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परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए पटना-गया समेत कई रूटों पर परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू

गयाजी  पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पूर्व मध्य रेल ने 16 और 17 जून को कई परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की है। इन विशेष ट्रेनों का उद्देश्य अभ्यर्थियों को समय पर और सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाना है। गया जंक्शन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जिससे मगध क्षेत्र के परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। सुबह 7:15 बजे पटना से चलकर गया पहुंचेगी रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 17 जून को पटना-गया परीक्षा स्पेशल सुबह 7:15 बजे पटना से चलकर गया पहुंचेगी। वहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों की वापसी के लिए गया-किऊल स्पेशल शाम 5:30 बजे गया से खुलेगी, जो नवादा और शेखपुरा होते हुए किऊल तक जाएगी। इसके अलावा किऊल से गया के लिए भी दोपहर 12:30 बजे विशेष ट्रेन का संचालन होगा। यह ट्रेन शेखपुरा और नवादा के रास्ते गया पहुंचेगी। इससे नवादा, शेखपुरा और किऊल क्षेत्र के अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने में सहूलियत होगी। बख्तियारपुर-राजगीर स्पेशल सुबह 8 बजे राजगीर और बिहारशरीफ क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए भी रेलवे ने विशेष व्यवस्था की है। बख्तियारपुर-राजगीर स्पेशल सुबह 8 बजे तथा दोपहर 3:30 बजे चलाई जाएगी, जबकि राजगीर-बख्तियारपुर स्पेशल दोपहर 1 बजे और शाम 6:15 बजे रवाना होगी। ये ट्रेनें बिहारशरीफ और नालंदा होकर गुजरेंगी, जिससे नालंदा जिले के अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार परीक्षा के दौरान सामान्य ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए इन विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इससे अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे। अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पूर्व मध्य रेल ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का अधिक से अधिक उपयोग करें तथा यात्रा के दौरान रेलवे के नियमों का पालन करें। रेलवे प्रशासन ने स्टेशनों पर अतिरिक्त निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सहायता केंद्रों की भी व्यवस्था की है। पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए रेलवे की यह पहल न केवल भीड़ प्रबंधन में मददगार होगी, बल्कि अभ्यर्थियों की यात्रा को भी आसान बनाएगी। गया जंक्शन सहित मगध क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर इन विशेष ट्रेनों को लेकर परीक्षार्थियों में उत्साह देखा जा रहा है। गया से जुड़ी प्रमुख परीक्षा स्पेशल ट्रेनें     पटना – गया स्पेशल : 17 जून, सुबह 7:15 बजे     किऊल – गया स्पेशल : 17 जून, दोपहर 12:30 बजे     गया – किऊल स्पेशल : 17 जून, शाम 5:30 बजे     पटना – भभुआ स्पेशल : गया होकर संचालित, 16 जून रात 11:30 बजे  

अब और तेज होगा सफर! भारतीय रेलवे ला रहा 220 किमी/घंटा रफ्तार वाली ट्रेनें, सुरक्षा के लिए ब्लैक बॉक्स भी

