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नर्सिंग छात्रों ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को दिया धन्यवाद, विद्यार्थियों के हित में सरकार प्रतिबद्ध

नर्सिंग विद्यार्थियों ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल का जताया आभार सरकार विद्यार्थियों के हितों एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल  नर्सिंग विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित होने से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। परिणाम जारी होने से विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई, उच्च कक्षाओं में प्रवेश एवं करियर से जुड़ी बाधाओं का समाधान हुआ है। परीक्षा परिणाम घोषित होने पर नर्सिंग विद्यार्थियों एवं विभिन्न प्रतिनिधियों ने आज भोपाल स्थित उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के निवास कार्यालय में भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने परीक्षा परिणाम घोषित होने पर सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए न्यायालय के समक्ष छात्र हित का पक्ष मजबूती से रखा। न्यायालय के आदेश के परिपालन में परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। सरकार विद्यार्थियों के हितों एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी आवश्यक कदम उठाती रहेगी। विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों ने कहा कि परीक्षा परिणाम घोषित होने से विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है और उनकी आगे की शिक्षा एवं करियर का मार्ग प्रशस्त हुआ है। विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया तथा छात्र हित में किए गए प्रयासों के लिए कृतज्ञता व्यक्त की।

समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रण में, एएनसी कवरेज 100% करने के निर्देश: डिप्टी CM शुक्ल

समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रित, एएनसी कवरेज करें शत-प्रतिशत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और रोग नियंत्रण की व्यापक कार्यवाही बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 मलेरिया नियंत्रण के लिए एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर किए गए तैनात 51 नवीन डॉक्टर्स ने किया जॉइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खसरा-रूबेला, डायरिया एवं मलेरिया नियंत्रण तथा दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए की जा रही कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपसी समन्वय के साथ स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी, समय पर उपचार, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी रहें। बालाघाट को आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गंभीरता, समर्पण और बेहतर समन्वय के साथ सेवा प्रदाय किया जाए तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान प्रयासों को निरंतर बनाए रखते हुए बालाघाट को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जैसे जनजातीय एवं भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर काम करें और मैदानी स्तर पर प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बैठक में एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम तथा जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। सुमन पंचायत के रूप में पंचायतों को विकसित करने के लिए एक वर्ष की अवधि में शून्य मातृ एवं शिशु मृत्यु सुनिश्चित करना प्रमुख मानकों में शामिल है। गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन एवं फॉलोअप, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर एवं नवजात देखभाल और समय पर रेफरल जैसी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना इसका लक्ष्य है। इन मानकों की सतत पूर्ति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के आधार पर पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि एएनसी चेकअप का कवरेज 90 प्रतिशत तक पहुंचना महत्वपूर्ण प्रगति है। इसे शत-प्रतिशत तक ले जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं का समय पर चिन्हांकन, नियमित फॉलोअप तथा आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में समय से भर्ती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बर्थ वेटिंग होम की उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं है। अधिकारी एवं मैदानी अमला पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करें। इसी गति से प्रयास जारी रहे तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने बालाघाट में किए जा रहे कार्यों को प्रभावी मॉडल के रूप में विकसित कर पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनाने पर जोर दिया। खसरा-रूबेला नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी बालाघाट में खसरा नियंत्रण के लिए बुखार एवं दाने वाले मामलों की विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे संदिग्ध मामलों में खसरा-रूबेला की जांच सुनिश्चित की जा रही है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें MR वैक्सीन से सुरक्षित करने के लिए कैच-अप राउंड एवं आउटब्रेक रिस्पॉन्स इम्युनाइजेशन (ORI) गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब तक लगभग 27 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि ORI के अंतर्गत 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 15 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया है। संदिग्ध रोगियों को आवश्यकता अनुसार विटामिन-A की खुराक दी जा रही है तथा फीवर-रैश सर्विलांस लगातार जारी है। दुर्गम एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में दूरस्थ गांवों की मैपिंग कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण एवं विशेष सर्विलांस किया जा रहा है। वैक्सीन को दूरस्थ क्षेत्रों तक समय पर पहुंचाने के लिए अल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (AVD) व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। डायरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान जिले में दस्त एवं डायरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्तर पर ओआरएस एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अब तक 1,63,902 परिवारों को ओआरएस तथा 1,60,431 परिवारों को जिंक उपलब्ध कराया गया है। गंभीर स्थिति वाले 734 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर सफल उपचार किया गया है। जिला अस्पताल में बच्चों के उपचार की क्षमता बढ़ाते हुए बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के लिए मोबिलाइजेशन की व्यवस्था की गई है। मलेरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्क्रीनिंग बालाघाट के प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम एंडेमिक क्षेत्रों में मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर बुखार की जांच के लिए 15 टीमें लगातार कार्यरत हैं। इन टीमों द्वारा प्रतिदिन औसतन 300 से अधिक जांच की जा रही हैं। 19 जुलाई 2026 से अब तक 26,865 व्यक्तियों की मलेरिया जांच की गई है, जिसमें 980 मलेरिया प्रकरण पाए गए। इनमें 895 प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम तथा 85 प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के प्रकरण शामिल हैं। सभी चिन्हित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया है तथा उपचार पूर्ण कराया जा रहा है। मच्छर नियंत्रण के लिए 71 गांवों के 7,065 घरों में कीटनाशक छिड़काव किया गया है। इसके साथ ही 44 गांवों के 8,610 घरों में थर्मल फॉगिंग की गई है। अतिरिक्त मानव संसाधन के रूप में एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर तैनात किए गए हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार … Read more

