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इंदौर में बीच ट्रैक पर रुकी DEMU, समोसे लेने उतरा लोको पायलट! VIDEO वायरल होते ही रेलवे एक्शन में

इंदौर बारिश का मौसम हो और गरमा-गरम समोसे की खुशबू आए, तो किसी का भी मन ललचा सकता है. लेकिन अगर यही लालच चलती ट्रेन को बीच रास्ते में रोकने का हो तो मामला सिर्फ स्वाद का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का बन जाता है. ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश से आया है. यहां इंदौर और महू के बीच चलने वाली डेमू ट्रेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।  वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि लोको पायलट ने बीच रास्ते में समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोक दी. हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. रेलवे का कहना है कि अगर लोको पायलट की तरफ से बीच रास्ते ट्रेन रोककर अपना पर्सनल कार्य किया गया है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।    समोसे खरीदने की वजह से लेट हो जाती है ट्रेन वायरल वीडियो राऊ के रंगवासा रोड क्षेत्र का बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों का दावा है कि इंदौर-महू डेमू ट्रेन यहां नियमित रूप से कुछ मिनट के लिए रुकती है. आरोप है कि लोको पायलट ट्रेन से नीचे उतरकर पास की दुकान से समोसे खरीदता है, जिससे ट्रेन करीब 10 मिनट या उससे ज्यादा लेट हो जाती है. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो क्षेत्र के लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।  वहीं इस मामले पर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और इसे वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है. पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. यदि जांच में यह सामने आता है कि लोको पायलट ने बिना किसी अधिकृत कारण, सिग्नल या परिचालन संबंधी आवश्यकता के ट्रेन रोकी और केबिन से उतरकर निजी कार्य किया, तो रेलवे नियमों के अनुसार उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल रेलवे जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। 

Bhopal-Delhi Vande Bharat को मिला नया लुक, 708 किमी की दूरी सिर्फ 7.30 घंटे में होगी पूरी

ग्वालियर  रानी कमलापति (भोपाल) से ग्वालियर होते हुए हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही बिल्कुल नए रंग-रूप में नजर आएगी। ट्रेन का बाहरी रंग पारंपरिक नीले-सफेद की जगह अब आकर्षक केसरिया होगा। इसके लिए ट्रेन को झांसी की वैगन रिपेयर वर्कशॉप भेजा गया है, जहां अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से पेंटिंग और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कई तकनीकी बदलाव किए जा रहे है। झांसी मंडल में पहली बार इस स्तर पर वंदे भारत का ऐसा मेकओवर किया जा रहा है। रोबोटिक तकनीक से तैयार हो रहा नया लुक झांसी की वैगन रिपेयर वर्कशॉप में वंदे भारत के कोचों की पेंटिंग अत्याधुनिक रोबोट कर रहे हैं। इससे पेंट की गुणवत्ता बेहतर होगी, पूरी ट्रेन को एक समान फिनिश रंग लंबे समय तक टिकेगा और मिलेगी। रेलवे के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के जरिए तेज और अधिक सटीक तरीके से पूरी की जा रही है। 7.30 घंटे में 708 किमी. का सफर रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन के बीच 708 किलोमीटर का सफर वंदे भारत महज 7 घंटे 30 मिनट में पूरा करती है। यही दूरी अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को तय करने में करीब 9 से 10 घंटे लगते हैं। यह ट्रेन भोपाल, झांसी, ग्वालियर और आगरा कैंट स्टेशन पर ठहराव लेते हुए दिल्ली पहुंचती है। मेक इन इंडिया की पहचान वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से डिजाइन और निर्मित ट्रेन है। आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, बेहतर रफ्तार और यात्री सुविधाओं के कारण यह भारतीय रेलवे की सबसे प्रतिष्ठित ट्रेनों में शामिल है। रेलवे का मानना है कि नए स्वरूप और बेहतर सुविधाओं से यात्रियों का सफर और अधिक आरामदायक होगा। क्या-क्या बदलेगा -वॉश बेसिन की गहराई बढ़ाई गई है। -टॉयलेट में अब अधिक रोशनी वाली एलईडी लाइटिंग। -चार्जिंग पॉइंट तक आसान पहुंच। -सीटों में अधिक कुशनिंग, लंबी यात्रा में आराम बढ़ेगा एग्जीक्यूटिव चेयर कार में बड़ा फुटरेस्ट। अंदर भी बदलेगा… केवल बाहरी रंग ही नहीं, ट्रेन के इंटीरियर में भी कई बदलाव किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा मिल सके। अधिकारी बोले….. अब पहले से बेहतर अनुभव रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत को केसरिया रंग में तैयार किया जा रहा है। झांसी कारखाने में रोबोटिक पेंटिंग के साथ यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई तकनीकी सुधार भी किए जा रहे हैं, ताकि यात्रा का अनुभव पहले से बेहतर हो। – मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी रेल मंडल