धनबाद  देश में बुलेट ट्रेन की तैयारियों के बीच रेलवे ने अब 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सेमी हाई स्पीड ट्रेन दौड़ाने के लिए भी कसरत शुरू कर दी है।आईसीएफ यानी इंटीग्रल रेल फैक्ट्री में 100 वंदे भारत और 50 वंदे भारत स्लीपर के नए रैक का निर्माण होगा। अमृत भारत 3.0 वर्जन पटरी पर उतारने की तैयारी शुरू होगी।साथ ही 220 किमी की स्पीड से फर्राटा भरने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन के रैक भी विकसित किए जाएंगे। इतना ही नहीं हवाई जहाज की तरह यात्री ट्रेनों में ब्लैक बाक्स भी होंगे। देश के अन्य जोन के साथ पूर्व मध्य रेल में ट्रेनों के मेंटेनेंस को डिजिटाइज किया जाएगा। प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंताओं की इसी सप्ताह होनेवाली पीसीएमई कॉन्फ्रेंस में इन सभी एजेंडा को शामिल किया गया है। रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक यांत्रिक-इंजीनियर कोचिंग प्रांजल मिश्रा की ओर से सभी जाेन को पत्र जारी किए जाने के बाद संबंधित जोनल रेलवे ने प्रेजेंटेशन समर्पित कर दिया है। आग लगने से पहले और बाद की हर गतिविधि को कैद करेगा ब्लैक बाक्स हवाई जहाज में ब्लैक बाक्स अत्यंत मजबूत इलेक्ट्रानिक डिवाइस है, जिसका उपयोग विमान दुर्घटना के कारणों एवं अंतिम समय की गतिविधियों का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसे विमान हादसे की जांच का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक हिस्सा माना जाता है। ठीक इसी तरह ट्रेनों में लगे आग के लिए फायर डिटेक्शन सिस्टम और फायर डिटेक्शन सप्रेशन सिस्टम के लिए ब्लैक बाक्स लगाए जाएंगे। इससे मजबूत और छेड़छाड़ रहित डाटा लागर तैयार होगा। इसका उद्देश्य घटना की जांच के लिए आग लगने से पहले और बाद की गतिविधियों, सिस्टम को चालू ट्रिगर्स और सिस्टम के कामकाज के जुड़े पैरामीटर को रिकार्ड किया जा सकेगा। वंदे भारत और अमृत भारत में आन बोर्ड कंडीशन मॉनीटरिंग सिस्टम वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों में ओबीसीएमएस यानी आन बोर्ड कंडीशन मानीटरिंग सिस्टम अपनाए जाएंगे। यह एक अहम डायग्नोस्टिक तकनीक है जिसकी मदद से ट्रेनों के पहिए व बेयरिंग की सुरक्षा, कार्यक्षमता और रियम टाम हेल्थ मॉनीटरिंग हो सकेगी। इससे दुर्घटनाओं की रोकथाम में काफी हद तक मदद मिलेगी। नए कोचिंग डिपो व पुराने के अपग्रेडेशन के साथ कम समय में मेंटेनेंस नए कोचिंग डिपो, कोचिंग टर्मिनल के निर्माण के साथ पुराने कोचिंग डिपो के अपग्रेडेशन की स्थिति संबंधित जोन के पीसीएमई स्पष्ट करेंगे। रैक मेंटेनेंस को कम समय में करने, स्मार्ट मेंटेनेंस और कर्मचारियों से जुड़ी बेंचमार्किंग पर भी नीतिगत चर्चा होगी। कैरेज एंड वैगन विभाग के कर्मचारियों के लिए दुर्घटना व बेपटरी होने जैसी घटनाओं के लिए ट्रेनिंग माड्यूल तय होगा। गरीब रथ ट्रेनों के रैक के उपयोग पर भी निर्णय होंगे।  

सोमवती अमावस्या पर रेलवे की खास तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू

 बरेली  रेलवे ने सोमवती अमावस्या मेले के दौरान हरिद्वार जाने-आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चार स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इसमें से दो ट्रेनें बरेली होकर गुजरेंगी। मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि 04326 हरिद्वार-लखनऊ स्पेशल अनारक्षित ट्रेन 15, 16 और 17 जून को चलेगी। ट्रेन हरिद्वार से 18:35 बजे चलकर मुरादाबाद से 22:50 बजे, रामपुर से 23:21 बजे, बरेली से 00:06 बजे, शाहजहांपुर से 01:10 बजे और लखनऊ 3:30 बजे पहुंचेगी। इसके अलावा 04325 लखनऊ-हरिद्वार स्पेशल अनारक्षित 16, 17 और 18 जून को लखनऊ से 05:30 बजे चलकर शाहजहांपुर से 08:05 बजे, बरेली से 09:24 बजे और हरिद्वार 16:15 बजे पहुंचेगी। 04327 हरिद्वार-बठिंडा स्पेशल अनारक्षित 15 जून को हरिद्वार से बठिंडा और 16 जून को 04328 बठिंडा से हरिद्वार के लिए चलेगी। वंदेभारत एक्सप्रेस अब ऐशबाग तक जाएगी रेलवे ने सहारनपुर-लखनऊ वंदेभारत एक्सप्रेस का विस्तार गोमतीनगर से आगे ऐशबाग तक करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा भी कई ट्रेनों का विस्तार ऐशबाग तक होगा। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुमित कुमार के मुताबिक 15 जून से 26504/26503 गोमती नगर-सहारनपुर-गोमती नगर एक्सप्रेस का मार्ग विस्तार ऐशबाग तक होगा। इसके अलावा 55055 का नकहा जंगल तक, 55061 का ऐशबाग तक, 55062 का गोरखपु तक विस्तार होगा। लखनऊ में ब्लॉक से त्रिवेणी सहित 10 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी उत्तर रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर कानकोर्स के लाचिंग कार्य की वजह से ट्रैफिक और पावर ब्लाक लिया जाएगा। इसकी वजह से 14 से 23 जून तक 15075 शक्तिनगर-टनकपुर एक्सप्रेस, 15073 सिंगरौली-टनकपुर एक्सप्रेस, 15074 टनकपुर-सिंगरौली एक्सप्रेस, 15076 टनकपुर-शक्तिनगर एक्सप्रेस, 15, 18 एवं 22 जून को 14523 बरौनी-अम्बाला एक्सप्रेस, 16, 20 एवं 23 जून को 14524 अम्बाला-बरौनी एक्सप्रेस, 14 से 23 जून तक 15127 बनारस-नई दिल्ली एक्सप्रेस, 15128 नई दिल्ली-बनारस एक्सप्रेस, 15119 बनारस-देहरादून एक्सप्रेस और 15120 देहरादून-बनारस एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग आलमनगर-ट्रांसपोर्ट नगर-उतरेटिया के रास्ते चलाई जाएगी।  

माता वैष्णो देवी यात्रा होगी आसान, 16 जून से दोबारा पटरी पर लौटेगी वंदे भारत एक्सप्रेस

अमृतसर अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस 16 जून से दोबारा शुरू होने जा रही है। करीब सात महीने के अंतराल के बाद ट्रेन सेवा बहाल होने से श्रद्धालुओं और यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। गुरदासपुर और बटाला से होकर जाएगी रेलवे प्रशासन ने ट्रेन का नया रूट और समय-सारिणी भी जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत ट्रेन अब गुरदासपुर और बटाला होकर संचालित होगी। इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को भी सीधे वंदे भारत सेवा का लाभ मिलेगा। रेलवे ने ट्रेन का साप्ताहिक अवकाश दिवस भी बदल दिया है। अब यह ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी और सप्ताह में छह दिन संचालित होगी।  पांच घंटे 35 मिनट में पहुंचाएगी कटरा रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 26405 अमृतसर से शाम 4:25 बजे रवाना होगी और रात 10 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 26406 कटरा से सुबह 6:40 बजे प्रस्थान कर दोपहर करीब 12:20 बजे अमृतसर पहुंचेगी। यात्रा का समय लगभग पांच घंटे 35 मिनट रहेगा।  नए रूट पर ट्रेन के प्रमुख ठहराव बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मू तवी स्टेशन होंगे। इससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार सेवा बहाल होने से माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। वंदे भारत एक्सप्रेस के दोबारा संचालन से अमृतसर, गुरदासपुर, बटाला और पठानकोट क्षेत्र के यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। आगामी यात्रा सीजन और धार्मिक पर्यटन को भी इससे बढ़ावा मिलेगा।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें: अमृतसर से मुंबई तक नई स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने बढ़ाई अतिरिक्त सुविधाएं

