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जालंधर में LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए हेल्पलाइन जारी, अफवाह फैलाने पर कार्रवाई

जालंधर   पिछले कुछ दिनों से गैस सिलैंडरों की उपलब्धता को लेकर भी लोगों में चिंता देखी जा रही है। इसी कारण कई जगहों पर जरूरत से ज्यादा बुकिंग व अधिक खरीदने की प्रवृत्ति सामने आई है, जिससे कई क्षेत्रों में अस्थायी कमी की स्थिति बनी है। प्रशासन के अनुसार इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग कालाबाजारी या गैर-कानूनी जमाखोरी की कोशिश भी कर सकते हैं। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पहले ही गैस एजैंसियों और गोदामों की लगातार चैकिंग करवा रहा है, ताकि सप्लाई व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी सामने न आए। इसके साथ ही प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे घबराहट में आकर सिलैंडरों की अनावश्यक खरीद न करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें। इसी कड़ी में अब प्रशासन ने लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए गैस सिलैंडरों की कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, ताकि कोई भी व्यक्ति संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचा सके। जिला प्रशासन द्वारा मौजूदा हालात को देखते हुए गैस सिलैंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए जहां उच्च अधिकारियों की कमेटी गठित की गई है और बड़े स्तर पर टीमों द्वारा गैस एजैंसियों की चैकिंग की जा रही है, वहीं अब डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल द्वारा व्हाट्सएप हैल्पलाइन नंबर 9646-222-555 जारी किया गया है, ताकि गैस सिलैंडरों की सुचारू सप्लाई सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ कालाबाजारी पर निगरानी रखी जा सके। इस हैल्पलाइन नंबर पर आम लोग यदि कहीं गैस सिलैंडरों की कालाबाजारी का मामला देखते हैं तो व्हाट्सएप मैसेज के जरिए इसकी सूचना साझा कर सकते हैं। डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि इस उद्देश्य के लिए जरूरी स्टाफ तैनात किया जा रहा है, जो प्राप्त होने वाली शिकायतों और सूचनाओं को तुरंत कार्रवाई के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) के नेतृत्व में गठित कमेटी तक पहुंचाएगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर कहीं भी गैस सिलैंडरों की कालाबाजारी की जानकारी मिलती है तो तुरंत हैल्पलाइन नंबर के माध्यम से सूचित किया जाए, ताकि प्रशासन द्वारा तत्काल कानूनी कार्रवाई की जा सके। गलत जानकारी फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई: डी.सी. कालाबाजारी और गैर-कानूनी जमाखोरी के खिलाफ सख्त चेतावनी देते हुए डी.सी. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गैस किल्लत को लेकर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से घबराहट में आकर गैस सिलैंडरों की अनावश्यक खरीद से बचने की भी अपील की। 

LPG की किल्लत से CG में परेशानी, एजेंसियों में लंबी लाइनें, लोग बोले- “घंटों धूप में खड़े हैं”, लकड़ी-कोयले की मांग बढ़ी

