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माता वैष्णो देवी यात्रा होगी आसान, 16 जून से दोबारा पटरी पर लौटेगी वंदे भारत एक्सप्रेस

अमृतसर अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस 16 जून से दोबारा शुरू होने जा रही है। करीब सात महीने के अंतराल के बाद ट्रेन सेवा बहाल होने से श्रद्धालुओं और यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। गुरदासपुर और बटाला से होकर जाएगी रेलवे प्रशासन ने ट्रेन का नया रूट और समय-सारिणी भी जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत ट्रेन अब गुरदासपुर और बटाला होकर संचालित होगी। इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को भी सीधे वंदे भारत सेवा का लाभ मिलेगा। रेलवे ने ट्रेन का साप्ताहिक अवकाश दिवस भी बदल दिया है। अब यह ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी और सप्ताह में छह दिन संचालित होगी।  पांच घंटे 35 मिनट में पहुंचाएगी कटरा रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 26405 अमृतसर से शाम 4:25 बजे रवाना होगी और रात 10 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 26406 कटरा से सुबह 6:40 बजे प्रस्थान कर दोपहर करीब 12:20 बजे अमृतसर पहुंचेगी। यात्रा का समय लगभग पांच घंटे 35 मिनट रहेगा।  नए रूट पर ट्रेन के प्रमुख ठहराव बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मू तवी स्टेशन होंगे। इससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार सेवा बहाल होने से माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। वंदे भारत एक्सप्रेस के दोबारा संचालन से अमृतसर, गुरदासपुर, बटाला और पठानकोट क्षेत्र के यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। आगामी यात्रा सीजन और धार्मिक पर्यटन को भी इससे बढ़ावा मिलेगा।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें: अमृतसर से मुंबई तक नई स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने बढ़ाई अतिरिक्त सुविधाएं

अमृतसर गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्रियों की संख्या और लंबी वेटिंग सूची को देखते हुए रेलवे ने अमृतसर से मुंबई के बीच नई समर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पंजाब में रह रहे बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए अमृतसर-कटिहार स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ाने के साथ अतिरिक्त फेरे भी जोड़े गए हैं।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार अमृतसर और मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) के बीच विशेष ट्रेन चलाए जाने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह ट्रेन जालंधर सिटी, फगवाड़ा, धंडारी कलां (लुधियाना), अंबाला कैंट, पानीपत, नई दिल्ली (सफदरजंग), मथुरा, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत और बोरीवली होते हुए बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस समर स्पेशल का शेड्यूल ट्रेन संख्या 04694/04693 अमृतसर-बांद्रा :  टर्मिनस-अमृतसर स्पेशल अमृतसर से 12, 19 और 26 जून तथा 3 और 10 जुलाई को प्रत्येक शुक्रवार रात 8:10 बजे रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से 14, 21 और 28 जून तथा 5 और 12 जुलाई को प्रत्येक रविवार सुबह 8 बजे चलेगी। इसी तरह कटिहार स्पेशल ट्रेन के भी फेरे बढ़ा दिये गए है। रेलवे ने अमृतसर और कटिहार के बीच चल रही विशेष ट्रेन के संचालन को जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया है। ट्रेन संख्या 05736/05735 कटिहार-अमृतसर-कटिहार स्पेशल अब विस्तारित अवधि के तहत अतिरिक्त फेरों के साथ संचालित होगी। कटिहार से अमृतसर के लिए यह ट्रेन 22 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार को तीन अतिरिक्त फेरे लगाएगी। वहीं अमृतसर से कटिहार के लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को तीन अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियोंका कहना है कि इन विशेष ट्रेनों के संचालन से पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी तथा गर्मी के मौसम में बढ़ी हुई यात्रा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

निजामुद्दीन-मुंबई राजधानी पर हमला, ट्रेन के AC कोच पर फेंके पत्थर; यात्रियों में दहशत

