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52 सालों की रिसर्च में बड़ा खुलासा, पंजाब-हरियाणा में सामान्य से ज्यादा बढ़ रहा तापमान

अमृतसर. पंजाब और हरियाणा के मौसम में आ रहे अप्रत्याशित बदलावों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए 52 वर्षों (1971 से 2022) के व्यापक अध्ययन के अनुसार, पंजाब और हरियाणा अत्यधिक गर्मी, भीषण लू और उमस भरे वातावरण के सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं। पीयर-रिव्यू जर्नल 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्लाइमेटोलॉजी' में प्रकाशित इस शोध में सात अलग-अलग मौसमी संकेतकों को मिलाकर तैयार किए गए 'क्लाइमेट एक्सट्रीम्स इंडेक्स' के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। यह अध्ययन 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्लाइमेटोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है। इसे मुख्य लेखक थोटा मोहन हैं उनके साथ एम. राजीवन, स्मृतिश्री लेंका, के. निरंजन कुमार, पी. रोहिणी और ओ.पी. श्रीजीत ने इसे तैयार किया है। थोटा मोहन खुद राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (NCMRWF) नोएडा, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पुणे और एट्रिया यूनिवर्सिटी बेंगलुरु से संबद्धित हैं। इस शोध में 1971 से 2022 तक के IMD के ग्रिडेड वर्षा और तापमान आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है, जिसकी प्रवृत्तियों की पुष्टि मान-केंडल (Mann-Kendall) विधि से की गई है। 2000 के बाद बढ़ा अत्यधिक गर्मी का दायरा अध्ययन के तथ्य बताते हैं कि वर्ष 2000 के बाद से पंजाब और हरियाणा में अत्यधिक गर्मी से प्रभावित भू-भाग का दायरा बढ़कर 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत या उससे अधिक हो गया है। इससे पहले के दशकों में यह दायरा बेहद कम हुआ करता था। अध्ययन के अनुसार, दिन का तापमान, ह्यूमिड हीट (उमस भरी गर्मी) और एक्सेस हीट फैक्टर (लू की गंभीरता) जैसे संकेतकों में देश के किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में पंजाब और हरियाणा में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। सघन सिंचाई और भूजल का बदला समीकरण वैज्ञानिकों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों में सघन सिंचाई भी गर्मी के पैटर्न को प्रभावित कर रही है। मानसूनी या प्री-मानसून समय में जब सिंचाई का पानी कम पड़ता है, तो भूमि-सतह का अत्यधिक गर्म होना और हवा में मौजूद नमी मिलकर उमस भरी गर्मी को कई गुना बढ़ा देती है।इसके अलावा, घटती मृदा नमी और शुष्क हवाओं के प्रभाव से यह गर्मी लंबे समय तक बनी रहती है। रात के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी से बढ़ा जोखिम आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि पंजाब और हरियाणा में केवल दिन का ही नहीं, बल्कि रात का न्यूनतम तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। रात के समय में पर्याप्त शीतलन न होने के कारण मानव शरीर को गर्मी से राहत नहीं मिल पाती, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो रही हैं। इसके साथ ही, लगातार शुष्क रहने वाले दिनों (CDD) की संख्या में बढ़ोतरी ने कृषि, फसल चक्र और भूजल स्तर पर भी बुरा असर डाला है। विशेषज्ञों की चेतावनी: तत्काल कदम उठाने जरूरी शोधकर्ताओं का मानना है कि पंजाब और हरियाणा में स्थानीय चरम मौसमी घटनाओं का दायरा जिस तेजी से व्यापक हो रहा है, उसे रोकने के लिए अब क्षेत्र-विशिष्ट अनुकूलन रणनीतियां अपनानी होंगी। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र, जल प्रबंधन, कृषि नीतियों और बुनियादी ढांचे में तुरंत सुधार की जरूरत है। वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि क्लाइमेट एक्सट्रीम्स इंडेक्स का उपयोग हर साल परिचालन उपकरण के रूप में किया जाना चाहिए ताकि बढ़ते मौसमी जोखिमों की समय रहते निगरानी की जा सके। 1971–2022 के डेटा के अनुसार बदलावों के मुख्य कारण:- अधिकतम तापमान में वृद्धि: उत्तर-पश्चिम भारत में दिन के तापमान में सबसे तेज सकारात्मक वृद्धि दर दर्ज की गई है, जिससे अत्यधिक गर्मी के दिन बढ़ रहे हैं। लू और हीट स्ट्रेस की अधिकता: हीट इंडेक्स और एक्सेस हीट फैक्टर में मजबूत बढ़ोतरी के कारण क्षेत्र में लगातार और तीव्र हीटवेव आ रही हैं। सूखे और शुष्क दिनों में बढ़ोतरी: लगातार शुष्क दिनों की संख्या और मानकीकृत वर्षा-वाष्पोत्सर्जन सूचकांक में वृद्धि से क्षेत्र में सूखे जैसी स्थितियां और भू-जल तनाव बढ़ रहा है। रात के तापमान में बदलाव: न्यूनतम तापमान के रुख और आर्द्रता में बदलाव के कारण रात के समय की गर्मी और ठंड के पेटर्न प्रभावित हो रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ में अस्थिरता: पश्चिमी विक्षोभों के पैटर्न में बदलाव और मानसून ब्रेक स्पेल बढ़ने के कारण वर्षा का वितरण अनियमित हो रहा है। मिट्टी की नमी और भूमि-सतह का गर्म होना: शुष्क जलवायु स्थितियों के साथ मिट्टी की नमी में कमी और भूमि-सतह के अधिक गर्म होने से स्थानीय मौसम में चरम स्थिति बन रही है। सिंचाई और कृषि का प्रभाव: गहन सिंचाई के कारण वायुमंडलीय आर्द्रता और स्थानीय ऊर्जा संतुलन प्रभावित होता है, जिससे तापमान और हीट स्ट्रेस के स्तर में बदलाव आता है।

