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गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत, Bharat Gas ने फिर शुरू की खास सुविधा

नई दिल्ली  वैश्विक स्तर पर जारी उथल-पुथल के बीच भारत गैस ने अपने ग्राहकों को अच्छी खबर दी है। एक बार फिर से कई इलाकों में एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी शुरू हो गई है। भारत गैस ने युद्ध के शुरू होने के बाद गैस की किल्लत के बीच यह सुविधा कई स्थानों पर बंद कर दी थी। खासगावं ग्रामीण इलाकों में। बता दें, इससे पहले एचपी ने भी एलपीजी सिलेंडर की बंद पड़ी होम डिलीवरी की सुविधा को फिर से शुरू कर दिया था। क्यों बंद हो गई थी सुविधा? युद्ध शुरू होने के बाद एक समय पर अचानक गैस की डिमांड में इजाफा हो गया था। लोग पैनिक बुकिंग करने लगे थे। जिसके बाद डीलर्स ने होम डिलीवर की सुविधा को कई इलाकों में बंद कर दिया था। लेकिन अब नियमों में हुई सख्ती के बाद एक बार फिर से LPG सिलेंडर की उन इलाकों में होम डिलीवरी शुरू हो गई है। एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियम  सरकार ने कालाबाजारी को रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों को काफी सख्त कर दिया है। अब बिना ओटीपी के एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेगा। नए नियमों के अनुसार आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पहले LPG सिलेंडर की बुकिंग करनी होगी। उसके बाद आपके मोबाइल नंबर ओटीपी आएगा। इसके बाद आप उस डीलर्स के पास जाकर या फिर सिलेंडर वाली गाड़ी को ओटीपी दिखाएंगे। वो ओटीपी को वेरीफाई करेगा। उसके बाद ही नया LPG सिलेंडर मिल पाएगा। ध्यान रहे कि आपका गैस पासबुक आपके पास होना चाहिए। नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो गांव में रहता है वो 45 दिनों के बाद ही नए सिलेंडर की बुकिंग कर पाएंगे। वहीं, शहरों में रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने 25 दिन का कैप लगाया है। LPG सिलेंडर के दाम स्थिर पिछले कुछ हफ्तों से गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 60 रुपये बढ़ाया गया था। वहीं, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 900 से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी। जिसके बाद दाम 3000 रुपये के पार पहुंच गया है। गैस की समस्या विकट?  भारत जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा एलपीजी विदेशों से आयात करता था उसके लिए मौजूदा परिस्थितियां काफी कठिन है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने की वजह से एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हुई है। देश के सामने एलपीजी संकट खड़ा हो गया है। बता दें, भारत सरकार ने एलपीजी उत्पादन को घरेलू स्तर पर बढ़ाने का निर्देश दिया है।

LPG उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट! ग्वालियर में 95 हजार लोगों की गैस बुकिंग हो सकती है बंद

ग्वालियर   शहर के हजारों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद जिन उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है, वे 31 मई 2026 के बाद एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएंगे। ग्वालियर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 95 हजार 143 तक पहुंच गई है। आपूर्ति विभाग के अनुसार, ई केवाईसी का उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों पर रोक लगाना है। इसके जरिए यह सत्यापित किया जा रहा है कि उपभोक्ता जीवित है या नहीं और कहीं एक ही परिवार में नियमों के विरुद्ध एक से अधिक कनेक्शन तो संचालित नहीं हो रहे। रिफिलिंग की सुविधा जारी रहेगी सत्यापन पूरा होने के बाद ही उपभोक्ताओं को सब्सिडी और रिफिलिंग की सुविधा जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को कई बार मौका देने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। अब ऐसे कनेक्शनों पर तकनीकी दिक्कतें शुरू हो गई हैं और समयसीमा निकलने के बाद पोर्टल से कनेक्शन ब्लॉक कर दिए जाएंगे। उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट के जरिए ई-केवाईसी करा सकते हैं। मोबाइल ऐप के माध्यम से भी यह सुविधा उपलब्ध है। 3 लाख 73 हजार 162 हैं गैस कनेक्शन शहर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के कुल 3 लाख 73 हजार 162 गैस कनेक्शन हैं, जिनमें से 95 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी लंबित है। इधर, शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क का विस्तार होने के बावजूद लोग एलपीजी पर ही अधिक निर्भर बने हुए हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ पाए हैं। अब सिर्फ अंतिम मौका 31 मई तक ई केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिन उपभोक्ताओं की ई केवाईसी नहीं हुई है, उनकी बुकिंग बंद हो जाएगी। ये अंतिम मौका दिया गया है। – अरविंद भदौरिया, जिला आपूर्ति नियंत्रक 35 दिन’ बाद मिलेगा LPG गैस सिलेंडर ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब शहर की रसोई तक पहुंचने लगा है। गैस संकट की आशंका के बीच घरेलू उपभोक्ताओं ने सिलेंडर की एडवांस बुकिंग बढ़ा दी है। लोग घर में एक भी खाली सिलेंडर नहीं रखना चाहते, जिसके चलते गैस एजेंसियों पर दबाव अचानक बढ़ गया है। स्थिति यह है कि जहां पहले घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी 28 दिन में हो जाती थी, वहीं अब उपभोक्ताओं को 33 से 35 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। शहर में इस समय 15 हजार से अधिक उपभोक्ता सिलेंडर की वेटिंग में बताए जा रहे है। शादियों में भी घटा कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार पहले शादी समारोहों के लिए कमर्शियल सिलेंडर की मांग अधिक रहती थी और लोग कार्ड के साथ आवेदन करते थे। अब महंगे दामों के कारण ऐसे आवेदन कम हो गए हैं।