सतना का 10 वर्षीय बालक अकेले पहुंचा भोपाल, रेवांचल एक्सप्रेस में सफर के बाद GRP ने ऐसे खोजी मां

 भोपाल ऑपरेशन हमर्दद ने एक मासूम को उसकी मां से मिलवा दिया। बच्चे के सही सलामत होने की खबर सुन मां भावुक हो गई। मामला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का है। जीआरपी ऑपरेशन हमदर्द चला रही है। 10 वर्षीय बालक स्टेशन पर भीख मांग रहा था। महिला आरक्षकों ने उसकी पूरी बात सुनी। बच्चे ने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया। इसी एक नंबर ने मां-बेटे को फिर से मिला दिया। स्टेशन पर भीख मांगते मिला था बालक जीआरपी के अनुसार, बुधवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन हमदर्द के तहत बेशहारा और लावारिस लोगों का डोजियर तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान ओवरब्रिज पर एक 10 वर्षीय बालक भीख मांगता मिला। महिला आरक्षकों ने उसे सुरक्षित जीआरपी थाने लाकर पूछताछ शुरू की। सतना से अकेला पहुंच गया भोपाल बच्चे ने बताया कि वह सतना से रेवांचल एक्सप्रेस में अकेले बैठकर भोपाल पहुंच गया था। सुबह से वह स्टेशन परिसर में भीख मांग रहा था। बातचीत के दौरान उसने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया, जिसके बाद जीआरपी ने तुरंत संपर्क किया।  

ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में बढ़ी मांग, मैसूरू-मदार स्पेशल ट्रेन का संचालन अवधि विस्तारित

रतलाम  पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान बढ़ती यात्रा मांग को ध्यान में रखते हुए विशेष किराये पर संचालित मैसूरू-मदार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के फेरे पुनः विस्तारित किए गए हैं। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 06281 मैसूरू-मदार स्पेशल 11 जुलाई व 06282 मदार-मैसूरू स्पेशल 13 जुलाई 2026 तक विस्तारित की गई है। ट्रेनों के आगमन/प्रस्थान समय, ठहराव और संरचना के समय के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जा सकते हैं। साथ ही रेलवन एप के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि यात्रियों के बढ़ते दबाव और विशेष मांग के चलते स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाए गए हैं। मैसूरू-मदार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन विशेष किराये पर संचालित की जा रही है। गोल्डन टेम्पल मेल अगले छह माह तक बांद्रा टर्मिनस से ही संचालित होती रहेगी रतलाम : रेल मंडल से गुजरने वाली गोल्डन टेम्पल मेल के टर्मिनल स्टेशन से संबंधित अस्थायी परिचालन व्यवस्था को आगामी छह माह तक जारी रखने की अधिसूचना जारी की गई है। 12903 मुंबई सेंट्रल-अमृतसर गोल्डन टेम्पल मेल 17 फरवरी 2027 तक मुंबई सेंट्रल के बजाय बांद्रा टर्मिनस से ही ओरिजिनेट होगी। इसी प्रकार 12904 अमृतसर–मुंबई सेंट्रल गोल्डन टेम्पल मेल 15 फरवरी 2027 तक मुंबई सेंट्रल के बजाय बांद्रा टर्मिनस पर ही टर्मिनेट होगी।

रेलवे अपडेट: तीसरी लाइन कमीशनिंग के चलते दर्जनों ट्रेनों पर असर, यात्रियों को परेशानी