रायपुर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का सीधा असर अब छत्तीसगढ़ के आम आदमी की रसोई तक पहुंच गया है। एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत गहराने पर तेल कंपनियों ने गैस एजेंसियों को होने वाली आपूर्ति पर 20 से 25 प्रतिशत तक का कोटा निर्धारित कर दिया है।  एजेंसी संचालक बोले- घबराने की जरूरत नहीं एजेंसी संचालक अरविंद अग्रवाल ने बताया कि सिलेंडर की सप्लाई लगातार आ रही है और आज भी एक गाड़ी पहुंची है। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, जिन उपभोक्ताओं की पर्ची कटी हुई है उन्हें सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए सिलेंडर की मांग बढ़ने की बात भी सामने आ रही है। रायगढ़ में सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े लोग रायगढ़ में गैस सिलेंडर को लेकर लोगों में अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर पहुंचकर सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर स्टेडियम रोड स्थित परिदर्शी एचपी गैस एजेंसी की है, जहां उपभोक्ता लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार करते हुए सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े हैं। बिलासपुर में लकड़ी और कोयले की डिमांड बढ़ी बिलासपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद अब होटल-ढाबों में लकड़ी और कोयले की डिमांड बढ़ गई है, जिसके चलते लकड़ी और कोयले का दाम भी बढ़ गया है। वहीं, घरेलु सिलेंडर की किल्लत के चलते जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग भी हो रही है। खाद्य विभाग की टीम ने रविवार को छापेमारी कर घरेलु गैस सिलेंडर और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए हैं। इस दौरान वहां से 6 घरेलु गैस सिलेंडर बरामद हुए। इनमें 3 बड़े और 3 छोटे सिलेंडर शामिल हैं। गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर रविवार को कांग्रेस नेताओं ने नेहरू चौक में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से गैस सिलेंडर को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के जनविरोधी फैसलों के खिलाफ विरोध जताया गया।  प्रशासनिक सतर्कता और आगामी स्थिति हालांकि राज्य सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां स्थिति को नियंत्रित करने का दावा कर रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत फिलहाल इसके विपरीत नजर आ रही है। सीमित आपूर्ति और बढ़ती मांग के बीच डिस्ट्रीब्यूटर के लिए भंडारण और वितरण का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया है। व्यवस्था सामान्य होने में समय लग सकता है जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तब तक आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। सरकार सख्त, 102 स्थानों पर छापा मार 741 सिलेंडर जब्त प्रदेश में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरों के बीच राज्य सरकार ने दावा किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है। 

होर्मुजसे गुजरते हुए भारत आ रहे हैं दो LPG जहाज, जानें कैसे पूरा हुआ मिशन ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’

 नई दिल्ली मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद कर दिया है. यहां से होकर दुनिया के कई देशों में तेल और गैस पहुंचती है. ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप नाटो सहयोगियों से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फिर से खोलने में अमेरिका की मदद करने के लिए कह रहे हैं. दूसरी तरफ भारत बिना किसी मशक्कत के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से एलपीजी के टैंकर ला रहा है। भारत और ईरान के बीच अच्छे संबंध हैं, यही वजह है कि जहां ईरान ने दूसरे देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद करने के बावजूद भारत को राहत है. 15 मार्च को भारतीय ध्वज वाला कच्चे तेल का टैंकर 'जग लाड़की' यहां से सुरक्षित बाहर निकल आया था. अब आज और मंगलवार को भी यहां से एक-एक टैंकर भारत आने वाला है। हमले के बीच 'जग लाड़की' की सुरक्षित रवानगी भारत सरकार ने बताया कि 14 मार्च 2026 को जब भारतीय जहाज 'जग लाड़की' फुजैराह में कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी दौरान तेल टर्मिनल पर हमला हुआ. इस खतरे के बावजूद, जहाज रविवार सुबह 10:30 बजे (IST) लगभग 80,800 टन मुरबन कच्चे तेल के साथ सुरक्षित रवाना हो गया। भारत आ रहे दो एलपीजी टैंकर शनिवार को भी भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी टैंकर- 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से सुरक्षित निकले हैं. ये दोनों जहाज लगभग 92,712 टन एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं. 'शिवालिक' के 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, 'नंदा देवी' 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचेगा. ये दोनों जहाज उन 24 पोतों में शामिल थे जो युद्ध शुरू होने के बाद से स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे। बता दें कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. अमेरिका-इजरायल के ईरान पर किए गए हमलों से पहले, भारत के कुल तेल आयात का आधा और एलपीजी आयात का 85-90 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से आता था।

मंडीदीप में LPG एजेंसी पर छापा, 200 से ज्यादा सिलेंडर जब्त; जबलपुर में पुलिस ने हॉकर के घर से 10 सिलेंडर और 47 गैस बुक बरामद

