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विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम ने सुलझाए लंबित प्रकरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी नीतियों एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेशभर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की सक्रियता के चलते राज्य के विभिन्न जिलों में वर्षों से लंबित विद्युत प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। योजना के तहत हजारों उपभोक्ताओं को राहत ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत लंबित विद्युत देयकों की समीक्षा कर उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत से अधिक तक की छूट दी जा रही है।  इसी क्रम में सूरजपुर जिले के एक उपभोक्ता को 90 हजार रुपये से अधिक के बकाया बिल पर 55 हजार रुपये से अधिक की छूट प्रदान की गई, जिससे उन्होंने शेष राशि का भुगतान कर अपना खाता पूर्णतः शून्य कर लिया। लंबित अमानत राशि का त्वरित भुगतान फोरम की सक्रिय पहल के तहत लंबे समय से लंबित अमानत राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) के मामलों का भी निराकरण किया जा रहा है। एक प्रकरण में एक वर्ष से लंबित राशि को उपभोक्ता के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित किया गया। साथ ही, इस प्रकार की देरी पर फोरम द्वारा संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में समय-सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। समयबद्ध समाधान पर जोर विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं से जुड़े सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। योजना का लाभ लेने की अपील विभागीय अधिकारियों ने प्रदेश के सभी बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ का अधिकतम लाभ उठाएं। शासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक परिवारों को पुराने बकाया से मुक्ति दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया जा सके।

वैवाहिक सीजन में गन्ना किसानों को मिली बड़ी राहत

रायपुर वैवाहिक सीजन में गन्ना किसानों को मिली बड़ी राहत वैवाहिक सीजन एवं आगामी फसल की तैयारियों के बीच गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा किसानों को 13.80 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही चालू पेराई सत्र में अब तक कुल 71.29 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।              कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी  गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है। समयबद्ध भुगतान से सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। चालू पेराई सत्र में कारखाने ने उपलब्धि हासिल की है, जिसमें 2,55,818 मीट्रिक टन गन्ना पेराई एवं 3,09,120 क्विंटल शक्कर उत्पादन किया गया है। यह सफलता किसानों के सहयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और कारखाने की कुशल कार्यप्रणाली का परिणाम है।           भोरमदेव शक्कर कारखाना किसानों और श्रमिकों के हित में निरंतर कार्य कर रहा है। इसमें एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी आधारित भुगतान, शासन द्वारा प्रदत्त बोनस वितरण, रियायती दर पर शक्कर उपलब्धता, उन्नत बीज एवं कृषि मार्गदर्शन, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत किसानों के लिए सर्वसुविधायुक्त “बलराम सदन” तथा मात्र 5 रूपए में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।                    भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना जिले की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनकर उभरा है। यह किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी, फसल विविधता को बढ़ावा, हजारों लोगों को रोजगार तथा पीडीएस के लिए सस्ती दर पर शक्कर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समय पर भुगतान, बेहतर प्रबंधन और किसान-केंद्रित योजनाओं के चलते यह कारखाना सहकारी मॉडल की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ जिले के समग्र विकास को भी गति मिल रही है।