अमृतसर गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्रियों की संख्या और लंबी वेटिंग सूची को देखते हुए रेलवे ने अमृतसर से मुंबई के बीच नई समर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पंजाब में रह रहे बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए अमृतसर-कटिहार स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ाने के साथ अतिरिक्त फेरे भी जोड़े गए हैं।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार अमृतसर और मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) के बीच विशेष ट्रेन चलाए जाने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह ट्रेन जालंधर सिटी, फगवाड़ा, धंडारी कलां (लुधियाना), अंबाला कैंट, पानीपत, नई दिल्ली (सफदरजंग), मथुरा, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत और बोरीवली होते हुए बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस समर स्पेशल का शेड्यूल ट्रेन संख्या 04694/04693 अमृतसर-बांद्रा :  टर्मिनस-अमृतसर स्पेशल अमृतसर से 12, 19 और 26 जून तथा 3 और 10 जुलाई को प्रत्येक शुक्रवार रात 8:10 बजे रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से 14, 21 और 28 जून तथा 5 और 12 जुलाई को प्रत्येक रविवार सुबह 8 बजे चलेगी। इसी तरह कटिहार स्पेशल ट्रेन के भी फेरे बढ़ा दिये गए है। रेलवे ने अमृतसर और कटिहार के बीच चल रही विशेष ट्रेन के संचालन को जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया है। ट्रेन संख्या 05736/05735 कटिहार-अमृतसर-कटिहार स्पेशल अब विस्तारित अवधि के तहत अतिरिक्त फेरों के साथ संचालित होगी। कटिहार से अमृतसर के लिए यह ट्रेन 22 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार को तीन अतिरिक्त फेरे लगाएगी। वहीं अमृतसर से कटिहार के लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को तीन अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियोंका कहना है कि इन विशेष ट्रेनों के संचालन से पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी तथा गर्मी के मौसम में बढ़ी हुई यात्रा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

निजामुद्दीन-मुंबई राजधानी पर हमला, ट्रेन के AC कोच पर फेंके पत्थर; यात्रियों में दहशत

फरीदाबाद/पलवल  निजामुद्दीन से मुंबई जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर पलवल के पास शरारतीतत्व द्वारा पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में ट्रेन के एसी कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। गनीमत रही कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस घटना से कोच में अफरा-तफरी मच गई और यात्री दहशत में आ गए। आगरा पहुंचने पर ट्रेन काे अटेंड किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आयी। कब और कैसे किया किया हमला     निजामुद्दीन से मुंबई जाने वाली 22222 राजधानी एक्सप्रेस शनिवार दोपहर बाद 4 बजकर 55 मिनट पर निजामुद्दीन से रवाना हुई।     शाम करीब 5 बजकर 26 मिनट पर पलवल रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गुजर रही थी।     तभी अचानक एसी कोच ए-5 पर तेज आवाज के साथ पत्थर आकर लगा।     पत्थर लगने से खिड़की का शीशा टूट गया और उसके टुकड़े कोच के अंदर जा गिरे। उस समय कई यात्री अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। अचानक हुए हमले से मचा हड़कंप अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में हड़कंप मच गया। सीट नंबर 39 पर बैठे यात्री संदीप कुमार ने इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। आगरा पहुंचने पर उक्त ट्रेन को अटेंड किया गया। विडाें में लगा शीशा आधा टूटकर कहीं रास्ते में ही गिर गया। कुछ समय के लिए यात्रियों को लगा जैसे कोई बड़ा हादसा हो गया हो। गनीमत रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आयी। मई माह में ये तीसरी घटना मई महीने में इस तरह की ये तीसरी घटना हुई है। एक मई को निजामुद्दीन से ग्वालियर जा रही ताज एक्सप्रेस में होडल के पास लोहे का पाइप फेंका गया जिसमें दो तीन यात्री घायल हो गए थे। इस मामले में जीआरपी ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बाद 19 मई की शाम 22182 निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस निजामुद्दीन में फरीदाबाद पलवल के बीच में पत्थरबाजी हुई। पत्थर एसी कोच बी-4 में लगा जिससे विंडो टूट गया। जबलपुर निवासी रविकांत नामक यात्री बाल बाल बच गए। ठीक चार दिन बाद शरारती तत्व ने 23 मई की शाम मुंबई राजधानी को शिकार बना दिया। टूटे विंडो की तलाश में आरपीएफ आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि पैसेंजर जिस वक्त पांच बजकर 26 मिनट की घटना बता रहा है उस समय ट्रेन पलवल स्टेशन को पार कर जाती है। स्टेशन पर लगे कैमरे से जांच की गई लेकिन कहीं कोई ऐसी घटना सामने नहीं आयी। क्योंकि यहां से ट्रेन करीब 120 किमी की रफ्तार से पास होती है। महज 900 मीटर दूर ट्रेन एनसीआर में प्रवेश कर जाती है। फिर भी पलवल की आरपीएफ टीम पूरे सेक्शन में पेट्रोलिंग करके टूट ग्लॉस की तलाश कर रही है ताकि घटनास्थल की सही जानकारी मिल सके।