सेवा संकल्प अभियान के तहत रीवा में वृहद रक्तदान शिविर, डिप्टी CM शुक्ल ने की अपील

रक्तदान महादान, पीड़ित मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम: उप मुख्यमंत्री शुक्ल सेवा संकल्प अभियान के तहत रीवा में वृहद रक्तदान शिविर कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने रक्तदान कर किया शिविर का शुभारंभ रक्तदान का किया आह्वान  कमिश्नर, अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जागरूक नागरिकों ने किया रक्तदान भोपाल  सेवा संकल्प अभियान के तहत संभागीय मुख्यालय रीवा के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में वृहद स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वयं रक्तदान कर शिविर का शुभारंभ किया। पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, वीरेंद्र गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी रक्तदान किया।   उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। रक्तदान महादान है और पीड़ित मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। दुर्घटना में घायल व्यक्तियों तथा गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के उपचार में रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं और जरूरतमंदों की जीवन रक्षा में अपना योगदान दें।   उन्होंने कहा कि सामान्यतः स्वस्थ 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के पात्र व्यक्ति चिकित्सकीय जांच के उपरांत रक्तदान कर सकते हैं। नियमित रक्तदान के लिए निर्धारित अंतराल एवं रक्त केंद्र की चिकित्सकीय सलाह का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वयं रक्तदान करने से उन्हें आत्मिक प्रसन्नता हुई और अधिक से अधिक नागरिकों को इस सेवा कार्य में सहभागी बनना चाहिए। शिविर में रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह सहित अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने रक्तदान किया। रीवा जिले में यहां भी रक्तदान शिविर रीवा जिले में इच्छुक एवं पात्र नागरिक मनगवां, जवा, सिरमौर, सेमरिया, गंगेव एवं गोविंदगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा त्योंथर के सिविल अस्पताल में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में पहुंचकर रक्तदान कर सकते हैं। नागरिकों से अपील है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर पीड़ित मानवता की सेवा में अपना योगदान दें।