राजस्थान में बढ़ेगी तपिश: तीन दिन तक तापमान चढ़ने का अनुमान, पश्चिमी जिलों के लिए चेतावनी

जयपुर पश्चिमी हवाओं के गर्म और शुष्क रुख ने सीमावर्ती इलाकों में तपिश को और तेज कर दिया है। राज्य में अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री तक जा पहुंचा है। बुधवार को बाड़मेर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, अजमेर, चूरू और उदयपुर में भी पारा 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। तेज धूप लोगों को कर रही परेशान दिन के समय तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, हालांकि रात में तापमान गिरने से हल्की ठंडक बनी हुई है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड हो रहा है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि आने वाले दो-तीन दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। खासकर पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। बाड़मेर सबसे गर्म कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में भी बुधवार को आसमान साफ रहा और पूरे दिन धूप का असर दिखा। पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क और साफ रहा। उदयपुर, श्रीगंगानगर, कोटा, जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर, चूरू, बीकानेर और अजमेर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। बाड़मेर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, सवाई माधोपुर में भी तेज धूप के चलते तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शाम में तापमान 15 डिग्री नीचे दिन की तेज गर्मी के बाद शाम होते ही मौसम में कुछ राहत मिल रही है। रात के समय कई जगहों पर तापमान 15 डिग्री से नीचे चला जाता है। पाली में सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। फतेहपुर (सीकर) में 11 डिग्री और करौली में 11.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। पाकिस्तान से आने वाली गर्म हवाएं बढ़ा रही गर्मी   मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात और पाकिस्तान से सटे Arabian Sea में बना एंटी साइक्लोन उच्च दबाव की स्थिति पैदा कर रहा है। इस प्रणाली में हवाएं घड़ी की दिशा में घूमते हुए नीचे की ओर आती हैं, जिससे आसमान साफ रहता है और सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं। साथ ही पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म हवाएं राजस्थान में प्रवेश कर रही हैं, जिसके कारण प्रदेश के साथ गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी तापमान बढ़ रहा है।

समय से पहले गर्मी का असर, प्रदेश में पारा 37 डिग्री के करीब

जयपुर राजस्थान में इस बार गर्मी ने तय समय से पहले ही दस्तक दे दी है। दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। पश्चिमी जिलों के साथ अब पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज धूप के कारण दिन का तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। गुरुवार को जयपुर, अजमेर और उदयपुर सहित कई जिलों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य में अगले एक सप्ताह तक मौसम साफ रहेगा। वहीं आगामी 48 घंटों में तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे गर्मी का असर और तेज हो सकता है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में दिनभर तेज धूप रही और हल्की गर्मी महसूस की गई। पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का प्रभाव अधिक देखने को मिला। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में भी तापमान बढ़ा और इन शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। अब पूर्वी राजस्थान में भी गर्मी का असर दिखने लगा है। गुरुवार को जयपुर, अजमेर, उदयपुर, गंगानगर और कोटा में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। सीकर और सिरोही सहित अधिकांश शहरों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। हालांकि दिन में तेज गर्मी के बावजूद सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक से लोगों को राहत मिल रही है। गुरुवार को अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 15 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक न्यूनतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है, जबकि अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

