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राहत की खबर: बढ़ी LPG की सप्लाई, रिफाइनरियों ने उत्पादन में किया 10% इजाफा

ईरान ईरान युद्ध और मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच तेल और गैस सप्लाई में आई बाधा के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी (रसोई गैस) की कोई कमी नहीं है और हाल के दिनों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की संभावित कमी को लेकर जो चिंताएं सामने आई थीं, अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिए जाने के बाद एलपीजी उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही जमाखोरी और अनियमितताओं को रोकने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक कदम भी उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि देश की सभी तेल रिफाइनरियां फिलहाल 100 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रही हैं ताकि एलपीजी की आपूर्ति लगातार बनी रहे। इसके अलावा वितरण व्यवस्था पर निगरानी को और सख्त करने के लिए मॉनिटरिंग अवधि को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार ने जमाखोरी और काला बाजारी पर रोक लगाने के लिए Essential Commodities Act के प्रावधान लागू किए हैं। हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि Essential Services Maintenance Act (ESMA) लागू नहीं किया गया है। अफवाहों से बचने की अपील सरकार ने कहा कि कुछ समय के लिए बाजार में चिंता की स्थिति बनी थी, लेकिन अब आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने की अपील की गई है, क्योंकि ऐसी अफवाहें अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकती हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ उद्योग संगठनों द्वारा व्यावसायिक एलपीजी की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन सरकार ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वैश्विक संकट के बीच भारत की तैयारी सरकारी सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव के बावजूद India ऊर्जा आपूर्ति के मामले में कई देशों से बेहतर स्थिति में है। ऊर्जा मंत्रालय और तेल कंपनियां लगातार अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में हैं ताकि आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा न आए। सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और मांग को संभालने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। किसी प्रकार का संकट नहीं है।  

क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? LPG के बाद सरकार का नया बयान

नई दिल्ली हाल ही में LPG गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। गैस की इन कीमतों में वृद्धि के बाद अब ऐसा कहा जा रहा था कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम भी बढ़ सकते हैं। आपको बता दें कि सरकारी गलियारों से ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी अभी नहीं होगी।   पेट्रोल-डीजल के दाम पर सरकार का रुख पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी। सूत्रों का कहना है कि Strait of Hormuz से कार्गो जहाजों की आवाजाही जल्द ही सुचारू रूप से शुरू होने की उम्मीद है, जिससे आपूर्ति बाधित नहीं होगी। ऐसे में कीमतों में इजाफे की संभावना न के बराबर है। LPG की कीमतों में क्यों हुआ इजाफा? लगभग 11 महीने के अंतराल के बाद सरकार ने रसोई गैस के दामों में बदलाव किया है। घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा हुआ है। आंकड़ों की मानें तो पिछले 12 वर्षों में एलपीजी के दाम कुल 110 रुपये बढ़े हैं। सरकार ने अब तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपना पूरा ध्यान एलपीजी के उत्पादन को अधिकतम करने पर लगाएं ताकि भविष्य में कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके। भारत के पास सुरक्षित भंडार: हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश को विश्वास किया है कि ईंधन की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (हवाई ईंधन) का भरपूर भंडार है। देश के पास अगले 50 से 60 दिनों के लिए पर्याप्त बैकअप मौजूद है। सप्लाई चेन और रसद के मोर्चे पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की स्थिति पश्चिम एशिया के संघर्ष ने वैश्विक बाजार को हिलाकर रख दिया है। पिछले एक सप्ताह में ही कच्चे तेल की कीमतों में 39% का जबरदस्त उछाल आया है। शुक्रवार को कीमतें अपने एक साल के उच्चतम स्तर (52-week high) पर पहुंच गईं, जिसमें एक ही दिन में 3.50% की तेजी देखी गई। इसके बावजूद, भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के बल पर घरेलू कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रहा है।

