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होटल और रेस्तरां उद्योग को LPG संकट से राहत, सरकार का फैसला रसोई संचालन को सुरक्षित रखेगा

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जंग के कारण पैदा हुए वैश्विक गैस संकट के बीच सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. इसमें होटल-रेस्तरां इंडस्ट्री को राहत देने की तैयारी है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में कमर्शियल एलपीजी की मौजूदा स्थिति और इसका होटल-रेस्तरां तथा पर्यटन सेक्टर पर पड़ रहे असर पर चर्चा की गई. सरकार ने हालात को संभालने के लिए तुरंत कुछ कदम उठाने का फैसला किया है. आज से व्यवसायों को हर महीने की औसत कमर्शियल LPG जरूरत का करीब 20 फीसदी कोटा दिया जाएगा, ताकि होटल और रेस्तरां की रसोई चलती रहे। इसके अलावा होटल और रेस्तरां को अतिरिक्त गैस सप्लाई देने के उपायों पर भी काम किया जा रहा है. पेट्रोलियम और पर्यटन मंत्रालय आपस में मिलकर और उद्योग से जुड़े लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे, ताकि हालात पर नजर रखी जा सके और समस्याओं का जल्दी समाधान किया जा सके. सरकार का कहना है कि गैस की मौजूदा परेशानी चल रहे युद्ध की वजह से पैदा हुए वैश्विक संकट का हिस्सा है। होटल इंडस्ट्री परेशान दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग ने वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है. भारत में 80-85 प्रतिशत एलपीजी आयात इसी इलाके से होता है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से. जहाजों की आवाजाही रुकने से देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों (नीले रंग वाले) की भारी कमी हो गई है. होटल, रेस्तरां, ढाबे और पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हैं. कई शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली में रेस्तरां मेन्यू कम कर रहे हैं, कुछ बंद हो रहे हैं या समय कम कर रहे हैं. मुंबई में 20 प्रतिशत तक होटल-रेस्तरां बंद हो चुके हैं, और अगर हालात नहीं सुधरे तो दो-तीन दिनों में 50 प्रतिशत तक बंद हो सकते हैं. बेंगलुरु में होटल एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि सप्लाई बंद रहने पर हजारों जगहें बंद हो जाएंगी। घरेलू सेक्टर पर जोर बैठक के बाद पुरी ने कहा कि ये समस्या वैश्विक है, जंग की वजह से पैदा हुई है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं (घरों में इस्तेमाल वाली गैस) को प्राथमिकता दे रही है. घरेलू क्षेत्र कुल खपत का 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सिर्फ 13 प्रतिशत. सरकार ने तुरंत राहत के कदम उठाए हैं. आज से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) व्यवसायों को उनकी औसत मासिक कमर्शियल एलपीजी जरूरत का करीब 20 प्रतिशत कोटा देंगी. राज्य सरकारों के साथ मिलकर ये कोटा असली जरूरतमंदों को दिया जाएगा, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी न हो. ये कदम ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए है. इसके अलावा अतिरिक्त गैस सप्लाई के उपायों पर काम चल रहा है. पेट्रोलियम और पर्यटन मंत्रालय मिलकर उद्योग से जुड़े लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे।

