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4 मई का राशिफल: किसके लिए होगा भाग्य का साथ और कौन सी राशियों को मिलेगी नई चुनौती

मेष 4 मई के दिन ऑफिस में आपका प्रदर्शन अच्छा रहेगा और आर्थिक रूप से आपकी लाइफ स्टेबल रहेगी। आपके प्रेम संबंध में परेशानी के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अपने स्वास्थ्य के बारे में सावधान रहें। गलत व्यवहार को अपने रिश्ते में न आने दें। वृषभ 4 मई के दिन प्यार में ईमानदार रहें और इससे आपके रिश्ते पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। रोमांटिक रिश्ते और ज्यादा मजबूत होंगे। व्यावसायिक सफलता मिलेगी और आप धन के मामले में भी अच्छे मौके प्राप्त करेंगे। मिथुन 4 मई के दिन आप प्रपोज कर सकते हैं या कोई प्रपोजल प्राप्त कर सकते हैं। कार्यस्थल पर छोटी-मोटी चुनौतियां आएंगी लेकिन उनसे कुशलता से निपटने में आपको सफलता मिलेगी। आर्थिक सफलता मिलेगी। कर्क 4 मई के दिन एक रोमांटिक मोमेंट बिताएं, जहां आपकी लव लाइफ शानदार रहेगी। ऑफिस की पॉलिटिक्स से बचें और सुनिश्चित करें कि आपको प्रत्येक प्रोफेशनल काम में सफलता मिले। आर्थिक स्थिरता भी रहेगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहने वाला है। सिंह 4 मई के दिन आपको इंटरव्यू के लिए कॉल या सकती है। कोई रिश्तेदार या भाई-बहन आर्थिक मदद की मांग भी कर सकता है और आप उसे मदद दे सकते हैं। कुछ प्रोफेशनल आज नौकरी के सिलसिले में बहुत यात्रा करेंगे। रोमांस पर फोकस करें। कन्या 4 मई के दिन अपनी रोमांटिक लाइफ का ख्याल रखें। प्रोफेशनल रहें और आपको आगे बढ़ने के अवसर दिखाई देंगे। वित्तीय स्टेबिलिटी के बावजूद आपको भविष्य के लिए पैसा बचाने की जरूरत है। तुला 4 मई के दिन कुछ भाग्यशाली जातकों को पारिवारिक संपत्ति विरासत में मिल सकती है। विद्यार्थियों को परीक्षा पास करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता हो सकती है। कोई नई एक्टिविटी ट्राई करें। वृश्चिक 4 मई के दिन आपके लिए अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने का दिन है। जीवन के हर पहलू में, प्यार से लेकर काम तक, स्वास्थ्य से लेकर वित्त तक, अवसर प्राप्त करने के लिए तैयार रहें। अवसरों का लाभ उठाएं। धनु 4 मई के दिन वित्तीय समृद्धि रहेगी। आपको फ्रीलांसिंग या पार्ट टाइम बिजनेस से एक्स्ट्रा इंकम मिल सकती है। प्रेम जीवन में आज कोई बड़ी अड़चन परेशानी का कारण नहीं बनेगी। यह सप्ताह निवेश के लिए अच्छा है लेकिन स्वास्थ्य एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मकर 4 मई के दिन वित्तीय समृद्धि रहेगी क्योंकि आप कई स्रोतों से धन का अच्छा प्रवाह देखेंगे। बेहतर करियर ग्रोथ सुनिश्चित करने के लिए प्रोफेशनल अवसरों का उपयोग करें। प्यार के मामले में आप अच्छे हैं। कुंभ 4 मई के दिन आपके इनोवेटिव आइडियाज अच्छे भाग्य को आकर्षित करेंगे। कार्यस्थल पर विवादों से बचने के लिए सावधान रहें। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन आपको खर्चों पर लगाम लगाने की आवश्यकता होगी। ऑयली फूड और बाहर का खाना खाने से बचें। मीन 4 मई के दिन स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ऑफिस में आर्थिक मामलों को संभालने वालों को सावधान रहने की जरूरत है। विवाहित मीन राशि वालों को सावधान रहने की जरूरत है कि वे ऐसी किसी भी चीज में शामिल न हों, जो उनके वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर सकता है।

