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स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक्शन मोड में उप मुख्यमंत्री शुक्ल, विकास कार्यों की की बड़ी समीक्षा

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा निर्माण कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है। एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

स्वास्थ्य सुविधाओं में देरी नहीं चलेगी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

निर्माण कार्य पूर्ण होते ही शीघ्र प्रारंभ हों स्वास्थ्य सेवाएं : उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र सक्षम स्तर पर भेजे जाएं। साथ ही जिन संस्थानों में निर्माण कार्य पूर्णता के निकट हैं, वहां मैनपावर, आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर की उपलब्धता प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जा सकें। स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों में निरंतर प्रगति बैठक में बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में विभिन्न योजनाओं अंतर्गत कुल 2841 कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्ष 2025-26 में 1553 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 1178 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 61 कार्य निविदा स्तर पर हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2267 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध लगभग 1315 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। निर्माण एजेंसी के कार्यों पर विशेष जोर कुल 1282 स्वीकृत कार्य में से 1177 कार्य प्रगतिरत हैं, 81 कार्य निविदा स्तर पर हैं। इन परियोजनाओं हेतु लगभग 1372 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक लगभग 546 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग 34 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 15वें वित्त आयोग अंतर्गत कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति 15वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं के तहत कुल 1940 इकाइयों हेतु लगभग 1361 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसके विरुद्ध लगभग 1150 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं और अब तक लगभग 877 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। कुल वित्तीय प्रगति 76 प्रतिशत दर्ज की गई है। भवनविहीन उप स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 963 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 945 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 23 कार्य निविदा स्तर पर हैं। पीएम-अभिम योजना में 86 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 72 इकाइयों हेतु लगभग 76 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध लगभग 63 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं। अब तक लगभग 54 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा कुल वित्तीय प्रगति 86 प्रतिशत दर्ज की गई है। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री (IPHL) परियोजनाओं के अंतर्गत 51 इकाइयों में से 33 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 18 कार्य प्रगतिरत हैं। वहीं ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स अंतर्गत 23 इकाइयों में से 1 कार्य पूर्ण एवं 22 कार्य प्रगतिरत हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त धनराजू एस, एमडी एमपीपीएचसीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

सरकारी भवनों में सोलर क्रांति की तैयारी: मंत्री शुक्ला बोले- RESCO मॉडल पर बढ़े जागरूकता अभियान

सौर ऊर्जा अपनाएं, भविष्य बचाएं शासकीय भवनों में रेस्को मॉडल से सोलर पैनल लगाने के लिए जागरूकता जरूरी : मंत्री शुक्ला जिला पंचायत भोपाल में शासकीय संस्थाओं और रेस्को विकासक इकाइयों के मध्य हुए विद्युत क्रय अनुबंध भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निरंतर ईंधन (फ्यूल) और ऊर्जा बचाने का आहवान किया गया है। हमें दृढ़ संकल्प के साथ इस दिशा में काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप शासन और प्रशासन को एक साथ मिलकर ग्रीन एनर्जी की ओर शिफ्ट होना होगा। मंत्री शुक्ला मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में प्रदेश के विभिन्न विभागों के शासकीय भवनों में सोलर रूफ़टॉप संयंत्र स्थापना के लिये शासकीय संस्थाओं व रेस्को विकासक इकाइयों के मध्य विद्युत क्रय अनुबंध निष्पादन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मंत्री शुक्ला ने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि हमारी 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय ऊर्जा से होनी चाहिए और मध्यप्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आमजनों में जागरूकता लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आने वाले समय में हर घर की छत पर सोलर पैनल नजर आने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये कि कि रेस्को पद्धति के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में समय पर भुगतान एवं उचित मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाएं। रेस्को एक महत्वपूर्ण बचत योजना अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि रेस्को योजना शून्य निवेश, पहले दिन से बचत और नेट जीरो की ओर बढ़ने का एक सशक्त माध्यम है। यह शासन के लिए एक महत्वपूर्ण बचत योजना है। उन्होंने कहा कि यह एक साझेदारी का प्रोजेक्ट है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे ही कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किए जाएंगे। समय पर भुगतान पर मिलेगी छूट प्रबंध संचालक अमनबीर सिंह बैंस ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रेस्को पद्धति से 3.78 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली जनरेट होगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्परता से बेहतर प्रबंध कर कार्य करने के निर्देश दिए। एमडी बैंस ने बताया कि बिजली बिलों का भुगतान 3 से 10 तारीख के बीच करने पर भुगतान राशि में 1 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है, जबकि देरी से भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत की पेनल्टी लगाई जाएगी। शासकीय कार्यालय बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में बनेंगे सहभागी योजना के सफल एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। शासकीय कार्यालय इस मॉडल को अपनाकर न केवल आर्थिक बचत करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अपना अहम योगदान देंगे। बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान: निर्माणाधीन विकास कार्यों के पूरा होने से जिले का विकास तेज होगा

निर्माणाधीन विकास कार्यों के पूर्ण होने से जिले के विकास की बढ़ेगी रफ्तार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल जर्जर शासकीय विद्यालयों को चिन्हित कर कराएं मरम्मत शहडोल जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक हुई भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित निर्माणाधीन विकास कार्यों में तेजी लाकर उन्हें समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना अत्यंत आवश्यक है। विकास कार्यों के पूर्ण होने से शहडोल जिले के विकास को नई गति मिलेगी। उक्त निर्देश उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री शुक्ल ने सर्किट हाउस बाणसागर में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विभागीय अधिकारियों को दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल- उमरिया मार्ग, ब्यौहारी के विजयसोता पूल निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहडोल- उमरिया मार्ग, ब्यौहारी के विजयसोता पूल, भन्नी सिंचाई परियोजना जैसे अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कलेक्टर समय-सीमा की बैठक में अनिवार्य रूप से करें एवं जल्द से जल्द पूर्ण कर आमजन को उन सुविधाओं का लाभ दिलाए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर कार्य करने की अत्यंत आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज एवं शहडोल जिले में निर्माणाधीन हेल्थ सेंटरो को यथाशीघ्र पूर्ण कर जनप्रतिनिधियों द्वारा शुभारंभ कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए की शहडोल जिले में संचालित शासकीय विद्यालय जो जर्जर हैं उन्हें सूचीबद्ध कर उनका मरम्मत कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले में बनाए जा रहे सांदीपनि विद्यालय के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर जल्द से जल्द से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनहित को दृष्टिगत रखते हुए जनपद पंचायत कार्यालय ब्यौहारी के सामने संचालित शराब की दुकान हटाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया, भू अर्जन कार्य में प्रगति, टेटका – शहडोल मार्ग की प्रगति, जयसिंहनगर बाईपास, ब्यौहारी -सपटा मार्ग, जल जीवन मिशन के कार्य, प्रगतिरत कटनी से सिंगरौली डबल रेलवे लाइन के कार्य सहित अन्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों द्वारा विकास कार्यों के लिये अपने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में सांसद संसदीय क्षेत्र सीधी डॉ.राजेश मिश्रा, विधायक जयसिंह मरावी, शरद कोल,श्रीमती मनीषा सिंह, कलेक्टर डॉ.केदार सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति सहित अन्य जन प्रतिनिधि, अधिकारी एवं जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य उपस्थित रहे।  

एम्स भोपाल का प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री शुक्ल से मिला, प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट को मजबूत बनाने पर विमर्श