होर्मुज स्ट्रेट पार करेंगे 8 LPG टैंकर, भारत ने सुनिश्चित की गैस आपूर्ति

मुंबई  ईरान जंग का असर भारत में भी दिख रहा है. एलपीजी सिलेंडर को लेकर जगह-जगह हाय-तौबा मची है. गैस की कालाबाजारी चरम पर पहुंच गई है. आम जनता परेशान है. लोगों को डर सता रहा है कि एलपीजी गैस की कमी से उन्हें खाने-पीने की दिक्कत हो जाएगी. मगर सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी गैस की दिक्कत नहीं है. होर्मुज के बंद होने से इंधन संकट की चिंताओं के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. बहुत जल्द आठ एलपीजी टैंकर होर्मुज को पार कर भारत की सरजमीं पर होंगे. जी हां, इसके लिए भारत सरकार ने ईरान से बातचीत तेज कर दी है।  दरअसल, एक सरकारी सूत्र ने बताया कि भारत ईरान से बातचीत कर रहा है और उसे जल्द ही LPG की आपूर्ति मिलने की उम्मीद है. अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में हो रही बाधाओं के कारण ऊर्जा शिपमेंट पर लगातार असर पड़ रहा है. बता दें कि ईरान ने जंग के कारण होर्मुज को बंद कर दिया है. हालांकि, उसने भारत को इससे छूट दी है।  होर्मुज के पास 8 टैंकर इंतजार कर रहे हैं सूत्रों के अनुसार, आठ LPG टैंकर इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी होर्मुज जलडमरूमध्य से ठीक पहले खड़े हैं. इन जहाजों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए सरकार ईरान के संपर्क में है. अधिकारियों ने बताया कि ईरानी अधिकारी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं और उन्हें अपने उन नाविकों की भी चिंता है जो इस समय भारत में हैं. लगभग 250 ईरानी नाविक भारत में हैं, जो अपने घर लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं. भारतीय अधिकारियों ने उन्हें रहने की जगह दी है, जबकि उनके लौटने की व्यवस्था की जा रही है।  सरकार है एक्टिव एलपीजी गैस और तेल के संकट को टालने के लिए सरकार का क्राइसिसि मैनेजमेंट ग्रुप यानी संकट प्रबंधन समूह (Crisis Management Group) एक पूरी योजना पर काम कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत को किसी भी तरह की ईंधन किल्लत का सामना न करना पड़े. अधिकारी स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं और LPG कुकिंग गैस की सप्लाई को संभालने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।  LPG आयात पर भारत की निर्भरता भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 से 67 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है. इस आयात का एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों के सप्लायरों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है. इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट देश में LPG की उपलब्धता पर असर डाल सकती है।  भारतीय जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कूटनीतिक बातचीत भारत एलपीजी शिपमेंट के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए उच्च-स्तरीय बातचीत कर रहा है. इसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच कई बार फ़ोन पर बातचीत शामिल है. इतना ही नहीं, अपने ईंधन वाले जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत नेवी के एस्कॉर्ट पर भी विचार कर रहा है। 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बड़ा बयान: पंजाब में LPG संकट नहीं, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने प्रदेश के सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश जारी किए हैं कि जो भी व्यक्ति गैस संकट को लेकर भ्रामक खबरें फैलाता है या सिलेंडर की जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, उसके विरुद्ध कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाए। अफवाहों और जमाखोरी पर नकेल खाड़ी देशों में जारी तनावपूर्ण स्थितियों के बीच सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर एलपीजी की आपूर्ति बाधित होने की खबरें प्रसारित हो रही थीं। इन अफवाहों के कारण जनता में अनावश्यक चिंता उत्पन्न हो रही थी। मुख्यमंत्री ने इन रिपोर्टों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर निरंतर पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने प्रशासन को आदेश दिया है कि उपभोक्ताओं का शोषण किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्राथमिकता होगी। प्रमुख शहरों चंडीगढ़ और पंजाब में एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत ने आम आदमी की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। लगातार दूसरे दिन गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की किलोमीटर लंबी कतारें देखी गईं। आलम यह है कि लोग सुबह तड़के से ही खाली सिलेंडर लेकर लाइनों में लग रहे हैं, लेकिन शाम तक भी उन्हें खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। राम दरबार में 'कल' के भरोसे लोग चंडीगढ़ के राम दरबार इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। यहां गैस एजेंसी के बाहर महिलाएं और बुजुर्ग चिलचिलाती धूप में अपने नंबर का इंतजार करते दिखे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि एजेंसियां मनमानी कर रही हैं। पहले जो सिलेंडर आसानी से घर पर डिलीवर हो जाते थे, अब उनके लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। एजेंसी कर्मचारी 'सर्वर डाउन' होने या 'कल आने' की बात कहकर लोगों को टाल रहे हैं। कई घरों में गैस खत्म हो चुकी है, जिसके कारण लोग मजबूरी में इंडक्शन चूल्हे या बाहर के खाने पर निर्भर हैं। KYC के नाम पर उलझाए जा रहे उपभोक्ता मोहाली के जीरकपुर में भी नजारा कुछ अलग नहीं था। यहां उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उन्हें KYC अपडेट करवाने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग बंद है और फोन लाइनें भी काम नहीं कर रही हैं। कई परिवारों ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्होंने पुराने दौर की तरह लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। बुकिंग होने के बावजूद डिलीवरी न मिलना लोगों के गुस्से को और बढ़ा रहा है। केंद्र सरकार से आपूर्ति पर चर्चा मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि पंजाब में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ संपर्क साधा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अनिवार्य वस्तुओं की सप्लाई चेन में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। प्रशासन को बाजार पर कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा गया है ताकि गैस सिलेंडर की ओवरचार्जिंग या कालाबाजारी जैसी अवैध गतिविधियों को रोका जा सके। मुख्यमंत्री के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सख्त चेतावनी LPG संकट की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने राज्य के सभी जिला उपायुक्तों (DC) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि आम जनता को रोजमर्रा की चीजों के लिए परेशान न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि खाड़ी युद्ध के कारण आने वाले दिनों में आपूर्ति में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन सरकार केंद्र के साथ लगातार संपर्क में है। भगवंत मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस संकट की आड़ में अगर कोई कालाबाजारी या अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिलों में LPG की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी का माहौल न बनने दिया जाए। अफवाहों और युद्ध का असर गैस की इस कमी के पीछे वैश्विक स्तर पर चल रहा खाड़ी युद्ध और स्थानीय स्तर पर फैल रही अफवाहों को बड़ा कारण माना जा रहा है। लोग डर के मारे पैनिक बुकिंग कर रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और केवल जरूरत पड़ने पर ही सिलेंडर की मांग करें। जनता से शांति बनाए रखने की अपील पंजाब सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और संयम बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है और प्रदेश में ईंधन की कमी का कोई वास्तविक संकट मौजूद नहीं है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि आम लोगों को बुनियादी वस्तुओं की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पंजाब में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जुड़ी खबरें पूरी तरह निराधार हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त आदेश देते हुए अफवाह फैलाने और जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और केंद्र से पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उपभोक्ता किसी भी भ्रामक खबर पर भरोसा न करें और कालाबाजारी की शिकायत तुरंत प्रशासन से करें।

