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मौसम अलर्ट: उत्तर-पूर्वी एमपी के 6 जिलों में ओला, 30 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से भिंड और दतिया समेत 6 जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है। मौसम केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। ओलावृष्टि के अलावा, मुरैना जिले में बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है, वहीं ग्वालियर और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों में दोपहर के समय मौसम बदल सकता है। छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में हलकी से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 40-50 किमी घंटे की रफ्तार से चल सकती है आंधी मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी मध्य प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित 34 ज़िलों में दिन का तापमान बढ़कर 42-43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। विशेष रूप से निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर ज़िलों में तापमान में तेज़ी से बढ़ोतरी का पूर्वानुमान लगाया गया है। 10 मई से बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जहां उत्तरी और पूर्वी ज़िलों में अगले दो दिनों तक गरज-चमक और हल्की बारिश जारी रह सकती है, वहीं 9 और 10 मई से गर्मी की तीव्रता में काफ़ी बढ़ोतरी होने की संभावना है। 10 मई से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने की संभावना है, जिसका प्रभाव अगले दो दिनों में और भी ज़्यादा दिखाई देगा। अब सताएगा पारा इधर राजधानी भोपाल में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के लिए पहचाने जाने वाले मई महीने का पहला सप्ताह इस बार राहत भरा रहा। मौसम के मिजाज ने इस तरह करवट ली कि मई के शुरुआती सात दिनों में लोगों को वह चुभन महसूस नहीं हुई, जो आमतौर पर इस समय होती है। तीन साल बाद मई में इस तरह की स्थिति बनी है। इसके पहले 2023 में भी पहले सप्ताह में तापमान सामान्य से काफी कम थे। हालांकि मौसम शुष्क होने के साथ ही अब आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ सकती है। आमतौर पर मई की शुरुआत तीखी गर्मी से होती है । पिछले दस सालों में भी अधिकांशत: यहीं ट्रेंड रहा है। पहले सप्ताह में ही अधिकमत तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहते हैं, लेकिन इस बार मई की शुरुआत में लगातार बादल, तेज हवा,बारिश, बौछारों के कारण दो तीन तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा है। 39.3 डिग्री पर पहुंचा अधिकतम तापमान गुरुवार को मौसम शुष्क रहा, सुबह से ही धूप खिली। हालांकि दोपहर में हल्के बादल भी दिखे। अधिकतम तापमान में बुधवार के मुकाबले 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अब भी तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री कम है। मौसम विज्ञानी वीएस यादव कहना है, अभी प्रदेश को प्रभावित करने वाला कोई बड़ा सिस्टम दिखाई नहीं दे रहा है, ऐसे में आगामी दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। गुरुवार को दिन में तीखी धूप रही, वहीं उमस के कारण भी लोग बेहाल नजर आए। दोपहर बाद हल्के बादलों की भी आवाजाही रही, वहीं रात्रि शहर में तेज हवा चली। रात 8 बजे के आसपास हवा की अधिकतम स्पीड 45 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई थी। तेज हवा के कारण लोगों को उमस और गर्मी से थोड़ी राहत मिली। रूक-रूककर तेज हवा का दौर देर रात्रि तक जारी रहा। सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने बिजली चमकने और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खुले मैदान में होने पर तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें। बेमौसम हो रही इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है। दो दिन इसलिए बारिश के आसार फिलहाल, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) मध्य प्रदेश के बीचो-बीच एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग की मानें तो 2 दिन तक कुछ जिलों में बारिश और आंधी चलने के आसार हैं। वहीं, 10 और 11 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ेगी।

70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का खतरा, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश में कुदरत के दो अलग–अलग रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस ने नागरिकों को बेहाल कर रखा है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश और कड़कती बिजली मानसून जैसा अहसास करा रही है। राजधानी भोपाल में धूप–छांव के साथ गर्मी का सितम जारी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है। रविवार शाम साढ़े पांच बजे तक सागर में 8.0 एमएम, दमोह में 6.0 एमएम और श्योपुर में 3.0 एमएम बारिश हुई। वहीं सुबह साढ़े आठ बजे तक नर्मदापुरम में सर्वाधिक 16.2 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। जबलपुर, उमरिया, गुना और रायसेन जैसे शहरों में भी हल्की से मध्यम बौछारें गिरीं, जिससे वातावरण में नमी घुल गई है। गर्मी का भी सितम जारी बारिश के बावजूद सूर्य देव के तेवर नरम नहीं पड़ रहे हैं। रायसेन 44.0 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में पारा 37 से 44 डिग्री के बीच झूल रहा है, जबकि पूर्वी हिस्सों में यह 38 से 41.2 डिग्री तक है। क्यों बदला मौसम? मौसम विज्ञानी ने बताया कि वर्तमान में पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। साथ ही पंजाब से नागालैंड तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जो हरियाणा, बिहार और झारखंड होते हुए जा रही है। इसी सिस्टम के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। सावधान: इन जिलों में अलर्ट ऑरेंज अलर्ट: शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह में तेज आंधी और भारी बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सागर, इंदौर संभाग के कई जिलों सहित कुल 33 जिलों में गरज–चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान शहर अधिकतम न्यूनतम भोपाल 40.4 22.4 इंदौर 39.7 25.7 ग्वालियर 39.6 24.9 जबलपुर 39.2 20.8  

