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ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च, अब बिल और पेमेंट की हर अपडेट मिलेगी ऑनलाइन

एमपी ट्रांसको ने लॉन्च किया वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल बिल से लेकर भुगतान तक की रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी संभव : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि डिजिटल इंडिया अभियान में प्रदेश के ऊर्जा विभाग की भागीदारी को और आगे बढाते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत कंपनी के वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स की पारदर्शिता के लिए अत्याधुनिक वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन और रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे। तोमर ने बताया कि वर्तमान में कार्यरत वेंडर्स एवं कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए वर्ष 2022 से इंटरनेट आधारित वेंडर्स पोर्टल संचालित है। इस व्यवस्था के तहत कॉन्ट्रैक्ट्स एवं वेंडर्स अपने देयक, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्रस्तुत करते हैं तथा उनके बिलों की जांच, स्वीकृति, भुगतान एवं अन्य समस्त प्रक्रियाएं पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित की जाती हैं। पोर्टल के जरिए बिलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी कॉन्ट्रैक्टर्स को एसएमएस एवं ई-मेल के माध्यम से स्वतः प्राप्त होती रहती है। साथ ही वे किसी भी समय लॉग-इन कर अपने देयकों एवं भुगतान की अद्यतन स्थिति देख सकते हैं। बढेगी पारदर्शिता ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था के पूर्ण रूप से लागू होने पर वेंडर्स, कांट्रेक्टर्स एवं अधिकारियों के समय की बचत होगी, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा देयक निपटान प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित एवं प्रभावी बन सकेगी। सुविधा का किया जा रहा है विस्तार एमपी ट्रांसको के संयुक्त निदेशक विकास श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि कंपनी ने इस सुविधा का विस्तार करते हुए टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट्स के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स के लिए भी इंटरनेट आधारित वेब पोर्टल प्रारंभ की है। इसके माध्यम से वेंडर्स अपने मोबाइल, टैबलेट अथवा कंप्यूटर से कहीं से भी लॉग-इन कर संबंधित कार्यालय में ऑनलाइन देयक प्रस्तुत कर सकेंगे। पोर्टल की विशेषता यह रहेगी कि वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की प्रोसेसिंग की प्रत्येक अवस्था की जानकारी रियल-टाइम में प्राप्त कर सकेंगे।  

ऊर्जा क्षेत्र में MP की बड़ी उपलब्धि, नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन : मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि नियामक आयोग के 98 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी हासिल की : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट पारेषण प्रदर्शन किया है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन सिस्टम अवेलेबिलिटी (पारेषण प्रणाली उपलब्धता) हासिल की है, जो मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित 98 प्रतिशत लक्ष्य से काफी अधिक है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त 99.47 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी के प्रदर्शन में भी सुधार करते हुए 2.52 प्रतिशत के साथ यह उपलब्धि हासिल की है। इसी प्रकार कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2.60 प्रतिशत ट्रांसमिशन लॉस दर्ज किया, जबकि नियामक आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्य 2.74 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रांसमिशन यूटिलिटी के प्रदर्शन के मूल्यांकन में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी और ट्रांसमिशन लॉस दो सबसे महत्वपूर्ण मानक माने जाते हैं। इन दोनों प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर कार्य करने वाले विद्युत कर्मियों की मेहनत, समर्पण, तकनीकी दक्षता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी प्रदेश की विद्युत कंपनियां उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहेंगी।  

शुजालपुर में ऊर्जीकृत हुआ 200 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन योजना क्राइटेरिया का किया पालन शुजालपुर में ऊर्जीकृत हुआ 200 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर शुजालपुर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन प्लानिंग क्राइटेरिया का पालन करते हुए शाजापुर जिले के  220 के वी सब स्टेशन शुजालपुर मे एक नया 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने सीईए की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते  हुए इस ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत करने में सफलता प्राप्त की है। शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी में हुई वृद्धि  एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता उज्जैन अनिल सक्सेना ने जानकारी दी कि इस क्षमता वृद्धि से शुजालपुर 220 के वी सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 793 एम वी ए की हो गई है, वहीँ शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढकर 1926 एमवीए की हो गई है। शाजापुर जिले मे एमपी ट्रांसको अपने 11 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है जिसमें 220 केवी के दो सब स्टेशन शुजालपुर, शाजापुर एवं 132 के वी के 9 सबस्टेशन पोलाइकलां, अरनिया कलां, मक्सी, बेरछा, मोहन बादोदिया,  कालापीपल, शुजालपुर,  शाजापुर,  पनवाडी  शामिल हैं।  