फरीदाबाद/पलवल  निजामुद्दीन से मुंबई जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर पलवल के पास शरारतीतत्व द्वारा पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में ट्रेन के एसी कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। गनीमत रही कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस घटना से कोच में अफरा-तफरी मच गई और यात्री दहशत में आ गए। आगरा पहुंचने पर ट्रेन काे अटेंड किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आयी। कब और कैसे किया किया हमला     निजामुद्दीन से मुंबई जाने वाली 22222 राजधानी एक्सप्रेस शनिवार दोपहर बाद 4 बजकर 55 मिनट पर निजामुद्दीन से रवाना हुई।     शाम करीब 5 बजकर 26 मिनट पर पलवल रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गुजर रही थी।     तभी अचानक एसी कोच ए-5 पर तेज आवाज के साथ पत्थर आकर लगा।     पत्थर लगने से खिड़की का शीशा टूट गया और उसके टुकड़े कोच के अंदर जा गिरे। उस समय कई यात्री अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। अचानक हुए हमले से मचा हड़कंप अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में हड़कंप मच गया। सीट नंबर 39 पर बैठे यात्री संदीप कुमार ने इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। आगरा पहुंचने पर उक्त ट्रेन को अटेंड किया गया। विडाें में लगा शीशा आधा टूटकर कहीं रास्ते में ही गिर गया। कुछ समय के लिए यात्रियों को लगा जैसे कोई बड़ा हादसा हो गया हो। गनीमत रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आयी। मई माह में ये तीसरी घटना मई महीने में इस तरह की ये तीसरी घटना हुई है। एक मई को निजामुद्दीन से ग्वालियर जा रही ताज एक्सप्रेस में होडल के पास लोहे का पाइप फेंका गया जिसमें दो तीन यात्री घायल हो गए थे। इस मामले में जीआरपी ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बाद 19 मई की शाम 22182 निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस निजामुद्दीन में फरीदाबाद पलवल के बीच में पत्थरबाजी हुई। पत्थर एसी कोच बी-4 में लगा जिससे विंडो टूट गया। जबलपुर निवासी रविकांत नामक यात्री बाल बाल बच गए। ठीक चार दिन बाद शरारती तत्व ने 23 मई की शाम मुंबई राजधानी को शिकार बना दिया। टूटे विंडो की तलाश में आरपीएफ आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि पैसेंजर जिस वक्त पांच बजकर 26 मिनट की घटना बता रहा है उस समय ट्रेन पलवल स्टेशन को पार कर जाती है। स्टेशन पर लगे कैमरे से जांच की गई लेकिन कहीं कोई ऐसी घटना सामने नहीं आयी। क्योंकि यहां से ट्रेन करीब 120 किमी की रफ्तार से पास होती है। महज 900 मीटर दूर ट्रेन एनसीआर में प्रवेश कर जाती है। फिर भी पलवल की आरपीएफ टीम पूरे सेक्शन में पेट्रोलिंग करके टूट ग्लॉस की तलाश कर रही है ताकि घटनास्थल की सही जानकारी मिल सके।

छुट्टियों का सीजन शुरू, ट्रेनों में लंबी वेटिंग ने बढ़ाई यात्रियों की टेंशन

अमृतसर गर्मी की छुट्टियों के चलते अमृतसर से बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और जम्मू जाने वाली अधिकतर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कई ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोचों की वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच चुकी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्कूलों की छुट्टियां, विवाह समारोह और प्रवासी यात्रियों की बढ़ती आवाजाही के कारण ट्रेनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।  जानकारी के मुताबिक बिहार रूट पर ट्रेन संख्या 15212 अमृतसर-दरभंगा जननायक एक्सप्रेस, 14618 अमृतसर-बनमनखी जनसेवा एक्सप्रेस और 04610 अमृतसर-बरौनी समर स्पेशल में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। कई ट्रेनों के स्लीपर कोचों में वेटिंग 120 से 180 तक पहुंच गई है, जबकि एसी थ्री टियर में भी लंबी प्रतीक्षा सूची बनी हुई है।  इसी तरह उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में 15098 अमृतसर-गोरखपुर एक्सप्रेस, 12204 अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस और 22424 अमृतसर-गोरखपुर एक्सप्रेस में सीटों की भारी मांग बनी हुई है। यात्रियों को तत्काल टिकट में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल रूट पर 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल और 04624 अमृतसर-कोलकाता समर स्पेशल में लंबी वेटिंग चल रही है। महाराष्ट्र रूट पर 11058 अमृतसर-मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज एक्सप्रेस और 12138 अमृतसर-मुंबई पंजाब मेल में भी वेटिंग 120 के पार ही। जम्मू रूट पर 12425 अमृतसर-जम्मू तवी एक्सप्रेस और 14611 अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में अब जो भी यात्री टिकट बुक करवा रहे हैं उनको केवल वेटिंग ही मिल रही है। 

