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70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का खतरा, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश में कुदरत के दो अलग–अलग रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस ने नागरिकों को बेहाल कर रखा है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश और कड़कती बिजली मानसून जैसा अहसास करा रही है। राजधानी भोपाल में धूप–छांव के साथ गर्मी का सितम जारी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है। रविवार शाम साढ़े पांच बजे तक सागर में 8.0 एमएम, दमोह में 6.0 एमएम और श्योपुर में 3.0 एमएम बारिश हुई। वहीं सुबह साढ़े आठ बजे तक नर्मदापुरम में सर्वाधिक 16.2 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। जबलपुर, उमरिया, गुना और रायसेन जैसे शहरों में भी हल्की से मध्यम बौछारें गिरीं, जिससे वातावरण में नमी घुल गई है। गर्मी का भी सितम जारी बारिश के बावजूद सूर्य देव के तेवर नरम नहीं पड़ रहे हैं। रायसेन 44.0 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में पारा 37 से 44 डिग्री के बीच झूल रहा है, जबकि पूर्वी हिस्सों में यह 38 से 41.2 डिग्री तक है। क्यों बदला मौसम? मौसम विज्ञानी ने बताया कि वर्तमान में पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। साथ ही पंजाब से नागालैंड तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जो हरियाणा, बिहार और झारखंड होते हुए जा रही है। इसी सिस्टम के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। सावधान: इन जिलों में अलर्ट ऑरेंज अलर्ट: शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह में तेज आंधी और भारी बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सागर, इंदौर संभाग के कई जिलों सहित कुल 33 जिलों में गरज–चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान शहर अधिकतम न्यूनतम भोपाल 40.4 22.4 इंदौर 39.7 25.7 ग्वालियर 39.6 24.9 जबलपुर 39.2 20.8  

उज्जैन एवं इंदौर में 1 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक की शराब, बियर व वाहन जप्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उज्जैन एवं इंदौर में दो अलग-अलग कार्रवाईयों में लगभग 1 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, बीयर एवं वाहन जप्त किए हैं। उज्जैन जिले के नानाखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत निनोरा टोल प्लाजा के पास पुलिस ने घेराबंदी कर एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें 900 पेटी (21,600 केन) कुल 10,800 बल्क लीटर अवैध बीयर परिवहन की जा रही थी। जिसकी अनुमानित कीमत 45 लाख रुपये है, तथा परिवहन में प्रयुक्त ट्रक (कीमत लगभग 55 लाख रूपये ) को जप्त किया । इस प्रकार लगभग 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। इंदौर जिले में वाहन चेकिंग के दौरान एक कार से 43 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रूपये है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि अवैध शराब, मादक पदार्थ एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