मौसम का यू-टर्न! झारखंड में बारिश ने बढ़ाई ठंड, दिनभर चलती रहीं तेज हवाएं

रांची झारखंड की राजधानी रांची और आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बीते बुधवार को दिनभर तेज हवाओं का असर रहा, जबकि शाम होते ही तापमान में गिरावट देखने को मिली। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार, राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह को कुहासा रहेगा और दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 24 घंटों में राज्य में न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद 27 फरवरी से 2 मार्च तक तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा हुई। सबसे ज्यादा बारिश 9 मिमी पूर्वी सिंहभूम के गुराबंधा में दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस जगन्नाथपुर में रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 11 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 26.6 और न्यूनतम 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी में गर्मी का असर कम हुआ पिछले सोमवार को तेज हवाओं और बूंदाबांदी के बाद रांची का तापमान दो-तीन डिग्री तक गिर गया था। अब राजधानी में गर्मी का असर कम हुआ है और सुबह-शाम ठंडक महसूस हो रही है।  

राजस्थान का मौसम बदला मिज़ाज: कई शहरों में तापमान 30° पार, बाड़मेर सबसे गर्म, फतेहपुर सबसे ठंडा

जयपुर राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह और शाम की सर्दी अब कम हो गई है। शनिवार को राज्य के 10 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर ने अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में मौसम साफ रहा। सुबह से लेकर शाम तक तेज धूप खिली रही। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा-चित्तौड़गढ़ 31.2, फलोदी 31.8, बीकानेर 31.2, जैसलमेर 31.5, पाली (जवाई बांध क्षेत्र) 31.4, डूंगरपुर 30, फतेहपुर (सीकर) 30, लूणकरणसर (बीकानेर) 30.9, चूरू 30.4, भीलवाड़ा 29.4, टोंक 29.6, श्रीगंगानगर 29.4, नागौर 29.8, झुंझुनूं 29.1, उदयपुर 29.2 और जयपुर 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर सहित कई जिलों में दिनभर धूप रहने से मौसम सुहावना बना रहा, जबकि सुबह-शाम हल्की सर्दी महसूस की गई। न्यूनतम तापमान की बात करें तो सीकर के फतेहपुर में सबसे कम 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पाली में 10.6, दौसा में 11.6, सिरोही में 11.4, सीकर में 11.5 और अलवर में 11.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। वहीं, बाड़मेर में रात सबसे कम सर्द रही, जहां न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

20 फरवरी के बाद झारखंड में ‘मई जैसी’ तपिश, पारा 34°C तक चढ़ने का अनुमान

रांची झारखंड में अब मौसम तेजी से बदल रहा है। दिन में तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, तो शाम होते ही ठंड का अहसास होने लगता है। राज्य के कई जिलों में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखा जा रहा है, जिससे लोगों को सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान झारखंड में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगी है। खासकर दोपहर के समय कड़ी धूप निकल रही है, जिससे गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन जैसे ही शाम होती है, मौसम अचानक ठंडा हो जाता है। कई जगहों पर तो लोगों को सुबह-शाम अब भी स्वेटर पहनना पड़ रहा है। रांची, खूंटी, लोहरदगा, पलामू और राज्य के मध्य व पश्चिमी हिस्सों में ऐसा मौसम ज्यादा देखने को मिल रहा है। उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो रही है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। गोड्डा और पाकुड़ में 20 फरवरी तक तापमान 34 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 12 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सुबह के समय हल्का कुहासा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता पर असर पड़ सकता है। उत्तर-पश्चिमी जिलों में दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर पलामू, कोडरमा, गढ़वा, लातेहार और लोहरदगा में दिन का तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। जबकि रात में तापमान 10 से 12 डिग्री तक गिर सकता है। दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर होने के कारण लोगों को सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस बदलाव से सर्दी-जुकाम या अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। दक्षिणी जिलों में गर्मी का असर ज्यादा जमशेदपुर, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस या उससे थोड़ा ज्यादा रह सकता है। यहां के लोगों को अभी से गर्मी का एहसास होने लगा है। हालांकि शाम के समय हल्की ठंड राहत दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।  

