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निजामुद्दीन-मुंबई राजधानी पर हमला, ट्रेन के AC कोच पर फेंके पत्थर; यात्रियों में दहशत

फरीदाबाद/पलवल
 निजामुद्दीन से मुंबई जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर पलवल के पास शरारतीतत्व द्वारा पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में ट्रेन के एसी कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। गनीमत रही कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस घटना से कोच में अफरा-तफरी मच गई और यात्री दहशत में आ गए। आगरा पहुंचने पर ट्रेन काे अटेंड किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आयी।

कब और कैसे किया किया हमला
    निजामुद्दीन से मुंबई जाने वाली 22222 राजधानी एक्सप्रेस शनिवार दोपहर बाद 4 बजकर 55 मिनट पर निजामुद्दीन से रवाना हुई।

    शाम करीब 5 बजकर 26 मिनट पर पलवल रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गुजर रही थी।
    तभी अचानक एसी कोच ए-5 पर तेज आवाज के साथ पत्थर आकर लगा।

    पत्थर लगने से खिड़की का शीशा टूट गया और उसके टुकड़े कोच के अंदर जा गिरे। उस समय कई यात्री अपनी सीटों पर बैठे हुए थे।

अचानक हुए हमले से मचा हड़कंप
अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में हड़कंप मच गया। सीट नंबर 39 पर बैठे यात्री संदीप कुमार ने इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। आगरा पहुंचने पर उक्त ट्रेन को अटेंड किया गया। विडाें में लगा शीशा आधा टूटकर कहीं रास्ते में ही गिर गया। कुछ समय के लिए यात्रियों को लगा जैसे कोई बड़ा हादसा हो गया हो। गनीमत रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आयी।

मई माह में ये तीसरी घटना
मई महीने में इस तरह की ये तीसरी घटना हुई है। एक मई को निजामुद्दीन से ग्वालियर जा रही ताज एक्सप्रेस में होडल के पास लोहे का पाइप फेंका गया जिसमें दो तीन यात्री घायल हो गए थे। इस मामले में जीआरपी ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बाद 19 मई की शाम 22182 निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस निजामुद्दीन में फरीदाबाद पलवल के बीच में पत्थरबाजी हुई। पत्थर एसी कोच बी-4 में लगा जिससे विंडो टूट गया। जबलपुर निवासी रविकांत नामक यात्री बाल बाल बच गए। ठीक चार दिन बाद शरारती तत्व ने 23 मई की शाम मुंबई राजधानी को शिकार बना दिया।

टूटे विंडो की तलाश में आरपीएफ
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि पैसेंजर जिस वक्त पांच बजकर 26 मिनट की घटना बता रहा है उस समय ट्रेन पलवल स्टेशन को पार कर जाती है। स्टेशन पर लगे कैमरे से जांच की गई लेकिन कहीं कोई ऐसी घटना सामने नहीं आयी। क्योंकि यहां से ट्रेन करीब 120 किमी की रफ्तार से पास होती है। महज 900 मीटर दूर ट्रेन एनसीआर में प्रवेश कर जाती है। फिर भी पलवल की आरपीएफ टीम पूरे सेक्शन में पेट्रोलिंग करके टूट ग्लॉस की तलाश कर रही है ताकि घटनास्थल की सही जानकारी मिल सके।

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