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सुपर अल नीनो’ के कारण 140 साल का गर्मी का रिकॉर्ड टूटेगा! क्या होगा इस बार अलग?

नई दिल्ली गर्मियों का मौसम आते ही हम सभी चिलचिलाती धूप और पसीने से परेशान होने लगते हैं। लेकिन, इस बार की गर्मी कोई आम गर्मी नहीं होने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस बार 'सुपर अल नीनो' के कारण गर्मी अपने पिछले 140 सालों के सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है और दुनिया के कई हिस्सों में चरम मौसम की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। आखिर यह 'सुपर अल नीनो' कैसे असर करता है? यह इतना खतरनाक क्यों माना जा रहा है? और भारत सहित पूरी दुनिया पर इसका क्या असर पड़ने वाला है? आइए समझते हैं। अल नीनो (El Niño) क्या है?     स्पेनिश भाषा में 'अल नीनो' का मतलब 'छोटा लड़का' होता है, लेकिन मौसम विज्ञान में इसका असर बहुत विशाल है।     यह प्रशांत महासागर से जुड़ी एक मौसमी घटना है।     सामान्य परिस्थितियों में, समुद्र की सतह का गर्म पानी एशिया और ऑस्ट्रेलिया की तरफ बहता है।     लेकिन, अल नीनो के दौरान यह चक्र उलटा या कमजोर पड़ जाता है। भूमध्य रेखा के पास प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है और यह गर्म पानी दक्षिण अमेरिका की तरफ बहने लगता है।     समुद्र के इस बढ़ते तापमान का असर पूरी दुनिया के मौसम चक्र (हवाओं, बारिश और तापमान) पर पड़ता है। फिर यह 'सुपर अल नीनो' क्या है? जब प्रशांत महासागर के पानी का तापमान सामान्य से थोड़ा बढ़ता है, तो उसे 'अल नीनो' कहते हैं। लेकिन जब यह तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह घटना बेहद उग्र हो जाती है। इसे ही वैज्ञानिकों ने 'सुपर अल नीनो' का नाम दिया है। मुख्य कारण: जब ग्लोबल वार्मिंग (ग्रीनहाउस गैसों के कारण लगातार बढ़ती पृथ्वी की गर्मी) और अल नीनो दोनों आपस में मिल जाते हैं, तो यह एक 'डबल अटैक' बन जाता है। यही वजह है कि वैज्ञानिक 140 साल से भी ज्यादा समय के बाद ऐसी भयंकर गर्मी की भविष्यवाणी कर रहे हैं। यह स्थिति बेहद दुर्लभ होती है- 1950 के बाद केवल कुछ बार ही ऐसा हुआ है। जैसे 1982-83, 1997-98 और 2015-16 में भी कुछ असर देखने को मिला था। इस बार वैज्ञानिकों का अनुमान है कि नीनो 3.4 क्षेत्र में तापमान वृद्धि 2°C से ज्यादा पहुंच सकती है। न्यूयॉर्क के एट अल्बानी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पॉल राउंडी का कहना है कि 'पिछले 140 साल में सबसे मजबूत एल नीनो बनने की वास्तविक संभावना है।' 140 साल पुराना खतरा? तापमान जितना ज्यादा बढ़ता है, अल नीनो के असर के और भी ज्यादा तेज होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। अल्बानी में स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क में वायुमंडलीय और पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. पॉल राउंडी ने लिखा कि '140 सालों में सबसे मजबूत अल नीनो घटना होने की वास्तविक संभावना है।' मियामी विश्वविद्यालय के एसोसिएट वैज्ञानिक डॉ. एंडी हेजल्टन ने लिखा कि सभी मॉडल और अवलोकन एक ही दिशा की ओर इशारा कर रहे हैं: इस साल एक बहुत मजबूत अल नीनो आएगा, जिसका वैश्विक जलवायु पर काफी असर पड़ेगा। इस बार ऐसा क्या होने वाला है? सुपर अल नीनो का असर सिर्फ गर्मी तक सीमित नहीं है; यह एक चेन रिएक्शन की तरह काम करता है। इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार होंगे- रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और भीषण लू ग्लोबल वार्मिंग पहले से ही धरती को गर्म कर रही है। 'सुपर अल नीनो' इस आग में घी का काम करेगा। भारत के कई हिस्सों, खासकर उत्तर और मध्य भारत में, दिन का तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर जा सकता है। भीषण लू (हीटवेव) का दौर लंबा और ज्यादा जानलेवा हो सकता है। मॉनसून पर ब्रेक- सूखे का खतरा भारत की पूरी कृषि व्यवस्था मॉनसून पर निर्भर है। अल नीनो का भारतीय मानसून से सीधा और उल्टा रिश्ता है।     जब भी अल नीनो मजबूत होता है, भारत में मॉनसून कमजोर पड़ जाता है।     इस साल बारिश कम होने और कई राज्यों में सूखे जैसे हालात पैदा होने की गहरी आशंका है। खेती और महंगाई पर सीधा असर बारिश कम होने और भयंकर गर्मी पड़ने से:     धान और गन्ने जैसी फसलों की पैदावार गिर सकती है।     खाद्य पदार्थों की कमी के कारण महंगाई आसमान छू सकती है।     पीने के पानी का संकट गहरा सकता है क्योंकि नदियां और डैम सूखने लगेंगे। दुनिया भर में चरम मौसम अल नीनो सिर्फ भारत को नहीं रुलाएगा। इसके कारण:     दक्षिण अमेरिका में भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ आ सकती है।     ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में भयंकर सूखा और जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने की आशंका है। क्यों इस बार ‘सुपर’ एल नीनो की बात हो रही है? अप्रैल 2026 तक स्थिति ENSO-neutral यानी न तो एल नीनो, न ला नीना वाली है, लेकिन प्रशांत महासागर के नीचे के पानी में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। यूरोपीय मॉडल NOAA, ECMWF और अन्य संस्थानों के पूर्वानुमान बताते हैं कि मई-जुलाई 2026 से एल नीनो उभर सकता है और सर्दियों (2026-27) तक मजबूत रहेगा। कुछ मॉडल बहुत मजबूत या सुपर स्तर का संकेत दे रहे हैं। 2024 पहले ही रिकॉर्ड गर्म साल था। मजबूत एल नीनो के साथ 2026 या 2027 नए रिकॉर्ड बना सकते हैं। कुछ अनुमान कहते हैं कि तापमान अस्थायी रूप से 1.5°C या उससे भी ज्यादा (कुछ मामलों में 2°C तक) पूर्व-औद्योगिक स्तर से ऊपर जा सकता है।

1 मई से देश में लागू होंगे 5 बड़े बदलाव, LPG से लेकर Credit Card तक के नियम बदलेंगे!

नई दिल्ली  शुक्रवार 1 मई से नए महीने की शुरुआत हो रही है. नई तारीख के साथ ही देश में तमाम नए फायनेंशियल बदलाव (New Rule Changes From 1st May 2026) भी लागू होते हैं. ये बदलाव आमजन के जीवन और जेब दोनों पर असर डालते हैं. जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक जो 5 नए नियम लागू हो रहे हैं, उनमें एलपीजी सिलेंडर के दाम, क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम भी शामिल हैं. आइये नए नियमों पर डालते हैं एक नजर।  पहला नियम: एलपीजी सिलेंडर के नए रेट होंगे लागू सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर के दाम अपडेट करती हैं. इस बार भी 1 मई को ऑयल कंपनियां गैस सिलेंडर के रेट्स में संशोधन करेंगी. अगर दाम बदलते हैं तो उसका साफ असर घर की रसोई से लेकर रेस्टोरेंट-होटलों तक दिखाई देगा. बता दें, इस महीने घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में वृद्धि की गई थी. जानकारी मिली है कि सरकार अब OTP बेस्ड एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी का फैसला ले सकती है।  दूसरा नियम: क्रेडिट कार्ड से संबंधित देश का सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव करने जा रहा है. नए नियम शुक्रवार 1 मई से लागू हैं. बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार बैंक ने लेट पेमेंट चार्ज से लेकर सालाना फीस में बदलाव किया है. शुक्रवार 1 मई से बैंक 100 रुपये से ज्यादा और 500 रुपये तके की बकाए राशि को पर लेट पेमेंट चार्ज को 100 रुपये करने जा रहा है. वहीं, 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की बकाए राशि पर यह चार्ज करीब 500 रुपये हो जाएगा. इसके साथ-साथ कुछ कार्डों पर 499 रुपये की सालाना फीस, जो अभी तक 50 हजार रुपये है, उसे 1 लाख रुपये के सालाना खर्च पर वापस किया जाएगा।  तीसरा नियम: CNG-PNG के दामों में भी बदलाव एलपीजी सिलेंडर के दाम सीएनजी-पीएनजी के दामों में संशोधन किया जाता है. तेल कंपनियां महीने की पहली तारीख को नए रेट्स जारी करती हैं. इस महीने की शुरुआत में इनके दाम दोगुने कर दिए गए थे, लेकिन बाद में इन्हें वापस लेना पड़ा. अगर दाम बढ़ते हैं तो वाहन स्वामियों की जेब को झटका लग सकता है।  चौथा नियम: बैंकों की छुट्टियां भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक आने वाले नए महीने मई में बंपर हॉलिडे हैं. दूसरे और चौथे शनिवार के साथ-साथ हर रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहता है. इनके अलावा 1 मई शुक्रवार को लेबर-डे/ महाराष्ट्र दिवस, बकरीद की छुट्टियां रहेंगी. हालांकि अलग-अलग राज्यों में ये छुट्टियां अलग-अलग हो सकती हैं. अगर बैंक किसी काम से जाना है को पहले वेबसाइट पर एक नजर जरूर डाल लें, वैसे, सभी बैंकों की ऑनलाइन सेवाएं 24 घंटों चालू रहती हैं।  पांचवा नियम: ऑनलाइन गेम से संबंधित बदलाव मई महीने की पहली तारीख से ऑनलाइन गेम से जुड़े नियम भी बदल जाएंगे. सरकार Online Gaming Rules 2026 को लागू करने जा रही है. इन नए नियमों के तहत ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया का गठन किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक ऑनलाइन गेम्स को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा, इनमें Online Money Games, Online Social Games और E-Sports शामिल हैं. इनके लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा. जो गेम खेलेगा उसके लेनदेन पर सख्ती से नजर रखी जाएगी।  