मंडीदीप  मंडीदीप क्षेत्र में एक एलपीजी एजेंसी द्वारा अनुज्ञप्ति की शर्तों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच के दौरान बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर नियमों के विपरीत खुले में रखे पाए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार सेक्टर-सी, प्लाट नंबर 15 स्थित एजेंसी के संचालक विनोद कुमार जैन, जो एचपीसीएल कंपनी के कमर्शियल सिलिंडरों के अधिकृत डीलर हैं, उनके परिसर में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 47.2 किलोग्राम क्षमता के 85 सिलिंडर ट्रक में रखे पाए गए। निर्धारित स्थान पर भेजने के बजाय परिसर में ही रखा ये सिलेंडर 13 मार्च को सिक्योरिटी पेपर मिल होशंगाबाद को सप्लाई के लिए प्राप्त हुए थे, लेकिन उन्हें निर्धारित स्थान पर भेजने के बजाय परिसर में ही रखा गया था। इसके अलावा परिसर में 19 किलोग्राम के 115 सिलिंडर तथा 5 किलोग्राम के 10 सिलेंडर (5 भरे और 5 खाली) भी पाए गए, जिन्हें गोदाम में रखने के बजाय खुले में रखा गया था। सिलिंडरों को जब्त कर पंचनामा तैयार किया इसे अनुज्ञप्ति की शर्तों का उल्लंघन माना गया। मौके पर सिलिंडरों को विधिवत जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया तथा उन्हें एजेंसी संचालक के सुपुर्द किया गया। यह कार्रवाई कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशन में राजस्व अधिकारी चंद्रशेखर श्रीवास्तव, जिला आपूर्ति अधिकारी राजू कातुलकर, तहसीलदार हेमंत शर्मा, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रताप सिंह, सहायक आपूर्ति अधिकारी संगीता तथा थाना प्रभारी रंजीत सराठे की उपस्थिति में की गई। हॉकर के घर पुलिस की छापेमारी भेड़ाघाट थाना क्षेत्र में गैस एजेंसी से जुड़े एक हॉकर द्वारा घर में अवैध रूप से गैस सिलिंडर रखने का मामला सामने आया है। राजस्व और खाद्य विभाग की टीम ने पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर पर छापेमारी की। इस दौरान घर से दस गैस सिलिंडर और 47 उपभोक्ताओं की गैस बुक बरामद की गईं। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संयुक्त टीम ने की छापेमारी पुलिस के अनुसार रात राजस्व एवं खाद्य विभाग की टीम के साथ भेड़ाघाट पुलिस ने मीरगंज क्षेत्र के झिन्ना मोहल्ला स्थित सुनील पटेल के घर पर दबिश दी। टीम को सूचना मिली थी कि घर में बड़ी संख्या में गैस सिलिंडर अवैध रूप से रखे गए हैं। तलाशी के दौरान घर से छह घरेलू और चार व्यावसायिक गैस सिलिंडर बरामद हुए। इसके साथ ही 47 उपभोक्ताओं की गैस बुक भी मौके से मिलीं। पूछताछ में नहीं दे पाया संतोषजनक जवाब कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद सुनील पटेल से सिलिंडरों और गैस बुक के संबंध में पूछताछ की गई। हालांकि वह इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद टीम ने जब्त सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया और मामले की जानकारी पुलिस को दी। गैस एजेंसी में हॉकर के रूप में करता है काम पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गुलौआ चौक, संजीवनी नगर स्थित दीप गैस एजेंसी में हॉकर के रूप में काम करता है। उसका काम झिन्ना, मीरगंज, आमा हिनौता, कूडन, शिल्पी नगर और भेड़ाघाट क्षेत्र में उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर पहुंचाना है। उपभोक्ताओं की गैस बुक रख ली थीं अपने पास पुलिस के अनुसार इसी कारण उसने इन क्षेत्रों के 47 उपभोक्ताओं की गैस बुक अपने पास रख ली थीं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर कार्रवाई होगी।