विनेश फोगाट ने बृजभूषण सिंह पर लगाया शोषण का आरोप, डर का सामना करने की बात की

चंडीगढ़  सीनियर महिला पहलवान विनेश फोगाट ने रविवार को चेतावनी दी कि गोंडा में आगामी राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान उनके या उनकी टीम के सदस्यों के साथ कुछ भी अप्रिय घटना होने पर भारत सरकार जिम्मेदार होगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रतियोगिता में ''पक्षपातपूर्ण फैसलों'' की आशंका भी जताई। विनेश ने लगभग 18 महीनों के बाद वापसी करने से पहले एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि बृज भूषण शरण सिंह से जुड़े स्थल पर होने वाली प्रतियोगिता के परिणामों पर भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख के करीबी व्यक्ति प्रभाव डाल सकते हैं। वहीं विनेश ने खुलासा किया है कि वह उन छह महिला पहलवानों में से एक हैं, जिन्होंने पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। भारत सरकार जिम्मेदार होगी विनेश ने कहा, ''प्रतियोगिता के दौरान अगर मेरे, मेरी टीम या समर्थकों के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी।'' उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मीडिया और खेल समुदाय से आयोजन स्थल पर उपस्थित रहने का आग्रह किया। विनेश ने कहा, ''यह टूर्नामेंट ऐसी जगह आयोजित किया जा रहा है जहां उनका (बृज का) काफी प्रभाव है। किसी मुकाबले में कौन रेफरी होगा, कितने अंक दिए जाएंगे, मैट चेयरमैन कौन होगा, सब कुछ उनके और उनके लोगों के नियंत्रण में है।'' पिछले कुछ महीनो से अभ्यास कर रही इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह ''ईमानदारी से'' कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं और देश के लिए फिर से पदक जीतना चाहती हैं, लेकिन उन्होंने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''मुझे किसी तरह का विशेषाधिकार या विशेष व्यवहार नहीं चाहिए। मैं बस इतना चाहती हूं कि परिणाम प्रदर्शन के अनुकूल हों।'' गौरतलब है कि विनेश अब राजनीतिज्ञ भी हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2024 में कांग्रेस के टिकट पर जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से हरियाणा राज्य विधानसभा चुनाव जीता था। छह महिला पहलवानों में से एक हूं विनेश ने एक ऐसे माहौल में प्रतिस्पर्धा करने के मानसिक दबाव पर भी चिंता व्यक्त की जिसे उन्होंने शत्रुतापूर्ण करार दिया, क्योंकि वह सिंह के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में एक शिकायतकर्ता है। विनेश ने पीड़ितों की पहचान और गरिमा को लेकर उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि परिस्थितियों के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए विवश होना पड़ा। उन्होंने कहा, ''मैं उन छह महिला पहलवानों में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। मामला अभी अदालत में है और गवाहों से पूछताछ चल रही है। उससे जुड़े किसी स्थान पर प्रतिस्पर्धा करना, जहां अधिकतर लोग उससे संबंधित हो सकते हैं, मुझ पर अत्याधिक मानसिक दबाव बनाता है।'' विनेश ने कहा, ''मुझे संदेह है कि मैं उस माहौल में अपना शत प्रतिशत दे पाऊंगी।'' उन्होंने अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और खेल मंत्रालय ''तमाशबीन की तरह देख रहे थे'' और उन्होंने सिंह को ''पूरी छूट'' दे दी थी। विनेश गोंडा में महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। इससे पहले वह 50 किलोग्राम और 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं। विनेश ने 2024 में पेरिस ओलंपिक खेलों में अधिक वजन के कारण फाइनल से अयोग्य घोषित होने के बाद से किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है। उससे पहले सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर प्रमुख पहलवानों और डब्ल्यूएफआई के बीच लंबे समय तक गतिरोध बना रहा था।