छुट्टियों का सीजन शुरू, ट्रेनों में लंबी वेटिंग ने बढ़ाई यात्रियों की टेंशन

अमृतसर गर्मी की छुट्टियों के चलते अमृतसर से बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और जम्मू जाने वाली अधिकतर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कई ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोचों की वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच चुकी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्कूलों की छुट्टियां, विवाह समारोह और प्रवासी यात्रियों की बढ़ती आवाजाही के कारण ट्रेनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।  जानकारी के मुताबिक बिहार रूट पर ट्रेन संख्या 15212 अमृतसर-दरभंगा जननायक एक्सप्रेस, 14618 अमृतसर-बनमनखी जनसेवा एक्सप्रेस और 04610 अमृतसर-बरौनी समर स्पेशल में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। कई ट्रेनों के स्लीपर कोचों में वेटिंग 120 से 180 तक पहुंच गई है, जबकि एसी थ्री टियर में भी लंबी प्रतीक्षा सूची बनी हुई है।  इसी तरह उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में 15098 अमृतसर-गोरखपुर एक्सप्रेस, 12204 अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस और 22424 अमृतसर-गोरखपुर एक्सप्रेस में सीटों की भारी मांग बनी हुई है। यात्रियों को तत्काल टिकट में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल रूट पर 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल और 04624 अमृतसर-कोलकाता समर स्पेशल में लंबी वेटिंग चल रही है। महाराष्ट्र रूट पर 11058 अमृतसर-मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज एक्सप्रेस और 12138 अमृतसर-मुंबई पंजाब मेल में भी वेटिंग 120 के पार ही। जम्मू रूट पर 12425 अमृतसर-जम्मू तवी एक्सप्रेस और 14611 अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में अब जो भी यात्री टिकट बुक करवा रहे हैं उनको केवल वेटिंग ही मिल रही है। 