यूपी के हापुड़ में गैस सिलेंडरों की जमाखोरी पकड़ी गई, एक घर से 55 भरे सिलेंडर मिले

हापुड़ एक तरफ आम लोग रसोई गैस के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, दूसरी तरफ उसी गैस को बड़ी मात्रा में छिपाकर रखने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. हापुड़ में प्रशासन की छापेमारी में एक नेता अब्दुल रेहान के घर से 55 भरे हुए एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं. यह कार्रवाई उस समय हुई है जब इलाके में गैस की किल्लत की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब आम नागरिक गैस सिलेंडर के लिए परेशान हो रहे हैं, उसी दौरान कुछ लोग इस संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी और जमाखोरी का खेल खेल रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से प्रशासन को इलाके में एलपीजी गैस की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं. कई लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों से सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे और कुछ स्थानों पर ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं. इसी सिलसिले में प्रशासन ने जांच शुरू की और संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी. इसी दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि एक नेता अब्दुल रेहान के घर पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जमा किए गए हैं. सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई की। छापेमारी में मिला सिलेंडरों का बड़ा जखीरा छापेमारी के दौरान अधिकारियों को घर के अंदर और स्टोर जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे हुए मिले. जांच करने पर पता चला कि वहां कुल 55 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे. अधिकारियों ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर वहां कैसे पहुंचे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन सिलेंडरों का इस्तेमाल कालाबाजारी के लिए किया जा रहा था या फिर किसी अन्य उद्देश्य से जमा किया गया था. छापेमारी के दौरान मौजूद अधिकारियों ने बताया कि गैस सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है. पूरे मामले में आगे की कार्रवाई के लिए दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। लोगों में नाराजगी, उठे सवाल इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्हें गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा था. कुछ लोगों ने बताया कि गैस एजेंसी पर कई बार जाने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. ऐसे में जब किसी व्यक्ति के घर से इतनी बड़ी संख्या में भरे हुए सिलेंडर बरामद हुए हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर यह सिलेंडर वहां पहुंचे कैसे. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह की जमाखोरी पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो आम जनता को और ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है। प्रशासन कर रहा नेटवर्क की जांच प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस जमाखोरी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है. अधिकारियों के अनुसार, गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि जिन सिलेंडरों को बरामद किया गया है, वे किस एजेंसी से जारी किए गए थे और किन-किन नामों पर बुकिंग हुई थी. इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है. प्रशासन का मानना है कि अगर कहीं और भी इस तरह की जमाखोरी हो रही होगी, तो उसे भी जल्द सामने लाया जाएगा। योगी सरकार के सख्त निर्देशों का असर राज्य सरकार पहले ही कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कह चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की जाए. सरकार का कहना है कि आम जनता को किसी भी जरूरी वस्तु की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं. इसी कड़ी में प्रदेश के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों का दावा है कि जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आगे क्या होगी कार्रवाई फिलहाल प्रशासन ने बरामद किए गए सभी 55 सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में गैस एजेंसियों या अन्य लोगों की भी कोई भूमिका रही है. अगर जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हापुड देहात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज ने बताया है कि रेहान के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. 7 साल से कम की सजा होने के कारण थाने से जमानत दे दी गई है , जल्द चार्जशीट न्यायालय भेजी जाएगी।

गैस सिलेंडर आपूर्ति व्यवस्था पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों के साथ की अहम बैठक