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा – इन्दौर को सेंट्रल ग्रोथ हब बनायेगा यह कॉरिडोर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास एक क्रमिक प्रक्रिया है। प्रदेश में अधिकाधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के जरिए उत्पादन गतिविधियों का विस्तार और निर्यात वृद्धि हमारा प्रमुख लक्ष्य है। हम उद्योग-धंधों को बढ़ावा देकर प्रदेश के औद्योगिक विकास लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश की प्रगति का नया अध्याय है। यह कॉरिडोर सच्चे अर्थों में नये मध्यप्रदेश के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा के किसान हमेशा कमाल करते हैं। प्रदेश के विकास में विशेषकर मालवा क्षेत्र के किसानों का सहयोग और समर्पण अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को इंदौर जिले में ग्राम नैनोद में इन्दौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 2360 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण के कार्यों का भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर यहां की नई संभावनाओं, नए सपनों और नए अवसरों का गेट-वे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक प्रक्षेत्र सहित पूरे मालवांचल के विकास को नई गति देगा। साथ ही इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण से उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उत्पादन लागत में कमी आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण में सड़क, परिवहन और औद्योगिक ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इस कॉरिडोर से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा और अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। यह कॉरिडोर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेश के लिए मध्यप्रदेश को एक आकर्षक गंतव्य बनाएगा तथा बेहतर कनेक्टिविटी के साथ आधुनिक अधोसंरचनाओं से लैस यह क्षेत्र जल्द ही देश के प्रमुख इंडस्ट्रियल हब के रूप में अपनी पहचान बनायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 2360 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह कॉरिडोर प्रोजेक्ट प्रदेश को निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। करीब 20 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर इंदौर की व्यावसायिक क्षमता और पीथमपुर के औद्योगिक सामर्थ्य के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी स्थापित करेगा। इससे लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी और मार्केट में तेजी आएगी। इस परियोजना से 5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और 1 लाख अप्रत्यक्ष, रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना में किसानों के हितों को केंद्र में रखते हुए 60 प्रतिशत विकसित भूमि वापस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इससे अब वे विकास प्रक्रिया में भागीदार भी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यदि हमारा मध्यप्रदेश उद्योगों के उजालों से रौशन हो रहा है, तो इसमें किसानों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीनें सरकार को दीं। हमने किसानों की बात सुनी। उनका समर्थन पाया और उन्हें इस कॉरिडोर के निर्माण में भागीदार भी बनाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कॉरिडोर निर्माण में करीब 650 करोड़ रुपये के विकसित प्लॉट किसानों को दिए गए। इससे वे भी विकास के इस महायज्ञ में भागीदार बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों की सरकार है। किसानों को कोई भी कष्ट नहीं आने देंगे। अब हम किसानों को चार गुना मुआवजा देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसानों द्वारा पैदा किए गए गेहूं का दाना-दाना खरीदेंगे। इस उपार्जन सत्र में 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली प्रदाय के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसानों को दिन में ही बिजली देने की व्यवस्था कर रहे हैं। इससे उन्हें खेतों में रतजगा नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ में बीते सभी सिंहस्थों के रिकॉर्ड टूटेंगे। हम ऐसी सभी व्यवस्थाएं कर रहे हैं। इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में बनने वाली सड़कों से सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन एवं अन्य प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा कॉरिडोर है, जिससे किसान, ग्रामीण, युवा, उद्योगपति, उद्यमी, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता सभी को लाभ होगा। यह कॉरिडोर क्षेत्र के विकास का नया रिकार्ड कायम करेगा। मुख्यमंत्री का किसानों ने किया अभिनंदन, जताया आभार कार्यक्रम के दौरान 60 प्रतिशत विकसित भूमि किसानों को वापस देने तथा किसानों को चार गुना मुआवजा देने के राज्य सरकार के ऐतिहासिक निर्णय के लिए क्षेत्रीय किसानों, ग्रामीणों और सरपंचों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा पहनाकर एवं बड़ी गजमाला से आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कृषि देवता भगवान बलराम का चित्र एवं पवित्र हल भेंटकर आभार जताया। इस अवसर पर क्षेत्रीय किसानों ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन को इस कॉरिडोर में भूमि देने के लिए अपना सहमति पत्र प्रदान किया। इसी दौरान किसानों को कॉरिडोर में विकसित भूखंडों के अलॉटमेंट लेटर भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 1700 किमी लंबे 6 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट पर तेजी से काम जारी है। प्रदेश में 3 हजार 368 किमी लंबे 6 बड़े एक्सप्रेस-वे, प्रगति पथ और 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का कुल नेटवर्क 1 लाख 46 हजार 200 किमी से अधिक हो चुका है। आज हमारे यहां दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क उपलब्ध है। मध्यप्रदेश भी इस मामले में पीछे नहीं है। प्रदेश में दिन-प्रतिदिन नए-नए राजमार्गों की मंजूरी मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 ग्रीनफ़ील्ड कॉरिडोर्स बनाए जा रहे हैं। आने वाले तीन सालों में मध्यप्रदेश में 6 बड़े एक्सप्रेस-वे और प्रगति पथ विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ विकास पथ, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत विकास पथ शामिल हैं। विकास को मिलेगी नई गति, किसान बनेंगे समृद्ध और युवाओं को मिलेगा रोजगार : मंत्री  विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना देश की सर्वश्रेष्ठ योजनाओं में शामिल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष प्रयासों से आकार ले रही यह परियोजना प्रदेश के विकास का मजबूत आधार बनेगी। यह कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा और … Read more

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला: चंदन की खेती से बढ़ेगा रोजगार और हरियाली