गैस संकट से निपटने की तैयारी: भारत का ₹40 हजार करोड़ का मास्टर प्लान, LPG सप्लाई रहेगी जारी

नई दिल्ली  भारत में एक कहावत काफी प्रचलित है कि संकट में भविष्‍य का समाधान छिपा रहता है. जरूरत है तो बस उसे तलाशने की. ईरान जंग की वजह से एनर्जी कॉरिडोर के तौर पर विख्‍यात होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल और गैस की सप्‍लाई बाधित होने के बाद भारत अब एक महाप्रोजेक्‍ट पर काम कर रहा है. तकरीबन 40000 करोड़ की इस परियोजना के सफल रहने पर आने वाले कई दशकों तक भारत में गैस की कमी नहीं होगी. बता दें कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते एशिया से लेकर यूरोप तक में एनर्जी सप्‍लाई चेन में गंभीर खलल पैदा हो गया है. इससे भारत भी प्रभावित हुआ है. नई दिल्‍ली एक एनर्जी डिपेंडेंट कंट्री है. तेल और गैस का अधिकांश हिस्‍सा खाड़ी के देशों से आयात किया जाता है. ऐसे में ईरान युद्ध की वजह से वेस्‍ट एशिया में मचे उथल-पुथल का असर भारत पर भी पड़ रहा है. इसके साथ ही ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के साथ ही होर्मुज स्‍ट्रेट का भी विकल्‍प गंभीरता से ढूंढा जाने लगा है।  दरअसल, भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र से निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ओमान से सीधे गहरे समुद्र के रास्ते गैस पाइपलाइन बिछाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है. होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बाद ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर गंभीरता से काम कर रही है. अनुमानित 40 हजार करोड़ रुपये (करीब 4.7-4.8 अरब डॉलर) की लागत वाली इस परियोजना को मंजूरी मिलने पर इसे पूरा होने में पांच से सात वर्ष लग सकते हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सरकार जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL), इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) को डिटेल्‍ड रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दे सकती है. यह पहल नई दिल्ली स्थित निजी क्षेत्र के कंसोर्टियम ‘साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज’ (SAGE) द्वारा प्रस्तुत प्री-फिजिबिलिटी अध्ययन के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।  भारत की प्‍लानिंग रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि भारत अब LNG के स्पॉट बाजारों पर अत्यधिक निर्भरता से बाहर निकलना चाहता है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पश्चिम एशिया से सीधी पाइपलाइन भारत को स्थिर और अपेक्षाकृत सस्ती गैस उपलब्ध करा सकती है. साथ ही किसी ट्रांजिट देश या समुद्री मार्ग पर निर्भरता भी कम होगी. भारत में प्राकृतिक गैस की मांग लगातार बढ़ रही है. ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और एनर्जी-मिक्‍स में गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयासों के बीच वर्तमान खपत लगभग 190-195 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) है, जो 2030 तक बढ़कर करीब 290-300 mmscmd तक पहुंचने का अनुमान है. इसी अवधि तक LNG आयात 180-200 mmscmd तक पहुंच सकता है।  ओमान से सीधे गुजरात प्रस्तावित ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीप-वॉटर पाइपलाइन’ (MEIDP) करीब 2,000 किलोमीटर लंबी होगी और अरब सागर के नीचे से गुजरते हुए ओमान को सीधे गुजरात तट से जोड़ेगी. पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन लगभग 31 mmscmd प्राकृतिक गैस की आपूर्ति संभव होगी. प्रोजेक्‍ट रूट इस तरह तैयार किया जाएगा कि यह ओमान और UAE के रास्ते अरब सागर से होकर गुजरे तथा भू-राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों से बचा जा सके. इस पाइपलाइन के माध्यम से भारत को ओमान, यूएई, सऊदी अरब, ईरान, तुर्कमेनिस्तान और कतर जैसे देशों के विशाल गैस भंडार तक पहुंच मिल सकेगी. इन देशों के पास संयुक्त रूप से लगभग 2,500 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस भंडार मौजूद है।  3450 मीटर की गहराई में पाइप बिछाने की योजना बताया जा रहा है कि पाइपलाइन समुद्र की सतह से करीब 3,450 मीटर की गहराई तक बिछाई जा सकती है, जिससे यह दुनिया की सबसे गहरी समुद्री पाइपलाइन परियोजनाओं में शामिल हो सकती है. हालिया तकनीकी अध्ययनों में गहरे समुद्र में पाइप बिछाने और मरम्मत तकनीकों में प्रगति के कारण परियोजना को व्यवहारिक बताया गया है. SAGE ने सरकार को दी जानकारी में दावा किया है कि समुद्र तल की स्थिति का अध्ययन करने के लिए प्रस्तावित मार्ग पर लगभग 3,000 मीटर की परीक्षण पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है।  होर्मुज स्‍ट्रेट का विकल्‍प दरअसल, इस परियोजना को आगे बढ़ाने के पीछे हालिया होर्मुज संकट एक बड़ा कारण माना जा रहा है. वर्ष 2025 में भारत के लगभग दो तिहाई एलएनजी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आए थे. फरवरी में ईरान द्वारा अमेरिका और इज़राइल के साथ तनाव के दौरान इस मार्ग को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद वैश्विक एलएनजी आपूर्ति में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला. एशियाई स्पॉट एलएनजी कीमतों का प्रमुख इंडेक्‍स प्लैट्स जेकेएम सामान्य परिस्थितियों में जहां 10-12 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के आसपास था, वहीं भू-राजनीतिक संकट के दौरान यह बढ़कर 24-25 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुंच गया. इस घटनाक्रम ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति और मूल्य स्थिरता से जुड़ी कमजोरियों को उजागर कर दिया है। 

