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CG में रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी, आज कई ट्रेनें रद्द; यार्ड रीमॉडलिंग के चलते लिया फैसला

रायपुर. छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा। इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक, यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है। यात्रियों के लिए जरूरी बात तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में दोनों दिन यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा। आज रद्द रहने वाली ट्रेनें – आज रायपुर-बिलासपुर मेमू 68728 का परिचालन रहेगा रद्द आज बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू 68734 नहीं चलेगी आज गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू 68733 रहेगी रद्द आज बिलासपुर-रायपुर मेमू 68719 का परिचालन रद्द आज कोरबा-रायपुर पैसेंजर 58203 नहीं चलेगी आज रायपुर-इतवारी पैसेंजर 58206 का परिचालन रद्द आज रायपुर-गेवरा रोड मेमू 68746 रहेगी रद्द कल रद्द रहने वाली ट्रेनें – कल रायपुर-कोरबा पैसेंजर 58204 रहेगी रद्द कल इतवारी-रायपुर पैसेंजर 58206 भी रहेगी रद्द कल कोरबा-रायपुर मेमू 68745 का परिचालन रद्द रहेगा

11 से 13 सितंबर तक ट्रेनों के संचालन में बड़ा बदलाव, 120 ट्रेनें प्रभावित; कई कैंसिल और डायवर्ट