जयपुर  राजस्थान की धरती अब न केवल अपने शौर्य के लिए बल्कि चंदन की खुशबू के लिए भी जानी जाएगी. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के वनों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को राज्य के तीन प्रमुख जिलों—बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में चंदन के वन विकसित करने के कड़े निर्देश दिए हैं. वैज्ञानिक पद्धति और सुरक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चंदन की खेती केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी का परीक्षण करने और केवल उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का चयन करने के निर्देश दिए. चंदन की लकड़ी बहुमूल्य होती है, इसलिए इसकी सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है. सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि पौधों की निगरानी और सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर एक मजबूत तंत्र बनाया जाए ताकि चोरी या किसी भी प्रकार के नुकसान को रोका जा सके. पर्यावरण के साथ बढ़ेगा रोजगार इस योजना का दोहरा लाभ होगा. एक ओर जहां राज्य का हरित क्षेत्र (Green Cover) बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. चंदन के वन भविष्य में राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए 'ग्रीन गोल्ड' साबित हो सकते हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस परियोजना को मिशन मोड में लेने और दीर्घकालिक विजन के साथ काम करने को कहा है. पौधों के जीवन की गारंटी जरूरी बैठक में आगामी पौधारोपण अभियानों की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल लक्ष्य पूरा करने के लिए पौधे न लगाएं, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि लगाए गए पौधे जीवित रहें और बड़े हों. इस दौरान वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और विभागीय प्रगति की जानकारी दी.

मिशन दृष्टि का प्रक्षेपण, अंतरिक्ष यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के पहले और भारत में निर्मित सबसे बड़े निजी ऑप्टोसार उपग्रह 'मिशन दृष्टि' के सफल प्रक्षेपण पर गैलेक्सआई के संस्थापकों और पूरी युवा टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन दृष्टि अंतरिक्ष यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को विज्ञान सहित हर क्षेत्र में प्रोत्साहन दिया है। देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने का ही परिणाम है कि अंतरिक्ष सहित हर क्षेत्र में युवाओं के निरंतर नवाचार जारी हैं। उल्लेखनीय है कि बैंगलुरु के अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सआई ने रविवार, 3 मई 2026 को दुनिया का पहला ऑप्टोसार सैटेलाइट 'मिशन दृष्टि' का सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह भारत में किसी निजी कंपनी द्वारा निर्मित सबसे बड़ा 190 किलोग्राम उपग्रह है। यह उपग्रह स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए कैलिफोर्निया से प्रक्षेपित किया गया।  