तूफान और बारिश से प्रभावित इलाकों में पहुंचे ऊर्जा मंत्री तोमर, हालात का लिया जायजा

आंधी-पानी से हुए नुकसान का जायजा लेने मैदान में उतरे ऊर्जा मंत्री तोमर ग्वालियर गुरुवार रात आई आंधी और बारिश से उप नगर ग्वालियर में कई क्षेत्रों में वृक्ष गिरने से विद्युत लाइनों तथा खंभों के क्षतिग्रस्त होने से बिजली संबंधी गंभीर समस्या उत्पन्न हुई। सूचना प्राप्त होते ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने तत्काल ग्राउंड पर पहुँचकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा राहत एवं मरम्मत संबंधी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने देर रात 1 बजे 4 फीडरों पर विद्युत व्यवस्था का जायजा लिया। मंत्री तोमर ने माँ वैष्णोंपुरम , चंदनपुरा, श्याम बाबा का मंदिर, राठौर चौक, गदाईपुरा पहुंचकर विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंधी-पानी के कारण जिन इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर विद्युत आपूर्ति बहाल करें। प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से संवाद करते हुए ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिजली विभाग की टीमें पूरी तत्परता और तेजी से कार्य कर रही हैं। शीघ्र ही सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।   

समाधान योजना से 29.81 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत, ऊर्जा मंत्री तोमर का दावा

समाधान योजना में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने लिया लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि समाधान योजना में 15 मई तक 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने सरचार्ज में छूट का लाभ लिया है। उन्होंने बताया है कि पिछले वर्ष 3 नवम्बर को समाधान योजना 2025-26 की शुरुआत हुई थी। योजना 15 मई तक लागू थी। 473 करोड़ 39 लाख का सरचार्ज हुआ माफ मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है। कुल 1497 करोड़ 45 लाख रूपये जमा किये गये हैं, जबकि 473 करोड़ 39 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख 91 हजार बकायादार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 834 करोड़ 55 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 331 करोड़ 60 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 11 लाख 27 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 340 करोड़ 8 हजार रूपये जमा हुए हैं, जबकि 99 करोड़ 49 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 9 लाख 63 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 322 करोड़ 82 लाख रूपये जमा हुए हैं, जबकि 42 करोड़ 30 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है।  

सारणी में 160 MVA पावर ट्रांसफार्मर हुआ ऊर्जीकृत, ऊर्जा मंत्री तोमर ने दी जानकारी

सारणी मे ऊर्जीकृत हुआ 160 एम वी ए का पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर 45 वर्षो तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने के बाद ट्रांसको का पावर ट्रांसफार्मर हुआ रिटायर भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था के इतिहास में एक भावुक और गौरवपूर्ण अध्याय उस समय जुड़ गया, जब एमपी ट्रांसको के बैतूल जिला स्थित सारणी 220 केवी सबस्टेशन में स्थापित 100 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगातार 45 वर्षों तक निर्बाध सेवाएं देने के बाद सम्मानपूर्वक रिटायर हुआ। मंत्री तोमर ने बताया कि उल्लेखनीय है कि सन 1978 मे निर्मित इस ट्रांसफार्मर की निर्धारित कार्य अवधि लगभग 25 वर्ष थी, किंतु मध्यप्रदेश विद्युत मंडल तथा बाद में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मचारियों की कुशल मेंटेनेंस, सटीक तकनीकी प्रबंधन और उत्कृष्ट कार्य दक्षता के कारण इसने लगभग दोगुनी अवधि तक विश्वसनीय सेवाएं दीं। इसके साथ ही पुराने 100 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर अब सारणी 220 केवी सबस्टेशन में 160 एमवीए क्षमता का अत्याधुनिक पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र की पारेषण क्षमता और विद्युत विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली पहुंचाने में रहा था अहम योगदान ऊर्जा मंत्री तोमर ने आगे जानकारी दी कि सारणी ताप विद्युत गृह से उत्पादित होने वाली बिजली को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक सुरक्षित एवं सतत रूप से पहुंचाने में इस ट्रांसफार्मर की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीते लगभग साढे चार दशकों में इस ट्रांसफार्मर ने न केवल प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती प्रदान की, बल्कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक, कृषि एवं सामाजिक विकास की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मौन आधार स्तंभ की तरह योगदान दिया। यह ट्रांसफार्मर प्रदेश की ऊर्जा अवसंरचना के विकास का साक्षी रहा है। बैतूल के साथ रेलवे ट्रैक्सन फीडर को मिलेगी विश्वसनीय बिजली एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि इस नये पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद 220 के वी सबस्टेशन सारणी की क्षमता बढकर 320 एम व्हीए की हो गई है। इससे विश्वसनीयता बढने के साथ तीन 132 के व्ही सबस्टेशनों को फायदा मिलेगा. इसके अलावा रेलवे ट्रैक्सन घोड़ाड़ोंगरी के दोनों फीडर को भी गुणवत्ता पूर्ण विश्वसनीय सप्लाई उपलब्ध रहेगी। बैतूल जिले की क्षमता में वृद्धि शांडिल्य ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से बैतूल जिले की कुल स्थापित क्षमता 740 एमवीए से बढ़कर 800 एमवीए हो गई। एमपी ट्रांसको बैतूल जिले में अपने 220/132 केव्ही के तीन एवं 132/33 के व्ही के छह सब स्टेशन के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है।  