ATM से कैश निकालना अब महंगा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ATM इंटरचेंज फीस बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म होने के बाद हर बार कैश निकालने पर 23 रुपये देने होंगे, जो पहले 21 रुपये था. फ्री लिमिट की बात करें तो-      अपने बैंक के ATM पर हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं.     दूसरे बैंक के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं।  इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना होगा. SBI Credit Card के नए नियम SBI Card से जुड़े ग्राहकों के लिए भी 1 मई से नए नियम लागू होंगे. लेट पेमेंट चार्ज में बदलाव किया गया है।      100 से 500 रुपये तक के बकाया पर 100 रुपये चार्ज लगेगा.     500 से 1000 रुपये तक के बकाया पर 500 रुपये शुल्क देना होगा. इसके अलावा BPCL SBI Credit Card की एनुअल फीस से जुड़ा नियम भी बदला है. अब 1 लाख रुपये सालाना खर्च करने पर फीस रिवर्स होगी, जो पहले 50,000 रुपये पर मिलती थी।  ऑनलाइन गेमिंग के नियम हुए सख्त सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए नए नियम लागू किए हैं. इसके तहत एक नई संस्था बनाई जाएगी, जो इस सेक्टर की निगरानी करेगी. अब गेम्स को तीन हिस्सों में बांटा गया है- मनी गेम्स, सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स. खासकर पैसे से जुड़े गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा और यूजर्स के लेनदेन पर नजर रखी जाएगी। 

राघव चड्ढा की एंट्री के बावजूद पंजाब में BJP को फायदा नहीं, जानें क्या है वजह

लुधियाना  आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्य सभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसको लेकर राज्य सभा सचिवालय ने भी अधिसूचना जारी कर दी है। इसी के साथ उच्च सदन में भाजपा की ताकत भी बढ़ी है और सांसदों की संख्या 113 हो गई है। जिन सात सांसदों ने बीजेपी का दामन थामा है, उनमें से 6 पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं और स्वाती मालिवाल दिल्ली से है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राज्य सभा सांसदों का बीजेपी में जाना अरविंद केजरीवाल की पार्टी AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, दिल्ली हारने के बाद अब आम आदमी पार्टी की पंजाब में ही सरकार है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव हारने के बाद पूरा ध्यान पंजाब पर लगा दिया है। AAP के बागी सांसदों के शामिल होने से बीजेपी खुश नजर आ रही है। दरअसल, राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने विधासनभा चुनाव 2022 में AAP की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। जो सांसद बीजेपी में शामिल हुए हैं उनमें- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, राजिंदर गुप्ता और स्वाति मालीवाल शामिल है।  क्या बीजेपी को मिलेगा फायदा?  AAP के सातों राज्य सभा सांसदों के विलय के बाद उच्च सदन में भले ही बीजेपी का संख्या बल बढ़ा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर फायदा कम होता नजर आ रहा है। अपनी रणनीति से 2022 में राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने AAP को जीत दिलाई हो, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नेताओं का कोई जनाधार नहीं है। ऐसे में बीजेपी के लिए इनका कितना उपयोगी साबित होना संभव है, यह आने वाला समय बताएगा। पंजाब में चड्ढा का इस्तेमाल करेगी बीजेपी वहीं पंजाब में बीजेपी अब राघव चड्ढा का इस्तेमाल करेगी, क्योंकि प्रदेश में कायदे से पार्टी अपनी उपस्थिति भी दर्ज नहीं करा पाई है। इसके अलावा बीजेपी पर पंजाब में किसान विरोधी होने का आरोप भी लगता है। खासकर केंद्र के कृषि कानूनों के विवाद के बाद। संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों ने बीजेपी पर किसानों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसलिए अकाली दल भी अब बीजेपी के साथ नहीं है। चड्ढा के सामने भी होगी चुनौती राघव चड्ढा AAP की तरफ से राज्य सभा में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन अब बीजेपी में जाने के बाद उनके सामने कई चुनौतियां होगी। दरअसल, इससे पहले तक वे बीजेपी के मुखर विरोधी रहे है और कई मौके पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। खासतौर पर कृषि कानूनों को लेकर। ऐसे में प्रदेश की जनता और बीजेपी में अपनी जगह कैसे बनाते है, यह आने वाला समय बताएगा। उन्हें न केवल पार्टी की विचारधारा के साथ तालमेल बैठाना होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का भरोसा भी जीतना होगा। 

