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मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू किया, ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने सौर ऊर्जा उत्पादन की ओर बढ़ाया कदम : ऊर्जा मंत्री तोमर 110 मेगावाट की सौर परियोजनाएं स्थापित होंगी तीन ताप विद्युत गृहों में फ्लेक्सिबिलिटी योजना के तहत सौर और ताप विद्युत का संयोजन 24*7 विश्वसनीय बिजली आपूर्ति का लक्ष्य भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने पारम्परिक ऊर्जा के साथ अब गैर वैकल्प‍िक ऊर्जा उत्पादन की ओर भी कदम बढाया है। पावर जनरेटिंग कंपनी प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 110 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना करेगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि यह परियोजनाएं मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के तीन प्रमुख ताप विद्युत गृहों सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (40 मेगावाट), अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (40 मेगावाट) और संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर (30 मेगावाट) में स्थापित होंगी। रणनीतिक स्थापना एवं फ्लेक्सिबिलिटी योजना के तहत संचालन पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने अपने स्थापित ताप विद्युत गृहों में ही सौर संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे उपलब्ध संसाधनों, अधोसंरचना और तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस रणनीति से परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन, लागत में कमी व संचालन दक्षता में वृद्धि होने की संभावना है। गौरतलब है कि इन संयंत्रों से उत्पादित विद्युत का संचालन केंद्र सरकार की फ्लेक्सीबिलिटी योजना के अंतर्गत किया जाएगा। यह योजना सौर ऊर्जा को तापीय या जल विद्युत के साथ जोड़कर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। इस समेकित मॉडल के माध्यम से नवकरणीय ऊर्जा की अनियमितता को संतुलित करते हुए ग्रिड की स्थिरता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप पहल वर्ष 2021 में आयोजित COP-26 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘पंचामृत’ लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें वर्ष 2030 तक देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकताओं को नवकरणीय स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड का यह प्रयास राज्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देगा। पॉवर जनरेटिंग कंपनी पूर्व में मंदसौर जिले के रातागुराड़िया में 7 मेगावाट का सौर संयंत्र स्थापित कर इस दिशा में शुरुआत कर चुकी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कंपनी की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने हमेशा राज्य को विश्वसनीय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान की है और अपनी दक्षता से राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी कंपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी और यह परियोजना राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। उत्कृष्टता की परंपरा को बरकरार रखेंगे प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने वर्षों से उत्कृष्ट संचालन और तकनीकी दक्षता के बल पर देश के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से सतत विकास सुनिश्चित करना है, साथ ही अपनी उत्कृष्टता की परंपरा को बनाए रखना है।” मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की यह पहल न केवल राज्य में नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि वितरण कंपनियों को स्थायी हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने में भी सहायक साबित होगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाते हुए एक संतुलित और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली का निर्माण करेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले माह ही मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के साथ अनुबंध हस्ताक्षरित किया है। इसके अंतर्गत नगरीय निकायों में सामूहिक रूप से लगने वाले प्रस्तावित प्लांट्स के लिए कंपनी मुख्य सलाहकार की भूमिका अदा करेगी। इस तरह के कदम राज्य को स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेंगे। 

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई में कोताही नहीं सहेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर का सख्त बयान

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री शहर की सीवर, सफाई व्यवस्था देखने सुबह 6 बजे विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार सुबह 6 बजे उप नगर  के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पेयजल आपूर्ति तथा सफाई व्यवस्था, सीवर व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सुबह 6 बजे वाटर सीवरेज पंपिंग स्टेशन पीएचई कॉलोनी में पहुंचकर नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ सीवरेज सफाई व्यवस्था देखी और जरूरी निर्देश दिए । ऊर्जा मंत्री तोमर ने वार्ड 4 के चद्र नगर, ठाकुर मोहल्ला, बार्ड 1 के रामाजी का पुरा, आरआर टॉवर पहुंचकर सीवर व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सड़क और विद्युत व्यवस्था तथा वार्ड 36 के गेंडे वाली सड़क और शिंदे की छावनी में पहले किये गये निरीक्षण के दौरान दिए निर्देश पर हुई कार्यवाही को देखा। उन्होंने निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम अधिकारियों को तुरंत सफाई व्यवस्था में सुधार करने हेतु निर्देशित किया। सुपर सकर मशीन से सफाई कार्य का निरीक्षण ऊर्जा मंत्री तोमर की पहल पर जनकल्याण समिति द्वारा नगर निगम के सहयोग से उप नगर ग्वालियर में सीवर लाइनों की सफाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के निरंतर 7 वें दिवस शुक्रवार को हजीरा चौराहे पर पहुंचकर सुपर सकर मशीन से चल रही सीवर लाइनों की सफाई के काम का भी निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था और अधिक तेज, प्रभावी व सुदृढ़ बनेगी। उन्होंने कहा कि हमने सीवर सफाई के कार्य को अपने हाथ में लिया है और हम इसमें बदलाव लाकर दिखाएंगे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्वच्छता, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर बनाना हमारा संकल्प है।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता

निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता : ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री तोमर ने औद्योगिक क्षेत्र बामोर (बानमोर) में 133/11 केवी सब स्टेशन का औचक निरीक्षण किया भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुरुवार को मुरैना-ग्वालियर मार्ग पर स्थित बामोर (बानमोर) औद्योगिक क्षेत्र में 133/11 केवी सब स्टेशन का गुरुवार को औचक निरीक्षण करते हुए विद्युत व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराना आपके सेवक की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊर्जा मंत्री ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी खामियों का त्वरित निराकरण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में बेवजह का विद्युत अवरोध नहीं होना चाहिए। यथासंभव उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ऊर्जा मंत्री ने संबंधित बिजली अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी खामियां समयबद्ध रूप से दुरुस्त की जाएँ, जिससे नागरिकों को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध हो सके, लेकिन ऐसा कोई काम ना करें, जिससे बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान आए। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वह ऊर्जा विभाग का सहयोग करें। सामने आ रही बिजली की समस्या के निदान के लिए पूरा ऊर्जा विभाग मैदान में है। बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मर पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार से बचने का तरीका यह है कि उपभोक्ता अपनी घरेलू बिजली का लोड बढ़वाएं तथा वैध विद्युत कनेक्शन लेकर ही विद्युत उपभोग करें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अगर हम बिजली कंपनी का सहयोग करें, तो तकनीकी समस्याओं को दूर करने में काफी हद तक निजात पाई जा सकती है।  

जीआईएस सबस्टेशन, भोपाल में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत, ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया खुलासा

जीआईएस सबस्टेशन, भोपाल में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर हुई 70 एमवीए भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि गर्मी के मौसम में राजधानी की विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन, ई-8 अरेरा कॉलोनी भोपाल की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। नए ट्रांसफार्मर के जुड़ने से इस सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 70 एमवीए हो गई है। जीआईएस गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन तकनीक पर आधारित यह सबस्टेशन सीमित स्थान में निर्मित है, जहां अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। इसके बावजूद कंपनी के इंजीनियरों ने अपनी दक्षता और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए कम स्थान में ही 20 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया। पारेषण नेटवर्क को मिली मजबूती एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य के अनुसार विगत दिवस स्थापित इस 20 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर से न केवल भोपाल की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि सबस्टेशन पर वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध हो गई है। इससे आवश्यक रखरखाव (शटडाउन) के दौरान भी विद्युत आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना संभव होगा।  

नर सेवा-नारायण सेवा के मूलमंत्र को साकार कर रही है सरकार : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल.  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि नर सेवा-नारायण सेवा मध्यप्रदेश की सरकार का मूलमंत्र है। मंत्री तोमर ने रेसकोर्स रोड स्थित सरकारी कार्यालय पर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के 722 लाभार्थियों को हित लाभ के प्रमाण पत्र वितरित किए। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि आपका यह सेवक जिस मुकाम पर है, यह आपके आशीर्वाद का ही प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि आज जिन 722 लाभार्थियों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, यह उनका हक है, जो मध्य प्रदेश की कर्मशील सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना प्रदेश सरकार का संकल्प है। इसकी पूर्ति के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। हमारा उद्देश्य सिर्फ विकास के सपने दिखाना या सिर्फ बातें करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य करना है। उन्होंने दोहराया कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना ही हमारा लक्ष्य है। मंत्री तोमर ने कहा कि विकास का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक को अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना ही शासन की प्राथमिकता है। हम जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाएंगे और एक नया स्वस्थ, हरा-भरा, नशा मुक्त समाज बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए साथ मिलकर अपना सहयोग देना होगा। ऊर्जा मंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसमें 209 पेंशन प्रमाण पत्र, 205 राशन पात्रता पर्ची, 244 कामकाजी महिला कार्ड तथा 64 आयुष्मान कार्ड शामिल हैं।  