LPG पर सरकार सख्त: समय पर जवाब नहीं देने वालों की सब्सिडी हो सकती है बंद

LPG सब्सिडी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अगर आप भी LPG सब्सिडी ले रहे हैं और आपकी आय ज्यादा है, तो अपने फोन के इनबॉक्स पर नजर रखें। जी हां, क्योंकि गैस एजेंसियां कभी भी आपकी सब्सिडी खत्म कर सकती हैं। आइए इसको विस्तार से समझते हैं। नईदिल्ली बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों और सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ के बीच केंद्र सरकार ने रसोई गैस (LPG) सब्सिडी को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अब सरकारी तेल कंपनियां (Oil Marketing Companies) जैसे इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) इनकम टैक्स विभाग के डेटा का इस्तेमाल करके उन लोगों की पहचान कर रही हैं, जो सब्सिडी पाने के हकदार नहीं हैं। इन लोगों की पहचान करने के बाद कंपनियां जल्द से जल्द इनकी सब्सिडी बंद करेंगी। अगर ग्राहक को लगता है कि वो सब्सिडी के पात्र हैं, तो उन्हें 7 दिनों का मौका मिलेगा। आइए इसको विस्तार से समझते हैं। क्या है नया नियम और कार्रवाई? 'मिंट' की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार उन उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद करने की तैयारी में है, जिनकी सालाना आय ₹10 लाख या उससे ज्यादा है। सरकार का मानना है कि संपन्न परिवारों को सब्सिडी देने के बजाय इस पैसे का इस्तेमाल गरीबों की मदद और देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए। इस दिशा में तेल कंपनियों ने नीचे दिए गए कुछ कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। SMS के जरिए चेतावनी कंपनियों ने उन ग्राहकों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया है जिनके टैक्स रिकॉर्ड बताते हैं कि उनकी या उनके परिवार के किसी सदस्य की ग्रॉस टैक्सेबल इनकम (Gross Taxable Income) निर्धारित सीमा से अधिक है। 7 दिन का अल्टीमेटम मैसेज में साफ कहा गया है कि अगर ग्राहक को लगता है कि डेटा गलत है, तो वह 7 दिनों के अंदर आपत्ति दर्ज करा सकता है। ऐसा न करने पर उनकी गैस सब्सिडी स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। शिकायत का मौका उपभोक्ता कंपनियों की टोल-फ्री हेल्पलाइन या उनकी आधिकारिक वेबसाइट (पोर्टल) पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। क्यों सख्त हो रही है सरकार? यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार के सामने दोहरी चुनौती है। जहां एक तरफ सब्सिडी का बढ़ता खर्च है, तो वहीं दूसरी तरफ राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) है। इससे पहले भी तेल कंपनियों ने सब्सिडी बचाने के लिए कई कदम उठाए थे, जो नीचे दिए गए हैं।     नए कनेक्शन पर अस्थायी रोक:- फिलहाल नए गैस कनेक्शन देने की रफ्तार धीमी कर दी गई है।     रिफिल बुकिंग की अवधि बढ़ाना:- गैस सिलेंडर दोबारा बुक करने के बीच के समय को बढ़ाया गया है ताकि खपत पर नियंत्रण रहे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए 'इमरजेंसी' तैयारी खबरों की मानें तो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), वित्त मंत्रालय और RBI के अधिकारियों के बीच हाल ही में कई बैठकें हुई हैं। सरकार न केवल ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है, बल्कि सोना और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे 'गैर-जरूरी' सामानों के आयात पर भी प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है ताकि डॉलर को बचाया जा सके।