सिलेंडर की बची गैस चेक करना हुआ सुपर आसान, ये ट्रिक आजमाएं

नई दिल्ली आज के समय में लगभग हर घर की रसोई गैस सिलेंडर पर निर्भर है। सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, गैस के बिना रसोई का काम रुक जाता है। ऐसे में अगर अचानक खाना बनाते वक्त गैस खत्म हो जाए, तो परेशानी बढ़ जाती है, खासकर सुबह की जल्दी या मेहमानों के आने पर। अक्सर लोगों को यह पता नहीं होता कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है। हालांकि, कुछ आसान घरेलू तरीकों से बिना किसी मशीन या तकनीकी जानकारी के घर बैठे ही गैस का अंदाजा लगाया जा सकता है। गीले कपड़े से करें गैस की पहचान यह सबसे आसान और कारगर तरीका माना जाता है। एक साफ कपड़ा पानी में भिगोकर निचोड़ लें और उसे सिलेंडर के ऊपर से नीचे तक फेर दें। कुछ देर बाद सिलेंडर का जो हिस्सा जल्दी सूख जाए, वह खाली होता है, जबकि नीचे का ठंडा और गीला हिस्सा गैस की मौजूदगी दिखाता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिलेंडर आधा है या लगभग खत्म होने वाला है। वजन से भी जान सकते हैं गैस हर LPG सिलेंडर पर उसका खाली वजन यानी टेयर वेट लिखा होता है। अगर घर में वेट मशीन हो, तो सिलेंडर का कुल वजन नापें और उसमें से टेयर वेट घटा दें। जो वजन बचेगा, वही अंदर मौजूद गैस का होगा। घरेलू सिलेंडर में आमतौर पर 14.2 किलो गैस भरी जाती है। चूल्हे की लौ भी देती है संकेत अगर चूल्हे की लौ पहले जैसी तेज नहीं जल रही, बार-बार धीमी हो रही है या खाना पकने में ज्यादा समय लग रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि गैस कम हो रही है। हालांकि, यह तरीका पूरी तरह सटीक नहीं होता, लेकिन सतर्क रहने में मदद करता है।   गैस लेवल इंडिकेटर डिवाइस आजकल बाजार में गैस लेवल बताने वाले छोटे गैजेट्स भी उपलब्ध हैं। ये सिलेंडर के बाहर लगते हैं और रंग या डिजिटल संकेत के जरिए बताते हैं कि गैस ज्यादा है या खत्म होने वाली है। कुछ डिवाइस मोबाइल ऐप से भी जुड़ते हैं और समय रहते रीफिल बुक करने में मदद करते हैं।  

होली से पहले खुशखबरी: दिल्ली में किन उपभोक्ताओं को मिलेगा सिलेंडर का पैसा, जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने एक और चुनावी वादे को पूरा करने का फैसला ले लिया है। राजधानी में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रसोई गैस उपभोक्ताओं को अब साल में दो मुफ्त सिलेंडर की सौगात मिलेगी। होली और दिवाली के समय सरकार एलपीजी सिलेंडर का पैसा बैंक खाते में भेजेगी। दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को पास किया। योजना को लागू करने के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है।   पिछले साल दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने संकल्प पत्र में एलपीजी सिलेंडर को लेकर दो वादे किए थे। होली और दिवाली में दो मुफ्त सिलेंडर देने के अलावा गरीबों को 500 रुपये में सिलेंडर उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। सरकार ने अभी साल में दो मुफ्त सिलेंडर देने से जुड़ा प्रस्ताव ही पास किया है। 500 रुपये में सिलेंडर देने का फैसला बाद में अलग से लिया जाएगा। इस होली से हो जाएगी शुरुआत एक साल का शासन पूरा होने से पहले रेखा गुप्ता सरकार ने साल में दो मुफ्त सिलेंडर देने की शुरुआत का फैसला किया है। लाभार्थियों को पहले सिलेंडर का पैसा मार्च में होली से पहले भेजने की तैयारी है। किन्हें मिलेगा यह पैसा दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एचटी को बताया कि इस योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के राशनकार्डधारकों को मिलेगा। सरकार ने मौजूदा राशन कार्ड डेटाबेस के जरिए योग्य लाभार्थियों की पहचान की है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली ढांचे के तहत 'गरीब' के रूप में वर्गीकृत परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। इन परिवारों को होली से पहले सिलेंडर रिफील की कीमत भेजी जाएगी। अभी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 850 रुपये है। आधार से जुड़े बैंक अकाउंट में आएगा पैसा अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत सिलेंडर का बंटवारा नहीं होगा, बल्कि इसे खरीदने लायक पैसे ही अकाउंट में भेजे जाएंगे। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सिलेंडर का पैसा आधार से लिंक बैंक खातों में भेजा जाएगा। लाभार्थी इन पैसों का इस्तेमाल एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए कर पाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि वितरण में पारदर्शिता के लिए डीबीटी के इस्तेमाल का फैसला लिया गया है। लाभार्थियों की सूची और टाइमलाइन बनाने का आदेश संबंधित विभागों को ऑपरेशनल गाइडलाइंस, लाभार्थियों की सूची और फंड ट्रांसफर के लिए टाइमलाइन तैयार करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के सुचारू रूप से लागू करने के लिए एलपीजी वितरकों और बैंकिंग पार्टनर्स के साथ समन्वय किया जा रहा है। विभागों को लाभार्थियों का सत्यापन और डीबीटी (डेटाबेस सत्यापन) प्रक्रिया पूरी करने का काम सौंपा गया है, जिसके बाद ही धनराशि जारी की जाएगी।  