मालगाड़ी का डिब्बा मंदसौर में पटरी से उतरा, ट्रेनों में देरी, बड़ा हादसा टला

मंदसौर  मध्य प्रदेश के मंदसौर के दलौदा में गुरुवार देर शाम को एक मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया। जानकारी के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब दलौदा से मंदसौर तक शुरू होने वाले नए रेलवे ट्रैक पर निरीक्षण का काम चल रहा था। इस हादसे के बाद दोनों तरफ की कई ट्रेनें प्रभावित हुई है। एआरटी टीम भेजी गई हादसे की सूचना रेलवे के अधिकारियों को मिलते ही रतलाम से एआरटी (एक्सीडेंट रिलिफ टीम) की टीम को घटनास्थल के लिए भेज दिया गया। जिसके बाद एआरटी की टीम ने ट्रैक शुरू करने के प्रयास प्रारंभ किए। पूरी प्रक्रिया के दौरान लगभग तीन घंटे से अधिक तक रेलवे ट्रैक पूरी तरह बंद था। 8 मई को स्पीड ट्रायल होना है बड़ी बात यह कि मंदसौर से नीमच तक के रेलवे दोहरीकरण में महज दलौदा से मंदसौर तक का करीब 14 किलोमीटर का कार्य बचा हुआ था, जो पूरा हो चुका है। इस ट्रैक का सीआरएस निरीक्षण भी वर्तमान में चल रहा है, जिसके बाद ही इसे यात्री ट्रेनों के लिए खोला जाएगा। शुक्रवार 8 मई को इस नए ट्रैक पर स्पीड ट्रायल भी होना है, लेकिन उससे पहले हुआ यह हादसा रेल्वे की कार्यशैली पर प्रश्न लगा रहा है। ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी शुरुआती जानकारी की मानें तो दोनों ट्रैक पर ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी की झलक भी दिखाई दे रही है। घटना के प्राथमिक वीडियो में एक इंजन मौके पर खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में इंजन से डिब्बे को लगी टक्कर भी साफ दिखाई दे रही है। हादसा और भी बड़ा हो सकता था वीडियो देखकर साफ जाहिर हो रहा है कि ट्रैक चेंजिंग में गड़बड़ी हुई है, जिससे दोनों गाड़ियों को एक ही ट्रैक पर डाल दिया गया था। उसी दौरान पीछे से आ रहे इंजन से इस मालगाड़ी के डिब्बे को टक्कर लगी और वह डिरेल हो गया। यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था । इसी कारण रेलवे के अधिकारी कुछ भी साफ साफ कहने से बचते दिखाई दे रहे हैं। वे महज डिब्बे का पटरी से उतरने की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन हादसे का घटनाक्रम क्या रहा, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।

