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झारखंड की लोक संस्कृति और हस्तशिल्प का संगम, बच्चों की पेंटिंग प्रदर्शनी भी

रांची

झारखंड की राजधानी रांची के आड्रे हाउस में एक से तीन मई तक तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला का आयोजन किया जाएगा. महोत्सव में सुबह नौ से रात 10 बजे तक आम लोगों के लिए निशुल्क प्रवेश रहेगा. केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि आयोजन में कला, संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों का संगम देखने को मिलेगा. तीन दिनों तक यहां झारखंड की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और मोटे अनाज से बने उत्पाद आकर्षण का केंद्र होंगे.

125 स्टॉलधारकों को निशुल्क स्टॉल
स्वदेशी मेले में 125 स्टॉलधारकों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जा रहे हैं. मेले में हस्तशिल्प, सोहराय पेंटिंग, हाथ से बने खिलौने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही मोटे अनाज से बने चॉकलेट, केक और बिस्किट जैसे उत्पाद भी लोगों को आकर्षित करेंगे.

बच्चों की पेंटिंग प्रदर्शनी भी आकर्षण
संजय सेठ ने कहा कि महोत्सव में ऑपरेशन सिंदूर विषय पर रांची के बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. इसमें बच्चों ने सैन्य बलों की शौर्यगाथा को कैनवास पर उकेरा है. महोत्सव के दौरान स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं होंगी. शाम छह बजे से तक देशभर के कलाकार तीन अलग-अलग मंचों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे.

उद्घाटन में गणमान्य होंगे शामिल
एक मई की सुबह 11 बजे स्वदेशी मेले का शुभारंभ होगा. शाम पांच बजे महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा. उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यसभा सांसद आदित्य साहू और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे. दो मई को केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और तीन मई को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की उपस्थिति प्रस्तावित है.

तीनों दिन विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम
एक मई: गरबा, डालखाई, झूमर और पद्मश्री मुकुंद नायक की प्रस्तुति.

दो मई: छऊ, पाईका, शास्त्रीय संगीत और वंदे मातरम पर विशेष कार्यक्रम.

तीन मई: उलगुलान नाटिका, बिहू नृत्य, जनजातीय लोक नृत्य और अन्य प्रस्तुतियां.

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