नए भारत की झलक: प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से सामने आई नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से झलकी नए भारत की तस्वीर लखीमपुर खीरी रसोई में गैस सिलेंडर खत्म हो जाना कभी पूरे दिन की परेशानी बन जाया करता था, लेकिन आज वही स्थिति कुछ ही मिनटों में सुलझ जाती है। ऐसा ही एक भावनात्मक अनुभव एक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की साधारण गृहिणी अरुणा श्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे अपने पत्र में साझा किया है, जो बदलते भारत की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। लगभग 42 वर्षीय अरुणा श्री, जिनका विवाह वर्ष 2004 में हुआ, एक सामान्य परिवार से आती हैं। अपने पत्र में उन्होंने 2014 से पहले के समय को याद करते हुए लिखा कि उस दौर में एलपीजी गैस कनेक्शन मिलना आसान नहीं था। वर्षों इंतजार, सिफारिशें, गैस बुकिंग के लिए लंबी कतारें और भरा सिलेंडर पाने के लिए एजेंसी के चक्कर आम बात थी। कई बार मजबूरी में ब्लैक में गैस खरीदनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने हाल की एक छोटी-सी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया। एक दिन भोजन बनाते समय अचानक गैस खत्म हो गई। पहले ऐसे हालात में पूरा काम ठप हो जाता, लेकिन अब उनके पति के एक फोन पर मात्र 15 मिनट के भीतर भरा हुआ सिलेंडर घर पहुँच गया और भोजन समय पर तैयार हो सका। अरुणा जी के अनुसार, यह भले ही छोटी घटना लगे, लेकिन इसमें आज और 2004 के भारत के बीच का बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है। अपने पत्र में उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, मोबाइल से बुकिंग, घर पर सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी के सीधे बैंक खाते में आने जैसी व्यवस्थाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि इन छोटे-छोटे सुधारों ने आम महिलाओं के जीवन को कहीं अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने उत्तर में कहा कि ऐसे आत्मीय पत्र उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान, उज्ज्वला योजना, बैंकिंग सुविधा और मुद्रा योजना जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से देश की महिलाएँ सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अरुणा श्री का प्रधानमंत्री को लिखा यह पत्र बताता है कि जब नीतियाँ ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ योजनाएँ नहीं रह जातीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में भरोसे और सुकून का रूप ले लेती हैं—और यही विकसित भारत की असली पहचान है।

आज से लागू होंगे 5 बड़े बदलाव, जो हर घर और जेब पर करेंगे असर!