लखनऊ रेलवे गोंडा से गोंडा कचहरी के बीच पांच किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन को कमीशंड करने के लिए अगले माह प्री इंटरलाकिंग और नान इंटरलाकिंग की प्रक्रिया पूरी करेगा। इस कारण गोंडा रूट होकर चलने वाली कई ट्रेनों को सात से 11 जुलाई तक निरस्त किया जाएगा। वहीं, कई ट्रेनों के रूट बदलेंगे। छह, सात व 10 जुलाई को 15109 छपरा-मथुरा एक्सप्रेस लखनऊ नहीं आएगी। ये ट्रेनें निरस्त होंगी – 22921 -बांद्रा-बलरामपुर एक्सप्रेस -05 जुलाई – 22922 -बलरामपुर-बांद्रा एक्सप्रेस -07 जुलाई – 15081- गोरखपुर-गोमतीनगर एक्सप्रेस -06 से 10 जुलाई – 15082- गोमतीनगर-गोरखपुर एक्सप्रेस -07 से 11 जुलाई – 15133 -छपरा-आनंद विहार एक्सप्रेस -06 जुलाई – 15134 -आनंद विहार-छपरा एक्सप्रेस -08 जुलाई – 15031- गोरखपुर-लखनऊ जंक्शन एक्सप्रेस -08 व 09 जुलाई – 15032- लखनऊ जंक्शन-गोरखपुर एक्सप्रेस -08 व 09 जुलाई – 15070- ऐशबाग-गोरखपुर एक्सप्रेस -सात से 10 जुलाई – 15069- गोरखपुर-ऐशबाग एक्सप्रेस -आठ से 11 जुलाई – 22199- ग्वालियर-बलरामपुर सुशासन एक्सप्रेस-08 जुलाई – 22200- बलरामपुर-ग्वालियर एक्सप्रेस -09 जुलाई – 15029- गोरखपुर-पुणे एक्सप्रेस -09 जुलाई – 15030- पुणे -गोरखपुर एक्सप्रेस अयोध्या होकर चलेंगी यह ट्रेनें – 15078- गोमतीनगर-कामाख्या एक्सप्रेस -29 जून – 15904- चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस -28 जून व 08 जुलाई – 12512- तिरुवनंतपुरम-गोरखपुर एक्सप्रेस -28 जून से 07 जुलाई – 15046- ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस 28 जून व 05 जुलाई – 12592- यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस -29 जून व 06 जुलाई – 15134- आनंद विहार-छपरा एक्सप्रेस -01 व 04जुलाई – 19409 – साबरमती-थावे एक्सप्रेस -02 जुलाई – 22534- यशवंतपुर-गोरखपुर सुपरफास्ट -01 जुलाई – 19623- मदार जंक्शन-दरभंगा अमृत भारत -03 जुलाई – 12522- एर्नाकुलम-बरौनी एक्सप्रेस -03 जुलाई – 15065- गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस -06 से 10 जुलाई – 15067- गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस -08 जुलाई – 12587- गोरखपुर-जम्मूतवी अमरनाथ एक्सप्रेस -06 जुलाई – 12565- बिहार संपर्कक्रांति एक्सप्रेस -09 जुलाई – 15651- गुवाहाटी-जम्मूतवी एक्सप्रेस -06 जुलाई – 15066- पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस -08 जुलाई – 15565- वैशाली एक्सप्रेस – 08 से 10 जुलाई – 12571- गोरखपुर-आनंद विहार एक्सप्रेस-08 व 10 जुलाई – 12572- आनंद विहार-गोरखपुर एक्सप्रेस – 09 जुलाई – 14673 शहीद एक्सप्रेस -08 व 09 जुलाई – 15005- गोरखपुर-देहरादून एक्सप्रेस-08 जुलाई – 15652- जम्मूतवी-गुवाहाटी एक्सप्रेस -08 जुलाई – 12596- आनंद विहार-गोरखपुर एक्सप्रेस -08 जुलाई – 15566- वैशाली एक्सप्रेस -08 जुलाई – 15653- गुवाहाटी-जम्मूतवी एक्सप्रेस -08 जुलाई – 15204- बरौनी-जम्मूतवी एक्सप्रेस -09 जुलाई – 12555- गोरखधाम एक्सप्रेस -09 जुलाई – 22537- गोरखपुर-एलटीटी कुशीनगर एक्सप्रेस -09 जुलाई – 11079- एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस -09 जुलाई – 14674- शहीद एक्सप्रेस -09 जुलाई वाराणसी शटल समेत दो ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच रेलवे प्रशासन ने लखनऊ और वाराणसी रूट सहित दो प्रमुख ट्रेनों में कोचों की स्थायी वृद्धि करने का बड़ा फैसला लिया है। इसमें गाड़ी संख्या 20401/20402वाराणसी-लखनऊ-वाराणसी सुपरफास्ट शटल एक्सप्रेस में 27 जून से कोच बढ़ाए जा रहे हैं। ट्रेन में सफर को सुगम बनाने के लिए एक वातानुकूलित (एसी) चेयर कार और एक शयनयान (स्लीपर) श्रेणी का कोच स्थायी रूप से जोड़ा जाएगा। इस बढ़ोतरी के बाद ट्रेन की कुल कोच संख्या 20 से बढ़कर 22 हो जाएगी, जिससे दैनिक यात्रियों को सीटों के लिए मारामारी नहीं करनी पड़ेगी। रेलवे ने वाराणसी-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (द्वि-साप्ताहिक और साप्ताहिक) में भी जुलाई की शुरुआत से एक एसी प्रथम श्रेणी और एक एसी 2-टियर कोच की स्थायी वृद्धि करने की घोषणा की है, जिससे इसकी क्षमता भी 22 कोच की हो जाएगी। इससे रेलयात्रियों को राहत मिलेगी।

