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सख्त कार्रवाई: बिहार में 730 अपराधी गिरफ्तार, इनामी अपराधियों पर STF की पकड़

 पटना हथियार दिखाकर चुनौती देने वाले अपराधियों पर बिहार पुलिस की एसटीएफ (विशेष कार्य इकाई) कड़े प्रहार में जुटी है। बिहार में हर महीने औसतन तीन पुलिस मुठभेड़ की घटनाएं इसकी गवाही दे रहे हैं। 2026 के पहले चार महीने के दौरान राज्य में पुलिस मुठभेड़ की 12 घटनाएं हुई हैं, जिनमें चार अपराधी ढेर किए गए। वहीं, भागने का प्रयास कर रहे 9 अपराधियों को पुलिस ने पैर में गोली मारकर लंगड़ा कर दिया। अब ये बदमाशों को अपनी बाकी की जिंदगी अफसोस के साथ बितानी पड़ेगी। वैशाली में प्रिंस, मोतिहारी में कुंदन और प्रियांश हुआ ढेर इस साल 6 फरवरी को एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने वैशाली (हाजीपुर) में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान कुख्यात अपराधी प्रिंस उर्फ अभिजीत को मार गिराया। वह सोना लूट, हत्या और डकैती के 30 से अधिक मामलों में वांछित था और उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इसके बाद 17 मार्च को कुंदन ठाकुर और प्रियांश दुबे को मोतिहारी के चकिया में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। घटना से एक दिन पहले कुंदन ठाकुर ने चकिया के अपर थानाध्यक्ष को फोन कर धमकी दी थी। इस एनकाउंटर में एसटीएफ के एक जवान श्रीराम यादव भी गंभीर रूप से घायल होकर इलाज के दौरान शहीद हो गए थे। ईओ की हत्या करने वाला रामधनी यादव मारा गया हाल ही में 29 अप्रैल को एसटीएफ ने सुल्तानगंज नगर परिषद गोलीकांड में फरार चल रहे कुख्यात अपराधी रामधनी यादव को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया। आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर कार्यालय में घुसकर दिनदहाड़े सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या कर दी थी, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल होकर इलाजरत हैं। इनके अलावा मुठभेड़ की अन्य घटनाओं में अपराधियों को पैर में गोली मारी गई। सीवान में पूर्व एमएलसी मनोज कुमार सिंह के भांजे की हत्या करने वाले अपराधी छोटू कुमार यादव को मुठभेड़ के दौरान गुरुवार तड़के दोनों पैर में गोलियां लगी हैं। 38 इनामी सहित 730 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया बिहार पुलिस की एसटीएफ ने पिछले 4 महीने में 38 इनामी कुख्यातों सहित जिलों की टॉप 10 और 20 की सूची में शामिल 730 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा इनामी सहित 18 नक्सली भी गिरफ्तार हुए। इनामी अपराधियों में तीन लाख, दो लाख एवं एक लाख रुपये के घोषित एक-एक इनामी को पकड़ा गया। 50 हजार रुपये के 9 इनामी, जबकि 25 हजार रुपये के 26 इनामी अपराधियों को पकड़ा गया है। 17 अपराधियों को दूसरे राज्यों से किया गिरफ्तार बिहार में अपराध कर फरार होने वाले अपराधियों पर भी एसटीएफ की कड़ी नजर है। बिहार के कुल 17 अपराधियों को देश के विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार कर लाया गया। वहीं, दूसरे राज्यों में अपराध कर बिहार में छिपे 21 अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई। ऑपरेशन लंगड़ा में घायल हुए ये अपराधी मैनेजर राय (दीदारगंज), प्रह्लाद कुमार (अथमलगोला), नीतीश कुमार (मनेर), परमानंद यादव उर्फ नेपाली, लातेहार (झारखंड), राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन (खाजेकलां), धीरज कुमार (पंडारक), मंगल कुमार, बलिया (बेगूसराय), छोटू कुमार यादव (सीवान)।

जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत की मांग पर एंटी करप्शन का कारगर एक्शन

  गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बभनजोत ब्लॉक परिसर में गुरुवार को एक पीड़ित की शिकायत पर पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने घंटो मशक्कत के बाद एक पंचायत सचिव को दस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़ने के बाद आरोपी को मनकापुर कोतवाली लाया गया, जहां उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद ब्लाक में हडकंप मचा रहा। लोग आरोपी पंचायत सचिव के बारे में ही चर्चा करते नजर आए। गुरुवार को एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल की टीम सुबह ही ब्लाक पर पहुंच गई और अपना जाल बिछाना शुरु कर दिया। एंटी करप्शन के जाल में ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार भारती फंस गए और जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। टीम द्वारा आरोपी ग्राम पंचायत सचिव की जेब से रिश्वत के पैसे निकालते और पूरी कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है। गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम सचिव को सीधे मनकापुर कोतवाली ले गई, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। पीड़ित ने एंटी करप्शन में कई थी शिकायत बताया जाता है कि खोडारे थाना क्षेत्र के कोल्हीगरीब निवासी अजमल पुत्र मोहम्मद अख्तर ने शिकायत की थी कि उनके मित्र अजहरुद्दीन के तीन बच्चे महमुदुद्दीन, समसू निशा खान और फरहीन खान के जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए सचिव उमेश कुमार भारती लगातार 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं । बिना रूपये के प्रमाण नहीं दे रहे थे। एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल थाने के प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि सचिव को मनकापुर कोतवाली लाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि उमेश कुमार भारती जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत ले रहे थे। रिश्वत के मामले में पेशकार को गिरफ्तार कर लिया गया वहीं हमीरपुर में नक्शा दुरुस्तीकरण के नाम पर सेवानिवृत्त फौजी से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उप संचालक चकबंदी न्यायालय के पेशकार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई बांदा से आई एंटी करप्शन टीम ने की। पेशकार को कार्यालय के अंदर से दबोचकर टीम अपने साथ बांदा ले गई। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। हरियाणा के फतेहाबाद निवासी सेवानिवृत्त फौजी धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब एक साल पूर्व सरीला तहसील के कुपरा गांव में साढ़े 13 बीघा जमीन खरीदी थी। इसका नक्शा दुरुस्त कराने को लेकर उन्होंने उपसंचालक चकबंदी न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। छह माह से वह बराबर चक्कर लगा रहे थे।

बर्फ से ढका हेमकुंड साहिब, सेना बर्फ काटकर रास्ता खोलने में जुटी

 जोशीमठ बर्फ और बदलते मौसम के बीच भारतीय सेना के जवान एक बार फिर अनुपम मिसाल पेश कर रहे हैं. सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुगम बनाने के लिए सेना के 22 जवान लगातार बर्फ काटकर रास्ता बनाने के काम में जुटे हुए हैं।  गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब 15,210 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यहां ऑक्सीजन की भारी कमी, तेज हवाएं और ठंड हर समय चुनौती से भरा रहता है. फिर भी हर साल की तरह इस बार भी भारतीय सेना के जवान बिना रुके अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।  अटला कुड़ी ग्लेशियर पर चल रहा है मुश्किल काम सेना की टीम अटला कुड़ी ग्लेशियर क्षेत्र में काम कर रही है. हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग के करीब 3 किलोमीटर हिस्से में बर्फ को काटकर सुरक्षित रास्ता तैयार किया जा रहा है. यहां मौसम बहुत बदला-बदला सा है. कभी तेज बर्फबारी हो रही है तो कभी अचानक मौसम साफ और सुहावना हो जाता है।  हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा अधिक ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से ऑक्सीजन की भारी कमी के बीच काम करना आसान नहीं है. लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद जवान लगातार मेहनत कर रहे हैं।  बता दें कि 23 मई 2026 को इस बार गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. ऋषिकेश से पहला जत्था 20 मई को रवाना होने वाला है. हेमकुंड साहिब पहुंचने का रास्ता ऊंचे हिमालयी इलाके से होकर गुजरता है. सर्दियों में यहां भारी बर्फ जमा हो जाती है. बिना रास्ता साफ किए श्रद्धालु यात्रा नहीं कर सकते. इसलिए भारतीय सेना के जवान हर साल बड़ी मेहनत और लगन से बर्फ हटाकर, रास्ता सुरक्षित बनाकर यात्रियों के लिए तैयार करते हैं। 

SC ने पवन खेड़ा को दी अग्रिम जमानत, शर्त—पुलिस बुलाने पर थाने में हाजिर होना अनिवार्य