 नई दिल्ली नए साल (New Year 2026) की शुरुआत हो चुकी है और साल का पहला दिन देश में कई बड़े बदलाव लेकर आया है. जी हां, 1 जनवरी 2026 से कई ऐसे चेंज (Rule Change From 1st January) लागू हो रहे हैं, जो घर की रसोई से लेकर कार के शौकीनों तक की जेब का बोझ बढ़ाने वाला साबित होगा. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने जहां दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत सभी शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तगड़ा इजाफा (LPG Cylinder Price Hike) किया है, तो वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनियों ने अपनी कारों के दाम में बढ़ोतरी कर झटका दिया है. आइए ऐसे ही पांच बड़े बदलावों के बारे में जानते हैं… पहला बदलाव: LPG Cylinder हो गया महंगा 1 जनवरी 2026 की शुरुआत महंगाई के झटके के साथ हुई है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने देशभर में LPG Cylinder की कीमतों में इजाफा कर दिया है. ये बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर की गई है और साल के पहले दिन से ये 111 रुपये तक महंगा हो गया है. ताजा बदलाव के बाद दिल्ली में 1580.50 रुपये का मिलने वाला 19Kg LPG Cylinder अब 1691.50 रुपये, कोलकाता में 1684 रुपये की जगह 1795 रुपये, मुंबई में 1531.50 रुपये की जगह 1642.50 रुपये और चेन्नई में ये 1739.5 रुपये की जगह महंगा होकर 1849.50 रुपये का हो गया है. बता दें कि 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें नहीं बदली हैं और ये 8 अप्रैल 2025 के रेट पर ही मिल रहा है.   वहीं दूसरी ओर इसके अलावा नए साल की शुरुआत से ऐन पहले ही Delhi-NCR के लोगों को गैस कंपनी ने PNG Price Cut करके बड़ा तोहफा दिया. IGL ने अपने कस्टमर्स के लिए डोमेस्टिक PNG की कीमतों में ₹0.70 प्रति SCM की बड़ी कटौती की घोषणा की है. इसके बाद दिल्ली में पीएनजी प्राइस ₹47.89 प्रति SCM, गुरुग्राम में ₹46.70 प्रति SCM और नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में ₹47.76 प्रति SCM हो गया.  दूसरा बदलाव: हवाई सफर होगा सस्ता जहां एक ओर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने LPG Price Hike कर झटका दिया है, तो वहीं 1 जनवरी 2026 की तारीख हवाई यात्रियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है. दरअसल, कंपनियों ने हवाई ईंधन या जेट फ्यूल के दाम घटा (ATF Price Cut) दिए हैं. दिल्ली में इसकी कीमत 99,676.77 रुपये से कम करके अब 92,323.02 रुपये प्रति किलोलीटर की गई है. कोलकाता में अब एयर टर्बाइन फ्यूल का दाम घटकर 95,378.02 रुपये प्रति किलोलीटर रह गया है, जो अब तक 1,02,371.02 रुपये प्रति किलोलीटर था. इसके अलावा मुंबई में एटीएफ 93,281.04 रुपये से कम होकर 86,352.19 रुपये, जबकि चेन्नई में 1,03,301.80 रुपये से घटकर 95,770 रुपये कर दिया गया है. ATF Price में कटौती के परिचालन लागत में कमी आती है और एयरलाइंस हवाई टिकट के दाम घटा सकती हैं, जिससे हवाई यात्रियों का सफर सस्ता हो सकता है.   तीसरा बदलाव: Car खरीदना हुआ महंगा साल 2026 का पहला दिन कार खरीदारों के लिए झटका लेकर आया है. दरअसल, कई दिग्गज कार कंपनियों ने अपनी कारों के दाम में इजाफा करने का फैसला किया है. बढ़ती इनपुट लागत और ऑपरेशनल खर्च का हवाला देते हुए इन कंपनियों ने अपनी कारों के दाम में बढ़ोतरी (Car Price Hike From 1st January) का ऐलान किया है.  जर्मन कार कंपनी मर्सिडीज बेंज के सभी मॉडल की कीमतों में 1 जनवरी से 2% का इजाफा हो रहा है. BMW ने भी पहली तारीख से भारत में बिकने वाली अपनी कारों की कीमतें 3% बढ़ाई हैं. चीनी कार कंपनी BYD ने Sealion-7 का दाम बढ़ाने का ऐलान किया है, तो वहीं MG Motors  पेट्रोल-डीजल और ईवी सभी वैरिएंट की कीमतों में 2% की बढ़ोतरी कर रही है. जापानी कार निर्माता निसान ने अपनी कारों के दाम 3%, तो रेनो ने सभी मॉडलों पर 2% दाम बढ़ाए हैं. Honda Cars भी इसी महीने कीमतों में इजाफा कर सकती है.   चौथा बदलाव: ऑस्ट्रेलिया को Zero Tariff  निर्यात जैसा कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बीते सोमवार को ऐलान किया था कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते के 3 साल पूरे होने पर जीरो टैरिफ निर्यात का फैसला किया गया है. इसके मुताबिक, 1 जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया भारतीय निर्यात के लिए अपनी सभी टैरिफ लाइनों को जीरो (Zero Tariff) कर रहा है. इसका मतलब है कि पहली तारीख से भारत से ऑस्ट्रेलिया जाने वालीं 100% वस्तुओं पर कोई भी टैरिफ नहीं लगेगा. पांचवां बदलाव: पहले महीने बंपर Bank Holiday जनवरी का महीना जहां तमाम बड़े बदलाव लेकर आया है, तो इस महीने बैंकों में भी बंपर हॉलिडे (Bank Holiday In January 2026) रहने वाले हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की वेबसाइट पर अपलोड लिस्ट को देखें, तो जनवरी में 16 दिन बैंक बंद रहेंगे. मकर संक्रांति से लेकर गणतंत्र दिवस समेत विभिन्न मौकों पर बैंकों में कामकाज नहीं होगा. हालांकि, ये Bank Holidays अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकते हैं. आप छुट्टी के बावजूद ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) के जरिए अपने बैंकिंग काम निपटा सकते हैं, जो 24X7 ओपन रहती हैं.