बिहार को हाईस्पीड रेल की सौगात, पटना-दिल्ली बुलेट ट्रेन से सफर होगा बेहद आसान

 पटना /नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली को बिहार की राजधानी पटना से बुलेट ट्रेन के जरिये जोड़ने पर सरकार काफी गंभीरता से काम कर रही है.  रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि पटना एक बार बुलेट नेटवर्क से जुड़ जाएगा तो इससे बिहार को काफी सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि पटना से दिल्ली की यात्रा मात्र 4 घंटे 41 मिनट की रह जाएगी. उन्होंने कहा कि आगे पटना से सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन का विस्तार किया जाएगा. आने वाले समय में इसके लिए भी तैयारी शुरू हो गई है. पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच में अगले साल शुरू होने वाली है।  रेल मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में बिहार में बुलेट ट्रेन आएगी. ये ट्रेन दिल्ली से लखनऊ, लखनऊ से वाराणसी, वाराणसी से पटना और पटना से सिलिगुड़ी तक जाएगी. इसके बाद दिल्ली से पटना की यात्रा मात्र 4 घंटे और 41 मिनट की रह जाएगी।  इससे पहले रेल मंत्री ने कहा था कि भारत ने अब स्वयं बुलेट ट्रेन बनाने की क्षमता रखता है. उन्होंने अगले साल मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर काम शुरू करने की घोषणा की है।  पटना-दिल्ली बुलेट ट्रेन (हाई-स्पीड रेल) प्रोजेक्ट भारत के पूर्वी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का हिस्सा है. यह अभी पूर्ण रूप से प्लानिंग और सर्वे स्टेज में है, यहां अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।  यह बुलेट ट्रेन दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा है. पटना इस रूट पर प्रमुख स्टेशन होगा. दिल्ली से पटना की दूरी अभी लगभग 1000 से 1100 किलोमीटर के बीच में है. इस यात्रा में अभी 12 से 17 घंटे लगते हैं. लेकिन बुलेट ट्रेन के बाद ये यात्रा 5 घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी।  बिहार दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए चालू वित्त वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है।  राज्य के एक दिन के दौरे पर आए वैष्णव ने छपरा से दिल्ली के लिए एक नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू करने की घोषणा की।  रेल मंत्री ने कहा, "राज्य से लोकोमोटिव (इंजन) एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं. आज बिहार के मरहौरा प्लांट से 51वां लोकोमोटिव इंजन एक अफ़्रीकी देश को एक्सपोर्ट किया जाएगा." वैष्णव ने बताया कि बिहार में लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली रेल परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं।  पटना रेलवे स्टेशन पर बन रहे हैं 5 नए प्लेटफॉर्म रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने चालू वित्त वर्ष में बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटित किया है।  उन्होंने बताया कि यात्रियों की क्षमता बढ़ाने के लिए पटना रेलवे स्टेशन पर पांच अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं. रेल मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की राजधानी के पास स्थित फतुहा स्टेशन का भी विकास किया जा रहा है। 

रेल संचालन पर चोरों का वार, केबल चोरी से मचा हड़कंप; सतना में दो महिलाएं गिरफ्तार