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू किया, ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने सौर ऊर्जा उत्पादन की ओर बढ़ाया कदम : ऊर्जा मंत्री तोमर 110 मेगावाट की सौर परियोजनाएं स्थापित होंगी तीन ताप विद्युत गृहों में फ्लेक्सिबिलिटी योजना के तहत सौर और ताप विद्युत का संयोजन 24*7 विश्वसनीय बिजली आपूर्ति का लक्ष्य भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने पारम्परिक ऊर्जा के साथ अब गैर वैकल्प‍िक ऊर्जा उत्पादन की ओर भी कदम बढाया है। पावर जनरेटिंग कंपनी प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 110 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना करेगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि यह परियोजनाएं मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के तीन प्रमुख ताप विद्युत गृहों सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (40 मेगावाट), अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (40 मेगावाट) और संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर (30 मेगावाट) में स्थापित होंगी। रणनीतिक स्थापना एवं फ्लेक्सिबिलिटी योजना के तहत संचालन पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने अपने स्थापित ताप विद्युत गृहों में ही सौर संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे उपलब्ध संसाधनों, अधोसंरचना और तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस रणनीति से परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन, लागत में कमी व संचालन दक्षता में वृद्धि होने की संभावना है। गौरतलब है कि इन संयंत्रों से उत्पादित विद्युत का संचालन केंद्र सरकार की फ्लेक्सीबिलिटी योजना के अंतर्गत किया जाएगा। यह योजना सौर ऊर्जा को तापीय या जल विद्युत के साथ जोड़कर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। इस समेकित मॉडल के माध्यम से नवकरणीय ऊर्जा की अनियमितता को संतुलित करते हुए ग्रिड की स्थिरता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप पहल वर्ष 2021 में आयोजित COP-26 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘पंचामृत’ लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें वर्ष 2030 तक देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकताओं को नवकरणीय स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड का यह प्रयास राज्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देगा। पॉवर जनरेटिंग कंपनी पूर्व में मंदसौर जिले के रातागुराड़िया में 7 मेगावाट का सौर संयंत्र स्थापित कर इस दिशा में शुरुआत कर चुकी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कंपनी की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने हमेशा राज्य को विश्वसनीय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान की है और अपनी दक्षता से राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी कंपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी और यह परियोजना राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। उत्कृष्टता की परंपरा को बरकरार रखेंगे प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने वर्षों से उत्कृष्ट संचालन और तकनीकी दक्षता के बल पर देश के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से सतत विकास सुनिश्चित करना है, साथ ही अपनी उत्कृष्टता की परंपरा को बनाए रखना है।” मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की यह पहल न केवल राज्य में नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि वितरण कंपनियों को स्थायी हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने में भी सहायक साबित होगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाते हुए एक संतुलित और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली का निर्माण करेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले माह ही मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के साथ अनुबंध हस्ताक्षरित किया है। इसके अंतर्गत नगरीय निकायों में सामूहिक रूप से लगने वाले प्रस्तावित प्लांट्स के लिए कंपनी मुख्य सलाहकार की भूमिका अदा करेगी। इस तरह के कदम राज्य को स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेंगे। 