 नई दिल्ली अगर आप 11 से 13 सितंबर के बीच ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें. दिल्ली डिवीजन से गुजरने वाली करीब 120 ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है. इनमें कई ट्रेनें कैंसिल रहेंगी, कुछ के रूट बदले गए हैं, जबकि कई ट्रेनों को रीशेड्यूल, रेगुलेट या उनके शुरुआती और आखिरी स्टेशन में बदलाव किया गया है. इसका असर राजधानी, तेजस राजधानी, वंदे भारत, पूर्वा एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों समेत कई EMU सेवाओं पर भी पड़ेगा।  क्यों बदला गया ट्रेनों का शेड्यूल? नॉर्दर्न रेलवे ने ऑपरेशनल कारणों से 11 से 13 सितंबर तक ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है. इसके लिए रेलवे ने अलग ट्रेन हैंडलिंग प्लान जारी किया है. रेलवे के मुताबिक इस अवधि में कुछ ट्रेनों को कैंसिल और डायवर्ट किया गया है. इसके अलावा कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट, शॉर्ट ओरिजिनेट और रीशेड्यूल किया जाएगा. कुछ ट्रेनों के टर्मिनल भी बदले गए हैं।  11 सितंबर को किन ट्रेनों पर असर? 11 सितंबर को कई प्रमुख राजधानी ट्रेनें डायवर्ट रूट से चलेंगी. इनमें नई दिल्ली-रांची राजधानी, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी, नई दिल्ली-सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी और नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी शामिल हैं. इसके अलावा संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-गाजियाबाद EMU और गाजियाबाद-मथुरा जंक्शन EMU के रूट में भी बदलाव किया गया है. इस दिन पलवल-शकूरबस्ती, गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-पलवल लेडीज और दिल्ली जंक्शन-शामली EMU कैंसिल रहेंगी।  12 सितंबर को कौन सी ट्रेनें प्रभावित 12 सितंबर को भी कई EMU सेवाएं प्रभावित रहेंगी. गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-गाजियाबाद और नई दिल्ली-पलवल लेडीज EMU समेत कई लोकल ट्रेनें कैंसिल रहेंगी. फरीदाबाद में RLDA के काम के चलते पलवल-शकूरबस्ती EMU भी कैंसिल रहेगी. इस दिन गोमती, श्रमजीवी, नई दिल्ली-सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी, वैशाली और मगध एक्सप्रेस डायवर्ट रूट से चलेंगी. वहीं एक वंदे भारत ट्रेन को 35 मिनट रेगुलेट किया जाएगा।  कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव हुआ 11 सितंबर को कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों के रवाना होने के समय में बदलाव किया गया है. नई दिल्ली-हैदराबाद एक्सप्रेस और ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस 120 मिनट रीशेड्यूल रहेंगी, जबकि पश्चिम एक्सप्रेस 90 मिनट देरी से चलेगी. 12 सितंबर को तेजस राजधानी, भुवनेश्वर तेजस राजधानी, राजेंद्र नगर टर्मिनल तेजस राजधानी और तमिलनाडु एक्सप्रेस को देरी से रवाना किया जाएगा. इसके अलावा हरियाणा एक्सप्रेस नई दिल्ली से चलेगी. नई दिल्ली-अलीगढ़ EMU गाजियाबाद से चलेगी, जबकि 64582 और 64557 MEMU के टर्मिनल में भी बदलाव किया गया है।  13 सितंबर को भी कई ट्रेनें हैं कैंसिल 13 सितंबर को भी दिल्ली डिवीजन में ट्रेन संचालन प्रभावित रहेगा. इस दिन पलवल-गाजियाबाद, गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन, साहिबाबाद-दिल्ली जंक्शन, गाजियाबाद-शकूरबस्ती और नई दिल्ली-गाजियाबाद EMU कैंसिल रहेंगी. इसके अलावा शिवगंगा एक्सप्रेस, सहारनपुर-दिल्ली जंक्शन पैसेंजर, मेरठ कैंट-श्रीगंगानगर स्पेशल, मथुरा जंक्शन-गाजियाबाद EMU और पलवल-गाजियाबाद EMU डायवर्ट रूट से चलेंगी।  कुछ ट्रेनों के स्टार्ट-टर्मिनेट स्टॉप बदले 13 सितंबर को कुछ ट्रेनों को उनके तय स्टेशन की जगह दूसरे स्टेशन पर समाप्त किया जाएगा. मथुरा जंक्शन-नई दिल्ली EMU पलवल पर खत्म होगी. वहीं पलवल-नई दिल्ली EMU हजरत निजामुद्दीन पर समाप्त होगी. इसी तरह बुलंदशहर-तिलक ब्रिज MEMU दिल्ली शाहदरा पर ही समाप्त होगी।  यात्रियों को क्या करना चाहिए? अगर आप इन तीन दिनों में दिल्ली डिवीजन से सफर करने वाले हैं तो सिर्फ टिकट देखकर स्टेशन के लिए न निकलें. अपनी ट्रेन का नंबर, रूट, रवाना होने का समय और शुरुआती/आखिरी स्टेशन जरूर चेक करें. खास तौर पर नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन, गाजियाबाद, साहिबाबाद, पलवल, दिल्ली शाहदरा और हजरत निजामुद्दीन से जुड़ी ट्रेनों के यात्रियों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।  ट्रेन का ताजा स्टेटस चेक करने के लिए NTES का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है. नॉर्दर्न रेलवे का यह ऑपरेशनल प्लान 11 सितंबर से 13 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा. हालांकि, इस दौरान अगर कोई और बदलाव होता है तो रेलवे की ओर से नया अपडेट जारी किया जा सकता है. इसलिए सफर से पहले ट्रेन का ताजा स्टेटस चेक करना सबसे बेहतर रहेगा।    ये रही पूरी लिस्ट 📅 11.09.2026 ✖ रद्द ट्रेनें   64015 (पलवल–SSB EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64910 पलवल से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी 64429 (GZB–NDLS EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64110 ग़ाज़ियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी 64433 (GZB–NDLS EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64114 ग़ाज़ियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी 64492 (NDLS–पलवल लेडीज़ EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64491 भी रद्द 64491 (दिल्ली जं–शामली EMU) – रद्द ⇄ डायवर्टेड ट्रेनें 64419 (NZM–GZB EMU) – निज़ामुद्दीन–तिलक ब्रिज–BPNL–साहिबाबाद मार्ग से 20840 (NDLS–RNC राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 12424 (राजधानी, NDLS–डिब्रूगढ़) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 12314 (NDLS–सियालदह राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 12306 (NDLS–हावड़ा राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 22812 (NDLS–भुवनेश्वर राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 64904 (GZB–मथुरा EMU) – साहिबाबाद–तिलक ब्रिज–निज़ामुद्दीन मार्ग से 12394 (सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से ↪ शॉर्ट ओरिजिनेट/टर्मिनेट 15307 (हरियाणा एक्सप्रेस) – तिलक ब्रिज से शॉर्ट ओरिजिनेट (NDLS के बजाय) 64110 (NDLS–अलीगढ़ EMU) – ग़ाज़ियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट 64568 (तिलक ब्रिज–बुलंदशहर MEMU) – दिल्ली शाहदरा से शॉर्ट ओरिजिनेट 64567 (बुलंदशहर–तिलक ब्रिज MEMU) – दिल्ली शाहदरा पर शॉर्ट टर्मिनेट 🕑 पुनर्निर्धारित/विलंबित प्रस्थान 12724 (NDLS–हैदराबाद) – 120 मिनट पुनर्निर्धारित 12616 (NDLS–चेन्नई GT एक्सप्रेस) – 120 मिनट पुनर्निर्धारित 12926 (पश्चिम एक्सप्रेस) – 90 मिनट पुनर्निर्धारित 15304 (इंटरसिटी एक्सप्रेस, NDLS–कासगंज) – 75 मिनट पुनर्निर्धारित 12952 (तेजस राजधानी) – 50 मिनट विलंबित प्रस्थान 12310 (NDLS–राजेंद्र नगर तेजस राज) – 50 मिनट विलंबित प्रस्थान 64441 (GZB–NDLS EMU) – 20 मिनट विलंबित प्रस्थान 12382 (NDLS–हावड़ा पूर्वा एक्सप्रेस) – 35 मिनट विलंबित प्रस्थान 14212 (AGC इंटरसिटी एक्सप्रेस) – 20 मिनट विलंबित प्रस्थान ⚙ नियंत्रित (रेगुलेट)   64471 (GZB–पानीपत MEMU) – साहिबाबाद पर 20 मिनट नियंत्रित 📅 12.09.2026 ✖ रद्द ट्रेनें 64425 (GZB–NDLS EMU) – रद्द 64432 (NDLS–GZB EMU) – रद्द 64013 (पलवल–SSB EMU) – फरीदाबाद में RLDA कार्य के कारण पहले से रद्द 64015 (पलवल–SSB EMU) – पहले से रद्द 64429 (GZB–NDLS EMU) – रद्द, लिंक 64110 शॉर्ट ओरिजिनेट 64433 (GZB–NDLS EMU) – रद्द, लिंक 64114 शॉर्ट ओरिजिनेट 64441 (GZB–NDLS EMU) – रद्द, लिंक 64410 भी रद्द रहेगी 64492 (NDLS–पलवल लेडीज़ EMU) – रद्द, लिंक 64491 भी रद्द 64410 (NDLS–GZB EMU) – रद्द 64443 (GZB–दिल्ली जं EMU) … Read more

भारत का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बना गेमचेंजर, डबल-स्टैक ट्रेन से तेज होगा सामान का सफर; आम लोगों को क्या फायदा?