इंडेन, HPCL और भारत गैस का एलपीजी डिलीवरी पर ताजा अपडेट, जानें क्या बदला

नई दिल्ली एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब 100 पर्सेंट DAC कोड के जरिए होने लगी है। इससे एक भी सिलेंडर का दाएं-बाएं होना अब मुश्किल है। LPG सिलेंडर के डिस्ट्रीब्यूशन और सही उपभोक्ता तक उसकी पहुंच के लिए यह सिस्टम बेहद सुरक्षित है। हालांकि, फेक DAC कोड के जरिए लोगों को लूटने के लिए साइबर फ्रॉड भी सक्रिय हो गए हैं। LPG सिलेंडर सप्लाई करने वाली कंपनियों ने DAC को लेकर अपडेट जारी की हैं। आइए देखें किसने क्या कहा और आगे खबर में यह भी जानेंगे कि असली और फेक DAC की पहचान कैसे करें? असली और फेक DAC कोड की कैसे करें पहचान LPG डिलीवरी मैसेज की पहचान को लेकर एचपीसीएल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि स्कैमर्स LPG डिलीवरी के नाम पर फर्जी मैसेज भेज सकते हैं, लेकिन असली HP Gas मैसेज की पहचान जानकर आप सुरक्षित रह सकते हैं। Delivery Authentication Code साझा करने से पहले हमेशा जांच करें। इस पोस्ट में कंपनी ने आगे लिखा है, "मैसेज आधिकारिक sender name “VM-HPGASc-S” से आया हो। उसमें 4 अंकों का OTP हो और OTP केवल सिलेंडर डिलीवरी के समय ही इस्तेमाल किया जाए। ध्यान रखें, HP Gas के कर्मचारी कभी भी फोन कॉल, WhatsApp या किसी संदिग्ध लिंक के जरिए OTP नहीं मांगते। अगर मैसेज जल्दबाजी में कार्रवाई करने को कहे, अजीब लगे या अलग फॉर्मेट में हो, तो उस पर भरोसा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। HP Gas के साथ साइबर फ्रॉड से बचें।" इसी तरह की अपील भारत गैस ने भी की है। इंडेन के उपभोक्ताओं के लिए क्या है जरूरी साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह बताते हैं कि इंडेन के मैसेज को उदाहरण के साथ बताते हैं कि सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपने सिलेंडर बुक कराया था या नहीं। अगर बिना बुक कराए कोई डिलीवरी मैसेज है तो उसपर ध्यान न दें। अगर बुक कराया तो यह देखें कि मैसेज किसी आधिकारिक सेंडर ID (जैसे VK-INDANE, VM-INDANE आदि) से आया हैं कि नहीं। इसके बाद यह देखें कि मैसेज में बुकिंग या इनवायस नंबर दिया गया है या नहीं और 6 अंकों का DAC Code है और इसे केवल डिलीवरी बॉय को शेयर करने की बात कही गई है या नहीं। अंत में Indane का नाम है या नहीं। DAC/OTP केवल तब शेयर करें जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर पहुंच जाए। उससे पहले कभी साझा न करें। एलपीजी सिलेंडर के क्या हैं आज के रेट इंडेन के मुताबिक बेंगलुरु में घरेलू ₹915.50 और कमर्शियल ₹3152 में बिक रहा है। हैदराबाद में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट ₹965 और कमर्शियल ₹3315 है। इंदौर में घरेलू सिलेंडर 941 रुपये का है और कमर्शियल 3176.5 रुपये का। रायपुर में घरेलू सिलेंडर 984.5 रुपये और कमर्शियल 3294.5 रुपये में है। पटना में आज घरेलू सिलेंडर ₹1002.50 और कमर्शियल ₹3346.5 का है। जयपुर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर ₹916.5 और 19 किलो वाला कमर्शियल ₹3099 में बिक रहा है। देहरादून में घरेलू सिलेंडर ₹932 और कमर्शियल ₹3129 का है। अंडमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट ₹989 हैं तो कमर्शियल के ₹3490 है।