ऊर्जा मंत्री तोमर का आदेश: पाँचों बिजली कंपनियाँ शीघ्र करें स्वीकृत पदों पर भर्ती

पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें: ऊर्जा मंत्री तोमर विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा भोपाल पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें। हर हाल में अगले महीने तक भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी हो जाना चाहिए। 132 केव्ही के स्वीकृत सभी सब स्टेशन का कार्य जल्द पूरा करेगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश बुधवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा में दिए। मंत्री तोमर ने कहा कि मेंटिनेंस और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किये गए कार्यों के बाद भी ट्रिपिंग क्यों हो रही है। इसका स्थाई निदान ढूढे। उन्होंने कहा कि पायलेट प्राजेक्ट के रूप में एक फीडर लें और उसमें सभी संभावित उपाय कर यह सुनिश्चित करें कि उसमें कोई ट्रिपिंग नहीं हों। यह प्रयोग सफल होने पर अन्य फीडरों में भी इसे लागू किया जाए। बिजली का बिल समय पर नहीं पहुँचने और कार्यवाही तब करने जब बिल बढ़ जाता है, की स्थिति उचित नहीं है। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्तों के विरूद्ध पहले या दूसरे महीनें में ही कार्यवाही करे। इससे वह बिल का भुगतान कर सकेगा। अच्छा परफार्मेंस नहीं देने वाले सीई और एसई के खिलाफ करें कार्यवाही ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जो सीई और एसई अच्छा परफार्मेंस नहीं दे रहे है, उनके विरूद्ध कार्यवाही करें। मेंटिनेंस कार्यों के सतत् मॉनिटरिंग इनके माध्यम से करवायें। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी और वर्षा के सीजन देखते हुए पॉवर ट्रांसफार्मर की ओवरलोडिंग कम करने की कार्ययोजना बनाएं। सोलर रूफटॉप लगाने में आ रहीं कठिनाईयों को दूर करें। जो वेंडर ठीक से काम नहीं कर रहे है, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें। लोकसेवा गारंटी के अंतर्गत आने वाले कार्यों को समय-सीमा में कराना सुनिश्चित करें। गलत एवं फाल्स बिलिंग को सुधारने बनायें कार्ययोजना ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि गलत एवं फाल्स बिल की गहन जांच हो। साथ ही इनका निराकरण समय-सीमा में होना चाहिए। इसके लिये जरूरी हो तो अधिकारों का विकेन्द्रीकरण भी करेा। वितरण केन्द्र एवं संभाग स्तर पर जनसुनवाई शिविर लगाएं जाएं। वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं  मंत्री तोमर ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष को वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं। इसके लिये सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करें। उन्होंने कहा कि वे खुद भी ऐसे अधिकारियों को सम्मानित करेंगे। वसूली के कार्यों में स्टॉफ की कमी हो तो सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियो की सेवाएं भी लेने का प्रस्ताव बनाएं। बिजली कंपनियों के भवनों में विज्ञापन के लिये स्पेस देकर आय बढ़ाने के प्रयास करें। समाधान योजना में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें। बड़े बकायदारों से पहले वसूली करें।  सिंहस्थ: 2028 के कार्य प्राथमिकता से करें सिंहस्थ:2028 से संबंधित सभी कार्य तय समय-सीमा में करें। कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। इन कार्यों की सतत् समीक्षा करें। सिंहस्थ संबंधित ट्रांसमिशन कम्पनी के कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा की गई। मंत्री तोमर ने मिशन कम्पनी के कार्मिकों को इनसेंटिव देने की बात भी कही। ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश भी दिए। ऊर्जा मंत्री ने पॉवर जनरेटिंग कम्पनी की नई इकाईयों की स्थापना की प्रगति और नई सोलर एवं पम्प स्टोरेज इकाईयों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले, एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी अजय गुप्ता, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ऋषि गर्ग, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी अनूप सिंह, एमडी पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी सुनील तिवारी और एमडी मध्यप्रदेश जनरेशन कम्पनी मंजीत सिंह ने कम्पनी द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।  