सतना  मुंबई-हावड़ा रेलखंड पर सतना-मैहर के बीच लगरगवां स्टेशन के पास गुरुवार को सिग्नल की 7 मीटर केबल चोरी हो गई। इस घटना के कारण रेल संचालन लगभग तीन घंटे तक प्रभावित रहा, जिससे अप और डाउन लाइन की 19 ट्रेनें देरी से चलीं।  सिग्नल विभाग के कर्मचारियों ने केबल काट कर ले जा रही महिलाओं को देखा और तत्काल आरपीएफ को सूचित किया। मौके पर पहुंची आरपीएफ टीम ने पीछा कर दोनों आरोपियों को चोरी की गई केबल के साथ पकड़ लिया। बाद में इंजीनियरों ने क्षतिग्रस्त केबल को जोड़कर रेल संचालन को सामान्य किया। 19 ट्रेनें देरी से चलीं इस घटना से प्रभावित होने वाली ट्रेनों में अप लाइन की अयोध्या-एलटीटी, गोरखपुर-एलटीटी, दानापुर-एसएमवीटी, दरभंगा-अहमदाबाद, वाराणसी-एकता नगर और सतना-कटनी मेमू शामिल थीं। वहीं, डाउन लाइन में डॉ. अंबेडकर नगर-रीवा, एलटीटी-दानापुर स्पेशल, जबलपुर-रीवा शटल सहित पांच से अधिक मालगाड़ियां भी प्रभावित हुईं। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी बीरेन्द्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कल्ली उर्फ सुखमंती (55) निवासी उतैली और चिद्दी उर्फ चिंतामणि निवासी संग्राम कॉलोनी, थाना कोलगवां के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी, कालका-कटरा रेल सेवा बहाल; लंबे इंतजार के बाद आज से दौड़ेगी ट्रेन

कालका कालका, हिमाचल, चंडीगढ़ और पंजाब के लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है। कालका क्षेत्रवासियों की मांग पर भारतीय रेल ने कालका से कटरा ट्रेन शुरू करने जा रहा है। माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहली ट्रेन शुक्रवार 19 जून 2026 को 7.35 बजे चलेगी। यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन शुक्रवार और मंगलवार को कटरा के लिए चलेगी। रेल मंत्रालय ने यह ट्रेन चलाकर कालका क्षेत्र सहित हिमाचल के बद्दी, परवाणू, कसौली तथा धर्मपुर, चंडीगढ़ सहित अन्य जगह के लोगों को माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए बड़ी सौगात दी है। कटरा के लिए ट्रेन चलाने की मांग क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे थे। क्योंकि कोरोना काल के दौरान कालका से कटरा जाने वाली ट्रेन को बंद कर दिया गया था। बता दें कि कोरोना काल के दौरान हिमालयन क्वीन, पश्चिम एक्सप्रेस का परिचालन भी रेलवे ने बंद कर दिया गया था। लालगढ़ एक्सप्रेस जोड़ेगा कालका को बठिंडा से रेल मंत्रालय ने कालका को बठिंडा सेे जोड़ने का भी फैसला किया है। इसका अंतिम सर्वे भी हो गया है। हालांकि इस ट्रेन को चलाने को लेकर अंतिम फैसला लिया जाना है। विभागीय जानकारों के अनुसार कालका से वाया बठिंडा होते हुए लालगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने के लिए रेलवे विभाग ने अंतिम रूप दे दिया है। पहले इस ट्रेन को 5:30 बजे लालगढ़ के लिए रवाना करने का समय निर्धारित किया गया था नए सर्वे के बाद अब इस ट्रेन का कालका से रवाना होने का समय सुबह 9:30 बजे तय किया गया है जबकि लालगढ़ से चलकर सुबह सवा सात बजे यह ट्रेन कालका पहुंचेगी। जानकारी के अनुसार रेलवे ने लालगढ़ एक्सप्रेस का टाइम टेबल तो बना लिया हैं लेकिन इसे चलाने की अधिकारिक घोषणा होनी अभी बाकी है। कटरा के लिए बस सर्विस भी शुरू ट्रेन के साथ साथ माता के भक्त तथा पंजाब और जम्मू साइड में जाने वाले लोग अब हरियाणा रोडवेज की बस सर्विस का भी लाभ उठा सकेंगे। रोडवेज विभाग ने पिछले लंबे समय से बंद पड़े कालका कटरा रूट को पिछले दिनों दोबारा शुरू कर दिया है। कालका बस अड्डे से रोजाना बाद दोपहर 4:40 बजे कटरा के लिए बस रवाना होगी।  