LPG सिलेंडर कालाबाजारी पर कड़ी नजर, 2,554 जगहों पर की गई छापेमारी और निरीक्षण

LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी, 2,554 स्थानों पर निरीक्षण व छापेमारी 40 एफआईआर, 8 गिरफ्तार, 37 व्यक्तियों को किया गया अभियोजित आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी, सभी जनपदों में स्थापित किए गए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम उपभोक्ताओं को बुकिंग के सापेक्ष 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से सुनिश्चित कराई गई रिफिल डिलीवरी वितरकों के यहां आवश्यतानुसार एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आवश्यतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी/अवैध बिक्री रोकने के लिए लगतार निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। कालाबाजारी पर कसा कानून का शिकंजा इसी क्रम में जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों द्वारा विगत दो दिनों में कुल 2,554 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस दौरान एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 5 एफआईआर दर्ज कराई गईं। इसके साथ ही एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 35 एफआईआर दर्ज की गईं। मौके से 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 37 व्यक्तियों को अभियोजित किए जाने की कार्रवाई की गई है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न होने पाए। सुनिश्चित कराई गई एलपीजी रिफिल डिलीवरी प्रदेश के 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को वितरकों के माध्यम से बुकिंग के सापेक्ष आवश्यकतानुसार एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई है। भारत सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की है, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो। 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, फील्ड में सक्रिय प्रशासन आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है। होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो लगातार कार्य कर रहे हैं। जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं।

घर में PNG कनेक्शन है तो अब नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर, सरकार का अहम निर्णय

  नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से दुनियाभर में ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है. भारत में भी गैस सिलेंडर को लेकर शहर-शहर कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है. इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर नया और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. इस आदेश के अनुसार, जिन लोगों के घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध है, वे अब एक साथ घरेलू LPG कनेक्शन नहीं रख सकेंगे. इसका मतलब यह है कि ऐसे उपभोक्ताओं को अपना LPG सिलेंडर कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। मंत्रालय ने साफ किया है कि जिनके पास PNG कनेक्शन है, वे सरकारी तेल कंपनियों या उनके डिस्ट्रीब्यूटर्स से LPG सिलेंडर का रिफिल नहीं प्राप्त कर सकेंगे. यह कदम घरेलू गैस के बेहतर प्रबंधन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को ऑर्गेनाइज्ड और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का मानना है कि PNG और LPG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने से गैस की आपूर्ति में असमानता, दुर्व्यवहार और संसाधनों के अनावश्यक दोहरे उपयोग की समस्या उत्पन्न होती है. इसलिए, इस प्रतिबंध के माध्यम से उपभोक्ताओं को एक ही स्रोत से गैस की व्यवस्था करने पर मजबूर किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति में पारदर्शिता और बचत सुनिश्चित हो सके। यह आदेश खासतौर से उन उपभोक्ताओं के लिए है जिनके घरों में पहले से ही PNG का कनेक्शन है. उनकी सहूलियत के लिए मंत्रालय ने कहा है कि वे जल्द से जल्द अपने घरेलू LPG कनेक्शन को सरेंडर करें, अन्यथा उन्हें LPG सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी जाएगी। भारत में गैस संकट: कारण, सरकार की तैयारी और आगे की राह मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया, जिससे भारत के लिए LPG और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है. भारत अपनी घरेलू जरूरतों का भारी मात्रा में एलपीजी आयात करता है, जिसकी वजह से स्टॉक तेजी से कम हो रहा है. दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और कई रेस्टोरेंट गैस की कमी के कारण बंद हो रहे हैं. हालांकि, अभी PNG और CNG की आपूर्ति सही स्थिति में है, लेकिन इनकी स्थिति भी संकटग्रस्त है। सरकार ने चिंता कम करने के लिए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के माध्यम से आश्वासन दिया है कि घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता दी जा रही है और उनके पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. मंत्री ने बताया कि 70-80 फीसदी इंडस्ट्री को गैस मिल रही है और आयात के स्रोतों को दूसरे देशों की ओर शिफ्ट कर दिया गया है. साथ ही, ईंधन संकट को लेकर फैल रही अफवाहों को निराधार बताया गया. इसके अलावा, सरकार ने PDS के तहत केरोसिन की आपूर्ति भी बढ़ा दी है ताकि ग्रामीण और बीपीएल परिवारों की जरूरतें पूरी की जा सकें। सरकार ने संकट से निपटने के लिए छह बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें रिफाइनरियों से LPG उत्पादन बढ़ाना, बुकिंग और सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाना, और जमाखोरी पर रोक लगाना शामिल है. नया 'प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026' भी लागू किया गया है, जिसके तहत आवश्यक गैस आपूर्ति के लिए रिफाइनरियों और GAIL के बीच समन्वय बढ़ाया गया है. साथ ही, एलएनजी के लिए अल्जीरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास जारी हैं. एक तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग पैनल गठित किया गया है जो स्थिति पर कड़ी नजर रखेगा। कमर्शियल सेक्टर में गैस की कमी के कारण रेस्टोरेंट संचालन में 20-30 फीसदी गिरावट देखी गई है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ने LPG के विकल्प के रूप में PDS के तहत केरोसिन की मात्रा बढ़ाई है, जो ख़ासतौर से ग्रामीण और बीपीएल परिवारों को दी जाएगी. स्थानीय स्तर पर कोयला और बायोमास का उपयोग भी बढ़ाने को कहा गया है. पर्यवेक्षण बढ़ाकर कालाबाजारी रोकने के प्रयास भी तेज किए गए हैं।