जौरा सब स्टेशन में उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित, ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान

जौरा सब स्टेशन में उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित : ऊर्जा मंत्री तोमर जौरा सब स्टेशन में उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित, ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान जौरा सब स्टेशन में अब उच्च क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर, ऊर्जा मंत्री तोमर ने की पुष्टि भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा मुरैना जिले की विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने के लिए 132 केवी जौरा सब स्टेशन की क्षमता में वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि सब स्टेशन में पूर्व स्थापित 20 एमवीए क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर के स्थान पर 50 एमवीए क्षमता का नया पॉवर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। इससे मुरैना जिले की पारेषण प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा जौरा क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो सकेगी। मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष लाभ मिलेगा और भविष्य में बढ़ती विद्युत मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा। इन क्षेत्रों को होगा लाभ एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता राजीव तोतला ने जानकारी दी कि जौरा सब स्टेशन में नए पॉवर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से कुम्हेरी, जौरा, सुमावली, सांकरा, सिटी जौरा, चिनौनी, नवोदय तथा बगचिनी सहित आसपास के क्षेत्रों के लगभग 18 हजार विद्युत उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इनमें औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं। जिले की ट्रांसफार्मेशन क्षमता में वृद्धि अधीक्षण अभियंता राजीव ने जानकारी दी कि 20 एमवीए के स्थान पर 50 एमवीए क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित होने से जौरा सब स्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 113 एमवीए हो गई है। एमपी ट्रांसको मुरैना जिले में 220 केवी के 2 सब स्टेशन (मुरैना एवं सबलगढ़) तथा 132 केवी के 7 सब स्टेशन (मुरैना, बामोर, अम्बाह, बड़ागांव डिमनी, कैलारस, जौरा एवं पोरसा) के माध्यम से विद्युत पारेषण कर रही है। इस नए ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 1482 एमवीए हो गई है, जिससे विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता एवं स्थिरता में महत्वपूर्ण सुधार होगा।  