उपभोक्ताओं के लिए राहत: शादी समारोह में फटाफट मिलेगा सिलेंडर

भोपाल  बीते दो महीनों से चल रही गैस सिलेंडर की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत मिलने वाली है। अगर आपके घर में शादी-समारोह या कोई फंक्शन है और कमर्शियल गैस सिलेंडर चाहिए तो अब नई व्यवस्था शुरु कर दी गई है। अगर आपको फंक्शन के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर चाहिए तो अब सीधे गैस एजेंसी पर कैटरर्स के माध्यम से आवेदन कराना होगा। खाद्य एवं आपूर्ति प्रशासन की ओर से कमर्शियल सिलेंडर्स देने की व्यवस्था में बदलाव किया है। डॉयरेक्ट करना होगा आवेदन अब कलेक्टर या एसडीएम को आवेदन करने की बजाय सीधे गैस एजेंसी को आवेदन देना होगा। कैटरर्स शादी के आमंत्रण कार्ड के साथ आवेदन देकर जरूरत बताएगा। संचालक उपलब्ध सिलेंडर के अनुसार, कितने देने हैं तय करेगा। कम से कम दो सिलेंडर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ सरकारी संस्थानों की जरूरत के लिए देना तय किया था, लेकिन अब मांग के अनुरूप भी देना शुरू किया जा रहा है। जिला खाद्य आपूर्ति संचालक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, लोगों की सुविधा और स्थिति के अनुसार प्रक्रिया तय की जा रही है। गैस सिलेंडर के रेट बढ़े अपभोक्ताओं को जानकारी के लिए बता दें कि पूरे मध्यप्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 993 रुपए महंगा हो गया है। भोपाल में 3074 रुपए, इंदौर में 3179 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, ग्वालियर में 3296 रुपए और उज्जैन में 3241 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। दो महीने में रेट 1248 रुपए बढ़ चुके हैं। अब इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। कमर्शियल सिलेंडर के रेट ऐसे समय बढ़े हैं, जब होटल, रेस्टोरेंट-ढाबों को जरूरत की 50 प्रतिशत गैस ही मिल रही है। जुलाई तक प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा शादियां होनी हैं, ऐसे में लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पडे़ंगे। बता दें कि कमर्शियल गैस सिलेंडर 2 महीने में साढ़े 12 सौ रुपए तक महंगा हुआ है। यानी पहले की तुलना में 60% रेट बढ़े हैं। फरवरी तक सिलेंडर 1800 रुपए में मिल जाता था, लेकिन अब 50 प्रतिशत आपूर्ति ही हो रही है। कमर्शियल गैस नहीं मिलने से डीजल भट्‌टी और इंडक्शन का उपयोग हो रहा है। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ा हुआ है। अब खाने के रेट बढ़ाने पड़ेंगे। जीतू पटवारी ने साधा निशाना गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए थे और नारा दिया गया था बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार, लेकिन आज वही सरकार महंगाई को चरम पर पहुंचाने का काम कर रही है। अब चुनाव के बाद राहत की जगह महंगाई मिल रही। फरवरी माह से अब तक व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दामों में 1,380 तक की बढ़ोतरी हुई है, जो केवल तीन महीनों में लगभग 81 प्रतिशत की वृद्धि है।

