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मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को 1189 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को गुना जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले में औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण एवं रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 1059 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाली अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास करेंगे। साथ ही लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत के 144 विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। इन विकास कार्यों से जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। जिले में मिलेगें रोजगार के अवसर अंबुजा कांक्रीट नार्थ प्रा.लि. (अडानी ग्रुप) द्वारा मावन में 32 हैक्टेयर भूमि पर स्थापित की जाने वाली यह सीमेंट प्रोजेक्ट जिले के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना की उत्पादन क्षमता 2×2 मिलियन टन प्रतिवर्ष होगी। यह यूनिट गुना शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूरी पर स्थापित की जा रही है। सीमेंट प्रोजेक्ट के प्रारंभ होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। लगभग 500 लोगों को प्रत्यक्ष एवं 1000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही शासन को प्रतिवर्ष लगभग 160 करोड़ रुपये के जीएसटी राजस्व की प्राप्ति होने की संभावना है। क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा प्रस्तावित परियोजना से न केवल औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि परिवहन, व्यापार, सेवा एवं अन्य सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे गुना जिले की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी तथा क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री  गोविन्‍द सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।  

राज्यमंत्री गौर ने ढाई लाख और दो लाख लीटर की क्षमता वाली टंकियों का किया भूमिपूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने रविवार को गोविंदपुरा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 2 पानी की टंकियों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री  गौर की इस पहल से मिसरोद स्थित फॉर्च्यून डिवाइन सिटी के पास 2.5 लाख लीटर क्षमता तथा प्रताप नगर, बरखेड़ा पठानी के पास 2 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकियों की स्थापना होगी। 2 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से इन टंकियों का निर्माण कार्य किया जाएगा। राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने कहा कि इससे क्षेत्रवासियों को नर्मदा जल की नियमित आपूर्ति हो सकेगी। उन्होंने कहा कि प्यासे को पानी पिलाना हमारी संस्कृति में पुण्य का कार्य माना गया है और इसी भावना के साथ क्षेत्र के नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नई पानी की टंकियों का निर्माण आवश्यक हो गया था। अमृत फेस-2 योजना के अंतर्गत क्षेत्र में कुल 18 टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में जल संकट की समस्या से राहत मिलेगी। राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य 18 माह के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी और आगे भी नागरिकों को ऐसी महत्वपूर्ण सौगातें मिलती रहेंगी। कार्यक्रम में  मोनिका ठाकुर, श्री रामबाबू पाटीदार, श्री प्रताप वारे, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री भागीरथ पाटीदार, श्री नीरज सिंह, श्री प्रताप सिंह बेस,  सरिता सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदान करेंगे स्वच्छता सम्मान

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आज भोपाल के रवीन्द्र भवन हंसध्वनि सभागार में 5वां राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह एवं कार्यशाला “स्वच्छता समग्र” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 1 बजे समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नगरीय निकायों को स्वच्छता सम्मान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना के अंतर्गत 5 हजार 364 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इन कार्यों में जल-प्रदाय, सीवरेज परियोजनाएं, हरित क्षेत्र विकास और मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास के विभिन्न कार्य शामिल हैं। समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय एवं राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी मौजूद रहेंगी। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि कार्यक्रम में स्वच्छता पखवाड़ा पर आधारित विशेष फिल्म एवं स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के डिजिटल पोस्टर का लोकार्पण भी किया जायेगा। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रदेश के शहरी विकास के रोडमेप की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। कार्यशाला के विषय कार्यशाला में सुबह 9 बजे से समानान्तर सत्र के रूप में चर्चा होगी। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री भोंडवे का प्रारंभिक उद्धबोधन प्रदेश में लीगेसी वेस्ट, वायु गुणवत्ता और शहरी स्वच्छता की चुनौतियां विषय पर होगा। कार्यशाला में समानान्तर सत्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से नर्मदा बेसिन, धार्मिक और पर्यटन महत्व के शहरों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की चुनौतियां विषय रहेगा। इस सत्र में महापौर उज्जैन श्री मुकेश टटवाल, जबलपुर महापौर श्री जगत बहादुर सिंह, एमडी पर्यटन विकास निगम श्री इलैया राजा और डारेक्टर रेंस्पांसिबल ट्यूरिज्म मिशन श्री डीपी सिंह शामिल होंगे। एक अन्य सत्र में शहरों में लीगेसी अपशिष्ट की वर्तमान स्थिति एवं चुनौती विषय पर इंदौर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, छिंदवाड़ा महापौर श्री विक्रम सिंह अहाके, ग्वालियर महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, आयुक्त नगर निगम इंदौर श्री दिलीप कुमार यादव, आयुक्त ग्वालियर श्री संघ प्रिय और सचिव मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विचार व्यक्त करेंगे। समानान्तर सत्र में ही शहरों की कार्य योजना का प्रस्तुतिकरण, शहरों की सफाई, सौंदर्यीकरण और छोटे शहरों में विकास की संभावनाएं विषय पर महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, आयुक्त उज्जैन श्री अभिलाष मिश्रा, आयुक्त भोपाल श्रीमती संस्कृति जैन, आयुक्त सागर श्री राजकुमार खत्री अपने विचार व्यक्त करेंगे। सफाई मित्रों से संवाद नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई मित्रों की कुशलता वृद्धि के संबंध में नगर निगम महापौर, आयुक्तों और संबंधित विषय-विशेषज्ञों के बीच संवाद होगा। इस सत्र में सफाई मित्रों को राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा होगी।  