कालाबाजारी में 24 एफआईआर दर्ज, 6 गिरफ्तार, 19 लोगों पर अभियोजन

एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई, 1483 स्थानों पर निरीक्षण व छापे कालाबाजारी में 24 एफआईआर दर्ज, 6 गिरफ्तार, 19 लोगों पर अभियोजन प्रदेशभर में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सुनिश्चित की गई रिफिल डिलीवरी वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध लखनऊ  प्रदेश में आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न होने पाए। इसी क्रम में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई यूपी पहला राज्य है, जहां कालाबाजारी के खिलाफ सबसे पहले और ताबड़तोड़ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों द्वारा शुक्रवार को कुल 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस दौरान एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 4 एफआईआर दर्ज की गई, जबकि एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 20 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 19 व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई की गई है। उपभोक्ताओं को सुनिश्चित की गई एलपीजी रिफिल डिलीवरी प्रदेश में कार्यरत 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के सापेक्ष एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई है। वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकतानुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वाणिज्यिक सिलेंडरों का 20 प्रतिशत आवंटन भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो। 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान हेतु 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। वहीं प्रदेश के सभी जनपदों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार कार्यरत हैं। फील्ड में सक्रिय प्रशासन उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सिलेंडर बुकिंग के नए नियम, 45 दिनों में बुक करना होगा सिलेंडर, बदल गई टाइम लिमिट

भोपाल  देशभर में बढ़ती रसोई गैस की मांग और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में नया LPG सिलेंडर 45 दिनों में ही बुक हो सकेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार गैस की जमाखोरी और काला बाजारी रोकने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। केंद्र के इस फैसले का असर मध्य प्रदेश के लाखों ग्रामीण गैस उपभोक्ताओं पर भी नजर आएगा। जहां उज्जवला योजना और सामान्य कनेक्शन मिलाकर बड़ी संख्या में परिवार LPG गैस पर निर्भर हैं। अब ग्रामीण परिवारों को एक सिलेंडर मिलने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 45 दिन का इंतजार करना होगा। क्यों लेना पड़ा ये फैसला? हाल के दिनों में LPG सिलेंडरों की अचानक ज्यादा बुकिंग और जमाखोरी देखने को मिली है। एमपी में भी कई गोदामों पर छापामारी की कार्रवाई की गई है। वहीं देशभर के कई राज्यों से जमाखोरी की खबरें आईं। कई जगह लोगों ने जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिए। जिससे वास्तविक जरूरत वाले उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई के कारण गैस की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।  10 दिन में तीसरी बार बदला नियम गैस बुकिंग के नियम कुछ दिनों से लगातार बदल रहे हैं। पहले दो सिलेंजर के बीच तय समय सीमा नहीं थी। 6 मार्च को पहली बार 21 दिन का गैप तय किया गया। इसके बाद इस गैप को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। अब ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन लॉक-इन समय लागू कर दिया गया है। हालांकि शहरी उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल यह अवधि 25 दिन ही रखी गई है। एमपी में क्या दिखेगा असर? मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना और सामान्य LPG कनेक्शन से खाना बनाते हैं। ऐसे में इन नए नियमों के कारण ग्रामीण परिवारों को गैस का उपयोग अधिक सावधानी से करना होगा, ताकि गैस सिलेंडर ज्यादा समय तक चल सके। संयुक्त परिवारों में गैस की किल्लत देखी जा सकती है। कई उपभोक्ता, दूसरा सिलेंडर रखने की कोशिश कर सकते हैं। क्या कहते हैं जिम्मेदार मामले में जिम्मेदारों का कहना है कि यह कदम सप्लाई को संतुलित करने, उभोक्ताओं तक गैस पहुंचाने के लिए बेहद जरूरी है। सिलेंडर डिलीवरी के समय पर मोबाइल पर OTP आएगा। OTP देने के बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा और गलत डिलीवरी पर रोक लगेगी। सरकार की अपील पैनिक बुकिंग या अनावश्यक सिलेंडर स्टॉक न करें। इससे असली जरूरतमंद परिवारों को मुश्किल हो सकती है। वहीं ऐसा करने से कालाबाजारी भी बढ़ती है।

