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श्रीरामानुज संस्कृत परिसर बनेगा वैदिक अध्ययन और भारतीय दर्शन का प्रमुख केंद्र: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

श्रीरामानुज संस्कृत परिसर वैदिक अध्ययन, भारतीय दर्शन, ज्ञान परम्परा के अध्ययन-अध्यापन और शोध का बनेगा महत्वपूर्ण केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल श्रीरामानुज संस्कृत परिसर में 243 पदों के सृजन का प्रस्ताव शीघ्र करें तैयार भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, लक्ष्मण बाग, रीवा के सशक्तीकरण एवं संस्थागत विकास संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन उपस्थित थे। बैठक में श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, रीवा में अध्ययन-अध्यापन, शोध, प्रकाशन, परीक्षा, प्रशासनिक एवं विस्तार गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। परिसर के लिए कुल 243 पदों के सृजन तथा उनकी पूर्ति तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें 117 शैक्षणिक, 4 प्रशासनिक तथा 122 गैर-शैक्षणिक पद सम्मिलित हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रीरामानुज संस्कृत परिसर संस्कृत, वैदिक अध्ययन, भारतीय दर्शन, प्राचीन शास्त्रों तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के अध्ययन-अध्यापन और शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। परिसर में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध मार्गदर्शन और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने परिसर के संधारण एवं शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पदों की स्वीकृति से श्रीरामानुज संस्कृत परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानकों के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा। साथ ही संस्कृत भाषा, वैदिक ज्ञान, भारतीय दर्शन और पारम्परिक विद्या प्रणालियों के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रसार को नई गति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रीरामानुज संस्कृत परिसर, लक्ष्मण बाग, रीवा की स्थापना मध्यप्रदेश शासन द्वारा 5 अक्टूबर 2023 को की गई थी। परिसर में संस्कृत, वैदिक अध्ययन तथा भारतीय शास्त्रों एवं भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित विषयों में अध्ययन-अध्यापन एवं शोध कार्य संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में परिसर में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन सीमित मानव संसाधनों से किया जा रहा है। परिसर में वेद, वेदान्त दर्शन, व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, संस्कृत, योग, पुराणेतिहास, धर्मशास्त्र, वास्तुशास्त्र, संगीत, मानविकी, पौरोहित्य, हिन्दू अध्ययन, भारतीय ज्ञान परम्परा और शिक्षाशास्त्र सहित विभिन्न विभागों की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इन विभागों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग मानकों के अनुरूप प्रोफेसर, सह प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के पद सृजित किए जाने के लिए प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।  

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया सम्मानपूर्वक अभिनंदन

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया अभिनंदन 28वें एओएमएसआई मिड-टर्म कन्वेंशन एवं 14वें एओएमएसआई पोस्टग्रेजुएट कन्वेंशन—मिडकॉम्स 2026 में होंगे शामिल भोपाल त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने गुरुवार को निवास कार्यालय, भोपाल में आत्मीय अभिनंदन किया। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. साहा और उप मुख्यमंत्री शुक्ल के मध्य विभिन्न समसामयिक विषयों और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को लेकर चर्चा हुई। इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती स्वप्ना साहा भी उपस्थित थीं। त्रिपुरा मुख्यमंत्री डॉ. साहा मध्यप्रदेश प्रवास पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. साहा भोपाल में आयोजित 28वें एओएमएसआई मिड-टर्म कन्वेंशन एवं 14वें एओएमएसआई पोस्टग्रेजुएट कन्वेंशन—मिडकॉम्स 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया, मध्यप्रदेश स्टेट चैप्टर तथा पीपुल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में यह राष्ट्रीय सम्मेलन 2 से 4 जुलाई 2026 तक पीपुल्स यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन की थीम “क्रिएटिंग अ होलसम सर्जन” अर्थात “समग्र सर्जन का निर्माण” है। यह सम्मेलन ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अकादमिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश के प्रख्यात विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षक, शोधकर्ता तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। सम्मेलन में नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीकों, जटिल शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं तथा चिकित्सा शिक्षा के विविध आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।  

समय पर जांच और जोखिम की पहचान से सुरक्षित मातृत्व संभव: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

