samacharsecretary.com

नई अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाशें उद्यमी- वित्त मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल किया जाना इस क्षेत्र के समेकित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, इससे क्षेत्रीय प्रगति और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स की टीम को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी देश या राज्य को आगे बढ़ाने में अर्थव्यवस्था और उद्यमिता की सबसे बड़ी भूमिका होती है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।           विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज राजनांदगांव के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति          विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने वित्त मंत्री  ओपी चौधरी की दृढ़ इच्छाशक्ति और कार्यक्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिली है। भविष्य की तकनीकों और नए अवसरों पर ध्यान दें व्यापारी         वित्त मंत्री ने आर्थिक उदारीकरण और जीएसटी के फायदे को रेखांकित करते हुए कहा कि एक देश-एक कर व्यवस्था से व्यापारिक प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी हुई हैं। उन्होंने उद्यमियों से शासन की औद्योगिक नीति का लाभ उठाने और भविष्य के उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन एनर्जी, बायोफ्यूल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश की भविष्य में व्यापक संभावनाएं हैं। औद्योगिक सब्सिडी के लिए उद्योगों के लंबित लगभग 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी के भुगतान हेतु सरकार ने 468 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया है। उद्योग आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में श्जॉब पार्कश् की शुरुआत की गई है। व्यापारी-उद्यमी सम्मानित              कार्यक्रम में समाज सेवा और व्यापार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए  नंदलाल राठी,  टीकमदास साहू, मती हीना बेन रायचा,  शेखर बोथरा,  उन्नति पंजवानी और गुरबचन कौर सावलानी को व्यापारी-उद्यमी सम्मान से नवाजा गया।            इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह, चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष  सतीश थोरानी, समाजसेवी  खूबचंद पारख, चेम्बर ऑफ कॉमर्स राजनांदगांव के अध्यक्ष  कमलेश बैद,  ज्ञानचंद बाफना और  अरुण डुलानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में  पद्म फूलबासन यादव सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यापारी, उद्योगपति एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

कांकेर एकलव्य की छात्रा कृतिका टेकाम ने देशभर के एकलव्य विद्यालयों में की टॉप

रायपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी कृतिका टेकामने सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल कीहै। होनहार छात्रा कृतिका ने संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कृतिका को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कांकेर की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य विद्यालयों मेंप्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षाऔर जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों कीसफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यमसे राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वेराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।          मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियोंको शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कांकेर की छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीयअंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शनकर रहे हैं। मंत्री  नेताम ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा हाल ही में शैक्षणिक सत्र2025-26 हेतु 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की छात्रा कु. कृतिका टेकाम देशभर के एकलव्य विद्यालयों में प्रथम स्थान हासिल की है।  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा नेबताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मेंरहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेशके साथ-साथ आदिम जाति विभाग को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही अन्यविद्यार्थियों द्वारा भी अच्छा परीक्षा परिणाम प्राप्त किया गया है। प्रदेश में संचालित75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। इनमें 11 एकलव्य विद्यालयों द्वारा शत्-प्रतिशत परीक्षा परिणाम अर्जित किया गया।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीयविद्यालयों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षाके साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाताहै। इसी का परिणाम है कि शिक्षण सत्र 2025-26 में चौथी एकलव्य विद्यालयों कीराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के दल द्वाराउत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया। आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि इसी प्रकार भारत सरकार,पंचायती राज, मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता मेंएकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा जिला-गरियाबंद को देश में संचालित800 विद्यालयों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। गरियाबंद के चयनित इनविद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तरपर सम्मानित किया गया, साथ ही इस विद्यालय को एक करोड़ रूपए की उपहार राशि प्रदान कीगई है।

वन विभाग की कामयाबी: रामपुर ग्रासलैंड में लौटी काले हिरणों की रौनक

रायपुर बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद छत्तीसगढ़ वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य के रामपुर ग्रासलैंड में काले हिरण (ब्लैकबक) की संख्या बढ़ाने के लिए शुरू किया गया प्रयास सफल रहा है। अब यह क्षेत्र फिर से इन सुंदर और दुर्लभ वन्यजीवों की चहल-पहल से जीवंत हो गया है। बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद            वन मंत्री  केदार कश्यप की मंशा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी)  अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में काले हिरणों के पुनर्स्थापन का लक्ष्य तय किया गया था। इसी के तहत फरवरी माह के पहले सप्ताह में 30 काले हिरणों को रामपुर ग्रासलैंड में छोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे स्वीकृति मिलते ही योजना पर तेजी से काम शुरू किया गया।         वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत "वैज्ञानिक प्रबंधन" के उद्देश्य से अनुमति प्राप्त होने के बाद, वन विभाग की टीम ने विशेषज्ञों की निगरानी में हिरणों को सुरक्षित रूप से उनके नए आवास में छोड़ा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि हिरणों को किसी भी प्रकार का तनाव न हो। मुक्त किए गए काले हिरण अब वहां पहले से मौजूद हिरणों के समूह के साथ सहज रूप से घुल-मिल गए हैं। एक समय प्रदेश से लगभग विलुप्त हो चुके ये हिरण अब फिर से अपने प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं, जो राज्य के लिए गर्व और खुशी की बात है। इस अभियान को मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर मती सतोविशा समाजदार और वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार  धम्मशील गणवीर के नेतृत्व में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसमें बारनवापारा अभयारण्य के अधिकारियों, फील्ड स्टाफ, जीव वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।           वर्तमान में वन विभाग की टीम इन हिरणों की नियमित निगरानी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र में सकारात्मक सुधार होगा और जैव विविधता को और मजबूती मिलेगी। यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि योजनाबद्ध प्रयास, विशेषज्ञों की देखरेख और समर्पित टीमवर्क से विलुप्तप्राय वन्यजीवों को फिर से जीवन दिया जा सकता है।