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सिस्टम फेल या दबाव ज्यादा? स्लॉट बुकिंग अटकी, 44 हजार किसान शेष, डेडलाइन 23 मई

सागर
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में जैसे-जैसे तेजी आ रही है, वैसे ही किसानों की समस्याएं भी बढ़ रहीं हैं। पिछले 3 दिनों से किसान स्लॉट बुकिंग से परेशान हैं। पूरे दिन सर्वर समस्या से स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। कई किसान रात-रात भर जागकर मोबाइल से स्लॉट बुकिंग का प्रयास कर रहे हैं। जिले में अब तक मात्र 16590 किसान ही गेहूं बेच पाए हैं और 33272 के स्लॉट बुक हो पाए हैं। वहीं 44 हजार से अधिक किसान के स्लॉट बुक नहीं हुए हैं। स्लॉट बुकिंग की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 से बढ़ाकर 23 मई कर दी है।

इस बार 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
बीते साल जिले से 3 लाख 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, लेकिन इस बार सरकार ने जिले से 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है, जबकि अभी मात्र 66 हजार मीट्रिक टन ही खरीदी हो पाई है। बारदाना की कमी दूर करने 11 हजार बारदाना गठान होने का दावा प्रशासन कर रहा है, इससे करीब 2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सकेगा।

मौसम ने बढ़ाई चिंता, खुले में रखा है अनाज
गुरुवार को हुई बूंदाबांदी और बदलते मौसम के कारण जिला प्रशासन की चिंताएं बढ़ गईं हैं। खरीदी केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे है, इससे अनाज भीगने की आशंका बनी हुई है। हालांकि नागरिक आपूर्ति निगम का कहना है कि 176 केंद्रों में से 116 केंद्र गोदाम स्तरीय हैं, 11 केंद्र मंडी में बनाए गए हैं। सिर्फ 45 केंद्र समितियां चला रहीं हैं, वहां भी पानी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं। केंद्रों से 39001 मीट्रिक टन अनाज परिवहन कर लिया गया है, जबकि 52130 मीट्रिक टन रेडी टू ट्रांसपोर्ट कैटेगरी में रखा गया है।

175.18 में से 17.40 करोड़ रुपए किसानों को भुगतान हो गए।
खरीदी केंद्रों पर गेहूं उपार्जन जारी है, एक-दो दिन से सर्वर की वजह से स्लॉट बुकिंग की जो समस्या आई है, लेकिन गुरुवार को ही 1500 से अधिक स्लॉट बुक हुए हैं। गुरुवार को भैंसवाही व रहली रोड के खरीदी केंद्र से बूंदाबांदी की सूचना आई थी, लेकिन वहां भी अनाज को बचाने के पर्याप्त इंतजाम थे। बारिश से नुकसान की कोई सूचना नही है।- ज्योति बघेल, अधिकारी जिला आपूर्ति निगम।

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