गैस सिलेंडर पर नई आफत! पंजाब में अगले 7 दिन तक उपभोक्ताओं को झटका

लुधियाना सर्दियों के सीजन में घरेलू गैस सिलैंडरों की किल्लत पिछले डेढ़ महीने से बनी हुई है। इंडेन और हिंदुस्तान पैट्रोलियम गैस कम्पनियों के अधिकांश डीलर अपने उपभोक्ताओं को फोन कर माफी मांगते हुए बता रहे हैं कि अगले 7 दिन तक गैस सिलैंडर की सप्लाई संभव नहीं है। डीलरों ने बताया कि सर्दियों में रसोई गैस की मांग बढ़ जाने के कारण उन्हें लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बुकिंग करने के बाद कई बार उपभोक्ताओं को 5 से 7 दिन तक सिलैंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके पीछे कम्पनी अधिकारियों की तैयारी और समय पर प्लांट की मैंटीनैंस में देरी को मुख्य कारण माना जा रहा है। गैस एजैंसियों के कर्मचारियों और डिलीवरी स्टाफ ने कहा कि कई बार लोड (सिलैंडरों से भरे ट्रक) केवल 2 दिनों के अंतराल पर मिल रहे हैं, जिससे एजैंसी संचालन प्रभावित हो रहा है। घने कोहरे और मौसम की कठिनाई भी सप्लाई में देरी का एक और कारण बन रहे हैं। सेल्स अधिकारियों का दावा : इंडेन गैस कम्पनी के सेल्स अधिकारी अर्जुन कुमार और गौरव जोशी ने कहा कि केवल कुछ एजैंसियों में 3-4 दिनों का बैकलॉग है और जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पैनिक न हों।  

रसोई बजट होगा हल्का: गैस सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी, जानिए कौन उठा सकेगा फायदा

नई दिल्ली  केंद्र सरकार की कई योजनाएं हैं जिससे एक बड़ा वर्ग लाभान्वित हो रहा है। ऐसी ही एक योजना- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को सामान्य ग्राहक के मुकाबले 300 रुपये कम कीमत पर भरे हुए एलपीजी सिलेंडर मिलते हैं। उदाहरण के लिए देश की राजधानी दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत सामान्य ग्राहकों के लिए 853 रुपये है तो लाभार्थियों के लिए 553 रुपये है। कहने का मतलब है कि ग्राहकों को 300 रुपये सस्ती कीमत पर सिलेंडर मिल जाएगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मई 2016 में इस योजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में रहने वाले उन परिवारों को एलपीजी कनेक्शन देना था,। योजना के तहत मार्च 2020 तक 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे सितंबर 2019 में पूरा कर लिया गया। इसके बाद सरकार ने उज्ज्वला 2.0 की शुरुआत की, जिसके तहत विशेष रूप से प्रवासी परिवारों को ध्यान में रखते हुए 1.6 करोड़ अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन देने का प्रावधान किया गया। यह लक्ष्य दिसंबर 2022 में पूरा हुआ, जिससे योजना के तहत कुल कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 9.6 करोड़ हो गई। आगे चलकर उज्ज्वला 2.0 के तहत वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच 75 लाख और कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया, जिसे जुलाई 2024 में ही पूरा कर लिया गया। इसके साथ ही कुल एलपीजी कनेक्शन की संख्या 10.35 करोड़ तक पहुंच गई। अब सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना का कुल लक्ष्य बढ़कर 10.6 करोड़ कनेक्शन हो गया है। फिलहाल इन नए कनेक्शनों को जारी करने की प्रक्रिया जारी है। 3.13 करोड़ टन हो गई एलपीजी खपत क्रिसिल इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में एलपीजी खपत बढ़कर लगभग 3.13 करोड़ टन हो गई, जो वित्त वर्ष 2016-17 के 2.16 करोड़ टन से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 3.3 से 3.4 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया कि घरेलू खपत में भी लगातार वृद्धि हो रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं का औसत वार्षिक रिफिल 2016-17 के 3.9 सिलेंडर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 4.5 सिलेंडर हो गया है। गैर-उज्ज्वला योजना परिवारों ने पिछले पांच वर्षों में प्रति वर्ष 6-7 सिलेंडर के स्थिर रीफिल स्तर को बनाए रखा है।  