दिल्ली से मिनटों में पहुंचेंगे सोनीपत-पलवल, मेट्रो और नमो भारत विस्तार योजना को मिली रफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्ट का सबसे प्रमुख जरिया मेट्रो को माना जाता है. दिल्ली मेट्रो देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है. दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी मेट्रो रोजाना लाखों लोगों के सफर का साथी बनती है. दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में मेट्रो बिना किसी ट्रैफिक के झंझट के लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचाती है. सरकार लगातार मेट्रो के विस्तार पर काम कर रही है. एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में भविष्य में दिल्ली और हरियाणा को कनेक्ट करने वाले 6 प्रमुख कॉरिडोर को विकसित करने पर चर्चा हुई है. सरकार इन रूट्स पर नमो भारत के साथ-साथ मेट्रो को भी चलाने की तैयारी कर रही है।  इन रूट्स पर मेट्रो चलाने की तैयारी 1. सोनीपत-पानीपत  यह नमो भारत के दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर का हिस्सा है. यहां सरकार मेट्रो भी चलाने की तैयारी कर रही है.  सोनीपत को दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन (रिठाला-नरेला-सोनीपत कॉरिडोर) के जरिए भी मेट्रो से जोड़ने की योजना है।  2. गाजियाबाद-मेरठ यह देश का पहला ऐसा रूट है जहां मेट्रो और नमो भारत दोनों ट्रेनें एक साथ चलेंगी. मेरठ शहर के अंदरूनी हिस्सों के लिए स्थानीय मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है, जो RRTS के ही ट्रैक और स्टेशनों का इस्तेमाल करेगी।  3. फरीदाबाद-पलवल दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन जो अभी राजा नाहर सिंह (बल्लभगढ़) तक आती है, उसे आगे पलवल तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।  4. फरीदाबाद-गुरुग्राम इस रूट पर मुख्य रूप से हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) द्वारा एक स्वतंत्र मेट्रो लाइन बनाने का प्रस्ताव है. यह लगभग 52 से 60 किमी लंबा रूट पूरी तरह से मेट्रो कॉरिडोर होगा जो फरीदाबाद और गुरुग्राम के मौजूदा मेट्रो स्टेशनों को आपस में जोड़ेगा।  5. बहादुरगढ़-रोहतक फिलहाल दिल्ली मेट्रो की ग्रीन लाइन (ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेशन, बहादुरगढ़) को आगे आसौदा तक बढ़ाने के लिए फिजिकल सर्वे और DPR का काम चल रहा है. इसे भविष्य में रोहतक तक और रैपिड रेल से इंटरचेंज के जरिए कनेक्ट किया जाएगा।  6. गुरुग्राम-मानेसर-रेवाड़ी गुरुग्राम (सेक्टर-56) से लेकर मानेसर तक गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड द्वारा एक नई मेट्रो लाइन का निर्माण शुरू हो चुका है. इसके साथ ही, इस रूट पर दिल्ली-अलवर रैपिड रेल (RRTS) का काम भी चल रहा है।  हाल ही में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक हुई. इस बैठक में फैसला लिया गया कि एनसीआर की मौजूदा क्षेत्रीय सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. एनसीआर में संतुलित विकास को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये की लागत से चार नए ‘नमो' ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे. इनमें हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक-एक शहर स्थापित किया जाएगा। 

