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बिहार में जनगणना प्रक्रिया तेज, 33 सवालों के साथ घर-घर सर्वे; डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित

छपरा.

अब सारण के गांवों की गलियों से लेकर शहर के मोहल्लों तक हर दरवाजे पर जनगणना की दस्तक सुनाई देगी। एक मई की रात स्वगणना का चरण समाप्त होने के साथ ही शनिवार से जिले में घर-घर सर्वे अभियान शुरू हो गया।

अब तक 73 हजार 564 परिवारों ने स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करायी है, जबकि बाकी परिवारों तक पहुंचने के लिए हजारों प्रगणक और पर्यवेक्षक मैदान में उतरेंगे। आने वाले एक माह तक जिले में हर घर की तस्वीर सरकारी आंकड़ों में दर्ज होती नजर आएगी।

31 मई तक चलेगा सर्वे अभियान
जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य किया जाएगा। इसके तहत प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे। जिन लोगों ने पहले ही स्वगणना पूरी कर ली है, उनसे केवल स्वगणना पहचान संख्या ली जाएगी। वहीं, जिन परिवारों ने अभी तक स्वगणना नहीं की है, उनसे 33 बिंदुओं पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रशासन ने इस कार्य को 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जिले में 7467 प्रगणकों और 1269 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। साथ ही 1034 कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत लगाया जा सके।

विकास योजनाओं की मजबूत नींव
प्रधान जनगणना अधिकारी सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने लोगों से जनगणना कार्य में सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के निर्माण में जनगणना के आंकड़े अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नागरिकों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि भविष्य की योजनाएं वास्तविक जरूरतों के अनुसार बनाई जा सकें।

स्वगणना आईडी दिखाना होगा जरूरी
जिलाधिकारी ने बताया कि जिन लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से स्वगणना की है, उन्हें प्रगणकों के घर पहुंचने पर अपनी स्वगणना पहचान संख्या उपलब्ध करानी होगी। इसके माध्यम से जानकारी का सत्यापन और अंतिम प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनगणना के दौरान जुटायी जाने वाली सभी जानकारियां पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएंगी।

डिजिटल तकनीक से बदलेगी जनगणना की तस्वीर
इस बार जनगणना अभियान को पूरी तरह आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। डाटा संग्रहण के लिए मोबाइल एप और डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे आंकड़ों के संकलन में तेजी आएगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अब जिले में शुरू होने वाला यह घर-घर सर्वे केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की विकास योजनाओं का आधार बनने जा रहा है।

सारण में जनगणना अभियान एक नजर में –

  • 73 हजार 564 परिवारों ने किया स्वगणना
  • 31 मई तक चलेगा घर-घर सर्वे अभियान
  • 7467 प्रगणक करेंगे डाटा संग्रहण
  • 1269 पर्यवेक्षक करेंगे निगरानी

1034 कर्मी रिजर्व में रखे गए
33 प्रश्न पूछे जाएंगे स्वगणना नहीं करने वाले लोगों से
मोबाइल एप व डिजिटल तकनीक से होगा डाटा संग्रहण

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