भोपाल  युद्ध के बाद खाड़ी देशों में बिगड़े हालातों का असर अब अन्य देशों में भी दिखने को मिल रहा है. इस कारण भारत में भी एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित (LPG Supply Shortage) हो रही है. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव ने गुरुवार को गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली. इसके बाद मुख्य सचिव ने भोपाल कलेक्टर के लिए आदेश जारी किया है. ईंधन के आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली।  फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही करने का निर्देश दिया है. उपभोक्ताओं के लिए गैस एजेंसियों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344, इंडेडेन ऑयल गैस- 1800-2333-555, एचपी गैस- 1800-2333-555 नंबर है. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध गैस रिफलिंग की जांच करने का भी आदेश दिया है।  मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली मुख्य सचिव की बैठक लेने के बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी किया एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को करने के संबंध में आदेश दिया आयात में हुई रूकावट को देखते हुये पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली   भारत गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-22-4344, इण्डेन ऑयल गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555, एचपी गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555 गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी एवं अवैध गैस रिफलिंग की सतत जांच करने मुख्य सचिव ने दिया आदेश होटल-रेस्तरां में नहीं होगी सप्लाई भोपाल कलेक्टर ने भी आदेश जारी करते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की होटल, रेस्तरां और मॉल में सप्लाई नहीं होगी. इसके अलावा एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्री में भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी. फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सिर्फ चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थाओं में की जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि सिलेंडर की जमाखोरी करने वालों पर जिला प्रशासन निगरानी रखेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. SDM, ACP और आपूर्ति अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। 

रांची में LPG की कमी नहीं, लोगों से पैनिक न होने की अपील

रांची  झारखंड की राजधानी रांची में घरेलू गैस को लेकर मची हाहाकार के बाद उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जिले में घेरलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति है, लोगों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। भजन्त्री ने बैठक आईओसीएल, बीपीसीएल, एवं एचपीसीएल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। गैस कंपनियों की ओर से ये भी कहा गया कि लोग पैनिक होकर बुकिंग न करें। ज्यादा संख्या में बुकिंग रिक्वेस्ट आने से गैस कंपनियों के सॉफ्टवेयर पर असर पड़ा है, जिसके अपग्रेडेशन का कार्य जारी है, कुछ ही दिनों में सामान्य रुप से बुकिंग हो सकेगी, लोगों को एजेंसियों के ऑफिस आने की आवश्यकता नहीं है। भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि एक बुकिंग के बाद 25 दिनों बाद ही दूसरी बुकिंग हो पायेगी। आपातकालीन स्थिति में उपभोक्ता 2 और 5 लीटर के सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिनिधियों ने बताया कि एचपीसीएल और बीपीसीएल के 5 लीटर के सिलेंडर बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, आधार कार्ड लेकर उपभोक्ता गैस प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि उपभोक्ता आइवीआर, मिस्ड कॉल फैसिलिटी, ऐप और वेब बेस्ड बुकिंग करें, उन्हें एजेंसी में आने की जरुरत नहीं है। बुकिंग में हो रही देरी सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण है जो जल्द ही दूर हो जायेगा। भजन्त्री ने गैस की बढ़ती मांग के बीच सभी गैस कंपनियों और एजेंसियों को प्रॉपर प्लानिंग और कम्यूनिकेशन के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश में आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू है, सभी उपभोक्ताओं तक घरेलू गैस सामान्य तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें, किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कड़ी कारर्वाई की जायेगी। बैठक में भजन्त्री द्वारा अस्पतालों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, ओल्ड ऐज होम, अनाथालय, कल्याण विभाग द्वारा संचालित हॉस्टल, मध्याह्न भोजन, संप्रेषण गृह, जेल, सीएपीएफ आदि में गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उपायुक्त भजन्त्री द्वारा इसके लिए डिस्ट्रिक लेवल मॉनिटरिंग कमिटि बनाने का निर्देश दिया गया। कमेटि में अनुमण्डल पदाधिकारी सदर एवं बुण्डू, माकेर्िंटग ऑफिसर, ओएमसी एवं गैस एजेंसी के नोडल, हॉस्पिटल के नोडल एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी होंगे। इसके साथ ही उपायुक्त द्वारा अबुआ साथी (9430328080) पर गैस आपूर्ति से संबंधित आनेवाली शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिये। मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए भजन्त्री द्वारा सभी से टीम इंडिया, टीम झारखंड और टीम रांची बनकर काम करने की बात कही है। उन्होंने रांचीवासियों से गैस एजेंसियों के दिये गये निर्देशों का पालन करने की बात कही ताकि लंबे समय तक रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।  

एमपी में LPG संकट, 15% गैस ही उपलब्ध, भोपाल-इंदौर मेट्रो को नहीं मिलेगी गैस, घरेलू सिलेंडर के लिए लंबी वेटिंग