नई दिल्ली  सौ बात की एक बात ये कि खबरों की भीड़ में जो रेल की लेटेस्ट खबर आई है उसपर ध्यान पब्लिक का शायद उतना नहीं जा रहा क्योंकि बात मालगाड़ी की है, लेकिन उसको समझने की जरूरत है कि बात सिर्फ मालगाड़ी की नहीं है. ये सब के मतलब की खबर है. वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, इसके आखिरी तीन हिस्सों का भी उद्घाटन कर दिया गया. डेडिकेटेड मतलब सिर्फ फ्रेट के लिये, माल के लिए. मतलब सिर्फ मालगाड़ियों के लिए अलग रेल की पटरी. जिसपर सिर्फ मालगाड़ियां चलेंगी. इसके आखिरी तीन हिस्से यानी कुल 326 km के हिस्से का भी अब उद्घाटन हो गया. यानी पूरा 2,843 किलोमीटर का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क अब पूरी तरह चालू हो गया है. तो ये सिर्फ मालगाड़ियों की बात इसलिए नहीं है क्योंकि इसका फायदा तो सबको मिलेगा. मालगाड़ी के चक्कर में किसकी ट्रेन लेट नहीं हुई जीवन में? ये वाली प्रॉब्लम तो सब झेल चुके हैं. पहले एक ही पटरी पर यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां दोनों चलती थीं. मालगाड़ियां भारी और धीमी होती हैं, इसलिए यात्री ट्रेनों को बार-बार रुकना पड़ता था या लेट होना पड़ता था. पटरियां जैम रहती थीं. अब मालगाड़ियों का बड़ा हिस्सा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर चला गया है. पुरानी लाइनों पर जगह खाली हुई है. रेलवे अब उन लाइनों पर ज्यादा यात्री ट्रेनें चला सकता है और वो टाइम पर चलेंगी ये भी उम्मीद बढ़ जाती है। 20 साल पहले बना प्लैन क्योंकि ये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर सिर्फ मालगाड़ियों के लिए बनी हुई एकदम अलग रेल लाइन है. इसलिए मालगाड़ियां बिना रुके तेज दौड़ सकती हैं. और ये काम चल रहा था 2005 से. 20 साल पहले से. 2005 में प्लैन बना. 2006 में इसके लिए DFCCIL नाम से अलग कंपनी बनाई गई इसे बनाने और चलाने का काम संभालने के लिए. जापान की मदद से वेस्टर्न कॉरिडोर और विश्व बैंक की मदद से ईस्टर्न कॉरिडोर का काम शुरू हुआ. जमीन लेने में दिक्कतें आईं, ठेके देने में कई अड़चनें आईं, निर्माण में कई बाधाएं आईं. तो काम जरूर लंबा खिंचा. ईस्टर्न कॉरिडोर 2023-24 में पूरा हुआ और वेस्टर्न का आखिरी हिस्सा अब जाकर 2026 में पूरा हुआ है। ये कॉरिडोर दो बड़े हिस्सों में बंटा है. एक है ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जो पंजाब के लुधियाना से बिहार के सोननगर तक 1,337 किलोमीटर लंबा है. ये मुख्य रूप से कोयला, स्टील, अनाज जैसे भारी माल के लिए है. दूसरा है वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जो उत्तर प्रदेश के दादरी से मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक 1,506 किलोमीटर लंबा है. ये कंटेनर माल और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के लिए है खासतौर पर. दादरी पर दोनों कॉरिडॉर मिलते हैं और पूरे उत्तर, पश्चिम और पूर्व को जोड़ देते हैं. लेकिन खबर में जो खासतौर पर समझने की बात है वो ये कि ये दुनिया में अनोखा है. क्यों? क्या दुनिया में मालगाड़ियां नहीं चलतीं? बिल्कुल चलती हैं. लेकिन इसमें डबल स्टैक मालगाड़ी चल सकती है। डबल स्टैक का मतलब डबल स्टैक मतलब एक डिब्बे के ऊपर दूसरा डिब्बा, एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर. वैसे तो अमेरिका जैसे देशों में डबल स्टैक कंटेनर ट्रेनें चलती हैं यानी एक डिब्बे पर दो कंटेनर एक के ऊपर एक रखे जाते हैं, लेकिन वहां ऐसी मालगाड़ी चलती है डीजल इंजन से. अब आप कहोगे तो ये कौनसा बड़ा फर्क हो गया? तो वो समझने वाली बात है कि भारत ने जो बनायी है पटरी उसपर ये इलेक्ट्रिक गाड़ी चलेगी. और इलेट्रिक इंजन की पटरी पर एक के ऊपर एक कंटेनर रख कर चलाओ तो बिजली की तारें भी तो फंस जाएंगी. इसलिए ये भारत में पटरी बनी है वो दुनिया में अनोखी बनाई गई है. इसकी तारें उतनी ऊचीं लगाई गई हैं कि गाड़ी डबल कंटेनर ले कर चल सके. पैसेंजर गाड़ियों वाली पटरी पर डबल कंटेनर लेकर नहीं जा सकते क्योंकि बिजली की तारें आ जती हैं बीच में. भारत ने पूरे कॉरिडोर पर बिजली की तारें ऊंची लगाई हैं, लगभग 7.5 मीटर ऊंची. इससे बिजली के इंजन से डबल स्टैक ट्रेनें चल सकती हैं. ऐसा पूरा फ्रेट कॉरिडोर, ऐसी पूरी रेल लाइन ही ऊंची तारों की हो, ये दुनिया के किसी और देश में नहीं है. और क्योंकि पूरी लाइन है ही मालगाड़ियों के लिए, तो ट्रेन की लंबाई भी डबल रख सकते हैं। डबल लंबाई और डबल ऊंचाई लॉन्ग हॉल यानी लंबी दूरी तक माल ढोने के लिए ट्रेन में डिब्बे भी ज्यादा लगाते हैं. तो डबल लंबाई और डबल ऊंचाई, तो एक ट्रेन अब चार सामान्य ट्रेनों जितना माल ले जा सकती है. स्पीड भी 100 km/h तक हो सकती है क्योंकि पूरी लाइन ही मालगाड़ी की है. पैसेंजर ट्रेनों के लिए रुकना ही नहीं है. पुरानी लाइनों पर मालगाड़ियां औसतन 25 km/h ही चल पाती थीं. ट्रक से जिस माल को पहुंचने में 30 घंटे लगते हैं, वही माल अब इससे 10-12 घंटे में पहुंच जाता है. तो फायदा हर लेवल पर है. आप ये देखो कि पहले लॉजिस्टिक्स यानी माल ढोने का खर्च देश की जीडीपी का लगभग 14% था, जो बाकी देशों से बहुत ज्यादा था। यानी हमारे यहां ज्यादातर सामान की कीमत का बड़ा हिस्सा तो उसकी ढुलाई के खर्चे का होता था. अब ये घटकर 8-9 % के आसपास आ रहा है. माल सस्ता भी पहुंचता है और जल्दी भी पहुंचता है. किसानों का अनाज हो, फैक्टरियों का माल हो, कच्चा माल हो, तैयार सामान हो, सब में फायदा है. और लोगों को रेल का सीधा फायदा तो ये कि पुरानी रेल लाइनों से मालगाड़ियां हटने से बाक़ी यात्री ट्रेनें ज्यादा चलाई जा सकती हैं और टाइम पर चल सकती हैं. क्योंकि ये भी प्रॉब्लम खड़ी हो गई थी कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे व्यस्त रूट पर यात्री बढ़े जा रहे हैं और वो वंदे भारत जैसी ट्रेनों के लिए पैसा देने को भी तैयार दिख रहे हैं लेकिन पटरियां ही इतनी नहीं थीं कि और ट्रेनें चला सकें. तो पटरियां तो और बिछाने की जरूरत थी है. यानी जितनी ट्रेनें चल सकती थीं उससे कहीं ज्यादा ट्रेनें दौड़ रही थीं पहले ही पटरियों पर इन रूट पर. इस वजह से नई यात्री ट्रेनें शुरू करना मुश्किल हो जाता था. … Read more