किसानों के हित में प्रदेश सरकार की निरंतर पहल: ऊर्जा मंत्री तोमर

प्रदेश सरकार किसानों के हित में निरंतर कर रही कार्य : ऊर्जा मंत्री तोमर म.प्र. नियामक आयोग द्वारा टैरिफ आदेश जारी भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि म.प्र. सरकार प्रदेश के किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। जैसे कि अटल कृषि ज्योति योजना के तहत 10 हॉर्स पावर तक के कृषि उपभोक्ताओं के बिलों पर म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी विद्युत दरों पर सब्सिडी स्वीकृत की जाती है, जिसके अनुसार उपभोक्ता द्वारा दी जाने वाली राशि नियामक आयोग द्वारा जारी दरों की मात्र लगभग 7 प्रतिशत राशि ही जमा करना होती है जबकि म.प्र. सरकार कृषि उपभोक्ताओं के बिलों का लगभग 93 प्रतिशत राशि सब्सिडी के रूप में वहन करती है। इसके अतिरिक्त राज्य शासन की अटल गृह ज्योति योजना के तहत 150 यूनिट प्रति माह तक मासिक खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट पर मात्र 100 रूपये एवं अतिरिक्त 50 यूनिट पर वास्तविक दर से भुगतान करने का प्रावधान है। अतः घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक के बिल पर पूर्व के भांति अटल गृह ज्योति योजना के तहत मात्र 100 रुपये का ही भुगतान करना होगा जबकि 100 यूनिट खपत पर शहर के प्रत्येक घरेलू उपभोक्ताओं की तरफ से शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में लगभग 600 रूपये वहन किये जायेंगे। इस प्रकार के घरेलू उपभोक्ता जिनको सरकार सब्सिडी प्रदान कर रही है उनकी संख्या पूरे प्रदेश में लगभग एक करोड़ है, जबकि प्रदेश में कुल लगभग 38 लाख कृषि उपभोक्ता हैं जो सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार चालू वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा लगभग 25 हजार 800 करोड़ सब्सिडी के रूप में वहन किये जा रहे है। उल्लेखनीय है कि आयोग के निर्देश पर एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा प्रत्येक माह एफ.पी.पी.ए.एस. (Fuel & Power Purchase Adjustment Surcharge) की दरें जारी की जाती है। विगत माह में यह दर (Minus) -1.71 प्रतिशत थी, जो कि इस माह में (Minus) – 0.63 प्रतिशत के आदेश भी जारी किये गये है। यह दरें आयोग द्वारा जारी ऊर्जा प्रभार पर लागू रहेंगी। अतः प्रत्येक उपभोक्ता श्रेणी पर लागू ऊर्जा प्रभार पर 0.63 प्रतिशत की कमी कर उपभोक्ताओं के बिलों की गणना की जायेगी । विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश के मुख्य बिन्दु 1. विद्युत दरों में विगत वर्ष में लागू दरों की तुलना में वितरण कंपनियों द्वारा मांगी गयी 10.19 प्रतिशत वृद्धि के विरूद्ध मात्र 4.8 प्रतिशत की औसत दर वृद्धि की गई है। 2. मौसमी उपभोक्ताओं (एच.वी.4) तथा मेट्रो रेल (एच.वी.9): के टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं। 3. उच्च दाब घरेलू (HV-6), उच्च दाब कृषि (HV-5) एवं उच्च दाब मेट्रो श्रेणी के उपभोक्ताओं के न्यूनतम प्रभार समाप्त किये गये। इसके पूर्व विगत वर्षों में निम्न दाब घरेलू, गैर घरेलू, पब्लिक वॉटर वर्कस एवं स्ट्रीट लाईट, निम्न दाब औद्यौगिक, निम्न दाब कृषि एवं उच्च दाब मौसमी (SEASONAL) श्रेणी के उपभोक्ताओं पर न्यूनतम प्रभार समाप्त किये जा चुके हैं। 4. विगत वर्ष की भांति उपभोक्ताओं को मीटर रेट अथवा मीटरिंग चार्ज नहीं लगेंगे। 5. 10 किलो वॉट तक भार वाले ऐसे सभी उपभोक्ताओं, जहां स्मार्ट मीटर स्थापित हैं, को सौर घंटों (प्रातः 09:00 बजे से सायं 05:00 बजे) के मध्य उपयोग की गयी बिजली पर 20 प्रतिशत की छूट विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी जारी रहेगी। इन उपभोक्ताओं को शीर्ष मांग अवधि में कोई भी सरचार्ज देय नहीं रहेगा। 6. उच्च दाब उपभोक्ताओं जिन पर टीओडी दरें लागू हैं, पर रात्रिकालीन उपभोग (रात्रि 10 बजे में प्रातः 6 बजे तक) की छूट यथावत। 7. जो उपभोक्ता पर्यावरण के लिये जागरुक हैं और केवल रिन्यूएबल एनर्जी से ही बिजली जलाना चाहते हैं, वह 0.30/- रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त भुगतान कर ग्रीन एनर्जी से बिजली उपयोग कर सकते हैं। इन दरों में विगत वर्ष की तुलना में लगभग 43 प्रतिशत की कमी। 8. नवीन तथा चालू उच्च दाब अतिरिक्त उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिये उपलब्ध छूट/प्रोत्साहन की व्यवस्था आंशिक संशोधन के साथ यथावत। 9. उच्च दाब/अति उच्च दाब उपभोक्ताओं को अन्य छूट/प्रोत्साहन की व्यवस्था यथावत जारी रहेगी। 10. प्रीपेड उपभोक्ताओं को छूट प्रोत्साहन की व्यवस्था जारी रहेगी। 11. शीघ्र / ऑनलाईन भुगतान के लिए छूट / प्रोत्साहन की व्यवस्था जारी रहेगी। 12. खुली पहुँच (Open Access) उपभोक्ताओं के अतिरिक्त अधिभार में कमी। 13. विद्युत वितरण कंपनियों के लिए शोध एवं विकास (R&D) फंड की व्यवस्था। इससे तकनीकी हस्तक्षेप, संचालन दक्षता में सुधार एवं लागत में बचत का अध्ययन हो सकेगा। संपूर्ण टैरिफ आदेश आयोग की वेबसाइट www.mperc.in पर उपलब्ध है। 

ऊर्जा मंत्री तोमर का दावा, प्रदेश विद्युत क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर होगा