गोरखपुर को मिल रही हेल्थ हब की पहचान, IMA चैरिटेबल ब्लड सेंटर का लोकार्पण

हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर: डॉ. आरपी शुक्ला   आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने गिनाए स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलाव   एम्स आने के बाद पूर्वांचल के साथ बिहार और नेपाल से भी इलाज के लिए पहुंच रहे लोग   गोरखपुर  आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया है, वह अभूतपूर्व है। गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज अब आसानी से मिल रहा है। एम्स आने के बाद गोरखपुर हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा है।   आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में डॉ. शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने ब्लड बैंक के निदेशक डॉ. अवधेश अग्रवाल और अन्य चिकित्सकों का भी स्वागत करते हुए कहा कि आईएमए के माध्यम से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।   डॉ. शुक्ला ने कहा कि मेडिकल छात्रों को दोगुना स्टाइपेंड मिल रहा है। मानसिक दिव्यांगों के लिए संस्थान संचालित हो रहा है। प्रदेश टीबी और कैंसर के इलाज में लगातार प्रगति कर रहा है। सरकारी चिकित्सालयों में रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक जांच और अंग प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।   पहले डॉक्टरों का होता था अपहरण: विपिन सिंह विधायक विपिन सिंह ने कहा कि पहले गोरखपुर में आए दिन डॉक्टरों के अपहरण की घटनाएं होती थीं। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुरक्षा के लिए खड़े हैं। पूर्वांचल के साथ नेपाल और बिहार से भी लोग इलाज के लिए गोरखपुर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर को सजाया और संवारा है। उनके नेतृत्व में हुए विकास के कारण शहर में जमीन की कीमत भी बढ़ी है।   बहुत दिनों की प्रतीक्षा को लगा विराम: महापौर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन करते हुए कहा कि आईएमए के ब्लड सेंटर के शुरू होने से बहुत दिनों की प्रतीक्षा को विराम लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सभी का अभिभावक बताते हुए आभार जताया। कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की स्थिति से निकलकर आगे बढ़ा है।

शहडोल में सेवा संकल्प अभियान की तैयारी तेज, डिप्टी सीएम शुक्ल ने लिया जायजा

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने एवं पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश शिविरों में संकलित रक्त का व्यवस्थित संधारण एवं सुरक्षित रख-रखाव किया जाये सुनिश्चित भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शहडोल जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों एवं विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों का व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित किया जाए। सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। 17 सितम्बर को रक्तदान शिविरों का आयोजन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 17 सितम्बर को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिविरों में संकलित रक्त का व्यवस्थित संधारण एवं सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसेवा संकल्प यात्रा में जनसंवाद एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनसेवा संकल्प यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान निर्धारित सभी आयोजन व्यवस्थित रूप से संपन्न किए जाएं। यात्रा में शामिल दल एवं स्थानीय जनता के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित किया जाए। यात्रियों के ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था के साथ निर्धारित रूट एवं कार्यक्रम के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से पूर्ण करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रतियोगिताओं का व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में ‘आंगन का मिलन’ की गतिविधियां हों उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित सभी गतिविधियों का व्यवस्थित रूप से आयोजन किया जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यक्रमों की नियमित निगरानी एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर पार्थ जायसवाल एवं सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति ने सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जिला योजना समिति सदस्य श्रीमती अमिता चपरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।  

नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम पर डिप्टी CM शुक्ल ने की समीक्षा, हाईकोर्ट के आदेश पर जल्द कार्रवाई के निर्देश

नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम के संबंध में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की समीक्षा हाईकोर्ट के आदेश के तारतम्य में आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता, समाविष्ट संस्थानों को तत्काल सूचित कर परिणाम जारी करने की करें कार्यवाही भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम से संबंधित विषय की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश के तारतम्य में संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे पात्र छात्रों को उनके परीक्षा परिणाम प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि समाविष्ट संस्थानों को प्राथमिकता से सूचित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे संबंधित छात्रों के परीक्षा परिणाम जारी किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम समन्वय के साथ उठाए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सूटेबल कॉलेजों से संबद्ध/संलग्न किए जाने के विषय में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित प्रभावित न हों, इसके लिए नियमानुसार उपलब्ध विकल्पों पर शीघ्र कार्यवाही की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयीन आदेश , विभागीय नियमों एवं विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही, संबंधित संस्थानों एवं विश्वविद्यालय के बीच आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करते हुए प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमपीएनआरसी के रजिस्ट्रार डॉ. उपेन्द्र धोटे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।  

अवैध शराब पर सरकार सख्त! लापरवाही करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, डिप्टी CM शुक्ल ने दिए निर्देश

लापरवाही करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई : उप मुख्यमंत्री शुक्ल अवैध शराब प्रभावितों की स्वास्थ्य सुविधाओं एवं कारवाई की समीक्षा की भोपाल बंडा क्षेत्र में अवैध व जहरीली शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के मामले में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुन्देलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रभावितों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले एवं जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के निर्देश दिए।   कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 84 मरीज वर्तमान में उपचाररत हैं, जिनमें 59 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में, 17 मरीज जिला चिकित्सालय में, 7 मरीज बंडा सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हैं, जबकि 1 गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है और सभी के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। जहरीली शराब के स्रोत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई है, जिसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।   पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि प्रकरण मे थाना बण्डा मे पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 20 आरोपियों के विरूद्ध नामजद अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है जिन पर अवैध लाभ के उद्देश्य से संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई एवं बिक्री से जुड़े होने के संबंध में आरोप हैं। इसके अतिरिक्त थाना विनायका मे भी 10 आरोपियों के विरूद्ध नामजद प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देते हुए 20 नामजद आरोपियों में से अब तक 10 आरोपियों को अभिरक्षा मे लिया गया है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के स्रोत की जांच एवं संलिप्त अपराधियों की लगातार धर-पकड़ जारी है। डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रभावित मरीजों का उपचार लक्षणों की तीव्रता के अनुसार किया जा रहा है, प्रभावितों के आने की दर में कमी आई है और गंभीर मरीजों का डायलिसिस जारी है। बीएमसी में मरीजों का जाना हाल और परिजनों को बंधाया ढांढस उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रविवार को पीड़ितों के स्वास्थ्य की जानकारी के लिए सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। शुक्ल ने बीएमसी के आईसीयू और क्रिटिकल केयर वार्डों में भर्ती उपचाररत मरीजों के पास पहुंचकर उनसे बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद मरीजों के परिजनों से भी चर्चा की, उनका ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सर्वोत्तम संभव इलाज मुहैया कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रहे और दवाओं व संसाधनों की कोई कमी न होने दी जाए। निरीक्षण के दौरान सागर विधायक शैलेंद्र जैन, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह कमिश्नर अनिल सुचारी, डीआईजी  शशीन्द्र चौहान , कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, बीएमसी के प्रभारी डीन डॉ गंगवानी, इमरजेंसी मेडिसिन से डॉ सौरभ जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।   नशामुक्त समाज के लिए ग्रामीणों से की अपील उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए गांवों को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देती है। इसलिए सभी नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नशे की लत से दूर रहें। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र में पूर्व में भी नशामुक्ति के लिए जनसहयोग से प्रयास हुए हैं; भविष्य में भी अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी कड़ाई और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे।   

जहरीली शराब कांड पर डिप्टी CM शुक्ल सख्त, बोले- माफियाओं पर होगी कार्रवाई और दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

माफियाओं के विरुद्ध होगी सख्त कारवाई, दोषियों को मिलेगी कड़ी से कड़ी सजा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल जहरीली शराब प्रकरण के मृतकों एवं प्रभावितों के परिजनों से मिले, बंधाया ढांढस प्रभावित गांवों का दौरा कर जानी स्थिति  सागर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बंडा क्षेत्र में अवैध, जहरीली शराब हादसे से प्रभावित गांवों का सघन दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि दुख की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बंडा, शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती एवं पापेट पहुंचकर पीड़ित तथा मृतक परिवारों के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हृदय विदारक घटना है और प्रभावित परिवार कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए स्पष्ट किया कि शासन की ओर से नियमानुसार सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत  उपलब्ध कराई जाएगी।   उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। परिजनों द्वारा की गई मांग पर उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और वितरण के मुख्य स्रोत  तक पहुंचकर जड़ों को पूरी तरह समाप्त किया जाए, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। नशामुक्त समाज के लिए ग्रामीणों से की अपील उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए गांवों को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देती है। इसलिए सभी नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नशे की लत से दूर रहें। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र में पूर्व में भी नशामुक्ति के लिए जनसहयोग से प्रयास हुए हैं; भविष्य में भी अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी कड़ाई और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे  सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश, स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करें