देशभर से 15 करोड़ श्रद्धालु सिंहस्थ में, 7800 ट्रेनों का विशेष इंतजाम

उज्जैन   सिंहस्थ में 15 करोड़ लोगों के आने के अनुमान को देखते हुए रेलवे ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। देशभर से उज्जैन और उसके आसपास के रेलवे स्टेशनों के लिए 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसी सिलसिले में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने उज्जैन समेत आसपास के 10 रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की अपडेट जानकारी ली। महाप्रबंधक, पश्चिम रेलवे रामाश्रय पाण्डेय रतलाम मंडल के उज्जैन प्रवास पर शहर आए। आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 से 8 तक का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सांसद अनिल फिरोजिया भी मौजूद रहे। महाप्रबंधक पाण्डेय ने कहा कि कुंभ के लिए देशभर से करीब 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी। इस बार 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। नवनिर्मित ट्रेन संचालन नियंत्रण केंद्र देखा निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने स्टेशन परिसर में उपलब्ध विभिन्न यात्री सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने रनिंग रूम, हेल्थ यूनिट, लिफ्ट एवं एस्केलेटर की कार्यशीलता की जांच की, साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया, पे एंड यूज़ टॉयलेट, बुकिंग कार्यालय एवं प्रतीक्षालय आदि का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त प्लेटफार्म क्रमांक 8 की ओर नवनिर्मित ट्रेन संचालन नियंत्रण केंद्र एवं प्रस्तावित क्राउड होल्डिंग एरिया का भी अवलोकन किया गया। 6 से अधिक स्टेशनों का निरीक्षण किया महाप्रबंधक पाण्डेय ने उज्जैन स्टेशन के अतिरिक्त सिंहस्थ के दृष्टिगत महत्वपूर्ण स्टेशनों पिंगलेश्वर, पंवासा, नई खेड़ी, चिंतामण गणेश, मोहनपुरा एवं विक्रम नगर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इन स्टेशनों पर प्रस्तावित एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों जैसे – हाई लेवल प्लेटफार्म, कवर शेड, फुट ओवर ब्रिज, क्राउड होल्डिंग एरिया, बाउंड्री वॉल एवं अप्रोच रोड आदि की समीक्षा की गई। सभी निर्माण कार्य 2027 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे वीआइपी कक्ष में मीडिया से चर्चा करते हुए महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान संभावित अत्यधिक यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी निर्माण कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। इस अवसर पर क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य महेंद्र गादिया एवं विजय अग्रवाल ने महाप्रबंधक का स्वागत किया। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) अक्षय कुमार सहित रतलाम मंडल के सभी शाखाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख बिन्दू -पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय का दौरा -उज्जैन सहित 10 स्टेशनों के कार्यों का निरीक्षण -प्लेटफार्म 1 से 8 तक का गहन निरीक्षण -रनिंग रूम, हेल्थ यूनिट, लिफ्ट एवं एस्केलेटर का निरीक्षण -सर्कुलेटिंग एरिया, पे एंड यूज़ टॉयलेट का निरीक्षण -बुकिंग कार्यालय एवं प्रतीक्षालय का निरीक्षण -निरीक्षण के दौरान सांसद फिरोजिया भी थे -15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान -देशभर से करीब 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी -सभी निर्माण 2027 तक पूरे हो जाएंगे

सुपर फास्ट! चीन ने 1000 की स्पीड वाली ट्रेन का सफल परीक्षण किया

बीजिंग  सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो चीन की 1000 किलोमीटर प्रति घंटे से चलने वाली ट्रेन का है. जी हां, चीन 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन पर काम कर रहा है और अब चीन ने इसका परीक्षण किया है. सोशल पर दावा किया जा रहा है चीन ने इस खास ट्रेन का एडवांस स्टेड परीक्षण किया है।  ये ट्रेन मैग्नेटिक लेविटेशन वाली वैक्यूम ट्यूब के अंदर 1000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है. इससे 200 किलोमीटर की दूर कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये ट्रेन कितनी खास है और चीन का ये खास प्रोजेक्ट कैसा है? सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है,  उसमें ट्रेन की वैक्यूम ट्यूब को दिखाया जा रहा है और इस ट्रेन के बारे में बताया जा रहा है कि ये कितनी तेज है. ये कई मायनों में एयरप्लेन से भी तेज साबित हो सकती है।  ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, ये अल्ट्रा हाई स्पीड लॉ वैक्यूम ट्यूब माग्लेव ट्रांसपोर्ट सिस्टम है. इस ट्रेन सिस्टम की हाई स्पीड 1000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. बताया जा रहा है कि जब ये ट्रेन चलेगी तो बीजिंग से शंघाई का सफर सिर्फ 90 मिनट में हो जाएगा, जो करीब 1200 किलोमीटर है।  4000 तक स्पीड ले जाने पर काम अगर भारत के शहरों से हिसाब से लगाया जाए तो दिल्ली से पटना तक की दूरी करीब 1 घंटे में पूरी हो सकती है. इस ट्रेन की खास बात ये है कि इतनी तेज चलने के बाद भी इस हाईस्पीड ट्रेन में पैसेंजर अपने स्मार्टफोन पर अल्ट्रा-हाई-डेफिनिशन वीडियो देख सकते हैं या ऑनलाइन गेम का आनंद ले सकते हैं. इतनी तेज स्पीड होने के बाद भी इसमें 5 जी इंटरनेट भी चलेगा. इसके साथ ही चीन का ये प्लान भी है कि इस ट्रेन की स्पीड को 4000 तक भी किया जाएगा।  ये ट्रेन ट्यूब के अंदर चलेगी. चीन की 1000 किमी/घंटा की रफ्तार वाली मैगलेव ट्रेन के 2027-2035 के बीच चालू होने की संभावना है. कुछ साल पहले चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CASIC) ने इस मैग्लेव ट्रेन का परीक्षण शांसी स्थित टेस्ट जोन में किया था।  यहां पर दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के अंदर वैक्यूम क्रिएट करके ट्रेन को चलाया गया था. अब चीन इस ट्रेन को बड़े शहरों के बीच चलाने की कोशिश कर रहा है. उत्तर चीन के शांसी प्रांत के डाटोंग शहर में इस ट्रेन के लिए सुपरकंडक्टिंग मैग्लेव टेस्ट लाइन बनाई गई है।  इससे पहले भी चीन हाई स्पीड ट्रेन के मामले में काफी तरक्की कर चुका है और 600 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड वाली बुलेट ट्रेन चला रहा है। 