भोपाल   मध्य प्रदेश में रसोई गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश में LPG की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश में LPG का स्टॉक सामान्य से भी काफी कम रह गया है। वहीं कई जिलों में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलिवरी के लिए लोगों को 5-7 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। सिर्फ 15% स्टॉक, प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा सिलेंडर जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इस समय कुल मांग के मुकाबले करीब 15% LPG का स्टॉक ही उपलब्ध है। इसे भी मुख्य रूप से इमरजेंसी जरूरतों के लिए सुरक्षित रखा गया है। ऐसे में प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर घरेलू गैस उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का फैसला किया है। यही कारण है कि फिलहाल औद्योगिक उपयोग और अन्य परियोजनाओं के लिए गैस सप्लाई सीमित कर दी गई है। LPG की कमी की आंच अब किचन तक पहुंच गई है। 3 दिन से प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ठप है। घरेलू सिलेंडर की वेटिंग भी 5 से 7 दिन की हो गई है। ऑयल कंपनियों ने 15% गैस ही उपलब्ध होने की बात कही है, जो इमरजेंसी सेवा और घरों के लिए ही उपयोग हो सकेगी। ऐसे में गुरुवार से पूरे प्रदेश में गैस का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इधर, ऑयल कंपनियों की सप्लाई के बाद कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ अस्पताल, सेना-पुलिस की कैंटीन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट स्थित कैंटीन, बस स्टैंड स्थित भोजनालय को ही मिलेंगे। हालांकि, खाद्य विभाग को जरूरत के हिसाब से ऑयल कंपनियों को लिस्ट देना होगी। दूसरी ओर होटल, मैरिज गार्डन, सराफा कारीगरों के साथ भोपाल और इंदौर मेट्रो को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल सकेंगे। दोनों ही शहरों में मेट्रो का काम चल रहा है, जिसमें वेल्डिंग के लिए एलपीजी का उपयोग होता है। भोपाल-इंदौर मेट्रो को भी नहीं मिलेगी गैस गैस की कमी (LPG Shortage) का असर राज्य की बड़ी परियोजनाओं पर भी पड़ रहा है। भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को फिलहाल एलपीजी की सप्लाई नहीं दी जाएगी। सरकार का कहना है कि जब तक सप्लाई सामान्य नहीं हो जाती, तब तक गैस का उपयोग सिर्फ जरूरी आवश्यकताओं के लिए ही किया जाएगा। घरेलू सिलेंडर डिलिवरी में देरी गैस एजेंसियों के मुताबिक सप्लाई कम (LPG Shortage) होने की वजह से बुकिंग के बाद सिलेंडर को डिलिवरी में 5-7 दिन तक का समय लग रहा है। कुछ शहरों में यह इंतजार और भी बढ़ सकता है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि जैसे ही गैस की नई खेप पहुंचेगी, डिलीवरी की स्थिति सामान्य होने लगेगी। पहले घरों को गैस, फिर इंडस्ट्री को सप्लाई का संकट (LPG Shortage) देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद ही उद्योग और प्रोजेक्ट्स को गैस उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिनों में ही सप्लाई आने की उम्मीद है, जिसके बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी। स्टॉक इतना कि 48 घंटे तैसे-जैसे निकलेंगे भोपाल होटल एसोसिएशन के तेजकुल पाल सिंह पाली का कहना है कि राजधानी में ही डेढ़ हजार से ज्यादा होटल और रेस्टॉरेंट हैं। जहां हर रोज 2 से ढाई हजार सिलेंडर उपयोग होते हैं। जिन होटल या रेस्टॉरेंट में स्टॉक है, वहां 48 घंटे ही तैसे-जैसे निकल पाएंगे। इसके बाद होटल और रेस्टॉरेंट बंद हो जाएंगे। सरकार से मांग की है कि होटल, रेस्टॉरेंट और रेहड़ी वालों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जाए, लेकिन सरकार ने सिर्फ इमरजेंसी सेवा के लिए गैस देने की बात कही है। मार्च में ही 20 हजार से ज्यादा शादियां प्रदेश में मार्च में ही 20 हजार से ज्यादा शादियां होना हैं। इनमें कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग होता है, लेकिन ये 3 दिन से नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में शादियों में भोजन पकाने में दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। भोपाल में 3 हजार आभूषण कारीगर हैं। इन्हें महीने में 9000 हजार सिलेंडर की जरूरत होती है। दाल, मसाले और ड्राई फ्रूट्स हुए महंगे ईरान-इजरायल के बीच युद्ध का असर भोपाल के बाजारों में भी दिख रहा है। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री एवं कैट के पूर्व प्रवक्ता विवेक साहू ने बताया कि दालों में तेजी बनी हुई है। हरी मूंग करीब 100 रुपए प्रति क्विंटल, मसूर 100 रुपए, चना 150 रुपए, मूंग मोगर लगभग 125 रुपए और चना दाल करीब 100 रुपए प्रति क्विंटल तक तेज बताई जा रही है। वहीं, तूअर दाल के भाव में भी करीब 200 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मसालों के बाजार में भी तेजी देखने को मिल रही है। थोक व्यापारी अनिल कुकरेजा के मुताबिक, मिर्ची लगभग 50 रुपए प्रति किलो और धनिया करीब 40 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो गई है। वहीं थोक ड्राई फ्रूट व्यापारी किशोर राजदेव के अनुसार, पिस्ता करीब 250 रुपए प्रति किलो, अंजीर 100 रुपए प्रति किलो, केसर लगभग 20 हजार रुपए प्रति किलो और दाल चीनी करीब 5 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। ईरान के रास्ते आती हैं सामग्री भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री के मुताबिक, पिस्ता, अंजीर, दाल, चीनी सहित कई ड्राई फ्रूट्स ईरान के रास्ते भारत आते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर इनके दामों पर पड़ा है। वहीं, भारत से जाने वाले कुछ उत्पादों के दामों में गिरावट भी देखी जा रही है। खोपरा पाउडर करीब 50 रुपए, मखाने 100 रुपए और हरी इलायची लगभग 200 रुपए प्रति किलो तक सस्ती हुई है। पैकेजिंग व्यापार से जुड़े मोतीलाल आडवाणी ने बताया, क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से कच्चा माल महंगा हो गया है, जिसके कारण पैकेजिंग से जुड़े सामानों के रेट में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके चलते प्लास्टिक से बने अधिकांश पैकेजिंग आइटम महंगे हो गए हैं।