इन इलाकों में ठंड बढ़ने की चेतावनी, अगले पांच दिन में न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव

रायपुर छत्तीसगढ़ में सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की बात कही है. खासकर अंबिकापुर, कोरिया, सरगुजा, बलरामपुर जैसे इलाकों में सुबह-शाम ठंड बढ़ने की संभावना है. वहीं अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है, जिससे ठंड कुछ हद तक कम हो सकती है. अंबिकापुर में 5 डिग्री से नीचे पहुंचा तापमान दर्ज पिछले 24 घंटा में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.8 सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.4 सेल्सियस जगदलपुर में रहा. प्रदेश में इस दौरान कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और न ही किसी बड़े मौसमी सिस्टम की उपस्थिति है. विभाग ने 30 दिसंबर के लिए भी मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर शहर में भी ठंड का असर दिखेगा, जहां सुबह के समय कुहासा छाया रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 27 सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

कोहरे की चादर से ढके रहेंगे छत्तीसगढ़ के ये इलाके, उत्तर में पारे में तेजी के संकेत

रायपुर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. उत्तरी छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग में सुबह के समय दृश्यता कम रहने के आसार हैं. इसके अलावा तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है. लोगों ठंडी से हल्की राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों और बिलासपुर संभाग के जिलों में एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाने की संभावना है. साथ ही अगले 3 दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि मध्य और दक्षिणी इलाकों में अगले 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा, इसके बाद आगामी 2 दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में हल्की उतार चढाव के साथ न्युनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की सम्भावना नहीं है. कई इलाकों में छाए रहेगा घना कोहरा मौसम विभाग ने बताया कि 22 दिसंबर को प्रदेश के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रहने की संभावना है. वहीं प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और मुंगेली जिलों में एक दो पॉकेट में मध्यम कोहरा छाये रहने की संभावना है. इसके अलावा 23 दिसंबर तक मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में एक दो पॉकेट में घना कोहरा छाये रह सकता है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में 22 दिसंबर को कुहासा रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

बर्फीली हवाओं ने उड़ा दिए होश, झारखंड के कई जिलों में लोगों को परेशानी

रांची झारखंड में ठंड का कहर इस कदर है कि अलाव और कंबल भी फेल हो गए। दिसंबर के पहले हफ्ते ही ये हाल है तो अभी पूरा दिसंबर पड़ा है तो ऐसे में दिसंबर के आखिर में तो और भी ठंड हो जाती है। दरअसल, हिमालय क्षेत्र में अच्छी खासी बर्फबारी के चलते झारखंड में भीषण ठंड को देखने को मिल रही है। इस वजह से लोगों का हाल बेहाल है। मौमस विभाग ने रांची में कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं, सबसे ठंडा गुमला शहर रहा। यहां पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्ज किया गया। जानकारी के मुताबिक शाम 6 बजे के बाद घर से निकलने में लोग डर रहे हैं। राज्य में ठंड इस कदर है कि अलाव और कंबल भी फेल हो गए। मौमस विभाग के मुताबिक अब लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है क्योंकि 48 घंटे के बाद न्यूनतम तापमान सीधे 4-5 डिग्री के बीच देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट दिया है। मौसम विभाग के अनुसार पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची, बोकारो, खूंटी और रामगढ़ में शीतलहर का सबसे ज्यादा खतरा है। यहां तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी।  

ठिठुरन से कांप रहा बिहार, लोगों को बर्फीली हवाओं से सावधान रहने की चेतावनी

पटना पटना में सुबह- शाम ठिठुरन तेजी से बढ़ने लगी है और दिन में अच्छी धूप निकलने के बावजूद दोपहर की हवा में भी ठंडक महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 10 दिनों तक पटना का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना कम है। साथ ही फिलहाल घने कुहासे को लेकर भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। औरंगाबाद में 7.3 डिग्री सेल्सियस तापमान मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया है कि दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है। शुक्रवार को प्रदेश के 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इनमें सबसे कम तापमान औरंगाबाद में 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फारबिसगंज और मोतिहारी में 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं राजधानी पटना में दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि रात और सुबह के वक्त ठिठुरन में और इजाफा हो सकता है, लेकिन फिलहाल शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना कम है।