samacharsecretary.com

जनता के विश्वास को और मजबूत बना रहा सुशासन तिहार : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में 18 करोड़ रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों का भूमिपूजन, हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर के पुत्रीबाई स्कूल सामुदायिक भवन में आयोजित जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बिलासपुर के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शिविर में कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही ही वास्तविक सुशासन है। सुशासन तिहार ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान और गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में अतिथियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 12 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से अरपा राम सेतु से शनिचरी रपटा तक सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य तथा 5 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक आरसीसी बॉक्स निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कुल 18 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक के लागत के इन विकास कार्यों से शहर की अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया। मुख्य अतिथि केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को और सशक्त बनाने का अभिनव अभियान है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। प्रदेश विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे।  साहू ने कहा कि बिलासपुर आज तेजी से बदलती हुई न्यायधानी के रूप में उभर रहा है। फोरलेन सड़कों का निर्माण, एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में हो रहे प्रयास तथा कोपरा जलाशय का रामसर साइट के रूप में चयन इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। बिलासपुर के समग्र विकास के लिए आवश्यक हर सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और शासन के प्रति उसका बढ़ता विश्वास ही सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। सुशासन तिहार ने शासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम तैयार किया है, जिससे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता मिल रही है। उन्होंने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान के अनुरूप विकसित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। विगत दो वर्षों में जिले में 412 करोड़ 57 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत और संचालित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह गति आगे भी जारी रहेगी और न्यायधानी को प्रदेश के सबसे विकसित शहरों में शामिल किया जाएगा।  साव ने पुत्रीबाई सामुदायिक भवन में बाउंड्रीवॉल एवं शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।   बिलासपुर नगर निगम के सभापति  विनोद सोनी, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  संदीप अग्रवाल,  बंधुलाल मौर्य,  राजेश सिंह, मती सुनीता जगत,  विजय ताम्रकार,  लक्ष्मीनारायण कश्यप और  मोहित जायसवाल सहित पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

बेमेतरा में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की हुई व्यापक समीक्षा

रायपुर शासन-प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता है। अधिकारी आमजन की समस्याओं को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय, परिणामोन्मुखी तथा संवेदनशील बनना होगा।  बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी ली गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होगा, जब आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक शिकायत, आवेदन और जनसमस्या का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आत्मा है तथा जनसमस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को मजबूत और भरोसेमंद मंच बनाने पर जोर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक सरलता से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने का सशक्त माध्यम बनेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और जवाबदेही पर सख्ती समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामले सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के सुधार तथा जानबूझकर गलतियां करने वाले पटवारियों एवं संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। सुशासन तिहार, पेयजल और स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत हुआ है तथा योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के आगमन के साथ मौसमी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा दलों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। ईंधन, खरीफ तैयारी और किसानों के हितों पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल एवं पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईंधन संकट संबंधी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली तथा किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया। ड्रोन दीदी, आवास, स्वास्थ्य और ऊर्जा योजनाओं की समीक्षा महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान योजना तथा धान उठाव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ भी मिलना चाहिए। शिक्षा गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर जोर मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है। बैठक में उप मुख्यमंत्री  … Read more

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड, चेहरे पर मुस्कान

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड, चेहरे पर आई मुस्कान गांव के नजदीक मिला समाधान, महिलाओं ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। “गांव-गांव, द्वार-द्वार” पहुंच रही प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। शिविर में कुल 5 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड प्रदान किए गए, जिससे उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की अनामिका टोप्पो, मयूरचुंदी की श्रीमती लीलावती गोंड तथा सेली खेस की गीता सिंह सहित अन्य हितग्राही शामिल हैं।  राशन कार्ड प्राप्त होने पर महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। हितग्राहियों ने कहा कि सुशासन तिहार उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव के नजदीक पहुंचकर त्वरित समाधान उपलब्ध करा रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

​सुशासन तिहार: घुटनों के बल चलने की मजबूरी थमी, ट्राइसाइकिल से मिली जीवन लाल के सपनों को नई रफ़्तार