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू किया, ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने सौर ऊर्जा उत्पादन की ओर बढ़ाया कदम : ऊर्जा मंत्री तोमर 110 मेगावाट की सौर परियोजनाएं स्थापित होंगी तीन ताप विद्युत गृहों में फ्लेक्सिबिलिटी योजना के तहत सौर और ताप विद्युत का संयोजन 24*7 विश्वसनीय बिजली आपूर्ति का लक्ष्य भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने पारम्परिक ऊर्जा के साथ अब गैर वैकल्प‍िक ऊर्जा उत्पादन की ओर भी कदम बढाया है। पावर जनरेटिंग कंपनी प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 110 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना करेगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि यह परियोजनाएं मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के तीन प्रमुख ताप विद्युत गृहों सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (40 मेगावाट), अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (40 मेगावाट) और संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर (30 मेगावाट) में स्थापित होंगी। रणनीतिक स्थापना एवं फ्लेक्सिबिलिटी योजना के तहत संचालन पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने अपने स्थापित ताप विद्युत गृहों में ही सौर संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे उपलब्ध संसाधनों, अधोसंरचना और तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस रणनीति से परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन, लागत में कमी व संचालन दक्षता में वृद्धि होने की संभावना है। गौरतलब है कि इन संयंत्रों से उत्पादित विद्युत का संचालन केंद्र सरकार की फ्लेक्सीबिलिटी योजना के अंतर्गत किया जाएगा। यह योजना सौर ऊर्जा को तापीय या जल विद्युत के साथ जोड़कर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। इस समेकित मॉडल के माध्यम से नवकरणीय ऊर्जा की अनियमितता को संतुलित करते हुए ग्रिड की स्थिरता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप पहल वर्ष 2021 में आयोजित COP-26 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘पंचामृत’ लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें वर्ष 2030 तक देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकताओं को नवकरणीय स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड का यह प्रयास राज्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देगा। पॉवर जनरेटिंग कंपनी पूर्व में मंदसौर जिले के रातागुराड़िया में 7 मेगावाट का सौर संयंत्र स्थापित कर इस दिशा में शुरुआत कर चुकी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कंपनी की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने हमेशा राज्य को विश्वसनीय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान की है और अपनी दक्षता से राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी कंपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी और यह परियोजना राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। उत्कृष्टता की परंपरा को बरकरार रखेंगे प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने वर्षों से उत्कृष्ट संचालन और तकनीकी दक्षता के बल पर देश के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से सतत विकास सुनिश्चित करना है, साथ ही अपनी उत्कृष्टता की परंपरा को बनाए रखना है।” मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की यह पहल न केवल राज्य में नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि वितरण कंपनियों को स्थायी हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने में भी सहायक साबित होगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाते हुए एक संतुलित और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली का निर्माण करेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले माह ही मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के साथ अनुबंध हस्ताक्षरित किया है। इसके अंतर्गत नगरीय निकायों में सामूहिक रूप से लगने वाले प्रस्तावित प्लांट्स के लिए कंपनी मुख्य सलाहकार की भूमिका अदा करेगी। इस तरह के कदम राज्य को स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेंगे।