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मालगाड़ी का डिब्बा मंदसौर में पटरी से उतरा, ट्रेनों में देरी, बड़ा हादसा टला

मंदसौर  मध्य प्रदेश के मंदसौर के दलौदा में गुरुवार देर शाम को एक मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया। जानकारी के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब दलौदा से मंदसौर तक शुरू होने वाले नए रेलवे ट्रैक पर निरीक्षण का काम चल रहा था। इस हादसे के बाद दोनों तरफ की कई ट्रेनें प्रभावित हुई है। एआरटी टीम भेजी गई हादसे की सूचना रेलवे के अधिकारियों को मिलते ही रतलाम से एआरटी (एक्सीडेंट रिलिफ टीम) की टीम को घटनास्थल के लिए भेज दिया गया। जिसके बाद एआरटी की टीम ने ट्रैक शुरू करने के प्रयास प्रारंभ किए। पूरी प्रक्रिया के दौरान लगभग तीन घंटे से अधिक तक रेलवे ट्रैक पूरी तरह बंद था। 8 मई को स्पीड ट्रायल होना है बड़ी बात यह कि मंदसौर से नीमच तक के रेलवे दोहरीकरण में महज दलौदा से मंदसौर तक का करीब 14 किलोमीटर का कार्य बचा हुआ था, जो पूरा हो चुका है। इस ट्रैक का सीआरएस निरीक्षण भी वर्तमान में चल रहा है, जिसके बाद ही इसे यात्री ट्रेनों के लिए खोला जाएगा। शुक्रवार 8 मई को इस नए ट्रैक पर स्पीड ट्रायल भी होना है, लेकिन उससे पहले हुआ यह हादसा रेल्वे की कार्यशैली पर प्रश्न लगा रहा है। ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी शुरुआती जानकारी की मानें तो दोनों ट्रैक पर ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी की झलक भी दिखाई दे रही है। घटना के प्राथमिक वीडियो में एक इंजन मौके पर खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में इंजन से डिब्बे को लगी टक्कर भी साफ दिखाई दे रही है। हादसा और भी बड़ा हो सकता था वीडियो देखकर साफ जाहिर हो रहा है कि ट्रैक चेंजिंग में गड़बड़ी हुई है, जिससे दोनों गाड़ियों को एक ही ट्रैक पर डाल दिया गया था। उसी दौरान पीछे से आ रहे इंजन से इस मालगाड़ी के डिब्बे को टक्कर लगी और वह डिरेल हो गया। यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था । इसी कारण रेलवे के अधिकारी कुछ भी साफ साफ कहने से बचते दिखाई दे रहे हैं। वे महज डिब्बे का पटरी से उतरने की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन हादसे का घटनाक्रम क्या रहा, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।

देशभर से 15 करोड़ श्रद्धालु सिंहस्थ में, 7800 ट्रेनों का विशेष इंतजाम

उज्जैन   सिंहस्थ में 15 करोड़ लोगों के आने के अनुमान को देखते हुए रेलवे ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। देशभर से उज्जैन और उसके आसपास के रेलवे स्टेशनों के लिए 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसी सिलसिले में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने उज्जैन समेत आसपास के 10 रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की अपडेट जानकारी ली। महाप्रबंधक, पश्चिम रेलवे रामाश्रय पाण्डेय रतलाम मंडल के उज्जैन प्रवास पर शहर आए। आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 से 8 तक का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सांसद अनिल फिरोजिया भी मौजूद रहे। महाप्रबंधक पाण्डेय ने कहा कि कुंभ के लिए देशभर से करीब 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी। इस बार 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। नवनिर्मित ट्रेन संचालन नियंत्रण केंद्र देखा निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने स्टेशन परिसर में उपलब्ध विभिन्न यात्री सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने रनिंग रूम, हेल्थ यूनिट, लिफ्ट एवं एस्केलेटर की कार्यशीलता की जांच की, साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया, पे एंड यूज़ टॉयलेट, बुकिंग कार्यालय एवं प्रतीक्षालय आदि का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त प्लेटफार्म क्रमांक 8 की ओर नवनिर्मित ट्रेन संचालन नियंत्रण केंद्र एवं प्रस्तावित क्राउड होल्डिंग एरिया का भी अवलोकन किया गया। 6 से अधिक स्टेशनों का निरीक्षण किया महाप्रबंधक पाण्डेय ने उज्जैन स्टेशन के अतिरिक्त सिंहस्थ के दृष्टिगत महत्वपूर्ण स्टेशनों पिंगलेश्वर, पंवासा, नई खेड़ी, चिंतामण गणेश, मोहनपुरा एवं विक्रम नगर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इन स्टेशनों पर प्रस्तावित एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों जैसे – हाई लेवल प्लेटफार्म, कवर शेड, फुट ओवर ब्रिज, क्राउड होल्डिंग एरिया, बाउंड्री वॉल एवं अप्रोच रोड आदि की समीक्षा की गई। सभी निर्माण कार्य 2027 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे वीआइपी कक्ष में मीडिया से चर्चा करते हुए महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान संभावित अत्यधिक यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी निर्माण कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। इस अवसर पर क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य महेंद्र गादिया एवं विजय अग्रवाल ने महाप्रबंधक का स्वागत किया। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) अक्षय कुमार सहित रतलाम मंडल के सभी शाखाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख बिन्दू -पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय का दौरा -उज्जैन सहित 10 स्टेशनों के कार्यों का निरीक्षण -प्लेटफार्म 1 से 8 तक का गहन निरीक्षण -रनिंग रूम, हेल्थ यूनिट, लिफ्ट एवं एस्केलेटर का निरीक्षण -सर्कुलेटिंग एरिया, पे एंड यूज़ टॉयलेट का निरीक्षण -बुकिंग कार्यालय एवं प्रतीक्षालय का निरीक्षण -निरीक्षण के दौरान सांसद फिरोजिया भी थे -15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान -देशभर से करीब 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी -सभी निर्माण 2027 तक पूरे हो जाएंगे

सुपर फास्ट! चीन ने 1000 की स्पीड वाली ट्रेन का सफल परीक्षण किया

बीजिंग  सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो चीन की 1000 किलोमीटर प्रति घंटे से चलने वाली ट्रेन का है. जी हां, चीन 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन पर काम कर रहा है और अब चीन ने इसका परीक्षण किया है. सोशल पर दावा किया जा रहा है चीन ने इस खास ट्रेन का एडवांस स्टेड परीक्षण किया है।  ये ट्रेन मैग्नेटिक लेविटेशन वाली वैक्यूम ट्यूब के अंदर 1000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है. इससे 200 किलोमीटर की दूर कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये ट्रेन कितनी खास है और चीन का ये खास प्रोजेक्ट कैसा है? सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है,  उसमें ट्रेन की वैक्यूम ट्यूब को दिखाया जा रहा है और इस ट्रेन के बारे में बताया जा रहा है कि ये कितनी तेज है. ये कई मायनों में एयरप्लेन से भी तेज साबित हो सकती है।  ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, ये अल्ट्रा हाई स्पीड लॉ वैक्यूम ट्यूब माग्लेव ट्रांसपोर्ट सिस्टम है. इस ट्रेन सिस्टम की हाई स्पीड 1000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. बताया जा रहा है कि जब ये ट्रेन चलेगी तो बीजिंग से शंघाई का सफर सिर्फ 90 मिनट में हो जाएगा, जो करीब 1200 किलोमीटर है।  4000 तक स्पीड ले जाने पर काम अगर भारत के शहरों से हिसाब से लगाया जाए तो दिल्ली से पटना तक की दूरी करीब 1 घंटे में पूरी हो सकती है. इस ट्रेन की खास बात ये है कि इतनी तेज चलने के बाद भी इस हाईस्पीड ट्रेन में पैसेंजर अपने स्मार्टफोन पर अल्ट्रा-हाई-डेफिनिशन वीडियो देख सकते हैं या ऑनलाइन गेम का आनंद ले सकते हैं. इतनी तेज स्पीड होने के बाद भी इसमें 5 जी इंटरनेट भी चलेगा. इसके साथ ही चीन का ये प्लान भी है कि इस ट्रेन की स्पीड को 4000 तक भी किया जाएगा।  ये ट्रेन ट्यूब के अंदर चलेगी. चीन की 1000 किमी/घंटा की रफ्तार वाली मैगलेव ट्रेन के 2027-2035 के बीच चालू होने की संभावना है. कुछ साल पहले चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CASIC) ने इस मैग्लेव ट्रेन का परीक्षण शांसी स्थित टेस्ट जोन में किया था।  यहां पर दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के अंदर वैक्यूम क्रिएट करके ट्रेन को चलाया गया था. अब चीन इस ट्रेन को बड़े शहरों के बीच चलाने की कोशिश कर रहा है. उत्तर चीन के शांसी प्रांत के डाटोंग शहर में इस ट्रेन के लिए सुपरकंडक्टिंग मैग्लेव टेस्ट लाइन बनाई गई है।  इससे पहले भी चीन हाई स्पीड ट्रेन के मामले में काफी तरक्की कर चुका है और 600 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड वाली बुलेट ट्रेन चला रहा है। 