दिवाली-छठ पर यात्रियों को बड़ी राहत, रेलवे ने चलाईं स्पेशल ट्रेनें; जानें रूट, टाइमिंग और पूरा शेड्यूल

   नई दिल्‍ली दिवाली और छठ पर घर जाने वाले लोगों के लिए पश्चिमी रेलवे की ओर से स्‍पेशल ट्रेनों के चलाने का फैसला लिया गया है. मुंबई सेंट्रल से अहमदाबाद और इंदौर के बीच चलने वाली तीन जोड़ी यानी कुल छह स्‍पेशल ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ा दी गई है।  भारतीय रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों का संचालन 25 से 30 नवंबर 2026 तक अलग-अलग तय तारीखों पर जारी रहेगा. इससे मुंबई से गुजरात और मध्य प्रदेश की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को त्योहारों के बाद भी अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं का लाभ मिलेगा।  कौन-कौन सी स्‍पेशल ट्रेनों का ऐलान      ट्रेन नंबर 09087 (मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद): यह स्पेशल ट्रेन हर बुधवार को चलाई जाएगी और इसका संचालन 25 नवंबर 2026 तक बढ़ाया गया है.      ट्रेन नंबर 09088 (अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल): वापसी दिशा में यह ट्रेन हर गुरुवार को चलाई जाएगी और इसका संचालन 26 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा.     ट्रेन नंबर 09079 (मुंबई सेंट्रल-इंदौर): यह ट्रेन रविवार और मंगलवार को जारी रहेगी. इसका संचालन 29 नवंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है.      ट्रेन नंबर 09080 (इंदौर-मुंबई सेंट्रल): यह ट्रेन सोमवार और बुधवार चलाई जाएगी और यह सेवा 30 नवंबर 2026 तक यात्रियों के लिए उपलब्‍ध रहेगी.      ट्रेन नंबर 09085 (मुंबई सेंट्रल-इंदौर): यह ट्रेन सोमवार और शुक्रवार को चलाई जाएगी और 27 नवंबर 2026 तक संचालित रहेगी.     ट्रेन नंबर 09086 (इंदौर-मुंबई सेंट्रल): यह ट्रेन मंगलवार और शनिवार को चलाई जाएगी और इसका संचालन 28 नवंबर 2026 तक बढ़ाया गया है.  बुकिंग कब से होगी शुरू?  दिवाली और छठ के लिए सभी स्‍पेशल ट्रेनों की बुकिंग शुरू की जा चुकी है. अगर आप भी स्‍पेशल ट्रेनों का यूज करते हुए दिवाली और छठ पर घर जाना चाहते हैं तो तुरंत बुक‍िंग कर लेनी चाहिए. यह बुकिंग आप अपने मोबाइल ऐप या IRCTC की वेबसाइट के जरिए कर सकते हैं।  . गौरतलब है कि हर साल त्‍योहारों के सीजन में भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे स्‍पेशल ट्रेनों का ऐलान करती है. खासकर बिहार और यूपी के लिए ज्‍यादातर स्‍पेशल ट्रेनें चलाई जाती है, क्‍योंकि दिल्‍ली या अन्‍य जगहों से इसी रूट पर ज्‍यादा भीड़ रहती है. इस बार भी रेलवे बहुत सी स्‍पेशल ट्रेनों को चला रहा है।  

धारवासियों का दशकों पुराना इंतजार खत्म, आज से शुरू होगी ट्रेन सेवा; PM मोदी वर्चुअली करेंगे शुभारंभ

धार  धार जिले के लिए 8 सितंबर का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिले को पहली रेल सेवा की सौगात देने जा रहे हैं। कुछ ही देर बाद वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से धार जिले के 28 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलखंड का लोकार्पण करेंगे और यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही पहली बार धार जिले के नक्शे पर रेल सेवा शुरू हो जाएगी और जिले की धरती पर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। धार में रेल सुविधा का सपना कई दशकों पुराना है। 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने धार-छोटा उदयपुर रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। उस समय उम्मीद थी कि वर्ष 2011 तक जिले को रेल सुविधा मिल जाएगी, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना में लंबा समय लगा। आखिरकार 18 साल 7 महीने बाद यह इंतजार खत्म होने जा रहा है। रामकोट तक सफर करेंगी टांडा रोड रेलवे स्टेशन पर इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर उत्सव जैसा माहौल है। केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर भी यहां पहुंच चुकी हैं। वे टांडा रोड स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगी और स्वयं रामकोट तक रेल सफर करेंगी। रेल सेवा शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ टांडा और आसपास के आदिवासी अंचल के लोगों को मिलने की उम्मीद है। खासकर रोजगार के लिए गुजरात और अन्य क्षेत्रों में प्रवास करने वाले हजारों लोगों के लिए यह सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का नया माध्यम बनेगा। जिले के ऐसे भी अनेक लोग हैं, जिन्होंने अब तक ट्रेन देखी तक नहीं है या रेल में सफर नहीं किया है। ऐसे लोगों के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है।  