उप मुख्यमंत्री शुक्ल से एम्स भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण पर हुआ विमर्श भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से मंत्रालय में एम्स भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार सतत प्रयास कर रही है। ऑर्गन डोनर्स को "गार्ड ऑफ ऑनर" प्रदान कर तथा उनके परिजनों को 26 जनवरी एवं 15 अगस्त के अवसर पर सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑर्गन डोनेशन से हम कई जिंदगियों में आशा का नया प्रकाश ला सकते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आमजन में ऑर्गन डोनेशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर जन-जागरूकता अभियान, कार्यशालाएँ एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें। राज्य सरकार ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में एम्स के तकनीकी सहयोग एवं सुझावों का स्वागत करती है। उन्होंने एम्स द्वारा अब तक किए गए ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेवाओं एवं जागरूकता गतिविधियों की सराहना भी की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निदेशक प्रो. डॉ. मधाबानंद कर सहित समस्त प्रतिनिधिमंडल को सम्मानित किया। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किडनी ट्रांसप्लांट पैकेज में वृद्धि करने और हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट को शामिल करने के विषय पर चर्चा हुई। साथ ही प्रत्यारोपण सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अंग प्राप्ति प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए संभावित ब्रेन-डेड डोनर्स की समय पर पहचान एवं त्वरित रेफरल प्रणाली को मजबूत करने पर तकनीकी सहयोग के विषयों पर विमर्श किया गया। इस दिशा में प्रदेश के शासकीय अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिये एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने का सुझाव भी रखा गया, जिससे अंग प्राप्ति एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने एवं जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्राप्त सुझावों पर शीघ्र यथोचित कार्यवाही की जाएगी। बैठक में प्रत्यारोपण सर्जरी में आधुनिक तकनीकों, विशेष रूप से रोबोटिक सर्जरी के विस्तार पर भी चर्चा हुई, जिससे उपचार की गुणवत्ता और सफलता दर में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। एम्स की टीम ने हार्ट ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट में अब तक की गई प्रगति, लंग ट्रांसप्लांट सेवाओं के विस्तार तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रस्तुत की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने राज्य सरकार की ओर से इन सेवाओं के विस्तार हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में एम्स के निदेशक प्रो. डॉ. मधाबानंद कर डिप्टी डायरेक्टर संदेश कुंअर जैन, चिकित्सा अधीक्षक डॉ विकास गुप्ता सहित ऑर्गन ट्रांसप्लांट टीम के सदस्य उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा: प्रशासनिक और विधिक समन्वय से भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करें

प्रशासनिक, अंतर्विभागीय समन्वय एवं विधिक विषयों में विभागीय पक्ष तत्काल प्रस्तुत कर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करते हुए भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्वीकृत पदों की मांग संबंधित चयन एजेंसी को समय पर भेजी जाए। प्रशासनिक, अंतर्विभागीय समन्वय एवं विधिक विषयों में विभागीय पक्ष तत्काल प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव को सक्षम स्तर से स्वीकृति के लिए प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता हैं। गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक अधोसंरचना, उन्नत उपकरणों के साथ-साथ पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण होने से चिकित्सकीय मैनपावर की भर्ती में तेजी आएगी, अतः इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि जिन पदों के लिए परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं, उनके परिणाम शीघ्र घोषित कर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा जिन पदों की परीक्षाएं शेष हैं, उन्हें जल्द आयोजित किया जाए। चयन एजेंसी के साथ सतत समन्वय बनाए रखते हुए पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। बैठक में बताया गया कि बायोमेडिकल इंजीनियर, ऑक्यूपेशनल थेरापिस्ट सहित अन्य 31 पद, मेडिकल सोशल वर्कर, क्लिनिकल साइकियाट्रिस्ट एवं सहायक अस्पताल प्रबंधक के 200 पद, स्टाफ नर्स, कंपाउंडर एवं पैरामेडिकल स्टाफ के 373 पद, नर्सिंग ऑफिसर के 2099 पद, सिस्टर ट्यूटर के 218 पद तथा अस्पताल सहायक के 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन सभी प्रक्रियाओं को आगामी 2 माह के भीतर पूर्ण कर शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन एवं अध्यक्ष कर्मचारी चयन मंडल संजय कुमार शुक्ल, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस सहित विभाग एवं कर्मचारी चयन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आदेश: विभागीय अधिकारी और निर्माण एजेंसी समय-सीमा में कार्य पूरा करें

विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी आपसी समन्वय से समय-सीमा में पूर्ण करें कार्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश में संचालित विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित कर समय सीमा में कार्य पूर्ण किए जायें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए अधोसंरचना विकास कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी परियोजनाओं की नियमित एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति, चुनौतियों एवं उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज इंदौर में चल रहे सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिला चिकित्सालय पन्ना, सतना एवं सीधी में संचालित कार्यों की प्रगति का भी विस्तृत जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज बुधनी, मंडला एवं छतरपुर में आवश्यक फर्नीचर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सभी आवश्यक संसाधनों की समय पर उपलब्धता से स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी एवं उनका संचालन समय सीमा में प्रारम्भ हो सकेगा। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस., एमडी एमपीबीडीसी तथा निर्माण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा: चिकित्सा छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित करें

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में चिकित्सा शिक्षा छात्रों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दी जा रही छात्रवृत्ति एवं अन्य लाभों के भुगतान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्विभागीय समन्वय से छात्रवृत्ति एवं संबंधित हितलाभों का समयबद्ध एवं सुचारू भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि छात्रों को उनकी पात्रता अनुसार मिलने वाले सभी लाभ बिना किसी विलंब के प्राप्त हों। उन्होंने निर्देशित किया कि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो तथा यदि ऐसी कोई समस्या आती है तो उसका त्वरित निराकरण किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही संबल योजना एवं मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत हितलाभ वितरण की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ अरुणा कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मेडिकल हब बनने से मध्यप्रदेश में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में विशेष रीजनल मेडिकल हब स्थापित किया जायेगा मेडिकल हब बनने से मध्यप्रदेश में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे : उप मुख्यमंत्री शुक्ल विशेष रीजनल मेडिकल हब के लिये इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर बेहतर जगह स्टेक-होल्डर कंस्यूलेशन वर्कशॉप फॉर डेवलपमेंट ऑफ इंदौर-उज्जैन हेल्थ एंड वेलनेस टूरिज्म कॉरिडोर कार्यक्रम में टूरिज्म, हेल्थ, होटल इंड्रस्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पाँच विशेष रीजनल मेडिकल हब स्थापित करने की योजना है। प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में विशेष रीजनल मेडिकल हब बनाने की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। इस मेडिकल हब के बनने से मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश विशेषकर इंदौर में विशेष मेडिकल हब बनने की अपार संभावनाएं है। मध्यप्रदेश में विशेष रीजनल मेडिकल हब के लिये इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर बेहतर जगह है। इंदौर में के 100 किलोमीटर की दायरे में देा ज्यार्तिलिंग ओंकारेश्वर और उज्जैन में प्रसिद्ध महांकालेश्वर मंदिर है। बाहर से आने वाले नागरिक उक्त दोनों ही ज्योर्तिलिंगों पर दर्शन के लिये आते है। इस दृष्टि से भी विशेष रीजनल मेडिकल हब इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर पर बनाना उपयुक्त है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इंदौर में एजुकेशन हब है। इंदौर में मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर है। रेलवे और एयर कनेक्टिविटी है। व्यवसायी दृष्टि से भी इंदौर तेजी से बढ़ता हुआ शहर है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र सरकार की आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से नागरिकों का नि:शुल्क इलाज हो रहा है। अभी तक करोड़ नागरिकों द्वारा आयुष्मान स्वास्थ्य योजना का लाभ ले चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्टेकहोल्डर कंस्यूलेशन वर्कशॉप फॉर डेवलपमेंट ऑफ इंदौर-उज्जैन हेल्थ एंड वेलनेस टूरिज्म कॉरिडोर में अपना संबोधन दे रहे थे। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की एमडी डॉ. सलोनी सिड़ाना, एसीएस हेल्थ अशोक बर्णवाल, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और आयुक्त आयुष विभाग शोभित जैन विशेष रूप से उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विशेष रीजनल मेडिकल हब स्थापित करने का उद्देश्य दुनियाभर से आने वाले मरीजों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं आधुनिक तकनीक और किफायती इलाज मुहैया कराना है। भारत की चिकित्सा क्षमता को दुनिया के सामने लाने में विशेष रीजनल मेडिकल हब की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वर्तमान में भारत मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स और वेलनेस इंडेक्स में अच्छी स्थिति में है और हमें इसे और बेहतर करना है। मध्यप्रदेश में विशेष रीजनल मेडिकल हब बनने से स्वास्थ्य सुविधाएं, देखभाल रिहैबिलिटेशन सेवाएं और आयुष सेवाएं बेहतर होगी। देश में मेडिकल सेवाएं के बेहतर होने से विदेशी मरीज विशेषकर मध्य एशिया, यूरोपी देश और अफ्रीका से इलाज के लिए मध्यप्रदेश में आएंगे, जिससे विदेशी मुद्रा आएगी और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में विकास की अपार संभावनाएं है। मध्यप्रदेश, देश में तेजी से आगे बढ़ता हुआ राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में लगातार अवार्ड प्राप्त कर रहा है। मध्यप्रदेश में बिजली का उत्पादन भी सरप्लस हो रहा है और मध्यप्रदेश दूसरे राज्यों को भी बिजली दे रहे है। ताप्ती-पार्वती, केन, बेतवा आदि नदियों से अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। रिन्यूवेबल एनर्जी के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहे है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हमें एलोपैथी चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ आयुर्वेद एवं अन्य भारतीय चिकित्सा को भी बढ़ाने की आवश्यकता है। देहदान और अंगदान के क्षेत्र में जिस तरह का कार्य आज तमिलनाडू, महाराष्ट्र और तेलंगाना प्रदेश में हो रहा है, उस स्तर का कार्य मध्यप्रदेश में भी करने की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा का तेजी से विस्तार हुआ है और इसका लाभ मध्यप्रदेश को भी मिला है। टीयर-2 और टीयर-3 सिटी में वेलनेस सेंटर तेजी बढ़ने लगे हैं। आम आदमी की पेइंग केपेसिटी बढ़ी है। शुक्ल ने कहा कि भारत आज जीडीपी में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। शुक्ल ने कहा कि हमारे स्वास्थ्य का खराब होने का एक बड़ा कारण दूषित पेयजल है। बेहतर होगा कि हम खेती किसानी में रासायनिक उर्वरकों की बजाय गौमूत्र-गोबर खाद् का इस्तेमाल करें, इससे हमारी धरती सुधरेगी और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि एक समय था कि जब आर्गन ट्रांसप्लांट के लिये हम मुंबई जाते थे, लेकिन अब यह कार्य इंदौर में हो रहा है। एसीएस हेल्थ बर्णवाल ने कहा कि आज की वर्कशॉप में हेल्थ, होटल, टूरिज्म आदि क्षेत्रों से आये प्रतिनिधियों के अपेक्षा से अधिक सुझाव आये है और अब इस पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है। हमें एक कमेटी बनानी होगी जो और आगामी तीन महिनों के भीतर रीजनल मेडिकल हब का फाइनल ड्रॉफ्ट बना सकें। इस कार्य में सभी को सकारात्मक सोच के साथ काम करने की आवश्यकता है। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं है। इस दृष्टि से इंदौर शहर में अच्छा कार्य हो रहा है। इंदौर के ही चोइथराम अस्पताल में सर्जरी का लाइन डेमों बच्चों को दिखाया जाता है। इंदौर में एयर एम्बुलेंस की बेहतर सुविधा है। बुरहानपुर के शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में अच्छा कार्य हो रहा है। वर्कशॉप में अरबिंदों अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. विनोद भंडारी ने मेडिकल इंटीग्रेटेड पर बात की। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डी.के. शर्मा ने मेडिकल टूरिज्म को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जोड़ने की बात की। वर्कशॉप में अंगदान, फार्मेसी इंड्रस्टी, इंटरनल टूरिज्म, स्किल डेवलपमेंट, नी रीप्लेसमेंट, क्वालिटी हेल्थ एजुकेशन, ग्लोबल हेल्थ इंश्यूरेंस आदि विषयों पर भी चर्चा हुई। वर्कशॉप में अपर कलेक्टर नवजीवन पंवार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी माधव प्रसाद हासानी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया, डॉ. अशोक यादव सहित अनूप हजेला ने भी अपने विचार रखें। वर्कशॉप में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला एवं उपस्थित प्रतिनिधियों ने एमवाय परिसर में बनने जा रहे आधुनिक जी-प्लस-8 भवन का थ्रीडी प्रजेंटेशन का अवलोकन किया। बताया गया आधुनिक सुविधाओं से लेस इस शासकीय अस्पताल में 1610 बेड होंगे साथ ही मल्टी लेवल पार्किंग होगा।  