LPG सिलेंडर पर पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, बुकिंग करवाने वाले खपतकारों के लिए राहत

लुधियाना  सर्दियों के दस्तक देते ही जहां आम उपभोक्ताओं को बुकिंग करवाने के बाद भी एक गैस सिलैंडर की सप्लाई लेने के लिए 10 दिनों तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं गैस माफिया के अड्डों पर एक साथ कई गैस सिलैंडरों की डिलीवरी हो रही है, जो कि गैस कंपनियों और एजैंसी मालिकों की दोगली मानसिकता को दर्शाता है। चंडीगढ़ रोड स्थित जीवन नगर, छोटी मुंडिया, नीची मंगली, गुरु तेग बहादुर नगर, 33 फुटा रोड, त्रिशला नगर, फोकल प्वाइंट, परमजीत कॉलोनी, फॉर्टिस हॉस्पिटल की बैक साइड जच्चा-बच्चा केंद्र आदि इलाकों में सक्रिय गैस माफिया द्वारा धड़ल्ले से साइकिल रिपेयर, मनियारी की दुकान, करियाना स्टोर, बर्तन स्टोर, खाने-पीने का सामान बेचने वाली रेहड़ियों, यहां तक कि बुटीक आदि पर घरेलू गैस सिलैंडर के बड़े जखीरे उतारे जा रहे हैं। वर्णनीय है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा गैस माफिया के सरगना संतोष गुप्ता के फोकल प्वाइंट स्थित एक फैक्ट्री में बनाए गए ठिकाने पर की गई एक छापेमारी दौरान वहां पर 125 के करीब घरेलू गैस सिलैंडर, सोनू गुर्जर के ठिकाने से गैस सिलैंडर सहित गैस की पलटी मारने वाली मशीन, इलैक्ट्रॉनिक टोल कांटा आदि बरामद किए गए हैं। लुधियाना एल.पी.जी. डीलर एसोसिएशन द्वारा डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के साथ की गई एक विशेष बैठक के दौरान गैस माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने संबंधी मांग की गई है जिसके जवाब में डिप्टी पुलिस कमिश्नर रुपिंदर सिंह द्वारा गैस माफिया को सख्त चेतावनी दी गई है लेकिन ए.सी. पी. और एस.एच.ओ. स्तर के पुलिस अधिकारी पुलिस कमिश्नर के आदेशों को मानने के लिए तैयार नहीं है और सारी बात वह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पाले में फैंक कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की फिराक में लगे हुए हैं।   उधर इस गंभीर मामले को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कंट्रोलर मैडम शिफाली चोपड़ा ने दावा किया है कि उनके द्वारा गैस माफिया के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है और जिला परिषद / ब्लाक समिति चुनाव के बाद माफिया के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा जिसमें घरेलू गैस की कालाबाजारी और पलटी का काला कारोबार चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

LPG उपभोक्ताओं ध्यान दें: पंजाब सरकार ने नए नियम किए लागू, जानें क्या बदला

लुधियाना केंद्रीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा घरेलू गैस की कालाबाजारी और दुरुपयोग के खिलाफ नकेल कसने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है जिसमें उपभोक्ताओं को अब उनके द्वारा संबंधित गैस एजैंसी कार्यालय में रजिस्टर्ड करवाए गए मोबाइल नंबर पर प्राप्त होने वाले ओ.टी.पी (डी.ए.सी) कोड देने के बाद ही गैस सिलेंडर की सप्लाई मिल सकेगी। भारत की प्रमुख इंडेन गैस कंपनी द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन से कमर्शियल स्थान पर घरेलू गैस सिलैंडर का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों एवं गैस की पलटी, कालाबाजारी करने वाले गैस माफिया को बड़ा झटका लगने जा रहा है, वहीं घरों में एक साथ चलने वाले मल्टीपल गैस कनैक्शनों का पत्ता भी साफ हो सकेगा। अरुण इंडेन गैस सर्विस के प्रमुख अरुण अग्रवाल ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई उक्त योजना का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार की इस पहलकदमी से न केवल घरेलू गैस की कालाबाजारी और पलटी का कारोबार बंद होगा बल्कि गैस की पलटी के दौरान होने वाले जानलेवा हादसो में होने वाली बेगुनाह लोगों की मौतों का सिलसिला भी थम सकेगा।