चंडीगढ़ और धनबाद के बीच समर स्पेशल ट्रेन का नया शेड्यूल, 1431 किमी का सफर अब होगा और भी आसान

चंडीगढ़ गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अंबाला मंडल ने समर स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इससे बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार, चंडीगढ़ से पटना के बीच चलने वाली गाड़ी।  गाड़ी संख्या 04511 चंडीगढ़ से हर वीरवार रात 11:35 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 9:15 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 04512 पटना से हर शुक्रवार रात 11:15 बजे चलेगी और अगले दिन रात 9:40 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। यह ट्रेन अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, सिवान, छपरा और हाजीपुर होते हुए पटना जाएगी। इसका संचालन 10 जुलाई तक रहेगा। धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल भी जारी ट्रेन संख्या 03311 धनबाद से चंडीगढ़ के लिए 3 अप्रैल से 14 जुलाई तक हर मंगलवार और शुक्रवार को रात 11:50 बजे चलेगी और तीसरे दिन सुबह 4:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 03312 चंडीगढ़ से 5 अप्रैल से 16 जुलाई तक रविवार और गुरुवार को सुबह 6 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 9 बजे धनबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन करीब 1431 किलोमीटर की दूरी 28 घंटे 40 मिनट में तय करेगी। अंबाला-मऊ स्पेशल का शेड्यूल गाड़ी संख्या 05302 अंबाला से हर शुक्रवार रात 1:40 बजे चलेगी और अगले दिन रात 11 बजे मऊ पहुंचेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 05301 मऊ से हर वीरवार सुबह 4 बजे चलकर अगले दिन रात 12:30 बजे अंबाला पहुंचेगी। यह ट्रेन देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और कुरुक्षेत्र होते हुए चलेगी। इसका संचालन 17 जुलाई तक रहेगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फेरे बढ़ाए रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इन ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए हैं, जिससे सफर और भी आसान होगा।

अंबिकापुर सेक्शन में ट्रेन सेवा प्रभावित, 3 और 10 मई को पांच ट्रेनें रहेंगी निरस्त