जिस मां पर था शक, उसी का घर से कुछ दूर मिला शव, मामले ने लिया नया मोड़

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद मीरानपुर में चार सगे भाई-बहनों की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले में रविवार को नया मोड़ सामने आ गया। जिन बच्चों की हत्या का आरोप उनकी मां पर लगाया जा रहा था, उसी महिला का शव भी घटना स्थल से करीब 100 मीटर दूर नाले से बरामद हुआ है। पुलिस ने ड्रोन की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके दौरान महिला का शव मिला। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शनिवार को इसी घर के अंदर चारों बच्चों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था और शुरुआती जांच में मां पर ही हत्या का शक जताया गया था, जो घटना के बाद से लापता थी। अब मां का शव मिलने के बाद पूरा मामला और पेचीदा हो गया है। यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या मां ने ही बच्चों की हत्या के बाद आत्महत्या कर ली, या फिर इस वारदात के पीछे कोई तीसरा व्यक्ति है, जिसने बेहद सुनियोजित तरीके से पूरे परिवार को निशाना बनाया और फरार हो गया। क्या कह रही है पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की असली वजह निकल कर सामने आएगी। फिलहाल महिला का शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। एक साल से सऊदी अरब में है पति अम्बेडकर नगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद मोहल्ले में शनिवार को सामने आई दिल दहला देने वाली इस घटना की पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है। शनिवार को घटना सामने आने के बाद मां के घर में न मिलने पर उसे फरार बताया जाने लगा लेकिन रविवार को मां की लाश मिल गई। बताया जा रहा है कि मृतक बच्चों का पिता मो. नियाज पिछले एक वर्ष से रोजगार के सिलसिले में सऊदी में रह रहा है। मुरादाबाद मोहल्ले में जिस स्थान पर चार बच्चों की सनसनीखेज तरीके से हत्या की गई, दरअसल वह काफी शांत इलाका है। वारदात के बारे में जिसको भी जानकारी हुई वह वहां पहुंचा। हर कोई बच्चों की निर्मम हत्या पर हैरान था। पुलिस के आने के बाद एक के बाद एक बच्चों का शव जब बाहर लाया गया तो हर किसी का कलेजा कांप उठा। गले पर कटे, सिर पर ईंट से कुचलने के निशान पुलिस को मोहल्ले के लोगों से शनिवार को दिन में 3.40 बजे सूचना मिली कि गाजिया खातून के घर पर असमान्य स्थिति है तो पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पहले पहुंचे दूध वाले ने दरवाजा खटखटाया था लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन मंजिला मकान के प्रथम तल पर पहुंच कर देखा तो कमरे के अंदर चार शव खून से लथपथ मिले। कुछ के गले पर कटे का निशान था तो बाकी के सिर पर ईंट से कुचलने के निशान थे। चार बच्चों की मौत से पुलिस महकमे में खलबली मच गई।

“जय बिहान” से आत्मनिर्भरता तक: बलरामपुर में महिलाओं की बदलती तस्वीर के साक्षी बने मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय अपने बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और युवाओं से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण कक्ष में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने “जय बिहान” कहकर अभिवादन किया, जिससे पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए विशेष रूप से पशु सखियों और ‘लखपति दीदी’ से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना। संवाद के दौरान ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर वे पशु सखी के रूप में गांव में पशुओं का सर्वे, उपचार में सहयोग और जागरूकता का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव को नजदीक से महसूस किया और कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि RSETI के माध्यम से जिले में अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार हेतु तैयार किया जा चुका है। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां उन्होंने विभिन्न समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके उत्पादों और अनुभवों की जानकारी ली। कोमल स्व-सहायता समूह की मती पूर्णिमा बासिन ने बताया कि बैंक लिंकेज और CIF के माध्यम से प्राप्त ऋण से उन्होंने जैविक खेती शुरू की और जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक वर्ष में 3 लाख रुपये की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस सफलता की सराहना करते हुए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं जमीन पर बदलाव की स्पष्ट तस्वीर बनकर सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं और स्थानीय उत्पादों को प्रदेश स्तर तक पहचान मिल रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया की सरपंच मती खुशबू सिंह एवं सचिव मती सुनीता मरावी को बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो वे समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई दिशा तय करती हैं।  उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के गांवों में महिलाओं की यह भागीदारी राज्य को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी।

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों की लाइव गिनती शुरू होगी सुबह 8 बजे, यहां देखें पूरा अपडेट