दिवाली-छठ की ट्रेन टिकट बुकिंग शुरू, स्पेशल ट्रेनों का भी ऐलान; कंफर्म सीट के लिए करें जल्दी

नई दिल्ली दिवाली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए अहम खबर है. भारतीय रेलवे में दिवाली की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग शुरू हो गई है. देशभर में इस साल दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी. रेलवे के एडवांस रिजर्वेशन सिस्टम के तहत यात्री अपनी यात्रा की तारीख के आधार पर 60 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं. यदि आपको कन्फर्म सीट चाहिए, तो रिजर्वेशन जल्द करना होगा।  रेलवे की एडवांस रिजर्वेशन विंडो सुबह 8 बजे खुलती है. हालांकि, टिकट बुकिंग यात्रा की तारीख पर निर्भर करती है. यात्रियों को यात्रा की तारीख को छोड़कर 60 दिन पहले तक रिजर्वेशन की सुविधा मिलती है. दिवाली के आसपास दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों से बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दूसरे राज्यों के लिए जाने वाली ट्रेनों में भारी मांग रहती है. इसलिए लोकप्रिय ट्रेनों में सीटें तेजी से भर सकती हैं।  इन रूट्स पर होता है ट्रैफिक प्रेशर त्योहारी सीजन में दिल्ली-पटना, पटना-अहमदाबाद, पटना-उधना, मुंबई-पटना, हावड़ा-पटना, बेंगलुरु-पटना, फिरोजपुर-पटना, वाराणसी-दिल्ली, कानपुर-दिल्ली, लुधियाना-सुपौल, लुधियाना-पटना, चेन्नई-पटना, हैदराबाद-पटना और दिल्ली-गोरखपुर जैसे रूट पर यात्रियों का दबाव ज्यादा रहता है. इन रूट्स पर यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को रिजर्वेशन विंडो खुलने के साथ ही सीट की उपलब्धता चेक कर लेनी चाहिए।  रेलवे ने चलाईं फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए नॉर्दर्न रेलवे ने कई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है. ये ट्रेनें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, चंडीगढ़, महाराष्ट्र और अन्य प्रमुख शहरों के बीच अतिरिक्त कनेक्टिविटी देंगी. इनमें वाराणसी-दिल्ली, अयोध्या कैंट-आनंद विहार, चंडीगढ़-पटना, फिरोजपुर कैंट-पटना और आनंद विहार-पाटलिपुत्र जैसे प्रमुख रूट शामिल हैं।  क्र. ट्रेन नंबर ट्रेन रूट ट्रिप/फेरे 1 09189/09190 मुंबई सेंट्रल-कटिहार-मुंबई सेंट्रल 77 अतिरिक्त ट्रिप 2 04127/04128 कानपुर सेंट्रल-गुवाहाटी-कानपुर सेंट्रल 14 अतिरिक्त ट्रिप 3 05736/05735 कटिहार-अमृतसर-कटिहार 12 अतिरिक्त ट्रिप 4 05932/05931 डिब्रूगढ़-कोलकाता-डिब्रूगढ़ 13 अतिरिक्त ट्रिप 5 04209/04210 वाराणसी-नई दिल्ली-वाराणसी 50 ट्रिप 6 04213/04214 अयोध्या कैंट-आनंद विहार टर्मिनल-अयोध्या कैंट 36 ट्रिप 7 04512/04511 चंडीगढ़-पटना जंक्शन-चंडीगढ़ 18 ट्रिप 8 04616/04615 फिरोजपुर कैंट-पटना जंक्शन-फिरोजपुर कैंट 16 ट्रिप 9 04008/04007 आनंद विहार टर्मिनल-जोगबनी-आनंद विहार टर्मिनल 10 ट्रिप 10 04028/04027 आनंद विहार टर्मिनल-मुजफ्फरपुर-आनंद विहार टर्मिनल 26 ट्रिप 11 04010/04009 दिल्ली जंक्शन-सीतामढ़ी-दिल्ली जंक्शन 12 ट्रिप 12 02456/02455 नई दिल्ली-कानपुर सेंट्रल-नई दिल्ली 98 ट्रिप 13 02563/02564 बरौनी-नई दिल्ली-बरौनी स्पेशल — 14 02569/02570 दरभंगा-नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल — 15 04014/04013 आनंद विहार टर्मिनल-लौकाहा बाजार-आनंद विहार टर्मिनल 150 ट्रिप 16 04002/04001 हजरत निजामुद्दीन-दादर-हजरत निजामुद्दीन 14 ट्रिप 17 04227/04228 वाराणसी-चंडीगढ़-वाराणसी 36 ट्रिप 18 02458/02457 आनंद विहार टर्मिनल-कानपुर सेंट्रल-आनंद विहार टर्मिनल 72 ट्रिप 19 04314/04313 योग नगरी ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर-योग नगरी ऋषिकेश 18 ट्रिप 20 04096/04095 आनंद विहार टर्मिनल-पाटलिपुत्र-आनंद विहार टर्मिनल 120 ट्रिप   टिकट बुक करते समय इन बातों का रखें ध्यान दिवाली के दौरान लोकप्रिय ट्रेनों में टिकट तेजी से भर सकते हैं. इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख पहले से तय करके रिजर्वेशन विंडो खुलते ही उपलब्धता चेक करनी चाहिए।  टिकट बुक करते समय ट्रेन नंबर, यात्रा की तारीख, बोर्डिंग स्टेशन और ​गंतव्य स्टेशन की जानकारी ध्यान से जांचना जरूरी है. यात्रा से पहले ट्रेन का शेड्यूल और सीट की उपलब्धता भी चेक कर लें।  रेलवे से जुड़ी सेवाओं, शिकायतों और यात्रा संबंधी जानकारी के लिए यात्री रेलमदद हेल्पलाइन 139 पर संपर्क कर सकते हैं या NTES ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।  दिवाली के दौरान नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिलने पर नॉर्दर्न रेलवे की ओर से घोषित ये फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए अतिरिक्त विकल्प साबित हो सकती हैं।  कंफर्म टिकट के लिए अपनाएं ये आसान ट्रिक्स कंफर्म टिकट के लिए मास्टर लिस्ट बनाएं. टिकट बुकिंग शुरू होने से पहले ही IRCTC के टिकट बुकिंग App में यात्रियों के नाम, उम्र और बर्थ की जानकारी (Master List) सेव कर लें. समय से पहले लॉगिन करें. सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होने से 5 मिनट पहले लॉगिन कर लें. तेजी से पेमेंट के लिए IRCTC Wallet का प्रयोग करें। 