राजस्थान में कल से ओलावृष्टि के साथ बारिश का अलर्ट

जयपुर. राजस्थान समेत शेखावाटी में उत्तरी हवाएं चलने का असर लगातार दूसरे दिन भी नजर आया। सुबह कडाके की सर्दी के बाद दिनभर तल्ख धूप खिली। केन्द्रों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार चौबीस घंटे में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से शेखावाटी के तीनों जिलों सहित अजमेर, भरतपुर जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। 1-2-3-4 फरवरी को इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने राजस्थान के कई हिस्सों जैसे भीलवाड़ा, राजसमंद, पाली में आज ओलावृष्टि और गरज चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिसमें अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग सहित शेखावाटी क्षेत्र के जिले शामिल है। वहीं 1 और 2 फरवरी को भी अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश (मावठ) का दौर जारी रहेगा। वहीं 1 अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, टोंक, कोटा, बूंदी, बारां कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, हनुमानगढ़ और चूरू में मेघगर्जन-वज्रपात का येलो अलर्ट भी जारी किया है।

कोहरे की चादर से ढके रहेंगे छत्तीसगढ़ के ये इलाके, उत्तर में पारे में तेजी के संकेत

रायपुर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. उत्तरी छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग में सुबह के समय दृश्यता कम रहने के आसार हैं. इसके अलावा तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है. लोगों ठंडी से हल्की राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों और बिलासपुर संभाग के जिलों में एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाने की संभावना है. साथ ही अगले 3 दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि मध्य और दक्षिणी इलाकों में अगले 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा, इसके बाद आगामी 2 दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में हल्की उतार चढाव के साथ न्युनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की सम्भावना नहीं है. कई इलाकों में छाए रहेगा घना कोहरा मौसम विभाग ने बताया कि 22 दिसंबर को प्रदेश के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रहने की संभावना है. वहीं प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और मुंगेली जिलों में एक दो पॉकेट में मध्यम कोहरा छाये रहने की संभावना है. इसके अलावा 23 दिसंबर तक मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रह सकता है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में 22 दिसंबर को कुहासा रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

बिहार में बदल रहा मौसम: सुबह कोहरा लौटेगा, पारा होगा और नीचे

पटना बिहार में ठंड बढ़ने लगी है। पारा गिरकर 13 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि 4 से 5 दिन तक पछुआ हवा के कारण मौसम शुष्क बना रहेगा सुबह और शाम हल्की ठंड रहेगी। पटना समेत कई इलाकों में कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि पटना समेत राज्य के लगभग सभी जिलों में अगले दो दिन तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी। आम लोग सावधान रहें। गर्म कपड़े पहनकर ही सुबह और शाम में बाहर निकलें। इधर, आज के मौसम की बात करें तो पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज, दरभंगा समेत कुछ जिलों में सुबह से ही हल्का कोहरा देखने को मिला। हालांकि नौ बजे तक पटना, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर भागलपुर गया मुंगेर समेत कई जगह धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों के न्यूनतम तापमान मे कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। इसके बिहार राज्य के अनेक भागों के न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की गिरावट का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का मौसम शुष्क बना रहा। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस पूर्णिया का दर्ज किया गया। वहीं राज्य का अधिकतम तापमान 26.9 से 30.8 सेल्सियस के बीच रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार राज्य के अनेक भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं दर्ज की गयी। वहीं कम न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस पूसा (समस्तीपुर) में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री से 20 डिग्री के बीच रहा। सबसे कम न्यूनतम दृश्यता 1000 मीटर पटना एवं पूर्णिया में दर्ज किया गया। हालांकि इन दोनों जगहों पर विमान सेवा प्रभावित नहीं हुई। 

ठंड की शुरुआत: मध्यप्रदेश में रातें ठंडी, दिन में 30 डिग्री पार, बारिश की संभावना