बिलासपुर  बोरीडांड-अंबिकापुरी रेलखंड में अधोसंरचना विकास के चलते यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रोड ओवरब्रिज (आरओबी) के डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-कम-पावर ब्लाक लिया जा रहा है। इसके चलते तीन और 10 मई को इस रूट की पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को रद करने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में बोरीडांड–अंबिकापुर सेक्शन पर चल रहे दोहरीकरण कार्य के तहत महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किया जा रहा है। कटोरा–बैकुंठपुर रोड के बीच स्थित रोड ओवरब्रिज-172 और शिवप्रसाद नगर–कटोरा के बीच स्थित आरओबी-195 पर डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-सह-पावर ब्लाक लिया जाएगा। यह कार्य बोरीडांड–सूरजपुर रोड डबल लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रेल यातायात को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाना है। हालांकि इस दौरान परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व सूचना जारी कर दी है। ब्लाक के चलते तीन और 10 मई को इस रूट पर संचालित पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है। इनमें शहडोल–अंबिकापुर, अंबिकापुर–अनूपपुर, अनूपपुर–मनेन्द्रगढ़, मनेन्द्रगढ़–अंबिकापुर और अंबिकापुर–शहडोल के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर ही यात्रा करें। रद्द ट्रेनों की सूची (तीन व 10 मई को निरस्‍त) गाड़ी संख्या रूट 68749 शहडोल – अंबिकापुर 68758 अंबिकापुर – अनूपपुर 68759 अनूपपुर – मनेन्द्रगढ़ 68757 मनेन्द्रगढ़ – अंबिकापुर 68750 अंबिकापुर – शहडोल

बुरहानपुर में नई रेल लाइन का ट्रायल सफल, महाराष्ट्र से कनेक्टिविटी में होगी वृद्धि, 135 की गति से दौड़ी ट्रेन

बुरहानपुर  मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पश्चिम रेल्वे के अंतर्गत एक नए रेलवे रूट (New Rail Line) का ट्रायल किया गया है। दरअसल, महू-अकोला रेल्वे रूट (Mhow-Akola railway route) पर ब्रॉडगेज लाइन कन्वर्जन का लंबे समय से चल रहा है। इसी के अंतर्गत गुरुवार को बुरहानपुर जिले के अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ तक रेलवे रूट (Amulla Khurd-Tukaithed Railway Route) का सीआरएस द्वारा ट्रॉयल किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। इस ट्रॉयल में रेल (ट्रेन) 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई गई। इससे पहले खंडवा से तुकईथड़ गांव तक के रूट का कार्य पूरा हो चुका है। जानकारी के लिए बता दें कि,यह खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना का हिस्सा है। इसे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। कई दिनों से चल रही थी तैयारियां मिली जानकारी के अनुसार, इस ट्रॉयल की तैयारियां पिछले 8 दिनों से चल रही थी। इसके लिए तुकईथड़, रत्नापुर, अमूल्ला खुर्द रेल्वे स्टेशन को भव्य तरीके से सजाया गया था। इस ट्रॉयल से समस्त रेलवे अधिकारियों कर्मचारियों जिन ठेकेदारों ने इस रेल्वे ट्रैक को तैयार किया है सभी में एक खुशी की लहर देखने को मिली। इस ट्रॉयल में सीआरएस अधिकारी, डीआरएम नांदेड़, सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सबसे बड़ा सवाल- कब शुरू होगी ट्रेन सेवा रेलवे रूट का साफा ट्रायल होने के बावजूद अभी रेलवे अधिकारियों ने साफ़ नहीं किया है कि यहां ट्रेन सेवा किस तारीख से शुरू की जाएगी। बता दें कि, क्षेत्र के लोग पिछले 10 सालों से इसका इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या इस सफ़ल सीआरएस ट्रायल होने के बाद भी रेल्वे अधिकारी जल्दी इस रूट पर रेल गाड़ी चलाने के लिए हरि झंडी दिखाएंगे या सिर्फ इस सफ़ल ट्रायल लेने के बाद भी क्षेत्र वासियों को और इंतजार करवाएंगे। तारीख बता पाना मुश्किल- डीआरएम नांदेड़ डीआरएम नांदेड़ डिविजन संदीप पांडे ने पत्रिका के साथ बातचीत में बताया है कि आज अमुल्ला खुर्द से ग्राम तुकईथड़ रेल्वे रूट का सीआरएस ट्रायल सफल रहा। इसमें अभी भी कुछ कमियां मिली है जिन्हें पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पांडे ने कहा कि हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है इस रूट पर रेल गाड़ी कब तक चालू होगी। परियोजना एक नजर में अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना खंडवा-अकोला रेलवे ट्रैक के आधुनिकीकरण (Khandwa-Akola Broad Gauge Conversion Project) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के अंतर्गत आती है। इस परियोजना का उद्देश्य नैरो गेज को ब्रॉडगेज लाइन में परिवर्तन करना है। इसके अंतर्गत टोटल 206 रेलवे लाइन डलेगी। अभी 26 किमी अमूल्ला से खकनारकला तक का काम चल रहा है। इसकी लागत 250 करोड़ बताई जा रही है। संभावना है कि ये प्रोजेक्ट 2026-27 तक पूरा हो जाएगा। 