गर्भावस्था में समय पर जांच एवं उच्च जोखिम स्थितियों की शीघ्र पहचान से सुरक्षित मातृत्व होता है सुनिश्चित: उप मुख्यमंत्री शुक्ल प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने पर 9 जून को प्रदेश में विशेष मातृत्व स्वास्थ्य शिविर होंगे आयोजित शिविर का लाभ लेने की अपील भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक महिला का अधिकार है। राज्य सरकार गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेश की सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे 9 जून को आयोजित विशेष प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविरों में पहुंचकर निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार सुविधाओं का लाभ अवश्य लें। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था दी समय पर जांच एवं उच्च जोखिम स्थितियों की शीघ्र पहचान से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा है कि इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में संचालित करते हुए प्रत्येक गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाई जा सके। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 2.94 लाख उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उचित उपचार का किया गया प्रबंधन प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के अंतर्गत मध्यप्रदेश में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभियान के तहत पंजीकृत 14.31 लाख गर्भवती महिलाओं में से 10.25 लाख महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) की गई, जो कुल पंजीकृत गर्भवतियों का लगभग 72 प्रतिशत है। जांच के दौरान 2.94 लाख महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेगनेंसी-एचआरपी) के रूप में चिन्हित किया गया, जिनमें से 2.60 लाख अर्थात 88 प्रतिशत महिलाओं को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक उपचार, प्रबंधन एवं रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। अपर मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सुश्री दिशा प्रणय नागवंशी ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 9 जून को प्रदेश के सभी जिलों में विशेष पीएमएसएमए शिविर आयोजित किए जाएंगे। राज्य के सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। विशेष शिविरों में गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तर जांच, नवीन एवं छूटी हुई गर्भवतियों का पंजीयन, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान, उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा। महिलाओं की रक्तचाप, वजन, बीएमआई, मेडिकल एवं प्रसूति इतिहास की जांच के साथ ही आवश्यक प्रयोगशाला परीक्षण भी किए जाएंगे। अभियान के अंतर्गत हीमोग्लोबिन, यूरिन एल्बुमिन एवं शुगर, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सिफलिस, मलेरिया, सिकल सेल स्क्रीनिंग, ब्लड ग्रुपिंग और ओजीटीटी जैसी महत्वपूर्ण जांचें उपलब्ध कराई जाएंगी। आवश्यकता अनुसार सोनोग्राफी एवं विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सुमन हेल्प डेस्क की सक्रिय भागीदारी रहेगी। जरूरतमंद महिलाओं के लिए 108 एम्बुलेंस के माध्यम से निःशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा। ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार, सोशल मीडिया अभियान, वीएचएसएनडी, जन आरोग्य समितियों, स्व-सहायता समूहों एवं पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।  

MP में एयर एम्बुलेंस सेवा को नई उड़ान, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एयर एम्बुलेंस एमपी पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का किया शुभारंभ एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुरोध की प्रक्रिया अब और अधिक सरल एवं तेज गति से होगी संपन्न भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में "एयर एम्बुलेंस एमपी" पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत किसी भी नागरिक को समय पर उपचार के अभाव में जीवन न गंवाना पड़े। नए पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुरोध की प्रक्रिया अब और अधिक सरल एवं तेज होगी। पोर्टल में एयर एम्बुलेंस फ्लीट की रियल टाइम ट्रैकिंग, सेवा अनुरोधों का सुगम डिजिटल प्रवाह, सेवा प्रदाताओं को तत्परता के लिये रियल टाइम नोटिफिकेशन तथा अनुमोदन प्राधिकारी को समयबद्ध स्वीकृति के लिए अलर्ट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा गंभीर एवं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश में यह सेवा अब तक 140 जीवनरक्षक मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है। इनमें नवजात शिशुओं, हृदय रोग, ट्रॉमा, न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों एवं अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों का सफल एयर मेडिकल ट्रांसफर शामिल है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत आयुष्मान भारत कार्डधारकों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों से दूरी एवं आर्थिक स्थिति जीवनरक्षक उपचार में बाधा नहीं बने।   सेवा के संचालन के लिए भोपाल में 24×7 एयर मेडिकल ऑपरेशन व्यवस्था स्थापित की गई है। इसके अंतर्गत एक फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट "बीचक्राफ्ट किंग एयर सी -90" तथा एक मल्टी इंजन हेलीकॉप्टर "एडबल्यू -109" लगातार स्टैंडबाय पर उपलब्ध हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस, फ्लाईओला एविएशन के सीएमडी एस. राम ओला और फ्लाईओला एविएशन की डायरेक्टर कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. मोनिका तिवारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक्शन मोड में उप मुख्यमंत्री शुक्ल, विकास कार्यों की की बड़ी समीक्षा