स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल दवाओं की मांग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण, वितरण एवं मरीज तक वास्तविक उपलब्धता को प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के दिए निर्देश मेडिकल सप्लाई चेन कार्ययोजना की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। दवाओं की मांग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण, वितरण एवं मरीज तक वास्तविक उपलब्धता की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि दवाओं की समय पर टेस्टिंग सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता परीक्षण उपरांत ही दवाओं का वितरण किया जाए। सभी स्तरों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और डिमांड-सप्लाई गैप की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को दवाओं का वितरण सहजता से हो तथा दवा उपलब्धता के संबंध में किसी भी स्तर पर अनावश्यक कठिनाई न आए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि तकनीक आधारित मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था से दवाओं की उपलब्धता और वितरण की सतत निगरानी संभव होगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय की गुणवत्ता सुदृढ़ और अधिक प्रभावी होगी। आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस ने मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था की प्रस्तावित कार्ययोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर 10 वेयरहाउस स्थापित किए जाएंगे। इन वेयरहाउसों में दवाओं के सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। हाई-एंड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का उपयोग कर दवाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग तथा स्टॉक की स्थिति की सतत निगरानी की जाएगी। इससे मेडिकल सप्लाई चेन में एंड-टू-एंड इंटीग्रेशन सुनिश्चित होगा। दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक की स्थिति, मांग एवं वितरण की जानकारी वास्तविक समय में प्राप्त हो सकेगी। आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस ने बताया कि यह व्यवस्था क्षेत्रवार, केंद्रवार एवं स्वास्थ्य संस्था स्तर पर दवाओं की मांग का आकलन करने में भी सहायक होगी। इसके आधार पर आवश्यकता अनुरूप बेहतर योजना बनाते हुए दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे अंतिम उपयोगकर्ता अर्थात मरीज तक गुणवत्तायुक्त दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दवाओं की खरीदी की जाएगी। आपूर्तिकर्ताओं द्वारा दवाएं वेयरहाउस तक पहुंचाई जाएंगी। वेयरहाउस में दवाओं का उचित भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा और दवाओं की समय पर गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण उपरांत ही दवाओं को वितरण के लिए भेजा जाएगा। गुणवत्ता परीक्षण के बाद दवाओं का वितरण मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों के औषधि भंडार, सिविल अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाएगा। आगामी चरण में इस व्यवस्था का एकीकरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाएगा। साथ ही मरीज को दवा के वास्तविक वितरण की जानकारी भी रियल टाइम में दर्ज करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। बैठक में मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक मयंक अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

श्रीरामानुज संस्कृत परिसर बनेगा वैदिक अध्ययन और भारतीय दर्शन का प्रमुख केंद्र: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

श्रीरामानुज संस्कृत परिसर वैदिक अध्ययन, भारतीय दर्शन, ज्ञान परम्परा के अध्ययन-अध्यापन और शोध का बनेगा महत्वपूर्ण केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल श्रीरामानुज संस्कृत परिसर में 243 पदों के सृजन का प्रस्ताव शीघ्र करें तैयार भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, लक्ष्मण बाग, रीवा के सशक्तीकरण एवं संस्थागत विकास संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन उपस्थित थे। बैठक में श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, रीवा में अध्ययन-अध्यापन, शोध, प्रकाशन, परीक्षा, प्रशासनिक एवं विस्तार गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। परिसर के लिए कुल 243 पदों के सृजन तथा उनकी पूर्ति तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें 117 शैक्षणिक, 4 प्रशासनिक तथा 122 गैर-शैक्षणिक पद सम्मिलित हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रीरामानुज संस्कृत परिसर संस्कृत, वैदिक अध्ययन, भारतीय दर्शन, प्राचीन शास्त्रों तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के अध्ययन-अध्यापन और शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। परिसर में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध मार्गदर्शन और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने परिसर के संधारण एवं शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पदों की स्वीकृति से श्रीरामानुज संस्कृत परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानकों के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा। साथ ही संस्कृत भाषा, वैदिक ज्ञान, भारतीय दर्शन और पारम्परिक विद्या प्रणालियों के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रसार को नई गति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, लक्ष्मण बाग, रीवा की स्थापना मध्यप्रदेश शासन द्वारा 5 अक्टूबर 2023 को की गई थी। परिसर में संस्कृत, वैदिक अध्ययन तथा भारतीय शास्त्रों एवं भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित विषयों में अध्ययन-अध्यापन एवं शोध कार्य संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में परिसर में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन सीमित मानव संसाधनों से किया जा रहा है। परिसर में वेद, वेदान्त दर्शन, व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, संस्कृत, योग, पुराणेतिहास, धर्मशास्त्र, वास्तुशास्त्र, संगीत, मानविकी, पौरोहित्य, हिन्दू अध्ययन, भारतीय ज्ञान परम्परा और शिक्षाशास्त्र सहित विभिन्न विभागों की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इन विभागों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग मानकों के अनुरूप प्रोफेसर, सह प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के पद सृजित किए जाने के लिए प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।