samacharsecretary.com

गर्मी से राहत: कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित, कहीं बदला समय

नई दिल्ली
भारत में साल 2026 की गर्मियों ने दस्तक देते ही अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। झुलसाती धूप और लू (Heatwave) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देशभर के कई राज्यों ने करोड़ों स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए या तो स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा कर दी है या उनके समय में भारी कटौती की है।

दिल्ली में 50 दिनों का अवकाश
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के सभी स्कूलों के लिए 50 दिनों की लंबी छुट्टियों का एलान किया है। दिल्ली के स्कूल 11 मई से 30 जून 2026 तक बंद रहेंगे और अब सीधे 1 जुलाई को ही खुलेंगे। बढ़ते पारे को देखते हुए अभिभावकों के लिए यह राहत की खबर है, हालांकि इतनी लंबी अवधि के कारण बच्चों की पढ़ाई और घर पर उनकी देखभाल को लेकर चुनौतियाँ भी बढ़ गई हैं。

विभिन्न राज्यों में छुट्टियों की स्थिति
दिल्ली के अलावा कई अन्य राज्यों ने भी गर्मी की गंभीरता को देखते हुए समय से पहले कदम उठाए हैं:
ओडिशा: यहां 27 अप्रैल से ही स्कूलों में ताले लग चुके हैं।
पश्चिम बंगाल: दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों को छोड़कर पूरे राज्य में 22 अप्रैल से छुट्टियां शुरू हो गई थीं।
छत्तीसगढ़: यहां छुट्टियों का सबसे लंबा अंतराल देखा जा रहा है, जहां 20 अप्रैल से 15 जून तक अवकाश घोषित है।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत पूरे राज्य में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के लिए 20 मई से 15 जून तक छुट्टियां रहेंगी।

स्कूलों के समय में बदलाव
जिन राज्यों में अभी छुट्टियां घोषित नहीं हुई हैं, वहां बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से बचाने के लिए सुबह के समय ही स्कूल संचालित किए जा रहे हैं:-
नोएडा और गाजियाबाद: स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चल रहे हैं।
झारखंड: यहां सुबह 11:30 बजे तक ही स्कूल खुले रखने के निर्देश हैं।
महाराष्ट्र: राज्य में स्कूलों का समय सुबह 7:00 बजे से 11:15 बजे तक कर दिया गया है।
राजस्थान: यहां भी नोएडा की तर्ज पर दोपहर 12:00 बजे तक स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी अभी और सताएगी। हालांकि, पंजाब और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में अगले सप्ताह सोमवार से बुधवार के बीच हल्की बारिश और आंधी की संभावना है। इस बदलाव से तापमान गिरकर 38-40 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है, जिससे अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here