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा निर्माण कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है। एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

स्वास्थ्य सुविधाओं में देरी नहीं चलेगी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

निर्माण कार्य पूर्ण होते ही शीघ्र प्रारंभ हों स्वास्थ्य सेवाएं : उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र सक्षम स्तर पर भेजे जाएं। साथ ही जिन संस्थानों में निर्माण कार्य पूर्णता के निकट हैं, वहां मैनपावर, आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर की उपलब्धता प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जा सकें। स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों में निरंतर प्रगति बैठक में बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में विभिन्न योजनाओं अंतर्गत कुल 2841 कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्ष 2025-26 में 1553 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 1178 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 61 कार्य निविदा स्तर पर हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2267 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध लगभग 1315 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। निर्माण एजेंसी के कार्यों पर विशेष जोर कुल 1282 स्वीकृत कार्य में से 1177 कार्य प्रगतिरत हैं, 81 कार्य निविदा स्तर पर हैं। इन परियोजनाओं हेतु लगभग 1372 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक लगभग 546 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग 34 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 15वें वित्त आयोग अंतर्गत कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति 15वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं के तहत कुल 1940 इकाइयों हेतु लगभग 1361 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसके विरुद्ध लगभग 1150 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं और अब तक लगभग 877 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। कुल वित्तीय प्रगति 76 प्रतिशत दर्ज की गई है। भवनविहीन उप स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 963 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 945 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 23 कार्य निविदा स्तर पर हैं। पीएम-अभिम योजना में 86 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 72 इकाइयों हेतु लगभग 76 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध लगभग 63 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं। अब तक लगभग 54 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा कुल वित्तीय प्रगति 86 प्रतिशत दर्ज की गई है। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री (IPHL) परियोजनाओं के अंतर्गत 51 इकाइयों में से 33 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 18 कार्य प्रगतिरत हैं। वहीं ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स अंतर्गत 23 इकाइयों में से 1 कार्य पूर्ण एवं 22 कार्य प्रगतिरत हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त धनराजू एस, एमडी एमपीपीएचसीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

सरकारी भवनों में सोलर क्रांति की तैयारी: मंत्री शुक्ला बोले- RESCO मॉडल पर बढ़े जागरूकता अभियान