चंडीगढ़ और धनबाद के बीच समर स्पेशल ट्रेन का नया शेड्यूल, 1431 किमी का सफर अब होगा और भी आसान

चंडीगढ़ गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अंबाला मंडल ने समर स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इससे बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार, चंडीगढ़ से पटना के बीच चलने वाली गाड़ी।  गाड़ी संख्या 04511 चंडीगढ़ से हर वीरवार रात 11:35 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 9:15 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 04512 पटना से हर शुक्रवार रात 11:15 बजे चलेगी और अगले दिन रात 9:40 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। यह ट्रेन अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, सिवान, छपरा और हाजीपुर होते हुए पटना जाएगी। इसका संचालन 10 जुलाई तक रहेगा। धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल भी जारी ट्रेन संख्या 03311 धनबाद से चंडीगढ़ के लिए 3 अप्रैल से 14 जुलाई तक हर मंगलवार और शुक्रवार को रात 11:50 बजे चलेगी और तीसरे दिन सुबह 4:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 03312 चंडीगढ़ से 5 अप्रैल से 16 जुलाई तक रविवार और गुरुवार को सुबह 6 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 9 बजे धनबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन करीब 1431 किलोमीटर की दूरी 28 घंटे 40 मिनट में तय करेगी। अंबाला-मऊ स्पेशल का शेड्यूल गाड़ी संख्या 05302 अंबाला से हर शुक्रवार रात 1:40 बजे चलेगी और अगले दिन रात 11 बजे मऊ पहुंचेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 05301 मऊ से हर वीरवार सुबह 4 बजे चलकर अगले दिन रात 12:30 बजे अंबाला पहुंचेगी। यह ट्रेन देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और कुरुक्षेत्र होते हुए चलेगी। इसका संचालन 17 जुलाई तक रहेगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फेरे बढ़ाए रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इन ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए हैं, जिससे सफर और भी आसान होगा।

अंबिकापुर सेक्शन में ट्रेन सेवा प्रभावित, 3 और 10 मई को पांच ट्रेनें रहेंगी निरस्त

बिलासपुर  बोरीडांड-अंबिकापुरी रेलखंड में अधोसंरचना विकास के चलते यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रोड ओवरब्रिज (आरओबी) के डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-कम-पावर ब्लाक लिया जा रहा है। इसके चलते तीन और 10 मई को इस रूट की पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को रद करने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में बोरीडांड–अंबिकापुर सेक्शन पर चल रहे दोहरीकरण कार्य के तहत महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किया जा रहा है। कटोरा–बैकुंठपुर रोड के बीच स्थित रोड ओवरब्रिज-172 और शिवप्रसाद नगर–कटोरा के बीच स्थित आरओबी-195 पर डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-सह-पावर ब्लाक लिया जाएगा। यह कार्य बोरीडांड–सूरजपुर रोड डबल लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रेल यातायात को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाना है। हालांकि इस दौरान परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व सूचना जारी कर दी है। ब्लाक के चलते तीन और 10 मई को इस रूट पर संचालित पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है। इनमें शहडोल–अंबिकापुर, अंबिकापुर–अनूपपुर, अनूपपुर–मनेन्द्रगढ़, मनेन्द्रगढ़–अंबिकापुर और अंबिकापुर–शहडोल के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर ही यात्रा करें। रद्द ट्रेनों की सूची (तीन व 10 मई को निरस्‍त) गाड़ी संख्या रूट 68749 शहडोल – अंबिकापुर 68758 अंबिकापुर – अनूपपुर 68759 अनूपपुर – मनेन्द्रगढ़ 68757 मनेन्द्रगढ़ – अंबिकापुर 68750 अंबिकापुर – शहडोल