नई दिल्ली भारत निर्वाचन आयोग 4 मई को तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे घोषित करेगा। पिछले कुछ हफ्तों में ये चुनाव कई चरणों में कराए गए थे, जिनमें सभी राजनीतिक दलों ने जोरदार प्रचार किया। कई सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला और मतदान भी अच्छा रहा। मतगणना सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू होगी। शुरुआती कुछ घंटों में रुझान आने लगेंगे और दिन के अंत तक लगभग सभी सीटों के परिणाम सामने आ जाएंगे। गिनती की शुरुआत पोस्टल बैलेट से होती है, जिसमें सेवा कर्मियों, चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों और अन्य लोगों के वोट शामिल होते हैं, जो सीधे मतदान नहीं कर पाए थे। इसके बाद ईवीएम की गिनती शुरू होती है, जिसमें हर मशीन को अधिकारियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खोला जाता है। कैसे होती है वोटों की गिनती? पोस्टल बैलेट की गिनती के बाद ईवीएम से वोटों की गिनती की जाती है। हर मशीन से यह साफ हो जाता है कि किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले हैं। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होती है और इसमें उम्मीदवारों के एजेंट भी मौजूद रहते हैं। गिनती के दौरान हर राउंड के बाद अपडेट जारी किया जाता है, जिससे यह पता चलता रहता है कि कौन उम्मीदवार आगे चल रहा है और किस सीट पर मुकाबला कड़ा है। कहां देखें चुनाव परिणाम? आप विधानसभा चुनाव के नतीजों की लाइव कवरेज दैनिक जागरण के प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं। यहां आपको पूरे दिन लगातार अपडेट, ग्राउंड रिपोर्टिंग और विशेषज्ञों की राय मिलेगी। वेबसाइट पर सीटवार नतीजे, पार्टी के हिसाब से आंकड़े और लाइव डैशबोर्ड भी उपलब्ध होंगे, जिससे आप हर पल की जानकारी आसानी से ले सकेंगे। इसके अलावा, दैनिक जागरण के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी आप तेजी से अपडेट, वीडियो और ब्रेकिंग न्यूज पा सकते हैं, जिससे चलते-फिरते भी नतीजों पर नजर रखी जा सकती है।

विभागों ने नियमों में संशोधन शुरू, संविदा कर्मियों के लिए बढ़े अवसर

भोपाल मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक संविदा कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर नियुक्ति में 50 प्रतिशत कोटा देने की मांग धीरे-धीरे ही सही मगर पूरी होने जा रही है। इसके लिए सभी विभागों के सेवा भर्ती नियम में संशोधन करके उक्त प्रविधान किया जा रहा है। यानी अब इनमें सीधी भर्ती के रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत संविदा कर्मियों से भरे जाएंगे। वर्ष 2023 की संविदा नीति और कार्यान्वयन में देरी यह प्रविधान संविदा नीति में तो पहले ही कर दिया गया था लेकिन विभागों ने भर्ती नियमों में संशोधन नहीं किया। अब नियम संशोधित कर लागू किए जा रहे हैं। संविदा नीति में संशोधन वर्ष 2023 में किया गया। इसमें ही यह प्रविधान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर किया गया था। विधानसभा चुनाव के बाद इस नियम को लागू करने में अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। इसके कारण मामला टलता गया और कर्मचारियों में रोष बढ़ता गया।  