प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णत: आत्म निर्भर : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किये जा रहे कार्यों से प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णतः आत्म निर्भर हो गया है। प्रदेश भविष्य में भी विद्युत के क्षेत्र में आत्म निर्भर बना रहे इसके लिये विद्युत उपलब्ध क्षमता में 1806 मेगावाट की वृद्धि का कार्यक्रम है। इसमें से 851 मेगावाट क्षमता वृद्धि हासिल की जा चुकी है। प्रदेश में गैर कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय की जा रही है। रबी मौसम में मकर संक्रांति पर्व पर 19895 मेगावाट की अधिकतम विद्युत मांग की सफलतापूर्वक पूर्ति की गई, जो प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक है। प्रदेश में पारेषण हानियां अब मात्र 2.60 प्रतिशत रह गई हैं, जो पूरे देश में न्यूनतम हानियों में से एक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-2030 तक की अवधि में प्रदेश की पारेषण प्रणाली के सुदृढीकरण के लिये म.प्र. पॉवर ट्राँसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 5163 करोड़ रुपये के पूंजीगत कार्यों का अनुमोदन प्रदान किया गया है। अटल गृह ज्योति योजना में जिनकी मासिक खपत 150 यूनिट तक है एवं पात्र उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट की खपत के लिए अधिकतम 100 रुपये का बिल दिया जा रहा है एवं अंतर की राशि राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में वितरण कंपनियों को दी जा रही है। इस योजना में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के लिये वर्ष 2024-25 में सब्सिडी की मद में 6495.27 करोड़ रूपये जारी किए गए थे। अटल कृषि ज्योति योजना के अंतर्गत 10 हॉर्सपॉवर तक के अनमीटर्ड स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 750 रुपये प्रति हॉर्सपॉवर प्रतिवर्ष एवं 10 हार्स पॉवर से अधिक के अनमीटर्ड स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 1500 रूपये प्रति हॉर्स पॉवर प्रतिवर्ष की फ्लेट दर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। शासन द्वारा 1 हैक्टेयर तक भूमि एवं 5 हार्स पॉवर तक के कृषि पंप वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को निःशुल्क विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। योजना लगभग 9.3 लाख कृषि उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। समाधान योजना 2025-26" में अद्यतन लगभग 17 लाख 15 हजार रूपये उपभोक्ताओं का 350 करोड़ 67 लाख रूपये सरचार्ज माफ हुआ हैं तथा 852 करोड़ 76 लाख रूपये के बिल जमा हुए हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा-अभियान (पीएम-जनमन) में प्रदेश में लगभग 28 हजार घरों के विद्युतीकरण की कार्य योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। वितरण कंपनियों द्वारा नवम्बर 2025 तक लगभग 26,000 घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। शासन द्वारा अति उच्चदाब ट्राँसमिशन लाईनों के निर्माण से टॉवर लगने वाले और ट्राँसमिशन लाईन के प्रभावित किसानों को पहले की कलेक्टर गाईडलाईन से दोगुना मुआवजा एकमुश्त एवं डिजिटल माध्यम से दिया जाएगा।  

खेती को राहत: रबी सीजन से पहले 400 केवी विद्युत टावर मजबूत किए गए

रबी सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने चार्ज 400 केवी टावरों में की गई स्ट्रेंथनिंग भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 400 केवी कटनी–दमोह एक्स्ट्रा हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइन के टावरों के सुदृढ़ीकरण का प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। इनमें से अनेक टावरों का काम चालू ट्रांसमिशन लाइन में ही किया गया ताकि प्रदेश में रबी सीजन के दौरान किसानों और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होती रहे। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि बिरसिंहपुर थर्मल पावर प्लांट से विद्युत की निर्बाध निकासी तथा रबी सीजन में बढ़ी हुई अधिकतम विद्युत मांग के बीच प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाये रखने की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद 400 के वी ट्रांसमिशन लाइनों के टावरों की स्ट्रेंथनिंग का कार्य बिना शटडाउन लिए, चालू लाइन पर ही किया गया। इससे उत्पादन एवं आपूर्ति पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। इसलिए जरुरत पडी स्ट्रेथनिंग एवं रेट्रोफिटिंग की एम पी ट्रांसको के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस विभाग के मुख्य अभियंता  दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि समय के साथ कमजोर हुए कुछ टावरों को मजबूती प्रदान करने तथा बदलती मौसमीय परिस्थितियों और तेज हवाओं को ध्यान में रखते हुए एमपी ट्रांसको प्रबंधन द्वारा टावरों का टेक्निकल आडिट करवाने के बाद स्ट्रेंथनिंग एवं रेट्रोफिटिंग का निर्णय लिया गया था।