जनजातीय कल्याण केंद्र बरगांव में विकास कार्यों का लोकार्पण, शिक्षा और संस्कार पर जोर

जनजातीय कल्याण केंद्र बरगांव में विकास कार्यों का लोकार्पण, शिक्षा व संस्कार पर दिया गया जोर भोपाल उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जनजातीय कल्याण केंद्र में गरीब एवं पिछड़े वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हुए उनके शारीरिक, मानसिक एवं सांस्कारिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मल्लखंभ के प्रदर्शन को देखकर अत्यंत संतोष एवं गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार यह परिसर तैयार हुआ है, वह संकल्प से सिद्धि का एक जीवंत उदाहरण है। समाज सेवा ही राष्ट्र सेवा है, और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सुविधा सम्पन्न बनाना, उसे शिक्षित एवं संस्कारित करना ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन का मूल उद्देश्य रहा है।’’ उपमुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन को स्मरण करते हुए कहाकृ “आओ दीप वहां जलाएं, जहां आज भी अंधेरा है।” उन्होंने कहा कि इस केंद्र को देखकर प्रतीत होता है कि वह संकल्प आज साकार रूप ले रहा है और समाज के वंचित वर्ग के जीवन में उजाला फैल रहा है।’’ सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए सर्वप्रथम अच्छे व्यक्तियों का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से 100 ग्रामों को चिन्हित कर उन्हें रोगमुक्त, व्यसनमुक्त, विवादमुक्त एवं क्षुधामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने “मेरा गांव, स्वस्थ गांव” की थीम पर कार्य करने का आह्वान करते हुए आदर्श ग्राम निर्माण का संकल्प दोहराया तथा प्रत्येक ग्राम में सद्भावना बैठकों के माध्यम से सामाजिक समरसता एवं स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। राजकुमार मटोले ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े ग्रामीण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को सुनिश्चित करना आवश्यक है। साथ ही नैतिक एवं मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण, उच्च आदर्शों एवं मातृशक्ति युक्त परिवेश का निर्माण करना भी हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व क्षमता एवं अपरिमित संभावनाओं से युक्त आत्मनिर्भर युवाओं का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित हो सकें। विकासखंड शहपुरा के ग्राम पंचायत बरगांव में स्थित जनजातीय कल्याण केंद्र प्रांगण के बाउंड्री वॉल एवं नर्मदाँचल विद्यापीठ शिक्षक भवन, सोलर पेनल और वार्षिक प्रतिवेदन का भव्य लोकार्पण समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, राम दत्त चक्रधर, राजकुमार मटाले, स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी, राज्य मंत्री एवं संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी तथा पर्यटन मंत्री प्रीतम लोधी की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभांरभ अतिथियों के द्वारा लोकार्पण के साथ हुआ। तत्पश्चात मुख्य अतिथियों द्वारा भारत माता, वीरांगना रानी दुर्गावती एवं भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात नर्मदाचंल विद्यापीठ की बालिकाओं के द्वारा सरस्वती वंदना एंव सामूहिक लोकनृतय पर सुन्दर प्रस्तुति दी गई एवं विद्यालय के खिलाडी बच्चों के द्वारा राजकीय खेल मलखम्ब का शानदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, राजनगर विधायक अरविन्द पटेरिया, पन्ना विधायक ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल, जबलपुर कैंट विधायक अशोक रोहाणी, सागर विधायक शैलेन्द्र जैन, देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम, ब्योहारी विधायक शरद कोल, विधायक गौरव पराधी, सचिव डॉ अनिच बाजपेयी, अध्यक्ष मनोहर शाहू, जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, जनपद अध्यक्ष शहपुरा श्रीमती प्रियंका आर्मो, सुधीर दत्त तिवारी, आशीष वैश्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, तहसीलदार रामप्रसाद मार्को सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।