​सुशासन तिहार: घुटनों के बल चलने की मजबूरी थमी,  ट्राइसाइकिल से मिली जीवन लाल के सपनों को नई रफ़्तार ​धमतरी के दिव्यांग जीवन लाल के लिए 'उम्मीद की किरण' बना जनसमस्या निवारण शिविर; अब आत्मनिर्भरता के साथ तय करेंगे अपनी राह ​रायपुर       छत्तीसगढ़ सरकार की 'सुशासन' की संकल्पना अब धरातल पर उन चेहरों पर मुस्कान बनकर लौट रही है, जो वर्षों से अभावों में जी रहे थे। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित 'सुशासन तिहार' एक ऐसा ही मंच बना, जिसने दिव्यांग जीवन लाल साहू के संघर्षपूर्ण जीवन को नई गति और गरिमा प्रदान की है। ​     ​सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू बचपन से ही दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता का दंश झेल रहे हैं। दशकों तक उन्होंने वह दर्द सहा है, जहाँ चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए उन्हें घुटनों के बल रेंगना पड़ता था। शारीरिक अक्षमता के बावजूद जीवन लाल ने कभी खुद को बेबस नहीं माना। वे न केवल अपने परिवार की दो एकड़ कृषि भूमि की देखरेख में हाथ बंटाते हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। ​शासन की योजनाओं का मिला संबल       जीवन लाल के परिवार को शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं का निरंतर लाभ मिल रहा है। दिव्यांग पेंशन के रूप में 500 रुपए की ​आर्थिक सहायता और राशन कार्ड के जरिए हर महीने मिलने वाला 35 किलो चावल मिल रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से मौके पर ही ट्राइसाइकिल की उपलब्धता से अब कही आने जाने में समस्या नही होगी। ​      जब जीवन लाल को ग्रामीणों से 'सुशासन तिहार' के बारे में पता चला, तो वे अपनी अर्जी लेकर समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पहुँचे। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का आलम यह था कि उनके आवेदन पर बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही की गई और शिविर स्थल पर ही उन्हें निशुल्क ट्राइसाइकिल भेंट की गई। इस पर जीवन लाल ने कहा कि अब मुझे खेत जाने या गांव में कहीं भी आने-जाने के लिए दूसरों का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा। यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि मेरे लिए नए पैर हैं जो मुझे आत्मनिर्भर बनाएंगे। ​संवेदनशील प्रशासन, सशक्त नागरिक     ​ट्राइसाइकिल पाकर भावुक हुए जीवन लाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया है।      ​धमतरी के इस सुशासन तिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन द्वार तक पहुँचता है, तो अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का जीवन वाकई बदल जाता है। जीवन लाल की यह कहानी प्रदेश के हजारों दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा और सुशासन के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। ​

कलेक्टर और एसपी ने मोटरसाइकिल से तय किया दुर्गम पहाड़ी सफर, सुशासन का संदेश

सुशासन की मोटरसाइकिल से दुर्गम पहाड़ों तक पहुँचे कलेक्टर-एसपी  गोंडेरास और नीलावाया में ऐतिहासिक सुशासन चौपाल रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत अब विकास की किरण केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे सुदूर वनांचलों तक पहुँच रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ के सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। बुधवार को कलेक्टर श्री अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए, खुद मोटरसाइकिल चलाकर 30 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों को पार किया और पहुंचविहीन ग्राम गोंडेरास व नीलावाया पहुँचे।    जिला प्रशासन सुशासन तिहार के माध्यम से 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचा रहा है। कलेक्टर और एसपी का यह दौरा साबित करता है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ दूरी मिटाता है, तो जनता के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास और बदलाव की नई उम्मीद जागती है। ग्राम गोंडेरास में इमली की छाँव में समस्याओं का तत्काल समाधान         गोंडेरास गांव में कलेक्टर और एसपी ने किसी आलीशान मंच के बजाय इमली के पेड़ के नीचे बिछी खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों द्वारा सोलर प्लेट्स के खराब होने की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल क्रेडा विभाग को सभी घरों में मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गाँव में आंगनबाड़ी और पंचायत भवन जैसे बुनियादी कार्यों के लिए 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई, जिसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को ही सौंपी गई है। शिविर में 17 किसान क्रेडिट कार्ड, 12 जाति प्रमाण पत्र और 11 पीएम-किसान प्रकरणों का निराकरण, 2  किसान किताब, 2 पटवारी प्रतिवेदन सहित कई दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए।  स्वास्थ्य सुरक्षा और पुलिया की सौगात        ग्राम नीलावाया पहुँचकर अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली 15 किमी की अतिरिक्त दूरी को खत्म करने के लिए कलेक्टर ने मौके पर ही नाले पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी। 4 मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजने और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए सचिव को कड़े निर्देश दिए गए। शिविर के दौरान 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और 22 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र तत्काल बनाकर सौंपे गए। कागजी नहीं, धरातली सुशासन हमारा लक्ष्य        कलेक्टर श्री अमित कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि शासन का लक्ष्य नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गाँव) योजना के जरिए हर घर को बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के सैचुरेशन (पूर्णता) से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाना कार्य में तेजी और पारदर्शिता लाने का एक बड़ा कदम है। यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर हमारे गाँव तक मोटरसाइकिल से पहुँचा है। अब हमें भरोसा है कि हमारी समस्याएँ अनसुनी नहीं रहेंगी। गांव के सरपंच श्री जोगा वंजामी ने अधिकारियों के आगमन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर उनके गांव तक पहुंचा है।