सौर ऊर्जा अपनाएं, भविष्य बचाएं शासकीय भवनों में रेस्को मॉडल से सोलर पैनल लगाने के लिए जागरूकता जरूरी : मंत्री शुक्ला जिला पंचायत भोपाल में शासकीय संस्थाओं और रेस्को विकासक इकाइयों के मध्य हुए विद्युत क्रय अनुबंध भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निरंतर ईंधन (फ्यूल) और ऊर्जा बचाने का आहवान किया गया है। हमें दृढ़ संकल्प के साथ इस दिशा में काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप शासन और प्रशासन को एक साथ मिलकर ग्रीन एनर्जी की ओर शिफ्ट होना होगा। मंत्री शुक्ला मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में प्रदेश के विभिन्न विभागों के शासकीय भवनों में सोलर रूफ़टॉप संयंत्र स्थापना के लिये शासकीय संस्थाओं व रेस्को विकासक इकाइयों के मध्य विद्युत क्रय अनुबंध निष्पादन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मंत्री शुक्ला ने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि हमारी 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय ऊर्जा से होनी चाहिए और मध्यप्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आमजनों में जागरूकता लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आने वाले समय में हर घर की छत पर सोलर पैनल नजर आने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये कि कि रेस्को पद्धति के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में समय पर भुगतान एवं उचित मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाएं। रेस्को एक महत्वपूर्ण बचत योजना अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि रेस्को योजना शून्य निवेश, पहले दिन से बचत और नेट जीरो की ओर बढ़ने का एक सशक्त माध्यम है। यह शासन के लिए एक महत्वपूर्ण बचत योजना है। उन्होंने कहा कि यह एक साझेदारी का प्रोजेक्ट है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे ही कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किए जाएंगे। समय पर भुगतान पर मिलेगी छूट प्रबंध संचालक अमनबीर सिंह बैंस ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रेस्को पद्धति से 3.78 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली जनरेट होगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्परता से बेहतर प्रबंध कर कार्य करने के निर्देश दिए। एमडी बैंस ने बताया कि बिजली बिलों का भुगतान 3 से 10 तारीख के बीच करने पर भुगतान राशि में 1 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है, जबकि देरी से भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत की पेनल्टी लगाई जाएगी। शासकीय कार्यालय बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में बनेंगे सहभागी योजना के सफल एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। शासकीय कार्यालय इस मॉडल को अपनाकर न केवल आर्थिक बचत करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अपना अहम योगदान देंगे। बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान: निर्माणाधीन विकास कार्यों के पूरा होने से जिले का विकास तेज होगा

निर्माणाधीन विकास कार्यों के पूर्ण होने से जिले के विकास की बढ़ेगी रफ्तार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल जर्जर शासकीय विद्यालयों को चिन्हित कर कराएं मरम्मत शहडोल जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक हुई भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित निर्माणाधीन विकास कार्यों में तेजी लाकर उन्हें समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना अत्यंत आवश्यक है। विकास कार्यों के पूर्ण होने से शहडोल जिले के विकास को नई गति मिलेगी। उक्त निर्देश उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री शुक्ल ने सर्किट हाउस बाणसागर में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विभागीय अधिकारियों को दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल- उमरिया मार्ग, ब्यौहारी के विजयसोता पूल निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहडोल- उमरिया मार्ग, ब्यौहारी के विजयसोता पूल, भन्नी सिंचाई परियोजना जैसे अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कलेक्टर समय-सीमा की बैठक में अनिवार्य रूप से करें एवं जल्द से जल्द पूर्ण कर आमजन को उन सुविधाओं का लाभ दिलाए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर कार्य करने की अत्यंत आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज एवं शहडोल जिले में निर्माणाधीन हेल्थ सेंटरो को यथाशीघ्र पूर्ण कर जनप्रतिनिधियों द्वारा शुभारंभ कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए की शहडोल जिले में संचालित शासकीय विद्यालय जो जर्जर हैं उन्हें सूचीबद्ध कर उनका मरम्मत कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले में बनाए जा रहे सांदीपनि विद्यालय के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर जल्द से जल्द से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनहित को दृष्टिगत रखते हुए जनपद पंचायत कार्यालय ब्यौहारी के सामने संचालित शराब की दुकान हटाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया, भू अर्जन कार्य में प्रगति, टेटका – शहडोल मार्ग की प्रगति, जयसिंहनगर बाईपास, ब्यौहारी -सपटा मार्ग, जल जीवन मिशन के कार्य, प्रगतिरत कटनी से सिंगरौली डबल रेलवे लाइन के कार्य सहित अन्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों द्वारा विकास कार्यों के लिये अपने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में सांसद संसदीय क्षेत्र सीधी डॉ.राजेश मिश्रा, विधायक जयसिंह मरावी, शरद कोल,श्रीमती मनीषा सिंह, कलेक्टर डॉ.केदार सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति सहित अन्य जन प्रतिनिधि, अधिकारी एवं जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य उपस्थित रहे।  

एम्स भोपाल का प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री शुक्ल से मिला, प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट को मजबूत बनाने पर विमर्श