LPG और PNG का बड़ा अपडेट: 1.5 करोड़ घरों में PNG, हर घर में दो सिलेंडर की योजना

नई दिल्ली युद्ध की वजह से कई देशों में तेल और गैस की किल्लतें बढ़ती जा रही हैं. भारत संकट से पहले अलर्ट हो गया है, और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि देश के लोग घबराएं, फिलहाल तेल और गैस को लेकर कोई संकट नहीं है। दरअसल, 140 करोड़ आबादी वाले देश भारत तेल और रसोई गैस के लिए काफी हदतक दूसरे देशों पर निर्भर है. यानी सीधा रसोई से जुड़ा हुआ मामला है, गैस की किल्लत की खबर से लोग परेशान हैं. लेकिन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालात पर नजर बनाए हुए हैं, और जरूरी आदेश दे रहे हैं, ताकि देश में रसोई गैस की कोई किल्लत न हो। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार देश में करीब 33 करोड़ घरेलू LPG कनेक्शन हैं. अधिकतर घरों में दो सिलेंडर होते हैं, इस हिसाब से देश में LPG सिलेंडर कुल संख्या करीब 66 करोड़ तक हो सकती है. इनमें से बड़ी संख्या प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए कनेक्शनों की है, जिससे ग्रामीण और गरीब परिवारों तक भी रसोई गैस की पहुंच बढ़ी है. इसके अलावा देश में कमर्शियल सिलेंडर की संख्या भी करोड़ों में है।  देश में 33 करोड़ गैस कनेक्शन  सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 में देश में LPG कनेक्शनों की संख्या लगभग 14.5 करोड़ थी. पिछले 10 वर्षों में यह संख्या करीब दोगुनी होकर 33 करोड़ तक पहुंच गई है. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करीब 10.4 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त या सब्सिडी वाले LPG कनेक्शन दिए गए हैं. गांव-गांव तक रसोई गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए देशभर में गैस एजेंसियों और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार किया गया है. दूसरी ओर, शहरों में पाइप के जरिए घरों तक गैस पहुंचाने की व्यवस्था यानी PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) भी धीरे-धीरे बढ़ रही है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार फिलहाल देश में करीब 1.5 करोड़ घरों में PNG कनेक्शन उपलब्ध हैं. यह सुविधा मुख्य रूप से महानगरों और बड़े शहरों में उपलब्ध है,  जहां सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए घरों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाई जाती है.  PNG नेटवर्क का इस्तेमाल केवल घरों तक ही सीमित नहीं है. इसके अलावा देशभर में करीब 45 हजार से ज्यादा कमर्शियल प्रतिष्ठान, जैसे होटल और रेस्टोरेंट, 20 हजार से ज्यादा उद्योग भी पाइप गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे ऊर्जा आपूर्ति अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि इसमें सिलेंडर की जरूरत नहीं होती है.  PNG की सप्लाई बड़े शहरों में  यही नहीं, सरकार आने वाले वर्षों में PNG नेटवर्क का और विस्तार करने की योजना बना रही है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजनाओं के माध्यम से 2032 तक करीब 12.5 करोड़ घरों तक PNG पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए देश के कई नए शहरों और जिलों में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम जारी है.  हालांकि फिलहाल भारत में रसोई गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा LPG सिलेंडरों के जरिए ही पूरा होता है, क्योंकि PNG नेटवर्क अभी सीमित शहरों तक ही पहुंच पाया है. भारत में साल 2025 के आसपास लगभग 31–33 मिलियन मीट्रिक टन LPG की खपत हुई. इस हिसाब से लगभग 85 हजार टन LPG की रोजाना खपत होती है. जबकि भारत की कुल प्राकृतिक गैस खपत लगभग 188 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (MMSCMD) के आसपास है.  इसके अलावा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास करीब 8 हफ्ते का तेल भंडार उपलब्ध है. भारत के तेल आयात का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है और इसका एक महत्वपूर्ण भाग होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से गुजरता है. जिस वजह से वैश्विक स्तर पर संकट दिख रहा है.  बता दें, भारत ने जोखिम कम करने के लिए पिछले कुछ वर्षों में अपनी रणनीति बदली है. देश ने रूस, अमेरिका और अफ्रीकी देशों से भी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है. लेकिन अगर वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक तेल संकट बना रहता है तो इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगाई और देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है. इस बीच राहत की बात ये है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है. ब्रेंट क्रूड की कीमत सोमवार की हाई 120 डॉलर प्रति बैरल से फिसलकर 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है.