LPG संकट के बीच IRCTC की तैयारी: ट्रेनों में इंडक्शन व रेडी-टू-ईट फूड की वैकल्पिक व्यवस्था, WCR में 25 क्लस्टर किचन

भोपाल  इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है. देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी की आशंका के चलते गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं. इसी संकट को देखते हुए Indian Railway Catering and Tourism Corporation (आईआरसीटीसी) ने भी रेलवे स्टेशनों पर संचालित किचन के लिए नया निर्देश जारी किया है. आईआरसीटीसी ने कहा है कि रेल यात्रियों के लिए पकाए जाने वाले खाने को अब एलपीजी की जगह माइक्रोवेव ओवन और इंडक्शन चूल्हों पर तैयार किया जाए, ताकि गैस पर निर्भरता कम की जा सके. शहर में चल रही एलपीजी की किल्लत के बीच ट्रेनों में भोजन व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर IRCTC ने स्थिति स्पष्ट की है। IRCTC के प्रवक्ता एके सिंह के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) क्षेत्र में फिलहाल कैटरिंग व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।  25 क्लस्टर किचन से हो रही सप्लाई एके सिंह ने बताया कि WCR क्षेत्र में IRCTC के करीब 25 क्लस्टर किचन संचालित हो रहे हैं। इन किचनों के माध्यम से क्षेत्र की सभी प्रमुख ट्रेनों में नियमित रूप से भोजन लोड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी ट्रेन में भोजन आपूर्ति बाधित होने की स्थिति सामने नहीं आई है और किचनों में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यात्रियों को सामान्य रूप से मिल रहा भोजन सिंह के अनुसार हाल ही में कुछ यात्रियों ने भोजन ठंडा मिलने की शिकायत की थी, लेकिन ट्रेन में माइक्रोवेव ओवन की सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर भोजन को दोबारा गर्म कर यात्रियों को दिया जा सकता है। उनका कहना है कि कैटरिंग व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। एलपीजी संकट को देखते हुए वैकल्पिक योजना तैयार IRCTC के प्रवक्ता ने बताया कि मुंबई स्थित जोनल कार्यालय की ओर से एहतियात के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्लस्टर किचनों और ट्रेनों में इंडक्शन कुकर, माइक्रोवेव ओवन और रेडी टू ईट फूड की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक इन वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग करने की जरूरत नहीं पड़ी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में प्रवक्ता के मुताबिक वर्तमान में गैस सप्लाई का सिस्टम सामान्य रूप से चल रहा है और ट्रेनों की कैटरिंग व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी। फिलहाल WCR क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ट्रेनों में भोजन की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।

एमपी में LPG संकट बढ़ा, रायसेन में चक्काजाम, उज्ज्वला सिलेंडर की बुकिंग में वृद्धि, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग भी बढ़ी