भारत गौरव यात्रा ट्रेन जालंधर से होकर जाएगी पुरी और अयोध्या, पठानकोट से होगी शुरुआत

चंडीगढ़  पंजाब से भारत दर्शन के लिए स्पेशन ट्रेन रवाना होगी। इसकी जानकारी जालंधर में रेलवे अधिकारी ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि ये ट्रेन पठानकोट से चलेगी और पुरी-अयोध्या होते हुए कई धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाएगी। नेगी ने बताया कि रेलवे का टूरिज्म विभाग इस बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए खान-पान और ठहरने से लेकर घुमाने तक की सुविधा रेलवे की तरफ से होगी। ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि तीर्थ यात्रा 23 मई 2026 को पठानकोट कैंट स्टेशन से रवाना होगी और 2 जून 2026 को वापसी के साथ संपन्न होगी। इसके लिए रेलवे ने अमृतसर, जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, पानीपत और हजरत निजामुद्दीन सहित कई बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट बनाए हैं। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बनाए गए बोर्डिंग पॉइंट रेलवे अधिकारी ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से आध्यात्मिक रूप से समृद्ध पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम यात्रा की घोषणा की है। 10 रातें और 11 दिनों के दौरान पुरी, कोलकाता, गया, वाराणसी और अयोध्या धाम जैसे देश के पवित्र स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इस यात्रा के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्टेशनों पर बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट बनाए गए हैं। चाय-नाश्ता, दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था IRCTC ने इस यात्रा को 2 श्रेणियों में बांटा है, जिसमें स्टैंडर्ड क्लास का किराया 28,270 और कम्फर्ट क्लास का किराया 32,440 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। इस पैकेज में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। 3AC कन्फर्म ट्रेन टिकट, चाय-नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन, ठहरने के लिए आरामदायक आवास और स्थानीय दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए बसों की सुविधा शामिल है। टूर के दौरान ट्रेन में मौजूद रहेगी मेडिकल टीम ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान टूर एस्कॉर्ट, हाउसकीपिंग, सुरक्षा और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भी मौजूद रहेगी। IRCTC ने जानकारी दी है कि इस लोकप्रिय पैकेज में अब केवल कुछ ही सीटें शेष बची हैं, ऐसे में इच्छुक यात्री आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 0172-4645795, 7888831633 पर संपर्क कर अपनी बुकिंग कर सकते हैं।

भोपाल से 24 ट्रेनों का डायवर्ट रूट, 30 अप्रैल तक यात्रियों को झेलनी होगी मुश्किलें