एलपीजी की भारी कमी, न बुकिंग हो रही न सिलेंडर मिल रहा, ब्लैक मार्केट में दाम बढ़ा

नई दिल्ली अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग का असर भारत के करोड़ों लोगों पर पड़ता दिख रहा है. पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर तेलंगाना और तमिलनाडु तक लाखों लोग एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं. एलपीजी सप्लाई बंद होने जयपुर स्थित बोरोसिल के कारखाने में काम बंद करना पड़ा और कंपनी प्रबंधन ने करीब तीन हजार श्रमिकों को बुधवार से काम पर नहीं आने के लिए कह दिया है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट की लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण फिलहाल मुख्य भोजन (मेन कोर्स) तैयार और परोसा नहीं जा रहा है। बिहार सहित कई राज्यों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है. वहीं पटना से लेकर अयोध्या तक कई लोग सुबह ही गैस एजेंसी के गोदाम के बाहर लाइन लगाकर खड़े हैं. कई लोगों की शिकायत है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करवाने के बावजूद 4-5 दिनों तक एलपीजी सिलेंडर उन्हें नहीं मिल पाई है। रसोई गैस की सप्लाई में दिक्कत की खबरों के सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. पूरे देश में केंद्र सरकार ने ईसीए यानी एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू कर दिया है. केंद्र सरकार ने एलपीजी और सीएनजी की आपूर्ति तय करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार के मुताबिक, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और कुछ उद्योगों को सीमित गैस आपूर्ति मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों को साफ निर्देश दिए कि पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर आम आदमी पर बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वैश्विक उथल-पुथल के समय जनता का भरोसा बनाए रखना सबसे ज़रूरी है. प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि तेल की क़ीमतें स्थिर हैं, ये बात लोगों तक पहुंचाएं और ये भी बताएं कि देश में तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि भारत ने सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम इस संकट को ध्यान में रखकर तैयार किया है, इसे भी जनता तक पहुंचाया जाए। भारत सरकार ने दावा किया है कि इस जंग का तेल की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और देश में घरेलू उपभोक्ता के लिए गैस की कोई कमी नहीं है. सरकार की तरफ से बताया गया कि भारत में फ़िलहाल पेट्रोल और डीज़ल के दाम स्थिर ही रहेंगे वो नहीं बढ़ेंगे. वहीं गैस क़ीमतों में हुआ 60 रुपये का इजाफा मौजूदा हालत की वजह से नहीं, बल्कि पिछले साल की अंडरकवरी की वजह से बढ़े हैं। दरअसल इजरायल और अमेरिका के खिलाफ ईरान की जंग के चलते मिडिल ईस्ट के प्रमुख ऊर्जा परिवहन मार्गों में आई बाधाओं के चलते पिछले एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार को ही इजाफा किया गया था. घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडरों की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई। न रसोई गैस की बुकिंग हो रही, न एलपीजी सिलेंडर मिल रहा… ब्लैक मार्केट में 300 रुपये किलो पहुंचा दाम एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत से देशभर के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नोएडा के रहने वाले लोगों का कहना है कि पिछले 5-6 दिनों से ऑनलाइन गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है. जब लोग गैस एजेंसी से संपर्क करते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि सिस्टम में तकनीकी खराबी है. वहीं एजेंसी पर जाकर पूछने पर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है. गैस बुक कराने के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, लेकिन इसके बाद भी सिलेंडर मिलने की कोई गारंटी नहीं है। गैस बुकिंग में दिक्कत के चलते लोगों को ब्लैक में गैस खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक किलो गैस के लिए 300 से 400 रुपये तक देने पड़ रहे हैं. गैस बुकिंग कराने आई महिलाओं ने बताया कि एजेंसी वाले उनका नंबर लिखकर बाद में फोन करने की बात कहते हैं, लेकिन कई दिनों बाद भी न तो फोन आता है और न ही गैस मिलती है. लोगों का कहना है कि एजेंसी के बाहर कहा जा रहा है कि गैस उपलब्ध नहीं है, जबकि इलाके में ब्लैक में गैस बेची जा रही है। एक महिला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे दिल्ली-नोएडा कमाने आए हैं, भूखे रहने के लिए नहीं. अगर सारी कमाई गैस