बुरहानपुर में नई रेल लाइन का ट्रायल सफल, महाराष्ट्र से कनेक्टिविटी में होगी वृद्धि, 135 की गति से दौड़ी ट्रेन

बुरहानपुर  मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पश्चिम रेल्वे के अंतर्गत एक नए रेलवे रूट (New Rail Line) का ट्रायल किया गया है। दरअसल, महू-अकोला रेल्वे रूट (Mhow-Akola railway route) पर ब्रॉडगेज लाइन कन्वर्जन का लंबे समय से चल रहा है। इसी के अंतर्गत गुरुवार को बुरहानपुर जिले के अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ तक रेलवे रूट (Amulla Khurd-Tukaithed Railway Route) का सीआरएस द्वारा ट्रॉयल किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। इस ट्रॉयल में रेल (ट्रेन) 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई गई। इससे पहले खंडवा से तुकईथड़ गांव तक के रूट का कार्य पूरा हो चुका है। जानकारी के लिए बता दें कि,यह खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना का हिस्सा है। इसे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। कई दिनों से चल रही थी तैयारियां मिली जानकारी के अनुसार, इस ट्रॉयल की तैयारियां पिछले 8 दिनों से चल रही थी। इसके लिए तुकईथड़, रत्नापुर, अमूल्ला खुर्द रेल्वे स्टेशन को भव्य तरीके से सजाया गया था। इस ट्रॉयल से समस्त रेलवे अधिकारियों कर्मचारियों जिन ठेकेदारों ने इस रेल्वे ट्रैक को तैयार किया है सभी में एक खुशी की लहर देखने को मिली। इस ट्रॉयल में सीआरएस अधिकारी, डीआरएम नांदेड़, सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सबसे बड़ा सवाल- कब शुरू होगी ट्रेन सेवा रेलवे रूट का साफा ट्रायल होने के बावजूद अभी रेलवे अधिकारियों ने साफ़ नहीं किया है कि यहां ट्रेन सेवा किस तारीख से शुरू की जाएगी। बता दें कि, क्षेत्र के लोग पिछले 10 सालों से इसका इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या इस सफ़ल सीआरएस ट्रायल होने के बाद भी रेल्वे अधिकारी जल्दी इस रूट पर रेल गाड़ी चलाने के लिए हरि झंडी दिखाएंगे या सिर्फ इस सफ़ल ट्रायल लेने के बाद भी क्षेत्र वासियों को और इंतजार करवाएंगे। तारीख बता पाना मुश्किल- डीआरएम नांदेड़ डीआरएम नांदेड़ डिविजन संदीप पांडे ने पत्रिका के साथ बातचीत में बताया है कि आज अमुल्ला खुर्द से ग्राम तुकईथड़ रेल्वे रूट का सीआरएस ट्रायल सफल रहा। इसमें अभी भी कुछ कमियां मिली है जिन्हें पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पांडे ने कहा कि हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है इस रूट पर रेल गाड़ी कब तक चालू होगी। परियोजना एक नजर में अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना खंडवा-अकोला रेलवे ट्रैक के आधुनिकीकरण (Khandwa-Akola Broad Gauge Conversion Project) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के अंतर्गत आती है। इस परियोजना का उद्देश्य नैरो गेज को ब्रॉडगेज लाइन में परिवर्तन करना है। इसके अंतर्गत टोटल 206 रेलवे लाइन डलेगी। अभी 26 किमी अमूल्ला से खकनारकला तक का काम चल रहा है। इसकी लागत 250 करोड़ बताई जा रही है। संभावना है कि ये प्रोजेक्ट 2026-27 तक पूरा हो जाएगा।