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है. 30 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।  अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है, उसे आसानी से खतरे में नहीं डाला जा सकता. अदालत ने निर्देश दिया है कि क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन केस नंबर 04/2026 में गिरफ्तारी की स्थिति में पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए।  कोर्ट ने कहा कि वह इस तथ्य से अवगत है कि दोनों पक्षों (खेड़ा और हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी) की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं, लेकिन किसी की आजादी से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता. दरअसल, खेड़ा के खिलाफ यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया से जुड़े बयान को लेकर दर्ज किया गया था. खेड़ा ने रिंकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाए थे कि उनके पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्तियां हैं।  जमानत की शर्तें – खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा. – जब भी पुलिस स्टेशन में बुलाया जाए, उपस्थित होना पड़ेगा. – वह किसी भी तरह से सबूतों को प्रभावित या छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे. – अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अपीलकर्ता बिना सक्षम न्यायालय की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे. – साथ ही, ट्रायल कोर्ट को यह अधिकार दिया गया है कि वह जरूरत के अनुसार अतिरिक्त शर्तें भी लागू कर सकता है. – अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि जमानत पर विचार करते समय जिन दस्तावेजों और तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उनका केस के अंतिम निर्णय से कोई संबंध नहीं है. – ट्रायल कोर्ट इन टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा. अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि जमानत पर विचार करते समय जिन दस्तावेजों और तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उनका केस के अंतिम निर्णय से कोई संबंध नहीं है.   निचली अदालत ने नहीं मिली थी राहत आपको बता दें कि पवन खेड़ा ने इससे पहले असम की निचली अदालत और गुवाहाटी हाईकोर्ट में भी अग्रिम जमानत को लेकर याचिका दायर की थी. दोनों अदालतों से राहत ना मिलने की वजह से वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक हफ्ते की ट्रांजिट बेल दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाते हुए खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया था। 

गोमती नदी पर बने दो नए पुल, 212 मीटर लंबे सेतु से गांवों को मिलेगा फायदा

 लखनऊ  आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल तक जाने वाले मार्ग, सेतु से जुड़े सभी काम को कराने के निर्देश शासन ने कार्यदायी संस्था को दिए थे। इसमें सेतु निगम ने तो गोमती नदी के ऊपर सेतु बनाने का काम समय से पूरा कर लिया। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) आउटर रिंग रोड के नीचे से दो लेन के अंडरपास को चार लेन करने का काम भी कर रहा है। इस काम को पंद्रह जुलाई 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। दस करोड़ की लागत से बनाए जा रहे अंडरपास को, जो 18 मीटर है, उसे बढ़ाकर 36 मीटर किया जा रहा है। फोर लेन से भी अधिक यह चौड़ा होगा। भविष्य की योजनाओं को देखते हुए प्राधिकरण इसे बनवा रहा है। खासबात है कि दिसंबर 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा करवाने के लिए शासन लगा हुआ है, इस अंडरपास से जुड़े काम को जल्द करवाने के लिए एनएचएआइ को भी दस करोड़ की धनराशि प्रदेश सरकार द्वारा दी गई है। आईआईएम रोड से पीएम टेक्सटाइल तक करीब 14.28 किमी. सड़क बनाई जानी है। इसमें छह किमी. की सड़क का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग करवा चुका है। बाकी आठ किमी. की सड़क का काम अभी तक नहीं शुरू हो पाया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जमीन अधिगृहण का काम चल रहा है। खातेदार ज्यादा होने के कारण शासन यहां भी मुआवजे की प्रकिया पूरी नहीं करवा पाया है। वहीं दिसंबर तक फोर लेन सड़क लोक निर्माण विभाग को बनाकर देना है। क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल पार्क का उद्घाटन करने की तैयारी है। सेतु निगम ने 212 मीटर के दो पुलों को निर्धारित समय से पहले बनाकर किया तैयार उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने पीएम टेक्सटाइल पार्क को कनेक्ट करने वाले पुल से जुड़ा काम निर्धारित अवधि से तीन से चार माह पहले ही खत्म कर लिया था। गोमती नदी के ऊपर से यह सेतु पीएम टेक्सटाइल पार्क को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इस सेतु के बनने से सबसे अधिक लाभ एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को होगा। खास बात है कि एक सेतु से लोग चढ़ सकेंगे और दूसरे सेतु से उतर सकेंगे। अगल-बगल बने प्रत्येक सेतु की लंबाई 212 मीटर रखी गई है। इन सेतु के बन जाने से मलिहाबाद के अटारी गांव में बन रहे प्रधानमंत्री टेक्सटाइल पार्क तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में लोगों को अटारी तक पहुंचने के लिए जेहटा गांव का रास्ता अपनाना पड़ता है। पुल से नौ किमी. दूरी पर है पीएम टेक्सटाइल पार्क रैथा सेतु से पीएम टेक्सटाइल पार्क मात्र नौ किमी. की दूरी पर है। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इस प्रोजेक्ट पर करीब 44.11 करोड़ खर्च करके इसे बनाया है। सेतु निगम के अभियंता बताते हैं कि पीएम टेक्स्टाइल पार्क बनने की घोषणा हाेने के चंद सप्ताह में ही इस सेतु का खाका तैयार कर लिया गया था। यह सेतु रैथा गांव से उठेगा और कोलवा गांव में उतरेगा।  