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई में कोताही नहीं सहेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर का सख्त बयान

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री शहर की सीवर, सफाई व्यवस्था देखने सुबह 6 बजे विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार सुबह 6 बजे उप नगर  के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पेयजल आपूर्ति तथा सफाई व्यवस्था, सीवर व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सुबह 6 बजे वाटर सीवरेज पंपिंग स्टेशन पीएचई कॉलोनी में पहुंचकर नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ सीवरेज सफाई व्यवस्था देखी और जरूरी निर्देश दिए । ऊर्जा मंत्री तोमर ने वार्ड 4 के चद्र नगर, ठाकुर मोहल्ला, बार्ड 1 के रामाजी का पुरा, आरआर टॉवर पहुंचकर सीवर व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सड़क और विद्युत व्यवस्था तथा वार्ड 36 के गेंडे वाली सड़क और शिंदे की छावनी में पहले किये गये निरीक्षण के दौरान दिए निर्देश पर हुई कार्यवाही को देखा। उन्होंने निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम अधिकारियों को तुरंत सफाई व्यवस्था में सुधार करने हेतु निर्देशित किया। सुपर सकर मशीन से सफाई कार्य का निरीक्षण ऊर्जा मंत्री तोमर की पहल पर जनकल्याण समिति द्वारा नगर निगम के सहयोग से उप नगर ग्वालियर में सीवर लाइनों की सफाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के निरंतर 7 वें दिवस शुक्रवार को हजीरा चौराहे पर पहुंचकर सुपर सकर मशीन से चल रही सीवर लाइनों की सफाई के काम का भी निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था और अधिक तेज, प्रभावी व सुदृढ़ बनेगी। उन्होंने कहा कि हमने सीवर सफाई के कार्य को अपने हाथ में लिया है और हम इसमें बदलाव लाकर दिखाएंगे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्वच्छता, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर बनाना हमारा संकल्प है।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता

निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता : ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री तोमर ने औद्योगिक क्षेत्र बामोर (बानमोर) में 133/11 केवी सब स्टेशन का औचक निरीक्षण किया भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुरुवार को मुरैना-ग्वालियर मार्ग पर स्थित बामोर (बानमोर) औद्योगिक क्षेत्र में 133/11 केवी सब स्टेशन का गुरुवार को औचक निरीक्षण करते हुए विद्युत व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराना आपके सेवक की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊर्जा मंत्री ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी खामियों का त्वरित निराकरण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में बेवजह का विद्युत अवरोध नहीं होना चाहिए। यथासंभव उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ऊर्जा मंत्री ने संबंधित बिजली अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी खामियां समयबद्ध रूप से दुरुस्त की जाएँ, जिससे नागरिकों को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध हो सके, लेकिन ऐसा कोई काम ना करें, जिससे बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान आए। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वह ऊर्जा विभाग का सहयोग करें। सामने आ रही बिजली की समस्या के निदान के लिए पूरा ऊर्जा विभाग मैदान में है। बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मर पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार से बचने का तरीका यह है कि उपभोक्ता अपनी घरेलू बिजली का लोड बढ़वाएं तथा वैध विद्युत कनेक्शन लेकर ही विद्युत उपभोग करें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अगर हम बिजली कंपनी का सहयोग करें, तो तकनीकी समस्याओं को दूर करने में काफी हद तक निजात पाई जा सकती है।  

जीआईएस सबस्टेशन, भोपाल में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत, ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया खुलासा

जीआईएस सबस्टेशन, भोपाल में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर हुई 70 एमवीए भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि गर्मी के मौसम में राजधानी की विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन, ई-8 अरेरा कॉलोनी भोपाल की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। नए ट्रांसफार्मर के जुड़ने से इस सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 70 एमवीए हो गई है। जीआईएस गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन तकनीक पर आधारित यह सबस्टेशन सीमित स्थान में निर्मित है, जहां अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। इसके बावजूद कंपनी के इंजीनियरों ने अपनी दक्षता और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए कम स्थान में ही 20 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया। पारेषण नेटवर्क को मिली मजबूती एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य के अनुसार विगत दिवस स्थापित इस 20 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर से न केवल भोपाल की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि सबस्टेशन पर वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध हो गई है। इससे आवश्यक रखरखाव (शटडाउन) के दौरान भी विद्युत आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना संभव होगा।