LPG कनेक्शन बचाने के लिए जरूरी, सरकार का नया नियम लागू; जानें क्या करना होगा

नई दिल्ली अगर आपके घर में भी रसोई गैस सिलेंडर (LPG) और पाइप वाली गैस (PNG) दोनों का इस्तेमाल हो रहा है, तो आपके लिए बड़ी खबर है। भारत सरकार अब एक घर, एक कनेक्शन (One Household, One Connection) के नियम को बेहद सख्ती से लागू कर रही है। नए नियमों के मुताबिक, किसी भी एक परिवार के लिए सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी कनेक्शन दोनों को एक साथ रखना अब पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है। पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते सरकार ने गैस के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि गैस सिलेंडर केवल उन जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, जहां अभी तक पीएनजी की पाइपलाइन नहीं बिछी है। दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में गैस कंपनियां अब ऐसे घरों की पहचान कर रही हैं, जो दोनों कनेक्शन का एक साथ फायदा उठा रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश के तहत ऑयल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को साफ निर्देश दिए गए हैं कि पीएनजी वाले घरों को नया एलपीजी सिलेंडर जारी या रीफिल न किया जाए।     एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करें- अगर आपके घर में पीएनजी (पाइपलाइन गैस) चालू हो चुकी है, तो आपको तुरंत अपना पुराना एलपीजी गैस कनेक्शन सरेंडर (वापस) करना होगा।     स्वेच्छा से छोड़ रहे हैं लोग- अब तक देश भर में 43,000 से अधिक उपभोक्ता स्वेच्छा से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं, लेकिन सरकार के पास मौजूद डेटा के अनुसार ऐसे घरों की संख्या काफी अधिक है।     कार्रवाई की चेतावनी- अगर कोई परिवार इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और बिना किसी पूर्व सूचना के उसका कनेक्शन भी रद्द किया जा सकता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और लगभग 60% एलपीजी विदेशों (मुख्य रूप से सऊदी अरब और यूएई) से आयात करता है। ईरान-इजराइल तनाव और वैश्विक संकट के कारण गैस सप्लाई काफी सीमित हो गई है। इसका असर न केवल घरों पर, बल्कि होटलों, रेस्तरां और कॉमर्शियल यूनिट्स पर भी पड़ रहा है, जहां एलपीजी की कम आपूर्ति के चलते वैकल्पिक ईंधन अपनाने को कहा जा रहा है। इसलिए, अगर आपके पास भी डबल कनेक्शन है, तो परेशानी से बचने के लिए जल्द से जल्द एक कनेक्शन सरेंडर कर दें। सबसे अधिक घरों में 14.2 किलो वाला सिलेंडर इस्तेमाल होता है। आज दिल्ली में यह एलपीजी सिलेंडर ₹913 में मिल रहा है। वहीं, छोटे परिवार या अस्थायी उपयोग के लिए 5 किलोग्राम का सिलेंडर ₹339 में उपलब्ध है।