भोपाल  भोपाल रेलवे स्टेशन पर समर सीजन का असर साफ नजर आ रहा है। जहां प्लेटफार्म पर यात्रियों की गहमागहमी बनी रहती है वहीं सभी ट्रेनें खचाखच भरी आ रहीं हैं। समर सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है पर इसके बावजूद दिक्कत कम नहीं हुई। रेलवे के मेंटेनेंस ने यात्रियों को मिलने वाली राहत को घटा दिया है। एक बार फिर रेलवे मेंटेनेंस के चलते भोपाल से गुजरने वाली कई ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है। इससे यात्रियों की परेशानी खासी बढ़ गई है। भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों के मुताबिक, मेंटेनेंस के चलते भोपाल से गुजरने वाली 24 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार दानापुर मंडल एवं प्रयागराज स्टेशन पर होने वाले निर्माण कार्य के चलते इन ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों पर डायवर्ट किया गया है। प्रयागराज रूट पर जाने वाली ट्रेनें खासी प्रभावित हुई हैं। ऑनलाइन चेकिंग करने के बाद ही अपने रेल यात्रा शुरू करें रेलवे की ओर से बताया गया है कि ये ट्रेन 30 अप्रेल तक डायवर्ट रहेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा ये सुझाव भी दिया गया है कि वे ऑनलाइन चेकिंग करने के बाद ही अपने रेल यात्रा शुरू करें। प्रयागराज रूट पर जाने वाली ये ट्रेनें हुईं प्रभावित, रेलवे ने रूट किया डायवर्ट 15560 अहमदाबाद- दरभंगा एक्सप्रेस 15559 दरभंगा- अहमदाबाद एक्सप्रेस 15018 गोरखपुर- लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 15017 लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस 15267 रक्सौल- लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 15268 लोकमान्य तिलक-रक्सौल एक्सप्रेस 11033 पुणे-दरभंगा एक्सप्रेस 11034 दरभंगा-पुणे एक्सप्रेस 01025 दादर- बलिया स्पेशल 01027 दादर- गोरखपुर स्पेशल 01026 बलिया- दादर स्पेशल 01028 गोरखपुर- दादर स्पेशल 22131 पुणे-बनारस एक्सप्रेस 22132 बनारस-पुणे एक्सप्रेस 11060 छपरा- लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 18609 रांची-एलटी एक्सप्रेस 18610 एलटी-रांची एक्सप्रेस। रेलवे ने स्थायी समाधान निकालने के तहत प्लेटफार्म नंबर 6 के साइड रेन बसेरा के पास स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारी की इधर भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर करीब 3000 यात्रियों के बैठने की क्षमता वाला पक्का होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। यह करीब 10 हजार वर्गमीटर का होगा। खासतौर पर सिंहस्थ 2028 को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है। अभी किसी आयोजन, त्योहार आदि पर यात्रियों की संख्या बढ़ने पर प्लेटफॉर्म के बाहर टेंट लगाकर उनके बैठने के इंतजाम किए जाते हैं। रेलवे ने इसका स्थायी समाधान निकालने के तहत प्लेटफार्म नंबर 6 के साइड रेन बसेरा के पास स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारी की है।

मई में 7 दिन नहीं चलेगी भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस, रेलवे ने बताया नया शेड्यूल