पंजाब में छात्रों के लिए नया विकल्प: PSEB ने लॉन्च किया ई-कॉमर्स पोर्टल, डायरेक्ट मिलेंगी किताबें

 चंडीगढ़  पंजाब में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) निजी स्कूलों के पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को सीधे किताबें उपलब्ध कराएगा। इस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए बोर्ड ने एक समर्पित ई-कॉमर्स पोर्टल और मोबाइल एप तैयार किया है, जिसके जरिए किताबों की खरीद और वितरण पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत छात्र और अभिभावक घर बैठे ही मोबाइल एप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार किताबों का आर्डर दे सकेंगे। इसके साथ ही स्कूलों को कक्षा और विषयवार अपनी मांग डिजिटल रूप से अपलोड करनी होगी। प्रत्येक छात्र को अलग लागइन क्रेडेंशियल दिए जाएंगे, जिससे अभिभावक सीधे पोर्टल पर जाकर आर्डर प्लेस कर सकें और पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किताबों की आपूर्ति में बिचौलियों की भूमिका खत्म करना, लागत को कम करना और समय पर किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था में स्कूल केवल वितरण की जिम्मेदारी निभाएंगे और किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकेंगे। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि छूट वाले प्रिंटेड बिल मूल्य से अधिक कोई राशि नहीं वसूली जाएगी, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। पीएसईबी के चेयरमैन अमरपाल सिंह ने बताया कि इस पोर्टल को सुरक्षित ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जोड़ा गया है, जिससे लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ओवरचार्जिंग की कोई गुंजाइश न रहे और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं उपार्जन के स्लॉट बुक, प्रदेश में लगातार बढ़ रहा आंकड़ा: CM यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। किसान भाइयों ने बड़ी संख्या में स्लॉट बुक किए हैं। अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ उपार्जन के लिए स्टॉल बुक हो चुके है। यह एक सकारात्मक संदेश है। स्टॉल बुकिंग का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के किसानों से गेहूँ उपार्जन करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केन्द्रों पर सभी संभव व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूँ उपार्जन प्रक्रिया में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए आकस्मिक निरीक्षण लगातार चलता रहेगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सभी मंत्री, विधायक और संबंधित अधिकारियों को उपार्जन प्रक्रिया में पूरी सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निर्देशित किया गया है। 23 मई तक गेहूं खरीदी की बढ़ी तारीख  न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपज बेचने में हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों की क्षमता और सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि जिन किसानों को अब तक स्लॉट नहीं मिल पाया है, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी फसल आसानी से बेच सकें। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी समयसीमा बढ़ाई गई थी, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने के कारण दोबारा अवधि बढ़ानी पड़ी।  जिलों में बढ़ा रही तौल कांटों की संख्या  मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।  विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 60 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।  

रायपुर में छत्तीसगढ़ की दोहरी सफलता, फाइलेरिया और मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में हुई सराहना