इंदौरवासियों के लिए बड़ी सौगात, मेट्रो का सफर अब शहीद पार्क तक पहुंचने के करीब

इंदौर मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर मेट्रो के व्यावसायिक संचालन को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने की ओर है। सुपर कॉरिडोर से शहीद पार्क (मालवीय नगर) स्टेशन तक मेट्रो के कमर्शियल रन की तारीख पर आज फैसला हो सकता है। माना जा रहा है कि, एसीएस और मेट्रो परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी संजय दुबे के इंदौर दौरे के दौरान होने वाली बैठक में शुभारंभ की तारीख को अंतिम रूप दिया जा सकता है। मेट्रो प्रबंधन और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। सुपर कॉरिडोर से मालवीय नगर स्टेशन तक के कॉरिडोर को पहले ही कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की हरी झंडी मिल चुकी है। इसके बाद उम्मीद थी कि, जून के मध्य में ही यात्रियों के लिए मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन तारीख को लेकर लगातार असमंजस बना रहा। 20 जून को कमर्शियल रन की संभावना सूत्रों के मुताबिक, पहले 18 जून को कमर्शियल रन का प्रस्ताव निर्धारित था। बाद में संभावित राजनीतिक और प्रशासनिक व्यस्तताओं को देखते हुए इसे आगे बढ़ाकर 20 जून करने पर विचार किया गया। अब एक बार फिर अंतिम तारीख को लेकर मंथन चल रहा है। हालांकि, मेट्रो अधिकारियों ने 20 जून को ध्यान में रखकर अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। शासन स्तर पर होगी तारीख की घोषणा अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन, सुरक्षा व्यवस्था, परिचालन स्टाफ और यात्री सुविधाओं से जुड़े सभी इंतजाम तय समय सीमा के अनुसार किए जा रहे हैं। जैसे ही शासन स्तर से तारीख की औपचारिक घोषणा होगी, उद्घाटन कार्यक्रम और संचालन संबंधी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। सुपर कॉरिडोर तक ही चल रहा संचालन अब आज होने वाली बैठक पर नजरें टिकी हैं। शहर की बहुप्रतीक्षित मेट्रो परियोजना का पहला चरण सुपर कॉरिडोर पर टीसीएस चौराहा तक चल रहा है। आगे चलने से विजय नगर और मालवीय नगर क्षेत्र के यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा। 12 घंटे मिलेगी इंदौर में मेट्रो ट्रेन की सुविधा इंदौर में मेट्रो ट्रेन का 17 किलोमीटर हिस्से में संचालन 20 जून से होने जा रहा है। शहरवासियों को भी मेट्रो के संचालन का इंतजार है। हर दिन मेट्रो में 50 हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। मेट्रो का संचालन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 12 घंटे के लिए होगा और दिनभर में 50 से ज्यादा फेरे लगाए जाएंगे। सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक के रूट के लिए अलग-अलग किराया रहेगा। न्यूनतम किराया 20 रुपये निर्धारित किया गया है। दूरी के अनुसार किराया भी बढ़ेगा। अधिकतम किराया 80 रुपये तक हो सकता है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक इतनी कीमत चुकानी होगी। पहले दो स्टेशनों तक 20 रुपये, जबकि अधिक दूरी के लिए 30, 40 रुपये और उससे अधिक का किराया होगा। 20 जून को केंद्रीय मंत्री मोहन लाल खट्टर और मुख्यमंत्री मोहन यादव मेट्रो के दूसरे चरण के संचालन का शुभारंभ करेंगे। यह होगा रूट अभी तक मेट्रो ट्रेन गांधी नगर डिपो से टीसीएस चौराहा तक जाती थी, लेकिन इस रूट पर काफी कम यात्री मिलते थे। अब मेट्रो गांधी नगर, एमआर-10 स्टेशन, चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा, बापट चौराहा, मेघदूत चौराहा, विजय नगर चौराहा और रेडिसन चौराहे के बीच चलेगी। यह दूरी 20 से 30 मिनट में तय होगी। मेट्रो ट्रेन के चलने से कॉलेज और आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि सुपर कॉरिडोर पर फिलहाल लोक परिवहन के ज्यादा विकल्प नहीं हैं। 80 की स्पीड से चलेगी मेट्रो ट्रेन 17 किलोमीटर लंबे रूट पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मेट्रो चलेगी। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक आने में मेट्रो को 30 मिनट का समय लगेगा। ट्रेन छह स्टेशनों पर रुकेगी। पहले चरण में मेट्रो ट्रेन का संचालन खजराना चौराहा तक होगा। उसके बाद मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड होगी। उसका काम भी अभी शुरू नहीं हो पाया है। साढ़े चार सौ यात्रियों की क्षमता 20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री सवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई हैं, जिन्हें यात्री पकड़कर सफर कर सकते हैं। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आंतरिक रूप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी। मेट्रो की खास बातें     मेट्रो की अधिकतम गति 80 किमी/घंटा होगी।     ट्रेनें छह स्टेशनों पर रुकेंगी।     सभी कोच अंदर और बाहर से CCTV कैमरों से लैस होंगे।     खड़े यात्रियों की सुविधा के लिए पोल पर चार-चार ग्रिप उपलब्ध होंगी।