संत और सनातन संस्कृति ही समाज को दिखाते हैं सही दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी देवस्थान की प्राण प्रतिष्ठा और संतों का सान्निध्य कई जन्मों के पुण्य के बाद ही प्राप्त होता है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमर धरोहर बताते हुए कहा कि ईश्वर संतों के माध्यम से ही समाज को मार्ग भटकने से बचाते हैं। उन्होंने जैन धर्म के "जियो और जीने दो" के मूल मंत्र और अहिंसा के मार्ग पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमें सिखाती है कि जीवन का प्रत्येक क्षण और व्यवस्था का प्रत्येक कण लोक-कल्याण के लिए सदुपयोग में आना चाहिए। मानवता और जीव मात्र के प्रति करुणा भाव रखना ही हमारी संस्कृति का आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में जैन समाज के 'प्रतिष्ठा महोत्सव' एवं 'लाभार्थी बहुमान समारोह' में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री द्वारा गच्छाधिपति आचार्यदेव मद्विजय हितेश्चन्द्रसूरीश्वरजी महाराज साहिब का भावपूर्ण पूजन-वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा तीर्थ से अपने आत्मीय और गहरे जुड़ाव को भी साझा किया। उन्होंने रोचक ढंग से उल्लेख किया कि आचार्य  ने इस पावन तीर्थ का नाम उनके नाम (मोहन) पर ही रखा है, जो उनके लिए व्यक्तिगत रूप से अत्यंत आनंद और गौरव का विषय है। उन्होंने मोहनखेड़ा तीर्थ को न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए श्रद्धा एवं आस्था का एक प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और समरसता का संचार होता है। मुख्यमंत्री ने सफल आयोजन के लिए समस्त ट्रस्टी परिवार और आयोजन समितियों को बधाई दी और आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों में हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी। आचार्य  हितेश्चन्द्रसूरीश्वरजी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सरल स्वभाव और धर्म के प्रति उनकी अटूट निष्ठा की प्रशंसा की। आचार्य  ने कहा कि जब शासन और साधना का समन्वय होता है, तभी राष्ट्र उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जिस प्रकार वे जनसेवा के कार्यों में संलग्न हैं, उसी प्रकार धर्म और संस्कृति के संरक्षण में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण है। आचार्य  ने प्रतिष्ठा महोत्सव के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसे आयोजन आत्मा की शुद्धि और समाज में सद्भावना बढ़ाने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर अडिग रहने और जीव मात्र के प्रति करुणा भाव रखने की प्रेरणा दी।    

‘ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान’ पहुंचे मुख्यमंत्री: ‘पशु सखियों’ का बढ़ाया मनोबल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बलरामपुर  जिला प्रवास के दौरान 'ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान'  (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पशु सखियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।  मुख्यमंत्री  साय ने प्रशिक्षण कक्ष का अवलोकन करते हुए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और प्रशिक्षणार्थियों से ‘जय बिहान’ कहकर आत्मीय अभिवादन किया। उन्होंने विशेष रूप से  पशुपालन का प्रशिक्षण ले रही पशु सखियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना और उनके प्रयासों की सराहना की। इस दौरान विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के बगरा क्लस्टर अंतर्गत ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे गांव में पशुओं का सर्वे कर पशु चिकित्सकों को सहयोग प्रदान करती हैं तथा ग्रामीणों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं बीमारियों के प्रति जागरूक करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्य को और अधिक दक्षता के साथ करने में सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि RSETI जैसे संस्थान न केवल प्रशिक्षण के केंद्र हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उल्लेखनीय है कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अब तक 16 बैचों में कुल 510 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमिता के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

राज्यमंत्री गौर ने ढाई लाख और दो लाख लीटर की क्षमता वाली टंकियों का किया भूमिपूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने रविवार को गोविंदपुरा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 2 पानी की टंकियों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री  गौर की इस पहल से मिसरोद स्थित फॉर्च्यून डिवाइन सिटी के पास 2.5 लाख लीटर क्षमता तथा प्रताप नगर, बरखेड़ा पठानी के पास 2 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकियों की स्थापना होगी। 2 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से इन टंकियों का निर्माण कार्य किया जाएगा। राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने कहा कि इससे क्षेत्रवासियों को नर्मदा जल की नियमित आपूर्ति हो सकेगी। उन्होंने कहा कि प्यासे को पानी पिलाना हमारी संस्कृति में पुण्य का कार्य माना गया है और इसी भावना के साथ क्षेत्र के नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नई पानी की टंकियों का निर्माण आवश्यक हो गया था। अमृत फेस-2 योजना के अंतर्गत क्षेत्र में कुल 18 टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में जल संकट की समस्या से राहत मिलेगी। राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य 18 माह के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी और आगे भी नागरिकों को ऐसी महत्वपूर्ण सौगातें मिलती रहेंगी। कार्यक्रम में  मोनिका ठाकुर, श्री रामबाबू पाटीदार, श्री प्रताप वारे, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री भागीरथ पाटीदार, श्री नीरज सिंह, श्री प्रताप सिंह बेस,  सरिता सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।  

आईपीएस अधिकारियों के तबादले से पुलिस महकमे में हलचल, अब मुख्यालय में करेंगे कार्य