जैसलमेर एयरपोर्ट पर ऐतिहासिक शुरुआत, जयपुर के लिए सीधी हवाई सेवा चालू

 जैसलमेर स्वर्ण नगरी जैसलमेर के लिए रविवार (3 मई) का दिन ऐतिहासिक बन गया. पहली बार समर शेड्यूल में हवाई सेवा का संचालन शुरू हुआ. इस फ्लाइट की मांग काफी समय से उठती रही है. अब लंबे इंतजार के बाद जैसलमेर के लोगों की मांग पूरी हुई है. जब एलाइंस एयर की उड़ान एयरपोर्ट पर पहुंची तो राजस्थानी लोक गीतों के साथ भव्य स्वागत किया गया. यात्रियों के पहुंचते ही पर्यटन व्यवसायियों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला.  फ्लाइट सप्ताह में दो दिन रविवार और गुरुवार को संचालित होगी. इससे ऑफ-सीजन में भी शहर की कनेक्टिविटी बनी रहेगी. पहली उड़ान में जयपुर से 12 यात्री जैसलमेर पहुंचे, जिनमें जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, एसपी अभिषेक शिवहरे, पूर्व राजपरिवार की सदस्य राजेश्वरी राजलक्ष्मी और उद्योगपति मयंक भाटिया शामिल रहे. जैसलमेर से 4 यात्रियों ने जयपुर के लिए उड़ान भरी. करीब 9 घंटे का समय बचेगा दरअसल, भीषण गर्मी के चलते अप्रैल से सितंबर के बीच जैसलमेर में पर्यटन गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं. ऐसे में अब नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक स्थलों पर लाइटिंग, डेजर्ट सफारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही हैय जयपुर से सीधी हवाई सेवा जुड़ने से मेडिकल, व्यापार और प्रशासनिक कार्यों में भी सहूलियत मिलेगी. अब 10-12 घंटे का सफर महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरा होगा, जिससे जैसलमेर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. गर्मियों में भी पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिश जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि जैसलमेर में पर्यटन को वर्षभर सक्रिय बनाने के लिए नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं. सर्दियों तक सीमित पर्यटन की धारणा को बदलते हुए अब गर्मियों में भी पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है. इसके तहत ड्यून्स वॉक, प्लेजेंट ईवनिंग और स्टार गेजिंग जैसे नए अनुभव विकसित किए जा रहे हैं. उन्होंने हाई वैल्यू, लो वॉल्यूम टूरिज्म को बढ़ावा देने और कंटेंट क्रिएटर्स व एडवेंचर प्रेमियों को जोड़ने की बात कही. होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स की अहम भूमिका इस हवाई सेवा को शुरू करने में स्थानीय होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स की अहम भूमिका रही है. बिजनेसमेन मयंक भाटिया ने बताया कि इस सीजन में टूरिज्म को प्रमोट करने के उद्देश्य से आज जयपुर के लिए हवाई सेवा शुरु की गई. यह सेवाएं पब्लिक प्राइवेट पार्टनर के तहत किया गया नवाचार है. जैसलमेर के होटेलियर, बिजनेसमैन और कंपनियों के लोगों ने मिलकर 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' के लिए कमीटमेंट किया.   क्षेत्र में वंदेभारत की भी है मांग जैसलमेर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य राजेश्वरी राजलक्ष्मी ने सेना और वायुसेना के परिवारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए भी देश के अन्य हिस्सों से जुड़ना जरूरी है. उन्होंने वंदेभारत जैसी आधुनिक ट्रेनों की कमी पर चिंता जताई, लेकिन ग्रीष्मकाल में हवाई सेवाओं के विस्तार को एक सकारात्मक कदम बताया.

बुद्ध पूर्णिमा पर स्पीकर का फैसला, सभी स्तरों पर प्रमोशन

जयपुर राजस्थान विधानसभा में इस बार बुद्ध पूर्णिमा का अवसर दोहरी खुशी लेकर आया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए विधानसभा सचिवालय के 52 अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं. डॉ. देवनानी का यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है. उप सचिव से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक इस पदोन्नति सूची की खास बात यह है कि इसमें पदानुक्रम के हर स्तर का ध्यान रखा गया है. आदेश के अनुसार, 6 उप सचिव, 7 सहायक सचिव और 8 अनुभाग अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है. इनके साथ ही सहायक अनुभाग अधिकारी, क्लर्क ग्रेड प्रथम व द्वितीय के पदों पर भी नियुक्तियां दी गई हैं. विशेष तकनीकी और शैक्षणिक पदों जैसे संपादक, पुस्तकालयाधिकारी और विधि रचना अधिकारी को भी इस सूची में स्थान मिला है. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिला सबसे ज्यादा लाभ डॉ. देवनानी ने इस बार उन कर्मचारियों की सुध ली है जिनकी पदोन्नति लंबे समय से अटकी हुई थी. कुल 52 कर्मियों में से 20 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और 12 जमादार शामिल हैं. विधानसभा के इतिहास में संभवतः यह पहला मौका है जब मई माह के शुरुआती दौर में ही इतनी बड़ी संख्या में प्रमोशन प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने इस त्वरित निर्णय के लिए स्पीकर का आभार व्यक्त किया है. दो वर्षों में 121 प्रमोशन बना रिकॉर्ड डॉ. वासुदेव देवनानी के कार्यकाल में पदोन्नति की यह तीसरी बड़ी लहर है. इससे पहले 15 अगस्त 2024 को 47 और दीपावली 2025 पर 22 कर्मियों को प्रमोशन दिया गया था. पिछले दो सालों के भीतर कुल 121 कर्मियों को तरक्की मिल चुकी है. स्पीकर ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति केवल ओहदे में वृद्धि नहीं है बल्कि यह जिम्मेदारी और जनसेवा के प्रति नए संकल्प का प्रतीक है.