रायपुर : राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना फाइलेरिया उन्मूलन में BIHAN मॉडल और ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ पहल को नवाचार व जनभागीदारी के लिए सराहना रायपुर जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 30 अप्रैल और 01 मई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित “National Summit on Innovation and Inclusivity – Best Practices Shaping India’s Future” में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राज्य की स्वास्थ्य रणनीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल की सफलता का भी प्रमाण है। BIHAN मॉडल ने बदली तस्वीर, महिला समूह बने बदलाव की धुरी फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में BIHAN (स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। Mission Steering Group–Human Resource (MSG–HR) के अंतर्गत इस मॉडल को देश की सर्वश्रेष्ठ नवाचारी और समावेशी पहल के रूप में मान्यता मिली, जिसमें PCI India का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान के दौरान महिलाओं ने घर-घर पहुंचकर न केवल दवा सेवन सुनिश्चित कराया, बल्कि समुदाय में व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर किया। सामुदायिक बैठकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि दवा सेवन से इनकार करने वाले लगभग 74% लोगों को सहमति के लिए तैयार किया गया-जो इस मॉडल की सबसे बड़ी सफलता के रूप में उभरकर सामने आया। ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ ने दुर्गम क्षेत्रों में दिखाई प्रभावशीलता सम्मेलन में ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को भी एक प्रभावी और परिणामोन्मुख पहल के रूप में विशेष सराहना मिली। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में संचालित इस अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) से समय पर जांच, त्वरित उपचार और Day-7 व Day-14 फॉलो-अप के माध्यम से पूर्ण इलाज सुनिश्चित किया गया। इस अभियान की खास उपलब्धि लक्षणहीन (Asymptomatic) मरीजों की पहचान रही, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में निर्णायक मदद मिली। इसके सकारात्मक परिणाम भी स्पष्ट रूप से सामने आए हैं- राज्य का API वर्ष 2019 में 1.97 से घटकर 2025 में 0.90 हो गया, जबकि बस्तर संभाग में यह 13.12 से घटकर 6.98 तक पहुंच गया। अन्य राज्यों के लिए प्रेरक मॉडल- राष्ट्रीय मंच पर उपस्थित विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने छत्तीसगढ़ के BIHAN आधारित सामुदायिक मॉडल और ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया। कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली ये पहलें यह साबित करती हैं कि जनभागीदारी और स्थानीय रणनीतियों के माध्यम से जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान संभव है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी समुदाय आधारित, नवाचारयुक्त और क्षेत्र विशेष रणनीतियों को प्राथमिकता देते हुए जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा

यूपी सरकार की पहल: श्रमिक कल्याण योजनाओं का लोकार्पण और मुफ्त राशन उपलब्ध

लखनऊ राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को श्रमवीर गौरव समारोह 2026 का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस मौके पर सीएम ने श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूल किट देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुआ। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि अटल आवासीय छात्रों को मेरिट सूची में स्थान हासिल करने पर बधाई। प्रधानाचार्यों को भी शुभकामनाएं। हमारा श्रमिक किसी भी मौसम में काम करता है। वह न रुकता है, न थकता है, न डिगता है। आपके पसीने की बूंद से धरती माता सोना उगलता है। जो श्रमिक दूसरे के घरों में इज्जत घर बनाते थे, उनकी इज्जत सड़कों पर दिखती थी। जो दूसरे के लिए अन्न उपजाते थे, उनके बच्चे खाने को परेशान थे। जो बड़े बड़े अस्पताल बनाते थे, उन्हें ही इलाज नहीं मिलता था। आज ऐसा नहीं है। श्रमिक भी सरकारी एजेंडे का हिस्सा बन सकता है, ये तभी संभव है जब संवेदनशील सरकार बनती है। आज भी फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा सीएम ने आगे कहा कि कोरोना कालखंड में सारे विपक्षी रातनेता रजाई तानकर घरों में छिप गए थे। उस समय केवल और केवल डबल इंजन सरकार थी। हम लोगों ने एक साथ 14 हजार बसें भेजीं। हमने कहा यहां पर कहीं का भी श्रमिक आए सबको फ्री में रहना और खाना देंगे। आज कोरोना के बाद भी सबको फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम मोदी ने श्रमिकों के लिए सामाजिक गारंटी की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि यूपी में श्रम एवं सेवायोजन मंत्रालय द्वारा बेहतर काम किया गया। आज गोरखपुर में 200 श्रमिकों के बेटियों की शादी खुद मंत्री उपस्थित रहकर उनकी आवभगत करेंगे। विधायक के घर की शादी में जाएं या न जाएं, लेकिन श्रमिकों की बेटियों की शादी में मंत्री खुद जा रहे हैं। आज यूपी के लोगों को यूपी के अंदर ही काम मिल रहा है। 9 वर्षों में 18 हजार से अधिक नए उद्योग लगे। 65 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आज यूपी भारत का ग्रोथ इंजन बनकर खड़ा है। काम के बदले दाम देना पड़ेगा सीएम ने कहा कि पहले लोग काम करा लेते थे, पैसे देने के समय टरका देते थे। लेकिन, हमने कहा कि काम कराओगे तो काम के बदले दाम देना पड़ेगा। यदि कोई दाम देने में हीलाहवाली करेगा तो उसका इलाज सरकार करेगी। 80 लाख के आसपास लोगों को पांच लाख तक के निशुल्क इलाज की व्यवस्था की है। हमने अभी उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों का कुछ मानदेय बढ़ाया है। दुर्घटना में मृतक श्रमिकों के लिए पांच लाख का बीमा कवर देने जा रहे हैं। सबकी इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की- ब्रजेश पाठक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशी अंदाज में लोगों से संवाद किया। कहा कि आज पहिले से अच्छी व्यवस्था है कि नहीं। काम करै के बाद जौन गारी गुप्ता करत रहे, आज उईं डेरात हैं कि नहीं? तुम्हार इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की है। कौनो दिक्कत होए तो हमका लिख भेजेएव। पीएम मोदी ने श्रमिकों के पैर धोकर सम्मानित किया डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहली बार 2019 के अर्द्ध कुंभ में पीएम मोदी ने खुद जमीन पर बैठकर श्रमिकों को कुर्सी पर बैठाकर उनके पैर धोकर सम्मानित किया। यह दृश्य हृदय को द्रवित करने वाला था। इसी तरह काशी विश्वनाथ धाम के शुभारंभ में पीएम मोदी ने गंगा स्नान करके सबसे पहले श्रमिकों का सम्मान किया। आप सबका बेहतर करना ही डबल इंजन की सरकार का प्रयास है। इस मौके पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा सरकार ने श्रमिकों की जीवन बदला है। ये बात दुनिया में चर्चा का विषय है। सरकार का सपना है कि आज मजदूर का बेटा मजदूर ही नहीं बनेगा। मजदूर का बेटा डॉक्टर बनेगा, इंजीनियर बनेगा, अधिकारी बनेगा। अटल आवासीय विद्यालय में बच्चे बेहतर शिक्षा ले रहे हैं। प्रदेश के श्रमिकों को बाहर न जाना पड़े, यहीं पर उन्हें काम मिले ये प्रयास जारी है।  