सरकार का नया नियम: LPG कनेक्शन बंद होने से बचने के लिए फटाफट करें ये जरूरी काम

 नई दिल्‍ली वेस्‍ट एशिया में जंग के कारण मिडिल ईस्‍ट से गैस और तेल का आयाता पूरे फ्लो के साथ नहीं आ पा रहा है, जिस कारण भारत में गैस के दाम में उछाल और पैनिंग बाइंग जैसी समस्‍याएं देखने को मिली है. ऐसे में सरकार ने एलपीजी बुकिंग और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन को लेकर कुछ नियमों को सख्‍त किया है, जो एक मई से देशभर में लागू हो रहे हैं।  इसी में से एक नियम डबल गैस कनेक्‍शन को लेकर है. सरकार का कहना है कि अगर आपके पास एलपीजी गैस सिलेंडर का कनेक्‍शन है और आपके घर पर या घर के आसपास पीएनजी पाइपलाइन का भी कनेक्‍शन है, तो आपको अपने LPG सिलेंडर को सरेंडर करना पड़ेगा. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो भी आपको तेल कंपनियों की ओर से गैस की सप्‍लाई नहीं की जाएगी. साथ ही आपको केवाईसी गाइडलाइन का भी पालन करना होगा, बिना केवाईसी के भी सिलेंडर रिफील करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।  इस कारण कई परिवारों के लिए, 1 मई से सब्सिडी वाले खाना पकाने के गैस सिलेंडरों तक पहुंच खत्‍म हो जाएगाी. तेल कंपनियों द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों का उद्देश्य डुप्लिकेट कनेक्शन, सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दुरुपयोग और निष्क्रिय खातों पर अंकुश लगाना है।  ई-केवाईसी वेरिफिकेशन अगर आपके पास भी एलपीजी का कनेक्‍शन है तो आपको आधार बेस्‍ड ई-केवाईसी वेरिफिकेशन फटाफट करवा लेना चाहिए. जिन उपभोक्ताओं का आधार कार्ड वेरिफिकेशन अधूरा है, उन्हें वेरिफिकेशन पूरा होने तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल सकती है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन कस्‍टमर्स ने पहले ही अथेंटिफिकेशन पूरा कर लिया है, उन्हें यह प्रक्रिया दोहराने की आवश्यकता नहीं होगी।  इसके अलावा, कई क्षेत्रों में ओटीपी आधारित डिलीवरी अनिवार्य होता जा रहा है. ग्राहकों को उनके रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर पर एक डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड प्राप्त होगा, और ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद ही सिलेंडर दिया जाएगा. खबरों के मुताबिक, तेल कंपनियां घरेलू सिलेंडरों की जमाखोरी और व्यावसायिक हेराफेरी को कम करने के प्रयास में बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतर को भी बढ़ा रही हैं।   जून 2025 से पहले एलपीजी रिफिल करवाने वालों को भी करना होगा वेरिफाई  सबसे बड़ा जोखिम उन उपभोक्ताओं के लिए है जिनके केवाईसी रिकॉर्ड अधूरे या पुराने हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन परिवारों ने जून 2025 से पहले एलपीजी सिलेंडर रिफिल करवाया था, उन्हें संभावित निष्क्रिय उपयोगकर्ता के रूप में माना जाएगा. ऐसे उपभोक्ता ई-केवाईसी वेरिफिकेशन पूरा होने तक नए सिलेंडर ऑर्डर नहीं कर पाएंगे।  अब दो कनेक्‍शन नहीं  जांच के दायरे में आने वाली एक अन्य कैटेगरी में वे घर शामिल हैं, जिनके पास पहले से ही PNG का पाइपलाइन कनेक्शन है. अधिकारी दोहरे ईंधन का उपयोग करने वाले घरों की पहचान करने के लिए एलपीजी और पीएनजी डेटाबेस को रजिस्‍टर्ड कर रहे हैं. कई मामलों में, एक्टिव पीएनजी कनेक्शन वाले यूजर्स सब्सिडी वाले एलपीजी रिफिल या यहां तक ​​कि नए एलपीजी कनेक्शन के लिए भी योग्‍यता खो सकते हैं।  यूजर्स को क्‍या करना चाहिए?      अपने एलपीजी डिस्‍ट्रीब्‍यूटर के साथ आधार बेस्‍ड ई-केवाईसी प्रॉसेस पूरा करें.      तय करें कि ओटीपी डिलीवरी के लिए उनका मोबाइल नंबर अपडेट किया गया हो.      सब्सिडी ट्रांसफर के लिए यह जांच लें कि आधार बैंक खातों से ठीक से जुड़ा हुआ है या नहीं.      यह देखें कि इनएक्टिव या डुप्लिकेट कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं.      क्‍या आपका एरिया पीएनजी कनेक्‍शन के तहत आता है या नहीं.   