 भोपाल  प्रदेश सरकार ने शनिवार रात डेढ़ बजे एक साथ 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए। इसमें चार माह पहले जनवरी 2026 में उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत होने के बाद भी एसपी बने रहे सात पुलिस अधीक्षकों को मुख्यालय में बैठा दिया। वहीं, पांच पुलिस अधीक्षकों को उनके बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दोबारा जिलों की कमान सौंपी गई है। पदोन्नत अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल सिंगरौली में बैंक डकैती के बाद मनीष खत्री को हटाया गया तो गुरुकरण सिंह ने आठ माह में ही वापसी की है। उन्हें रीवा जैसे महत्वपूर्ण जिले में पदस्थ किया है। 2020 बैच के अधिकारियों पर भरोसा जताते हुए उन्हें कप्तानी दी गई है। आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची बहुप्रतीक्षित थी। इसका कारण यह था कि जनवरी में दस अधिकारियों को उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया था लेकिन इनकी पदस्थापना में परिवर्तन नहीं किया गया। इनमें सात पुलिस अधीक्षक थे। इनके स्थान पर दूसरे अधिकारियों को पदस्थ करने का प्रस्ताव दो-तीन बार बना लेकिन किसी न किसी कारण से मामला टल रहा था। मुख्यमंत्री की बैठक और कड़ा निर्णय शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और 'एक बार में ही घर भर के बदल डालूंगा' की तर्ज पर तबादले करने का निर्णय लिया गया। इसमें उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए खंडवा के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रेडियो रियाज इकबाल, एसपी रेल भोपाल राहुल लोढ़ा, एसपी रेल जबलपुर सिमाला प्रसाद, पुलिस अधीक्षक भिंड असित यादव, डीसीपी भोपाल विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक रीवा शैलेंद्र सिंह चौहान, उपायुक्त इंदौर कुमार प्रतीक, पुलिस अधीक्षक झाबुआ शिवदयाल और पुलिस अधीक्षक धार मयंक अवस्थी शामिल हैं। मुख्यालय में पदस्थापना और नए कप्तानों की नियुक्ति इनमें अधिकतर को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया है। मयंक को इंदौर तो शैलेंद्र चौहान को भोपाल में पदस्थ किया है। वहीं, 17 अप्रैल 2026 को बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई डकैती पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री पर भारी पड़ी। उन्हें पुलिस मुख्यालय में बैठाया गया है। उधर, चार माह पहले आईपीएस संवर्ग में आए आशीष खरे को डिंडौरी, विक्रांत मुराब अनूपपुर, सुरेंद्र कुमार जैन मऊगंज और राजेश रघुवंशी को मंडला का पुलिस अधीक्षक बनाया है। 2020 बैच के मयूर खंडेलवाल को दतिया, सोनाक्षी सक्सेना सीहोर, आनंद कलादगी सिंगरौली और कृष्ण लालचंदानी को सिवनी की कमान सौंपी है। यह भी पढ़ें- इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर: किसान बनेंगे करोड़पति, सरकार लौटाएगी 60% विकसित भूखंड, सीएम ने किया पहले चरण का शिलान्यास इन पुलिस अधीक्षकों पर फिर जताया भरोसा     सूरज कुमार वर्मा: दतिया से भिंड     यांगचेन डोलकर भुटिया: इंदौर देहात से शिवपुरी     रजत सकलेचा: मंडला से छतरपुर     अगम जैन: छतरपुर से खंडवा     देवेंद्र कुमार पाटीदार: बुरहानपुर से झाबुआ     दिलीप कुमार सोनी: मऊगंज से आगर मालवा  

प्रदेश के 20 हजार से अधिक पशुपालक एवं दुग्ध उत्पादक होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को ग्वालियर में राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभागीय योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों को स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी वितरित करेंगे। मेला ग्राउंड ग्वालियर में होने वाले सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल भी उपस्थित रहेंगे। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने और दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा ग्वालियर जिले में राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। मैत्री कार्यकर्ता, पशुपालक, क्षीरधारा ग्रामों के सरपंच और सहकारी दुग्ध समिति के सदस्य करेंगे अनुभव साझा सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के करीब 20 हजार पशुपालक, दुग्ध उत्पादक, लाभान्वित हितग्राही, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालक शामिल होंगे। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, उन्नत पशुपालन को बढ़ावा देने और सहकारिता के माध्यम से पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही मैत्री कार्यकर्ता, उदाहरणीय पशुपालक और क्षीरधारा ग्रामों के सरपंच सहित सहकारी दुग्ध समिति के सदस्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव से अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा दुग्ध उत्पादन और सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।