हिंदूवादी नेताओं की हत्या और घरों पर ग्रेनेड हमले की साजिश रचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आईएसआई के संपर्क में रहने वाले संदिग्ध आतंकी भारत में बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे। इन्होंने पांच हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने की साजिश रची थी। इन नेताओं के घरों पर ग्रेनेड से हमला करने की भी तैयारी में थे। एटीएस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। अब एटीएस शुक्रवार से आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर और गहनता से पूछताछ करेगी। एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से बागपत के तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान व एटा के समीर को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में तुषार मेरठ और समीर दिल्ली में रह रहा था। ये दोनों पाकिस्तानी अपराधी शजहाद भट्टी और आईएसआई एजेंट मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर, मोहम्मद हमाद बरकाती व आबिद जट के संपर्क में थे। उनके इशारे पर भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। एटीएस की जांच में सामने आया कि आरोपियों को शहजाद भट्टी ने हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धि राणा और गौरव राजपूत की हत्या करने का टास्क दिया था। ये टास्क शहजाद ने आबिद जट के माध्यम से दिया था। ये भी कहा गया था कि इन सभी के घरों पर ग्रेनेड भी फेंकने हैं जिससे दहशत फैल सके। तीन लाख में करनी थीं पांच हत्याएं पाकिस्तानी हैंडलर्स ने तुषार और समीर को इन सभी की हत्या करने के लिए तीन लाख रुपये देने का वादा किया था। साथ ही उन्होंने दोनों को आश्वासन दिया था कि पासपोर्ट बनवाकर दुबई भेजा जाएगा। वहीं पर सेटल कर दिया जाएगा जिससे भारत की जांच एजेंसी उन तक नहीं पहुंच पाएंगी। एक्स मुस्लिमों को कॉन्फ्रेंस कॉल पर दी थी धमकी एटीएस की जांच में पता चला कि तुषार और समीर ने एक्स मुस्लिम इमरोज आलम, अंजली आर्या, समीर व सलीम वास्तिक को व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया के जरिये कॉल की थी। कॉल में कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शहजाद भट्टी भी जुड़ा था। उसने इन सभी को धमकी दी थी। इससे संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली हैं। छह दिन की मिली कस्टडी रिमांड आतंकी साजिश की तह तक पहुंचने के लिए एटीएस ने आरोपियों की रिमांड मांगी थी। एनआईए की विशेष अदालत में अर्जी दी थी। बृहस्पतिवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश नीतू पाठक ने आरोपियों की छह दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की।