 भोपाल  मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। पश्चिमी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से भोपाल और जबलपुर संभाग में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार बना रहेगा, लेकिन रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी। 6 नवंबर से ठंडी उत्तरी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे रातें ठंडी हो जाएंगी। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि उत्तर-पूर्वी हिस्से में बना लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण अभी सक्रिय है। इसका असर भोपाल, गुना, विदिशा, बैतूल और पांढुर्णा जिलों में देखने को मिलेगा, जहां हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी बादल छाए रहेंगे। इन जिलों में बूंदाबांदी के आसार मौसम विभाग ने अगले 2 दिन के अंदर भोपाल, गुना, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है। बाकी जिलों में तेज धूप खिली रहेगी। दो दिन के बाद मौसम साफ हो जाएगा और दिन में तापमान 30-32 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन उत्तर से हवा आने की वजह से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने लगेगी। यह दौर दूसरे सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद दिन-रातें ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, टीकमगढ़ में पारा 30 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इसी तरह रविवार-सोमवार की रात में शिवपुरी में 15 डिग्री, राजगढ़ में 15.4 डिग्री, गुना में 16.6 डिग्री, खरगोन में 16.8 डिग्री, खंडवा में 16 डिग्री, श्योपुर में 17.4 डिग्री, नौगांव में 17.5 डिग्री, रीवा में 17.2 डिग्री रहा। अक्टूबर में 121% बारिश ज्यादा, नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर महीने में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा। इंदौर में 10 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश अक्टूबर में बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो दो साल बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर में 3.3 इंच, ग्वालियर में 4.2 इंच और उज्जैन में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, इंदौर में 3.4 इंच पानी गिरा। यहां 10 साल में दूसरी बार अक्टूबर में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले में श्योपुर नंबर-1 पर है। यहां 6.52 इंच, झाबुआ में 5.52 इंच, सिंगरौली में 5.35 इंच, सीधी में 5 इंच, उमरिया में 4.14 इंच, अनूपपुर में 4.82 इंच, बड़वानी में 4.21 इंच और भिंड में 4.36 इंच बारिश हो गई। प्रदेश का खंडवा ही एक मात्र ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से कम पानी गिरा। बाकी 53 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इस बार मानसून भी बेहतर रहा इस बार प्रदेश में मानसून की भी 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। एक्सपर्ट की माने तो अच्छी बारिश होने से न सिर्फ पेयजल बल्कि सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी है। भू-जल स्तर भी बढ़ा रहेगा। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है। अब जानिए नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ेगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही बारिश होने के आसार है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

IMD का ताज़ा अपडेट: यूपी के ये जिले होंगे बारिश और तबाही के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में अभी बारिश का सिलसिला थमा ही था कि मौसम विभाग ने एक ताजा अपडेट दे दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश से अब मॉनसून की वापसी लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन कई जिलों में मानसून की वापसी अभी नहीं हुई। जो हिस्से बचे हैं वहां से भी अगले 48 घंटों के दौरान मॉनसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसी बीच कई इलाकों में मानसूनी बारिश होने की भी संभावना है।  मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मॉनसून पहले ही (24 और 26 सितंबर को) लौट गया था। इसके बाद जो बारिश हो रही थी वो भी बंद हो चुकी है। प्रदेश में अब शुष्क पछुआ और उत्तरी-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इन्हीं हवाओं के प्रभाव के कारण मानसून की वापसी होगी। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की भी संभावना है।  इन जिलों में होगी बारिश  मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वांचल के दक्षिणी-पूर्वी भाग जैसे बलिया, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर और आसपास के इलाकों में मॉनसून की विदाई अभी भी बाकी है। इन जिलों में अगले 48 घंटे में बारिश होने की संभावना है। 

तूफानी बारिश की तैयारी! यूपी में सक्रिय हुआ नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, अन्य राज्यों पर भी असर

नई दिल्ली  देशभर में मॉनसून लगभग वापस जा चुका है, लेकिन विभिन्न वजहों से बारिश का दौर जारी है। इस बीच, उत्तर भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस दस्तक देने जा रहा है, जिसकी वजह से पांच से सात अक्टूबर के बीच कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके तहत यूपी, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा समेत कई राज्यों में भारी बारिश होगी। इसके अलावा, आंतरिक ओडिशा पर दबाव का प्रभाव पड़ने के कारण तीन और चार अक्टूबर को पूर्वी भारत और पूर्वी मध्य भारत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी और मध्य भारत की बात करें तो चार अक्टूबर को उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ में तीन और चार अक्टूबर को, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम तथा बिहार में तीन से छह अक्टूबर तक, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में तीन और चार अक्टूबर को, झारखंड में तीन से पांच अक्टूबर तक अधिकांश जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में तीन अक्टूबर, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार में तीन से पांच अक्टूबर तक अलग अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में तीन से पांच अक्टूबर कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। अगले पांच दिनों तक तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में तेज सतही हवाएं चलेंगी। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो चार अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होगी। उत्तर पश्चिम भारत में तीन और चार अक्टूबर को अलग अलग जगहों पर बिखरी हुई बारिश के बाद पांच और सात अक्टूबर तक तूफान, बिजली के साथ व्यापाक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में पांच से सात अक्टूबर तक, उत्तराखंड में छह और सात अक्टूबर, पंजाब में पांच और छह अक्टूबर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छह और सात अक्टूबर को, पूर्वी उत्तर प्रदेश में तीन से पांच अक्टूबर तक, पूर्वी राजस्थान में छह अक्टॅबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होगी। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में छह अक्टूबर, पूर्वी उत्तर प्रदेश में तीन अक्टूबर को बहुत भारी बरसात की चेतावनी जारी की गई है।