खरीदने में ही खर्च हो जाएगी तो परिवार का गुजारा कैसे होगा. गैस की कमी के कारण कई परिवारों को मजबूरन बाहर से खाना खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है. रसोई गैस हुई खत्म तो इंडक्शन खरीदने भागे लोग, दुकानों पर भीड़ रसोई गैस संकट की खबरों के बीच अब इलेक्ट्रिकल शॉप्स पर इंडक्शन की मांग में इजाफा देखने को मिल रहा है. दिल्ली के दरियागंज की एक इलेक्ट्रिकल शॉप्स के मालिक विकास ने बताया कि पिछले दो तीन दिन से इंडक्शन की मांग और इंक्वायरी बढ़ गई है. इंडक्शन खरीदने आए एक ग्राहक मोहम्मद शफी ने बताया कि गैस की दिक्कत है इसलिए खरीद रहे हैं. गैस की बुकिंग नहीं हो पा रही है. फिलहाल के लिए गैस है, लेकिन सेफ साइड के लिए ले रहे हैं, अगर नहीं मिली तो इंडक्शन रहे।  दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में एलपीजी खत्म, मेन कोर्स हुआ बंद दिल्ली हाईकोर्ट की लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण फिलहाल मुख्य भोजन (मेन कोर्स) तैयार और परोसा नहीं जा रहा है. कैंटीन प्रबंधन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, वर्तमान में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते मुख्य भोजन की तैयारी संभव नहीं हो पा रही है. गैस सप्लाई कब तक बहाल होगी, इसकी अभी कोई जानकारी नहीं है. गैस उपलब्ध होते ही मुख्य भोजन की तैयारी फिर से शुरू कर दी जाएगी. हालांकि इस दौरान सैंडविच, सलाद, फ्रूट चाट और अन्य हल्के नाश्ते उपलब्ध रहेंगे और इन्हें परोसा जाता रहेगा। एलपीजी सप्लाई बंद होने जयपुर का बोरोसिल प्लांट ठप, 3000 मजदूरों की कर दी गई छुट्टी अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान की जंग का असर अब भारत के उद्योगों पर भी दिखने लगा है. जयपुर के गोविंदगढ़ क्षेत्र में स्थित बोरोसिल लिमिटेड की फैक्ट्री में एलपीजी गैस की … Read more

ईंधन को लेकर राहत: छत्तीसगढ़ में गैस और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता

छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी के निर्देश खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने आयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए आवश्यक दिशानिर्देश शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी रायपुर छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने सभी ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में संचालित सभी 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। इस अवसर पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को राज्य में एलपीजी गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में ऑयल कंपनी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेण्डर वर्तमान में केवल विशेष अत्यावश्यक संस्थाओं, जैसे अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थाओं को ही सप्लाई किए जा रहे हैं। इस पर खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने निर्देशित किया कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों की परीक्षाएँ चल रही हैं, इसलिए शैक्षणिक संस्थाओं एवं छात्रावासों को गैस सिलेण्डर की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। बैठक के दौरान सचिव श्रीमती कंगाले ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर 15 प्रतिशत कमर्शियल सप्लाई होटलों आदि को भी दिए जाने पर विचार किया जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी सीमित स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग तथा अवैध गैस रिफिलिंग की रोकथाम के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए। इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को रोका जा सके। बैठक में राज्य में डीजल, पेट्रोल एवं सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के तीनों डीजल-पेट्रोल डिपो में पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इस पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि डीजल और पेट्रोल की दैनिक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर भी नियमित निगरानी रखी जाए। खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने राज्य के उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है और इन पेट्रोलियम पदार्थों की किसी प्रकार की कमी या शॉर्टेज नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के माध्यम से गैस सिलेण्डर की आपूर्ति नियमानुसार नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल फ्री कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकते हैं।