माँ नर्मदा की उद्गम स्थली में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा : लोक निर्माण मंत्री सिंह भोपाल  लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने अमरकंटक में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन किया। माँ नर्मदा की उद्गम स्थली को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल सड़क नहीं बल्कि श्रद्धा और आस्था को आधुनिकता से जोड़ने वाला पथ बनेगा। कपिलधारा जलप्रपात, जिसे ऋषि कपिल की तपोभूमि माना जाता है, हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि पाँच किलोमीटर लंबे इस नए पहुँच मार्ग को ऐसा रूप दिया जाएगा, जिससे यह केवल सड़क न लगकर एक पर्यटन स्थल जैसा अनुभव प्रदान करेगा।इस दो लेन चौड़े मार्ग पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, छायादार आश्रय स्थल, कम्पोस्ट शौचालय और सौर ऊर्जा से संचालित दीपक लगाए जाएँगे। मार्ग की बाउंड्री पर कपिल मुनि की तपस्या, राजा सगर के पुत्रों और माँ गंगा के अवतरण की गाथाएँ उकेरी जाएँगी। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह मॉडल भीमबेटका और भोजपुर जैसे स्थलों पर भी लागू किया जाएगा। समीक्षा बैठक में विभागीय निर्णय लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के मुख्य अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय प्रस्तुतियाँ दी गईं। मंत्री श्री सिंह ने गुणवत्ता पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने औचक निरीक्षणों में सख़्ती दिखाई है, वहीं कुछ ने बिल्कुल भी कार्रवाई नहीं की। यह रवैया अब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने घोषणा की कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान और लापरवाही करने वालों को दंड मिलेगा। लोक कल्याण सरोवर योजना पर जोर बैठक में लोक कल्याण सरोवर योजना पर चर्चा हुई। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परिक्षेत्र में 10-10 सरोवरों का चयन कर मुख्य अभियंता स्वयं उनका भौतिक निरीक्षण करें। इन सरोवरों पर सूचना पट्टिकाएँ लगाई जाएँ और इन्हें स्थानीय समाज के लिए उपयोगी धरोहर बनाया जाए। टेक्नोलॉजी आधारित नवाचार मंत्री श्री सिंह ने बताया कि 18 से 20 सितम्बर तक प्रदेश की सभी सड़कों और पुलों का सर्वेक्षण रोड़ ट्रेकिंग एंड सर्वे मोबाइल ऐप से किया जाएगा। यह ऐप मुख्यमंत्री द्वारा अभियंता दिवस पर लोकार्पित किए जाने का प्रस्ताव है। भास्कराचार्य संस्थान द्वारा तैयार मास्टर प्लान रोड मैपिंग टूल पर भी चर्चा हुई, जिसे 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि इस टूल से सड़क योजना वैज्ञानिक और डेटा आधारित होगी। नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह पथ श्रद्धालुओं के लिए केवल एक रास्ता नहीं होगा, बल्कि आस्था और संस्कृति का अनुभव बनेगा। इसमें ठहरने, भोजन और शौचालय जैसी सुविधाएँ होंगी। घाटों और मंदिरों का जीर्णोद्धार होगा तथा पूरी योजना ईको-फ्रेंडली सिद्धांतों पर आधारित रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि संत समुदाय और स्थानीय समाज की राय लेकर ही इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल समीक्षा बैठक में मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि “जनता को हर सड़क और भवन में गुणवत्ता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।