नवजात बच्ची की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का पर्दाफाश

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मानव तस्करी, बाल अपराधों एवं बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त के विरुद्ध सतत, संवेदनशील एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में श्योपुर पुलिस ने एक अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा करते हुए बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक महिला आरोपी की तलाश जारी है। यह प्रकरण तब सामने आया जब 18 अप्रैल को थाना मानपुर क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-552 पर सोईकलां के समीप दांतरदा बैरियर के पास लगभग 2 वर्षीय एक मासूम बालिका लावारिस अवस्था में मिली। बालिका के अकेले मिलने तथा परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए गहन जांच प्रारंभ की। प्रारंभिक स्तर पर यह आशंका व्यक्त की गई कि बालिका को जानबूझकर छोड़ दिया गया है । श्योपुर पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। साथ ही तकनीकी साक्ष्य, वाहन मूवमेंट, स्थानीय सूचनाओं एवं डिजिटल विश्लेषण के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। विवेचना के दौरान सामने आया कि उक्त बालिका को वर्ष 2024 में जन्म के कुछ ही दिनों बाद उसकी जैविक मां से अलग कर अवैध रूप से विभिन्न व्यक्तियों के माध्यम से दूसरे लोगों तक पहुंचाया गया था। जांच में यह तथ्य सामने आया कि नवजात बालिका को मनीषा (धार) एवं हेमलता (खरगोन) के माध्यम से इंदौर में ब्यूटी पार्लर संचालिका नीता जैन तक पहुंचाया गया। तत्पश्चात नीता जैन एवं उसके पति वैभव जैन द्वारा राजगढ़ निवासी आकाश एवं उसकी पत्नी कृतिका को 1 लाख रुपए में बालिका को सौंप दिया गया। इसके बाद लगभग दो वर्ष तक बालिका उनके पास रही। बाद में वही दंपती बालिका को लेकर श्योपुर क्षेत्र में सुनसान स्थान पर छोड़कर चले गए। पुलिस द्वारा सघन पूछताछ, डिजिटल ट्रेल, बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड एवं विभिन्न जिलों में समन्वित कार्रवाई के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया गया। तत्पश्चात दबिश देकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में बालिका को प्राप्त करने वाला दंपती, सौदे में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले व्यक्ति तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्य शामिल हैं। एक महिला आरोपी, जिस पर बालिका को उसकी मां से अलग कराने एवं प्रारंभिक संपर्क स्थापित करने का संदेह है, वर्तमान में फरार है। उसकी गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमें लगातार प्रयासरत हैं। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा बालिका की वास्तविक पहचान स्थापित करने के लिए डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बालिका को किन परिस्थितियों में जन्म के तुरंत बाद मां से अलग किया गया। इस संबंध में नवंबर 2024 के आसपास के डिलीवरी रिकॉर्ड, जन्म रजिस्टर एवं डिस्चार्ज एंट्री भी खंगाली जा रही हैं। पुलिस विभिन्न अस्पतालों, निजी क्लीनिकों एवं संबंधित अभिलेखों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, ऑनलाइन भुगतान माध्यमों, मोबाइल चैट एवं कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था तथा उनके द्वारा पहले भी ऐसे मामलों को अंजाम दिया गया है। तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर समन्वित कार्रवाई के माध्यम से मामले की परत-दर-परत जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त, संदिग्ध दत्तक प्रक्रिया, अस्पतालों अथवा क्लीनिकों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों तथा मानव तस्करी संबंधी किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। नागरिकों की सतर्कता ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश पुलिस मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