दिवाली-छठ के लिए रेलवे का बड़ा तोहफा, 15 स्पेशल ट्रेनें शुरू; फटाफट बुक करें टिकट

नई दिल्ली दिवाली और छठ पर्व पर घर जाने की योजना बना रहे रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए 15 स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है. इन ट्रेनों के लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।  रेलवे के 60 दिन के एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) नियमों के तहत IRCTC ऐप, वेबसाइट और काउंटर पर सुबह 8 बजे से टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है. इस साल 8 नवंबर 2026 को दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा, जिसके चलते उत्तर और पूर्व भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीटें तेजी से भरने की संभावना है. ऐसे में रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे आखिरी समय की आपाधापी और लंबी वेटिंग लिस्ट से बचने के लिए जल्द से जल्द अपने टिकट बुक कर लें।  यहां देखें रेलवे की ओर से शुरू की गई 15 स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट     मुंबई सेंट्रल – कटिहार – मुंबई सेंट्रल (09189/09190): 5 सितंबर से 17 नवंबर के बीच 77 अतिरिक्त फेरे.     कानपुर सेंट्रल – गुवाहाटी – कानपुर सेंट्रल (04127/04128): 10 सितंबर से 11 दिसंबर के बीच 14 अतिरिक्त फेरे.     कटिहार – अमृतसर – कटिहार (05736/05735): 9 सितंबर से 27 नवंबर के बीच 12 अतिरिक्त फेरे.      डिब्रूगढ़ – कोलकाता – डिब्रूगढ़ (05932/05931): 5 सितंबर से 30 नवंबर के बीच 13 अतिरिक्त फेरे.     वाराणसी – दिल्ली – वाराणसी (04209/04210)     अयोध्या कैंट – आनंद विहार टर्मिनल (04213/04214  द्विसाप्ताहिक)      चंडीगढ़ – पटना जंक्शन (04512/04511  साप्ताहिक)     फिरोजपुर कैंट – पटना जंक्शन (04616/04615  साप्ताहिक)      आनंद विहार टर्मिनल – जोगबनी (04008/04007  साप्ताहिक)      आनंद विहार टर्मिनल – मुजफ्फरपुर (04028/04027  द्विसाप्ताहिक)      दिल्ली – सीतामढ़ी – दिल्ली (04010/04009  साप्ताहिक)     नई दिल्ली – कानपुर सेंट्रल सुपरफास्ट (02456/02455)      बरौनी – नई दिल्ली – बरौनी स्पेशल (02563/02564)     दरभंगा – नई दिल्ली – दरभंगा स्पेशल (02569/02570)  इन रूटों पर रहेगी सबसे ज्यादा मारामारी बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रमुख रूटों जैसे दिल्ली-पटना, मुंबई–पटना, बेंगलुरु-पटना, अहमदाबाद-पटना, दिल्ली-गोरखपुर, वाराणसी-दिल्ली और कानपुर-दिल्ली पर यात्रियों की सबसे ज्यादा टिकटों के लिए मामारी रहने की आशंका है।     ऐसे पाएं कंफर्म टिकट      मास्टर लिस्ट बनाएं: टिकट बुकिंग शुरू होने से पहले ही IRCTC प्रोफाइल में यात्रियों के नाम, उम्र और बर्थ की जानकारी (Master List) सेव कर लें.      समय से पहले लॉगिन करें: सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होने से 5 मिनट पहले लॉगिन कर लें.      तेज पेमेंट मोड चुनें: भुगतान में लगने वाले समय को बचाने के लिए UPI या IRCTC Wallet का प्रयोग करें.

सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं के लिए बड़ी तैयारी, 125+ स्पेशल ट्रेनें चलेंगी; AI कैमरों से होगी निगरानी