सुशासन तिहार: चौपाल में मिली राहत, सरलाबाई मरावी की समस्या का मुख्यमंत्री ने किया त्वरित समाधान

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का एक भावनात्मक उदाहरण सामने आया। सरोधी की रहने वाली सरलाबाई मरावी ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के समक्ष अपनी समस्या रखी और कुछ ही पलों में उसका समाधान भी मिल गया। सरलाबाई मरावी, पति  लल्लूराम मरावी, एक साधारण कृषक परिवार से हैं। उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और परिवार में उनका एक बेटा है। खेती ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है। चौपाल के दौरान सरलाबाई ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत 1.50 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री ने जैसे ही यह बात सुनी, उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और तुरंत निराकरण सुनिश्चित कराया। अपनी समस्या का त्वरित समाधान होते देख सरलाबाई भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बात इतनी जल्दी सुनी जाएगी और समाधान भी मिल जाएगा। उनकी आंखों में संतोष और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी। सरलाबाई ने यह भी बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे घरेलू खर्चों में सहारा मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें महसूस हुआ कि सरकार वास्तव में गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनका समाधान कर रही है। ग्राम सरोधी की यह घटना इस बात का सजीव प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में भरोसा और राहत लेकर आने वाली पहल बन चुका है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जन-जन तक पहुंच रहा सुशासन

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में आज एक मई से सुशासन तिहार 2026 का प्रदेशव्यापी शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में 01 मई से 10 जून तक संचालित होने वाला यह अभियान शासन और आमजन के बीच की दूरी को समाप्त कर पारदर्शी, त्वरित एवं संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के प्रथम दिवस प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया गया, जहां मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनते नजर आए। यह पहल वास्तव में राज्य के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने की छत्तीसगढ़ सरकार की  प्रतिबद्धता को पूरा करने का प्रभावी माध्यम है।  बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रिसदा में आयोजित शिविर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां प्राप्त 573 आवेदनों में से लगभग 47 प्रतिशत का मौके पर ही निराकरण किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा में निराकरण किया गया और आवेदकों से संतुष्टि फीडबैक भी लिया जाए। कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में 332 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 का तत्काल समाधान किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि यह अभियान शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। इसी क्रम में रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम कठिया में आयोजित शिविर में मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब की उपस्थिति में कई हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। महिलाओं को मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किए गए। दिव्यांग हितग्राही  योगेश यादव को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। शिविर में हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा वन-स्टॉप समाधान केंद्र के रूप में स्टॉल लगाए गए, जहां आमजन को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, केसीसी ऋण, उज्ज्वला योजना, कृषि उपकरण, मत्स्य पालन सामग्री सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाओं की उपलब्धता ने ग्रामीणों को त्वरित राहत दी। सुशासन तिहार के माध्यम से न केवल शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है, बल्कि आम नागरिकों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय स्वयं इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।