LPG यूजर्स के लिए अपडेट: डबल गैस बंद, OTP आधारित डिलीवरी समेत 3 नए नियम लागू

नई दिल्‍ली मिडिल ईस्‍ट से तेल-गैस की सप्‍लाई रुकने के बाद से सरकार और तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी में कई बदलाव किया है, ताकि लोग पैन‍िक ना हों और व्‍यवस्‍था सही तरीके से चलती रहे. एक बार फिर LPG सिलेंडर को लेकर नियमों में बदलाव हुआ है, जो आज यानी 1 मई से प्रभावी है।  गैस की डबल सर्विस होगी बंद  सरकार ने दुरुपयोग को रोकने और सब्सिडी का बेहतर उपयोग तय करने के लिए एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखने वाले परिवारों की पहचान शुरू कर दी है. 14 मार्च को हुए संशोधन के अनुसार, पाइपलाइन से PNG सप्‍लाई लेने वाले परिवारों को अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने होंगे और वे अब एलपीजी रिफिल या नए कनेक्शन के लिए पात्र नहीं होंगे।  तेल कंपनियों और डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स को ऐसे कंज्‍यूमर्स को एलपीजी आपूर्ति नहीं करने का आदेश दिया गया है. अब तक दोहरी आपूर्ति वाले 43,000 से अधिक यूजर्स ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।  सख्त बुकिंग नियम और ओटीपी डिलीवरी इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के तहत आने वाले देश भर के यूजर्स को अब बुकिंग अंतराल, ओटीपी बेस्‍ड डिलीवरी और अनिवार्य केवाईसी अपडेट से संबंधित नए नियमों का सामना करना पड़ेगा. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों तक कर दिया है।  कमर्शियल गैस के दाम बढ़े  मार्च 2026 से, तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में तीन बार बढ़ोतरी की है. पहली बढ़ोतरी 1 मार्च को 28 रुपये से 31 रुपये के बीच हुई, इसके बाद 7 मार्च को प्रति सिलेंडर 114.5 रुपये की एक और ब्‍बढ़ोतरी हुई और अप्रैल में प्रमुख महानगरों में 196 रुपये से 218 रुपये की एक और बढ़ोतरी हुई. अब 1 मई को एक और संशोधन किया गया है, सूत्रों के अनुसार 993 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।  क्‍यों बढ़े गैस के दाम?  पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह बढ़ोतरी की गई है. इस तनाव के कारण स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. यह एक ऐसा रास्‍ता है, जहां से भारत बड़े स्‍तर पर तेल-गैस का आयात करता था. सरकार ने सभी को आश्वस्त किया है कि कठिन वैश्विक स्थिति के बावजूद, वह घरेलू एलपीजी, पाइपलाइन से आने वाली प्राकृतिक गैस और परिवहन के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है. साथ ही कीमतों को भी स्थिर रखा है। 

पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर महंगा, इंडेन ने बढ़ाए दाम; ढाबों पर दाल-रोटी के दाम होंगे ऊंचे

लुधियाना  पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर का रेट बढ़ गया है। 19 किलो के सिलेंडर का रेट 1 हजार रुपए तक बढ़ाया गया है। अलग-अलग कंपनियों के रेट में 7 से लेकर 10 रुपए तक का अंतर है। इसी तरह इंडियन ऑयल की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि इंडेन का 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर पर 993 रुपए महंगा मिलेगा। बता दें कि, तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 3071.50 का हो गया है, जो पहले 2078.50 में मिलता था। इसका सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग बिजनेस पर पड़ेगा। बढ़ती लागत के कारण खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। चाय, नाश्ता, थाली और शादी-विवाह के खाने का खर्च बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। आज सुबह कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब एक हजार रुपये के उछाल की खबर आई ही थी कि अब 'छोटू' यानी 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर ने भी बजट बिगाड़ दिया है। सूत्रों के मुताबिक, 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में ₹261 प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी की गई है। महंगाई का यह दोहरा वार सीधे तौर पर उन लोगों की जेब पर पड़ा है, जो रोज कमाते और रोज खाते हैं। कीमतों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि के बाद 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम अब आसमान छूने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जो सिलेंडर कल तक ₹549 में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर ₹810 हो गई है। एक साथ ₹261 का इजाफा छोटे उपभोक्ताओं के लिए बहुत बड़ा झटका है। इससे पहले सुबह ही 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹993 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹2,078.50 की बजाय अब ₹3,071.50 का मिलेगा। छात्रों और मजदूरों पर बढ़ेगा सबसे ज्यादा बोझ 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा वो लोग करते हैं जिनके पास स्थाई ठिकाना नहीं होता या जो अकेले रहते हैं। अपना गांव-घर छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले लोग इसी सिलेंडर पर निर्भर हैं। वहीं, पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले छात्रों के मासिक खर्च में अब बड़ी बढ़ोत्तरी होगी। डेली वेज वर्कर्स और छोटे दुकानदार: रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे ढाबा चलाने वालों के लिए अब चूल्हा जलाना महंगा हो जाएगा। ईरान संकट का दिख रहा है असर गैस की कीमतों में इस आग के पीछे वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार बताई जा रही हैं। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी (LPG) का संकट गहरा गया है। भारत में इसका असर पहले से ही दिख रहा था, जिसकी वजह से दिल्ली, मुंबई और सूरत जैसे बड़े शहरों से प्रवासी मजदूरों का पलायन भी शुरू हो चुका है। अब कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी ने स्थिति को और भी दयनीय बना दिया है।