मालगाड़ी का डिब्बा मंदसौर में पटरी से उतरा, ट्रेनों में देरी, बड़ा हादसा टला

मंदसौर  मध्य प्रदेश के मंदसौर के दलौदा में गुरुवार देर शाम को एक मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया। जानकारी के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब दलौदा से मंदसौर तक शुरू होने वाले नए रेलवे ट्रैक पर निरीक्षण का काम चल रहा था। इस हादसे के बाद दोनों तरफ की कई ट्रेनें प्रभावित हुई है। एआरटी टीम भेजी गई हादसे की सूचना रेलवे के अधिकारियों को मिलते ही रतलाम से एआरटी (एक्सीडेंट रिलिफ टीम) की टीम को घटनास्थल के लिए भेज दिया गया। जिसके बाद एआरटी की टीम ने ट्रैक शुरू करने के प्रयास प्रारंभ किए। पूरी प्रक्रिया के दौरान लगभग तीन घंटे से अधिक तक रेलवे ट्रैक पूरी तरह बंद था। 8 मई को स्पीड ट्रायल होना है बड़ी बात यह कि मंदसौर से नीमच तक के रेलवे दोहरीकरण में महज दलौदा से मंदसौर तक का करीब 14 किलोमीटर का कार्य बचा हुआ था, जो पूरा हो चुका है। इस ट्रैक का सीआरएस निरीक्षण भी वर्तमान में चल रहा है, जिसके बाद ही इसे यात्री ट्रेनों के लिए खोला जाएगा। शुक्रवार 8 मई को इस नए ट्रैक पर स्पीड ट्रायल भी होना है, लेकिन उससे पहले हुआ यह हादसा रेल्वे की कार्यशैली पर प्रश्न लगा रहा है। ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी शुरुआती जानकारी की मानें तो दोनों ट्रैक पर ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी की झलक भी दिखाई दे रही है। घटना के प्राथमिक वीडियो में एक इंजन मौके पर खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में इंजन से डिब्बे को लगी टक्कर भी साफ दिखाई दे रही है। हादसा और भी बड़ा हो सकता था वीडियो देखकर साफ जाहिर हो रहा है कि ट्रैक चेंजिंग में गड़बड़ी हुई है, जिससे दोनों गाड़ियों को एक ही ट्रैक पर डाल दिया गया था। उसी दौरान पीछे से आ रहे इंजन से इस मालगाड़ी के डिब्बे को टक्कर लगी और वह डिरेल हो गया। यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था । इसी कारण रेलवे के अधिकारी कुछ भी साफ साफ कहने से बचते दिखाई दे रहे हैं। वे महज डिब्बे का पटरी से उतरने की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन हादसे का घटनाक्रम क्या रहा, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।

देशभर से 15 करोड़ श्रद्धालु सिंहस्थ में, 7800 ट्रेनों का विशेष इंतजाम

उज्जैन   सिंहस्थ में 15 करोड़ लोगों के आने के अनुमान को देखते हुए रेलवे ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। देशभर से उज्जैन और उसके आसपास के रेलवे स्टेशनों के लिए 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसी सिलसिले में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने उज्जैन समेत आसपास के 10 रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की अपडेट जानकारी ली। महाप्रबंधक, पश्चिम रेलवे रामाश्रय पाण्डेय रतलाम मंडल के उज्जैन प्रवास पर शहर आए। आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 से 8 तक का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सांसद अनिल फिरोजिया भी मौजूद रहे। महाप्रबंधक पाण्डेय ने कहा कि कुंभ के लिए देशभर से करीब 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी। इस बार 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। नवनिर्मित ट्रेन संचालन नियंत्रण केंद्र देखा निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने स्टेशन परिसर में उपलब्ध विभिन्न यात्री सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने रनिंग रूम, हेल्थ यूनिट, लिफ्ट एवं एस्केलेटर की कार्यशीलता की जांच की, साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया, पे एंड यूज़ टॉयलेट, बुकिंग कार्यालय एवं प्रतीक्षालय आदि का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त प्लेटफार्म क्रमांक 8 की ओर नवनिर्मित ट्रेन संचालन नियंत्रण केंद्र एवं प्रस्तावित क्राउड होल्डिंग एरिया का भी अवलोकन किया गया। 6 से अधिक स्टेशनों का निरीक्षण किया महाप्रबंधक पाण्डेय ने उज्जैन स्टेशन के अतिरिक्त सिंहस्थ के दृष्टिगत महत्वपूर्ण स्टेशनों पिंगलेश्वर, पंवासा, नई खेड़ी, चिंतामण गणेश, मोहनपुरा एवं विक्रम नगर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इन स्टेशनों पर प्रस्तावित एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों जैसे – हाई लेवल प्लेटफार्म, कवर शेड, फुट ओवर ब्रिज, क्राउड होल्डिंग एरिया, बाउंड्री वॉल एवं अप्रोच रोड आदि की समीक्षा की गई। सभी निर्माण कार्य 2027 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे वीआइपी कक्ष में मीडिया से चर्चा करते हुए महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान संभावित अत्यधिक यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी निर्माण कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। इस अवसर पर क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य महेंद्र गादिया एवं विजय अग्रवाल ने महाप्रबंधक का स्वागत किया। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) अक्षय कुमार सहित रतलाम मंडल के सभी शाखाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख बिन्दू -पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय का दौरा -उज्जैन सहित 10 स्टेशनों के कार्यों का निरीक्षण -प्लेटफार्म 1 से 8 तक का गहन निरीक्षण -रनिंग रूम, हेल्थ यूनिट, लिफ्ट एवं एस्केलेटर का निरीक्षण -सर्कुलेटिंग एरिया, पे एंड यूज़ टॉयलेट का निरीक्षण -बुकिंग कार्यालय एवं प्रतीक्षालय का निरीक्षण -निरीक्षण के दौरान सांसद फिरोजिया भी थे -15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान -देशभर से करीब 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी -सभी निर्माण 2027 तक पूरे हो जाएंगे