भोपाल  मध्य प्रदेश में LPG संकट गहरा रहा है। 5 दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टॉरेंट को कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। कई होटल में तो 24 से 48 घंटे की गैस ही बची है। ऐसे में ये बंद होने के कगार पर हैं।  रेस्तरां में इलेक्ट्रिक चूल्हे पर जोर कुछ रेस्टोरेंट ने अपने किचन को बिजली के चूल्हे पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। रेलवे ने भोपाल मंडल के रनिंग रूम का किचन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। इस व्यवस्था में लोको पायलट और रनिंग स्टाफ के लोग स्वयं राशन लाकर खाना बना लेते थे। इस बीच, प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को दावा किया कि प्रदेश में घरेलू गैस का कहीं कोई संकट नहीं है, बुकिंग से 24 घंटे में भीतर सिलिंडर मिलेगा। ग्वालियर जिले में उज्जवला योजना में एक लाख 51 हजार 316 गैस कनेक्शन हैं। गैस एजेंसियों के संचालकों के मुताबिक आम दिनों में इस योजना के औसतन 18-20 प्रतिशत हितग्राही ही गैस सिलिंडर की बुकिंग करते थे, लेकिन अब इस योजना के तहत हितग्राहियों की बुकिंग औसतन 40 से 45 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसके साथ घरेलू सिलेंडर ने भी मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में बुजुर्ग से बच्चे तक सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। कहीं सिलेंडर लेकर घंटों कतार में लगे हैं तो कहीं पुलिस के साये में सिलेंडर बंट रहे हैं। शुक्रवार को भोपाल में गैस एजेंसियों और गोदाम के बाहर पुलिस गाड़ियां घूमती रहीं, ताकि कोई हंगामा न हो। सभी 23 एजेंसियों पर भीड़ रही। दूसरी ओर बुकिंग सर्वर भी ठप है। इस वजह से 7-8 दिन में भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उज्ज्वला बुकिंग की आड़ में कालाबाजारी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन, सिलिंडर जमा/रेगुलेटर के लिए 1600 रुपये की सहायता और मुफ्त पहला रिफिल एवं चूल्हा मिलता है। रिफिल पर सब्सिडी 300 रुपये प्रति सिलेंडर मिलती है। साल में नौ सिलिंडर इस योजना के तहत सब्सिडी पर दिए जाते हैं। इसका फायदा कालाबाजारियों द्वारा उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है। तमाम शहरों में लग रही कतारें भोपाल, इंदौर, जबलपुर में भी उज्ज्वला गैस सिलिंडरों की बुकिंग कराने के मामले बढ़े हैं। प्रदेश के छोटे शहरों-कस्बों पर गैस एजेंसियों के सामने भीड़ बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की नौबत भी आई। विंध्य-महाकोशल के जिलों में एजेंसियों पर अफरा-तफरी की स्थिति है। शहडोल में शुक्रवार को कलेक्टर बंगला से ठीक 100 कदम की दूरी पर स्थित भारत गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही लाइन लगाकर लोग खड़े नजर आए। एजेंसी के सामने सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इंडक्शन की बिक्री तेजी से बढ़ी इंदौर में घरेलू इंडक्शन, इलेक्ट्रिक चूल्हा की मांग बढ़ गई है। इंडक्शन निर्माताओं को भी इतनी मांग का अंदाजा नहीं था। ऐसे में बाजार की मांग को इंडक्शन निर्माता पूरा नहीं कर पा रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में जो बिक्री महीने भर में होती थी, वह अब दो-तीन दिन में हो रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायी भी कमर्शियल इलेक्ट्रिक उपकरण खरीद रहे हैं। इंडक्शन के साथ ही राइस कुकर, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर और एयर फ्रायर की भी मांग बढ़ी है। होटल व रेस्टोरेंट में पांच-छह किलोवाट इंडक्शन की मांग घरेलू उपयोग वाले इंडक्शन की क्षमता डेढ़ से दो किलोवाट की होती है। होटल व रेस्टोरेंट में 25 से 30 किलो की खाद्य सामग्री एक बार में तैयार की जाती है। ऐसे में यहां पर पांच से छह किलोवाट के कमर्शियल इंडक्शन की मांग बढ़ी है। कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण फूड स्ट्रीट हब के संचालक गैस सिलिंडर के विकल्प के रूप इंडक्शन की तलाश में जुटे है।