उज्जैन  उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 को लेकर रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सिंहस्थ के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए रेलवे 125 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने रविवार को इंदौर पहुंचकर रेलवे की तैयारियों और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की सुविधा और भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि यात्रियों को यात्रा के लिए ज्यादा किराया नहीं चुकाना पड़े। चेयरमैन सतीश कुमार ने इंदौर स्टेशन, शास्त्री ब्रिज और आसपास चल रहे रेलवे से जुड़े विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से स्टेशन रीडेवलपमेंट, यात्री सुविधाओं और इंदौर से जुड़े महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इंदौर-मनमाड़, इंदौर-खंडवा और इंदौर-उज्जैन रेल सेक्शन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। सिंहस्थ के लिए 125 से ज्यादा ट्रेनें, यात्रियों के किराए पर भी फोकस सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे ने अभी से यात्री परिवहन की योजना पर काम शुरू कर दिया है। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ के दौरान 125 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों के जरिए उज्जैन के साथ इंदौर और आसपास के शहरों को जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। रेलवे का प्रयास होगा कि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा मिल सके। ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ यात्रियों पर अतिरिक्त किराए का बोझ न पड़े, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। सिंहस्थ के लिए 125 से ज्यादा ट्रेनें, यात्रियों के किराए पर भी फोकस सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे ने अभी से यात्री परिवहन की योजना पर काम शुरू कर दिया है। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ के दौरान 125 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों के जरिए उज्जैन के साथ इंदौर और आसपास के शहरों को जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। रेलवे का प्रयास होगा कि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा मिल सके। ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ यात्रियों पर अतिरिक्त किराए का बोझ न पड़े, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। इंदौर से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने पर काम इंदौर से अलग-अलग शहरों के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की मांग पर भी रेलवे काम कर रहा है। चेयरमैन ने कहा कि इंदौर से संचालित होने वाली कुछ स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की दिशा में प्रक्रिया जारी है। इससे इंदौर के यात्रियों को नियमित रेल कनेक्टिविटी मिलने के साथ सिंहस्थ के दौरान भी यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट में तेजी के निर्देश रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जून 2025 में भी उन्होंने स्टेशन का रिव्यू किया था। उस समय की स्थिति और वर्तमान स्थिति में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि स्टेशन के विकास और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आगे और क्या व्यवस्थाएं की जा सकती हैं, इस पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि स्टेशन के विकास की पूरी रूपरेखा जनरल मैनेजर और उनकी टीम के साथ साझा की गई है। इसे रेलवे बोर्ड के स्तर पर भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि यात्री सुविधाओं को बेहतर करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक निर्णय लिए जा सकें। शास्त्री ब्रिज का निरीक्षण, नए रेलवे ओवरब्रिज पर भी चर्चा सतीश कुमार ने इंदौर के शास्त्री ब्रिज का भी निरीक्षण किया। ब्रिज के कारण यातायात और भविष्य में बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जिस मार्ग को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है, उसके दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था बेहद जरूरी होगी। नए एलाइनमेंट को लेकर दिए गए सुझावों पर भी रेलवे गंभीरता से विचार कर रहा है। नए शास्त्री रेलवे ओवरब्रिज के शुरुआती दौर का काम जल्द शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा। सुरक्षा के लिए AI वाले कैमरे, चेहरा भी स्कैन कर सकेंगे रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक वाले कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन कैमरों के जरिए स्टेशन परिसर में होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। नई तकनीक से लैस कैमरों में चेहरे की पहचान और स्कैनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और सुरक्षा एजेंसियों को समय पर अलर्ट करने में मदद मिल सकती है। चूहों की समस्या पर पेस्ट कंट्रोल बढ़ेगा, पेंट्री कार की विशेष सफाई रेलवे परिसरों और ट्रेनों में चूहों की समस्या को लेकर भी चेयरमैन ने अधिकारियों से जानकारी ली। वर्तमान में सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-खंडवा रेल प्रोजेक्ट भी अहम चेयरमैन ने इंदौर से जुड़े महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की। इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-खंडवा रेल सेक्शन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन सेक्शन की क्षमता और यात्री सुविधाओं से जुड़े कामों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई। सिंहस्थ के दौरान इंदौर से उज्जैन जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में इस रेल मार्ग की क्षमता और संचालन व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। इंदौर से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने पर काम इंदौर से अलग-अलग शहरों के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की मांग पर भी रेलवे काम कर रहा है। चेयरमैन ने कहा कि इंदौर से संचालित होने वाली कुछ स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की दिशा में प्रक्रिया जारी है। इससे इंदौर के यात्रियों को नियमित रेल कनेक्टिविटी मिलने के साथ सिंहस्थ के दौरान भी यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट में तेजी के निर्देश रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जून 2025 में … Read more

बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस अब वेंकटनगर में भी रुकेगी, शनिवार से नया स्टॉपेज लागू; टाइमिंग बदली

बिलासपुर  रेल मंडल के वेंकटनगर स्टेशन पर शनिवार से बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो गया। लंबे समय से की जा रही मांग के बाद रेलवे ने यहां ट्रेन रोकने की अनुमति दी है। पहले दिन स्टेशन पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के रुकने से यात्रियों में भी खुशी नजर आई। प्रायोगिक तौर पर शुरू हुआ ठहराव रेलवे ने फिलहाल नर्मदा एक्सप्रेस के वेंकटनगर ठहराव को प्रायोगिक आधार पर शुरू किया है। यात्रियों से मिलने वाले रिस्पांस के आधार पर बाद में इसे नियमित किया जा सकता है। इस सुविधा से यात्रियों को बिलासपुर या इंदौर की यात्रा के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। बिलासपुर-इंदौर ट्रेन का बदला समय ठहराव शुरू होने के बाद 18234 बिलासपुर–इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस वेंकटनगर स्टेशन पर 13:47 बजे पहुंचेगी और 13:49 बजे रवाना होगी। इसके बाद जैतहरी 14:02, अनूपपुर 14:19, अमलाई 14:35 और बुढ़ार 14:45 बजे पहुंचेगी। अन्य स्टेशनों की समय-सारिणी यथावत रहेगी। वापसी में भी समय निर्धारित वापसी में 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस वेंकटनगर 11:03 बजे पहुंचेगी और 11:05 बजे रवाना होगी। इसके बाद पेंड्रारोड 11:21, खोंगसरा 12:07, बेलगहना 12:23, करगी रोड 12:38, घुटकू 12:52 और उसलापुर 13.04 बजे पहुंचेगी।  

वंदे भारत स्लीपर का होगा धांसू विस्तार, 260 ट्रेनें देंगी फ्लाइट जैसी फील और लग्जरी सफर