सुपर फास्ट! चीन ने 1000 की स्पीड वाली ट्रेन का सफल परीक्षण किया

बीजिंग  सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो चीन की 1000 किलोमीटर प्रति घंटे से चलने वाली ट्रेन का है. जी हां, चीन 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन पर काम कर रहा है और अब चीन ने इसका परीक्षण किया है. सोशल पर दावा किया जा रहा है चीन ने इस खास ट्रेन का एडवांस स्टेड परीक्षण किया है।  ये ट्रेन मैग्नेटिक लेविटेशन वाली वैक्यूम ट्यूब के अंदर 1000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है. इससे 200 किलोमीटर की दूर कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये ट्रेन कितनी खास है और चीन का ये खास प्रोजेक्ट कैसा है? सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है,  उसमें ट्रेन की वैक्यूम ट्यूब को दिखाया जा रहा है और इस ट्रेन के बारे में बताया जा रहा है कि ये कितनी तेज है. ये कई मायनों में एयरप्लेन से भी तेज साबित हो सकती है।  ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, ये अल्ट्रा हाई स्पीड लॉ वैक्यूम ट्यूब माग्लेव ट्रांसपोर्ट सिस्टम है. इस ट्रेन सिस्टम की हाई स्पीड 1000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. बताया जा रहा है कि जब ये ट्रेन चलेगी तो बीजिंग से शंघाई का सफर सिर्फ 90 मिनट में हो जाएगा, जो करीब 1200 किलोमीटर है।  4000 तक स्पीड ले जाने पर काम अगर भारत के शहरों से हिसाब से लगाया जाए तो दिल्ली से पटना तक की दूरी करीब 1 घंटे में पूरी हो सकती है. इस ट्रेन की खास बात ये है कि इतनी तेज चलने के बाद भी इस हाईस्पीड ट्रेन में पैसेंजर अपने स्मार्टफोन पर अल्ट्रा-हाई-डेफिनिशन वीडियो देख सकते हैं या ऑनलाइन गेम का आनंद ले सकते हैं. इतनी तेज स्पीड होने के बाद भी इसमें 5 जी इंटरनेट भी चलेगा. इसके साथ ही चीन का ये प्लान भी है कि इस ट्रेन की स्पीड को 4000 तक भी किया जाएगा।  ये ट्रेन ट्यूब के अंदर चलेगी. चीन की 1000 किमी/घंटा की रफ्तार वाली मैगलेव ट्रेन के 2027-2035 के बीच चालू होने की संभावना है. कुछ साल पहले चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CASIC) ने इस मैग्लेव ट्रेन का परीक्षण शांसी स्थित टेस्ट जोन में किया था।  यहां पर दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के अंदर वैक्यूम क्रिएट करके ट्रेन को चलाया गया था. अब चीन इस ट्रेन को बड़े शहरों के बीच चलाने की कोशिश कर रहा है. उत्तर चीन के शांसी प्रांत के डाटोंग शहर में इस ट्रेन के लिए सुपरकंडक्टिंग मैग्लेव टेस्ट लाइन बनाई गई है।  इससे पहले भी चीन हाई स्पीड ट्रेन के मामले में काफी तरक्की कर चुका है और 600 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड वाली बुलेट ट्रेन चला रहा है।