 भोपाल  भोपाल से जोधपुर की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल के अंतर्गत कनकपुरा स्टेशन पर यार्ड में नान-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते मई महीने में भोपाल-जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस के कुछ फेरे निरस्त रहेंगे। गाड़ी संख्या 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस 3, 4, 5, 8, 12, 13 और 14 मई 2026 को रद्द रहेगी। वहीं गाड़ी संख्या 14813 जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस 2, 3, 4, 7, 11, 12 और 13 मई को निरस्त रहेगी। रेल प्रशासन ने बताया कि यह कार्य ट्रेनों की सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए किया जा रहा है। यात्रियों से अपील है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें और वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर ही सफर करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। रेलवे ने उठाया बड़ा कदम बता दें कि तीन दिन पहले ही प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में रेलवे ने बड़ा कदम उठाया। रेलवे बोर्ड ने राज्य में 11 नए रेल मार्गों की संभावना तलाशने का निर्णय लिया। इनमें से एक मार्ग (भोपाल-सागर-छतरपुर-दमोह-खजुराहो) पर आरंभिक सर्वे कार्य शुरू किया जाएगा, जबकि शेष 10 प्रस्तावित मार्गों पर टोही (रि-कानिसेंस) एवं यातायात सर्वे कराया जाएगा। टोही सर्वे की प्रस्तावित योजनाओं में जबलपुर-डिंडौरी-पेंड्रा रोड एवं झांसी-शिवपुरी-श्योपुर-सवाई माधोपुर शामिल है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर होगा निर्णय रेलवे की इस पहल को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित योजनाएं साकार होती हैं, तो आने वाले समय में राज्य की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जिन 10 मार्गों पर सर्वे किया जाना है, वहां पहले चरण में टोही सर्वे के माध्यम से भौगोलिक स्थिति, संभावित रूट, लागत और तकनीकी चुनौतियों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद यातायात सर्वे के जरिए यह देखा जाएगा कि प्रस्तावित मार्गों पर यात्री और माल परिवहन की कितनी संभावना है। सर्वे रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर ही आगे नई रेल लाइन बिछाने का निर्णय लिया जाएगा।  

MP और राजस्थान के बीच नई रेल लाइन: मुगलिया हाट, दुराहा और श्यामपुर जैसे स्टेशनों पर पहली बार चलेगी ट्रेन

भोपाल  मध्यप्रदेश के रेल यात्रियों को 2026 के अंत तक एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भोपाल-रामगंज मंडी नई रेल लाइन परियोजना तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रही है, जिसके पूरा होने पर प्रदेश के कई हिल और दूरदराज इलाकों में पहली बार ट्रेन पहुंचेगी और राजस्थान से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।हाल ही में कोटा मंडल के अंतर्गत खिलचीपुर-राजगढ़ सिटी (17.8 किमी) रेलखंड पर रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया। यह ट्रायल इस रूट पर जल्द यात्री सेवा शुरू होने का संकेत माना जा रहा है। कितना काम हुआ, कितना बाकी करीब 276 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना में अब तक 187 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें शेष 89 किलोमीटर का कार्य मार्च 2026 तक वित्तीय वर्ष 2026-27 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे कई स्टेशन इस परियोजना के तहत मध्यप्रदेश के राजगढ़ और सीहोर जिले के कई स्टेशन पहली बार रेल नक्शे पर आएंगे। इनमें पिपलहेड़ा, सोनकच्छ, नरसिंहगढ़, जमुनियागंज, कुरावर, श्यामपुर, दुराहा, झारखेड़ा, मुगलियाहाट, आदि शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लोग अब तक सड़क मार्ग पर निर्भर थे, लेकिन रेल सेवा शुरू होने के बाद भोपाल और राजस्थान के शहरों तक पहुंच आसान हो जाएगी। दूरी 100 किमी घटेगी, समय में 2-3 घंटे की बचत नई रेल लाइन शुरू होने के बाद भोपाल-कोटा के बीच करीब 100 किलोमीटर दूरी कम होगी और यात्रियों का 2 से 3 घंटे समय बचेगा। राजगढ़ और सीहोर के कई इलाके पहाड़ी और ग्रामीण हैं, जहां रेल सुविधा नहीं थी। नई लाइन इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगी, जिससे रोजगार, व्यापार और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे कई स्टेशन यह रहेगा संभावित किराया स्लीपर कैटेगिरी का     मुगलिया हाट 100–120 रुपए     झारखेड़ा 120–140 रुपए     दुराहा 130–150 रुपए     श्यामपुर 150–170 रुपए     जमुनियागंज 190–210 रुपए     कुरावर 170–190 रुपए     नरसिंहगढ़ 210–240 रुपए     सोनकच्छ 240–270 रुपए     पिपलहेड़ा 280–320 रुपए     ब्यावरा 320–360 रुपए