उप मुख्यमंत्री शुक्ल से एम्स भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण पर हुआ विमर्श भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से मंत्रालय में एम्स भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार सतत प्रयास कर रही है। ऑर्गन डोनर्स को "गार्ड ऑफ ऑनर" प्रदान कर तथा उनके परिजनों को 26 जनवरी एवं 15 अगस्त के अवसर पर सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑर्गन डोनेशन से हम कई जिंदगियों में आशा का नया प्रकाश ला सकते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आमजन में ऑर्गन डोनेशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर जन-जागरूकता अभियान, कार्यशालाएँ एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें। राज्य सरकार ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में एम्स के तकनीकी सहयोग एवं सुझावों का स्वागत करती है। उन्होंने एम्स द्वारा अब तक किए गए ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेवाओं एवं जागरूकता गतिविधियों की सराहना भी की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निदेशक प्रो. डॉ. मधाबानंद कर सहित समस्त प्रतिनिधिमंडल को सम्मानित किया। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किडनी ट्रांसप्लांट पैकेज में वृद्धि करने और हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट को शामिल करने के विषय पर चर्चा हुई। साथ ही प्रत्यारोपण सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अंग प्राप्ति प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए संभावित ब्रेन-डेड डोनर्स की समय पर पहचान एवं त्वरित रेफरल प्रणाली को मजबूत करने पर तकनीकी सहयोग के विषयों पर विमर्श किया गया। इस दिशा में प्रदेश के शासकीय अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिये एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने का सुझाव भी रखा गया, जिससे अंग प्राप्ति एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने एवं जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्राप्त सुझावों पर शीघ्र यथोचित कार्यवाही की जाएगी। बैठक में प्रत्यारोपण सर्जरी में आधुनिक तकनीकों, विशेष रूप से रोबोटिक सर्जरी के विस्तार पर भी चर्चा हुई, जिससे उपचार की गुणवत्ता और सफलता दर में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। एम्स की टीम ने हार्ट ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट में अब तक की गई प्रगति, लंग ट्रांसप्लांट सेवाओं के विस्तार तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रस्तुत की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने राज्य सरकार की ओर से इन सेवाओं के विस्तार हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में एम्स के निदेशक प्रो. डॉ. मधाबानंद कर डिप्टी डायरेक्टर संदेश कुंअर जैन, चिकित्सा अधीक्षक डॉ विकास गुप्ता सहित ऑर्गन ट्रांसप्लांट टीम के सदस्य उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा: प्रशासनिक और विधिक समन्वय से भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करें

प्रशासनिक, अंतर्विभागीय समन्वय एवं विधिक विषयों में विभागीय पक्ष तत्काल प्रस्तुत कर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करते हुए भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्वीकृत पदों की मांग संबंधित चयन एजेंसी को समय पर भेजी जाए। प्रशासनिक, अंतर्विभागीय समन्वय एवं विधिक विषयों में विभागीय पक्ष तत्काल प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव को सक्षम स्तर से स्वीकृति के लिए प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता हैं। गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक अधोसंरचना, उन्नत उपकरणों के साथ-साथ पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण होने से चिकित्सकीय मैनपावर की भर्ती में तेजी आएगी, अतः इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि जिन पदों के लिए परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं, उनके परिणाम शीघ्र घोषित कर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा जिन पदों की परीक्षाएं शेष हैं, उन्हें जल्द आयोजित किया जाए। चयन एजेंसी के साथ सतत समन्वय बनाए रखते हुए पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। बैठक में बताया गया कि बायोमेडिकल इंजीनियर, ऑक्यूपेशनल थेरापिस्ट सहित अन्य 31 पद, मेडिकल सोशल वर्कर, क्लिनिकल साइकियाट्रिस्ट एवं सहायक अस्पताल प्रबंधक के 200 पद, स्टाफ नर्स, कंपाउंडर एवं पैरामेडिकल स्टाफ के 373 पद, नर्सिंग ऑफिसर के 2099 पद, सिस्टर ट्यूटर के 218 पद तथा अस्पताल सहायक के 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन सभी प्रक्रियाओं को आगामी 2 माह के भीतर पूर्ण कर शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन एवं अध्यक्ष कर्मचारी चयन मंडल संजय कुमार शुक्ल, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस सहित विभाग एवं कर्मचारी चयन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।