ब्रेन डेड महिला के परिवार का बड़ा फैसला, एक जिंदगी ने पाई नई धड़कन

नई दिल्ली शोक की गहरी छाया के बीच जब उम्मीद की एक किरण जन्म लेती है, तो वह इंसानियत की सबसे सुंदर तस्वीर बन जाती है। चंडीमंदिर स्थित कमांड हॉस्पिटल में 2 मई 2026 को कुछ ऐसा ही हुआ, जब एक 41 साल की महिला को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उसके परिवार ने अपने दर्द को परे रखकर अंगदान का निर्णय लिया। एक ओर जहां परिवार अपूरणीय क्षति के दुख में डूबा था, वहीं दूसरी ओर उसी फैसले ने एक 14 साल के बच्चे की धड़कनों को नया जीवन दे दिया। यह कहानी सिर्फ एक ट्रांसप्लांट की नहीं, बल्कि साहस, संवेदना और मानवता के मोती को एक साथ पिरोया, जिसने कई जिंदगियों में उम्मीद की रोशनी भर दी। कैसे अंजाम दिया मिशन ब्रेन डेथ के बाद महिला का दिल इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल को भेजा गया। समय की संवेदनशीलता को देखते हुए अपोलो अस्पताल की एक स्पेशल टीम ने तुरंत एक चार्टर्ड प्राइवेट जेट की व्यवस्था की और चंडीगढ़ पहुंचकर दिल को सुरक्षित तरीके से दिल्ली लाया गया। तय समय-सीमा के भीतर इस हार्ट ट्रांसप्लांट को अंजाम दिया गया, जिससे एंड-स्टेज हार्ट फेल्योर से जूझ रहे 14 वर्षीय बच्चे को नई जिंदगी मिल गई। फिलहाल बच्चा आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में स्थिर है। कमांड हॉस्पिटल की जमकर तारीफ इस जटिल और समयबद्ध ऑपरेशन को सफल बनाने में कई एजेंसियों का अहम योगदान रहा। कमांड हॉस्पिटल के कर्नल अनुराग गर्ग के प्रयास की खूब तारीफ की गई। वहीं इस काम के लिए हरियाणा ट्रैफिक पुलिस, पंजाब ट्रैफिक पुलिस ने चार्टर्ड फ्लाइट के लिए बिना देर किए व्यवस्था की और इस मिशन को अंजाम दिया गया। दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस ने बदरपुर ट्रैफिक इंचार्ज एसआई अनिल कुमार की निगरानी में एयरपोर्ट से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिससे दिल को महज 20 मिनट में अस्पताल पहुंचा दिया गया। इस पूरे मिशन में प्राइवेट जेट टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। अपोलो अस्पताल ने डोनर परिवार की इस असाधारण उदारता को नमन करते हुए भारतीय सेना, कमांड हॉस्पिटल, नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) और सभी संबंधित एजेंसियों का आभार जताया। क्या बोले डॉक्टर अस्पताल ने कहा कि यह घटना अंगदान के महत्व और सामूहिक प्रयास की ताकत का एक मजबूत उदाहरण है। अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मुकेश गोयल ने बताया कि बच्चा पिछले एक साल से गंभीर हृदय रोग से जूझ रहा था और हर महीने उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि हार्ट ट्रांसप्लांट ही उसके जीवन को बचाने का एकमात्र विकल्प था। दो महीने पहले ही उसे नोट्टो (NOTTO) में रजिस्टर किया गया था, लेकिन पिछले हफ्ते उसकी हालत फिर बिगड़ गई थी। डॉ. गोयल के मुताबिक, 2 मई को कमांड हॉस्पिटल चंडीमंदिर में एक उपयुक्त डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ। महिला को दो हफ्ते पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था और वह ब्रेन डेड हो गई थीं। उनके परिवार ने अंगदान का फैसला लेकर कई जिंदगियां बचा लीं। डॉक्टर के मुताबिक हार्ट ट्रांसप्लांट में समय बेहद अहम होता है और चार घंटे के भीतर दिल को प्रत्यारोपित कर रक्त संचार बहाल करना जरूरी होता है। डॉक्टरों की टीम दोपहर 1:30 बजे चार्टर्ड फ्लाइट से चंडीगढ़ रवाना हुई और शाम 7:30 बजे दिल्ली लौट आई। ग्रीन कॉरिडोर की मदद से दिल को आधे घंटे में अस्पताल पहुंचाया गया और आधी रात तक सफल ट्रांसप्लांट पूरा कर लिया गया। मरीज को अब कार्डियक सर्जरी आईसीयू में रखा गया है।