। रायपुर में घरेलू सिलेंडर 984.5 रुपये और कमर्शियल 3294.5 रुपये में है। पटना में आज घरेलू सिलेंडर ₹1002.50 और कमर्शियल ₹3346.5 का है। जयपुर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर ₹916.5 और 19 किलो वाला कमर्शियल ₹3099 में बिक रहा है। देहरादून में घरेलू सिलेंडर ₹932 और कमर्शियल ₹3129 का है। अंडमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट ₹989 हैं तो कमर्शियल के ₹3490 है।