नई दिल्ली वंदे भारत सीरीज की ट्रेनों ने 2019 में अपनी शुरुआत के बाद से लंबा सफर तय किया है. दिन के समय चलने वाली प्रीमियम चेयर-कार सर्विस के तौर पर शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन अब ओवरनाइट जर्नी की दिशा में भी विस्तार कर रही है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के जरिए लंबी दूरी के और ज्यादा रूट्स पर सेमी-हाई-स्पीड रेल जर्नी का विकल्प मिलने की उम्मीद है।  वंदे भारत स्लीपर की पहली ट्रेनें इस साल की शुरुआत में गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर सेवा में शामिल हुई थीं. वंदे भारत स्लीपर की दूसरी ट्रेनसेट फिलहाल ट्रायल प्रक्रिया में है. इसके संभावित रूट को लेकर बेंगलुरु-मुंबई का नाम सामने आया है, लेकिन रेलवे की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. इसलिए अगली यात्री सेवा का रूट फिलहाल तय नहीं माना जा सकता।  भारतीय रेलवे वंदे भारत सीरीज की स्लीपर ट्रेनों को अब बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी में है. रेलवे की मौजूदा योजना के तहत कुल 260 वंदे भारत स्लीपर रेक तैयार किए जाने हैं. इससे लंबी दूरी के रात वाले सफर के लिए तेज और आधुनिक ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ सकता है. इसका मकसद उन रूट्स पर तेज सेवा उपलब्ध कराना है, जहां यात्रियों को रातभर का सफर करना पड़ता है।  कौन बनाएगा कितने रेक? मौजूदा योजना के मुताबिक, 260 वंदे भारत स्लीपर रेक अलग-अलग कंपनियों और उत्पादन इकाइयों में तैयार किए जाएंगे. इनमें भारत अर्थ मूवर्स ​लिमिटेड (BEML) 10, चेन्नई इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) 50, किनेट रेलवे सॉल्यूशंस (KRS) 120 और टीटागढ़-भेल (Titagarh-BHEL 80) रेक बनाएंगे।  BEML को शुरुआती 10 ट्रेनसेट तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है. ये ट्रेनें 16-कोच वाली होंगी. वहीं, ICF चेन्नई 50 ट्रेनसेट तैयार करेगा. ICF के 24-कोच वाले सेट में पैंट्री कार भी शामिल होगी. अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए प्रोडक्शन ड्रॉइंग तैयार की जा चुकी हैं।  लातूर में बनेंगे 120 ट्रेनसेट रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और रूसी कंपनी ट्रांसमैशहोल्डिंग (TMH) की जॉइंट वेंचर Kinet Railway Solutions को 120 ट्रेनसेट तैयार करने हैं. ये सभी ट्रेनसेट लातूर में बनाए जाएंगे और हर ट्रेन में 16 कोच होंगे. RVNL के मुताबिक, इनकी मैन्युफैक्चरिंग शुरू हो चुकी है. कंपनी के 23वें एनुअल जनरल मीटिंग में चेयरमैन सलीम अहमद ने बताया था कि प्रोटोटाइप की डेडलाइन में बदलाव किया गया है. पहले इसे जून 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य था, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है।  180 Kmph डिजाइन स्पीड वंदे भारत स्लीपर को सेमी-हाई-स्पीड ओवरनाइट ट्रेन के तौर पर डिजाइन किया गया है. इसकी डिजाइन स्पीड 180 Kmph है, जबकि वास्तविक ऑपरेशनल स्पीड रूट और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर 160 Kmph तक रह सकती है. लोकोमोटिव से चलने वाली ट्रेडिशनल ट्रेनों के विपरीत, वंदे भारत स्लीपर में डिस्ट्रिब्यूटेड पावर सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है. इस तकनीक में ट्रेन के डिब्बो को एक अलग इंजन नहीं खींचता बल्कि ट्रेन के हर कोच में एक्सिलरेशन सिस्टम लगा होता है. यानी हर कोच अपने आप में इंजन का काम करता है. इससे वंदे भारत ट्रेन तेजी से रफ्तार पकड़ सकती है और जल्दी ब्रेक लगा सकती है. इस तकनीक से ट्रेन को अपनी एवरेज स्पीड बढ़ाने और ट्रैवल टाइम करने में मदद मिलती है।  16 कोच वाले प्रोटोटाइप में क्या खास? वंदे भारत स्लीपर को सेमी-हाई-स्पीड ओवरनाइट ट्रेन के तौर पर विकसित किया गया है और इसके डिजाइन में आधुनिक यूरोपीय रेल सिस्टम से प्रेरित तकनीकी खूबियां शामिल हैं. अगर कहें कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में यात्रियों को राजधानी ट्रेनों से बेहतर खूबियां और हवाई जहाज जैसी लग्जरी मिलेगी तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी।  मौजूदा 16-कोच प्रोटोटाइप में 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुशन वाली बर्थ और ऊपरी बर्थ तक पहुंचने के लिए नया डिजाइन दिया गया है. रात की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ट्रेन में नाइट लाइटिंग, इंटीग्रेटेड अनाउंसमेंट सिस्टम, डिस्प्ले पैनल, CCTV, मॉड्यूलर पैंट्री, रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट और रिफ्रेशमेंट टेबल जैसी सुविधाएं दी गई हैं।  वंदे भारत स्लीपर की सेफ्टी पर भी जोर वंदे भारत स्लीपर में सील्ड गैंगवे और ऑटोमैटिक इंटरकनेक्टिंग डोर दिए गए हैं. तय स्टेशनों पर खुलने वाले ऑटोमैटिक डोर भी इसमें शामिल हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए बायो-वैक्यूम (Bio-Vacuum) टॉयलेट और दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग वॉशरूम की व्यवस्था है. एसी फर्स्ट क्लास कोच में शॉवर और हॉट वॉटर की सुविधा भी दी गई है. सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में कवच, रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम और इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम जैसे फीचर शामिल हैं. लंबी दूरी के यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर का विस्तार अहम बदलाव ला सकता है. हालांकि, नई सेवाएं शुरू होने से पहले प्रोटोटाइप की टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और संबंधित रूट की तैयारियां पूरी करनी होंगी।